samacharsecretary.com

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती: किशनगंज में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन का प्रस्ताव भेजा गया

किशनगंज. किशनगंज में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज का निर्माण ठाकुरगंज के कृषि मैदान के समीप हो सकता है। जमीन का चयन कर जिला से इसका प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, फिलहाल इसकी स्वीकृति की सूचना जिला प्रशासन को नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के मंत्रीपरिषद में किशनगंज में मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी। जिस आलोक में बीएसएएसआईसीएस के प्रबंध निदेशक ने डीएम को पत्र भेजकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन का चयन कर प्रस्ताव मांगा था। इसमें कहा गया था कि वर्तमान में 13 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सरकार से 20 जिलो में नये मेडिकल कॉलेज के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त है। इसको लेकर जमीन उपलब्ध कराने के दिशा में पहल हो रही है। 11 मार्च को पहुंचे थे सीएम नीतीश कुमार उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ठाकुरगंज पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर ठाकुरगंज के लोगों में मेडिकल कॉलेज के नींव डालने की उम्मीद थी। लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। सभा के दौरान मेडिकल कॉलेज ठाकुरगंज में बनने को लेकर नारेबाजी भी की गई। स्थानीय विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कई मांगों के साथ मेडिकल कॉलेज ठाकुरगंज में खोलने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि मेडिकल कॉलेज खुलने से कई प्रखंडों के लोगों को फायदा होगा। हालांकि अपने संबोधन के क्रम में गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने ठाकुरगंज में मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही थी। बावजूद, लोग शिलान्यास नहीं होने से निराश थे। लोगों को मिलेगा फायदा भाजपा के जिला प्रवक्ता कौशल किशोर यादव ने बताया कि ठाकुरगंज में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से कई प्रखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य बंगाल के लोगों को भी काफी लाभ होगा। जिस जमीन का चयन किया गया है वह एनएच के समीप स्थित है। जिससे आपातकालीन स्थिति में लोगों को काफी फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यहां जल्द मेडिकल कॉलेज निर्माण कराने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज अपने इलाके में खोलने के लिए विधायक सरवर आलम, तौसीफ आलम ने भी पत्राचार किया था। जमीन का चयन कर प्रस्ताव भेजा – मेडिकल कालेज के लिए ठाकुरगंज में जमीन का चयन कर प्रस्ताव भेजा गया है। अन्य दूसरी जगह उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है। हालांकि चयनित जमीन की स्वीकृति विभाग द्वारा दी गई है या नहीं इसकी सूचना अबतक नहीं आई है। – विशाल राज, डीएम

कोलकाता पुलिस को नया नेतृत्व: बिहार के अजय कुमार को मिली कमिश्नर की जिम्मेदारी

धनबाद. बीआईटी सिंदरी के असैनिक अभियंत्रण विभाग (बैच 1986–1990) के पूर्व छात्र एवं 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। बंगाल में होने जा रहे हैं विधानसभा चुनाव को देखते हुए अजय नंद की नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से संस्थान में हर्ष का वातावरण है। अजय कुमार नंद ने बीआईटी सिंदरी से असैनिक अभियंत्रण की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल, सशक्त नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शी सोच एवं प्रभावी कार्यशैली के कारण निरंतर उच्च पदों पर आसीन होते रहे हैं। अब कोलकाता जैसे महानगर के पुलिस कमिश्नर के रूप में उनकी नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रमाण है, बल्कि संस्थान की गौरवशाली परंपरा को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। दोस्त ने जताई खुशी इस उपलब्धि पर संस्थान के असैनिक अभियंत्रण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं वरीय प्रशासी पदाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव यादव ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। ब्रह्मदेव अजय कुमार नंद के सहपाठी एवं घनिष्ठ मित्र भी रहे हैं। उन्होंने बताया कि कालेज के शुरुआती दिनों से ही वे अत्यंत मेधावी, अनुशासित एवं लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र थे। बीआईटी सिंदरी में रहे हैं सेकंड टॉपर अपने बैच के द्वितीय टॉपर रहे और प्रारंभ से ही पुलिस सेवा के प्रति उनमें गहरी रुचि एवं जुनून देखने को मिलता था। डॉ. यादव ने उनके व्यक्तित्व को प्रेरणादायक, कर्मठ और दृढ़निश्चयी बताते हुए कहा कि उनकी यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और समर्पण का परिणाम है। वर्तमान विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. पंकज राय ने भी अजय कुमार नंद को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बीआईटी सिंदरी हमेशा से प्रतिभाओं को निखारने का केंद्र रहा है। अजय कुमार नंद की यह सफलता इस परंपरा को और सुदृढ़ करती है। इस अवसर पर असैनिक अभियंत्रण विभागाध्यक्ष प्रो. प्रफुल्ल कुमार शर्मा, प्रोडक्शन एवं इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष एवं डीन (एलुमनी) डॉ. प्रकाश कुमार, जनरल वार्डन प्रो मनोज कुमार ,करियर विकास केंद्र के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम, प्रो आरके वर्मा डीन (अकादमिक) डॉ. डीके तांती सहित संस्थान के अन्य सभी प्राध्यापकों ने भी अजय कुमार नंद को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी। समस्तीपुर के लाल है अजय कुमार पटोरी प्रखंड के हेतनपुर धमौन गांव के रहने वाले 1996 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। उनके कमिश्नर बनाए जाने से पूरे इलाके में खुशी की लहर है। समस्तीपुर के लोग इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

झारखंड में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा: तिलैया डैम पर बनेंगे वॉटर कॉटेज और हाउसबोट

कोडरमा. तिलैया डैम को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस संबंध में एक कॉन्सेप्ट प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के साथ-साथ सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है। तिलैया डैम अपने आकर्षक जलाशय, पहाड़ियों से घिरे वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों के कारण ईको-टूरिज्म के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में ईको-टूरिज्म विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गई। पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा उपायुक्त ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। इसके तहत प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित मास्टर प्लान में प्रीफैब/लकड़ी के ईको-फ्रेंडली कॉटेज, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, हाउसबोट, स्विमिंग पूल (इन्फिनिटी पूल सहित), आधुनिक रिसॉर्ट और कैफे जैसी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। ईको-फ्रेंडली काटेज में पर्यटक झील का मनमोहक दृश्य देखते हुए आधुनिक सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे। हाउसबोट का आनंद ले सकेंगे पर्यटक हाउसबोट पर्यटकों को जल पर रहने और भोजन का अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। बच्चों के लिए सुरक्षित और मनोरंजक खेल क्षेत्र विकसित किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला, जिला पर्यटन नोडल पदाधिकारी तुषार राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दुलारचंद मर्डर केस: बाहुबली अनंत सिंह को 4 महीने बाद मिली जमानत

 पटना पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत दे दी है. अनंत सिंह पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए इस हत्याकांड के आरोप में पटना की बेऊर जेल में बंद थे। कोर्ट ने बाहुबली विधायक की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया. हत्याकांड से जुड़ा यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा में चुनावी प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था. इससे पहले निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, लेकिन अब हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। क्या है पूरा मामला? 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी. दुलारचंद यादव आरजेडी नेता रहे थे और मोकामा से जनसुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे थे. हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगाया गया था। चुनावी प्रक्रिया के बीच ही 1 नंवबर की रात अनंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद, 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद बेऊर जेल में डाला गया था. करीब साढ़े 4 महीने बाद अनंत सिंह को जमानत मिली है। अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की. अनंत सिंह 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के विधानसभा पहुंचे थे और इस दौरान कहा था कि वो जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अनंत सिंह ने भी ऐलान कर दिया है कि वे आगे अब चुनाव नहीं लड़ेंगे. मोकामा से आगे उनके बड़े बेटे चुनाव लड़ेंगे।

बिहार में विकास को रफ्तार: नीतीश कुमार ने मुंगेर में कई परियोजनाओं की रखी आधारशिला

मुंगेर. समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को मुंगेर पहुंचे। सुबह 10.40 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पोलो मैदान में उतरे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी और जिला प्रभारी मंत्री संजय सिंह भी मौजूद थे। विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर में कुल 8718.51 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित 52 भवनों और अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 24 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया। पोलो मैदान में उतरने के बाद सबसे पहले उन्होंने संग्रहालय के समीप नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र का उद्घाटन किया। इसके बाद कष्टहरणी घाट पर गंगा पथ के एलाइन्मेंट का निरीक्षण किया। दक्षिणी किला गेट के पास बने पंचायती राज सभागार और भगत सिंह चौक पर पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के संयुक्त भवन का उद्घाटन भी किया। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर जनसंवाद और समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से मुख्य कार्यक्रम स्थल सफियाबाद हवाई अड्डा मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने जनता से संवाद करेंगे और जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। उद्घाटन और शिलान्यास की सभी परियोजनाओं का लाभ क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा और यह शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने सभी कार्यक्रम स्थलों और मार्गों का निरीक्षण किया। कारकेड का रिहर्सल किया गया और सफियाबाद हवाई अड्डा में पानी के टैंकर और एम्बुलेंस सहित चिकित्सा टीम की व्यवस्था की गई। सड़कें और सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए किला परिसर की सभी सड़कों का चौड़ीकरण और कालीकरण किया गया। पोलो मैदान में थ्रीडी पेंटिंग से सौंदर्य बढ़ाया गया। संग्रहालय, सर्किट हाउस और कष्टहरणी घाट की दीवारों पर पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का चित्रण किया गया। सड़क मार्ग के दोनों किनारे और बीच में सफेद रंग की मार्किंग की गई। सुरक्षा उपाय और यातायात प्रबंधन मुख्यमंत्री आगमन पर पोलो मैदान और मार्गों पर 150 ड्राप गेट बनाए गए। सड़क किनारे बांस की घेराबंदी की गई और नए रूट प्लान के अनुसार सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक यातायात व्यवस्थित किया गया। सात निश्चय-3 योजनाओं का प्रचार मुंगेर शहर में सात निश्चय-3 योजनाओं के तहत कल्याणकारी और विकास परक योजनाओं के बैनर और पोस्टर लगाए गए। पोलो मैदान, हवाई अड्डा और किला गेट सहित कई स्थानों पर तोरणद्वार लगाए गए। नगर निगम प्रशासन ने सभी स्थलों की सफाई और पानी का छिड़काव भी कराया। प्रशासन‍िक तैयारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह यात्रा मुंगेर में विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक तैयारियों को दर्शाती है। उद्घाटन और शिलान्यास की गई योजनाएं न केवल क्षेत्रीय जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाएंगी बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा को भी मजबूत बनाएंगी।

ग्रामीणों और पुलिस में खूनी झड़प, एक की मौत, थानाध्यक्ष समेत कई जख्मी

मुजफ्फरपुर,  बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में चोरनिया गांव उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब पुलिस यहां एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस भिड़ंत में एक ग्रामीण की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया गया कि मंगलवार की रात पास्को एक्ट एवं आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले के आरोपी भिखारी राय और अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम चोरनिया गाँव पहुंची थी। आरोप है कि छापामारी के दौरान आरोपी द्वारा हल्ला कर ग्रामीणों को एकत्रित कर पुलिस पर भारी पथराव कर लाठी-डंडा एवं फायरिंग करते हुए हमला किया गया। प्राप्त सूचनानुसार छापेमारी दल पर आरोपी पक्षों द्वारा फायरिंग की गई। इस बीच, पुलिस ग्रामीणों की भीड़ में फंस जाने एवं जानमाल की सुरक्षा के लिए गायघाट के पुलिस अवर निरीक्षक और थानाध्यक्ष राजा सिंह द्वारा आत्मरक्षार्थ हवाई फायरिंग करते हुए किसी तरह जान बचाकर वहां से अपने पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ निकल पाए। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इस हमले में जख्मी पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना में थानाध्यक्ष के अलावा अपर थानाध्यक्ष मनीष कुमार एवं दो गृह रक्षक के जवान घायल हो गए। घायलों को एसकेएमसीएच में भर्ती करा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस झड़प में एक ग्रामीण की गोली लगने से मौत हो गई, जिसकी पहचान जगत वीर राय के रूप में की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर कैंप कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने और हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

Mineral Transport Rules: बिहार सरकार का नया आदेश, VLD जरूरी और DTO से होगी जांच

पटना. राज्य में खनिज परिवहन से जुड़े वाहनों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने अहम निर्णय लिया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अन्य सार्वजनिक वाहनों की तरह अब खनिज ढुलाई में उपयोग वाले सभी वाहनों में व्हीकल लोकेशन डिवाइस (वीएलडी) अनिवार्य होगा और इस डिवाइस की जांच और सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) के स्तर पर किया जाएगा। खान एवं भू-तत्व विभाग की एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन पर रोक लगाने के लिए वीएलडी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। बैठक में पूर्व में जारी निर्देश का हवाला देकर कहा गया कि सभी खनिज परिवहन वाहनों में प्रमाणित वीएलडी डिवाइस का होना अनिवार्य होगा। डीटीओ कार्यालय इन उपकरणों की तकनीकी जांच, सक्रियता और वास्तविक समय लोकेशन ट्रैकिंग की पुष्टि करेगा। यदि किसी वाहन में वीएलडी नहीं पाया जाता है या वह निष्क्रिय मिलता है, तो संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि इस व्यवस्था से राजस्व की हानि रोकने के साथ-साथ परिवहन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। खनन क्षेत्र में नियमों के अनुपालन को लेकर सरकार की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ प्रशासनिक नियंत्रण भी मजबूत होगा।

हार के बाद बदला राजनीतिक अंदाज़? तेजस्वी यादव को मिला नया नाम, नेताओं के बयान चर्चा में

 पटना राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के हार को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार ट्रोल हो रहे हैं। सत्ता पक्ष के नेता तो उनपर हमला बोल ही रहे हैं, अब लिस्ट में महागठबंधन के नेता भी शामिल हो गए हैं। सत्ता पक्ष से कृषि मंत्री राम कृपाल यादव और राष्ट्रीय जनता दल के सूप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी शिवांनद तिवारी ने भी तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। दरअसल, तेजस्वी यादव राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद बिहार से बाहर चले गए। इसके बाद रामकृपाल यादव और शिवानंद तिवारी ने उन्हें रणछोड़ कह दिया। वहीं पप्पू यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव ने अपनी जिम्मेदारी ही ठीक से नहीं निभा पाए। पहले जानिए शिवानंद तिवारी ने क्या कहा? पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा कि पराजय से ज्यादा खराब है कि पराजय के बाद मैदान छोड़ देना। सुना है कि तेजस्वी यादव कोलकाता के लिए निकल गए हैं। इसके पहले भी वह बिहार से बाहर चले गए थे। परिवार के साथ यूरोप चले गए थे। पराजय के बाद रण छोड़ देने वाले नेताओं के साथ उनके समर्थक नहीं टिकते हैं। मंत्री रामकृपाल यादव ने क्या कहा? वहीं कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव जिस तरह से विधानसभा चुनाव में पटना छोड़कर चले गए थे, उसी तरह राज्यसभा चुनाव में भी हार के बाद पटना के बाहर चले गए। वह अब रणछोड़ बन गए हैं। यही कारण है कि तेजस्वी यादव की पार्टी के नेताओं को उनपर भरोसा नहीं है। सांसद पप्पू यादव ने उठाया सवाल वहीं सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव के प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत ही नहीं की। विपक्ष के नेता का दायित्व था कि वह सबसे बात करें। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिसका परिणाम हुआ कि कांग्रेस के तीन विधायक नाराज हो गए और वोट डालने नहीं गए।

CM फेस पर सस्पेंस बरकरार: नीतीश कुमार ने फिर दिए संकेत, बड़े नेता की पीठ थपथपाई

जमुई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है। पिछले 20 वर्षों के कार्यकाल में जो थोड़ी बहुत कमी रह गई है, उसे अगले पांच वर्षों के एनडीए सरकार में पूर्ण कर लिया जाएगा। वह बुधवार को समृद्धि यात्रा पर भगवान महावीर की धरती लछुआड़ पहुंचे थे। यहां उन्होंने चिर प्रतीक्षित कुंडघाट जलाशय परियोजना सहित 914 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने 2005 के पहले के बिहार की चर्चा करते हुए लोगों को विरोधियों से सावधान किया और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए के लिए समर्थन देते रहने का भरोसा लिया। 40 मिनट लंबा संबोधन नीतीश ने तकरीबन 40 मिनट के संबोधन में लगभग सभी बिंदुओं को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार उन लोगों ने बिहार को बदहाली के दलदल से बाहर निकाला। उन्होंने यह भी बताया कि शाम होते कैसे दरवाजे बंद हो जाते थे और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल होता था। सड़कों की क्या हालत थी और अब क्या है। 24 नवंबर 2005 को सत्ता संभालने के साथ हमने न्याय के साथ विकास करना प्रारंभ किया। नीतीश ने गिनाई अपनी उपलब्धियां मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति पर नमन करते हुए अपना संबोधन प्रारंभ किया। इसके बाद वह कब्रिस्तान से लेकर मंदिरों की घेराबंदी सुनिश्चित कर सांप्रदायिक सौहार्द बहाल करने में सरकार की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम शिक्षा पर काम शुरू किया और आज सरकारी शिक्षकों की संख्या 5.24 लाख हो गई। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह 39 मरीज आते थे। आज यह आंकड़ा 11600 तक पहुंच गया है। 2005 से पहले सिर्फ छह मेडिकल कॉलेज थे। अब 12 हो गए। छह पूर्ण होने वाले हैं और 21 को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। पुराने को भी अपग्रेड कर दिया गया है। पीएमसीएच 5400 बेड का बन गया। इसके अलावा, पांच अन्य पुराने मेडिकल कॉलेज को ढाई हजार बेड का बनाया गया। अगले 5 साल में देंगे 1 करोड़ नौकरी नीतीश कुमार ने कहा कि आईजीएमएस भी 3000 बेड का अस्पताल हो गया। 2018 में ही उन्होंने हर घर बिजली पहुंचाने का काम किया 50 लाख घरों पर सोलर की स्वीकृति दी जा चुकी है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ को नौकरी और रोजगार दिया जाएगा। अल्पसंख्यक कल्याण की कई योजनाओं को प्रारंभ किया गया। जाति आधारित गणना, पेंशन राशि बढ़ोतरी और 125 यूनिट बिजली फ्री के साथ ही रोजगार के लिए जीविका दीदी को सहायता पहुंचने की भी उन्होंने चर्चा की। जीविका दीदियों की चर्चा नारी सशक्तिकरण में जीविका दीदियों से लेकर पंचायत और नगर निकाय में महिलाओं को 50 प्रतिशत तथा पुलिस एवं सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था को भी उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया। 25 से 30 का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने कहा औसत आय को दोगुना करना तथा प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना सरकार की प्राथमिकता में है। पुरानी बंद चीनी मीलें चालू होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि डेयरी और मछली पालन के क्षेत्र में भी विशेष काम करने की योजना है। उन्नत शिक्षा और उज्जवल भविष्य के तहत प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खुलेंगे। सुलभ स्वास्थ, सुरक्षित जीवन के तहत विशिष्ट चिकित्सा केंद्र की स्थापना होगी। डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाएगी। सम्राट की पीठ पर रखा हाथ, मांगा समर्थन अंत में उन्होंने सम्राट चौधरी के करीब जाकर उनकी पीठ पर हाथ रख जनता से समर्थन देते रहने का भरोसा भी लिया। सभा को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, 20 सूत्री प्रभारी मंत्री संजय सिंह खेल व सूचना प्रविधि की मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी संबोधित किया