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रांची में हड़कंप,ट्रेजरी गड़बड़ी की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित

रांची झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले की वजह से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. सरकार इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए दो स्तरों पर जांच कराई जाएगी. वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जा रहा है, जिसकी फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी गई है. इसके साथ ही मामले के आपराधिक पहलुओं को उजागर करने की जिम्मेदारी सीआईडी (CID) को सौंपी गई है. वेतन के नाम पर हुई गड़बड़ियों की होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ वित्त मंत्री ने विशेष रूप से हजारीबाग, बोकारो और रांची में वेतन मद में हुई अवैध निकासी का जिक्र किया है. उन्होंने कहा है ”शुरुआती जांच में सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखकर मोटी रकम निकाली गई है”. आईएएस अधिकारियों की कमेटी यह जांच करेगी कि तकनीकी स्तर पर चूक कहां हुई और किन अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रेजरी के सुरक्षा तंत्र को तोड़ा गया. वहीं, सीआईडी उन चेहरों को बेनकाब करेगी जिन्होंने साजिश रचकर सरकारी राशि का गबन किया है. राज्य के सभी 33 कोषागारों की ऑनलाइन निगरानी सरकार ने केवल तीन जिलों तक ही अपनी जांच सीमित नहीं रखी है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि राज्य के सभी 33 कोषागारों (Treasuries) का विस्तृत ऑडिट और जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि विभाग के वेब पोर्टल के माध्यम से सभी कोषागारों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है. यदि कहीं भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन या डाटा में हेरफेर पाया जाता है, तो वहां तत्काल विशेष टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी. दोषियों के लिए कोई रियायत नहीं सरकार के कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि इस बार दोषियों को बचाने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा जाएगा. वित्त मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि रिपोर्ट आने के बाद संलिप्त अधिकारियों और कर्मियों पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि उन पर सख्त कानूनी मुकदमा भी चलाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य इस कार्रवाई के जरिये एक ऐसी उदाहरण पेश करना है जिससे भविष्य में सरकारी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके.

मिसिर बेसरा दस्ते से एनकाउंटर, कोबरा और झारखंड जगुआर का ऑपरेशन जारी

 सारंडा झारखंड के सारंडा जंगल में बुधवार को एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई. यह मुठभेड़ कुख्यात इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ हो रही है. जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल इलाके में लंबे समय से चल रहे सर्च ऑपरेशन के तहत जंगल में तलाशी अभियान चला रहे थे. इसी दौरान नक्सली अचानक सामने आ गए और उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त कार्रवाई मौके पर सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस बल के जवान मौजूद हैं. ये सभी यूनिट्स नक्सल विरोधी ऑपरेशन में विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि कुख्यात नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ सारंडा के जंगलों में सक्रिय है. इसी सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन तेज किया गया था. कैंप शिफ्ट कर रहे नक्सलियों से टकराव बताया जा रहा है कि मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब नक्सली जंगल के अंदर अपने ठिकाने को बदल रहे थे. इसी दौरान सुरक्षाबलों की टीम वहां पहुंच गई और दोनों का आमना-सामना हो गया. पुलिस को देखते ही नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की. कई नक्सलियों के मारे जाने की आशंका, पुष्टि नहीं सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, अभी तक किसी भी नक्सली का शव बरामद नहीं हुआ है और न ही सर्च ऑपरेशन में जुटे सुरक्षा बलों के अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि ही की गई है. जंगल का घना इलाका और लगातार फायरिंग के कारण सुरक्षाबलों को सटीक स्थिति का आकलन करने में समय लग रहा है. इलाके में हाई अलर्ट, ऑपरेशन जारी फिलहाल पूरे इलाके को घेर लिया गया है और अतिरिक्त बलों को भी तैनात कर दिया गया है. सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि नक्सलियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता. बीच-बीच में फायरिंग कर रहे नक्सली: एसपी जिले के एसपी अमित रेणू ने बताया कि कोबरा जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. नक्सलियों की ओर से बीच-बीच में फायरिंग हो रही है, जिसका सुरक्षा बल सतर्कता के साथ जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आ पाएगी. फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्च अभियान जारी है. नक्सल गतिविधियों का गढ़ है सारंडा सारंडा का घना जंगल लंबे समय से नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से नक्सल गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन बीच-बीच में इस तरह की मुठभेड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं.

निर्माण कार्यों पर सख्ती: एम्स दरभंगा और ई-पैक्स की समीक्षा, समयसीमा में देरी पर चेतावनी

पटना. बिहार में केंद्र प्रायोजित प्रमुख परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रगति योजनाओं की संयुक्त समीक्षा करते हुए सभी विभागों को डेडलाइन के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एम्स दरभंगा परियोजना पर विशेष फोकस रहा। 400 केवीए हाई टेंशन लाइनों को 15 मई 2026 तक हर हाल में शिफ्ट करने को कहा गया। साथ ही, कैंपस में मिट्टी भराई और रिंग बांध निर्माण के लिए प्रस्ताव शीघ्र केंद्र को भेजने के निर्देश दिए गए। औद्योगिक विकास के मोर्चे पर गया स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर ग्रुप गया को लेकर भी सरकार गंभीर दिखी। इस परियोजना से करीब 1.10 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद जताई गई है। डोभी में औद्योगिक थाना और हेलीपैड निर्माण के साथ-साथ बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। जल मार्ग विकास परियोजना की प्रगति 76.78 प्रतिशत बताई गई। संबंधित विभागों को आईडब्ल्यूटी उत्कृष्टता केंद्र के लिए भूमि हस्तांतरण जल्द पूरा करने का निर्देश मिला। सहकारिता क्षेत्र में राज्य ने लगभग शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है। 4477 में से 4476 पैक्स को ई-पैक्स में बदला जा चुका है और शेष को भी सप्ताह भर में ऑनलाइन करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी पैक्स में ई-आरपी सॉफ्टवेयर के पूर्ण उपयोग पर जोर दिया गया। शहरी स्वच्छता के तहत 45 डंपसाइट में से नौ का निस्तारण पूरा हो चुका है, जबकि 13 पर काम जारी है। पटना में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और पटना-मुंगेर में वेस्ट-टू-वंडर पार्क विकसित करने की दिशा में भी पहल तेज करने को कहा गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। भूमि अधिग्रहण, वन क्लीयरेंस और बिजली शिफ्टिंग जैसे मामलों में विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, नगर निकायों में जीपीएस आधारित निगरानी और रीयूज-रिसाइकिल मॉडल को सख्ती से लागू कर कचरा मुक्त शहरों की रैंकिंग सुधारने पर बल दिया गया।

गैस प्रभावित क्षेत्र में डेढ़ फीट जमीन धंसी, बीसीसीएल ने शुरू की जांच

 धनबाद झारखंड के धनबाद जिले के केंदुआडीह कोलियरी के गैस प्रभावित क्षेत्र ओल्ड जीएम बंगला के पास धनबाद केंदुआ मुख्य मार्ग पर बुधवार को कई जगह करीब डेढ़ फीट जमीन धंस गई. घटना से गैस प्रभावित क्षेत्र में भू- धसान का खतरा बढ़ गया है. हालांकि इस घटना में जान माल की क्षति नहीं हुई है. सुरक्षा के मद्देनजर रास्ता किया गया डायवर्ट स्थानीय प्रशासन ने मामले को देखते हुए फिलहाल सुरक्षा के लिए दरार क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर आवागमन पुराना थाना के रास्ते डायवर्ट कर दिया है. बीसीसीएल प्रबंधन ने लिया जायजा इधर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बीसीसीएल प्रबंधन भी घटना स्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन मामले की लगातार मॉनिटरिंग करने में जुटी हुई है. सड़क की जमीन धसने वाले जगह को बीसीसीएल ने पहले से ही भू धसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र घोषित कर रखा है. सड़क की दरार के जद में कुछ घर भी आ सकते है, जिसका आकलन करने में बीसीसीएल प्रबंधन जुटा हुआ है. जानकारी के अनुसार बीसीसीएल प्रबंधन गैस प्रभावित क्षेत्र में रहनेवाले दर्जनों घरों के परिवारों को शिफ्टिंग कराने को प्रयासरत है. स्थानीय लोगों में आक्रोश स्थानीय लोगो ने सड़क पर पहुंच बीसीसीएल के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर विरोध जता रहे है. स्थानीय लोगों का कहना है बीसीसीएल पिछले चार माह से गैस कि समस्या से लोगो निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों कि टीम के साथ कार्य कर रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाल पाई. ऐसे में समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो  बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है.   अधिकारियों का बयान इधर, पीबी एरिया जीएम जीसी साहा ने कहा कि गैस प्रभावित क्षेत्र में मुख्य मार्ग में सड़क के दोनों ओर दरार के साथ जमीन दब गई है. जमीन के नीचे पुराना गैलरी चला हुआ है, जिसका पिलर भूमिगत आग से ध्वस्त होने के भू धसान का खतरा है. गैलरी के जद में कई घर भी आ सकते है, जिनका आकलन किया जा रहा है. प्रशासन को भी मामले से अवगत करा दिया गया है. फिलहाल सड़क डायवर्ट कर दिया गया है.

रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन, निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध

 धनबाद धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ ने एकदिवसीय धरना दिया। धरना मे झारखंड अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छौ घंटे का उपवास धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ के बैनर तले एकदिवसीय धरना का आयोजन किया गया. इस धरना का मुख्य मुद्दा निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अवैध शुल्क वसूली और न्यायालय तथा न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी था. बड़ी संख्या में अभिभावक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की. महासंघ अध्यक्ष ने रखा छह घंटे का उपवास धरना के दौरान महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छह घंटे का उपवास भी रखा. उन्होंने कहा कि अभिभावकों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उनके उपवास को बाद में झारखंड ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य श्वेता किन्नर ने जूस पिलाकर समाप्त कराया. अवैध शुल्क वसूली पर गंभीर आरोप अभिभावकों का आरोप है कि जिले के अधिकांश निजी विद्यालय झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन कर मनमानी फीस वसूल रहे हैं. स्कूल “री-एडमिशन” के नाम पर विभिन्न प्रकार के शुल्क जैसे परीक्षा शुल्क, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क और खेलकूद शुल्क के रूप में भारी रकम वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है. जबरन किताब और सामान खरीदने का दबाव धरना में यह भी आरोप लगाया गया कि कई विद्यालय अभिभावकों को चिन्हित दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं. इतना ही नहीं, जूते, मोजे और अन्य सामग्री भी तय दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जाता है. यह प्रथा न केवल अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि नियमों का भी उल्लंघन है. कानूनी प्रावधानों की अनदेखी अभिभावकों ने बताया कि यह सभी गतिविधियां झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम, 2017 के खिलाफ हैं. साथ ही शिकायत वाद संख्या 01/2005, एक्जीक्यूशन केस 1/2005 और शिकायत वाद संख्या 8/2008 में दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना हो रही है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें झारखंड अभिभावक महासंघ ने जिला प्रशासन से कई मांगें रखीं. इनमें निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना की जांच, अवैध वसूली पर रोक, किताब-कॉपी और अन्य सामग्री की जबरन खरीद पर प्रतिबंध और दोषी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है. महासंघ का कहना है कि इन मांगों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए. चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी धरना के दौरान महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर जिला प्रशासन अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक कर कोई समाधान नहीं निकालता है, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. सैकड़ों अभिभावकों की रही भागीदारी इस धरना में महासंघ के महासचिव मनोज मिश्रा, वरीय उपाध्यक्ष मुकेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, मीडिया प्रभारी रतिलाल महतो सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों अभिभावक शामिल हुए. सभी ने एकजुट होकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई. इस धरना-प्रदर्शन में दिलीप सिंह, उदय प्रताप सिंह, बॉबी पाण्डेय, पूजा रत्नाकर, पिंकी सिंह, सोहराब खान, जीतेन्द्र अग्रवाल, रवि कुमार, टिंकू सरकार, मिहिर दत्ता, मगधेश कुमार, रविंदरनाथ सोनार, अभिषेक सिंह, भगवान दास शर्मा, तारकेश्वर तिवारी, रोबिन धिवर, श्याम पाण्डेय, मंटू सिंह, गणेश चौरसिया, प्रभात सूरौलिया, अजय वर्मा, शालिनी मिश्रा, प्रवीण गोधा, अविनाश पाण्डेय, कुल्लू चौधरी, प्रेम पाण्डेय, धीरेन्दर ब्रह्मचारी, विनय अग्रवाल, विक्की जायसवाल, श्रीकांत रक्षित, कन्हैया कुमार, सुकुमार कुम्भकार, सचिन ठाकुर, सत्येंदर पाण्डेय, राज गुप्ता,सुरेश यादव आदि भी उपस्थित थे.

नई एनडीए सरकार में बड़ा फैसला: गृह विभाग सीएम सम्राट चौधरी के पास

पटना बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। सीएम सम्राट ने अपने पास 29 विभाग अपने पास रखे हैं। वहीं, जेडीयू के दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के बीच 18 विभाग बांटे हैं। विजय को 10, तो बिजेंद्र को 8 विभागों की जिम्मेदारी मिली है। गृह विभाग सीएम ने अपने पास ही रखा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद एनडीए की नई सरकार का गठन बुधवार को हुआ। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री और जेडीयू के विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। फिलहाल इन्हीं तीनों नेताओं के बीच विभागों का बंटवारा किया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, इसके बाद नए सिरे से विभागों का बंटवारा होगा। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के बीच फिलहाल विभागों का बंटवारा अस्थायी तौर पर किया गया है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ दिनों का समय लग सकता है। तब तक सम्राट, विजय एवं बिजेंद्र ही व्यवस्था संभालेंगे। इस तरह हुआ विभागों का बंटवारा सीएम सम्राट ने अपने पास जो विभाग रखे हैं, उनमें अधिकतर वही हैं, जो पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के मंत्रियों के पास थे। इसके साथ ही, लोजपा-आर, हम और रालोमो के पास जो विभाग थे वो भी सीएम ने अपने पास रखे हैं। वहीं, नीतीश सरकार के दौरान जो विभाग जेडीयू के मंत्रियों के पास थे, उनका बंटवारा दोनों नए डिप्टी सीएम के बीच किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास ये विभाग-     सामान्य प्रशासन     गृह     मंत्रिमंडल सचिवालय     निगरानी     निर्वाचन     राजस्व एवं भूमि सुधार     खान एवं भू-तत्व     नगर विकास एवं आवास     स्वास्थ्य     विधि     उद्योग     पथ निर्माण     कृषि     लघु जल संसाधन     श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण     युवा, रोजगार एवं कौशल विकास     पर्यटन     कला एवं संस्कृति     डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन     आपदा प्रबंधन     पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण     अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण     सूचना प्रावैधिकी     खेल     सहकारिता     पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन     गन्ना उद्योग     लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण     पंचायती राज     (ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं) डिप्टी सीएम विजय चौधरी को मिले ये विभाग-     जल संसाधन     संसदीय कार्य     सूचना एवं जनसंपर्क     भवन निर्माण     अल्पसंख्यक कल्याण     शिक्षा     विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा     ग्रामीण विकास     परिवहन     उच्च शिक्षा डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को इन विभागों की जिम्मेदारी-     ऊर्जा     योजना एवं विकास     मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन     वित्त     वाणिज्य-कर     समाज कल्याण     खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण     ग्रामीण कार्य

धर्म परिवर्तन से जनसेवा तक, साध्वी बउक दास की प्रेरक कहानी

गोपालगंज बिहार के गोपालगंज से श्रद्धा, संघर्ष और जनसेवा की एक अनोखी कहानी सामने आई है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और समर्पण की मिसाल बन गई है। कभी मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून आज बउक दास के नाम से जानी जाती हैं। उनका जीवन धर्म परिवर्तन, निजी संघर्ष और समाजसेवा की ऐसी यात्रा है, जिसने उन्हें क्षेत्र में एक साध्वी और जननेता के रूप में पहचान दिलाई है। आसमा खातून से बउक दास बनने की यात्रा पंचदेवरी प्रखंड के डेरवा गांव के एक मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून का बचपन मदरसे और नमाज के बीच बीता। लेकिन बचपन से ही उन्हें मंदिर की घंटियों की आवाज आकर्षित करती थी। परिवार और धर्मगुरुओं के विरोध के बावजूद उनका झुकाव सनातन धर्म की ओर बढ़ता गया। करीब 30 साल पहले उन्होंने अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर घर छोड़ दिया। बाद में उनकी मुलाकात फुलवरिया प्रखंड के मदरवानी गांव निवासी रामाकांत यादव से हुई, जिनसे प्रेम विवाह के बाद वे रामांती बन गईं। लेकिन यह सुखद समय अधिक लंबा नहीं रहा। रामाकांत की जेल में मृत्यु हो गई और परिवार ने भी उनका साथ छोड़ दिया। इसके बाद रामांती ने अकेले ही पति का अंतिम संस्कार किया और झरही नदी के किनारे जंगल में जीवन शुरू कर दिया। इसी एकांत और भक्ति के कारण लोगों ने उन्हें बउक दास नाम दिया। जनसेवा के लिए किया अन्न का त्याग बउक दास केवल साध्वी नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली सामाजिक योद्धा भी हैं। करीब दो दशक पहले इलाके में आवागमन के लिए सिर्फ चचरी पुल था। लोगों की परेशानी देखकर उन्होंने झरही नदी में मचान बनाकर एक साल तक जल सत्याग्रह किया। उनके आंदोलन के बाद सरकार ने पुल का निर्माण कराया। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। पुल बन गया, लेकिन संपर्क मार्ग कच्चा रह गया, जिससे बारिश में लोगों को भारी परेशानी होती थी। इसके विरोध में उन्होंने छह साल तक अन्न का त्याग कर दिया। उनकी शर्त थी कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनेगी, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। लंबे उपवास से उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाद में सामाजिक लोगों की मदद से एक साल पहले गड्ढों में मिट्टी भरवाई गई, जिसके बाद उन्होंने फिर से अन्न ग्रहण किया। पशु-पक्षियों से गहरा लगाव, बना ‘भाव आश्रम’ बउक दास ने जिस जंगल को साफ कर अपनी कुटिया बनाई, वहां अब एक शिव मंदिर और भाव आश्रम स्थापित है। उनकी आध्यात्मिकता का आलम यह है कि उनकी आवाज पर कौओं और अन्य पक्षियों का झुंड उनके पास आ जाता है। वे रोज अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाती हैं। स्थानीय लोग उन्हें सिद्ध संत मानते हैं और उनके अनुयायी बन चुके हैं। बउक दास का बयान उन्होंने कहा, “मेरा जन्म ईश्वर की भक्ति के लिए हुआ था। भले ही मैं मुस्लिम परिवार में पैदा हुई, लेकिन मेरी आत्मा हमेशा सनातन की ओर रही। अब मेरा जीवन समाज और महादेव के चरणों में समर्पित है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि एक महिला जिसने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में लगा दिया है, आज भी अपने स्वास्थ्य और मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बउक दास की सेहत और उनकी जायज मांगों पर तुरंत ध्यान दिया जाए।  

11वीं के नतीजों में शानदार प्रदर्शन: झारखंड में 99.12% स्टूडेंट्स पास, गुमला-गिरिडीह अव्वल

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक बोर्ड) ने 11वीं परीक्षा 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए छात्र परिणाम आनलाइन माध्यम से चेक कर सकते हैं। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। बोर्ड द्वारा जारी किया गया रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्र अपने रोल नंबर और रोल कोड की मदद से आसानी से अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि जैक बोर्ड ने कक्षा 11वीं में इस वर्ष कुल 3,58,533 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 3,55,399 छात्र पास हो गए। जैक बोर्ड 11वीं कक्षा का पासिंग प्रतिशत 99.12 प्रतिशत रहा। झारखंड बोर्ड के अनुसार, कुल 3,61,683 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 3,58,533 परीक्षा में शामिल हुए। रिजल्ट जारी करते हुए जैक बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. नटवा हंसदा ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बधाई दी। आनलाइन जारी मार्कशीट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल अंक और पास फेल की स्थिति दी गई है। यह मार्कशीट अस्थायी होती है, जबकि मूल मार्कशीट बाद में स्कूल से प्राप्त होगी। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। रांची जिले से इस वर्ष 34,907 छात्र छात्राओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था जिसमें 34,642 परीक्षा में शामिल हुए 34,286 छात्र छात्राएं पास हुए। रांची जिले का पासिंग प्रतिशत 98.97 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.68 प्रतिशत था। वहीं, पासिंग प्रतिशत में पहले पायदान पर गुमला 99.60 और गिरिडीह 99.60 प्रतिशत रहे। बता दें कि रांची जिले में 15,809 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 15,660 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,474 छात्रों ने सफलता पाई। छात्रों का पासिंग प्रतिशत 98.81 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.26 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। वहीं, 19,098 छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 18,982 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं और 18,812 छात्राएं पास हुईं, छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.10 रहा जबकि पिछले वर्ष 99.04 प्रतिशत था। वहीं, पूरे राज्य की बात करें तो छात्राें का पासिंग प्रतिशत 99.08 जो कि पिछले वर्ष 98.62 था जबकि छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.16 प्रतिशत रहा जबकि पिछले वर्ष छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 98.79 था। शत प्रतिशत रहा रिजल्ट योगदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय, जगन्नाथपुर, धुर्वा के विद्यार्थियों का पासिंग प्रतिशत शत प्रतिशत रहा। आर्ट्स में कुल 128 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए जिनमें सभी उत्तीर्ण रहे। कॉमर्स में कुल 123 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और सभी उत्तीर्ण हुए। साइंस स्ट्रीम में कुल 125 विद्यार्थी शामिल हुए और इनमें सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे। इंटरमीडिएट महाविद्यालय के सचिव अरविंद कटियार, सहायक सचिव रवि प्रताप सिंह तथा प्राचार्य राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बताते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

बिहार में नई सियासी शुरुआत: सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, कैबिनेट विस्तार चुनाव के बाद

पटना. बिहार को 20 साल बाद आज नया सीएम मिल गया है। सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। उनके साथ बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सम्राट सरकार में विजय और बिजेंद्र डिप्टी सीएम होंगे इस लाइव ब्लॉग में पल-पल की अपडेट दी जा रही है।   नीतीश कुमार ने मुझे पहचान दी: जीतन राम मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने (नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जो जीतन मांझी आज है, वो नीतीश कुमार के द्वारा ही पहचानित है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते।" केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने(नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे…" नई सरकार पर लोगों का भरोसा: उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिए जाने पर कहा, "सरकार के ऊपर काफी लोगों का भरोसा भी है और लोगों की अपेक्षा भी है। मैं समझता हूं कि इन अपेक्षाओं पर सरकार निश्चित तौर…  नीतीश कुमार के विजन को आगे बढ़ाएंगे सम्राट: बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर, BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के प्रधानमंत्री के विज़न के तहत, नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार भी एक विकसित राज्य बनेगा। नीतीश कुमार द्वारा बिहार में स्थापित कानून का राज और उनके द्वारा तय किए गए विकास के रास्ते को सम्राट चौधरी आगे बढ़ाएंगे। बहुत-बहुत बधाई।” उपमुख्यमंत्री बनने के बाद विजेंद्र यादव का पहला बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में JDU नेता निशांत कुमार की अनुपस्थिति पर कहा, "…उनको खुद निर्णय लेना है कि वे राजनीति में आएंगे या नहीं…"

सम्राट चौधरी ने संभाली कमान, एनडीए सरकार में बड़ा बदलाव

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण करने के बाद कहा, “मैं आज से ही बिहार के लिए काम करना शुरू कर दूंगा। बिहार में सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा।” बता दें कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की कमान आज से भाजपा के हाथों में है और सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने कामकाज संभाल लिया है। पटना स्थित लोकभवन के बाहर सम्राट चौधरी के सामने बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लेकिन सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि बिहार में सिर्फ और सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा। नीतीश का सपना पूरा करेंगे सम्राट केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "जैसी सरकार  नीतीश कुमार ने 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे। जो जीतन मांझी आज है, उसे नीतीश कुमार ने ही बनाया है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते। वहीं, बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। आज सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जिस तरह से हमारे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकसित बिहार का सपना देखा है, सम्राट चौधरी उनके मार्गदर्शन में बिहार को विकसित बिहार की ओर ले जाएंगे।" पहली बार बिहार में भाजपा का सीएम बना बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन सत्ता में शामिल भाजपा ने पहली बार राज्य में अपना सीएम बनाया है। विधानसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद सीएम नीतीश कुमार को ही बनाया गया, लेकिन बदले हालात में उनके राज्यसभा जाने के बाद अब भाजपा को सरकार का नेतृत्व करने का मौका मिला है। सम्राट चौधरी नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम के पद पर थे। अब डिप्टी सीएम के तौर पर जदयू नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र कुमार यादव ने शपथ ली है। सम्राट चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पसंदीदा रहे हैं। नीतीश कुमार पहले से ही कहते रहे थे कि अब बिहार इन्हें ही संभालना है।