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कांप उठा झारखंड: 6 जिलों में शीतलहर की दस्तक, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची झारखंड के छह जिलों के लिए शीतलहर की चेतावनी जारी की गई और राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। यह जानकारी मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक बुलेटिन में दी गई। गुमला सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आईएमडी के जारी बुलेटिन के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा और गुमला के लिए शीतलहर की स्थिति को लेकर ‘येलो' अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में रविवार सुबह 8:30 बजे तक ठंड का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में चलने वाली उत्तर-पश्चिमी से पश्चिमी हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो रही है।'' उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है और उसके बाद अगले दो से तीन दिनों में इसमें दो-तीन डिग्री की वृद्धि होगी। आईएमडी के अधिकारी ने बताया कि राज्य के 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खूंटी में 4.7 डिग्री सेल्सियस और लोहरदगा में 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि डाल्टनगंज में पारा गिरकर 5.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। इसमें कहा गया कि रांची में न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस, बोकारो में 8.5 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा।  

चौका थाना बना झारखंड का सर्वश्रेष्ठ, नेशनल लेवल पर टॉप-4 में दर्ज हुई उपलब्धि

रांची  झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाने को प्रदर्शन के आधार पर की गई रैंकिंग के अनुसार प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ और देश में चौथा स्थान दिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रतिवर्ष देश भर के थानों का सर्वेक्षण करता है और उनके प्रदर्शन के आधार पर थानों की रैंकिंग पर रिपोर्ट जारी करता है। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि थानों का मूल्यांकन विभिन्न मापदंडों पर किया जाता है और उसी के अनुसार उन्हें रैंक दी जाती है। एसपी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी थानों की रैंकिंग 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार चौका थाना राज्य में पहले और देश में चौथे स्थान पर है। पुलिस थानों की रैंकिंग रिपोर्ट प्रतिवर्ष डीजीपी के सम्मेलन के दौरान जारी की जाती है और देश के शीर्ष दस पुलिस थानों का चयन करके उन्हें रैंकिंग दी जाती है। एसपी ने कहा कि स्वतंत्र एजेंसियां 'क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम' (सीसीटीएनएस) के डेटाबेस, अपराधों के आंकड़े, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कमजोर वर्ग के खिलाफ अत्याचार, पुलिस थाने के बुनियादी ढांचे, नागरिकों की प्रतिक्रिया, स्वच्छता, आईटी संसाधन, फोरेंसिक, पुलिस संचार और डिजिटल रिकॉर्ड, सक्रिय पहल और आम आदमी के साथ पुलिसकर्मियों के आचरण सहित विभिन्न पहलुओं पर जमीनी निरीक्षण करती हैं। सर्वेक्षण के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रायपुर में आयोजित हाल ही में हुए डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन के दौरान पुलिस थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग जारी की है। मूल्यांकन में चौका पुलिस थाने ने सभी मापदंडों को पूरा किया है और उसे देश में चौथा और झारखंड में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के 18,000 से अधिक पुलिस थानों में चौका थाने की उपलब्धि सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस के अनुशासन और "सेवा ही लक्ष्य" के प्रति उसकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।  

पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह का 359वां प्रकाश पर्व, CM नीतीश कुमार ने की अरदास

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर, पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री ने तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आये जत्थेदारों, हरिमंदिर जी प्रबंधक कमिटी के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को तलवार, अंगवस्त्र, सरोपा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत जाकर वहां भी मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, विधायक रत्नेश कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रमण्डल के आयुक्त अनिमेष परासर, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण, गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यगण, सिख संगत, सेवादार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

बिहार भूमि पोर्टल पर बड़ा बदलाव: पारिवारिक जमीन का दाखिल-खारिज होगा एक साथ

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था आज से बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश सिन्हा ने आज आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे अब एक ही आवेदन के माध्यम से परिवार के सभी हिस्सेदारों के नाम उनके हिस्से की भूमि पर जमाबंदी कायम हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था में पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था, जिससे लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि निर्देशों के आलोक में प्रधान सचिव सी. के. अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अल्प समय में नई व्यवस्था विकसित की, जिसे अब बिहार भूमि पोटर्ल की दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत मिलेगी। जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं।उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों से आग्रह किया, जिनके यहां अब तक मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर मौखिक बंटवारे को अपने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि मौखिक बंटवारा आगे चलकर पारिवारिक भूमि विवाद का कारण बनता है और ऐसे मामलों में लोग कई सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर अलग-अलग जमाबंदी एक साथ की जा सकेगी। राजस्व महाअभियान के दौरान मिले 46 लाख से अधिक आवेदन विजय सिन्हा ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त-सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। उनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा एवं उत्तराधिकार नामांतरण से अधिक थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर लिया जाएगा तथा जनवरी से मार्च के बीच पुन: पंचायतों में ही शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को भूमि से संबंधित परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से ही भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस संवाद के माध्यम आमलोगों की परेशानियों को जिलों में जाकर समझने और समय सीमा में लोगों की समस्या का समाधान करना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन को पारदर्शी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अरुण जेटली जयंती: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व.अरूण जेटली की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. अरूण जेटली के जन्मदिवस पर आयोजित राजकीय जयंती समारोह में यहां पी.सी कॉलोनी, कंकड़बाग स्थित सेक्टर-ए, पार्क संख्या-31 स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, सांसद रविशंकर प्रसाद, विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, पूर्व विधायक अरूण कुमार सिन्हा, बिहार राज्य नागरिक परिषद् के महासचिव अरविंद कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी स्व. अरूण जेटली की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा आरती-पूजन, बिहार गीत एवं देश भक्ति गीतों का गायन भी किया गया।  

बिहार की सियासत में भूचाल! राजद बोला— भाजपा और नीतीश के बीच टूट चुका है भरोसा

पटना  बिहार की सियासत में इन दिनों 'विधायकों की टूट' और 'कुर्सी के खेल' को लेकर घमासान मचा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दावों और प्रति-दावों का दौर जारी है। जहां एनडीए (NDA) खेमा राजद के 25 विधायकों के टूटने की बात कह रहा है, वहीं राजद ने हुंकार भरी है कि सत्ता पक्ष के 65 विधायक उनके संपर्क में हैं। नीतीश कुमार को हटाने का 'प्लान' राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। राजद का आरोप है कि भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने ही सहयोगी दलों को कमजोर कर रही है। इसी कड़ी में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' (RLM) में मचे घमासान को सीएम की कुर्सी हथियाने के खेल से जोड़कर देखा जा रहा है।   कुशवाहा की पार्टी में कलह की वजह आरएलएम में विवाद तब गहराया जब उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बना दिया गया। इससे पार्टी के विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। विधायकों की नाराजगी उस समय सार्वजनिक हो गई जब वे कुशवाहा द्वारा आयोजित 'लिट्टी भोज' से नदारद रहे और उनकी भाजपा नेता नितिन नवीन से मुलाकात की तस्वीरें वायरल हुईं। बीजेपी और आरएलएम का पलटवार इन आरोपों पर भाजपा ने इसे आरएलएम का आंतरिक मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, आरएलएम प्रवक्ता ने दावा किया कि तीनों विधायक पार्टी के प्रति समर्पित हैं और व्यक्तिगत कारणों से भोज में शामिल नहीं हो सके थे। फिलहाल, बिहार की राजनीति में मचे इस उथल-पुथल ने आगामी चुनावों से पहले नए समीकरणों की आहट दे दी है।  

जमुई रेल दुर्घटना: मालगाड़ी डिरेल, कई रूटों पर ट्रेनों का आवागमन ठप

जमुई बिहार के जमुई जिले में एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर जाने से हावड़ा–पटना–दिल्ली रेल मार्ग पर सेवाएं बाधित हो गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटना 27 दिसंबर की रात करीब 11:25 बजे हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना शनिवार रात 11 बजकर 20 मिनट पर पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत लाहाबन और सिमुलतला रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। इसके कारण करीब 24 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन में मचा हड़कंप रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आसनसोल, मधुपुर और झाझा से दुर्घटना राहत ट्रेनें मौके पर भेजी गई हैं। रेल यातायात बहाल करने का काम जारी है। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती, नए साल में दो नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत

पटना बिहार में नए साल के आगाज के साथ ही राज्य को दो नए अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मिलने जा रहे हैं, जिससे बिहार में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वैशाली जिले के महुआ में निर्मित मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और भोजपुर जिले के आरा में स्थापित वीर कुंवर सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का संचालन जनवरी, 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। दोनों संस्थानों में 500- 500 बेड की सुविधा होगी। 100-100 यूजी छात्रों को मिलेगा नामांकन इन दोनों के निर्माण में क्रमश: 500 करोड़ और 543 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन मेडिकल कॉलेजों में प्रत्येक में 100-100 यूजी छात्रों को नामांकन दिया जाएगा। छात्रों के लिए आधुनिक छात्रावास भवन और डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। दोनों संस्थान नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) के मानकों के अनुरूप संचालित होंगे। मेडिकल कॉलेजों में जनरल मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, आईसीयू जैसी प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मरीजों को इंडोर- आउटडोर इलाज, जांच, दवा वितरण, ऑप्टोसी ब्लॉक, डेमो रूम और म्यूजियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। 10 वर्ष पहले केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे उल्लेखनीय है कि 10 वर्ष पहले बिहार में केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन बीते एक दशक में यह संख्या बढ़कर 11 जिलों में 13 मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच गई है। वर्तमान में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, मधेपुरा, बेतिया, नालंदा, छपरा, पूर्णिया और समस्तीपुर समेत कई जिलों में मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में शेष जिलों में भी एक-एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। सीवान और बेगूसराय में निर्माण कार्य लगभग 45 से 50 प्रतिशत, जबकि बक्सर, मधुबनी सहित अन्य जिलों में 60 से 80 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है।  

RLM में टूट के आसार? उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका दे सकते हैं तीन विधायक

पटना बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सबसे छोटे घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में अंतर्कलह के संकेत मिल रहे हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि चार विधायकों में से एक को छोड़कर शेष सभी ने पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से दूरी बना ली है। उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा? पार्टी के एक नेता ने बताया कि दल में असंतोष इस सप्ताह की शुरुआत में उस समय खुलकर सामने आया, जब कुशवाहा द्वारा आयोजित ‘लिट्टी पार्टी' में उनकी पत्नी और सासाराम से विधायक स्नेहलता को छोड़कर कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ। इसी दिन रालोमो के विधायक माधव आनंद, आलोक कुमार सिंह और रामेश्वर महतो ने शहर के दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से ‘शिष्टाचार मुलाकात' की। इस मुलाकात के बाद मीडिया के एक वर्ग में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि कुशवाहा की पार्टी में विद्रोह हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्य विधानमंडल का सदस्य न होने के बावजूद कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। जब पत्रकारों ने हालिया घटनाक्रम को लेकर उपेंद्र कुशवाहा से सवाल किए तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “लगता है आपके पास पूछने के लिए कोई ढंग का सवाल नहीं है।” रालोमो के विधानसभा में नेता तथा पार्टी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा, “फिलहाल हम पूरी तरह पार्टी में हैं। कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें सुलझा लिया जाएगा।” 'पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष' हालांकि, कुशवाहा के एक करीबी सहयोगी ने कहा, “हमारे नेता को यह समझना चाहिए कि उन्होंने अपने बेटे को मंत्रिमंडल में भेजकर बड़ी भूल की है, जो अभी राजनीति में नौसिखिया है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया है और भाजपा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) जैसे सहयोगियों के बीच भी गलत संदेश गया है।” उन्होंने कहा, “हर बार संकट से बच निकलने वाले कुशवाहा एक के बाद एक आत्मघाती फैसले लेने के बावजूद राजनीतिक रूप से जीवित रहे हैं। इस प्रक्रिया में उन्होंने अविश्वसनीय होने की छवि बना ली है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हकीकत स्वीकार करने के बजाय वह खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।” यह टिप्पणी रालोमो प्रमुख के सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया बयानों की ओर इशारा करती है, जिनमें उन्होंने अपने बेटे को समर्थन देने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था, “अतीत में मैंने जिन लोगों को सांसद और विधायक बनाने में मदद की, उन्हीं ने मुझे धोखा दिया। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए मुझे जो जरूरी लगा, वह करना पड़ा।” उल्लेखनीय है कि कुशवाहा पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से राजग उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वह भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। भाजपा उन्हें एक बड़े अन्य पिछड़ा वर्ग समूह कोइरी समुदाय में समर्थन बढ़ाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाती रही है।

शीतलहर से कांपा बिहार, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पटना बिहार में ठंड का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। शीतलहर के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक घने कोहरे को लेकर Orange Alert जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। 10 डिग्री से नीचे लुढ़का पारा, औरंगाबाद-सबौर सबसे ठंडा IMD Bihar के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। Aurangabad और Bhagalpur ke Sabour बिहार के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 7.4°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा तापमान का हाल इस प्रकार रहा—     Gaya: 7.6°C     Bhagalpur & Sheikhpura: 8.9°C     Valmiki Nagar (West Champaran) & Dehri: 9.0°C     Jehanabad: 9.3°C     Saharsa: 9.5°C लगातार गिरते तापमान ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है।  इन जिलों में घना कोहरा हो की  चेतवानी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है। IMD ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट फॉर डेनसे फोग Orange Alert for Dense Fog जारी किया है, वे हैं—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। IMD Patna के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता काफी घट गई थी। Low Visibility के चलते सड़क दुर्घटनाओं, ट्रेन लेट होने और फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित होने की संभावना रहती है। लोगों को खासतौर पर सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे तक सतर्क रहने को कहा है। IMD ने जारी की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए कोल्ड डे भी जारी किया है। ऐसे में दिन के समय भी ठंड का असर बना रह सकता है और धूप बेहद कमजोर रहने की संभावना है। 28 दिसंबर को मौसम का पूर्वानुमान आने वाले कल (28 दिसंबर 2025) को बिहार के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में घने से अत्यधिक घने कोहरे की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। इसके अलावा, कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन में भी धूप कमजोर रहेगी और ठंडक बरकरार रहेगी।  जानिए कोल्ड डे का मतलब जब किसी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शीतलहर की श्रेणी में पहुंच जाए और साथ ही अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला जाए, तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। इस स्थिति में पूरे दिन ठंड बनी रहती है और सूरज की गर्माहट का असर बहुत कम होता है।