samacharsecretary.com

नववर्ष से पहले बिहार सरकार अलर्ट मोड में, मुख्य सचिव ने कानून-व्यवस्था को लेकर दिए अहम आदेश

पटना  बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 दिसंबर एवं 01 जनवरी के (New Year 2026) दौरान कानून-व्यवस्था को पूरी सख्ती के साथ लागू करें। अमृत ने राज्य में आगामी नव वर्ष के अवसर पर विधि-व्यवस्था को सुद्दढ़ एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 दिसंबर एवं 1 जनवरी के दौरान कानून-व्यवस्था सख्ती के साथ लागू होन चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित दिया कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों तथा प्रमुख चौराहों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विवाद की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाएं- मुख्य सचिव मुख्य सचिव अमृत ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए सभी चिन्हित एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जायें तथा पहले से लगे कैमरों की कार्यशीलता की नियमित जांच की जाए। उन्होंने शीतलहर एवं बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंदों के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सभी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए, जिससे वहां मरीजों के लिए कंबलों की कोई कमी न हो तथा चिकित्सा कर्मी समय पर उपस्थित रहें। इसके अतिरिक्त, पार्क, पिकनिक स्पॉट्स एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रह जाए। डीजीपी ने दिए ये निर्देश बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि वर्ष के अंतिम दिन एवं नव वर्ष के अवसर पर युवाओं में शराब एवं नशीले पदार्थों की मांग रहती है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस को पूरी सतकर्ता के साथ कार्य करना होगा। जहां भी शराब या ड्रग्स से संबंधित सूचना प्राप्त हो, वहाँ नियमित रूप से छापेमारी की जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कारर्वाई की जाए। डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया कि तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की जाए। वरीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को सही ढंग से ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग करें, ताकि सभी अपने कर्तव्यों को भली-भांति समझ सकें। उन्होंने गलियों, चौक-चौराहों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर बाइकर्स गैंग अधिक सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए इन पर कड़ी नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक, जिला, विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके और वे पुलिस प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स एवं अवैध हथियारों के लेन-देन को रोकने के लिए सघन फ्रिस्किंग एवं चेकिंग अभियान चलाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों से तत्काल पूछताछ करने के निर्देश भी दिए गए।  

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर सस्पेंस, श्रवण कुमार बोले– फैसला उन्हें खुद लेना है

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में एंट्री की मांग जदयू के कार्यकर्ता काफी लंबे वक्त से कर रहे हैं। पार्टी के पदाधिकारी और नेता भी चाहते हैं कि निशांत जल्द सियासी पारी शुरू करें। इस बीच नीतीश सरकार में मंत्री और जदयू विधायक श्रवण कुमार ने कहा कि परिवार और पार्टी, दोनों स्तर पर इस विषय पर सकारात्मक माहौल है, लेकिन अंतिम निर्णय नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत को लेना है। हम सब लोगों की तो यही इच्छा है कि उन्हें (निशांत) को पॉलिटिक्स में आना चाहिए।   इससे पहले निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग करते हुए जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुकुंद सेना के बैनर तले भूख हड़ताल की थी। मुकुंद कुमार के नेतृत्व में बैनर-पोस्टर के साथ बीते रविवार को गर्दनीबाग धरना स्थल पर 12 घंटे भूख हड़ताल पर बैठे। धरना में जदयू के अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे। मुकुंद कुमार ने कहा कि निशांत कुमार शिक्षित युवा हैं। उनमें पूरी क्षमता है कि वह राजनीति में आएं और अपने पिता की तरह राज्य की सेवा करें। बता दें कि निशांत कुमार के राजनीति में आने और पार्टी में शामिल होने की मांग कई जदयू नेता और कार्यकर्ता कर चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी कह चुके हैं कि हमलोग चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आयें, पर फैसला उन्हें ही लेना है।  

बिहार का एंटी-टेरर मास्टरप्लान: ATS कमांड ऑफिस किन जिलों में बनेंगे, क्या होगी जिम्मेदारी

पटना आतंकवाद से लड़ने के लिए बिहार पुलिस महकमा में गठित विशेष इकाई एटीएस (आतंकवाद निरोध दस्ता) के चार नए क्षेत्रीय कार्यालय बनेंगे। पटना में मौजूद एटीएस के मुख्यालय के अलावा गया, मोतिहारी, दरभंगा और पूर्णिया में भी एक-एक क्षेत्रीय कार्यालय बनाए जाएंगे। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करके पुलिस महकमा ने गृह विभाग को भेज दिया है। अनुमति मिलने के साथ ही इनके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने दी। वह सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्रीय कार्यालय जहां मौजूद रहेंगे, वहां के आसपास के जिलों को इससे जोड़ा जाएगा। एडीजी दराद ने कहा कि इन क्षेत्रीय कार्यालय का गठन होने से एटीएस की कार्य क्षमता का विकास होगा। इनकी जवाबदेही आतंकवाद से जुड़ी गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही धार्मिक, राष्ट्रविरोधी और आपराधिक गतिविधि पर भी नजर रखने की होगी। यह सभी जिलों में मौजूद स्पेशल ब्रांच के समानांतर काम करेगा। प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होगी। उन्होंने कहा कि एटीएस सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर भी निरंतर नजर बनाए रखता है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित धाराओं में जेल में बंद जो लोग छूटकर बाहर आते हैं, उन पर भी निरंतर नजर बनाए रखने और इनसे संबंधित सूचना एकत्र करने का काम भी एटीएस के स्तर से की जाती है। उन्होंने कहा कि एटीएस की सोशल मीडिया इकाई के माध्यम से 176 व्यक्ति को चरमपंथी विचारधारा के कारण चिन्हित किया गया है। इसमें 12 लोगों को अतिचरमपंथी उन्माद की प्रवृति को लेकर मानसिक रूप से प्रेरित करके समझाने का काम किया गया है। एडीजी ने कहा कि सभी जिलों में मौजूद तमाम थानों में एक अधिकारी और एक सिपाही को खासतौर से आसूचना एकत्र करने के लिए रखा गया है। इनकी जवाबदेही मादक पदार्थों की तस्करी, शराब के अवैध व्यापार, आतंकवाद, अपराध समेत अन्य सभी जरूरी मुद्दों पर आसूचना एकत्र कर इसे जिला से लेकर मुख्यालय तक पहुंचाने की होगी। जिलों में मौजूद सीएटी की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर ये कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि एसटीएस के अंतर्गत गठित विशेष स्वाट (एसडब्ल्यूएटी यानी स्पेशल वेपन एंड टैक्टिस टीम) टीम की जिम्मेदारी राज्य में मौजूद 257 संवेदनशील संस्थानों के निगरानी की है। इसमें पिछले वर्ष 194 और इस वर्ष 41 में मॉक ड्रील एवं रेकी की गई है। उन्होंने कहा कि एटीएस के अब तक 176 कमांडों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इन्हें एसजी के मनेसर और कोलकाता स्थित केंद्रों पर खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है।  

कश्मीर को मात देती सर्दी! झारखंड के कई जिलों में ठिठुरन बढ़ी, येलो अलर्ट जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित केंद्र ने सोमवार को झारखंड के कई हिस्सों में शीत लहर और घने कोहरे की स्थिति को लेकर येलो अलर्ट जारी किया। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के बुलेटिन के अनुसार, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और रांची के लिए शीत लहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। छह जिलों में घने कोहरे के लिए अलर्ट जारी इन जिलों में मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक भीषण ठंड का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। रांची के पास स्थित कांके राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, हजारीबाग और कोडरमा सहित छह जिलों में घने कोहरे के साथ ‘शीत दिवस' के लिए और गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ सहित अन्य छह जिलों में केवल घने कोहरे के लिए अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इन जिलों में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर के बीच रहने का अनुमान है। इसके अलावा इन जिलों में 31 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे तक घना कोहरा छाए रहने का भी अनुमान है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, "झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में चलने वाली उत्तर-पश्चिमी से पश्चिमी हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो रही है।" आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस, खूंटी में चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि डाल्टनगंज में पारा गिरकर 6.1 डिग्री सेल्सियस तक चला गया। रांची में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।  

जदयू में बड़ा कड़ा कदम, पार्टी से बाहर किए गए आठ नेता

पूर्णिया बिहार विधानसभा चुनाव में भीतरघात और गठबंधन विरोधी गतिविधियों को लेकर जदयू नेतृत्व ने पूर्णिया जिले में कड़ा अनुशासनात्मक हंटर चलाया है। पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पूर्व जिला अध्यक्षों सहित कुल आठ पदाधिकारियों को पदमुक्त कर छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला नाम दो कद्दावर नेताओं का है, जिन्होंने संगठन में लंबे समय तक जिला कमान संभाली थी। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के निर्देश पर पार्टी ने संगठन की मजबूती और अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए यह फैसला लिया है। इन नेताओं पर गिरी गाज प्रदेश अध्यक्ष ने राकेश कुमार (पूर्व जिला अध्यक्ष), सचिन मेहता (पूर्व जिला अध्यक्ष युवा जदयू, नीलू सिंह पटेल (प्रदेश सचिव) आजाद (प्रदेश महासचिव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), पूरन सिंह पटेल (जिला महासचिव) और इसके साथ ही रितेश आनंद (कसबा), मनोज कुमार दर्वे (डगरूआ) और मीडिया संयोजक प्रदीप कुमार मेहता पर भी निष्कासन की गाज गिरी है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के दौरान इन नेताओं द्वारा गठबंधन के प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाने की गुप्त शिकायतें मिली थीं। मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल ने इन शिकायतों की जमीनी स्तर पर पड़ताल की। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद ही इन दिग्गज नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को जदयू की क्लीनअप ड्राइव के रूप में देखा जा रहा है। दो पूर्व जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।

रेलवे परिचालन ठप: मालगाड़ी बेपटरी, यात्री परेशान

जमुई जमुई में हुए बड़े रेल हादसे का असर सोमवार को भी साफ तौर पर देखने को मिला। जसीडीह-झाझा रेलखंड पर पटरी दुरुस्त करने और डिरेल मालगाड़ी के डिब्बे हटाने का काम रविवार रात भर युद्ध स्तर पर चलता रहा, बावजूद इसके दूसरे दिन भी इस रूट पर रेल परिचालन शुरू नहीं हो सका। इसका सीधा असर जसीडीह जंक्शन से दिल्ली की ओर जाने वाली और किउल जंक्शन से हावड़ा की ओर जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा। यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा, वहीं कई ट्रेनों के रद्द या डायवर्ट होने से उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह बिगड़ गई। हावड़ा जाने वाली ट्रेनों को पटना के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है, जबकि दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को आसनसोल होकर भेजा जा रहा है। पटना-हावड़ा रेल रूट पर सोमवार को भी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे के अनुसार सोमवार को कुल 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, जबकि 13 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। डायवर्ट की गई प्रमुख ट्रेनों में धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस, कोलकाता-गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस, जसीडीह-पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस, आसनसोल-मुंबई सीएसएमटी एक्सप्रेस, रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस, पटना-हटिया पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस शामिल हैं। कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया, जिससे स्थानीय यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई ट्रेनों को किया गया था डाइवर्ट रविवार को भी रेलवे ने सुरक्षा और परिचालन कारणों से कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया है। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली 13020 बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया था, जबकि इस ट्रेन को बरौनी से ही डायवर्ट किया गया। वहीं, हावड़ा से मुजफ्फरपुर आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस को अंडाल से किऊल के बीच रद्द कर दिया गया। इसके कारण चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह में सवार होने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर जसीडीह स्टेशन पर उत्तर बिहार के बड़ी संख्या में यात्री पूरी रात फंसे रहे। इसके अलावा पटना-देवघर पैसेंजर (63210) को पूरी तरह कैंसिल कर दिया गया है। कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (22348) को गया के रास्ते आसनसोल तक डायवर्ट किया गया। पंजाब मेल (13005) को बांका-किऊल के रास्ते पटना होकर चलाया जा रहा है। हावड़ा-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस (12351) को मधुपुर से डायवर्ट कर दिया गया है और जसीडीह से पटना साहिब तक इसे कैंसिल रखा गया है। साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287) को आसनसोल से डायवर्ट कर बदले हुए रूट से बख्तियारपुर होते हुए आरा तक चलाया जा रहा है। धनबाद-पटना एक्सप्रेस (13331) गया के रास्ते पटना पहुंची, जबकि मधुपुर से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक इसे कैंसिल रखा गया। पटना-धनबाद एक्सप्रेस (913332), पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस (18622), टाटा–बक्सर एक्सप्रेस (18183) और अकालतख्त एक्सप्रेस को भी अलग-अलग रूट से डायवर्ट किया गया है। Train Accident: बिहार-झारखंड सीमा पर बड़ा ट्रेन हादसा, 8 डिब्बे हुए बेपटरी, तीन नदी में गिरे; रेल परिचालन ठप क्या है पूरा मामला यह हादसा शनिवार की रात करीब 11.25 बजे जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के समीप हुआ। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही सीमेंट लदी अपलाइन मालगाड़ी पटरी में आई दरार की वजह से डिरेल हो गई। हादसे में मालगाड़ी के कुल 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 9 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरे। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल से सीतामढ़ी जा रही थी। मालगाड़ी के गार्ड मुकेश कुमार पासवान और लोको पायलट कमलेश कुमार ने बताया कि जैसे ही ट्रेन पुल पर चढ़ी, पीछे से जोरदार आवाज आई और कुछ ही सेकेंड में डिब्बे एक के बाद एक डिरेल होने लगे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जानिए कैसे हुआ हादसा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेलवे ब्रिज के जिस हिस्से में ट्रैक का जोड़ है, वहीं पटरी में पहले से दरार थी। भारी सीमेंट लदी मालगाड़ी जब उस हिस्से से गुजरी तो पटरी उसका बोझ सहन नहीं कर सकी। अपलाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन की ओर मुड़ गई, जिससे दोनों ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद डिब्बे ट्रैक और नदी में बिखर गए, जिन्हें हटाने में भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोमवार शाम तक भी रेल लाइन प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि विभाग का दावा है कि मरम्मत और मालवा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है और जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर परिचालन बहाल करने की कोशिश जारी है।

बिना आवंटी के खाली सरकारी बंगले पर जेडीयू का सवाल, सरकार से सख्त निगरानी की अपील

पटना अभी हाल ही में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित अपने आवास को खाली किया था। पटना स्थित 10 सर्कुलर स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के बाद इसपर विवाद भी लगातार हो रहा है। अब जनता दल (यूनाइटेड) ने सवाल उठाया है कि आखिर रात के वक्त आवास को किसके आदेश से खाली किया गया? JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने भवन निर्माण विभाग को लिखे खत में अनुरोध किया है कि वहां पहले से लगे पंखे, कोड टोंटी समेत इत्यादि अन्य सामानों की निगरानी करवाई जाए। JDU प्र्वक्ता की तरफ से जो चिट्ठी भवन निर्माण विभाग को लिखी गई है उसमें कहा गया है कि मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, राबड़ी देवी के आवास को उनके परिवार की अनुपस्थिति में खाली किया गया था। रात के वक्त लालू-राबड़ी की गैरहाजिरी में पिकअप वैन के जरिए आवास से गमले और पौधे बाहर ले जाए जा रहे थे। खत में आगे लिखा गया है कि भवन निर्माण विभाग यह स्पष्ट करे कि आवास परिसर में लगे गमले और पौधे उद्यान विभाग की संपत्ति हैं अथना निजी। यह भी लिखा गया है की गई है कि विभाग यह बताए कि राबड़ी देवी और उनके परिवार की अनुपस्थिति में पिकअप वैन को परिसर के अंदर जाने की अनुमति किसने दी थी। जदयू प्रवक्ता ने राबड़ी आवास में रखे कई सामानों का जिक्र भी अपने खत में करते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पंखा, एसी, बाथरूम फिटिंग, टोंटी, गीजर, शौचालय में लगा कमोड, खिड़की-दरवाजे के पर्दे सहित अन्य सभी सरकारी सामान पूरी तरह से सुरक्षित हों। नीरज कुमार ने एक्स पर यह खत और अपना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होने कहा है कि भवन निर्माण मंत्री को हमने पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है कि साल 2006 से पटना में बड़ा भू-भाग, मकान रहने के बावजूद राबड़ी देवी का परिवार 10 सर्कुलर रोड में रहता है। ऐसी स्थिति में उनको कैबिनेट मंत्री का दर्ज प्राप्त है। तो भवन निर्माण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री की पूरी जानकारी है लिहाजा यह सभी सामान विभाग के सुपुर्द किए जाएं। पंखा, एसी, फर्नीजर, इत्यादि सामग्रियां पूर्णत: सुरक्षित तथा अपने पुराने स्थान पर उपलब्ध हों यह राबड़ी देवी की जिम्मेदारी बनती है। भवन निर्माण विभाग से आग्रह है कि सम्पूर्ण प्रक्रिया की विधिवत निगरानी कराई जाए। बता दें कि बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस दिया था। इसके बाद पटना के हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर का नया सरकारी बंगला राबड़ी देवी के नाम आवंटित किया गया है। यह आवास उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर केंद्रीय पूल से दिया गया है।  

राशन कार्ड अपडेट: बिहार में 57 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटने से हड़कंप

पटना  बिहार के राशन कार्डधारियों से जुड़ी बड़ी खबर है. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग ने बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को बड़ा आदेश दिया है. इसके मुताबिक बिहार के 57 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारियों के नाम हटने वाले हैं. ये ऐसे राशन कार्डधारी हैं, जिनकी पात्रता संदिग्ध है. राशनकार्ड धारियों में 25 लाख का टर्नओवर वाले का भी नाम जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध राशनकार्ड धारियों में अच्छा खासा कारोबार करने वाले जीएसटी में रजिस्टर्ड और 25 लाख से अधिक ग्रॉस टर्न ओवर वाले बिजनेस मैन भी शामिल हैं. मीडियम और हैवी मोटर व्हीकल वाले भी हैं. आयकर जमा करने वाले और बड़ी जमीन का स्वामित्व रखने वाले काश्तकार लोगों की संख्या भी लगभग 60 हजार है. अब तक 36 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर सख्त एक्शन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खाद्य विभाग के निर्देश के बाद बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 36 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर अभी तक सख्त एक्शन ले लिया है. इनमें अधिकतर के नाम हटा दिये गये हैं. बाकी रह गये करीब 20 लाख से अधिक राशनकार्ड धारियों की पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है. जनवरी तक हो सकता है सत्यापन संभावना जताई जा रही है कि जनवरी तक इनका सत्यापन हो जायेगा. इस समय पूरे खाद्य विभाग का फोकस इसी से संबंधित अभियान पर लगा हुआ है. केंद्र से मिली लिस्ट में सबसे आश्चर्य जनक खुलासा हुआ है कि राशन कार्डों में 22 हजार से अधिक लोग ऐसे बताये गये हैं, जिनकी उम्र 100 साल से अधिक है. अधिक केस वाले 10 जिले दरभंगा मधुबनी मुजफ्फरपुर पटना पूर्वी चंपारण समस्तीपुर सारण सीतामढ़ी सीवान वैशाली कम केस वाले 10 जिले अरवल शेखपुरा शिवहर जहानाबाद लखीसराय कैमूर (भभुआ) मुंगेर बक्सर मधेपुरा किशनगंज

अद्भुत मामला झारखंड से: पुलिस स्टोर का 200 किलो गांजा चूहों ने निगल लिया

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाने में पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा गया करीब 200 किलो गांजा चूहों ने खा लिया. यह पुलिस ने कोर्ट को बताया है. यह मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने सबूतों की गंभीर खामियों और पुलिस की लापरवाही को देखते हुए आरोपी को बरी कर दिया. आरोपी इंद्रजीत राय (26 वर्ष) बिहार के वैशाली जिला के वीरपुर गांव का रहनेवाला है. पुलिस और अदालत में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला 17 जनवरी 2022 का है. ओरमांझी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की बोलेरो रांची से रामगढ़ की ओर जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ लदा है. पुलिस टीम ने एनएच-20 पर बैरिकेडिंग की. गाड़ी रुकते ही उसमें सवार तीन लोग भागने लगे. पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि दो फरार हो गये. पकड़े गये व्यक्ति की पहचान इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय के रूप में हुई. तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ गाड़ी की तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ. इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया. जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस की कहानी सवालों के घेरे में आ गयी. गवाहों के बयानों में समय, स्थान और घटनाक्रम को लेकर भारी विरोधाभास सामने आया. कोई यह स्पष्ट नहीं कर सका कि आरोपी को किसने पकड़ा, गाड़ी कहां रोकी गयी या तलाशी कितनी देर चली. मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब अदालत को बताया गया कि ओरमांझी थाना के मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये. इस संबंध में वर्ष 2024 में पुलिस ने सनहा दर्ज किया. अदालत ने इस दावे को गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया. फैसले में अदालत ने कहा कि न तो आरोपी को वाहन से जोड़ने के ठोस सबूत पेश किये गये, न ही जब्ती और नमूनाकरण की प्रक्रिया पर भरोसा किया जा सकता है. वाहन के इंजन और चेसिस नंबर तक स्पष्ट नहीं थे, जिससे जांच की विश्वसनीयता कमजोर हो गयी. इसलिए अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया. मलखाने से गायब हुए गांजे की कीमत एक करोड़ आरपीएफ गांजा बरामदगी के बाद प्रति किलोग्राम 50 हजार रुपये की दर से मूल्यांकन करती है. इस तरह बरामद 200 किलो गांजा का मूल्य एक करोड़ रुपये हुआ. पुलिस के अनुसार यह चूहे खा गये. यह मामला न सिर्फ पुलिस की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि इतने बड़े पैमाने पर जब्त मादक पदार्थों की सुरक्षा और निगरानी आखिर कैसे की जाती है? अब यह जांच का विषय है कि क्या मालखाना में सचमुच चूहों का आतंक है या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी है? घटनाक्रम 17 जनवरी 2022 : गांजा बरामदगी के लिए छापेमारी हुई. 17 जनवरी 2022 : ओरमांझी थाना में केस दर्ज होने की तिथि. 13 मार्च 2022 : केस में आरोपी इंद्रजीत राय पर चार्जशीट हुआ. 01 जून 2022 : केस में आरोपी पर चार्ज फ्रेम हुआ. 15 जून 2022 : केस में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया. 16 दिसंबर 2025 : केस में बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया. 19 दिसंबर 2025 : केस में आरोपी को बरी करने का फैसला आया.

अलेक्स की पढ़ाई का जुनून: 4 साल का बच्चा पेट्रोल पंप पर पढ़ता, वीडियो देख सरकार भी पसीज गई

रांची  झारखंड की राजधानी रांची में आजकल पेट्रोल पंप पर पढ़ते हुए बच्चे का वीडियो काफी वायरल हो रहा है. दरअसल, यह बच्चा एलेक्स मुंडा है, जिसकी मां उसी पेट्रोल पंप में काम करती है. एलेक्स ने बताया कि उसने अपने पिता को कभी देखा ही नहीं. उसकी मां पुनीता बताती हैं कि 4 साल पहले ही उनके पति की मौत हो गई थी. बच्चे ने तो अपने पिता को देखा भी नहीं है. पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ाई करता है बच्चा पुनीता ने बताया कि वे खपड़े के घर में रहते हैं और पेट्रोल पंप की रोशनी में एलेक्स पढ़ाई करता है. घर में पढ़ने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है. पढ़ाई का ऐसा जुनून है कि कहीं भी पढ़ लेता है. बड़ा होकर कलेक्टर बनना चाहता है. मुझे कभी इसे पढ़ने के लिए कहना नहीं पड़ता, जहां रोशनी मिलती है, वहीं किताब खोलकर बैठ जाता है. एक वीडियो ने रातों-रात कर दिया वायरल दरअसल, रांची के सुकुरहुत्तु चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप में पुनीता काम करती हैं और एलेक्स भी वहीं पेट्रोल पंप पर बैठकर पढ़ रहा था. इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसका वीडियो ट्विटर पर डाल दिया और सीएम को टैग कर दिया. इसके बाद सीएम ने संज्ञान लेते हुए रांची डीसी को निर्देश दिया कि इस बच्चे की तुरंत मदद की जाए. इसके बाद डीसी ने बच्चे को हर महीने सरकारी फंड से 4 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया है. सारे लोगों ने मोड़ लिया मुंह पुनीता बताती हैं कि उनके पास संपत्ति के नाम पर सिर्फ उनका 4 साल का बच्चा है, और कोई नहीं, सारे रिश्तेदारों ने मुंह मोड़ लिया. बस यह खपड़े का छोटा सा घर और बेटा ही उनके पास है. मैं इसे पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना चाहती हूं. इसी वजह से पेट्रोल पंप में काम करती हूं, जिससे कुछ पैसे मिल जाते हैं. लगभग सारे पैसे इसकी पढ़ाई में ही खर्च हो जाते हैं. अब सरकार से जो मदद मिलेगी, उससे काफी सहारा मिलेगा. बड़ा होकर कलेक्टर बनूंगा एलेक्स ने बताया कि वह बड़ा होकर कलेक्टर बनना चाहता है, डीसी बनना है. जिस तरह डीसी साहब ने गरीब बच्चों की मदद की और मेरी मदद की, वैसे ही मैं भी सबकी मदद करूंगा. यूपीएससी की परीक्षा दूंगा और इसके लिए दिन-रात मेहनत करके पढ़ाई करूंगा, मम्मी का सहारा बनूंगा. पापा को तो नहीं देखा है, लेकिन मम्मी के लिए सब कुछ करना है और गरीबों के लिए भी.