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चुनाव में दिलचस्प मोड़: पवन सिंह की पत्नी ने वोटरों से क्यों कही ‘सॉरी’?

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान शुरू होते ही भोजपुरी अभिनेता और हाल ही में सुर्खियों में रहे पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने मतदाताओं के नाम एक भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने कम समय में चुनाव प्रचार होने का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से मिलने और हर गली-मोहल्ले तक पहुंचने में उन्हें पूरा समय नहीं मिल पाया। इसी बात का उन्हें मलाल है और उन्होंने खुले दिल से मतदाताओं से माफी मांगी।   ज्योति सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर इस चुनाव में मैदान में हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “मेरी बस एक ही कमी रह गई कि प्रचार के लिए समय थोड़ा मिला। फिर भी मैंने अपनी पूरी कोशिश की। जिन लोगों तक नहीं पहुंच पाई, उनसे दिल से माफी मांगती हूं। लेकिन जनता का जो स्नेह और प्यार मिल रहा है, वह मेरे लिए किसी जीत से कम नहीं।” पवन सिंह और ज्योति के बीच खूब मचा था ड्रामा पिछले कुछ दिनों से पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के रिश्ते को लेकर खूब हलचल मची रही। कुछ दिन पहले ही ज्योति, पवन से मिलने उनके फ्लैट पहुंचीं तो हालात कुछ तनावपूर्ण दिखे और मामला सुर्खियों में आ गया। पवन सिंह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे और चर्चा थी कि वे काराकाट विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, ज्योति सिंह का कहना था कि उन्होंने पहले ही चुनाव में उतरने का मन बना लिया था। उनका तर्क था कि जब पवन सिंह काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्होंने जमकर प्रचार किया था और लोगों की भावनाएं समझीं। जनता ने ही उनसे आग्रह किया था कि वे विधानसभा चुनाव में उतरें। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि काराकाट सीट पर पति-पत्नी आमने-सामने होंगे, लेकिन ऐन वक्त पर पवन सिंह ने घोषणा कर दी कि वे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद ज्योति के लिए माहौल और दिलचस्प हो गया, क्योंकि लोगों की नजर अब सीधे उन पर टिक गई।

वोटिंग में हुई तेजी, पप्पू यादव ने बिहार चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है. इस चरण में 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता 122 सीटों पर 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री भी शामिल हैं. बिहार चुनाव के दूसरे चरण में 45,399 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे, जिनमें से 40,073 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं. कुल मतदाताओं में 1.75 करोड़ महिलाएं हैं. हिसुआ सीट (नवादा) में सबसे अधिक 3.67 लाख मतदाता हैं, जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी में प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा (22-22) है. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें 65% से अधिक पोलिंग दर्ज हुई थी. दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज सहित नेपाल सीमा से सटे जिलों में मतदान होगा. सुरक्षित और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. दूसरे चरण में ज्यादातर सीटें सीमांचल क्षेत्र की हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है, जिससे यह चरण एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों के लिए अहम बन गया है. एनडीए विपक्ष पर 'घुसपैठियों को संरक्षण देने' का आरोप लगा रहा है, जबकि विपक्ष अल्पसंख्यक मतदाताओं पर भरोसा कर रहा है. प्रमुख उम्मीदवारों में जेडीयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल), भाजपा के प्रेमेंद्र कुमार (गया टाउन), रेनू देवी (बेतिया), नीरेज कुमार सिंह 'बबलू' (छातापुर), लेशी सिंह (धमदाहा), शीला मंडल (फुलपरस) और जमा खान (चैनपुर) शामिल हैं. बिहार 9 बजे तक 14.55% वोटिंग बिहार चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में भी सुबह-सुबह मतदान को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है. बिहार चुनाव के दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 14.55% वोटिंग हुई है. यह पहले फेज में सुबह 9 बजे तक हुए मतदान से अधिक है. बिहार चुनाव के पहले चरण में 9 बजे तक 13.13% मतदान हुआ था. एलजेपीआर सांसद ने डाला वोट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे. चिराग पासवान की पार्टी के सांसद राजेश वर्मा ने परिवार के साथ मतदान किया. 'पहले फेज से भी ज्यादा वोट कीजिए', प्रशांत किशोर की अपील जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपील की है कि पहले चरण से भी ज्यादा वोट कीजिए. व्यवस्था परिवर्तन कीजिए. उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कहा है कि चुनाव के समय में ऐसी बातें हो रही हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, उचित कार्रवाई होनी चाहिए.  'पहले मतदान, फिर जलपान', सीएम नीतीश ने की अपील मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि लोकतंत्र में मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं, दायित्व भी है. आज बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हो रहा है. सभी मतदाताओं से आग्रह है कि अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करें.

दूसरे चरण में 12 मंत्रियों की परीक्षा, बिहार चुनाव में सत्ता की चुनौती

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होना है और यह चरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए असली अग्निपरीक्षा साबित होने जा रहा है. इस चरण में 12 मंत्रियों की साख दांव पर है. खास बात यह है कि इनमें कई दिग्गज लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं तो कुछ नए चेहरे हैं जिन्होंने कम समय में सत्ता तक सफर तय किया. जिन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है इनमें ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव सुपौल से, उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा झंझारपुर से, परिवहन मंत्री शीला मंडल फुलपरास से, पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू छातापुर से, गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णानंदन पासवान हरसिद्धि से, आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल सिकटी से, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह धमदाहा से, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज अमरपुर से, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार गया टाउन से, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह चकाई से, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान चैनपुर से और पशुपालन मंत्री रेणु देवी बेतिया से शामिल हैं. विजेंद्र प्रसाद यादव: नीतीश सरकार के वरिष्ठतम मंत्री ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव इस बार लगातार नौवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. वे नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ मंत्रियों में से एक हैं. उन्होंने कहा – 24 घंटे बिजली, हर घर नल-जल, सड़क और पुलिया का जाल हमने बिछाया है. जनता मालिक है और जनता विकास पर भरोसा करेगी. डॉ. प्रेम कुमार: 8 बार के MLA, एंटी-इंकम्बेंसी की चुनौती सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार गया टाउन से लगातार आठ बार जीत चुके हैं. पर्यटन, सड़क और शिक्षा पर उनके काम को सराहा गया, लेकिन इस बार एंटी-इंकम्बेंसी फैक्टर चुनौती बन सकता है. वे कहते हैं-जनता काम को पहचानती है, विकास की राजनीति पर ही भरोसा करेगी. रेणु देवी: पूर्व डिप्टी CM अब पशुपालन मंत्री, साख की लड़ाई पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा पशुपालन मंत्री रेणु देवी बीजेपी की महिला शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं. दुर्गा वाहिनी से राजनीति की शुरुआत कर उपमुख्यमंत्री तक पहुंची रेणु देवी अब अपने गढ़ में साख की परीक्षा में हैं. वे कहती हैं- मैंने सेवा की राजनीति की है, पद की नहीं. जनता ने हमेशा स्नेह दिया है और इस बार भी वही आशीर्वाद मिलेगा. नीतीश मिश्रा: विरासत और विकास मॉडल की परीक्षा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री के रूप में सरकार के योजनागत विकास की तस्वीर पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा-पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए हमने उद्यम और निवेश बढ़ाने पर ध्यान दिया है. जनता भरोसा रखेगी. शीला मंडल: स्त्री शक्ति का फेस, कर्पूरी ठाकुर की सीट परिवहन मंत्री शीला मंडल फुलपरास से दोबारा चुनाव लड़ रही हैं. 2020 में उन्होंने कांग्रेस के कृपानाथ पाठक को 10,966 वोटों से हराया था. दिलचस्प है कि 1977 में कर्पूरी ठाकुर इसी सीट से मुख्यमंत्री बने थे. शीला मंडल कहती हैं-फुलपरास का नाम अब महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ गया है. हमने जो काम किया है उस पर जनता भरोसा करेगी. नीरज सिंह बबलू: दबंग छवि और बाढ़ प्रबंधन पर परीक्षा पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू लगातार जीतते रहे हैं. अपने क्षेत्र में वे विकास और सख्त प्रशासन के लिए जाने जाते हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद उन्होंने राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई है. बबलू का कहना है-हमने नल-जल, सड़क और बिजली की दिशा में ठोस काम किया है. कृष्णानंदन पासवान: गन्ना किसानों की उम्मीदों की कसौटी गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णानंदन पासवान हरसिद्धि (SC) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. यह इलाका गन्ना किसानों का केंद्र माना जाता है. पासवान का कहना है- गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान और मिलों को पुनर्जीवित करने पर हमने काम किया है. जनता सब जानती है. विजय कुमार मंडल: आपदा प्रबंधन मंत्री की साख दांव पर भागलपुर जिले की सिटी सीट से आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल मैदान में हैं. बाढ़ और राहत कार्यों में इनकी भूमिका अहम रही है. मंडल कहते हैं-आपदा के समय हमने राहत और पुनर्वास का मजबूत तंत्र बनाया. जनता हमारी प्रतिबद्धता देख रही है. लेसी सिंह: नीतीश की ‘शक्ति स्तंभ’, छठी जीत की कोशिश खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे भरोसेमंद महिला सहयोगियों में से हैं. धमदाहा से वे लगातार पांच बार जीत चुकी हैं और इस बार छठी बार मैदान में हैं. उनका कहना है-महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर हमने काम किया है, वही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है. जयंत राज: युवा कुशवाहा चेहरा और विकास की राजनीति भवन निर्माण मंत्री जयंत राज अमरपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. वे कुशवाहा समाज में मजबूत पकड़ रखते हैं और खुद को “काम करने वाला नेता” बताते हैं. उनका कहना है-प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों के विकास कार्यों से जनता प्रभावित है. इस बार भी विश्वास मिलेगा. सुमित कुमार सिंह: निर्दलीय से बने मंत्री, अब JDU से टिकट विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह पिछली बार निर्दलीय जीते थे, लेकिन अब जदयू से चुनाव मैदान में हैं. दिग्गज समाजवादी नेता नरेंद्र सिंह के बेटे हैं. इस बार उनके खिलाफ जदयू के ही 2020 के प्रत्याशी संजय प्रसाद निर्दलीय मैदान में हैं. सुमित का कहना है-हमारे परिवार की राजनीति सेवा पर आधारित रही है, जनता उस पर भरोसा करेगी. जमा खान: एकमात्र मुस्लिम मंत्री, विकास के भरोसे मैदान में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान पिछली बार बसपा से जीते थे, अब जदयू से मैदान में हैं. उनका कहना है- हम भाईचारे और विकास की राजनीति करते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम पर वोट मांग रहे हैं. बिहार चुनाव में पूर्व मंत्रियों की फौज भी मैदान में इस चरण में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी (सिकंदरा), पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद (कटिहार) समेत एक दर्जन से अधिक पूर्व मंत्री मैदान में हैं. भाजपा से सुनील कुमार पिंटू, कृष्ण कुमार ऋषि, विनोद नारायण झा, राम नारायण मंडल, जदयू से दामोदर रावत, आरजेडी से जयप्रकाश नारायण यादव, बीमा भारती, समीर महासेठ, कुमार सर्वजीत, शाहनवाज आलम, बृज किशोर बिंद, हम से अनिल कुमार और लोजपा (रामविलास) से मुरारी प्रसाद गौतम की साख भी दांव पर है. 14 नवंबर को फैसले का दिन, तय होगी बिहार … Read more

तेज प्रताप यादव बोले: 10-15 सीटें पक्की, सरकार बने तो भी हमारा रुख साफ

पटना बिहार में सियासी बोल जब गलियों में गूंज रहे हैं, उसी बीच तेज प्रताप यादव ने एक ऐसा दावा कर दिया जिसने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि जनशक्ति जनता दल इस बार 10-15 सीटें जीतकर बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला देगी। बिहार चुनाव 2025 में हर पार्टी अपनी जीत के दावे कर रही है, लेकिन इस बार सुर्खियों में हैं जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और महुआ सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप यादव। उन्होंने खुलकर ऐलान किया है कि उनकी नवगठित पार्टी राज्य की सियासत में चौंकाने वाली एंट्री करने जा रही है। मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा, “हम 10-15 सीटें जीतेंगे… जनता का रुझान हमारे पक्ष में है। हवा बदल चुकी है।” राहुल गांधी के बयान पर बोले इससे पहले जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और एसआईआर को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वह इस चुनावी माहौल को कितना प्रभावित करेंगे, तो तेज प्रताप ने पलटवार में कहा, “इन बयानों का कोई फायदा नहीं… जनता सब जानती है। इस तरह की बातें हवा नहीं बदलने वाली।” उनका मानना है कि इस चुनाव में जनता मुद्दों से ज्यादा भरोसे और बदलाव वाली राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। और इसी भरोसे की वजह से वह अपनी पार्टी के लिए डबल डिजिट सीटों की उम्मीद कर रहे हैं। तेज प्रताप के सुरक्षा का मुद्दा भी छाया सीटों के दावे के साथ-साथ तेज प्रताप एक और वजह से सुर्खियों में रहे हैं वह है उनकी सुरक्षा। उन्होंने दावा किया कि वह खतरे में हैं और बोले, “मेरे दुश्मन मुझे मरवा भी सकते हैं… अब तो हर कोई दुश्मन जैसा लगने लगा है।” भले उन्होंने यह नहीं बताया कि दुश्मन कौन हैं, लेकिन इस बयान ने उनके सीट-दावे को और ज्यादा अखबारों और चैनलों की लाइमलाइट में ला दिया।

त्रिकोणीय जंग के लिए घाटशिला मैदान में, प्रतिष्ठा बचाने उतरे दिग्गज

घाटशिला झारखंड के घाटशिला अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित विधानसभा उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने यहां बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कल सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान होगा और इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 14 नवंबर को होगी मतगणना चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बीते रविवार शाम पांच बजे प्रचार थमने के बाद से ही क्षेत्र में बाहरी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अब उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर ही संपर्क साध सकते हैं। मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिसके बाद घाटशिला के नए विधायक का नाम स्पष्ट हो जाएगा। मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 10 कंपनियों की भी तैनाती की गई है। कुल 300 मतदान केंद्रों पर 1,200 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि 120 कर्मी रिजर्व के रूप में रखे गए है। बिष्टुपुर के को-ऑपरेटिव कॉलेज से कर्मियों को भेजा जा रहा है। मतदान स्थल पर सुबह 5:30 बजे राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल होगा, ताकि वोटिंग प्रक्रिया का परीक्षण किया जा सके। क्षेत्र के 186 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जिन पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए 30 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात होंगे। बीते रविवार शाम 5 बजे से चुनाव प्रचार पूरी तरह थम चुका है। अब मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू है। इस दौरान किसी भी प्रकार की जनसभा, रोड शो या लाउडस्पीकर से प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। त्रिकोणीय मुकाबले के लिए घाटशिला तैयार बता दें कि झामुमो ने अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा के बाबूलाल सोरेन संगठन की मजबूती और केंद्र सरकार की योजनाओं के भरोसे चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा जेएलकेएम के रामदास मुर्मू भी उपचुनाव में भाग ले रहे हैं जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। इसके अलावा पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक), पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी), परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मानस राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार टोपनो, मनोज कुमार सिंह, और रामकृष्ण कांती महली उपचुनाव में भाग ले रहे हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र न होने की स्थिति में मतदाता एपिक के अलावा पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए भी मतदान कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन के कारण इस क्षेत्र में उपचुनाव कराया जा रहा है। इस उपचुनाव में कुल 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और मतदान कल यानी मंगलवार सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक 300 मतदान केंद्रों पर होगा, जहां 2,56,352 मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। इस क्षेत्र में पुरुष 1,25,114 और महिलाएं 1,31,235 मतदाता है, साथ ही 372 सर्विस मतदाता भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 16,601 नए युवा मतदाता भी पहली बार अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 2,738 है, जबकि 1 एनआरआई मतदाता का नाम भी सूची में है।  

नेहा शर्मा ने दिखाया पिता के समर्थन में दम, चुनावी मैदान में लगा बॉलीवुड का रंग

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण की चुनावी सरगर्मी रविवार को अपने चरम पर रही। इस बीच भागलपुर में फिल्म एक्ट्रेस नेहा शर्मा ने अपने पिता और कांग्रेस के दिग्गज प्रत्याशी अजीत शर्मा के समर्थन में ऐसा रोड शो निकाला कि शहर का माहौल चुनावी रंग और बॉलीवुड ग्लैमर में रंग गया। सुबह भदनाथ मंदिर में पिता-पुत्री ने माथा टेककर जीत की कामना की, और यहीं से शुरू हुआ वो विशाल रोड शो जिसने शहर की फिजा बदल दी। खुले जीप पर सवार नेहा शर्मा और अजीत शर्मा की एक झलक पाने को सड़कों पर उमड़ पड़ी भीड़ हजारों वाहनों के काफिले के साथ आगे बढ़ती रही। हाथों में कांग्रेस के झंडे और गूंजते नारे, “अजीत शर्मा जिंदाबाद”, “कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद” ने माहौल को रोमांचक बना दिया। नेहा शर्मा को देखने उतरी भीड़ नेहा शर्मा हर मोड़ पर ठहरकर लोगों का अभिवादन करती रहीं। भीड़ की तरफ हाथ हिलाते हुए उन्होंने अपील की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “भागलपुर ने हमेशा पापा को प्यार और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने शहर की तरक्की के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। मैं भी इसी शहर की बेटी हूं, आप सब से एक बार फिर जीत का आशीर्वाद मांगती हूं।” लोगों की भीड़ नेहा शर्मा को देखने के लिए उमड़ पड़ी। जगह-जगह फूल, मालाएं और सेल्फी की होड़ ने रोड शो को सेलिब्रिटी-स्तर का आयोजन बना दिया। रैली नयाबाजार, सराय, नरगा चौक, चंपा नगर, मेदनी नगर और ततारपुर होते हुए रेलवे स्टेशन के पास जाकर समाप्त हुई। गौरतलब है कि अजीत शर्मा तीसरी बार मैदान में हैं और इस बार उनका मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार बीजेपी के रोहित पांडेय से है।

‘चुनाव आयोग BJP का पाप धो रहा’ — तेजस्वी का तीखा हमला, कहा बिहार बदलेगा अब की बार

पटना दूसरे चरण के मतदान से पहले तेजस्वी यादव ने एनडीए और डबल इंजन सरकार पर जोरदार हमला किया है। सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। कल दूसरे चरण का मतदान होगा। हमने 171 जनसभा की। हर जगह लोगों में बदलाव का मूड दिखा। बेरोजगारी, पलायन से लोग परेशान हैं। 20 साल राज करने पर भी एनडीए ने बिहार को अंतिम पायदान पर कर दिया। अब बिहार के लोगों को बिहार में ही सुविधा चाहिए। कोई छठ और दीपावली में ही घर न आये, हमेशा साथ रहे। उन्होंने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी पर बिहार की जनता को पीछे रखने का आरोप लगाया और कहा कि 14 नवम्बर के बाद सब बदल जाएगा। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार इस बार इतिहास रचेंगे। कलम राज ला रहे हैं। विकसित राज्य बनेगा। बीस सालों में मुख्यमंत्री केवल सुर्खियों में रहे। लेकिन अब बिहार केवल सुर्खियों में नहीं रहेगा। पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई की सुविधा होगी। दूसरे राज्य न जाना पड़े, ऐसा बिहार बनाएंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभार आरोप लगाया। कहा कि बीजेपी पाप करती है और इलेक्शन कमीशन उसे धोने का काम करता है। नाव आयोग पहले चरण के मतदान के 4 दिन बाद भी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किये कि कितने महिला और पुरुषों ने मतदान किया। यह मजाक है। तकनीक के इस युग में ये हाल है। भाजपा के पाप को आयोग धो रहा है। आयोग मर चुका है। चुनाव आयोग बताए कि समस्तीपुर में इतनी वीवीपैट परचियां कहाँ से आई। कहा कि सत्ता में बैठे लोग घबराये हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह पटना में अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। यह बता रहे हैं कि किन किन को उठाना है। जिला को रिटायर्ड अधिकारी निर्देश दे रहे हैं। लेकिन हमारी पैनी नजर है। तेजस्वी यादव ने का कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में उद्योग-धंधों की बात नहीं करते,बस नकारात्मक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी अपराधियों के साथ मंच साझा कर रहे हैं, जिनमें आनंद मोहन, अनंत सिंह और हुलास पांडे जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग कोई संत हैं क्या। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में शामिल हो जाने पर किसी के भी सारे पाप धुल जाते हैं।  

JMM को घाटशिला में बड़ा नुकसान, महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने थामा भाजपा का दामन

घाटशिला घाटशिला विधानसभा सीट पर मतदान कल यानी 11 नवंबर को कराया जाएगा। 14 नवंबर को मतगणना होगी। वहीं, घाटशिला उपचुनाव से पहले झामुमो को बड़ा झटका लगा है। झामुमो ने जनता को केवल निराश किया दरअसल, बीते रविवार को झामुमो महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष लिली भगत के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने झामुमो पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा नेता चंपई सोरेन ने नए सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान चंपई सोरेन ने कहा कि अब जनता का रुझान साफ दिखने लगा है। घाटशिला से परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है। जनता झूठे वादों से ऊब चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जता रही है। चंपई सोरेन ने कहा कि यह सिर्फ पार्टी परिवर्तन नहीं, बल्कि “विचारधारा का बदलाव” है। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और पारदर्शिता की राजनीति करती है, जबकि झामुमो ने जनता को केवल निराश किया है। बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।  

JMM बनाम BJP का बड़ा मुकाबला — जीत का ताज किसे मिलेगा?

  घाटशिला घाटशिला उपचुनाव नजदीक है। 11 नवंबर को घाटशिला सीट पर चुनाव कराया जाएगा। वहीं, बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है जिससे घाटशिला विधानसभा उपचुनाव दिलचस्प बन गया है। 13 उम्मीदवारों की सूची बता दें कि कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच है। एक तरफ झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन अपने दिवंगत पिता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे है तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 13 प्रत्याशियों में बाबूलाल सोरेन (भाजपा), सोमेश चंद्र सोरेन (झामुमो), रामदास मुर्मू (जेएलकेएम), पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक), पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी), परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मानस राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार टोपनो, मनोज कुमार सिंह, और रामकृष्ण कांती महली शामिल हैं। दरअसल, झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए इसकी संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी जिसके लिए 11 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष मतदाता हैं।  

फर्जी पीएनबी अफसर बन साइबर ठगों ने उड़ाए 10 लाख, पुलिस कर रही जांच

मुज्जफरपुर साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बैंक अधिकारी बनकर ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस बार शिकार बने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एक रिटायर्ड कर्मचारी, जिनसे ठगों ने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के नाम पर 10 लाख रुपये उड़ा लिए। मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर निवासी मो. खलीफ खान, जो पीएनबी की जवाहरलाल रोड शाखा में पेंशन डेस्क पर सहायक के पद पर कार्यरत थे, करीब आठ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे हर साल अपना लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराते हैं। इसी क्रम में 6 नवंबर को उन्होंने फॉर्म के माध्यम से सर्टिफिकेट अपडेट के लिए आवेदन किया था। पीड़ित के अनुसार, शनिवार को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिस पर पीएनबी बैंक का लोगो दिखाई दे रहा था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका लाइफ सर्टिफिकेट वेरिफाई करना है और इसके लिए उन्हें एक ओटीपी भेजा जा रहा है। विश्वास में आकर मो. खलीफ खान ने ओटीपी साझा कर दिया। कुछ ही मिनटों में उनके दो बैंक खातों से कुल 10 लाख रुपये की निकासी कर ली गई। खलीफ खान ने बताया कि यह रकम उनके पेंशन खाते से ही निकाली गई है। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में साइबर थाने के टीसी हिमांशु कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। ठगी ओटीपी के माध्यम से की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।