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परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए पटना-गया समेत कई रूटों पर परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू

गयाजी  पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पूर्व मध्य रेल ने 16 और 17 जून को कई परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की है। इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य अभ्यर्थियों को समय पर और सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाना है। गया जंक्शन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जिससे मगध क्षेत्र के परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। सुबह 7:15 बजे पटना से चलकर गया पहुंचेगी रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 17 जून को पटना-गया परीक्षा स्पेशल सुबह 7:15 बजे पटना से चलकर गया पहुंचेगी। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों की वापसी के लिए गया-किऊल स्पेशल शाम 5:30 बजे गया से खुलेगी, जो नवादा और शेखपुरा होते हुए किऊल तक जाएगी। इसके अलावा किऊल से गया के लिए भी दोपहर 12:30 बजे विशेष ट्रेन का संचालन होगा। यह ट्रेन शेखपुरा और नवादा के रास्ते गया पहुंचेगी। इससे नवादा, शेखपुरा और किऊल क्षेत्र के अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने में सहूलियत होगी। बख्तियारपुर-राजगीर स्पेशल सुबह 8 बजे राजगीर और बिहारशरीफ क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए भी रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है। बख्तियारपुर-राजगीर स्पेशल सुबह 8 बजे तथा दोपहर 3:30 बजे चलाई जाएगी, जबकि राजगीर-बख्तियारपुर स्पेशल दोपहर 1 बजे और शाम 6:15 बजे रवाना होगी। ये ट्रेनें बिहारशरीफ और नालंदा होकर गुजरेंगी, जिससे नालंदा जिले के अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार परीक्षा के दौरान सामान्य ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए इन विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इससे अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पूर्व मध्य रेल ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा यात्रा के दौरान रेलवे के नियमों का पालन करें। रेलवे प्रशासन ने स्टेशनों पर अतिरिक्त निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सहायता केंद्रों की भी व्यवस्था की है। पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए रेलवे की यह पहल न केवल भीड़ प्रबंधन में मददगार होगी, बल्कि अभ्यर्थियों की यात्रा को भी आसान बनाएगी। गया जंक्शन सहित मगध क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर इन विशेष ट्रेनों को लेकर परीक्षार्थियों में उत्साह देखा जा रहा है। गया से जुड़ी प्रमुख परीक्षा स्पेशल ट्रेनें     पटना – गया स्पेशल : 17 जून, सुबह 7:15 बजे     किऊल – गया स्पेशल : 17 जून, दोपहर 12:30 बजे     गया – किऊल स्पेशल : 17 जून, शाम 5:30 बजे     पटना – भभुआ स्पेशल : गया होकर संचालित, 16 जून रात 11:30 बजे  

जेएसबीसीएल पर भुगतान संकट, उद्योग संगठनों ने जताई चिंता

रांची  झारखंड में शराब आपूर्ति कंपनियों का झारखंड राज्य बेवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) पर 200 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। अल्कोहलिक वेबरेजेज उद्योग से जुड़े प्रमुख संगठनों ने इसपर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि राज्य में शराब आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। यह बकाया भुगतान 31 अगस्त 2025 तक की गई शराब की आपूर्ति से संबंधित है। करीब नौ महीने के बाद भी बकाया भुगतान नहीं होने से शराब आपूर्ति कंपनियां ऋण लेकर शराब की आपूर्ति कर रही है। लंबित भुगतानों को तत्काल जारी करें अल्कोहलिक पेय उद्योग के प्रमुख संगठन कनफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी), ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) तथा इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएसडब्ल्यूएआई) ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि अल्कोहलिक बेवरेजेज आपूर्ति संकट को टालने के लिए लंबित भुगतानों को तत्काल जारी करें। देश में बिकने वाली शराब, बीयर व वाइन की कुल बिक्री का 80 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व इन्हीं तीनों कंपनियों के माध्यम से होता है। बकाया का 35 प्रतिशत भुगताव राज्य सरकार की कंपनी जेएसबीसीएल ने फरवरी 2026 में कुल बकाया राशि का लगभग 35 प्रतिशत आंशिक भुगतान जारी किया था, लेकिन नौ महीने से अधिक समय से लंबित 200 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी राशि का भुगतान अब तक लंबित है। भुगतान में देरी के चलते शराब आपूर्ति कंपनियों की बैलेंस शीट में प्राप्तियों का बड़ा बोझ जमा हो गया है।  

खान ग्लोबल स्टडीज केस में सुनवाई, पुलिस से मांगी केस डायरी

 पटना  राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में हुए बवाल और फायरिंग मामले में मंगलवार को अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान फैजल खान उर्फ खान सर के दोनों गार्डों को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर तत्काल फैसला सुनाने के बजाय पुलिस को अपडेटेड केस डायरी और अन्य जरूरी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 20 जून को होगी। इसी दिन फैजल खान से जुड़े मामले की भी सुनवाई प्रस्तावित है। उन्‍हें 20 जून तक के लिए गिरफ्तारी से राहत मिली है। वहीं, ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के सहयोगियों की ओर से भी जमानत याचिका दायर किए जाने की चर्चा तेज है। फैजल खान पर हत्‍या का आरोप इधर, एक दिन पहले जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने फैजल खान और एक कोल्ड स्टोरेज मालिक पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात सहरसा में प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार किया गया। उनके चाचा ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक शामिल हुए। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रिंस यादव के बड़े चाचा मनोज यादव के अनुसार, बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद उसके माता-पिता गहरे सदमे में हैं और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। तेजस्‍वी यादव ने की सीबीआई जांच की मांग गौरतलब है कि प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। इस मामले में नेपाल पुलिस ने प्रिंस के पांच दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद से बिहार और नेपाल दोनों जगह यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि पटना पुलिस प्र‍िंस के साथि‍यों को लाने जाएगी। इस बीच पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। इसके बाद राज्य की राजनीति में भी इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।

140 साल पुरानी परंपरा, रज संक्रांति पर अंगारों पर भक्त चले

 खरसावां चिलचिलाती धूप में खरसावां के गीतिलोता स्थित शिव मंदिर में आस्था और  परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला. सोमवार को रज संक्रांति के मौके पर सैकड़ों शिव भक्तों (भोक्ताओं) ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चल कर अपनी हठभक्ति व अटूट श्रद्धा का परिचय दिया. दोपहर करीब एक बजे तेज तेज धूप व हिट वेब के बीच भक्ताओं ने वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को उत्साह के साथ निभाया. भक्ताओं ने रविवार से व्रत रख कर यहां मंदिर परिसर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की. फिर सोमवार को खुले आसमान के नीचे सुबह दस बजे से ही सुखी लकड़ियों को जला कर अंगार तैयार किया. दोपहर करीब एक बजे ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर जलते अंगरों में नंगे पांव चले. आस्था की इस परंपरा को निभाने में युवा भी आगे रहे हठभक्ति की इस परंपरा में युवाओं की भागीदारी भी काफी बड़ी रही. सबसे पहले जलते अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट की और फिर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया. ढोल-नगाड़ों की धुन पर  पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए. भोक्ताओं ने अंगारों पर चलकर अपनी मन्नत पूरी होने की खुशी जाहिर की. श्रद्धालुओं ने बताया कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास ही उन्हें यह शक्ति प्रदान करता है. शरीर को कष्ट देकर मिलती है आत्मिक शांति भक्ति, संस्कृति और लोक परंपराओं के अद्भुत संगम के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया. हठभक्ति में शामिल भक्तों का कहना है कि शरीर को कष्ट देकर उन्हें मानसिक और आत्मिक शांति मिलती है. उनका मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया भगवान शिव को समर्पित है और उनकी कृपा से ही भक्त बिना किसी नुकसान के आग पर चल पाते हैं. भोक्ताओं के अनुसार वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है, लेकिन आज तक किसी भक्त को आग पर चलने से कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. श्रद्धालुओं का कहना है कि न तो किसी को गंभीर जलन की समस्या हुई और न ही किसी को इलाज की जरूरत पड़ी. भक्त इसे भगवान की महिमा और आस्था की शक्ति मानते हैं. 140 वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में अंगारों में चलने के यह भक्ति की परंपरा वर्षो पुरानी है. स्थानीय लोगों के साथ 140 वर्षों से भी अधिक पुरानी है. हर वर्ष भक्त रज संक्रांति के मौके पर यहां आग पर चल कर अपनी हठ भक्ति को प्रदर्शित करते है. भोक्ताओं की मानें तो हठ भक्ति को पारण करने में मन व आत्मा को बेहद सुकुन मिलता है. वर्षो से इस गांव चली आ रही यह परंपरा अब भी पूरे उत्साह के साथ हर वर्ष पूरा किया जा रहा है. भक्तों के अनुसार पूरी प्रक्रिया ही भगवान को समर्पित है. हजारों श्रद्धालुओं ने देखा भक्ति का अनोखा दृश्य गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. श्रद्धालु पूरे आयोजन के दौरान भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे. बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार शाम से लेकर सोमवार दोपहर तक मंदिर परिसर में जमें रहे.

झारखंड का कृषि मेला शुरू, किसान सीखेंगे नई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीके

रांची  राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य कृषि-व्यापार मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को खुद मोरहाबादी मैदान पहुंचकर मेले की तैयारियों का जमीनी जायजा लिया. यह महत्वपूर्ण मेला मंगलवार (16 जून) से शुरू हो रहा है और आगामी 18 जून तक चलेगा. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख, गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज, मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, समेति निदेशक विकास कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा, स्टॉल और आगंतुकों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. अधिकारियों को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि मेले की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और किसानों और आम आगंतुकों की सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. आधुनिक तकनीकों से सीधे जुड़ेंगे झारखंड के किसान तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला राज्य के कृषि, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. यह मेला राज्य के किसानों को नई तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन नवाचारों और बाजार की नई संभावनाओं से परिचित कराने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा. यहां किसान देश भर से आने वाले कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. मंत्री ने राज्य के सभी किसान भाई-बहनों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि स्टार्टअप्स और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं. हर दिन होंगे तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस तीन दिवसीय मेले को ज्ञानवर्धक और आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र और परिचर्चा (सेमिनार) का आयोजन किया जाएगा. इन ज्ञानवर्धक सत्रों में देश के कोने-कोने से आए नामचीन कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे और किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफे की खेती के गुर सिखाएंगे. इसके साथ ही, दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें राज्य के सभी 24 जिलों से किसान प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे यहां से सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य किसानों तक पहुंचा सकें.

शराबबंदी पर सरकार सख्त: 100 से ज्यादा शराब माफियाओं की अवैध संपत्ति होगी जब्त

पटना बिहार में शराबबंदी और शराब माफिया दोनों ही अहम मुद्दा है। सरकार यह दावा करती रही है कि राज्य में कई सालों से लागू शराबबंदी को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए वो कटिबद्ध है। दूसरी तरफ शराब माफिया राज्य में शराबबंदी का माखौल बनाने में जुटे रहते हैं। पुलिस-प्रशासन समय-समय पर इन माफियााओं पर नकेल कसती है और माफियाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाती है। अब सम्राट चौधरी सरकार ने शराब माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई का प्लान तैयार कर लिया है। जिसके तहत 100 से ज्यादा माफियाओं की संपत्ति जब्त कर ली जााएगी। बिहार में शराब से अवैध संपत्तियां बनाने वाले 127 माफिया को चिह्नित कर लिया गया है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने इन शराब माफिया की संपत्तियां जब्त करने को लेकर बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय को प्रस्ताव भेजा है। प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि बिहार की विभिन्न जिलों की पुलिस ने 2026 में प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की है, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (3,14,610 लीटर) से 11 फीसदी अधिक है। इसी तरह, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने वर्ष 2026 में औसत प्रतिमाह 1,06,237 लीटर शराब बरामद की, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (85,645 लीटर) से 24 फीसदी अधिक है। 2026 में माह मई तक राज्य पुलिस द्वारा कुल 38,474 लीटर स्पिरिट जब्त की गयी है। मई महीने तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए मद्य निषेध डीआईजी ने यह भी बताया है कि शराब माफिया के खिलाफ 2026 में मई तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए। इनमें पांच ऑपरेशन यूपी में जबकि एक झारखंड में चला। इन ऑपरेशन में पांच करोड़ रुपये से अधिक की शराब और वाहन जब्त हुए। 57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई डीआईजी ने इसके साथ ही यह भी जानकारी दी है कि इस साल अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस ने इस साल मई तक 19,877 कारोबारी समेत कुल 57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई है। इनमें 37,027 पीने वाले रहे। इस दौरान राज्य के अंदर से 569 कारोबारी जबकि अन्य राज्यों से पांच बड़े कारोबारी गिरफ्तार किए गए। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2016 से मई 2026 तक कुल बरामद शराब का 97 फीसदी हिस्सा नष्ट किया जा चुका है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव: बिहार सरकार 33 मेडिकल कॉलेजों का संचालन निजी हाथों को सौंपने की तैयारी में

पटना बिहार के सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द ही प्राइवेट कंपनियों की एंट्री होगी। जी हां, राज्य सरकार जल्द ही कई मेडिकल कॉलेजों की अहम जिम्मेदारियां निजी हाथों में सौंपने के प्लान पर काम कर रही है। इसके लिए बिहार के मेडिकल कॉलेज एंड अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल अपनाने का प्लान बनाया गयाा है। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने 33 सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के संचालन और उनके विकास के लिए हितधारकों से परामर्श मांगा है। सरकार का मकसद मुख्य निजी स्वास्थ्य सेवा और इस क्षेत्र से जुड़े खिलाड़ियों को बिहार के सार्वजनिक क्षेत्र में लाना है ताकि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर किया जा सके। राज्य सरकार की योजना है कि 17 नए मेडिकल कॉलेज ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत और 16 मौजूदा या आगामी संस्थानों को ब्राउनफील्ड के तहत विकसित किया जाए। इसके बाद इन सभी का संचालन वैसे निजी संस्थाओं को सौंपा जाए जिन्हें मेडिकल कॉलेजों और अस्पताल श्रृंखलाओं के प्रबंधन का अनुभव हो। इस संबंध में 17 जून को पटना में एक अहम बैठक भी होगी। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि बिहार को वैसे नामचीन प्राइवेट प्लेयरों से भागीदारी की उम्मीद है जिन्हें मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को चलाने में पूर्व का अनुभव हासिल है। ब्राउनफील्ड मॉडल के तहत हम उन्हें 16 मेडिकल कॉलेज देंग जहां या तो आधारभूत संरचनाओं का निर्माण हो चुका है या फिर अगले छह महीने या एक साल में हो जाएगा। इसी तरह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में 17 नए वैसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल हैं जिनके लिए सरकार 60 साल की लीज पर जमीन देगी। ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट में वैसे 16 संस्थानों आएंगे जो अभी चालू हैं, नवनिर्मित हैं या निर्माणाधीन हैं, जिन्हें 30 साल की रियायत अवधि के लिए संचालन और प्रबंधन के लिए दिया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि सरकार ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों ही प्रोजेक्ट के लिए अपने विचार रखेगी और संभावित बोलीदाताओं से विभिन्न विषयों पर उनका फीडबैक मांगेगी। इनमें जमीन की आवश्यकता, एकल-खिड़की मंजूरी तंत्र और प्रमाणन समेत अन्य विषय शामिल हैं। राज्य सरकार इन विषयों पर मिले परामर्श के आधार पर इस सेक्टर में अपनाए गए बेहतरीन प्रक्रियाओं जिसमें केद्र सरकार द्वारा पीपीपी को लेकर जारी गाइडलाइन भी शामिल है का गहन अध्य्यन करेगी। इसके बाद ही सरकार अपने दस्तावेज तैयार करेगी। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने आगे बताया कि इसके बाद सरकार एक सलाहकार नियुक्त करेगी जो नियम और शर्तों से संबंधित विस्तृत दस्तावेज तैयार करेंगे। इसमें रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इलाज शुल्क को लेकर अस्पतालों को छूट दी जाएगी कि वो मार्केट आधारित रेट पर इसका संचालन करें। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज के लिए सब्सिडी दिए जाने को लेकर बाद में फैसला लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि प्राइवेट-सेक्टर के विशेषज्ञों की एंट्री और इनवेस्टमेंट से मेडिकल कॉलेजों के निर्माण में तेजी आएगी। इससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगीं और एडवांस हेल्थकेयर को बल मिलेगा।

योग दिवस से बलिदान दिवस तक, भाजपा ने कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी किया

 रांची भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड प्रदेश इकाई ने आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर रविवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य के पार्टी पदाधिकारियों की इस मासिक बैठक में पिछले एक महीने के कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई और आगामी गतिविधियों की ठोस कार्ययोजना तैयार की गई. बैठक संपन्न होने के बाद प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार संगठनात्मक कार्यों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाने के लिए मंडल, शक्ति केंद्र, बूथ, जिला और प्रदेश स्तर पर नियमित मासिक बैठकों की एक नई श्रृंखला तय की गई है. इसी के तहत अब प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रदेश पदाधिकारियों की अनिवार्य बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह समेत राज्यभर के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे. 21 जून को योग दिवस मनाने का फैसला प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे झारखंड में व्यापक स्तर पर योग शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे. इसके ठीक बाद, 23 जून को भाजपा के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमर बलिदान दिवस पर राज्यभर में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी उनके विचारों और देश के लिए किए गए बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाएगी. इसके साथ ही, संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने तथा इन सभी आगामी कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. किसान मोर्चा आयोजित करेगा जैविक खेती पर संगोष्ठियां बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर भी विशेष चर्चा की गई. इस उपलक्ष्य में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा राज्य के सभी जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए संगोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा, आगामी 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र पर हुए प्रहार को याद करते हुए विभिन्न राजनैतिक और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी को उस दौर के संघर्षों से अवगत कराया जा सके. इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हालिया झारखंड प्रवास, पार्टी के सांगठनिक प्रशिक्षण वर्ग और मोदी सरकार के 12 वर्षों के उपलक्ष्य में चल रहे वर्तमान अभियानों की भी गंभीरता से समीक्षा की गई.

योजना में फर्जीवाड़ा उजागर: हजारों नाम सूची से हटे

जमेशदपुर पूर्वी सिंहभूम जिले में गलत विवरण देकर या तथ्य छिपाकर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने वालों पर अब सख्ती शुरू हो गई है. पूरी तरह अयोग्य पाई गई 4,068 लाभुकों से अब तक ली गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली (रिकवरी) करने की तैयारी की जा रही है. वहीं, सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए गलत ब्योरा और झूठे दस्तावेज देने के आरोप में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के बाद यह फैसला लिया गया. 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटाए गए अब तक कुल 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. इनमें से कई लाभुकों की मृत्यु हो चुकी है. इससे पहले भी एक पुरुष द्वारा योजना की राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया था. जिसके बाद पूरी राशि वापस कराई गई थी. इसके अलावा, मूल रूप से बिहार की रहने वाली 142 महिला लाभुकों को भी चिह्नित किया जा चुका है. जो नियम विरुद्ध यहां से लाभ ले रही थीं. उनसे भी राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है. जिले में अब भी 11,078 लाभुकों की जांच बाकी जिले के मंईयां सम्मान योजना के पंजीकृत लाभुकों की कुल संख्या 3,07,071 है. अब तक की जांच में 2,89,019 लाभुक को योग्य पाया गया है. फिलहाल 11,078 लाभुकों का सत्यापन होना बाकी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बचे आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद ही जिले में मंईयां योजना के वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम और सटीक स्थिति सामने आ सकेगी. 10 प्रतिशत सत्यापन शेष, अयोग्य लाभुकों पर होगी रिकवरी सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन में निर्धारित अर्हता (योग्यता) पूरी न करने वाले 6 हजार से अधिक लाभुकों को सूची से हटा दिया गया है. वर्तमान में लगभग 10 प्रतिशत सत्यापन का कार्य शेष है. यह प्रक्रिया पूर्ण होते ही अयोग्य लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक और रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी. कुछ लाभुकों का नॉन डीबीटी का मामला था, उसका भुगतान रोका गया है.

बिहार में टेक्नोलॉजी हब की शुरुआत, 10 हजार युवाओं को मिलेगा ट्रेनिंग का मौका

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज गयाजी पहुंचे. यहां उन्होंने 170 करोड़ की लागत वाले टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास किया. बताया जा रहा है कि यह टेक्नोलॉजी सेंटर पूर्वी भारत में टेक्निकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बनेगा. कहां-कहां खर्च किए जायेंगे 170 करोड़ रुपये? जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना पर कुल 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें लगभग 86 करोड़ रुपये भवन निर्माण और 84 करोड़ रुपये अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे. केंद्र में हर साल लगभग 10 हजार विद्यार्थियों और युवाओं को टेक्निकल ट्रेनिंग प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे. जीतन राम मांझी क्या बोले? केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह केंद्र केवल गया ही नहीं बल्कि पूरे बिहार और पूर्वी भारत के युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगा. यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा तकनीकी रूप से दक्ष बनेंगे और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी. सीएम सम्राट ने दी 2 बड़ी सौगातें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर गयावासियों को दो बड़ी सौगातें भी दीं. उन्होंने घोषणा की कि झारखंड के इंद्रपुरी क्षेत्र से पानी लाकर फल्गु नदी में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे सदानीरा स्वरूप बहाल करने का प्रयास किया जाएगा. साथ ही टेक्नोलॉजी सेंटर परिसर के पास उपलब्ध लगभग 60 एकड़ भूमि पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण की भी घोषणा की. कोचिंग संस्थानों को लेकर कही बड़ी बात सीएम सम्राट चौधरी ने अपने भाषण के दौरान बिहार में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर इशारे-इशारे में बड़ी बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा, सारे कोचिंग सेंटर बंद हो जाए और तमाम सुविधाएं और शिक्षा स्कूल में ही दी जाए, सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है. स्कूल में व्यवस्था को अच्छा करने और सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाने की बात कही.