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‘शॉर्टकट से कमाई की तो बेऊर जेल भेजेंगे’, CM सम्राट चौधरी का अपराधियों को खुला संदेश

पटना. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए कहा कि बिहार में शॉर्टकट से अमीर बनने वालों के लिए बेऊर जेल में जगह तय है। जो भी गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करेगा या भ्रष्टाचार करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि नेता, मंत्री, विधायक या अधिकारी, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। वे गुरुवार को बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य में पहली बार बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया। यह अभियान पूरे राज्य में एक सप्ताह तक चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के करीब 80 वर्ष बाद पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ जन-जन तक जागरूकता पहुंचाने का व्यापक अभियान शुरू किया गया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बिहार सरकार भी भ्रष्टाचार के विरुद्ध व्यापक जनजागरण अभियान चला रही है। ट्रिपल-टी बनेगा सुशासन का आधार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रस्ट (Tripple-T) के सिद्धांत पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता आएगी और जनता का भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने सतर्कता विभाग के कार्यों की सराहना की। कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने की आवश्यकता है। राज्य की एजेंसियों को होना होगा और प्रभावी उन्होंने कहा कि बिहार में विजिलेंस, स्पेशल यूनिट और आर्थिक अपराध इकाई जैसी सक्षम एजेंसियां हैं। इन एजेंसियों को इतना प्रभावी बनना होगा कि बाहरी एजेंसियों के हस्तक्षेप की जरूरत ही न पड़े। जहां भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिले, वहां बिना किसी दबाव के कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 30 दिन में होगा शिकायतों का निपटारा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक जवाबदेही तय की गई है। किसी भी शिकायत के निपटारे के लिए 30 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। यदि कोई अधिकारी गलत आदेश देता है तो उसकी शिकायत उनके वरिष्ठ से की जा सकती है, हरहाल में तय अवधि में उसका निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लॉक कार्यालयों और थानों में भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित वरीय अधिकारियों को इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभानी होगी ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर न्याय मिल सके।

हर बुधवार थानों में जन सुनवाई, रांची में शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था

रांची राजधानी रांची में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से बुधवार को जिले के सभी थाना और ओपी में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलेभर के विभिन्न थानों में कुल 240 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 134 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में जांच शुरू कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर संबंधित थानों पहुंचे। कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया, जबकि जटिल मामलों में पुलिस अधिकारियों ने जांच का आश्वासन देते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी। चुटिया, नगड़ी, पुंदाग, बुढ़मू, डोरंडा, लालपुर, सुखदेवनगर, डेली मार्केट सहित जिले के सभी थाना और ओपी में आयोजित इस कार्यक्रम में थाना प्रभारियों के साथ अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और यथासंभव मौके पर ही उसका समाधान करने का प्रयास किया। प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले जमीन विवाद और पारिवारिक विवाद से जुड़े रहे, जिन पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की। प्रत्येक बुधवार मिलेगा शिकायतों के समाधान का अवसर रांची पुलिस की इस पहल के तहत अब प्रत्येक बुधवार जिले के सभी थाना और ओपी में जन शिकायत समाधान कोषांग लगाया जाएगा। इसमें डीएसपी रैंक के अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा लोगों को स्थानीय स्तर पर ही न्याय उपलब्ध कराना है। पहले छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए लोगों को वरीय अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपने ही थाना क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। जमीन विवाद से लेकर धोखाधड़ी तक की सुनवाई वरीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में जमीन विवाद, पारिवारिक विवाद, आपसी रंजिश, चोरी, डकैती, धोखाधड़ी समेत अन्य स्थानीय समस्याओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है। अधिक से अधिक मामलों का मौके पर ही निष्पादन करने का प्रयास किया जाता है, जबकि गंभीर मामलों में तत्काल जांच शुरू कर दी जाती है। ग्रामीणों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ रांची पुलिस का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। अब उन्हें अपनी शिकायत लेकर जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा स्थानीय स्तर पर शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया और तेज होगी। पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रत्येक बुधवार अपने संबंधित थाना या ओपी में आयोजित जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में पहुंचकर इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। प्रमुख थानों का प्रदर्शन     बरियातू थाना: 7 आवेदन प्राप्त, 5 का निष्पादन।     सदर थाना: 8 आवेदन प्राप्त, 6 का निष्पादन।     लालपुर थाना: 9 आवेदन प्राप्त, 7 का निष्पादन।     चुटिया थाना: 10 आवेदन प्राप्त, किसी भी मामले का मौके पर निष्पादन नहीं हो सका।     लोअर बाजार थाना: 3 आवेदन प्राप्त, 2 का निष्पादन।     कोतवाली थाना: 11 आवेदन प्राप्त, 6 का निष्पादन।     धुर्वा थाना: 3 आवेदन प्राप्त, 1 का निष्पादन।     पंडरा ओपी: 8 आवेदन प्राप्त, 5 मामलों का निष्पादन।  

पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान, तेज प्रताप और जनसुराज ने उतारे उम्मीदवार

पटना  पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर तारीख का ऐलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा। गुरुवार को चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों के उपचुनावों की घोषणा की। इनमें बिहार के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव 30 सितंबर 2025 को किए गए मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के आधार पर होगा। यह सीट भाजपा के नीतिन नवीन के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। आयोग के अनुसार 6 जुलाई को उपचुनाव की अधिसूचना जारी होगी और नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल होगा। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। जबकि, 16 जुलाई तक नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम जारी कर दिया जाएगा। बांकीपुर विधानसभा सीट मुख्य तौर से बीजेपी और नितिन नवीन का अभेद किला माना जाता है। इस सीट से बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जीत का परचम लहराते आए हैं। नितिन नवीन अब राज्यसभा सांसद बन गए हैं लिहाजा उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी। नितिन नवीन के सीट छोड़ने के बाद इस सीट पर अब उपचुनाव होंगे। पटना की एक अहम विधानसभा सीट कही जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है। तेज प्रताप यादव ने वीणा मानवी को बनाया है उम्मीदवार बिहार में जनशक्ति जनता दल अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पटना की सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपनी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है। जेजेडी पहली पार्टी है जिसने इस सीट पर कुछ दिनों पहले अपने उम्मीदवार का ऐलान किया था। पार्टी प्रत्याशी का ऐलान करते हुए तेजप्रताप यादव ने विश्वास जताया था कि उनकी नवगठित पार्टी कई दशकों से भाजपा का गढ़ रही इस सीट पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को कड़ी चुनौती देगी। तेज प्रताप यादव ने कहा था कि वीणा मानवी एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए लगातार काम करती रही हैं। वह आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ वैश्य समुदाय से भी आती हैं, जिस पर भाजपा हमेशा विशेष ध्यान देती रही है। जनसुराज भी मैदान में उतरने को तैयार इस सीट पर जनसुराज पार्टी भी ताल ठोकने के लिए बेकरार है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस सीट पर जनसुराज पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि, अटकलें तो यह भी हैं कि खुद प्रशांत किशोर इस सीट से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर लगातार अपने बयानों से बीजेपी को घेर भी रहे हैं। एक बयान में प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया था कि इस सीट से बीजेपी को सिर्फ जनसुराज ही हरा सकती हैं। बता दें कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने लगातार पांचवीं बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने निकटतम राजद प्रतिद्वंद्वी को लगभग 50 हजार मतों के बड़े अंतर से हराया था। अप्रैल में नितिन नवीन के सीट छोड़ने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी भाजपा से यह सीट छीनने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। किशोर ने इसे राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर जनमत संग्रह जैसा बताया था। विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद संगठन को फिर से सक्रिय करने में जुटे किशोर ने यह भी कहा था कि यदि पार्टी के भीतर सहमति बनी तो वह स्वयं भी इस सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया था कि क्या वह प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी के लिए चुनौती मानते हैं, तो उन्होंने कहा था कि हर किसी का स्वागत है। सभी अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। हम किसी को रोक नहीं रहे हैं।  

पांच जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

पटना  राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव कमजोर होने के कारण बीते माह की तरह जुलाई में भी सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार माह में ज्यादातर भागों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा।  प्रदेश का अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच एवं न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। राज्य के अधिकतर भागाें में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कहीं छिटपुट तो कहीं पर भारी वर्षा के कारण उमस वाली गर्मी लोगों को परेशान करेगी।  पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी  उत्तर बिहार की तुलना में राजधानी सहित दक्षिण भागों में वर्षा में कमी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पटना सहित सभी भागों में बादलों की आवाजाही बने होने के साथ कुछ जगहों पर हल्की वर्षा के आसार है।  जबकि, प्रदेश के पांच जिलों के कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी एवं पश्चिमी चंपारण के एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है।  तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना है। प्रदेश के शेष जिलों में 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ कुछ स्थानों पर बिजली चमकने एवं मेघ गर्जन के साथ बूंदाबांदी के आसार है। बीते 24 घंटों के दौरान समस्तीपुर में 39 किमी प्रतिघंटा हवा की रफ्तार दर्ज की गई।  प्रदेश के अलग-अलग भागों में वर्षा दर्ज की गई। गोपालगंज के भोरे में 92.8 मिमी सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। बुधवार को मधुबनी और मुंगेर को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस एवं 39.0 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में वर्षा की स्थिति पूर्वी चंपारण के चटिया में 86.2 मिमी, गोपालगंज में 79.2 मिमी, मुजफ्फरपुर के मुसहरी में 71.6 मिमी, समस्तीपुर के पूसा में 68.8 मिमी, किशनगंज के दिघलबैंक में 65.2 मिमी, समस्तीपुर के मोरवा में 59.2 मिमी दर्ज की गई। गोपालगंज के फुलवरिया में 48.8 मिमी, पूर्वी चंपारण के चेरिया में 30.6 मिमी, भभुआ के अधवारा में 28.4 मिमी, रोहतास में 27.0 मिमी, भभुआ में 24.6 मिमी दर्ज की गई। समस्तीपुर के कल्याणपुर में 22.8 मिमी, लखीसराय के चानन में 22.2 मिमी, सिवान में 20.4 मिमी, डेहरी में 20.0 मिमी, पश्चिम चंपारण के बैरिया में 19.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। प्रमुख शहरों का तापमान  (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम (°C)     न्यूनतम (°C) पटना      36.3                   28.6 गया        36.8                      26.2 भागलपुर   35.0                  27.4 मुजफ्फरपुर  33.0            27.6

30 हजार भूमिहीनों का घर का सपना होगा पूरा, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

मुजफ्फरपुर. बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी सौगात लेकर आई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 'अभियान बसेरा-2' के तहत मुजफ्फरपुर जिले के करीब 1,400 परिवारों सहित राज्य के 30 हजार भूमिहीनों को वासभूमि (घर बनाने के लिए जमीन) उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी जिलों को को टारगेट अलॉट कर दिया गया है। विभाग की योजना है कि आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर इन सभी पात्र लाभार्थियों के बीच जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र (वासगीत पर्चा) वितरित कर दिया जाए। 15 अगस्त तक पूरी होगी पहचान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिया है कि 15 अगस्त से पहले हर हाल में नए और लंबित पड़े पात्र भूमिहीन लाभार्थियों की पहचान और भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 'अभियान बसेरा' के पहले चरण में 71 हजार 569 भूमिहीन परिवारों को जमीन देकर बसाया जा चुका है। अब इसके दूसरे चरण (बसेरा-2) की शुरुआत की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा लाभार्थी पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण जिलों से सामने आए हैं। 31 जुलाई तक तैयार होंगे प्रमाण पत्र इस बार भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। चयनित लाभार्थियों के बंदोबस्ती प्रमाण पत्र ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे और संबंधित राजस्व अधिकारियों से इस पर डिजिटल/भौतिक हस्ताक्षर कराने की समयसीमा 31 जुलाई 2026 तय की गई है। मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत ने इस संबंध में जिले के सभी अंचलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अंचलों से जल्द से जल्द भूमिहीनों का अंचलवार ब्योरा मांगा है, ताकि समय पर वासगीत पर्चा तैयार किया जा सके। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग सीधे पटना मुख्यालय स्तर से की जा रही है।

राबड़ी देवी का बड़ा फैसला, 20 वर्षों बाद छोड़ा 10 सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला

पटना  खूब सियासत के बाद आखिरकार 10 सर्कुलर रोड बंगले को राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने खाली कर दिया. करीब 20 साल बाद राबड़ी देवी का यह आवास खाली हुआ है. अब राबड़ी देवी अपने परिवार के साथ कौटिल्य नगर स्थित आवास में शिफ्ट हो गई हैं।  यह निजी आवास है जहां राबड़ी देवी अपने परिवार के साथ शिफ्ट हुई हैं. उन्हें सरकार की ओर से हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर बंगला अलॉट हुआ है लेकिन यहां वे नहीं गई हैं. गौरतलब हो कि 22 जून को भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी कर 7 दिनों में आवास खाली करने का आदेश जारी किया था।  सरकारी आवास में शिफ्ट हुए तेजस्वी यादव जानकारी के अनुसार, लालू यादव और राबड़ी देवी कौटिल्य नगर वाले घर में शिफ्ट हुए हैं जबकि तेजस्वी यादव का परिवार यानी कि उनकी पत्नी और बच्चे एक पोलो रोड वाले सरकारी आवास में शिफ्ट हुए हैं।  बतौर नेता विरोधी दल राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास साल 2006 में आवंटित हुआ था. बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही सरकार पर इस बंगले को खाली कराने का आरोप लग रहा था. लालू यादव के परिवार ने इस बंगले में रहते हुए राजनीति में कई छोटे और बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं. राबड़ी देवी जब बिहार विधान परिषद की नेता विरोधी दल बनीं उस दौरान इस बंगले में आई थीं. इसी बंगले में रहते हुए तेजस्वी यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री बने थे।  तेजस्वी यादव के लिए खास रहा था ये बंगला तेजस्वी यादव के लिए सत्ता हो या विपक्ष दोनों ही पड़ाव पर यह बंगला खास रहा था. बता दें कि बिहार हो या देश के अन्य प्रदेश, कोई भी बड़ा राजनीतिक परिवार अगर किसी बंगले को छोड़ा है तो खूब विवाद हुआ है. 10 सर्कुलर रोड बंगले में राबड़ी देवी के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के मंत्री नंदकिशोर राम इस बंगले में रहने आएंगे। 

पटनावासियों को बड़ी सौगात, मलाही पकड़ी से भूतनाथ तक मेट्रो सेवा शुरू; सीएम ने किया लोकार्पण

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटनावासियों को बड़ी सौगात दे दी है। मुख्यमंत्री ने पटना में मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना मेट्रो रेल का मलाही पकड़ी स्टेशन से भूतनाथ रोड स्टेशन तक विस्तारीकरण का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री खुद मेट्रो पर सवार होकर भूतनाथ तक गए। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद थे। उक्त दोनों स्टेशन के बीच की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। कई महीनों से इस मेट्रो स्टेशन के चालू होने की प्रतीक्षा यहां के लोग कर रहे थे। उद्घाटन के बाद अब आम यात्री इस स्टेशन से मेट्रो ट्रेन पकड़कर अपना सफर कर सकते हैं। सीएम सम्राट चौधरी के उद्घाटन करने के बाद मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से बैरिया आईएसबीटी तक कुल 6.2 किमी की दूरी को तय करने में 16 मिनट लगेंगे। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच प्रत्येक 35 मिनट के अंतराल पर मलाही पकड़ी से आईएसबीटी के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। पटना मेट्रो ने जारी किया है हेल्पलाइन नंबर इस मार्ग पर एक ही मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक 30 रुपये किराया लगेगा, जो इस समय अधिकतम भाड़ा है। मलाही पकड़ी के शुरु होने के बाद इस मार्ग पर भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन कार्यरत हो जाएंगे। भूतनाथ और जीरो माइल के मध्य खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। इस मेट्रो स्टेशन के चालू होने के बाद अब पटना के कंकड़बाग और राजेंद्रनगर इलाके में रहने वाले लोगों को बड़ी सुविधा होगी। सहायता के लिए स्टेशन नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। इसके तहत 9217080421 और पटना मेट्रो हेल्पलाइन नं. 155370 पर संपर्क किया जा सकता है। उद्घाटन के कारण आज शाम चार बजे तक मेट्रो सेवा स्थगित रहेगी बता दें कि मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन एवं विस्तार पर गुरुवार को मेट्रो सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके बाद नियमित मेट्रो सेवाओं का संचालन मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं तथा सहयोग प्रदान करें।मेट्रो स्टेशन पर सीएम के उद्घाटन के लिए पहुंचने को लेकर सुरक्षा की भी जबरदस्त तैयारियां की गई थीं। उद्घाटन से पहले मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन को सजाया गया था। इसकी शुरुआत के साथ ही मेट्रो रेल अब भूतनाथ से बढ़कर कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके तक पहुंच बनाएगी।

इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट को गति, रांची में कांके रोड से चिरौंदी तक नई सड़क का रास्ता साफ

रांची  कांके रोड से चिरौंदी को जोड़ने के लिए सड़क योजना को स्वीकृति मिल गई है. विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन योजनाओं को स्वीकृति मिली है. यह सड़क बिल्कुल नई होगी. अब योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा. इस तरह अब कांके रोड में झिरगाटोली से चिरौंदी तक सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.  2.97 किलोमीटर लंबी होगी नई सड़क यह सड़क राजधानी रांची के इनर रिंग रोड का हिस्सा है. इसके बन जाने से पंडरा से बड़गाईं (बरियातू) इनर रिंग रोड से जुड़ जाएगा. फिलहाल पंडरा से कांके रोड इनर रिंग रोड के पहले सेक्शन पर काम चल रहा है. वहीं, चिरौंदी से लेम होते हए बड़गाईं तक तीसरे सेक्शन के रूप में काम हो रहा है. बीच में दूसरा सेक्शन कांके रोड से चिरौंदी तक की सड़क की स्वीकृति नहीं हुई थी. इस सड़क को करीब 2.97 किमी बनाया जाएगा. इसके बन जाने से चिरौंदी इलाके से लोग सीधे कांके रोड निकल सकेंगे. अभी कांके रोड निकलने के लिए बोड़ेया से ब्लॉक चौक या मोरहाबादी मैदान की ओर से निकलना पड़ता है, जिससे काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है.   अन्य सड़क परियोजना को भी मंजूरी  योजना प्राधिकार समिति ने बरलंगा से गोला-मुरी होते हुए 4.83 किमी सड़क योजना को भी स्वीकृति दी है. 

ग्रामीण रोजगार की नई शुरुआत: बिहार में VB-GRAMG योजना का शुभारंभ, केंद्र से 6715 करोड़ का अंतरिम बजट

पटना  विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम ग्रामीण (VB G RAM G) योजना भव्य शुभारंभ के साथ गुरुवार को विधिवत लागू हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर लागू इस नए अधिनियम की शुरुआत गुरुवार को अधिवेशन भवन में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने की।  उन्‍होंने कहा कि अब इस योजना में श्रमिकों के मजदूरी पर मद में लगभग 45 सौ करोड़ रुपये बिहार को शेयर देना होगा। पहले एक रुपये भी शेयर नहीं देना पड़ता था।  केंद्र से 6715 करोड़ का अंत‍र‍िम बजट  इस दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तिरुपति से शुभारंभ समारोह में ऑनलाइन सम्मलित हुए। इससे पहले शुभारंभ समारोह में योजना से संबंधित कंपेडियम का विमोचन मंत्री श्रवण कुमार ने किया। मंत्री ने कहा क‍ि राज्य बजट में अकुशल मजदूरी मद में भारी-भरकम राशि का प्रावधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार जैसे राज्य में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से 6 हजार 715 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट निर्धारित किया गया है। पंचायतों में स्‍थायी बुनियादी ढांचे पर व‍िशेष ध्‍यान उन्होंने कहा कि इस नई योजना के मुख्य विजन के तहत ग्राम पंचायतों में स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने के लिए आपदा प्रबंधन से संबंधित नवीन परियोजनाओं को अपनाने के लिए ग्राम पंचायतों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।  प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों की यात्रा का पराभव हुआ। वहीं, नई योजना के शुभारंभ एवं लागू करने के दस्तावेज हस्ताक्षर करने का मुझे मौका मिला। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विभाग के मंत्री श्रवण कुमार का आभारी हूं।  

बिहार में वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च, स्टेट हाईवे पर कार से ट्रक तक सभी से वसूला जाएगा टोल

पटना  बिहार में अब नेशनल हाईवे (एनएच) की तरह स्टेट हाईवे (एसएच) पर भी टोल टैक्स लगेगा। वाहन चालकों की जेब और ढीली होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 पर मुहर लगा दी गई। नियमावली में कार-जीप से लेकर ट्रक-ट्रेलर तक सभी तरह के वाहनों के लिए शुल्क की दर तय कर दी गई है। टोल टैक्स वसूली के लिए सड़कों का हो रहा अध्ययन फिलहाल टोल टैक्स की वसूली के लिए सड़कें चिह्नित नहीं की गई हैं। बिहार सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली को लेकर सड़कों का अध्ययन करा रही है। ऐसी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही की रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद यह तय होगा कि किन-किन सड़कों पर टैक्स की वसूली की जाए। माना जा रहा है कि भविष्य में बनने वाले एक्सप्रेस-वे पर भी टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। स्टेट हाईवे, बड़े पुल और बायपास से गुजरने पर देना होगा टोल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 29 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने बिहार सरकार के स्वामित्व वाले पथ अवसंरचनाओं पर टोल टैक्स लिए जाने के निर्णय के फलस्वरूप नियमावली को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सड़कों, बड़े पुलों और बाइपास का उपयोग करने वाले वाहनों से श्रेणीवार टैक्स लिया जाएगा। बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स की दरें हल्के मोटर वाहनों के लिए टोल की दरें 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है। वहीं, ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए यह शुल्क 6.65 रुपये और उससे अधिक क्षमता वाले वाहनों के लिए 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। शुल्क संग्रहण को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए फास्टैग और अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। ओवरलोड गाड़ियों पर टोल से अतिरिक्त चार्ज भी लगेगा उन्होंने कहा कि नियमावली में वाहनों के लिए शुल्क की वार्षिक समीक्षा का भी प्रावधान किया गया है। आवश्यकतानुसार टोल टैक्स की दरों में संशोधन किया जा सकेगा। नई व्यवस्था के अनुसार बिना फास्टैग वाले वाहनों से सामान्य दर की तुलना में अधिक टोल वसूला जाएगा। वहीं, ओवरलोडेड वाहनों पर भी अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया जाएगा। स्थानीय और नियमित यात्रियों को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार छूट, रियायती पास एवं मल्टीपल ट्रिप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। टोल टैक्स वसूली की तारीख अभी तय नहीं बिहार में स्टेट हाईवे की कुल लंबाई 3614 किलोमीटर है। इनमें से 3617 किलोमीटर टू लेन है, जबकि 40 किलोमीटर फोरलेन सड़क है। नई टोल की दरें कब से लागू होंगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं की गई है। सड़कों पर वाहनों के भार की रिपोर्ट तैयार होने के बाद इस पर फैसला होगा। किस गाड़ी पर कितना टोल देना होगा?     हल्के वाहन (कार, जीप) : 1.25 रुपये प्रति किमी     छोटे व्यावसायिक वाहन : 2 रुपये प्रति किमी     दो एक्सल वाले बस या ट्रक : 4.25 रुपये प्रति किमी     बड़े वाहन (पोकलेन, डंपर): 6.65 रुपये प्रति किमी     7 या इससे अधिक एक्सेल वाले वाहन : 8.10 रुपये प्रति किमी 100 किमी यात्रा के लिए कार चालक को 125 रुपये देने होंगे प्रस्तावित दरों के अनुसार, बिहार में स्टेट हाईवे से गुजरने वाले कार, जीप जैसे चौपहिया वाहनों को प्रति 100 किलोमीटर की यात्रा के लिए 125 रुपये टोल टैक्स देना होगा। इतनी ही दूरी के लिए बस और ट्रक से 425 रुपये वसूले जाएंगे। मल्टी एक्सल भारी वाहनों को 810 रुपये देने होंगे। पिकअप, लोडिंग टेंपो जैसे छोटे व्यावसायिक वाहनों से प्रति 100 किमी 200 रुपये टोल देने होंगे।