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ग्रामीण रोजगार की नई शुरुआत: बिहार में VB-GRAMG योजना का शुभारंभ, केंद्र से 6715 करोड़ का अंतरिम बजट

पटना  विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम ग्रामीण (VB G RAM G) योजना भव्य शुभारंभ के साथ गुरुवार को विधिवत लागू हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर लागू इस नए अधिनियम की शुरुआत गुरुवार को अधिवेशन भवन में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने की।  उन्‍होंने कहा कि अब इस योजना में श्रमिकों के मजदूरी पर मद में लगभग 45 सौ करोड़ रुपये बिहार को शेयर देना होगा। पहले एक रुपये भी शेयर नहीं देना पड़ता था।  केंद्र से 6715 करोड़ का अंत‍र‍िम बजट  इस दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तिरुपति से शुभारंभ समारोह में ऑनलाइन सम्मलित हुए। इससे पहले शुभारंभ समारोह में योजना से संबंधित कंपेडियम का विमोचन मंत्री श्रवण कुमार ने किया। मंत्री ने कहा क‍ि राज्य बजट में अकुशल मजदूरी मद में भारी-भरकम राशि का प्रावधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार जैसे राज्य में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से 6 हजार 715 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट निर्धारित किया गया है। पंचायतों में स्‍थायी बुनियादी ढांचे पर व‍िशेष ध्‍यान उन्होंने कहा कि इस नई योजना के मुख्य विजन के तहत ग्राम पंचायतों में स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने के लिए आपदा प्रबंधन से संबंधित नवीन परियोजनाओं को अपनाने के लिए ग्राम पंचायतों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।  प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों की यात्रा का पराभव हुआ। वहीं, नई योजना के शुभारंभ एवं लागू करने के दस्तावेज हस्ताक्षर करने का मुझे मौका मिला। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विभाग के मंत्री श्रवण कुमार का आभारी हूं।  

बिहार में वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च, स्टेट हाईवे पर कार से ट्रक तक सभी से वसूला जाएगा टोल

पटना  बिहार में अब नेशनल हाईवे (एनएच) की तरह स्टेट हाईवे (एसएच) पर भी टोल टैक्स लगेगा। वाहन चालकों की जेब और ढीली होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 पर मुहर लगा दी गई। नियमावली में कार-जीप से लेकर ट्रक-ट्रेलर तक सभी तरह के वाहनों के लिए शुल्क की दर तय कर दी गई है। टोल टैक्स वसूली के लिए सड़कों का हो रहा अध्ययन फिलहाल टोल टैक्स की वसूली के लिए सड़कें चिह्नित नहीं की गई हैं। बिहार सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली को लेकर सड़कों का अध्ययन करा रही है। ऐसी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही की रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद यह तय होगा कि किन-किन सड़कों पर टैक्स की वसूली की जाए। माना जा रहा है कि भविष्य में बनने वाले एक्सप्रेस-वे पर भी टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। स्टेट हाईवे, बड़े पुल और बायपास से गुजरने पर देना होगा टोल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 29 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने बिहार सरकार के स्वामित्व वाले पथ अवसंरचनाओं पर टोल टैक्स लिए जाने के निर्णय के फलस्वरूप नियमावली को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सड़कों, बड़े पुलों और बाइपास का उपयोग करने वाले वाहनों से श्रेणीवार टैक्स लिया जाएगा। बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स की दरें हल्के मोटर वाहनों के लिए टोल की दरें 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है। वहीं, ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए यह शुल्क 6.65 रुपये और उससे अधिक क्षमता वाले वाहनों के लिए 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। शुल्क संग्रहण को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए फास्टैग और अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। ओवरलोड गाड़ियों पर टोल से अतिरिक्त चार्ज भी लगेगा उन्होंने कहा कि नियमावली में वाहनों के लिए शुल्क की वार्षिक समीक्षा का भी प्रावधान किया गया है। आवश्यकतानुसार टोल टैक्स की दरों में संशोधन किया जा सकेगा। नई व्यवस्था के अनुसार बिना फास्टैग वाले वाहनों से सामान्य दर की तुलना में अधिक टोल वसूला जाएगा। वहीं, ओवरलोडेड वाहनों पर भी अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया जाएगा। स्थानीय और नियमित यात्रियों को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार छूट, रियायती पास एवं मल्टीपल ट्रिप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। टोल टैक्स वसूली की तारीख अभी तय नहीं बिहार में स्टेट हाईवे की कुल लंबाई 3614 किलोमीटर है। इनमें से 3617 किलोमीटर टू लेन है, जबकि 40 किलोमीटर फोरलेन सड़क है। नई टोल की दरें कब से लागू होंगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं की गई है। सड़कों पर वाहनों के भार की रिपोर्ट तैयार होने के बाद इस पर फैसला होगा। किस गाड़ी पर कितना टोल देना होगा?     हल्के वाहन (कार, जीप) : 1.25 रुपये प्रति किमी     छोटे व्यावसायिक वाहन : 2 रुपये प्रति किमी     दो एक्सल वाले बस या ट्रक : 4.25 रुपये प्रति किमी     बड़े वाहन (पोकलेन, डंपर): 6.65 रुपये प्रति किमी     7 या इससे अधिक एक्सेल वाले वाहन : 8.10 रुपये प्रति किमी 100 किमी यात्रा के लिए कार चालक को 125 रुपये देने होंगे प्रस्तावित दरों के अनुसार, बिहार में स्टेट हाईवे से गुजरने वाले कार, जीप जैसे चौपहिया वाहनों को प्रति 100 किलोमीटर की यात्रा के लिए 125 रुपये टोल टैक्स देना होगा। इतनी ही दूरी के लिए बस और ट्रक से 425 रुपये वसूले जाएंगे। मल्टी एक्सल भारी वाहनों को 810 रुपये देने होंगे। पिकअप, लोडिंग टेंपो जैसे छोटे व्यावसायिक वाहनों से प्रति 100 किमी 200 रुपये टोल देने होंगे।

रांची ट्रैफिक पुलिस का रिकॉर्ड अभियान, एक महीने में 9.50 करोड़ रुपये के चालान

रांची  राजधानी रांची में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जून माह में ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक अभियान चलाते हुए 1,24,144 वाहनों का चालान काटा। इस दौरान कुल 9.50 करोड़ रुपये का चालान किया गया, जो अब तक का रिकॉर्ड बताया जा रहा है। इसकी जानकारी ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि मई महीने में लगभग 50 हजार वाहनों का चालान किया गया था, जबकि जून में यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई। जून माह में सबसे अधिक कार्रवाई नो-पार्किंग के मामलों में हुई, जिसमें 50,500 वाहनों का चालान काटा गया। वहीं बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 58,743, पीछे बैठे यात्री के बिना हेलमेट होने पर 547, रेड लाइट जंप के 4,612, ओवरस्पीडिंग के 2,118, ऑटो ओवरलोडिंग के 1,359 तथा ड्रंक एंड ड्राइव के 99 मामलों में चालान किया गया। ट्रैफिक एसपी ने बताया कि लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 765 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (सस्पेंड) करने की अनुशंसा भी की गई है। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी कार्रवाई की गई। सिविक सेंस अपनाने की अपील प्रेस वार्ता में ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य लोगों से जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यदि लोग सिविक सेंस का पालन करें, निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करें, हेलमेट पहनें और ट्रैफिक नियमों का ईमानदारी से पालन करें, तो न केवल चालान से बच सकते हैं बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।  

पटनावासियों को बड़ी सौगात, मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन आज; जानें समय और किराया

पटना  पटना में मेट्रो ट्रेन से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन गुरुवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सुबह 11:45 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उद्घाटन एवं मेट्रो सेवा विस्तार का लोकार्पण करेंगे। जनता की सेवा में समर्पित होने वाला पटना मेट्रो रेल के प्राथमिक कॉरिडोर का ये चौथा एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन यात्रियों के स्वागत के लिए सजधज कर तैयार है। इसकी शुरुआत के साथ ही मेट्रो रेल अब भूतनाथ से बढ़कर कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके तक पहुंच बनाएगी। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से बैरिया आईएसबीटी तक कुल 6.2 किमी की दूरी को तय करने में 16 मिनट लगेंगे। यही मेट्रो फिर वापस मलाही पकड़ी तक आएगी। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच प्रत्येक 35 मिनट के अंतराल पर मलाही पकड़ी से आईएसबीटी के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। इस मार्ग पर एक ही मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक 30 रुपये किराया लगेगा, जो इस समय अधिकतम भाड़ा है। मलाही पकड़ी के शुरु होने के बाद इस मार्ग पर भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन कार्यरत हो जाएंगे। भूतनाथ और जीरो माइल के मध्य खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन एवं विस्तार पर गुरुवार को मेट्रो सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके बाद नियमित मेट्रो सेवाओं का संचालन मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं तथा सहयोग प्रदान करें। सहायता के लिए स्टेशन नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नं.- 9217080421 और पटना मेट्रो हेल्पलाइन नं. 155370 पर संपर्क किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी समीक्षा बैठक बता दें कि कुछ ही दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पटना मेट्रो शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी और वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया था कि परियोजना के विभिन्न स्थलों पर एक साथ तेजी से कार्य किए जाएं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पटना मेट्रो के संचालन से राजधानीवासियों को सुरक्षित, तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी व लोगों का आवागमन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।

रांची में SIR कार्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती पर निर्वाचन आयोग का बयान।

रांची  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में विशेष परिस्थितियों में ही शिक्षकों को वालेंटियर के रूप में लगाया गया है। उन्होंने बुधवार को प्रेस बयान जारी कर कहा कि विभिन्न माध्यमों से यह संज्ञान में आया है कि वालेंटियर्स के रूप में चयनित शिक्षकों को अपने शिक्षण के कार्यों के साथ-साथ SIR के कार्यों में बीएलओ के सहयोग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य सरकारी पद पर कार्यरत पदाधिकारियों के साथ–साथ विशेष परिस्थितियों में जहां इस संवर्ग के पदाधिकारी की उपलब्धता नहीं है, वहां ही वोलेंटियर्स के लिए शिक्षकों को भी चयनित किया गया है। रवि कुमार ने कहा कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों का शिक्षण एक अति महत्वपूर्ण विषय है। इसके लिए पहले से ही निर्वाचन के कार्यों में कम से कम शिक्षकों को सम्मिलित किया गया है। चूंकि निर्वाचन सेवा के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संख्या सीमित होती है, इसलिए निर्वाचन अथवा निर्वाचन से जुड़े कार्यों के लिए अन्य सेवा के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की आवश्यकता होती है। विद्यार्थियों के शिक्षण के साथ–साथ भारत के प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची से जोड़ना भी महत्वपूर्ण कार्य है ताकि वे मताधिकार से वंचित न हाें। प्रवासी मजदूरों का नहीं जुड़ पाया नाम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्रीय दौरों के क्रम में देखा कि कई पात्र नागरिक (विशेषकर प्रवासी मजदूर) पहचान दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड आदि) की कमी के कारण अबतक मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं हो सके है। जबकि भारत के मतदाता होने के लिए केवल भारतीय नागरिक, 18 वर्ष की उम्र प्राप्त करना एवं उस मतदान क्षेत्र का सामान्य निवासी होना होता है, जिसके लिए कई तरह के दस्तावेज मान्य हैं। इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग के आदेश पर वालेंटियर्स को तैनात किया गया है, ताकि ऐसे मतदाताओं, विशेष रूप से वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब और अन्य संवेदनशील समूहों को हर संभव सहायता प्रदान किया जा सके। वालेंटियर्स यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे मतदाताओं को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। वालेंटियर्स के कार्य     वर्ष 2026 की मतदाता सूची में डुप्लीकेट, मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित/लापता और विदेशी मतदाता तथा अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान और सहायता।     भारत के पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में नामांकित करने में सहायता     बीएलओ-बीएलए-2 बैठक की कार्यवाही का डाक्यूमेंटेशन में मदद करना     बीएलओ-बीएलए-2 बैठक के माध्यम से एएसडीडी सूची तैयार करने और उसे अंतिम रूप देने में बीएलओ की सहायता करना     SIR को लेकर जागरूकता फैलाना:     क्षेत्रीय मुद्दों तथा गलत ढंग से मतदाता सूची में सम्मिलित होने के प्रयास करनेवालों की पहचान करना और अधिकारियों को सूचित करना। ताेरपा में 40 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगाें का भी मतदाता सूची में नाम नहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 30 जून को तोरपा विधानसभा क्षेत्र के दो मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए-2 बैठक का निरीक्षण किया था। इसमें यह बात सामने आई कि जन तीन पात्र आदिवासी की उम्र 40 वर्ष से अधिक होने पर भी मतदाता के रूप में इसलिए नामांकित नहीं थे, क्योंकि उनके पास पहचान दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड) नहीं थे। ये लोग तत्कालीन आधार कार्ड शिविरों के दौरान झारखंड से बाहर ईंट भट्ठों में मजदूर के रूप में और पंजाब में कृषि मजदूर के रूप में काम कर रहे थे, जिसके कारण वे उस समय अपना आधार कार्ड नहीं बनवा पाए। इसी तरह, 13 जून को रातू रोड, रांची में एक व्यक्ति से मिला, जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष थी, लेकिन उसका नाम न तो 2003 की पिछली SIR सूची में दर्ज था और न ही 2026 की वर्तमान मतदाता सूची में है। 

पटना में 36 BCS अधिकारियों का स्थानांतरण, सिवान और सहरसा में नए डीडीसी नियुक्त।

पटना  बिहार प्रशासनिक सेवा (Bihar Administrative Servie) के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, अपर समाहर्ता, उप सचिव और मूल कोटि स्तर के 36 पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें में पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे अमिताभ सिंह को सिवान को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बनाया गया है। वहीं सिवान के डीडीसी मुकेश कुमार को स्थानांतरित कर सहरसा का अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) नियुक्त किया गया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे अनिल कुमार को समाज कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव, गिरिधारी लाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में संयुक्त सचिव, सुरेंद्र प्रसाद को मुजफ्फरपुर बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है। श‍िवहर के अत‍िरि‍क्‍त प्रभार में रहेंगे मुजफ्फरपुर के बंदोबस्‍त पदाधिकारी उन्हें शिवहर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी की। नालंदा के अपर समहर्ता रहे अभिषेक श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव की जिम्‍मेदारी दी गई है। बिहार विकास मिशन के उप निदेशक विपिन कुमार राय को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशान विभाग में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रहे अनुराग कौशल सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। सामान्‍य प्रशासन व‍िभाग में योगदान देंगे अन्‍य अधिकारी अधिसूचना के मुताबिक सभी स्थानांतरित पदाधिकारी नवपदस्थापन वाले पद पर अविलंब योगदान करेंगे और इसकी सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को देंगे। वैसे पदाधिकारी जिनका पदस्थापन नहीं हुआ है वे पदस्थापन की प्रतीक्षा में सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान करेंगे। गौरतलब है कि 1 जुलाई को बड़ी संख्‍या में पुलिस, प्रशासन से लेकर अन्‍य विभागों के पदाधिकारियों का तबादला किया गया है।

बारिश में बालों का झड़ना रोकेंगे ये 7 आसान घरेलू उपाय, रखें बाल मजबूत हमेशा।

बारिश का मौसम हमें भीषण गर्मी से तो राहत दिलाता है, लेकिन अपने साथ हवा में बहुत ही ज्यादा ह्यूमिडिटी भी लेकर आता है. बारिश के इस मौसम में हमें कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है, जिनमें से एक है तेजी से बालों का झड़ना. हवा में मॉइस्चर होने की वजह से स्कैल्प चिपचिपा हो जाता है, जिस वजह से बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का खतरा और भी ज्यादा बढ़ने लगता है. इसका नतीजा होता है कि हमारे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और देखते ही देखते टूटने भी लग जाती हैं. अगर बारिश के दिनों में आपको भी हेयर फॉल की समस्या होती है, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको 7 ऐसे आसान और कमाल के घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बारिश के इस मौसम में भी अपने बालों को मजबूत, शाइनी, हेल्दी और खूबसूरत बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं विस्तार से. बारिश के पानी से बालों को बचाएं बारिश के पानी में भीगने में भले ही आपको बहुत मजा आता हो, लेकिन आज के समय में बारिश के पानी में पॉल्यूशन के साथ हानिकारक केमिकल भी मिले हुए होते हैं. जब इस तरह का केमिकल वाला और पॉल्यूटेड पानी हमारे सिर पर पड़ता है, तो बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है. इसलिए बारिश के दिनों में जब भी आप अपने घर से बाहर निकलें, एक छाता या फिर स्कार्फ अपने साथ जरूर रखें. अगर आप किसी कारण से भीग जाते हैं, तो घर आने के बाद सबसे पहले अपने बालों को अच्छी तरह से गुनगुने पानी से धोकर साफ करें. एंटी-फंगल और माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करें बारिश के दिनों में स्कैल्प पर पसीना और ऑयल जमा होने की वजह से डैंड्रफ की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है. आप सभी यह बात तो जानते ही होंगे कि डैंड्रफ भी आपके बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण बन सकता है. डैंड्रफ की प्रॉब्लम से बचने के लिए हफ्ते में दो से तीन बार एक माइल्ड या एंटी-फंगल शैंपू का इस्तेमाल करके अपने बालों को जरूर ही धोएं. इस बात का ख्याल रखें कि ऐसा शैंपू चुनें जिसमें सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्श केमिकल न हों, ताकि आपके बालों का नेचुरल मॉइस्चर बरकरार रहे. कभी न भूलें कंडीशनर लगाना हवा में ह्यूमिडिटी और मॉइस्चर होने की वजह से बारिश के मौसम में हमारे बाल ड्राई, बेजान और फ्रिजी हो जाते हैं. जब आपके बाल ज्यादा उलझते हैं, तो कंघी करते समय वे टूटते भी ज्यादा हैं. इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि शैंपू करने के बाद आप अपने बालों की लंबाई पर एक अच्छे कंडीशनर का इस्तेमाल जरूर करें. कंडीशनर आपके बालों को न्यूट्रिशन देता है, जिसकी वजह से वे आपस में उलझते नहीं हैं और एक प्रोटेक्टिव लेयर भी बनती है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि कंडीशनर को केवल बालों पर लगाएं, स्कैल्प पर गलती से भी नहीं. गीले बालों में कंघी करने से बचें यह एक ऐसी गलती है जिसे अनजाने में हम आए दिन दोहराते ही रहते हैं. अगर आप अपने बालों को डैमेज होने से बचाना चाहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि जब आपके बाल गीले होते हैं, तब उनकी जड़ें सबसे ज्यादा नाजुक और कमजोर होती हैं. ऐसे में अगर आप तुरंत गीले बालों पर कंघी करते हैं, तो वे बहुत ही तेजी से टूटने लगते हैं. बालों को अगर आप हेल्दी रखना चाहते हैं, तो उन्हें धोने के बाद नैचुरली सूखने का मौका दें. जब आपके बाल पूरी तरह सूख जाएं, तभी चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करके, वह भी बिल्कुल हल्के हाथों से, उन्हें सुलझाएं. स्कैल्प को हमेशा रखें ड्राई और क्लीन मानसून में अक्सर पसीने और मॉइस्चर की वजह से स्कैल्प हमेशा गीला या फिर चिपचिपा महसूस होता रहता है. यह माहौल फंगल इन्फेक्शन और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. इसलिए, यह बहुत ही जरूरी हो जाता है कि आप अपने स्कैल्प को हमेशा साफ और सूखा रखें. अगर वर्कआउट करने या फिर बाहर से आने के बाद आपका स्कैल्प पसीने से गीला हो गया है, तो उसे तौलिए से उन्हें अच्छी तरह सुखा जरूर लें. हैवी ऑयलिंग करने से बचें वैसे तो बालों में तेल लगाना बहुत ही अच्छा और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में बहुत ज्यादा या हैवी ऑयलिंग करने से आपको बचना चाहिए. जैसा कि हमें आपको पहले भी बताया कि इस मौसम में हमारा स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा होता है, और ऐसे में अगर बहुत ज्यादा तेल लगाया जाए, तो वह धूल और गंदगी को अपनी तरफ खींचने लगेगा, जिससे बालों के पोर्स बंद भी हो सकते हैं. ऐसा न हो इसलिए आपको हफ्ते में सिर्फ एक बार हल्के गुनगुने नारियल या आल्मंड ऑयल से सिर्फ 15 से 20 मिनट के लिए हल्की मसाज करनी चाहिए और करीबन एक घंटे बाद अपने बालों को अच्छी तरह से धो जरूर लें. हेयर ड्रायर और स्टाइलिंग टूल्स से दूरी बनाएं बारिश के दिनों में हमारे बाल नॉर्मल दिनों की तुलना में ज्यादा देर से सूखते हैं. ऐसे में कई लोग अपने बालों को जल्दी सुखाने के लिए बार-बार हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा, स्ट्रेटनर या कर्लर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल भी आपके बालों को और भी ज्यादा कमजोर और ड्राई बना देता है. बारिश के मौसम में बालों को नैचुरली हवा में ही सूखने देना सबसे बेस्ट माना जाता है. अगर आपके लिए बहुत ही जरूरी है, तो ड्रायर को कूल मोड पर रखकर इस्तेमाल करना आपके लिए बेस्ट है.

Patna News: अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, DM ने खाली कराई जमीन; अब विकसित होंगे पार्क और खेल मैदान

 पटना डीएम कुंदन कुमार ने अतिक्रमण उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई आदेश दिए। एक ओर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लापरवाही पर कार्रवाई की व्यवस्था की तो दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए खाली स्थान की बोलार्ड से बैरिकेडिंग कर वहां ग्रीन पार्क, रिक्रिएशन जोन या बैडमिंटन कोर्ट बनाने का निर्देश दिया। डीएम मंगलवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा, एडीएम सिटी संजय कुमार, एडीएम आरके दिवाकर, एडीएम चित्रगुप्त कुमार, नगर दंडाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर कार्यपालक व अन्य अधिकारियों के साथ अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की विस्तृत समीक्षा की और एक से 31 जुलाई तक चलने वाले अभियान प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जोनवाइज हॉटस्पॉट चिह्नित कर स्थायी समाधान पर जोर: डीएम ने एडीएम सिटी को निर्देश दिया कि नगर निगम व अन्य निकायों के टाउन प्लानर की मदद से शहरी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर जोनवाइज अतिक्रमण हॉटस्पॉट (अतिक्रमण के संवेदनशील क्षेत्रों) को चिह्नित कर कार्य योजना बनाकर अतिक्रमण का स्थायी समाधान किया जाए। इसके लिए खाली हुए क्षेत्र में सुंदरीकरण व विकास के कार्य किए जाएं। वहां जन सुविधाओं जैसे ग्रीन पार्क, बैडमिंटन कोर्ट, रिक्रिएशन जोन अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। दोबारा अतिक्रमण रोका जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारी उस स्थान की बोलार्ड से बैरिकेडिंग कर वाहनों का प्रवेश स्थायी रूप से रोकें। दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जल्द शुरू होंगे 32 वेंडिंग जोन: नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 32 वेंडिंग जोन प्रस्तावित है। डीएम ने सभी हितधारकों से समन्वय स्थापित कर इन वेंडिंग जोन में आसपास के अव्यवस्थित वेंडिंग शांप व वेंडर्स को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। एक से 31 जुलाई तक अभियान के लिए नौ टीमों का गठन किया गया है। यह मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी के साथ नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ व दानापुर में चलेगा। इसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारी-कर्मी शामिल हैं। इन क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर: डीएम ने कहा कि नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड, गांधी मैदान, सगुना मोड़, दानापुर रेलवे स्टेशन रोड शहर की लाइफलाइन है। जनहित में यह आवश्यक है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई हो। अतिक्रमण उन्मूलन अभियान का असर दिखना चाहिए ताकि लोगों के मन में विश्वास जागे। अधिकारियों को सभी अस्पतालों समेत हर क्षेत्र की मुख्य सड़कों व सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण-मुक्त रखने का आदेश दिया। वसूला 55 हजार जुर्माना डीएम कुंदन कुमार के निर्देश पर  राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कई प्रकार की सामग्रियां जब्त करने के साथ स्थायी-अस्थायी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। साथ ही 55,500 रुपये जुर्माना वसूला गया। अब तक इस अभियान के तहत कुल 16 लाख 84 हजार 850 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। नूतन राजधानी अंचल में आर ब्लाक से स्टेशन गोलंबर से वीणा सिनेमा हाल तक, बांकीपुर अंचल में नाला रोड, आर्य कुमार रोड एवं भिखना पहाड़ी क्षेत्र में, कंकड़बाग अंचल में मलाही पकड़ी से 90 फीट मोड़ तक तथा नगर परिषद खगौल में दानापुर रेलवे स्टेशन से विजय सिंह यादव पथ तक अतिक्रमण हटाया गया। पटना सिटी अंचल में नाला पर से गुरूगोबिंद सिंह लिंक पथ होते हुए भगत सिंह चौक तक, पाटलिपुत्र अंचल में रेल पुलिस केंद्र चीना कोठी से बुद्ध मार्ग तक, अजीमाबाद अंचल में डंका इमली से ज्युडिशियल एकेडमी होते हुए अशोक राज पथ एवं महावीर घाट तक अभियान चलाया गया। नगर परिषद दानापुर निजामत में टी प्वाइंट गोला रोड से गोला रोड मेन तक तथा नगर परिषद फुलवारीशरीफ में थाना गोलंबर से खगौल रोड बीएमपी-16 तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

रांची में ओला-उबर-रैपिडो सेवाएं प्रभावित, हड़ताल से यात्रियों की बढ़ी परेशानी आज।

रांची  ऑनलाइन कैब सेवाओं से जुड़े चालकों की हड़ताल आज भी जारी है। झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का दावा है कि ओला, उबर और रैपिडो प्रबंधन के साथ हुई बातचीत में किराए में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर सहमति बनी है, लेकिन बढ़ा हुआ किराया लागू करने के लिए कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर में आवश्यक अपडेट करना होगा, जिसमें कुछ समय लग सकता है। यूनियन नेताओं के अनुसार, चारपहिया टैक्सी सेवाओं के किराए को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है, जबकि चारपहिया कैब चालकों की मांगों से संबंधित मामला कंपनियों के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय तक पहुंच गया है। कंपनियों की ओर से बताया गया है कि इस विषय पर पैनल स्तर पर चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं कंपनी ने कहा तीन दिनों में एक भी बुकिंग नहीं हो पाई है। यह चिंता का विषय है। करीब 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल टैक्सी यूनियन का दावा है कि रांची और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल हैं। हड़ताल के कारण शहर में ऑनलाइन कैब सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूनियन के अनुसार, कई चालकों को पिछले तीन दिनों से कोई बुकिंग नहीं मिली है। इसी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए आज रांची प्रेस क्लब में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें बड़ी संख्या में कैब चालकों के शामिल होने की संभावना है। शहर के प्रमुख इलाकों में दिखा हड़ताल का असर एयरपोर्ट, रांची रेलवे स्टेशन, हटिया स्टेशन, कांके, अरगोड़ा चौक, कांटाटोली, बरियातू, नामकुम रेलवे स्टेशन, हरमू रोड और रातू रोड सहित कई इलाकों में चालक अपनी गाड़ियों के साथ सांकेतिक प्रदर्शन करते नजर आए। कई स्थानों पर टैक्सियां सड़क किनारे खड़ी कर आंदोलन को समर्थन दिया गया। यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी हड़ताल का सबसे अधिक असर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और कांटाटोली बस स्टैंड के आसपास देखने को मिला। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के मौसम में अचानक कैब सेवाएं ठप होने से लोगों को बैटरी रिक्शा, आटो और टैंपो का सहारा लेना पड़ा है। वहीं इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने जल्द समाधान निकालकर सामान्य कैब सेवाएं बहाल करने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

भागलपुर के 384 गांवों के विकास को लेकर 20 वर्षीय महायोजना तैयार होगी।

पटना  राज्य सरकार ने भागलपुर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भागलपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार कर दिया है। विस्तारित क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों की महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर के साथ आसपास के ग्रामीण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित करना है। पहले आयोजना का क्षेत्रफल था 218.28 वर्ग किमी अब 359 वर्ग किमी नगर विकास विभाग के अनुसार पहले अधिसूचित भागलपुर आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 218.28 वर्ग किलोमीटर था। विस्तार के बाद इसमें 140.72 वर्ग किलोमीटर नया क्षेत्र जोड़ दिया गया है। अब कुल आयोजना क्षेत्र 359 वर्ग किलोमीटर का हो गया है। महायोजना के तहत आवास, सड़क, जल निकासी, पेयजल, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण लगाने और शहर के संतुलित विस्तार में मदद मिलेगी। सबसे अधिक गांव नाथनगर प्रखंड के, कुल 384 गांवों का होगा विकास विस्तारित आयोजना क्षेत्र में भागलपुर नगर निगम के अलावा नगर पंचायत सबौर और नगर पंचायत हबीबपुर भी शामिल हैं। इसके साथ दो सेंसस टाउन तथा कुल 384 राजस्व गांव इस योजना का हिस्सा होंगे। इनमें सबसे अधिक 144 गांव नाथनगर प्रखंड के हैं। इसके अलावा जगदीशपुर के 90, सबौर के 60, शाहकुंड के 42, सुल्तानगंज के 33, गोराडीह के 11 और नारायणपुर के चार राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। सरकार ने आयोजना क्षेत्र की नई सीमाएं भी निर्धारित कर दी हैं। साथ ही नक्शा, शामिल शहरी निकायों और राजस्व गांवों की सूची तथा आबादी का विवरण भी स्वीकृत कर दिया है। एक नजर में     कुल आयोजना क्षेत्र: 359 वर्ग किमी     पहले का क्षेत्रफल: 218.28 वर्ग किमी     नया जोड़ा गया क्षेत्र: 140.72 वर्ग किमी     शहरी निकाय: 3 (भागलपुर नगर निगम, सबौर व हबीबपुर नगर पंचायत)     सेंसस टाउन: 2     राजस्व गांव: 384     महायोजना की अवधि: अगले 20 वर्ष या विस्तारित अवधि     उद्देश्य: भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों का समेकित एवं सुनियोजित शहरी विकास।