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मोदी का तीखा बयान: ‘जंगलराज वालों को लगा झटका, जनता अब विकास चाहती है, कट्टा नहीं’

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी में विशान जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं माता जानकी की प्रकट स्थली से संपूर्ण बिहार को प्रणाम करता हूं। पहले चरण के मतदान ने कमाल कर दिया है। उन्होंने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले चरण के मतदान से जंगलराज वालों को 65 वोल्ट का झटका लगा है। आपका यह प्यार और उमंग देखकर स्पष्ट लगता है कि इस बार फिर से एनडीए सरकार बनेगी। आपका आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत है। पीएम मोदी ने "नहीं चाहिए कट्टा सरकार, फिर एक बार एनडीए सरकार" का नारा दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव विकसित बिहार बनाने का चुनाव है। यह चुनाव आपके आने वाली पीढ़ी का भविष्य तय करेगा। इसलिए यह चुनाव काफी अहम है। इसलिए आपलोग पिछले हर मतदान का रिकॉर्ड तोड़ दें। बड़ी तादात में मतदान करें और हमारे उम्मीदवारों को अपना आशीर्वाद दें। पीएम मोदी ने बताया जंगलराज का मतलब पीएम मोदी ने कहा कि राजद वाले बिहार के बच्चों के लिए क्या करना चाहते हैं? यह इनके नेताओं के चुनाव प्रचार में साफ दिखता है। आप जंगलराज वालों के गाने और नारे सुन लीजिए, आप कांप जाएंगे। राजद के मंचों पर मासूम बच्चों से कहलवाया जा रहा है कि उन्हें रंगदार बनना है। आप मुझे बताइए बिहार के बच्चे को रंगदार बनना चाहिए या डॉक्टर बनना चाहिए? क्या हम रंगदार बनाने वालों को जीतने देंगे? बिहार का बच्चा अब रंगदार नहीं, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, जज बनेगा। मैं बिहार में जंगलराज वालों की जगह नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि राजद के लोग बिहार के बच्चों को कट्टा और दोनाली दे रहे हैं। खुद के बच्चों को मंत्री बनाना चाहते हैं। सारे सपने केवल अपने बच्चों के लिए देखते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जंगलराज का मतलब है- कट्टा, क्रूरता कटुता, कुशासन, कुसंस्कार, करप्शन। क्या यह सब बिहार को मंजूर होगा?' 'राजद ने बिहार में विकास का माहौल ही खत्म कर दिया' पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ही बिहार में जंगलराज आया, वैसे ही राज्य में बर्बादी का दौर शुरू हो गया। राजद ने बिहार में विकास का माहौल ही खत्म कर दिया। राजद और कांग्रेस वाले उद्योगों की एबीसी भी नहीं जानते हैं। वह केवल उद्योगों पर ताले लगाना चाहते हैं। यहीं मिथिला में मीलें और फ्रैक्ट्रियां बंद हो गईं। 15 साल में कोई भी बड़ा अस्पताल और फैक्ट्री बिहार में नहीं बना। इसलिए जंगलराज वालों के मुंह से विकास की बात सफेद झूठ है। बिहार के लोगों का सरकार से भरोसा उठ गया था। नीतीश कुमार ने इस भरोसे को वापस लाया। भाजपा और एनडीए की सरकार जो कहती और वह कहकर दिखाती है। मिथिला की बहन और बेटियों में अद्भुत सामर्थ्य है पीएम मोदी ने कहा कि मिथिला की बहन और बेटियों में अद्भुत सामर्थ्य है। मोदी आपकी कला को दुनिया में पहुंचा रहा है। मैं दुनिया भर के लोगों को मधुबनी पेंटिंग देने का काम कर रहा हूं। यह सब मैं इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मुझे बिहार पर गर्व है। मुझे बिहार की बेटियों की ताकत पर गर्व है। मैं चाहता हूं कि आपकी कला और आपका कौशल दुनिया भर में पहुंचे। पीएम मोदी ने मछली पालन के क्षेत्र में बिहार ने कमाल कर दिया है। इसी तरह हमलोग मखाना को हर कोने में पहुंचाना चाहते हैं। बिहार का मखाना दुनिया में पहुंचेगा तो फायदा छोटे किसानों को होगा। पीएम ने कांग्रेस पर जमकर बोला हमला पीएम मोदी ने कहा कि अगर राजद-कांग्रेस की सरकार रहती तो आपके हक का पैसा लूट लिया जाता। यह मैं नहीं बल्कि कांग्रेस के नामदार के पिताजी कहते थे। वह कहते थे कि दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो गांव में जाते-जाते 15 पैसा हो जाता है। जरा बताओ यह कौन सा पंजा था? जो एक रुपये को घिस-घिस कर 15 पैसा कर देता था। आज पटना या दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो 100 के 100 पैसे आपके खाते में जमा होते हैं। कांग्रेस और राजद आपका पैसा लूटने की फिराक में है। यह लोग इतने साल तक सत्ता में रहे लेकिन केवल लोगों को लूटने का काम करते रहे। देश के 100 से अधिक जिलों को कांग्रेस ने पिछड़ा घोषित कर दिया। इसमें सीतामढ़ी भी था। हमने इन पिछड़े जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया। आज सीतामढ़ी दूसरे विकसित जिलों को टक्कर दे रहा। कांग्रेस और राजद वाले अपमान की राजनीति करते हैं पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और राजद सिर्फ अपमान और गाली-गलौज की राजनीति करते हैं। इन लोगों को हमारे पर्व और त्योहारों से भी चिढ़ है। कांग्रेस के नामदार छठ महापर्व को नौटंकी और ड्रामा करते हैं। उन्होंने महान तपस्या का अपमान किया। अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा का इनलोगों ने अपमान किया। महाकुंभ का अपमान किया। राजद और कांग्रेस वाले अपने वोट बैंक के कारण रामजी, निषाद राज, सबरी माता का बहिष्कार करते हैं। यह लोग तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। यह लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए पूरी शक्ति से लगे हुए हैं। जिनका भारत से कोई लेना देना नहीं, वो लोग उनको बचा रहे हैं। यह लोग आपके हक पर डाका डालते हैं। यह आपके संतानों के हक की चोरी करते हैं। हमारे बेटियों और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाते हैं। आप लोग इस चुनाव में उन्हें सजा जरूर देना है। लोकतंत्र में सजा देने का तरीका है, आपका एक वोट। वोट से आपलोग इन्हें सजा देना। संजय झा बोले- मिथिला की धरती पर पीएम मोदी का स्वागत है जनता दल यूनाईटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि मिथिला की धरती पर पीएम मोदी का स्वागत है। उन्होंने बिहार को बजट में काफी कुछ दिया। वह हमेशा बिहार के विकास के बारे में सोचते रहे हैं। पीएम मोदी के सहयोग के कारण बिहार आने वाले पांच साल में देश के टॉप 10 राज्यों में शामिल होगा। संजय झा ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के हर एक परिवार की महिलाओं को 10 हजार रुपये रोजगार के लिए दिया है। विपक्ष के लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं लेकिन उनकी बातों में मत आइएगा।  

ECI का अपडेट! बिहार पहले फेज की वोटिंग में आया नया आंकड़ा – बढ़ी वोटिंग या घटी?

पटना  बिहार चुनाव के लिए पहले फेज की वोटिंग हो गई. पहले फेज की वोटिंग का फाइनल डेटा भी आ गया है. चुनाव आयोग ने लेटेस्ट डेटा जारी कर बताया है कि पहले फेज में कितना मतदान हुआ. जी हां, चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले फेज की वोटिंग में कुल 65.8% मतदाताओं ने वोट डाला है. यह पहले के वोटिंग टर्नआउट वाले डेटा से अधिक है. चुनाव आयोग ने पहले बताया था कि बिहार में पहले चरण में अब तक का सबसे अधिक 64.66% वोटर टर्नआउट रहा. चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अंतिम मतदान 65.08% रहा. 6 नवंबर 2025 को बिहार के 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान हुआ था. वोटिंग के मामले में बिहार ने नया इतिहास रच दिया है. वोटिंग को लेकर बिहार में अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट गए. पहले चरण की वोटिंग में 75 साल का रिकॉर्ड टूट गया. इस तरह चुनाव आयोग का फाइनल डेटा पुराने डेटा से करीब 1 फीसदी अधिक है. बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा आम चुनाव में राज्य का औसत मतदान 57.29 प्रतिशत और 2024 के लोकसभा आम चुनाव में 56.28 प्रतिशत रहा था. चुनाव आयोग ने क्या कहा था बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने पहले ही बताया था कि वोटिंग वाले दिन जो डेटा जारी हुआ, वह फाइनल डेटा नहीं था. उन्होंने कहा था कि फाइनल डेटा में थोड़ा बहुत अंतर हो सकात है. 6 नवंबर की शाम तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 3.75 करोड़ मतदाताओं में करीब 64.46 प्रतिशत (अनंतिम) ने मतदान किया था. उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा कुल 45,341 मतदान केंद्रों में से 41,943 केंद्रों से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित है. गुंजियाल ने कहा, ‘‘यह फाइनल आंकड़ा नहीं है, क्योंकि कुछ मतदान केंद्रों से सूचनाएं अभी आनी बाकी हैं। अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़े के इससे अधिक रहने की संभावना है.’ पहले चरण की वोटिंग में क्या हुआ मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुआ. कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाओं के अलावा कहीं से कोई बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली. राज्य के 18 जिलों में फैली इन 121 सीट के लिए 6 नवंबर को हुए मतदान में मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं और मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. बिहार में सबसे अधिक वोटिंग मुजफ्फरपुर में हुई. अब दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी. नतीजे 14 नवंबर 2025 को आएंगे.

वोटिंग डे पर बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई

पटना/नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने पूरे भारत में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 11 नवंबर को सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमति जताई। गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह मुद्दा लोकतंत्र की जड़ों तक जाता है जिसके बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि वह 11 नवंबर से इन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी। पीठ ने कहा कि हालांकि 11 नवंबर से कई महत्वपूर्ण मामले सूचीबद्ध हैं, फिर भी वह SIR मामलों की सुनवाई के लिए अन्य मामलों की सुनवाई को समायोजित करने का प्रयास करेगी। भूषण ने कहा कि मामले की तत्काल सुनवाई इसलिए आवश्यक है क्योंकि विभिन्न राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शीर्ष अदालत बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण करने के निर्वाचन आयोग के फैसले की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पहले से ही सुनवाई कर रही है। चुनाव आयोग ने क्या कहा निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की कवायद को ‘सटीक’ बताते हुए न्यायालय से 16 अक्टूबर को कहा था कि याचिकाकर्ता राजनीतिक दल और गैर सरकारी संगठन इस प्रक्रिया को केवल बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाकर संतुष्ट हैं। आयोग ने न्यायालय से यह भी कहा था कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद से नाम हटाने के खिलाफ किसी मतदाता ने एक भी अपील दायर नहीं की है। उसने याचिकाकर्ताओं के इस आरोप का खंडन किया था कि महीनों तक चली SIR प्रक्रिया के बाद तैयार की गई राज्य की अंतिम मतदाता सूची में 'मुसलमानों को अनुपातहीन तरीके से बाहर' किया गया। निर्वाचन आयोग ने 30 सितंबर को बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करते हुए कहा था कि इसमें मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 47 लाख घटकर 7.42 करोड़ रह गई है जो निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले 7.89 करोड़ थी। अंतिम संख्या हालांकि एक अगस्त को जारी की गई मसौदा सूची में दर्ज 7.24 करोड़ मतदाताओं से 17.87 लाख अधिक है। मृत्यु, प्रवास और मतदाताओं के दोहराव सहित विभिन्न कारणों से 65 लाख मतदाताओं के नाम मूल सूची से हटा दिए गए थे। मसौदा सूची में 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए जबकि 3.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में 17.87 लाख की वृद्धि हुई है। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा की 121 सीट पर पहले चरण का चुनाव गुरुवार को हो गया, जबकि शेष 122 निर्वाचन क्षेत्रों में 11 नवंबर को मतदान होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी।  

कौन नहीं, कौन है? बिहार में महिला वोटर तय करेंगी जीत-हार, उम्मीदवार सिर्फ दर्शक!

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में महिलाओं ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। रिकॉर्ड 64.66% कुल मतदान में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से कहीं अधिक रही, जो राज्य की राजनीति में उनकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है। लेकिन विडंबना यह है कि राजनीतिक दलों ने महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी बरती है। कुल 1,314 उम्मीदवारों में महज 122 महिलाएं हैं, जो मात्र 9.28% है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भागीदारी बनाम प्रतिनिधित्व की गहरी खाई को उजागर करता है, जहां महिलाएं वोटर के रूप में तो निर्णायक हैं, लेकिन उम्मीदवार के रूप में हाशिए पर धकेली जा रही हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पहले चरण के 121 सीटों पर 3.75 करोड़ मतदाताओं में 1.76 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। मतदान के दौरान महिलाओं की सक्रियता ने कई जिलों में रिकॉर्ड तोड़े। बेगूसराय(67.32%), गोपालगंज(64.96%) और मुजफ्फरपुर (64.63%) में महिलाओं का टर्नआउट पुरुषों से 5-10% अधिक रहा। चुनाव में शानदार रही भागीदारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजि‍याल ने कहा, महिलाओं की भागीदारी शानदार रही। यह बिहार के लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। अधिकारिक आंकड़ा मतगणना के बाद भी आएगा। यह ट्रेंड 2010 से चला आ रहा है। 2010 में महिलाओं का टर्नआउट 54.49% था (पुरुष: 51.12%), 2015 में 60.48% (पुरुष: 53.32%) और 2020 में 59.7% (पुरुष: 54.5%)। महिलाओं की यह ताकत नीतीश कुमार सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं—जैसे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (10,000 रुपये की सहायता)और 35% सरकारी नौकरियों में आरक्षण का नतीजा मानी जा रही है। विपक्षी महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने भी महिलाओं के लिए 30,000 रुपये एकमुश्त सहायता का वादा किया है। राजनीतिक विश्लेषक प्रमोद मुकेश कहते हैं, महिलाएं अब जाति से परे वोट दे रही हैं। वे बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही हैं। लेकिन पार्टियां उन्हें टिकट देकर सशक्तिकरण की बात तो करती हैं, काम कम करती हैं। सीनियर जर्नलिस्ट ओमप्रकाश अश्क कहते हैं, महिलाओं का वोट सबको चाहिए, मगर टिकट देने के मामले में परिवारवाद और वंशवाद को ही तवज्जो मिल पाता है।  

पोलिंग पार्टियों के ठहरने की व्यवस्था बदली, रात में बूथ पर रुकने पर लगी रोक

घाटशिला घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं। घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान हैं। वहीं, मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। 11 नवंबर की सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। जानकारी के मुताबिक 10 नवंबर को घाटशिला विस क्षेत्र के 300 बूथों में से 262 बूथों की पोलिंग पार्टियां अपने-अपने बूथों पर ही रुकेगी जबकि बाकी 38 बूथों की पोलिंग पार्टियां रात में इंटरमीडिएट स्ट्रांग रूम (आईएसआर) में रुकेंगी और तड़के मतदान वाले दिन बूथ पर पहुंचेगी क्योंकि ये सभी बूथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पड़ते हैं। इसलिए ये बूथ पर न रुक कर इंटरमीडिएट स्ट्रांग रूम में रुकेंगी। वहीं, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान से पहले तड़के साढ़े पांच बजे से डेढ़ घंटे तक मॉक पोल कराया जायेगा। मतदान के बाद 300 में से 297 बूथों की पोलिंग पार्टियां उसी रात तक ईवीएम लेकर को-ऑपरेटिव कॉलेज में स्थित स्ट्रांग रूम पहुंच जायेंगी, जबकि शेष तीन बूथों की पोलिंग टीम 12 नवंबर की सुबह वहां पहुंचेगी। बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष मतदाता हैं।  

तेजप्रताप का RJD नेताओं पर हमला, भाई वीरेंद्र को कहा—‘बिहार को बर्बाद करने वाला’

पटना तेज प्रताप यादव ने राजद विधायक और मनेर से पार्टी के उम्मीदवार भाई वीरेंद्र पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने राजद नेता को गुंडा,मवाली और बिहार को बर्बाद करने वाला बता दिया। उन्होंने सरकार से उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। भाई वीरेंद्र पर एक दारोगा के साथ गाली, गलौज करने और जला देने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया गया है। मनेर में गुरुवार को मतदान के दौरान एक बूथ पर विवाद हुआ था। तेज प्रताप यादव शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उनसे भाई वीरेंद्र पर सवाल पूछा गया तो भड़क गए। राजद नेता को गुंडा, मवाली बताने लगे। कहा कि इस पर कार्रवाई होना चाहिए। चाहे राजद के नेता हों या किसी भी दल के हो। तेज प्रताप ने कहा कि इन्हीं लोगों ने बिहार को बर्बाद किया है। ये गुंडे, मवाली हैं और दलितों की पिटाई करते हैं। सरकार को संज्ञान में लेना चाहिए और गुंडे मवालियों पर कार्रवाई करना चाहिए। इससे पहले पंचायत सचिव को गाली गलौज करने के मुद्दे पर तेज प्रताप यादव ने भाई वीरेंद्र को भला बुरा कहा था। वे मनेर भी गए थे। तब भाई वीरेंद्र ने चंपारण निवासी पंचायत सेवक के साथ गाली गलौज और दुर्व्यवहार किया था। उसकी ऑडियो क्लिप काफी वायरल हुई। उस मामले में विधायक के खिलाफ एससी एसटी थाने में केस दर्ज है। ताजा बवाल में विधायक पर भी केस दर्ज कर लिया गया है।

रेलवे की बड़ी घोषणा: बिहार से दिल्ली, मुंबई, पुणे और कोलकाता के लिए अतिरिक्त 500 ट्रेनें चलेंगी

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल अब समाप्ति की ओर है। पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है और 11 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग के बाद, दिवाली और छठ महापर्व मनाने और वोट डालने आए लाखों प्रवासी लोग वापस अपने काम पर लौटेंगे। इसके लिए राजधानी पटना और गया से प्रमुख शहरों के लिए अगले तीन हफ्तों में रोजाना 500 से अधिक स्पेशल ट्रेन चलेंगी। इस बात का ऐलान रेलवे ने किया है। भारतीय  रेलवे ने ऐलान करते हुए कहा है कि अगले तीन हफ्तों के दौरान लगभग 500 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें मुख्य रूप से पटना और गया स्टेशनों से शुरू होकर देश के प्रमुख महानगरों तक जाएंगी। जानिए किस मार्ग से चलेंगी कितनी ट्रेन पटना से दिल्ली रोजाना 20 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। मुंबई रूट से रोजाना 15 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। पुणे, सूरत और अहमदाबाद से रोजाना 10-10 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। वहीं गया से कोलकाता रोजाना 12 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। इस बात की जानकारी देते हुए रेलवे के पीआरओ डायरेक्टर ने बताया कि इस बार छठ के तुरंत बाद लोग चुनाव के कारण रुके रहे, जिससे अब भीड़ अत्यधिक बढ़ने की संभावना है। यह कदम प्रवासियों की सुगम वापसी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस संबंध में रेलवे अधिकारीका कहना है कि 3.75 करोड़ वोटरों में लाखों प्रवासी भी शामिल हैं, और उनकी सुरक्षित और समय पर वापसी रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रवासियों ने भी स्पेशल ट्रेनों की इस व्यवस्था पर खुशी जताई है, जिससे वे वोटिंग के बाद समय पर अपनी ड्यूटी पर लौट सकेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए यह है व्यवस्था ज्यादातर ट्रेनें अनारक्षित होंगी, जिससे तुरंत यात्रा शुरू की जा सके। बुकिंग IRCTC ऐप और स्टेशन काउंटर दोनों जगह उपलब्ध रहेगी। स्टेशनों पर अतिरिक्त काउंटर, पीने का पानी और बैठने की बेहतर व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ जवान तैनात रहेंगे।

प्रशांत किशोर का दावा — बिहार में बदलाव की लहर, जनता जन सुराज को देख रही विकल्प के रूप में

गया जी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बाद जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) ने कहा है कि इस बार रिकॉर्ड मतदान बदलाव का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की 60% से अधिक जनता परिवर्तन चाहती है और जन सुराज को अब एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रही है। गयाजी  में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “आजादी के बाद पहली बार बिहार में इतना ज्यादा वोटिंग प्रतिशत देखने को मिला है। यह दिखाता है कि लोग बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं। पिछले 30 वर्षों से बिहार की राजनीति में कोई ठोस विकल्प नहीं था, लेकिन जन सुराज के आने से लोगों को एक नया रास्ता मिला है।” पीके ने कहा कि इस बार प्रवासी मजदूर चुनाव के “एक्स फैक्टर” बन गए हैं। “छठ के बाद जो प्रवासी मजदूर बिहार में रुके हुए थे, उन्होंने खुद वोट किया और अपने परिजनों को भी वोटिंग के लिए प्रेरित किया। महिलाओं से ज्यादा इस बार प्रवासी मजदूरों की भूमिका अहम रही है। यही लोग बिहार में बदलाव की बयार ला रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि 14 नवंबर को बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, क्योंकि जनता ने इस बार लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। पीके ने कहा, “दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट किया है। यह दिखाता है कि जनता अब डर की राजनीति से बाहर निकल चुकी है।” राजनीतिक हमले करते हुए उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के डर से लालू यादव को और लालू के डर से नीतीश कुमार को वोट देने की मजबूरी अब खत्म हो गई है। जनता को अब असली विकल्प मिल गया है।” पीके ने एनडीए और राजद-कांग्रेस गठबंधन दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, “सम्राट चौधरी कहते हैं कि पार्टी का चेहरा साफ है, लेकिन बिहार में आज भी असुरक्षा का माहौल है। पहले जनता झेलती थी, अब नेता और मंत्री झेल रहे हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि राजद और कांग्रेस एक-दूसरे का बाल नोचेंगे। पीके ने कहा, “बाल नोचेंगे या सिर नोचेंगे, यह उनका काम है, लेकिन बिहार की जनता ने कल दिखा दिया कि अब उन्हें एक नया विकल्प मिल गया है।” अंत में उन्होंने कहा, “अब चुनाव सिर्फ सत्ता तय नहीं करता, बल्कि यह भी तय करता है कि विपक्ष में कौन होगा और कौन जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरेगा। जन सुराज की सबसे बड़ी सफलता यही है कि उसने बिहार को विकल्प दिया है।”

तेजस्वी बोले—जनता ने 121 सीटों पर दिया महागठबंधन को एकजुट समर्थन, बदलाव तय

पटना बिहार चुनाव में ऐतिहासिक 64.46 फीसदी मतदान के बाद सियासत जारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले चरण की वोटिंग में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन जीत का दावा किया था। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन को एकमुश्त वोट मिलने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार ने प्रथम चरण में बदलाव के लिए मतदान किया है। हर बिहारवासी ने 20 साल के अंधकार को मिटाने के लिए, घर से निकल कर परिवर्तन की ऐसी रोशनी जलाई कि पूरे बिहार में सुख, समृद्धि, सुरक्षा, सम्मान, सौहार्द, शांति और खुशहाली की दस्तक सुनाई देने लगी है। बिहार में महापरिवर्तन होने जा रहा है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि 20 साल में पहली बार इस तरह की अभूतपूर्व बदलाव की लहर महागठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रही है। हर घर से ही नहीं, हर हृदय से भी सिर्फ एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि इस बार नई युवा सरकार लायेंगे, हर घर से सरकार चलायेंगे और हर बिहारवासी को सीएम यानी चिंता मुक्त और चेंज मेकर बनायेंगे। बुजुर्ग और हमारे युवा साथियों ने जिस जोश, जुनून , जज़्बे, उम्मीद और उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, उससे साफ हो चुका है कि बिहार में महापरिवर्तन होने जा रहा है। 20 वर्षों से बेरोजगारी, गरीबी, अपराध, अन्याय, गैर बराबरी, अत्याचार, भ्रष्टाचार और अनगिनत पीड़ाओं का अंत होने जा रहा है। सभी 121 सीटों पर बिहारवासियों ने महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में एकमुश्त वोट किया है। इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। बिहार के परिवर्तन युग के प्रकाश पुंज है तेजस्वी यादव ने बिहारवासियों से कहा कि आप लोग मेरी शक्ति और बिहार के परिवर्तन युग के प्रकाश पुंज है। अभी थमना नहीं है, रुकना नहीं है। तकनीकी से तरक्की का प्रकाश थोड़ी ही दूर पर जगमगाता दिख रहा है। हमें विनम्रता के साथ मंजिल तक मजबूत कदम रखते हुए पहुंचना है। विपक्ष द्वारा उत्पन्न बाधाओं का सामना करते हुए, लोकतंत्र और संविधान पर आए खतरे को मिटाते हुए, जनता जनार्दन के हर सपने को लक्ष्य तक पहुंचाना है। आप सभी प्रथम चरण की भांति ही दूसरे चरण यानि 11 नवंबर को भी अपना प्रेम, आशीर्वाद, स्नेह और सहयोग तेजस्वी को दें। आपका बेटा, भाई और साथी, तेजस्वी वचन देता है कि अगले पांच साल में बिहार को इतना खुशहाल बनाएंगे कि 14 नवंबर की तारीख को लोग त्योहार के रूप में मनाने लगेंगे, एक ऐसे दिन के रूप में जिस दिन बिहार में विकसित बनने वाली तरक्की का आगमन हुआ था।

ठंड का नया रिकॉर्ड! मार्च तक sweaters और रजाई से नहीं मिलेगी राहत

रांची झारखंड में नवंबर महीने में ही ठंड ने सभी लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। अब लोगों के मन में बस यही सवाल है कि अभी से ये हाल है तो दिसंबर और जनवरी में हमारा क्या हाल होगा। वहीं, इसी बीच मौसम विभाग का कहना है कि होली में भी ठंड रहने वाली है। 48 घंटे बाद तापमान में आएगी और गिरावट बता दें कि वैसे तो झारखंड में अभी से ही ठंड देखी जा रही है, लेकिन 48 घंटे बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी जिससे राज्य भर में ठंड अधिक बढ़ जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि रांची समेत राज्य में अगले 2 दिन सुबह के तापमान में स्थिरता रह सकती है, लेकिन इसके बाद हवा के रूख में तेजी आने से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। इससे सुबह में ठंड और कुहासा बढ़ेगा। दोपहर के दौरान मौसम साफ रहेगा। इस बार स्वेटर पहनकर मनानी पड़ेगी होली मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मध्य मार्च तक ठंड देखने को मिलेगी। ऐसे में होली शायद स्वेटर पहनकर मनानी पड़े, लेकिन दिसंबर और जनवरी के 2 महीने हाड़ कपाने वाली ठंड देखने को मिलेगी। ऐसे में मौसम विभाग ने झारखंड के लोगों को आगामी दिनों में ठंड के लिए तैयार रहने और स्वयं का विशेष ख्याल रखने के लिए चेतावनी दी।