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जयंत नामक छात्र गिरफ्तार, जानें पुलिस ने कहां से दबोचा स्वास्थ्य मंत्री को धमकी देने वाला आरोपी

रांची झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को धमकी देने के आरोप में पुलिस ने वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र से जयंत कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. उसके पास से धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी युवक एमबीबीएस स्टूडेंट है. बता दें कि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को जान से मारने की धमकी दिए जाने के बाद बोकारो जिले के स्टील सीटी थाने में बीते सोमवार को एफआईआर दर्ज कराया गया था. सबक सिखाने और जान से मारने की धमकी शिकायत में बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के मोबाइल फोन पर एक ही नंबर से कई बार कॉल आई थी. कॉल करने वाले ने उन्हें सबक सिखाने और जान से मारने की धमकी दी थी. मामला दर्ज किए जाने के बाद झारखंड पुलिस ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को धमकी दिए जाने वाले मोबाइल नंबर को ट्रेस कर रही थी. लेकिन आरोपी जयंत कुमार सिंह इस दौरान बार-बार अपना लोकेशन बदल रहा था. गाजीपुर की तरफ भाग रहा था आरोपी जानकारी के मुताबिक झारखंड पुलिस ने उत्तरप्रदेश के सारनाथ थाना पुलिस से मदद लेते हुए आरोपी जयंत कुमार को गुरुवार को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वो बाइक से गाजीपुर की तरफ भाग रहा था. इसी दौरान झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को धमकी देने वाले शातिर जयंत कुमार को पुलिस ने दबोच लिया. मेडिकल का स्टूडेंट है आरोपी साथ ही धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि वह लगातार पुलिस को चकमा देता रहा और गाजीपुर भागने की फिराक में था. इसी दरमियान उसके मोबाइल लोकेशन के आधार पर झारखंड पुलिस ने सारनाथ पुलिस की मदद से औड़िहार के पास रोडवेज बस से रास्ता रोककर उसे घेरा और दबोच लिया. बताया जा रहा है कि मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को धमकी देने का आरोपी युवक जयंत कुमार एमबीबीएस (MBBS ) पास है. यह मेडिकल की मास्टर डिग्री की तैयारी कर रहा था. शिलांग (मेघालय) में भी इसका मकान है. मंत्री ने बीजेपी को कहा था – तुम्हारी कब्र खोद देंगे बता दें कि, झारखंड के मंत्री अपने बदबोलेपन के लिए पूरे राज्य में प्रख्यात हैं। उन्होंने दो हफ्ते पहले अवैध बांग्लादेशी मुद्दे पर बीजेपी को धमकी देते हुए कहा था कि, वह उसकी कब्र खोद देंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बीजेपी के नेताओं को धमकी देते हुए कहा, भारतीय जनता पार्टी के लोग कहते हैं कि “बांग्लादेश ” भेज देंगे, आगे उन्होंने कहा कि “अरे बीजेपी वालों , इरफान अंसारी तुम्हारी कब्र खोद देगा.” उन्होंने आगे कहा, पहचानता नहीं इरफान अंसारी को, हम लोगों ने झारखंड लिया है और इन लोगों ने मजाक बना कर रख दिया है. हमको घुसपैठियों बोलते हैं. पहले भी मिल चुकी है धमकी यह पहला मौका नहीं है जब मंत्री इरफान अंसारी को ऐसी धमकियां मिल रही हैं। कुछ दिन पहले गिरिडीह के एक युवक ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर इरफान अंसारी सहित नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को बम से उड़ा देने की धमकी दी थी। उस वीडियो में युवक ने खुद को कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई का भाई बताया और 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। गिरिडीह पुलिस ने उस युवक को दबोचा। मंत्री इरफान अंसारी के कार्यालय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वे डरने वाले नहीं‌ हैं। कानून अपना काम करेगा। पूरे घटनाक्रम से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

झारखंड में नई शुरुआत: 19 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सीएम हेमंत ने जताई विकास प्रतिबद्धता

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को गुरुवार को राजधानी रांची में नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त ने कहा कि राज्य को मजबूत और बेहतर बनाने की दिशा में हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इस कड़ी में नियुक्तियों के साथ-साथ सभी सेक्टरों में लगातार कार्य हो रहे हैं। राज्य का सर्वांगीण विकास हमारी प्रतिबद्धता सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत नवचयनित अभ्यर्थियों के लिए आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह तथा झारखंड पर्यटन एवं झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के लोगो एवं वेबसाइट के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास हमारी प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप आज से सरकार के एक अभिन्न के रूप में जुड़ रहे हैं। राज्य का समुचित विकास हो, इसके लिए आप पूरी निष्ठा और कुशलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन करेंगे, मुझे पूरी उम्मीद है। उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर नागरिक सुविधा तथा सेवा देने की दिशा में आपकी भूमिका काफी अहम होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांव से शहरों की ओर लोग आ रहे हैं। इस वजह से शहर का आकार और जनसंख्या तेज गति से बढ़ रहा है। ऐसे में शहरों का व्यवस्थित तथा योजनाबद्ध तरीके से विकास आज निहायत ही जरूरी है, ताकि शहरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ शहरवासियों को अच्छी नागरिक सुविधा और सेवाएं दे सकें। उन्होंने कहा कि अगर शहर अव्यवस्थित तरीके से फैलेंगे तो उसके कई दुष्परिणाम और समस्याएं सामने आएगी, जिसका समाधान काफी चुनौतीपूर्ण होगा। इसलिए, शहरों को पूरी प्लानिंग के साथ विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है। वहीं, समारोह में नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए चयनित 19 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिला।  

पुलिस विभाग में बदलाव: वैशाली जिले के कई पदाधिकारियों का तबादला हुआ तय

 वैशाली वैशाली जिले में गुरुवार को बड़े पैमाने पर पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया गया। वैशाली के पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने चार थाना अध्यक्ष समेत कुल 19 पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। एसपी ने सभी को 24 घंटे के भीतर अपने नए पदस्थापित स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है। इस आदेश के तहत पुलिस अपर निरीक्षक चांदनी कुमारी सांवरिया को पुलिस लाइन से थाना अध्यक्ष तिसिऔता बनाया गया है। प्रवीण कुमार को पुलिस केंद्र से थाना अध्यक्ष बेलसर, गौतम कुमार साह को पुलिस केंद्र से थाना अध्यक्ष सहदेई और पुरुषोत्तम यादव को पुलिस केंद्र से थाना अध्यक्ष जुड़ावनपुर की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह पुलिस अपर निरीक्षक राकेश कुमार यादव को पुलिस केंद्र हाजीपुर से अपर थाना अध्यक्ष विदुपुर, अनामिका कुमारी को अपर थाना अध्यक्ष बेलसर, अदिति कुमारी को पातेपुर थाना अनुसंधान इकाई, शालिनी कुमारी को जंदाहा थाना अनुसंधान इकाई, रंजीत कुमार को गोरौल थाना अनुसंधान इकाई, राहुल कुमार रंजन और सतेन्द्र कुमार को नगर थाना अनुसंधान इकाई, हरि प्रसाद राय और मनमोहन कुमार को महुआ थाना अनुसंधान इकाई, राहुल कुमार को गोरौल थाना अनुसंधान इकाई, दिवाकर ताती को लालगंज थाना अनुसंधान इकाई, रूपक कुमार को राजापाकड़ थाना अनुसंधान इकाई, राजेश कुमार को विदुपुर थाना अनुसंधान इकाई, कुमार सचिन को त्वरित विचारण कोषांग पुलिस कार्यालय तथा दिनेश कुमार को सदर थाना अनुसंधान इकाई में पदस्थापित किया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले जुड़ावनपुर, बराटी, राजापाकड़ सहित आधा दर्जन से अधिक थाना अध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों का तबादला वैशाली से अन्य जिलों में किया गया था। इसके बाद कई थानों में पद खाली हो गए थे। इन्हीं रिक्तियों को भरते हुए अब चार नए थाना अध्यक्षों समेत 19 पुलिस पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।  

झारखंड पर्यटन में नई पहल: सीएम हेमंत ने शुरू की ऐप और वेबसाइट

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते गुरुवार को राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग के ‘लोगो' (चिह्न) का अनावरण किया, साथ ही वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन की शुरुआत भी की। पर्यटन विभाग के ‘लोगों' में सूंड उठाए एक हाथी को अतिथियों का स्वागत करते हुए दिखाया गया है। इसमें साल का पेड़, पक्षी, पहाड़ी, पलाश का फूल, देवघर शहर और एक झरने की छवि भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है, लेकिन यह राज्य प्राकृतिक सुंदरता से भी समृद्ध है। यदि हम इसे सही ढंग से प्रदर्शित करें तो अधिक लोग हमारे राज्य की ओर आकर्षित होंगे।" उन्होंने झारखंड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) के ‘लोगो' का भी अनावरण किया, जिसमें पारंपरिक जनजातीय कला, वाद्य यंत्र, धार्मिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और खनन को दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई जेटीडीसी वेबसाइट में विभिन्न पर्यटक स्थलों की जानकारी उपलब्ध है और होटल बुकिंग की सुविधा भी दी गई है। पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए सोरेन ने कहा कि "झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता लंबे समय तक अछूती रही है। अब इसे बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहल से राज्य के पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।" मुख्यमंत्री ने झारखंड के कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से एक ‘कल्चरल ट्रूप मैनेजमेंट सिस्टम' (सीटीएमएस) ऐप का भी उद्घाटन किया और 'सेवरिंग झारखंड… ए कलनरी जर्नी थ्रू इंडिजिनस फ्लेवर्स' नामक व्यंजन-पुस्तक का विमोचन किया। इसके अलावा शहरी विकास विभाग में नवनियुक्त 19 पेशेवरों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए प्रयासरत है। हम गांवों और शहरों दोनों के लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि "ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन के चलते शहरी इलाकों पर दबाव बढ़ रहा है इसलिए शहरों का सुव्यवस्थित विकास समय की आवश्यकता है।"  

पीयूष गोयल का आरोप: विपक्ष फेल, बिहार में जनता को मिल रही विकास की लहर

पटना केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की ओर बढ़ रहा है। एक समय था जब बिहार में भ्रष्टाचार सुर्खियों में था और आज आधारभूत संरचनाओं की योजनाएं, औद्योगिक विकास दिखाई दे रहा है। एक प्रकार से यहां विकास की लहर दिखाई दे रही है।   ‎उन्होंने कहा कि एक बार फिर से बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार स्थापित करने के लिए हमलोग मैदान में उतरे हैं। दावा करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जनता के आशीर्वाद से एनडीए ऐतिहासिक विजय प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि कल बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बिहार के दो नए बड़े प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है। इसमें मोकामा मुंगेर चार लेन हाईवे 4500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और भागलपुर दुमका रामपुर हाट की रेलवे लाइन में दूसरा ट्रैक बनाना है। ‎उन्होंने कहा कि बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो का निर्माण हो रहा है। एनडीए का संकल्प बिहार को विकसित बनाना है, बिहार को सुख-समृद्ध बनाना है। आज जो प्रगति दिख रही है, वह बिहार के उज्जवल भविष्य की प्रतीक है।   ‎ बिहार नई योजनाओं के कारण आगे बढ़ा है ‎केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार ने 11 वर्षों में अपने संकल्प को पूरा किया है। पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। पीएम मोदी ने कहा था कि समावेशी विकास के बिना भारत विकसित नहीं हो सकता। इस कारण उनका पूरा जोर उत्तरी पूर्वी राज्यों के विकास पर लगा है। बिहार इस दौरान नई योजनाओं के कारण आगे बढ़ा है।   ‎ ‎उन्होंने कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नए मेडिकल कॉलेज खुले, गरीब लोगों को मकान मिले, एक प्रकार से देखें तो समाज मे ऐसा कोई वर्ग नहीं है जिसकी चिंता पीएम मोदी ने नहीं की। ‎उन्होंने इस दौरान जीएसटी में बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि सभी उपयोगी चीजों में करों की कटौती कर मूल्यों में कमी की गई है। इससे मूल्य कम होंगे तो मांग बढ़ेगी और फिर उत्पादन बढ़ेगा। इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। ‎केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत नए विकास की ओर जा रहा है, यह सकारात्मक सोच का परिणाम है। मोदी जी और नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ रहा है।   ‎ विपक्ष पर बरसे ‎उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तरह फेल हो चुका है। विपक्ष चुनाव हारने के कारण ढूंढने में लगा है। जिस तरह से विपक्ष पीएम मोदी की माताजी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, उसकी निंदा करता हूं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जान लें कि आप जितना भला-बुरा बोलें, गाली दें, बिहार की जनता गुमराह नहीं होगी। यहां की जनता समझदार है। यहां के लोग विकास चाहते हैं। बिहार सुशासन चाहता है।   ‎ ‎इस कारण फिर से एक बार नीतीश कुमार की सरकार बनेगी और बिहार के लोगों की सेवा करेगी। इस दौरान एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि महागठबंधन किसी को सीएम उम्मीदवार घोषित कर दे लेकिन नीतीश कुमार के फेस के सामने कोई नहीं टिकता। अमेरिका के द्वारा टैरिफ लगाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर बातचीत चल रही है। ‎‎इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी व विधानपार्षद संजय मयूख,प्रदेश महामंत्री राजेश वर्मा,प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रूंगटा, प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल,प्रदेश सह प्रभारी प्रभात मालाकार उपस्थित रहें।

सियासी जुबानी जंग: संजय झा के बयान पर राजद ने एनडीए पर साधा निशाना

पूर्णिया राजद विधायक प्रतिनिधि इम्तियाज अशफी ने किशनगंज में जेडीयू और एआईएमआईएम पर जमकर निशाना साधा। दरअसल जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने हाल ही में एक सभा में माई-बहन योजना के फॉर्म भरने वालों को चेतावनी दी थी कि उनके खातों से पैसे काट लिए जाएंगे। इस पर गुरुवार रात कोचाधामन में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान अशफी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि एनडीए के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह लोग अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड में राजद सरकार अपनी घोषणाओं को पूरा कर रही है और हर खाते में 2500 रुपये की राशि दी जा रही है। अशफी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 20 साल के शासन में नीतीश ने कुछ नहीं किया, जबकि राजद के साथ केवल 17 महीने की सरकार में सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब तेजस्वी यादव ने 10 लाख नौकरियों का वादा किया था, तब नीतीश ने पैसों को लेकर सवाल उठाए थे मगर तेजस्वी ने संसाधन जुटाकर नौकरियां भी दीं। एआईएमआईएम पर टिप्पणी करते हुए अशफी ने कहा कि जाति और प्रतिशत के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश न की जाए। उन्होंने कहा कि AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान यह कहते हैं कि राजद 18 प्रतिशत को अनदेखा कर रही है और 2 प्रतिशत को अपने साथ रख रही है। इस तरह की बयानबाजी से समाज को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। अशफी ने कहा कि इसी तरह की राजनीति से 82 प्रतिशत लोग एकजुट हो गए हैं। राजद हमेशा सेकुलर विचारधारा वाले लोगों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि AIMIM सिर्फ एक मस्जिद की बात करती है, जबकि उसके बहाने चार मस्जिदें तोड़ी जा रही हैं। इसलिए समाज को बांटने का काम बंद होना चाहिए।

देश पर बड़ा हमला रचने की साजिश फेल, रांची से दानिश नामक आतंकी गिरफ्तार

रांची  पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल से जुड़े आंतकियों की भारत देश में बड़ा हमला करने की योजना थी. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक उक्त मॉड्यूल का मास्टरमाइंड रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र के न्यू तबारक लॉज से गिरफ्तार अशरफ दानिश उर्फ अशहर दानिश है. इस मॉड्यूल से जुड़े संदिग्ध दानिश को एक कंपनी का सीइओ, गजबा और प्रोफेसर जैसे अलग-अलग नामों से जानते थे. दिल्ली पुलिस और झारखंड एटीएस सहित देश के अन्य एजेंसियों की कार्रवाई में दानिश सहित 5 संदिग्धों को पकड़ने के बाद इसका खुलासा हुआ है. 6 महीने से सभी संदिग्धों पर नजर रख रही थी पुलिस छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों ने मुंबई के सूफियान अबुबकर खान और आफताब अंसारी को मंगलवार को दिल्ली से पकड़ा. वहीं तेलंगाना के निजामाबाद से हुजैफा यमन और मध्य प्रदेश के राजगढ़ से कामरान कुरैशी को भी गिरफ्तार किया है. उक्त लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राज्यों की एजेंसियां बीते 6 महीने से उनलोगों पर नजर रख रही थी. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आयी है कि मॉड्यूल से जुड़े संदिग्ध पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स से संपर्क में रहते हुए देश में बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहे थे. देश में होने वाला था बड़ा आतंकी हमला आंतरिक समूह में दानिश का कोड गजवा नेता था. लेकिन समय रहते संदिग्धों की गिरफ्तारी से देश में बड़ा आतंकी घटना को रोकने में सुरक्षा एजेंसियों को सफलता मिली है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अलकायदा संब कॉन्टिनेंट मॉड्यूल के कनेक्शन का पर्दाफाश किया था. इसका मास्टरमाइंड रेडियोलॉजिस्ट डॉ इश्तियाक को एटीएस के सहयोग से रांची से गिरफ्तार किया गया था. जांच में यह बात भी सामने आयी है कि संदिग्ध पाकिस्तानी मॉड्यूल के तहत आंतरिक संगठन बनाकर काम कर रहे थे. सभी कट्टरपंथी लड़के हैं. मामले में कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है. बाकी से पूछताछ जारी है.  

झारखंड में SIR लागू करने की तैयारी, बिहार के मॉडल पर काम तेज

रांची  झारखंड में जल्द ही मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) होने वाला है. राज्य में एसआइआर की तैयारियां शुरू कर दी गयी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी(सीइओ) के रविकुमार ने कहा कि चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची का एसआइआर कर रहा है. इसी क्रम में झारखंड में भी एसआइआर होगा. 17 सितंबर तक जमा करें रेशनलाइजेशन रिपोर्ट के रविकुमार ने कहा कि सभी जिले 17 सितंबर तक सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन पूरा करते हुए रिपोर्ट जमा करें. 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची के मिलान का कार्य भी जल्द पूरा करें. कंप्यूटर ऑपरेटर व बीएलओ का प्रशिक्षण भी संपन्न करें. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिलों के चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों को पीपीटी के माध्यम से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान ध्यान में रखे जानेवाले बिंदुओं की जानकारी दी. स्वीप के माध्यम से लोगों को करें जागरूक सभी जिलों के इआरओ, एइआरओ व उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में के रविकुमार ने कहा कि पदाधिकारी एसआइआर के दौरान लोगों को पूरी जानकारी मिलना सुनिश्चित करते हुए स्वीप के माध्यम से उनको जागरूक भी करें. इस मौके पर उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे.

राज्य के हर जिले में FSL कार्यालय, मोबाइल यूनिट से अपराधियों पर कड़ी नजर

पटना बिहार के सभी जिलों में जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) कार्यालय की स्थापना की जाएगी। सभी जिलों में कम से कम एक कार्यालय स्थापित करने की योजना है। वर्तमान में पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, राजगीर और पूर्णिया में एफएसएल कार्यालय या चलंत विधि विज्ञान इकाई कार्यरत हैं। इनके अतिरिक्त बचे हुए सभी जिलों में इसकी स्थापना करने के लिए पुलिस विभाग के सीआईडी विंग की तरफ से कवायद तेज कर दी गई है। इसके साथ ही सभी कार्यालयों में कम से कम एक-एक एफएसएल मोबाइल वाहन की भी तैनाती की जाएगी। वर्तमान में ऐसे मोबाइल वाहनों की संख्या 17 है, जिनकी तैनाती पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर समेत 13 अलग-अलग जिलों में है। सीआईडी के स्तर पर एफएसएल वैन की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे आने वाले समय में सभी जिलों में कम से कम एक मोबाइल वैन की प्रतिनियुक्ति कर दी जाए। फिलहाल 34 ऐसे वैन की खरीद की प्रक्रिया जारी है, जिसके इस वर्ष अक्टूबर तक पूरी हो जाने की संभावना है। अक्टूबर के बाद इन वैन की संख्या 51 हो जाएगी। इससे बड़े शहरों या जिन जिलों में अधिक एफआईआर होती है, वहां इनकी संख्या एक से अधिक बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा 50 ऐसे विशेष वाहनों की मांग गृह विभाग से की जाएगी। आगामी एक सप्ताह में इसकी मांग से संबंधित प्रस्ताव गृह विभाग के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।  

राजनीतिक सियासत: लालू ने तेजस्वी की ताकत बढ़ाने के लिए किया सक्रिय प्रयास, कांग्रेस देरी में

पटना राजद की चुनावी रणनीति का निर्धारण और तेजस्वी यादव को संवाद की सीख देकर एक समय निश्चिंत हो चुके लालू प्रसाद की सक्रियता दोबारा बढ़ गई है। स्वास्थ्य इसकी अनुमति नहीं देता, फिर भी वे दौड़-धूप कर रहे। एकमात्र उद्देश्य तेजस्वी को सत्तासीन करना है। लालू मान चुके हैं कि उनके हस्तक्षेप के बिना न सीटों पर समझौता संभव है और ना ही मुख्यमंत्री के चेहरे का निर्धारण। कांग्रेस आज आनाकानी कर रही, तो कल को कन्नी भी काट सकती है। चिंता महागठबंधन में पीछे धकियाने जाने की भी है। सामाजिक समीकरण का विस्तार किए बिना राजद को सत्ता मिलने से रही, जबकि परंपरागत जनाधार (मुसलमान-यादव) पर ही हिस्सेदार खड़े हो गए हैं, इसलिए लालू ने अपनी रणनीति का रुख दोतरफा कर दिया है। आक्रामक बयानों से वे कोर वोटरों को साधने का उपक्रम कर रहे, तो फील्ड में सक्रियता से विरोधियों के साथ महागठबंधन के घटक दलों को हर दांव-पेच से निपटने की चुनौती दे रहे। एनडीए, विशेषकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पर उनके बोल बेहद तीखे होते जा रहे। नीतीश सरकार के 20 वर्षों के शासन को वे "दो पीढ़ियों को बर्बाद करने वाला" करार चुके हैं। एक्स पर लिख चुके हैं, "ऐ मोदी जी, विक्ट्री चाहिए बिहार से और फैक्ट्री दीजिएगा गुजरात में! यह गुजराती फार्मूला बिहार में नहीं चलेगा!" क्षेत्रीय अस्मिता को उभारने वाला यह बयान वस्तुत: जनाधार के विस्तार की आकांक्षा है। लालू सपरिवार गयाजी पहुंच थे। अपने हाथों कोई षट्कर्म नहीं किया, क्योंकि गयाजी में वे पहले ही पिंडदान कर चुके हैं, फिर भी विष्णुपद मंदिर पहुंचे। उनकी यह पहल सीतामढ़ी में जानकी मंदिर पहुंचे राहुल गांधी से उत्प्रेरित मानी जा रही, जो धुव्रीकरण की आशंका को निर्मूल करने के उद्देश्य से रही। मुसलमानों के हिमायती राजद के लिए ध्रुवीकरण की स्थिति कभी लाभप्रद नहीं रहती, इसलिए लालू ने तेजस्वी को इससे बचते हुए ''खैनी में चूना रगड़ देने'' वाले बयान को बारंबार दोहराने की सीख दी। यह बयान वस्तुत: अगड़ों पर आक्षेप और कोर वोटरों को साधने का उपक्रम रहा। बहरहाल, लालू की रणनीति युवा-महिला वोटरों को लुभाने और एनडीए के वोट-बैंक में सेंधमारी के साथ तेजस्वी की छवि को एक प्रगतिशील नेता के रूप में स्थापित करने की है। माई-बहिन मान योजना और शत प्रतिशत डोमिसाइल के वादे के साथ महागठबंधन में नए सहयोगियों (झामुमो और रालोजपा) को जोड़ने से इसका आभास होता है। सारे निर्णय लालू के रहे। हालांकि, परिवार के भीतर मतभेद, महागठबंधन में अंतर्द्वंद्व और कानूनी चुनौतियां उनकी इच्छाओं पर तुषारापात कर रहीं। इसके बावजूद वे तेजस्वी को मुख्यमंत्री का चेहरा बता रहे, क्योंकि इसके लिए अभी कोई दूसरा दमदार आवाज नहीं। पांच फरवरी को नालंदा में लालू ने तेजस्वी को ही महागठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा बताया था। उसके बाद मोतिहारी में कहा कि "तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता।" इस उद्घाेष के बावजूद कांग्रेस पेच फंसाए है। ऐसे में लालू इत्मीनान से नहीं बैठ सकते। मोतिहारी में वे पूर्व विधायक यमुना यादव के निधन पर शोक जताने गए। पुराने नेताओं के स्वजनों का दु:ख साझा करने के लिए ऐसे ही वैशाली और आरा भी जा चुके हैं। इस स्तर पर लालू की सक्रियता पिछले वर्षों में नहीं रही। हालांकि, उनकी अति-सक्रियता राजद की संभावना के प्रतिकूल भी पड़ जाती है। तब जंगलराज की पुनर्वापसी की आशंका जताते विरोधी कुछ अधिक आक्रामक हो जाते हैं।