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झारखंड में भी घोटाले की गूंज, ईडी की जांच में कई खुलासे सामने आए

रांची छत्तीसगढ़ के बाद अब झारखंड में भी शराब घोटाला केस में शिकंजा कसने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही वहां की ईडी ने अपने छठे पूरक आरोप पत्र में जिन्हें घोटाले का दोषी पाया है, उनका कनेक्शन झारखंड से भी है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में राज्य में छत्तीसगढ़ माडल पर लागू उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ के जिन पदाधिकारियों और वहां के शराब कारोबारियों का झारखंड में वर्चस्व था, सभी वहां चार्जशीटेड हैं। झारखंड में भी ईडी उनका हिसाब करेगी, क्योंकि उससे जुड़े केस झारखंड ईडी ने भी दर्ज किया है। झारखंड में ईडी ने शराब घोटाला से जुड़े केस में दो अलग-अलग इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) कर रखा है। इनमें एक ईसीआइआर रायपुर की आर्थिक अपराध इकाई में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर व दूसरी ईसीआइआर झारखंड एसीबी में 20 मई 2025 को दर्ज शराब घोटाले से संबंधित एफआइआर के आधार पर दर्ज है। दोनों ही ईसीआइआर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग झारखंड के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से जुड़े हैं। आरोप है कि कमीशन में मोटी रकम लेकर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपितों का झारखंड में शराब बिक्री में प्रवेश कराया। प्लेसमेंट एजेंसियों से लेकर शराब आपूर्ति कंपनियों तक को झारखंड में काम दिया। इन कंपनियों पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप लगा तो उन्हें बाद में ब्लैकलिस्ट किया गया। अब भी झारखंड सरकार का 450 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया छत्तीसगढ़ की उक्त आरोपित कंपनियों पर है, जिसकी वसूली के लिए सरकार प्रयासरत है। डक्यूमेंटेशन भी कर चुकी है झारखंड की ईडी, जांच जारी झारखंड की ईडी ने अपने यहां दर्ज शराब घोटाले के दोनों ही मामलों में मनी लांड्रिंग के बिंदु पर जांच के बाद निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे व उनसे जुड़े अन्य आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। उनसे छत्तीसगढ़ के रायपुर में दर्ज केस में भी पूछताछ की जा चुकी है। यहां भी ईडी ने उनसे पूछताछ की थी। उनके कार्यकाल में फर्जी बैंक गारंटी पर शराब की खुदरा दुकानों में मैनपावर आपूर्ति का ठेका लेने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों के गिरफ्तार संचालकों से भी रिमांड पर पूछताछ की थी। झारखंड ईडी भी शराब घोटाले से जुड़े सबूत व बयान को जुटाती जा रही है, ताकि पुख्ता सबूत के साथ ईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सके। छत्तीसगढ़ में जिन कंपनियों पर चार्जशीट की, उन्हें झारखंड से भुगतान ईडी ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में जिन दो कंपनियों मेसर्स दीशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड पर चार्जशीट की है और उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त की है, उनपर झारखंड के अधिकारी मेहरबान रहे हैं। पूर्व में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन आयुक्त आईएएस अमित प्रकाश (अब सेवानिवृत्त) ने 11 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। यह भुगतान विभागीय मंत्री के रूप में योगेंद्र प्रसाद के शपथ ग्रहण व योगदान के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें बताए बगैर किया गया था। यह भुगतान अमित प्रकाश ने अपनी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले ही कर दिया था। छत्तीसगढ़ की इन दोनों ही कंपनियों ने झारखंड में वर्ष 2022 में थोक शराब की आपूर्ति की थी। उन्हें नवंबर 2024 में तत्कालीन आयुक्त ने भुगतान किया था। भुगतान वैसी स्थिति में किया गया था, जब छत्तीसगढ़ सिंडिकेट की ही झारखंड में काली सूची में डाली गई चार प्लेसमेंट एजेंसियों पर करीब 450 करोड़ रुपये का बकाया है। इन चार प्लेसमेंट एजेंसियों में मेसर्स एटूजेड इंफ्रा सविर्सस लिमिटेड, मेसर्स इगल हंटर सोल्यूशंस लिमिटेड, मेसर्स प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स सुमित फैसिलिटिज शामिल हैं। इस राशि की वसूली का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

नर्सिंग स्टाफ की भर्ती जल्द, सीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी लाने को कहा

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राज्य में खाली पड़े नर्सिंग स्टाफ और स्पेशलिस्ट समेत चिकित्सकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने का निर्देश दिया। बता दें राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में 21578 नर्सिंग स्टाफ के पद स्वीकृत हैं जिसमें 7609 पद रिक्त हैं। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि हम सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दें। इसके लिए उन्होंने उन्होंने राज्य सभी लोगों का हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्घ कराने के लिए शहरी एवं ग्रामीण में बांटकर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अलग-अलग हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अध्ययन करें। कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, शुगर आदि से संबंधित आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था बनाएं। बैठक में सीएम ने सरकारी अस्पतालों की बुनियादी ढांचे, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव, स्वास्थ्य नेहा अरोड़ा, एमडी एनएचएम शशि प्रकाश झा आदि मौजूद थे। एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग को एआई कंट्रोल रूम बनाएं मुख्यमंत्री ने एंबुलेंस सेवाओं को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही एंबुलेंसों की मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से टैग एंबुलेंस क्रियाशील हों, यह सुनिश्चित करें। लापरवाही पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई करें। सीएम ने आपातकालीन स्थिति में मरीज को त्वरित अस्पताल पहुंचाने को लेकर उबर कॉन्सेप्ट का अध्ययन कर भविष्य में उसी तर्ज पर एंबुलेंस सेवा के विस्तार करने का निर्देश दिया। पैरालाइसिस, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए अच्छी व्यवस्था हो मुख्यमंत्री ने राज्य में पैरालाइसिस अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में अच्छी व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सीएम ने कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग आदि जिलों में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यो में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। राज्य में खुलेगा अबुआ दवाखाना राज्य सरकार द्वारा राज्य में मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना की स्थापना एवं संचालन की जायेगी। यह एकीकृत औषधि केन्द्र होगा, जिसका संचालन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होगा। अबुआ दवाखाना से ग्रामीण जनता को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्ध प्रणाली की आवश्यक औषधियां एक ही स्थान पर सुलभता पूर्वक नि:शुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी। अंगदान के लिए करें जागरूक मुख्यमंत्री ने किडनी, लीवर, कॉर्निया आदि अंगदान के लिए लोगों को जागरूक करने और इसके लिए अस्पताल में व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यशाला का आयोजन कर चिकित्सकों का ज्ञान विकसित कराने का निर्देश दिया। साथ ही ब्लड बैंक की व्यवस्था को दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने अस्पतालों को एयर कूल बनाने की कार्य योजना बनाने और बर्न यूनिट दुरूस्त करने का निर्देश दिया।

कोचिंग सेंटर पर हमले के बाद बवाल, छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

पटना पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग और बवाल के बाद अब छात्र सड़क पर उतर गए हैं। बुधवार की सुबह सैकडों की संख्या में छात्र खान सर के घर के बाहर सड़क पर बैठ गए। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वहां पुलिस की तैनाती कर दी गई। जो वीडियो सामने आया है उसमें कई छात्र-छात्राएं सड़क पर बैठी नजर आ रही हैं। छात्र-छात्राएं काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पूरा सड़क जाम हो गया था। इस प्रदर्शन के बीच खान सर अपने घर की बालकनी में खड़े नजर आए और प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से खास अपील करते नजर आए। खान सर ने कई बार हाथ जोड़कर अपील करते हुए नजर आए कि वो सभी (प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं) अपने घर चले जाएं। खान सर के कोचिंग सेंटर को फिलहाल अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि, खान सर के इस खास अपील के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्र वहां डटे हुए थे। खान सर ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा है कि पुलिस लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। पुलिस रात भर कोचिंग सेंटर के बाहर रही। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी प्रदर्शनकारी सड़क से हट जाएं और अपने घर चले जाएं। इससे सड़क जाम है और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। इधर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। मीडिया से बातचीत में प्रदर्शनकारी एक छात्रा ने कहा कि हमें क्यों जाना चाहिए। जब हमारे टीचर पर ही हमला हो जा रहा है। हमलोगों की छुट्टी होने से पहले ही नोटिफिकेशन आ जाता है। आज नोटिफिकेशन आया नहीं। जब हमलोग यहां आए तो पता चला कि ऐसा हुआ है। एक अन्य छात्रा ने कहा कि हमलोग घर हीं जा सकते हैं। हमलोगों को जानना है कि आखिर खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला कैसे हो गया। अगर दूसरों को हमसे जलन है तो वो भी छात्रों को पढ़ाएं। सड़क पर बैठी एक छात्रा ने कहा कि खान सर पर गोली चली है। वो बच्चों के लिए इतना कुछ करते हैं। लेकिन जलन की वजह से उनसे दुश्मनी हो जाती है। अगर अच्छा करना है तो खुद भी बच्चों को अच्छे से पढ़ाइए। छात्रा ने कहा कि हम घर नहीं जाएंगे, क्यों गोली चली। हमलोगों की क्लास भी नहीं हो पाई। छात्राओं ने कहा कि हमलोग यहां से नहीं जाएंगे। हम सभी खान सर के साथ हैं। हमलोग यहां से नहीं जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन के बीच वहां मौजूद पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझा रही थी कि वो वहां से हट जाएं। लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे। खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला बता दें कि पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर मंगलवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।सूत्रों के अनुसार मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर की कोचिंग सेंटर के बाहर रात के समय कुछ युवक आए और सेंटर में तोड़फोड़ की तथा कई पोस्टर फाड़ दिए। विरोध करने पर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल गार्ड को उपचार के लिए भेजा गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद कदमकुआं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिससे घटना में शामिल युवकों की पहचान की जा सके। साथ ही कोचिंग प्रबंधन और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर खान सर भी कोचिंग सेंटर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तोड़फोड़ की घटना में असामाजिक तत्वों के शामिल होने का अंदेशा जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे कुछ कोचिंग संचालकों का हाथ भी हो सकता है। खान सर ने कहा कि उन्हें पहले भी धमकियां मिल चुकी है उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

Khan Sir Coaching Center पर हमले के बाद बड़ा फैसला, ग्लोबल स्टडीज संस्थान बंद

पटना  खान सर ने हमले की घटना के बाद अपने कोचिंग सेंटर को बंद कर द‍िया है. मंगलवार 2 जून 2026 की देर शाम को ब‍िहार की राजधानी पटना के मुसल्‍लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था. तीन से चार राउंड तक गोली चलने की बात कही जा रही है. खान सर का दावा है कि कोचिंग सेंटर में तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट भी गई. गार्ड को इतना पीटा गया कि वह लहूलुहान हो गया. घायल अवस्‍था में उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पटना के एसएसपी, एसपी समेत पुलिस प्रशासन का पूरा अमला दलबल के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचे पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्‍होंने आश्‍वास‍न दिया कि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को बख्‍शा नहीं जाएगा।  पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद खान ग्लोबल स्टडीज को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. घटना के बाद से अब तक कोचिंग में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. इस बीच बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग परिसर के बाहर पहुंच रहे हैं, लेकिन संस्थान की ओर से उन्हें पढ़ाई शुरू होने या कोचिंग खुलने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. जानकारी के अभाव में कोचिंग के बाहर छात्रों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. छात्र अपनी कक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं. गौरतलब है कि हाल ही में कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संस्थान के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल कोचिंग प्रबंधन ने अगली सूचना तक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया है।  सड़कों पर उतरे छात्र खान सर के कोचिंग संस्थान पर देर शाम हुई कथित तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटना के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कोचिंग पढ़ने पहुंचे छात्रों ने संस्थान के बाहर नारेबाजी करते हुए खान सर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई. छात्रों का कहना था कि उनके प्रिय शिक्षक पर हुआ हमला बेहद गंभीर है और प्रशासन को तत्काल उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए. सुबह से ही खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई. देखते ही देखते मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में हजारों छात्र एकत्र हो गए, जिससे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।  खान सर की छात्रों से अपील स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खान सर स्वयं कोचिंग सेंटर की बालकनी में पहुंचे और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने बार-बार छात्रों से सड़क खाली कर अपने-अपने घर लौटने का अनुरोध किया. हालांकि, खान सर की अपील के बावजूद छात्र मौके से हटने को तैयार नहीं दिखे और लगातार नारेबाजी करते रहे. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि जब तक प्रशासन उनकी सुरक्षा संबंधी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोचिंग सेंटर के बाहर माहौल काफी तनावपूर्ण रहा, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी था. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे तथा भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे।  छात्रों में आक्रोश गौरतलब है कि मंगलवार देर रात खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था. इस घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में छात्र खान सर के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ खान सर को सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। 

अगले साल झारखंड में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज

धनबाद. झारखंड में अगले वर्ष यानी अप्रैल-मई 2027 के महीने में पंचायत चुनाव होगा। चुनाव सही ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र देकर तैयारियां करने का आदेश दिया है। साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर कई जानकारियों की मांग की है। इस आदेश के बाद धनबाद जिले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से जिलों को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि अप्रैल-मई 2027 में पंचायत चुनाव होना है। इस त्रिस्तरीय चुनाव के तहत जिला परिषद, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और पंचायत वार्ड सदस्य के पद पर चुनाव होगा। ऐसे में जिलों से वहां मौजूद छोटी और बड़ी मतपेटियों की संख्या, बूथों की जानकारी, पंचायतों की संख्या से संबंधित जानकारी की मांग की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, धनबाद जिले में 256 पंचायते हैं और जिला के पास करीब पांच हजार से अधिक मतपेटियां हैं। यह भी बताया गया है कि प्रत्येक बूथ के लिए दो बड़ी मतपेटी और एक छोटी मतपेटी का उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी धनबाद मुकेश कुमार बाउरी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग से आदेश पत्र प्राप्त हुआ है। उपरोक्त आदेशों पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त धनबाद से आदेश लेने के बाद कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। मतपत्र से होगा चुनाव: नगर निकाय चुनाव की तरह ही पंचायत चुनाव भी मतपत्रों के माध्यम से ही होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतपेटियों के बावत जानकारी मांगी है। इससे यह साफ हो गया है कि मतपत्रों से ही चुनाव होगा। एक मतदाता को तीन वोट देने होंगे। इनमें जिला परिषद सदस्य, मुखिया और पंचायत समिति सदस्य पद के लिए वोट दिया जाएगा। चार रंगों के रहेंगे मतपत्र: निर्वाचन आयोग के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत होने वाले चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए चार रंग के मतपत्रों को उपयोग किया जाएगा। इसमें सफेद रंग का मतपत्र पंचायत के वार्ड सदस्य के लिए होगा। इसी प्रकार से मुखिया के लिए गुलाबी, पंचायत समिति सदस्य के लिए हल्का हरा और जिला परिषद सदस्यों के लिए हल्के पीले रंग का मतपत्र होगा।

बीमा राशि दिलाने के बदले घूस मांगना पड़ा भारी, CBI ने बैंक मैनेजर को रंगे हाथ पकड़ा

रांची. सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने गोड्डा स्थित एसबीआई की डुमरिया शाखा के शाखा प्रबंधक रोहित कुमार सिंह को 77 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की टीम ने उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके कार्यालय व आवासीय परिसर में भी तलाशी ली है। छानबीन अभी जारी है। उन्हें गिरफ्तार करने के बार सीबीआई ने उन्हें धनबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब रिमांड पर लेकर उनके व अन्य सहयोगियों तथा उनकी चल-अचल संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाएगी। पूरा मामला बीमा की राशि व खाते में पड़ी राशि के स्थानांतरण के एवज में रिश्वत मांगने से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने 31 मई को सीबीआई में शिकायत की थी कि उनकी मां का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये का बीमा था। उनकी मां के दिवंगत होने के बाद दो लाख रुपये के बीमा की राशि के दावे को निष्पादित करने के एवज में बैंक मैनेजर रोहित कुमार सिंह ने 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी दिवंगत मां के बैंक खाते में पड़े 35 हजार रुपये के स्थानांतरण के बाद उसकी निकासी पर लगी रोक को हटाने के एवज में भी बैंक मैनेजर ने 17 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पूरे मामले का सत्यापन कराया और इसके बाद आरोपित शाखा प्रबंधक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपित की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने जाल बिछाया और बैंक मैनेजर को सोमवार को गिरफ्तार किया था और उसके आवासीय व कार्यालय के परिसर में तलाशी ली थी। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच जारी है।

बिहार की राजनीति में गरमाया आवास विवाद, सम्राट चौधरी ने लालू परिवार को घेरा

मुजफ्फरपुर. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार संविधान से चल रहा है। कुछ इसे राजतंत्र के अनुसार चलाना चाहते हैं, मगर ऐसा नहीं होगा। बिहार में लोकतंत्र है। यहां कानून का राज है। आवास तो ख़ाली करना ही पड़ेगा। इसे कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। उनका निशाना लालू परिवार पर था। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली नहीं करने को लेकर कहा, पिता के लिए अलग, बेटा के लिए अलग, पत्नी के लिए अलग आवास चाहिए। सभी को अलग अलग सुरक्षा चाहिए। उन्हें नीति सिद्धांत से मतलब नहीं। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा तो आवास भी समय से खाली कर दिया। कुछ लोग यहाँ राजतंत्र चलाना चाहते, मगर ऐसा नहीं होगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को मोतीपुर की परसौनी नाथ पंचायत में सहयोग शिविर का निरीक्षण करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरे आवास को लेकर बयान दे रहे हैं। उन्हें यह बता दूं कि उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री रहने पर भी वह पिता के घर में रहे। वह भी पिताजी ने घर का एक हिस्सा दिया। पीएम मोदी, नीतीश कुमार, एनडीए के नेता और जनता ने मुख्यमंत्री बनाया तो सीएम आवास में आया हूं। यहां जनता जिसे चाहेगी मुख्यमंत्री बनाएगी। सहयोग शिविर को लेकर उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार के मार्ग पर चल कर बिहार को समृद्ध बनाना है। लोगों की समस्या का समाधान देना है। इसलिए ही यह क़ानून बनाया गया है। आपकी समस्या का निदान कर्मचारियों और पदाधिकारियों को करना ही होगा। अगर 10 दिन में नहीं किया तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से एक नोटिस जाएगा। फिर 20 दिन में नहीं किया तो 21वें दूसरा नोटिस जाएगा। तीसरा मौक़ा भी दिया जाएगा। लेकिन 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा। तीस दिनों में समाधान नहीं हुआ तो नोटिस नहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से नोटिस नहीं कर्मचारी और पदाधिकारी के निलंबन का आदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित किया। मैं भी आपको एक बात के लिए आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई भी अपराधी या गुंडा अगर पुलिस को चैलेंज करता है तो उसे 48 घंटे में जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा, हरा गमछा के मेरे बयान पर कुछ लोगों ने टिप्पणी की। मैं कहता हूं हरा रंग हरियाली का प्रतीक है। अगर कोई गुंडागर्दी करेगा तो उसकी जगह जेल में होगी।

NFHS-6 रिपोर्ट ने दिखाई बिहार की बदली तस्वीर, बेटियों की पढ़ाई में आया बड़ा सुधार

पटना. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS)-6 की रिपोर्ट ने बिहार के सामाजिक और शैक्षणिक विकास की सकारात्मक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में छह वर्ष और उससे अधिक आयु की स्कूल जाने वाली लड़कियों की संख्या 61.1 प्रतिशत से बढ़कर 64.1 प्रतिशत हो गई है। यानी छात्राओं की स्कूलिंग में करीब पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके मुकाबले पुरुषों में 10 या उससे अधिक वर्ष की स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या 42.8 प्रतिशत से बढ़कर 45.9 प्रतिशत हुई है, जो करीब तीन प्रतिशत की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, साइकिल योजना और सामाजिक जागरूकता अभियानों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। राजधानी पटना समेत राज्य के शहरी क्षेत्रों में लड़कियों का विद्यालयों और कालेजों में नामांकन लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार बिहार में महिलाओं की शैक्षणिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 33.1 प्रतिशत महिलाओं ने 10 या उससे अधिक वर्षों की स्कूली शिक्षा पूरी की है, जबकि एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 28.8 प्रतिशत था। यानी लगभग 4.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैंकिंग और डिजिटल पहुंच में भी सुधार एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार बिहार में 98.5 प्रतिशत परिवारों के कम से कम एक सदस्य के पास बैंक या डाकघर खाता है, जबकि पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 95.5 प्रतिशत था। वहीं इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 20.6 से बढ़कर 58.4 हो गया है। पुरुषों में यह आंकड़ा 35.4 प्रतिशत से बढ़कर 78.1 प्रतिशत पहुंच गया है।  बाल विवाह और प्रजनन दर में कमी रिपोर्ट के अनुसार 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की उन महिलाओं का प्रतिशत, जिनकी शादी 18 वर्ष से पहले हुई थी, 40.8 प्रतिशत से घटकर 34.6 प्रतिशत हो गया है। वहीं कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 3.0 से घटकर 2.7 पर पहुंच गई है। इसे जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार बिहार में बिजली सुविधा वाले घरों की संख्या 96.3 प्रतिशत से बढ़कर 98.5 प्रतिशत हो गई है। बेहतर पेयजल सुविधा प्राप्त करने वाली आबादी का प्रतिशत 99.2 से बढ़कर 99.8 हो गया है। स्वास्थ्य बीमा या वित्तीय सुरक्षा योजना से जुड़े परिवारों का प्रतिशत भी 17.4 से बढ़कर 21.1 दर्ज किया गया है। पटना में दिख रहा बदलाव शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पटना में छात्राओं की स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और बेटियों को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार एनएफएचएस-6 के आंकड़े संकेत देते हैं कि बिहार में सामाजिक विकास की रफ्तार तेज हुई है और इसमें महिलाओं की भागीदारी निर्णायक भूमिका निभा रही है। बदलाव की गवाही देते आंकड़े स्कूल जाने वाली लड़कियां : 61.1 प्रतिशत से बढ़कर 64.1 प्रतिशत 10 वर्ष या अधिक स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाएं : 28.8 प्रतिशत से बढ़कर 33.1 प्रतिशत 10 वर्ष या अधिक स्कूली शिक्षा प्राप्त पुरुष : 42.8 प्रतिशत से बढ़कर 45.9 प्रतिशत इंटरनेट उपयोग करने वाली महिलाएं : 20.6 प्रतिशत से बढ़कर 58.4 प्रतिशत बैंक खाता वाले परिवार : 95.5 प्रतिशत से बढ़कर 98.5 प्रतिशत बाल विवाह (18 वर्ष से पहले) : 40.8 प्रतिशत से घटकर 34.6 प्रतिशत कुल प्रजनन दर : 3.0 से घटकर 2.7

JSSC ने जारी किया एग्जाम शेड्यूल, 510 भर्तियों के साथ JPSC और JET पर भी अहम खबर

रांची. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 की तिथि घोषित कर दी है। यह लिखित परीक्षा पांच जुलाई केा राज्य के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित होगी। आयोग के अनुसार, परीक्षा से संबंधित प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए लिंक आयोग के वेबसाइट पर जून माह के अंतिम सप्ताह में उपलब्ध कराया जाएगा। अभ्यर्थी उक्त लिंक के माध्यम से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र डाक अथवा किसी भी अन्य माध्यम से उपलब्ध नही कराया जाएगा। आयोग ने परीक्षा में सम्मिलित होनेवाले अभ्यर्थियों को सुझाव दिया है कि परीक्षा से संबंधित सुचिता को बरकरार रखेंगे तथा किसी प्रकार के कदाचार संबंधी प्रयास में शामिल नहीं होंगे। अन्यथा दोषी पाए जाने पर झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि इस परीक्षा के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यकर्ता के कुल 510 पदों पर नियुक्ति होनी है। 14 जून को होगी जेट व उड़िया की परीक्षा झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) के तहत शिक्षा तथा उड़िया विषय की परीक्षा 14 जून होगी। झारखंड लोक सेवा आयाेग ने साेमवार को परीक्षा की तिथि की घोषणा कर दी। यह परीक्षा उक्त तिथि को सुबह 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक रांची में आयोजित की जाएगी। आयोग के अनुसार, उक्त दोनों विषयों के लिए अभ्यर्थी प्रवेश पत्र एवं उपस्थिति पत्रक 10 जून से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। बता दें कि पूर्व में इन दोनों की परीक्षा निर्धारित तिथि 26 अप्रैल को नहीं हो सकी थी।

बिहार के गया का बढ़ा मान, शुभम बने JEE Advanced के ऑल इंडिया टॉपर

पटना. देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड 2026 में बिहार के लाल शुभम कुमार ने इतिहास रच दिया है। गया जिले के रहने वाले शुभम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शुभम को परीक्षा में 360 में से 330 अंक प्राप्त हुए हैं। उनकी सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है। इससे पहले भी उन्होंने जेईई मेन 2026 के दोनों सत्रों में 100 परसेंटाइल हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। शुभम ने कहा कि दो साल से जेईई एडवांस्‍ड की तैयारी कर रहे थे। बहुत मेहनत करने पर बेहतर की उम्‍मीद तो रहती ही है। परिणाम से बहुत अच्‍छा लग रहा है। गया शहर के नादरागंज निवासी शुभम साधारण परिवार से हैं। उनके पिता शिव कुमार हार्डवेयर व्यवसायी हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। शुभम की उपलब्धि ने पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है और राज्य के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। मुख्‍यमंत्री ने कहा-ब‍िहार का नाम क‍िया रोशन शुभम की सफलता पर राजनीतिक और सामाजिक जगत से भी उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शुभम की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि जेईई एडवांस्ड 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर शुभम ने पूरे देश में बिहार का नाम रोशन किया है। सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि शुभम की अथक मेहनत, अनुशासन, समर्पण और असाधारण प्रतिभा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने शुभम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि उनके जीवन में नई ऊंचाइयों का आधार बनेगी। जेईई एडवांस्ड जैसी कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल कर शुभम कुमार ने यह साबित कर दिया है कि लगन, मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की ताकत रखते हैं। उनकी सफलता बिहार के शैक्षणिक परिदृश्य के लिए भी गर्व का विषय है।