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सरकारी नौकरी का मौका! झारखंड में 1733 कक्षपाल पदों के लिए करें अप्लाई

रांची. राज्य की जेलों में कक्षपाल नियुक्ति को लेकर आयोजित होने वाली झारखंड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में अधिकतम आयु की गणना का कट आफ डेट अब एक अगस्त 2019 निर्धारित किया गया है। पहले यह कट आफ डेट एक अगस्त 2025 निर्धारित था। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 14 मई को पारित आदेश के बाद राज्य सरकार ने अधिकतम आयु सीमा की गणना का कट आफ डेट एक अगस्त 2019 करने का निर्णय किया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने इस संबंध में मंगलवार को सूचना प्रकाशित कर दी। इससे उन सभी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो अधिक आयु होने के कारण इस प्रतियोगिता परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित हो रहे थे। आयोग ने इसी के साथ इस परीक्षा को लेकर आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए रजिस्ट्रेशन करने तथा सूचना दर्ज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी। इसकी अंतिम तिथि 19 जून निर्धारित की गई है। परीक्षा शुल्क भुगतान करने तथा फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड कर आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेने के लिए समय सीमा 21 जून मध्य रात्रि तय की गई है। 22 जून से 24 जून मध्य रात्रि तक ऑनलाइन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी का नाम, जन्म तिथि, ईमेल आइडी एवं मोबाइल नंबर को छोड़कर किसी भी अशुद्ध प्रविष्टि को संशोधित किया जा सकेगा। 1,733 पदों पर होनी है नियुक्ति इनमें 1,698 नियमित पद कक्षपाल के कुल 1,733 पदों पर नियुक्ति होनी है, जिनमें 1,698 नियमित तथा 35 बैकलाॅग पद सम्मिलित हैं। कुल नियमित पदों में 1634 पद पुरुषों तथा 64 पद महिलाओं के लिए हैं। बताते चलें कि कक्षपाल नियुक्ति के लिए पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर माह में ही आवेदन भरे जाने थे, लेकिन आयु सीमा के कट आफ डेट को लेकर विवाद के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

अवैध भवनों पर झारखंड सरकार का नया फैसला, तय समय में आवेदन नहीं किया तो होगी कार्रवाई

दुमका. नगर विकास विभाग ने झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अन ऑथराइज कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026 को लागू कर दिया है। विभाग ने 27 अप्रैल को ही इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के मुताबिक, 31 दिसंबर 2024 से पहले तक बिना नक्शा के बने भवनों का नए सिरे से नक्शा पास कराया जा सकता है। शर्त यह है कि अधिसूचना जारी होने के 60 दिनों के अंदर लोगों को ऑनलाइन मोड में आवेदक को आवेदन करना होगा। अधिसूचना में ऑफलाइन आवेदन जमा कराने का कोई प्रविधान नहीं किया गया है। निर्धारित तिथि तक आवेदन नहीं देने वाले वैसे भवन मालिकों के खिलाफ अवैध निर्माण का केस दर्ज भी किया जा सकता है जो बिना नक्शा बनाए या फिर तय नक्शा का उल्लंघन कर भवन का निर्माण कराए हैं। इसके तहत भवन तोड़ने तक की कार्रवाई की जा सकती है। 300 वर्ग मीटर के प्लॉट-भवनों पर लागू इस नियमावली के तहत तीन मंजिलें भवन यानि 10 मीटर या जी प्लस टू और 300 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बने भवन ही नियमित किए जाएंगे। सिर्फ उन्हीं भवनों को वैध किया जाएगा, जिनका निर्माण रैयती जमीन पर हुआ है। आदिवासी, सरकारी या नदी नाला के आसपास बने भवनों को किसी भी सूरत में नियमित नहीं किया जाएगा। 300 वर्ग मीटर का मतलब तकरीबन 3229.17 वर्ग फुट का प्लॉट पर बनाया गया भवन इस दायरे में आएगा। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद नियमावली के तहत बने हुए घर का नक्शा पास कराने के दौरान आवेदन में कोई गलत जानकारी दी जाती है तो आवेदन को रद कर दिया जाएगा। साथ ही आवेदक द्वारा जमा की गई राशि जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद संबंधित भवन को तोड़ने की कार्रवाई की जा सकती है। यदि भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है तो भवन मालिक को शपथ पत्र देना होगा कि वह नियमितीकरण की मंजूरी के छह महीने के अंदर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण करा लेगा। 50 प्रतिशत फीस देनी होगी आवासीय भवन के लिए 10 हजार व व्यावसायिक भवन के लिए 20 हजार रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन के समय आवेदक को कम से कम 50 प्रतिशत फीस का भुगतान करना होगा। शेष राशि तीन किस्तों में जमा करनी होगी। निर्धारित शुल्क के अलावा लेबर सेस 17.22 रुपए की दर से देना होगा। मतलब 1000 वर्गफीट का नक्शा पास कराने के लिए 17220 रुपये देने होंगे। इसके अलावा आर्किटेक्ट को 15 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से फीस देनी होगी। ऑनलाइन होगा आवेदन भवन मालिकों को बिल्डिंग प्लान एप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल यानि बीपीएएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए नगर परिषद से निबंधित आर्किटेक्ट या लाइसेंस टेक्निक्ल पर्सन से भवन जैसा है, वैसा ही नक्शा बनवाना होगा। नक्शा के साथ साइट प्लान, भवन की फोटो, जमीन का डीड, करेक्शन स्लिप, खतियान की सत्यापित प्रति, लगान रसीद, होल्डिंग नंबर की रसीद, स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट, व्यवसायिक भवनों के लिए अग्निशमन विभाग का एनओसी देना होगा। अवैध निर्माण का केस चल रहा है तो वापस होगा वैसे भवन जिन पर अवैध निर्माण का केस किया गया है उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। ऐसे भवन मालिक भी अपने भवनों का नक्शा पास करा सकते हैं। नक्शा स्वीकृत होने के बाद भवन मालिक को आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट दिया जाएगा। साथ ही उनके ऊपर पहले से चल रहे केस वापस ले लिए जाएंगे। जबकि सरकारी जमीन, पार्क, सड़क, जल निकाय, तालाबों पर बने मकान और सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन करने वाले निर्माणों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। दुमका में अब तक एक भी ऑनलाइन आवेदन नहीं 27 अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के बाद इस नियमावली के तहत बीपीएएमएस पोर्टल पर दुमका शहरी क्षेत्र से किसी आवेदक ने अब तक ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है। दुमका नगर परिषद क्षेत्र में 21 वार्ड हैं और हाल के वर्षों में शहरी क्षेत्र में आबादी के साथ मकानों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में नगर परिषद के समक्ष भी इस नियमावली के तहत भवनों के नियमितीकरण कराने की बड़ी चुनौती होगी। नक्शा पास का आंकड़ा उपलब्ध नहीं दुमका शहरी में क्षेत्र में कितने भवनों का नक्शा पास हुआ है इसका अद्यतन आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसे उपलब्ध कराने के दिशा में पहल हो रही है। नए नियमावली के तहत अभी एक भी आवेदक ने नियमितीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि शीघ्र ही आवेदक आगे आकर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। – कुमार प्रियम, सहायक नगर निवेशक, नगर परिषद, दुमका

TRE-4 को लेकर पटना में बवाल, प्रदर्शन कर रहे कई छात्र पुलिस हिरासत में लिए गए

पटना. बीपीएससी टीआरई-4 का विज्ञापन जारी करने को लेकर बुधवार को कई छात्रों को प्रदर्शन करने से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पटना काॅलेज पहुंचे विद्यार्थियों को पुलिस बारी-बारी से वाहन में बिठाकर ले गई। विज्ञापन जारी करने के साथ अभ्यर्थी गिरफ्तार किए गए छात्र नेता दिलीप कुमार व अन्य की रिहाई की मांग कर रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ बल प्रयोग किया। इस दौरान रिंकल यादव और खुशबू पाठक सहित अन्य छात्रों को हिरासत में लिया।  प्रदर्शन की घोषणा पर अलर्ट थी पुलिस बीपीएससी टीआरई-4 के विज्ञापन और गिरफ्तार छात्र नेताओं की रिहाई के लिए होने वाले प्रदर्शन को देखते ही बुधवार की सुबह आठ बजे से ही पुलिस बल पटना कालेज गेट के बाहर तैनात कर दिया गया था। तय कार्यक्रम के तहत सुबह नौ बजे से छात्र कालेज पहुंचने लगे। इसके पहले विद्यार्थी की संख्या अधिक होती, पटना कालेज का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। TRE 1 जैसे-जैसे छात्र पटना कालेज पहुंचे, पुलिस उन्हें हिरासत में लेती रही। इस दौरान हिरासत में लिए जाने के डर से कई छात्र इधर-उधर भागने लगे। प्रदर्शन के लिए आरा से आ रहीं छात्र नेता खुशबू पाठक को पुलिस ने बिहटा से हिरासत में ले लिया। टीआरई-4 के विज्ञापन की मांग कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में उतरे पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेता रिंकल यादव को पुलिस ने पटना कॉलेज गेट से हिरासत में लिया। TRE 2 इस दौरान छात्रों ने कहा कि उन्हें सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं है। विज्ञापन जारी करने को लेकर साल भर से आए दिन नई-नई तिथि घोषित की जाती है। अगर जल्द से जल्द छात्र नेताओं की रिहाई और विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। पटना कॉलेज के गेट के बाहर छह थानों की पुलिस तैनात है। प्रदर्शन अब नहीं हो रहा है। बीच-बीच में कोई छात्र हंगामा करता है, तो पुलिस उसे हिरासत में ले रही है। एसडीपीओ टाउन 1 राजेश रंजन ने बताया कि कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है। कॉलेज गेट पर परिचय पत्र दिखाकर ही छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है।

जमीन अधिग्रहण पर बिहार सरकार की राहत, जरूरतमंद परिवारों को चार गुना तक मिलेगा भुगतान

सोनपुर. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि यदि किसी की जमीन टाउनशिप के लिए अधिग्रहित होती है और संबंधित परिवार किसी परेशानी में है या घर में बेटी की शादी के लिए जमीन बेचने की जरूरत हो, तो वह जिलाधिकारी को आवेदन देगा। जांच के बाद संबंधित व्यक्ति को जमीन के बदले चार गुना मुआवजा दिया जाएगा, जो सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री सोनपुर प्रखंड की डुमरी बुजुर्ग पंचायत में सबका सम्मान-जीवन आसान कार्यक्रम के तहत आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित कर रहे थे।  30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को बिहार के सभी जिलों में पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से लोग अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। आवेदन मिलने के 10 दिन बाद संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे।  नोएडा की तर्ज पर सोनपुर का विकास विकास योजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सोनपुर को गोद लिया है। यहां ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई टाउनशिप और हरिहरनाथ कारिडोर परियोजना प्रस्तावित है। सोनपुर को नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु के समानांतर नए पुलों का निर्माण हो रहा है। अगले माह कच्ची दरगाह-बिदुपुर तक पुल चालू हो जाएगा। सोनपुर में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा।  बिहार में बढ़ेंगे उद्योग-धंधे मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग-धंधों का विस्तार किया जाएगा, ताकि रोजगार के लिए लोगों को बाहर न जाना पड़े। उन्होंने महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से बिहार में बिजली, पानी और सड़क की समस्या का समाधान हुआ है। अब लक्ष्य बिहार को विकास की पहली पंक्ति में खड़ा करना है। कार्यक्रम में महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक विनय कुमार सिंह, कृष्ण कुमार मंटू, जनक सिंह, मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह, रंधीर सिंह, छोटी कुमारी तथा एमएलसी सच्चिदानंद राय व भाजपा नेता उदय कुमार सिंह ने मंच पर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। समस्याओं का समाधान सीधे प्रशासन से प्राप्त करें सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह ने सम्राट सरकार के जनहित को लेकर शुरू किए गए सहयोग शिविर में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में भाग लेकर अपनी समस्याओं का समाधान सीधे प्रशासन से प्राप्त करें और सरकार के इस पहल का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर के धरती से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद एवं विश्वास के निर्माण का इस शिविर से शुभारंभ किया है। जिससे मै और सोनपुर की समस्त जनता की तरफ से मुख्यमंत्री को बहुत धन्यवाद व आभार व्यक्त करता हूं। विधायक सिंह ने कहा कि सम्राट सरकार ने लोक शिकायतों पर संवेदनशीलता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस शिविर के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद एवं विश्वास का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि सोनपुर का विकास सम्राट सरकार की प्राथमिकता में है। इस दौरान तरैया विधायक जनक सिंह, अमनौर विधायक कृष्ण कुमार ऊर्फ मंटू सिंह, छपरा विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार समेत दर्जनों एनडीए कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बिहार में गंगा दशहरा पर नई धार्मिक पहल, अब रोज मंदिरों में गूंजेगी गंगा आरती

पटना. राज्य में गंगा तट पर स्थित बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद से संबद्ध सभी मठ-मंदिरों में अब प्रतिदिन गंगा आरती होगी। इसको लेकर धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन की ओर से सभी मठ-मंदिरों के महंत, न्यासधारी, न्यास समिति के सदस्यों एवं प्रबंधकों को पत्र भेजा जा रहा है। रणवीर नंदन ने बताया कि मां गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा पर 25 मई से भव्य गंगा आरती की शुरुआत की जाएगी। राज्य में पटना, बक्सर, आरा, छपरा, फतुहां, बख्तियारपुर, मुंगेर, भागलपुर और वैशाली समेत गंगा तट से जुड़े सभी क्षेत्रों के मठ-मंदिरों में आरती की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।  कहा कि इस आयोजन के माध्यम से अविरल गंगा, स्वच्छ गंगा, स्वस्थ गंगा और स्वस्थ बिहार का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही गंगा की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। मंदिरों को भेजी जाएगी चिट्ठी – भागलपुर जिला: श्री अजगैबी नाथ मंदिर सुलतानगंज, श्री बुढ़ानाथ मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर गोलाघाट, श्री बटेश्वर स्थान कहलगांव, श्री रामजानकी त्रिमुहान कहलगांव। मुंगेर जिला: श्री जगरनाथ मंदिर कष्टहरणी घाट मुगेर, श्री राम मंदिर कष्टहरणी घाट, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर कष्टहरणी घाट, श्री रामजानकी मंदिर सोझी घाट, श्री रामाजनकी मंदिर बेलवाघाट बक्सर जिला: श्री विश्वामित्र आश्रम बड़ी मठिया रामरेखा घाट, श्री रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर रामरेखा घाट, श्री चरित्रवन मंदिर बक्सर। पटना: श्री काली स्थान, सती स्थान, श्री शंकर स्थान बांसघाट, श्री विष्णु भगवान मंदिर सुमति पथ रानी घाट महेन्द्रु, श्री भगवती सीता मंदिर सीता घाट, श्री जल गोविंद स्थान कछुआरा, श्री मौनी बाबा का आश्रम गाढ़ोचक कृपाल टोला फतुहां, श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी फतुहां, श्री गंगा मंदिर रिकाबगंज मालसलामी पटना सिटी।

लार पुलिस ने शराब तस्करी पर कसा शिकंजा, बिहार बॉर्डर से लाखों की खेप बरामद

 देवरिया  वाहन चेकिंग के दौरान थाना लार पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 55 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब रायल स्टैग बरामद की है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत लगभग 5,14,800 रुपये है। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है और वाहन पर लगे फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद किया है। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की। 18 मई के अंक में दैनिक जागरण के अंक में पेज दो पर शराब तस्करों का गिरोह फिर सक्रिय, पहुंचने लगी हरियाणा से शराब शीर्षक से खबर को छह कालम में प्रकाशित किया था। जिसे एसपी अभिजीत आर शंकर ने गंभीरता से लिया और थानाध्यक्षों को निर्देश दिए। लार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मेहरौना चेक पोस्ट से बिहार ले जाई जा रही पिकअप को रोका गया। वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट यूपी15 एफटी 3915 लगी थी। तलाशी में 40 पेटी रायल स्टैग, प्रत्येक बोतल 375 एमएल, कुल 960 बोतल 360 लीटर और 15 पेटी रायल स्टैग, प्रत्येक बोतल 180 एमएल, कुल 720 बोतल शराब बरामद हुई। गिरफ्तार तस्कर निशार खान पुत्र अयूब खान, उम्र करीब 32 वर्ष, निवासी मोदीपुरम पल्लवपुरम फेज-दो, थाना पल्लवपुरम, जनपद मेरठ के विरुद्ध थाना लार पर आबकारी अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत पंजीकृत कर कार्रवाई में जुटी रही। अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि शराब तस्करी रोकने की दिशा में पुलिस लगातार कदम उठा रही है। शराब तस्करी में संलिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले के सभी पुलिस अधिकारियों व थानाध्यक्षों को अलर्ट किया गया है।  

4000 करोड़ की बड़ी सौगात! आरा-कोईलवर क्षेत्र में रेल और सड़क कनेक्टिविटी का होगा विस्तार

 आरा  दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर जल्द ही बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार देखने को मिल सकता है।रेल मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरा जंक्शन होकर गुजरने वाले इस अत्यंत व्यस्त रेलखंड को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।योजना के तहत लगभग 3500 से 4000 करोड़ रुपये की लागत से दो नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके साथ ही कोईलवर में सोन नदी पर देश का दूसरा चार लेन रेल पुल भी बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद वर्तमान दो लाइन वाले रेलखंड को चार लाइन में विकसित किया जाएगा। इसमें एक लाइन पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के लिए, एक लाइन मालगाड़ियों के लिए तथा दो लाइन एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही के लिए निर्धारित की जाएगी। इससे ट्रेनों के परिचालन में काफी आसानी होगी और यात्रियों को समय पर ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकेगा। सोन नदी पर बनेगा नया पुल   इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कोइलवर में सोन नदी पर नए रेल पुल का निर्माण है। यह पुल मौजूदा रेल पुल के समानांतर बनाया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी से पहले परियोजना की तकनीकी और व्यवहारिकता रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। संभावना जताई जा रही है कि इसी माह जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी जाएगी। नए पुल के निर्माण के बाद पुराने और नए पुल को मिलाकर कुल चार रेल लाइनें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे एक ही समय में तीन-तीन ट्रेनों का आवागमन संभव हो सकेगा। वर्तमान में केवल दो लाइन होने के कारण अप और डाउन दिशा में एक-एक ट्रेन ही एक समय में गुजर पाती है, जिससे ट्रेनों के परिचालन पर भारी दबाव बना रहता है। समय पालन में होगी बड़ी राहत हावड़ा-पटना-डीडीयू रेलखंड भारतीय रेल के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रूट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ट्रेनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर परिचालन प्रभावित होता है और समय पालन बनाए रखना रेलवे के लिए चुनौती बन जाता है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि चार लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकेगा। इससे मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की गति प्रभावित नहीं होगी। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों को भी समय पर चलाने में सहायता मिलेगी।  आरा, पटना और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ  इस परियोजना से आरा, बक्सर, बिहिया, डुमरांव और पटना सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेल ढांचे के मजबूत होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और कम विलंब वाली ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस परियोजना को अंतिम मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट से मिलनी है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूर्व मध्य रेलवे के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।  

झारखंड में 60 लाख महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना से मिल रही आर्थिक मदद

रांची झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पांच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीके से लाभ ले रहे हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। हेमंत सोरेन सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित नवनियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल नवनियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियां आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुंच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है, जब महिलाओं को चाहरदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है। इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमा शंकर सिंह, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। महिलाओं-बच्चों का तैयार करना है भविष्य राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गांव-गांव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहती है। खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। सरकार निष्पक्ष तरीके से रोजगार देने को प्रतिबद्ध नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं।

पश्चिमी सिंहभूम में बड़ा एनकाउंटर, कोबरा 209 बटालियन और नक्सलियों में मुठभेड़

 चक्रधरपुर  पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट जंगल में केड़ाबीर के पास मंगलवार तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में हुई है। सूचना है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली मारे गए हैं। हालांकि अभी तक अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि कितने नक्सली मारे गए हैं। घटना सोनुवा थाना क्षेत्र के केड़ाबीर इलाके में हुई। तड़के साढ़े छह बजे हुई मुठभेड़ पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान पिछले दो दिनों से सोनुवा, गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सर्च अभियान चला रहे थे। तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। रुक-रुक कर चली गोलीबारी में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूचना है कि पुलिस ने उसके पास से हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया है। एसपी ने की पुष्टि, हाई अलर्ट जारी पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इलाके में ऑपरेशन जारी है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मिसिर बेसरा के नेतृत्व में सक्रिय नक्सली सूत्रों के अनुसार इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली अब भी सक्रिय हैं। हाल ही में गोईलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद संकेत मिल रहे थे कि नक्सली सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट जंगल में आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इसके बाद 29 अप्रैल को सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में मारे गए 1 लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि नक्सलियों के खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जंगल क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है। सुरक्षाबल हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

इकबाल हॉस्टल में बम मिलने से दहशत, पटना यूनिवर्सिटी के छात्रावासों में सर्च ऑपरेशन जारी

पटना. राजधानी स्थित पटना विश्वविद्यालय में सोमवार देर रात बड़ी घटना पुलिस की सतर्कता से टल गई। विश्वविद्यालय के चर्चित इकबाल हॉस्टल से पुलिस ने दो जिंदा सुतली बम बरामद किए हैं। समय रहते कार्रवाई करते हुए बम स्क्वॉड ने दोनों बमों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस ने पीरबहोर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बम किसने और किस मकसद से हॉस्टल परिसर में छिपाकर रखा था। पूर्व की घटनाओं को लेकर पु‍लिस सतर्क है।    बमबाजी की आशंका पर कार्रवाई जानकारी के अनुसार पीरबहोर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्र गुटों के बीच तनाव बढ़ गया है और आपसी रंजिश में हिंसक झड़प या बमबाजी की घटना हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट मोड में आ गई। इसके बाद देर रात इकबाल हॉस्टल में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान हॉस्टल की आवासीय इमारत के पीछे स्थित एक पुराने भवन में प्लास्टिक में लपेटकर छिपाए गए दो जिंदा सुतली बम बरामद हुए। कई छात्रावासों में चला सर्च ऑपरेशन घटना के बाद टाउन डीएसपी-1 राजेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने विश्वविद्यालय के अन्य छात्रावासों- जैक्सन, कैवेंडिश, मिंटो और नदवी हॉस्टल- में भी तलाशी अभियान चलाया। हालांकि अन्य जगहों से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस ने एहतियातन विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों की सुरक्षा बढ़ा दी है। कैंपस में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पहले भी हो चुकी हैं बमबाजी की घटनाएं पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में इससे पहले भी कई बार हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी वर्ष जनवरी में हथुआ हॉस्टल से करीब 40 सुतली बम बरामद किए गए थे। वहीं वर्ष 2022 में पटेल छात्रावास से बम बनाने की सामग्री मिली थी। साल 2023 में भी विभिन्न हॉस्टलों के छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें बमबाजी की घटनाएं सामने आई थीं। उस मामले में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और विश्वविद्यालय परिसर में आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत पूछे जाने पर पटना विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. सूरज देव सिंह ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक लिखित जानकारी कॉलेज से नहीं दी गई है। पुलिस के स्तर पर जांच चल रही है।