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नाथनगर से गायब पांच बच्चियों का सुराग, पटना में मिलीं सभी

भागलपुर  भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक गांव में बीती रात करीब 10:00 बजे एक साथ पांच बच्चियों के लापता होने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन इस गंभीर घटना की गंभीरता को देखते हुए हरसंभव प्रयास में जुट गया है। हालांकि अभी-अभी जानकारी मिली है के पांचों बच्चियों को खोज लिया गया है। पटना भागलपुर और रेलवे पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। एसएसपी ने गठित की 10 सदस्यीय एसआईटी टीम सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी और डीएसपी टू राकेश कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। टीम पूरे जिले में सक्रिय हो गई है और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बरारी घाट, सबौर घाट सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। एसएसपी ने कहा कि गुमशुदा बच्चियों के बारे में सूचना देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। साइबर सेल और डॉग स्क्वायड को भी खोज कार्य में लगाया गया है। गायब हुई बच्चियों के नाम और उम्र लालूचक गांव निवासी पांचों बच्चियों में शामिल हैं:     आनंदी मंडल की बेटी श्वेता कुमारी     भोला मंडल की बेटी गंगा कुमारी     दिनेश कुमार दनकर की बेटी तेजस्वी कुमारी     घोलटी मंडल की बेटी पल्लवी     मंगली देवी की बेटी सोनम कुमारी सभी बच्चियों की उम्र 8 से 12 वर्ष के बीच है। मांओं की हताशा और पुलिस पर नाराजगी बच्चियों की मांएं रात को थाने पहुंचीं, लेकिन पुलिस पदाधिकारी ने उन्हें फटकारते हुए कहा कि “सुबह 10 बजे आना”। इससे ग्रामीणों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। आनंदी मंडल की पत्नी शोभा देवी ने बताया कि उनकी बेटी श्वेता रात 8 बजे पल्लवी के बुलाने पर गई थी। रात 9 बजे वह घर आई और पढ़ाई करने बैठी, लेकिन करीब 10:30 बजे अचानक गायब हो गई। चार घंटे खोजने के बाद उन्होंने रात 2 बजे थाने पहुंचकर मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने संवेदना दिखाने की बजाय फटकार दी। दूसरी मां की व्यथा पल्लवी की मां रानी देवी ने बताया कि बेटी अपने घर में सो रही थी, लेकिन रात 10 बजे किसी ने बताया कि वह अन्य लड़कियों के साथ कहीं जा रही है। सभी प्रयास करने के बावजूद बच्चियों का कोई पता नहीं चला। तीसरी मां की चिंता तेजस्वी की मां रीना देवी और सोनम की मां मंगली देवी ने बताया कि बच्चियां रात 10 बजे अचानक गायब हो गईं। थाने पहुंचने पर उन्हें सिर्फ यही कहा गया कि “सुबह 10 बजे आना”। एसआईटी टीम की कार्रवाई डीएसपी टू राकेश कुमार ने बताया कि बच्चियों को खोजने के लिए युद्ध स्तर पर टीम काम कर रही है, जिले भर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में एक फुटेज में बच्चियों को ऑटो पर जाते हुए देखा गया। ग्रामीणों में बढ़ती चिंता और संभावित मानव तस्करी की आशंका स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले कभी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि यह मानव तस्करी का मामला भी हो सकता है, इसलिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। इलाके में सनसनी भागलपुर जिले में नाथनगर के लालूचक गांव से पांच बच्चियों की एक साथ गायब होने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच दल, साइबर सेल और डॉग स्क्वायड के जरिए तलाश शुरू कर दी है। इनाम की घोषणा के बावजूद परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर चिंतित हैं और पुलिस से जल्द कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। हालांकि अभी-अभी जानकारी मिली है कि पटना में इन पांचों लड़कियों को बरामद कर लिया गया है। पटना रेल पुलिस इन लड़कियों से अभी पूछताछ कर रही है। वे भागलपुर पुलिस के संपर्क में है।  

चाईबासा में नक्सल मोर्चे पर बड़ा झटका, इनामी नक्सलियों समेत कई ने किया आत्मसमर्पण

रांची  झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति एवं पुनर्वास नीति के तहत राज्य पुलिस को नक्सलियों के सरेंडर कराने में बड़ी सफलता मिली है। राज्य में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इसमें इनामी से लेकर कैडर पुरुष और महिला नक्सली है। नक्सलियों को सरेंडर कराने में चाईबासा एसपी अमित रेणु, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन पुलिस को सौंपे आत्मसमर्पण के साथ ही नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन और हजारों राउंड जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। जिनमें एक इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन रायफल और एक पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 31 मैगजीन और 2987 राउंड कारतूस भी इन नक्सलियों के द्वारा पुलिस को सौंपे गए है। इन-इन नक्सलियों ने किया है झारखंड पुलिस के समक्ष सरेंडर 1. सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल उर्फ श्याम लाल अंगारिया उम्र 50 वर्ष पे० स्व० डागुर आंगरिया सा० सांगाजाटा थाना-गोइलकेरा जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 2. गादी मुण्डा उर्फ गुलशन करीब 34 वर्ष पे० सोमरा मुण्डा सा० बारूहातू थाना बुण्डू जिला रांची। 3. नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया उर्फ पराउ उम्र 50 वर्ष पे० स्व० सांड मुण्डा उर्फ मंगल सिहं मुण्डा सा० हरादलामा, टोला कोचा टोला, थाना-अड़की, जिला-खुटी। 4. रेखा मुण्डा उर्फ जयंती, उम्र 40 वर्ष पे० स्व० दलगोविंद सिंह मुण्डा सा० बारूहातू, थाना-बुण्डू, जिला-रांची। 5. दर्शन उर्फ बिज हांसदा उम्र करीब 36 वर्ष पे० सुरनिया हांसदा सा० हातनाबुरू थाना- छोटानगरा जिला प० सिंहभूम । 6. सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा उर्फ चंबरा उम्र करीब 28 वर्ष पे० स्व: जूनू हांसदा सा० हातनाबुरू थाना छोटानगरा जिला प० सिंहभूम। 7. बैजनाथ मुण्डा उम्र करीब 28 वर्ष पे० दुर्गा मुण्डा सा० हरबागढ़, थाना तमाड़ जिला रांची। 8. बासुमती जेराई उर्फ बासू उर्फ सरस्वती उम्र करीब 20 वर्ष पे० पियूश जेराई सा० धारनादिरी, थाना किरीबुरू, जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 9. रघु कायम उर्फ गुणा उम्र करीब 27 वर्ष पे० गोलटा कायम सा० गिंडुंग थाना मुफ‌सिल प० सिंहभूम। 10. किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका उम्र करीब 20 वर्ष पे० स्व० दिगम सिरका सा० कादालसोकवा, थाना टोंटो जिला-प०सिंहभूम चाईबासा । 11. राम दयाल मुण्डा पे० उम्र करीब 22 वर्ष रमाय मुण्डा सा० हारबा, थाना तमाड़ रांची। 12. करण उर्फ डांगुर तियू पे० फाडू तियू उम्र करीब 30 वर्ष सा०संगाजाटा, थाना-गोइलकेरा जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 13. वंदना उर्फ शांति उम्र करीब 20 वर्ष पे० दातुन कोड़ा पति दर्शन सा० हाथीबुरू थाना गोइलकेरा जिला प०सिंहभूम । 14. सुनिता सरदार उर्फ बारी पति बैजनाथ मुण्डा उम्र करीब 24 वर्ष पे० जगबंधु सरदार सा० रायजामा थाना खरसंवा जिला-सरायकेरा-खरसंवा। 15. डांगुर बोइपाई उर्फ मुकेश, उम्र करीब 18 वर्ष, पे० स्व० नंदू बोइबाई. सा०-हाथीबुरु, टोला-सासांगढीपा, थाना-गोइलकेरा, जिला-प० सिंहभूम चाईबासा । 16. बसंती देवगम उम्र करीब 22 वर्ष पे० सिनू देवगम सा० सारजोमबुरू थाना टोंटों जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 17. मुनीराम मुण्डा उम्र करीब 19 वर्ष पे० बुधराम मुण्डा सा० रोलाहातू थाना दलभंगा, जिला- सरायकेला-खरसंवा। 18. अनिशा कोड़ा उर्फ रानी उम्र करीब 20 वर्ष पे० पांडू कोड़ा सा० टोडांगसाई कुइरा, थाना-गोइलकेरा जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 19. सपना कालुडिया उर्फ सुरू कालुडिया उम्र करीब 19 वर्ष पे० गोपी कालुडिया सा० कोताड़या थाना-जामदा, जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 20. सुसारी उर्फ दसमा कालुडिया सा० कोताड़या बाना-जामदा जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 21. बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह पे० पेरमा कोड़ा सा० बोइपाई सांसांग थाना- गोइलकेरा, जिला- प0 सिंहभूम चाईबासा। 22. नुअस बाहांदा उम्र करीब 14 वर्ष पे० बुधराम बाहांदा सा- दोलाईगाड़ा थाना- छोटानागरा जिला- प0 सिंहभूम चाईबासा । 23. बुमली लियू उर्फ दामू बरण तियू उम्र करीब 25 वर्ष पे० बुरुजू तियू सा- सारजोमडीह, थाना -राजनगर जिला- सरायकेला-खरसवां। 24. निति माई हेंब्रम उर्फ निति हेंब्रम उम्र करीब 19 वर्ष पे० नापो उर्फ गुमिदा हेंब्रम सा – तुम्बाहाका थाना – टोंटो, जिला – प0 सिंहभूम, चाईबासा । 25. लादू तिरिया पे० चरण तिरिया सा० सारजोमबुरु थाना टोटो जिला-प०सिंहभूम सा० तुबाहाका थाना-टोटो जिला-प०सिंहभूम चाईबासा।

BLO करेंगे घर-घर सत्यापन, 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष अभियान

रांची भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है. झारखंड समेत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा. झारखंड में 20 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा है कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर विजिट कर मतदाताओं का सत्यापन 30 जून से 29 जुलाई तक किया जाना है. इस क्रम में बीएलओ की ओर से इन्यूमरेशन फॉर्म बांटे और मतदाताओं द्वारा सत्यापित किए जाने के उपरांत संग्रहित किए जाएंगें. सुबोध कुमार ने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु पहले से तैयारियां की जा रहीं हैं, इसके तहत राज्य में 73% मतदाताओं की मैपिंग विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से बीएलओ द्वारा की जा चुकी है. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वैसे मतदाता जिनकी अभी तक मैपिंग नहीं हो सकी है उनकी सूची सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई 2026 से लगाई जाएगी एवं उनके बीएलओ के नाम एवं फोन नंबर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क करते हुए मतदाता सूची में अपनी मैपिंग करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा मतदाताओं के मैपिंग के क्रम में घर घर  जाकर स्टीकर लगाने का भी कार्य किया गया है, जिसमें उनके बीएलओ का नाम नंबर दर्ज है. इसके साथ साथ ECINET पर उपलब्ध 'बुक ए कॉल' फीचर का इस्तेमाल करते हुए भी अपने बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है. वहीं झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एसआईआर कार्यक्रम का ऐलान करते हुए बताया कि अनमैप्ड मतदाताओं की सूची की एक प्रति बीएलओ को भी दी जाएगी, ताकि वे ASDD सूची (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) को अंतिम रूप दे सकें. साथ ही, शेष अनमैप्ड मतदाता गणना (Enumeration) फॉर्म के साथ संलग्न किए जाने वाले अपने दस्तावेजों को तैयार कर सकें, ताकि घोषणा पत्र के साथ उन्हें प्रस्तुत किया जा सके.

रांची के वोटरों के लिए अहम अपडेट, 23 मई को सामने आएगी अन-मैप्ड वोटर सूची

रांची. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत रांची जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई को अन-मैप्ड मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची उन मतदाताओं के लिए जारी की जा रही है, जिनका नाम वर्ष 2003 की पिछली एसआईआर मतदाता सूची से अब तक मैप नहीं हो पाया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव, मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखंड, रांची के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों तमाड़, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया, कांके और मांडर के प्रत्येक मतदान केंद्र पर यह सूची उपलब्ध रहेगी। मतदाता 23 मई , शनिवार को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अन-मैप्ड मतदाता सूची में अपना नाम जांच सकेंगे। यदि किसी मतदाता का नाम पूर्व की मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, तो वह संबंधित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करा सकेगा। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों पर सूची का प्रकाशन समय पर सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित बीएलओ की उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से रहे। इसके अलावा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को भी निर्देशित किया गया है कि उनके विभाग से जुड़े बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों की उपस्थिति संबंधित मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय तक सुनिश्चित कराई जाए। जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि जिनका नाम पूर्व की मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, वे 23 मई को अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर सूची में अपना नाम जांचें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएं।

राहुल गांधी के बयान पर सियासी घमासान, NDA नेताओं ने की तीखी आलोचना

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की एक टिप्पणी के बाद से सियासी उबाल मचा हुआ है। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की है और इसे देश विरोधी तक बता दिया है। अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी राहुल गांधी के इस बयान पर भड़के हुए हैं और उन्होंने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सम्राट चौधरी ने कहा है कि राहुल गांधी ने ऐसी टिप्पणी कर 140 करोड़ देशवासियों का अपमान किया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चााहिए। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर यह भी लिखा कि राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। लगातार चुनावी हार और निराशा अब उनके शब्दों और व्यवहार में साफ दिखाई देने लगी है। गांधी परिवार के आरंभ से अंत तक अपने शासनकाल में सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया, राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखा, लेकिन ये रंग बदलने वाले देशहित और लोकतंत्र की बात किस मुंह से करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हुई हैं, आतंकवाद पर लगाम लगी है, लोकतंत्र सशक्त हुआ और भारत का सम्मान विश्वभर में बढ़ा है। राहुल गांधी जी ने केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान किया है। इस बेतुके बयान के लिए सार्वजनिक रूप से उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अत्यंत निंदनीय!' जीतन राम मांझी क्या बोले इधर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई है। जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी, हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ‘खुद्दार’ हैं। 5 में से 4 राज्यों के चुनाव में बुरी तरह से हारने का ये मतलब नहीं कि आप अनाप शनाप भाषा का इस्तेमाल करेंगे। राहुल गांधी जी आपकी भाषा और बचकानी हरकत का नतीजा है कि कांग्रेस देश से विलुप्त हो रही है। जो खुद ना घर के ना घाट के हैं। उनसे ऐसी ही अमर्यादित भाषा की उम्मीद कर सकते है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का मैं कड़ी निंदा करता हूँ। चिराग पासवान ने की निंदा एलजेपी (आऱ) सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राहुल गांधी के बयान की निंदा की है। चिराग पासवान ने एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। हमारे प्रधानमंत्री देश की 140 करोड़ आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहें है , ऐसे में जब ऐसी भाषाएं नेतृत्वकर्ता के लिए कही जाती है तो उसका प्रभाव देश की आबादी पर भी पड़ता जो कतई उचित नहीं है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस बयान की कड़ी निंदा करती है।' राहुल गांधी ने क्या कहा था आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को '' गद्दार'' करार देते हुए आरोप लगाया था कि वे रोजाना संविधान पर हमला कर रहे हैं और चुनिंदा उद्योगपतियों को देश के हित बेच चुके हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ये गंभीर आरोप अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान दिन लगाए थे। राहुल गांधी ने रायबरेली में क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित 'बहुजन स्वाभिमान सभा' को संबोधित करते हुए संविधान को डॉ. बीआर आंबेडकर व महात्मा गांधी की ''आवाज का प्रतिनिधित्व'' करने वाला दस्तावेज बताया था और इसकी रक्षा करने का आह्वान किया था। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा, '' आपको खड़े होकर लड़ना होगा। जब आरएसएस कार्यकर्ता आपके घरों में आकर नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के बारे में बात करें, तो आपको उन्हें बताना होगा कि उनके प्रधानमंत्री, उनके गृह मंत्री और उनका संगठन 'गद्दार' हैं। उन्होंने हमारे हिंदुस्तान को बेच दिया है और हमारे संविधान, आंबेडकर जी और महात्मा गांधी पर हमला किया है। राहुल गांधी ने बाद में अमेठी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायबरेली में दिए गए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा था मैंने कहा था कि मोदी और अमित शाह गद्दार हैं। अगर कोई हमारे संविधान को कमजोर और नष्ट करता है, तो उसे गद्दार के अलावा और क्या कहा जाना चाहिए?'' उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, ''वे मुझसे माफी मांगने को कहते हैं। मैं कभी माफी नहीं मांगूंगा। मैं उनसे डरता नहीं हूं।''

राजस्व विभाग सख्त, धार्मिक न्यास बोर्ड से मांगी गई अवैध कब्जों की रिपोर्ट

पटना बिहार सरकार अब राज्यभर में मठ-मंदिरों की जमीन पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। भूमि एवं राजस्व विभाग ने इस मामले में बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सरकार यह जानना चाहती है कि किन-किन जिलों में मंदिरों और मठों की जमीन पर अतिक्रमण हुआ है, ताकि वहां चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा सके। इस पहल को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री सम्राट चौधरी की प्राथमिकता से जोड़कर देखा जा रहा है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि धार्मिक संस्थाओं की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जानकारी के मुताबिक कई जिलों से ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं कि वर्षों से मठ-मंदिरों की बहुमूल्य जमीनों पर भू-माफियाओं और दबंगों ने कब्जा जमा रखा है। अब सरकार इस पूरे मामले का सर्वे कराकर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से ऐसे मामलों की पहचान करेंगे। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन को विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इधर, बिहार में बढ़ते अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपराधियों के खिलाफ सख्त बयान देते हुए कहा कि सिर्फ पुलिस कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में अपराधियों और रंगदारों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि जो लोग अपराध के रास्ते पर चल रहे हैं, उन्हें समाज में सम्मान नहीं मिलना चाहिए। दिलीप जायसवाल ने कहा कि अगर समाज अपराधियों से दूरी बना ले और सार्वजनिक रूप से उनका विरोध करे तो अपराधियों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों को अपराधियों के मुंह पर थूक देना चाहिए, ताकि उन्हें यह महसूस हो कि समाज उन्हें स्वीकार नहीं कर रहा है। मंत्री ने कहा कि जब अपराधियों को सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ेगा, तब वे अपराध छोड़ने को मजबूर होंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी सरकार सख्त नजर आ रही है। विभाग में निगरानी प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों की फाइलें लंबित नहीं रखी जाएं। मंत्री ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ शिकायतें या जांच लंबित हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मानसिक रूप से अस्थिर हो चुके हैं और उनका राजनीतिक सोच विकसित नहीं हो पाया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने का मन बना लिया है और उनके नेतृत्व में पार्टी लगातार नीचे जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और विपक्ष मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहा है। बिहार की राजनीति में इन बयानों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ सरकार मठ-मंदिरों की जमीन को कब्जामुक्त कराने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने की कोशिश भी की जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार का यह अभियान जमीन पर कितना असर दिखाता है और विपक्ष इन मुद्दों पर क्या रणनीति अपनाता है।

मुजफ्फरपुर में फर्जी भर्ती रैकेट का खुलासा, एडमिट कार्ड और सर्टिफिकेट बरामद

पटना अग्निवीर बहाली रैली में तीन लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में एक पूर्व सैनिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्वी चंपारण के रघुनाथपुर से गिरफ्तार पूर्व सैनिक शिवेंद्र भूषण कुमार को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुजफ्फरपुर के चक्कर मैदान इन दिनों भर्ती रैली चल रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपी के ठिकाने से संदेहस्पद चीजें बरामद की गई हैं। पुलिस उनकी जांच कर रही है। आर्मी इंटेलिजेंस और डीआईयू की सूचना पर मोतिहारी पुलिस ने उसे दबोचा है। आरोपी के ठिकाने पर पहुंची पुलिस भौंचक रह गई जब अग्निवीर भर्ती, बिहार पुलिस बहाली और एसएससी परीक्षा के कई एडमिट कार्ड मिलने लगे। इसके अलावा दर्जनों छात्रों के मैट्रिक व इंटर के मूल सर्टिफिकेट भी जब्त किए गए हैं। आरोपी मोतिहारी में पुलिस और आर्मी में भर्ती के लिए फिजिकल एकेडमी भी चलाता है। वहीं से पिछले दरवाजे से नौकरी दिलाने का झांसा देकर सौदा करता था। उसने करीब 80 से 100 छात्रों को तीन-तीन लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। दौड़ के अभ्यास के दौरान गांधी मैदान में मिला था आरोपी मामले में रघुनाथपुर थाने में सोरपनिया पचपकड़ी निवासी कमलेश कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित कमलेश ने पुलिस को बताया कि वह पांच माह पहले मोतिहारी के गांधी मैदान में सिपाही भर्ती के लिए दौड़ का अभ्यास करने गया था। वहीं पर उसकी मुलाकात शिवेंद्र भूषण कुमार से हुई थी। कमलेश के अलावा वहां दौड़ के लिए आने वाले सभी छात्रों से मिलकर आरोपी ने शत-प्रतिशत नौकरी दिलवाने का झांसा दिया और करीब 100 अभ्यर्थियों को रघुनाथपुर में बुलाया। स्टेट पुलिस और सेना में भर्ती कराने के नाम पर बिहार में कई जिलों में रैकेट चलाया जा रहा है। कुछ लोग फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर संस्था खोलकर गोरखधंधा कर रहे हैं। इसमें भोले भाले बेरोजगार युवक और युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर लुभाते हैं। फॉर्म भरने के बाद उन्हें सेटिंग का झांसा देते हैं। रुपए लेकर भर्ती कंफर्म कराने का वादा करके पैसे ठग लेते हैं। कुछ गिरोह के शातिर जिनकी नौकरी नहीं होती उनके पैसे कुछ कमीशन काटकर लौटा देते हैं। पुलिस और सेना की ओर से ऐसे शातिरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

गांव-गांव पहुंचेगी आधुनिक खेती की सीख, बिहार सरकार का गन्ना मिशन शुरू

पटना. बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब पंचायत स्तर तक विशेष अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग की ओर से तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य गन्ने के रकबे और उत्पादन दोनों में वृद्धि करना है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ चीनी एवं गुड़ उद्योग को भी पर्याप्त कच्चा माल मिल सके। साथ ही किसानों को भी शासन के विभिन्न विभागों (कृषि, सहकारिता, लघु जल संसाधन, जल संसाधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायती राज, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग) के अधिकारी किसान कार्यशाला में सम्मिलित होंगे। सरकार किसानों को यह भी भरोसा दे रही है कि गेहूं-धान जैसे फसलों की तुलना में गन्ने की खेती ज्यादा लाभकारी होगी। अहम यह है कि जिन क्षेत्रों में चीनी मिल अभी संचालित नहीं है वहां गुड़ उत्पादन के अतिरिक्त गन्न बीज तैयार करने के लिए किसानों से सरकार गन्ने की खेती कराएगी। गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। अभियान के माध्यम से आठ हजार पंचायत एवं 45 हजार गांवों के किसानों तक सरकार पहुंच सुनिश्चित करेगी। कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के उन पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पहले से गन्ने की खेती होती रही है या जहां इसकी संभावनाएं अधिक हैं। कार्यशालाओं में कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी और चीनी मिलों के प्रतिनिधि किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, कीट नियंत्रण तथा कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों की जानकारी देंगे। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि परंपरागत खेती की तुलना में गन्ना नकदी फसल के रूप में किस प्रकार अधिक लाभकारी साबित हो सकता है। सरकार का मानना है कि कई क्षेत्रों में किसानों ने लागत बढ़ने और समय पर तकनीकी जानकारी नहीं मिलने के कारण गन्ने की खेती से दूरी बना ली थी। ऐसे में पंचायत स्तर पर सीधे संवाद और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों का भरोसा फिर से मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। विभागीय स्तर पर यह भी तैयारी है कि कार्यशालाओं के दौरान किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान और बीज उपलब्धता की जानकारी एक ही मंच पर दी जाए। सूत्रों के मुताबिक, आगामी खरीफ सीजन से पहले पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाएं शुरू होंगी। इसमें प्रगतिशील किसानों के अनुभव भी साझा कराए जाएंगे, ताकि अन्य किसान गन्ने की खेती की ओर आकर्षित हों। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य में गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। नए चीनी मिलों को भरपूर गन्ना उपलब्ध होगा।

सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग, जंगल में घंटों चली मुठभेड़

चाईबासा चाईबासा के चक्रधरपुर अनुमंडल स्थित पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ केड़ाबीर इलाके के पास उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च अभियान चला रहे थे। सुबह छह बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में अभियान चला रही थी। मंगलवार तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। घंटों चली गोलीबारी मुठभेड़ काफी देर तक रुक-रुक कर चलती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मिसिर बेसरा गिरोह की सक्रियता की आशंका पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली सक्रिय हैं। हाल के दिनों में गोइलकेरा क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में नक्सल गतिविधियां बढ़ने की आशंका थी। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।  

नेशनल हाईवे के अवैध ढाबों-होटलों पर सख्त कार्रवाई, सरकार का बड़ा फैसला

पटना पूरे बिहार में अब प्रशासन का पंजा एक बार फिर चलने वाला है। इस बार सरकार ने नेशनल हाइवे के किनारे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने का फैसला ले लिया है। जिसके बाद अब आने वाले दिनों में राज्य में एनएच किनारे बुलडोजर गरजते नजर आएंगे। सरकार के फैसले के तहत एनएच किनारे (राइट ऑफ वे) अनधिकृत ढाबा, होटल एवं अन्य व्यावसायिक संरचनाएं हटाए जाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 20 दिनों के अंदर अवैध ढाबे और संरचना हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स की ओर से इन अवैध संरचनाओं को हटाया जाएगा। इसके साथ ही एनएच के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल अथवा व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। किसी भी नई संरचना के निर्माण से पूर्व संबंधित विभाग- एनएचएआई, एनएच अथवा पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक में यह निर्णय लिया। मुख्य सचिव ने एनएच किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध संरचनाओं को हटाने के साथ अवैध पार्किंग को लेकर भी राज्यभर में व्यापक अभियान चलेगा। बैठक में संबंधित विभागों यथा परिवहन विभाग, पथ निर्माण, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय के पदाधिकारी शामिल हुए। गौर हो कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी एवं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय उच्च पथों पर अतिक्रमण एवं अनधिकृत पार्किंग के कारण हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी किये थे। इसी के अनुपालन मेंकार्रवाई की जा रही है। वाहनों की पार्किंग निर्धारित जगह पर ही बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अब वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित जगह पर ही की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। होटल-प्रतिष्ठानों को अपना पहुंच पथ बनाना होगा वैसे ढाबा, होटल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिनका प्रवेश सीधे राष्ट्रीय उच्च पथ से है, उन्हें स्वयं वैकल्पिक पहुंच पथ का निर्माण करते हुए प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा संबंधित अधिनियम कंट्रोल ऑफ नेशनल हाइवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पथ निर्माण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर, किन्तु हाइवे सेफ्टी जोन (आवासीय क्षेत्र हेतु 40 मीटर एवं व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 75 मीटर) के भीतर स्थित संरचनाओं को भी संबंधित विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।