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शिक्षा और विकास पर फोकस,हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और नए डिग्री कॉलेज

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार का गठन हुए एक महीना हो गया है। सम्राट चौधरी ने बीते 15 अप्रैल को उन्होंने लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अपने एक माह के कार्यक्रम में उन्होंने 7 बड़े फैसले लिए हैं। इनमें बिहार के 10 जिलों में 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाना भी शामिल है। इन टाउनशिप में पूरे प्लान के साथ कॉलोनियां बसेंगी। इनमें एक तरफ बाजार होंगे तो दूसरी ओर लोगों के रहने के लिए आवास तय होंगे। कॉलोनियों में चौड़ी सड़कों का निर्माण होगा। कॉलोनियों को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे और पार्कों में बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट में एक है। इसमें सासाराम को जोड़ने का प्रस्ताव आया है। इससे शहरी दबाव में कमी आएगी, लोगों को सुविधायुक्त जीवन का लाभ मिल सकेगा। इन स्थानों पर बनेंगी टाउनशिप पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूर्णिया, मुंगेर में अंग, सीतामढ़ी में सीतापुरम, भागलपुर में विक्रमशिला, मुजफ्फरपुर में तिरहुत और छपरा में सारण नाम से टाउनशिप बनेगी। हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज सम्राट सरकार ने अपने दूसरी कैबिनेट की बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के चयनित एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में विकसित करने की योजना को मंजूरी दी। साथ ही इसके लिए मुख्यमंत्री ₹800 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी, ताकि इस योजना को धरातल पर उतारने में दिक्कत नहीं आए। वहीं, उन्होंने डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए ₹104 करोड़ (₹50 लाख प्रति कॉलेज) भी स्वीकृत किए। इसके लिए 9152 पदों का सृजन होगा। सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविर लोगों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और सरकार के उत्तरदायित्व को ध्यान में रखकर सहयोग की त्रिवेणी को शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सहयोग हेल्पलाइन : 1100, सहयोग पोर्टल : sahyog.bihar.gov.in और पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाने का निर्णय लिया है। शिविर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे। शिविर में ब्लॉक, थाना और अंचल की तमाम शिकायतों की सुनवाई होगी। पोर्टल पर सरकारी योजना से जुड़ी शिकायत के निबटारे के लिए 30 दिन का लक्ष्य तय है। 30 में शिकायत का निबटारा नहीं होता है, तोदोषी अधिकारी या कर्मचारी का निलंबन तय है। निजी स्कूलों में मनमानी फीस पर लगाम निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर भी एक बड़ी पहल मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा है कि निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। मनमानी फीस बढ़ोतरी और अनावश्यक शुल्क पर रोक रहेगी। छात्रों के परिजनों को किताबें और यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन किसी को खास दुकान से खरीदने को बाध्य नहीं करेंगे। 50 करोड़ तक के ठेके बिहारियों को मिलेंगे छठे फैसले में 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में राज्य के ठेकेदारों (संवेदकों) को प्राथमिकता देने के लिए बिहार लोक निर्माण संहिता में संशोधन किया गया। अब से 50 करोड़ रुपये तक कार्यों के ठेके बिहारियों को मिलेंगे। इससे राज्य के लोगों को काम के अधिक मौके मिलेंगे। ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाना तथा पुलिस और समाज के बीच भरोसे को मजबूत करना है। इसके लिए 1500 स्कूटी महिला पुलिस के लिए खरीदने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज और स्कूल के सामने पुलिस दीदी की तैनाती होगी, ताकि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर नकेल कसी जा सके।

रांची में उद्योग बैठक, झारखंड और कर्नाटक ने व्यापारिक साझेदारी पर किया मंथन

रांची झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को रांची स्थित चेम्बर भवन में अहम बैठक आयोजित की गई। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस संयुक्त बैठक में उद्योग, निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में झारखंड सरकार के उद्योग विभाग ने राज्य के आर्थिक विकास का विजन सामने रखा और निवेशकों को राज्य में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। ‘झारखंड एक औद्योगिक पावरहाउस’ उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक क्षमता से समृद्ध राज्य है। यहां विशाल खनिज भंडार मौजूद हैं और राज्य लंबे समय से औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन खनन से लेकर हाई-एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने का है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इन क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं बैठक में बताया गया कि झारखंड में इको टूरिज्म, टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, क्रिटिकल मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उद्योग सचिव ने कहा कि बेल्लारी खनन, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी है, ऐसे में दोनों राज्यों के बीच सहयोग से उद्योग जगत को बड़ा लाभ मिल सकता है। निवेशकों को हरसंभव मदद का भरोसा उद्योग निदेशक विशाल सागर ने प्रतिनिधियों को झारखंड में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि झारखंड ने पहली बार दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य ने वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी संभावनाएं रखीं। झारखंड की नई औद्योगिक नीति पर नजर झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्य तेजी से औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की टेक्सटाइल नीति काफी आकर्षक है और जल्द ही नई औद्योगिक नीति भी आने वाली है, जो निवेशकों के लिए बड़ा अवसर साबित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर है और यहां कुशल मानव संसाधनों की कोई कमी नहीं है। कर्नाटक ने भी दिया निवेश का न्योता बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित होने वाले MSME कॉन्क्लेव में शामिल होने का न्योता भी दिया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और संभावित औद्योगिक साझेदारी पर विचार साझा किए। औद्योगिक सहयोग को मिलेगा नया आयाम बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने माना कि झारखंड और कर्नाटक के बीच यह संवाद भविष्य में व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा। उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों के साथ दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।  

बिहार में फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ाव,शूटिंग के लिए बन रहे नए हब

पटना  प्रदेश केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और लोक कलाओं के लिए नहीं बल्कि फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उभर रहा है। सरकार ने फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने, युवाओं को फिल्म एवं मीडिया की पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराने तथा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। फिल्म शूटिंग को लेकर राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल और ग्रामीण परिवेश अब फिल्मकारों को आकर्षित कर रहे हैं। कैमूर, जहानबाद, बोधगया, राजगीर, नालंदा, राजधानी पटना, वाल्मीकि नगर और मिथिला क्षेत्र जैसे स्थान फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए पसंदीदा स्थल बनते जा रहा है। बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लि. के अनुसार अब तक 52 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति मिली है। इसमें 48 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। इसमें चार नई फिल्म गिल्टी माइंड, हथुआ राज, बिहारी फेमस 22 फूड और गुरुद्वारा शामिल है। गिल्टी माइंड फीचर फिल्म है। जो विकास प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही है। जबकि, शेष तीन वृत्तचित्र है। फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग की अनुमति को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। आरंभ के दिनों में फिल्म शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की जरूरत पड़ती थी। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत कोई भी कलाकार या वेंडर बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की वेबसाइट https://film.bihar.gov.in/ पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। वहीं, कला संस्कृति विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की ओर से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे रही है। योजना के तहत अब तक 30 विद्यार्थियों को लगभग 19 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। फिल्म वित्त निगम लि. के परामर्शी अरविंद रंजन दास ने बताया कि फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत प्रदेश में स्वस्थ सिनेमा संस्कृति का विकास हो रहा है। फिल्म निर्माता सागर श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए कई रमणीय स्थल है जो निर्माताओं को पसंद आ रही है। फिल्म निर्माण को लेकर राज्य में बेहतर माहौल बना है। इससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

RCB vs PBKS: कोहली के फॉर्म पर नजर, धर्मशाला में होगी कांटे की टक्कर

धर्मशाला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 61वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगा। RCB ने अब तक 12 मुकाबले खेले हैं। 8 मैच में उसे जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। PBKS ने 6 मैच में जीत दर्ज की है और 5 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। प्लेऑफ के नजरिए से यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है। आइए मुकाबले से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रहती है कांटे की टक्कर IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 37 मुकाबले खेले गए हैं। इस दौरान RCB ने 19 मैच जीते हैं, जबकि PBKS को 18 मुकाबलों में सफलता मिली है। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। वहीं, IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच कुल 4 मुकाबले खेले गए थे। इनमें से 3 मैच RCB ने अपने नाम किए थे, जबकि एक मुकाबले में PBKS को जीत मिली थी। इस संजोजन के साथ नजर आ सकती है RCB RCB को पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 6 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेंगे। विराट कोहली ने उस मैच में शतकीय पारी (105*) खेली थी। ऐसे में उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: जैकब बेथेल, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, वेंकटेश अय्यर, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, राशिख सलाम डार, जैकब डफी और जोश हेजलवुड। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है PBKS PBKS को अपने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 6 विकेट से हार मिली थी। ऐसे में वह ये मुकाबला हर हाल में अपने नाम करना चाहेंगे। कप्तान श्रेयस अय्यर अपना खोया हुआ लय हासिल कर टीम के लिए एक कप्तानी पारी खेलना चाहेंगे। प्रियांश आर्य से भी काफी उम्मीदें होंगी। संभावित एकादश: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), सूर्यांश शेडगे, शशांक सिंह, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर PBKS: हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, विजयकुमार वैशाख और मुशीर खान। RCB: देवदत्त पडिक्कल, जॉर्डन कॉक्स, मंगेश यादव, रोमारियो शेफर्ड और स्वप्निल सिंह कैसा होगा धर्मशाला की पिच का मिजाज? धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की पिच हरियाणा के भिवानी से मंगवाई गई काली मिट्‌टी से तैयार की गई है। इस मिट्‌टी में बालू की मात्रा न के बराबर होती है। इसके चलते पिचों पर गति और उछाल दोनों मिलता है। यहां आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ स्पिनर्स भी जलवा दिखा सकते हैं। इसी तरह तेजी और अच्छा उछाल होने से टिकने के बाद बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट्स खेल सकते हैं। ऐसा रहेगा धर्मशाला का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 17 मई को धर्मशाला का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 15 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश होने की भी संभावना है और पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें PBKS के लिए प्रभसिमरन ने पिछले 10 मैचों में 179.5 की स्ट्राइक रेट से 359 रन बनाए हैं। श्रेयस के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 328 रन निकले हैं। RCB के लिए कोहली ने पिछले 10 मैच में 163.98 की स्ट्राइक रेट से 387 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में अर्शदीप ने पिछले 10 मैच में 9.55 की इकॉनमी से 13 विकेट लिए हैं। RCB से भुवनेश्वर ने पिछले 10 मैचों में 7.26 की इकॉनमी से 18 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? PBKS और RCB के बीच यह मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला, उपायुक्तों को मिली लीज साइनिंग की शक्ति

रांची  झारखंड में जिन 35 बालू घाटों से बालू का उठाव सिर्फ उपायुक्त के हस्ताक्षर के लिए रुका हुआ था, उसका मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य सरकार ने इससे संबंधित संशोधित नियमावली को स्वीकृति दे दी है। नई व्यवस्था में बालू लीज की निगरानी का सारा जिम्मा उपायुक्तों के पास होगा। जिले के उपायुक्त ही लीज डीड पर हस्ताक्षर करेंगे। उपायुक्त के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण वर्तमान में 35 बालू घाटों से बालू का उठाव बंद था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद शनिवार से बालू घाटों से बालू का उठाव शुरू हो जाएगा। झारखंड बालू खनन नियमावली 2026 के नियम 14 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खान एवं भूतत्व विभाग ने संबंधित जिले के उपायुक्त को नियमावली के अंतर्गत खनन पट्टे को निष्पादित करने की शक्तियां प्रदान कर दी हैं। इसके साथ ही अब राज्य के 35 घाटों से बालू का उठाव शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि इससे राज्य में बालू की कालाबाजारी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी। एक महीने में उठेगा पांच करोड़ सीएफटी बालू झारखंड में कुल 444 बालू घाट जिनमें से 290 बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है। इन 290 बालूघाटों में से 35 घाटों के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं और खनन पट्टों के साथ संचालन के लिए तैयार है। ऐसा होने के बाद 35 घाटों से बालू का उठाव वैध तरीके से होने लगेगा। खनन विभाग के अनुसार कि इन 35 बालू घाटों से हर दिन करीब दस लाख सीएफटी बालू का उठाव की उम्मीद है। इससे हर महीने करीब पांच करोड़ सीएफटी बालू का उठाव हो सकेगा। सुचारू रूप से एक महीने में इतने बालू का उठाव हो जाने से एनजीटी की रोक लगने के बावजूद बालू की कमी नहीं हो सकेगी। इससे पहले बालू घाटों कि नीलामी और उठाव पर कोर्ट की तरफ से पांच महीने तक रोक लगी रही।

आय से अधिक संपत्ति मामले में हड़कंप, ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर पर शिकंजा

पटना बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त मुहिम के तहत शनिवार सुबह जमुई जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के चार ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से विभागीय महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी EOU की अलग-अलग टीमों ने जमुई शहर के केकेएम कॉलेज के समीप स्थित किराये के मकान, झाझा स्थित कार्यालय समेत चार स्थानों को एक साथ घेर लिया। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई में दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और संपत्ति से जुड़े कागजातों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज सूत्रों के अनुसार कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक है, जिसने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। कोर्ट से वारंट मिलने के बाद कार्रवाई बताया जा रहा है कि विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद EOU ने सुनियोजित तरीके से यह कार्रवाई शुरू की। तलाशी अभियान के दौरान बैंक लॉकर, जमीन खरीद-बिक्री के दस्तावेज, बीमा निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। कई बड़े खुलासों की संभावना आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद तत्काल कानूनी कार्रवाई की गई। फिलहाल सभी ठिकानों पर तलाशी जारी है और कार्रवाई पूरी होने के बाद कई बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है। इस हाईप्रोफाइल छापेमारी के बाद ग्रामीण कार्य विभाग समेत प्रशासनिक गलियारों में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।  

पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद सार्वजनिक वाहनों ने बढ़ाया किराया, यात्रियों में नाराजगी

 पटना पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि के बाद अब सार्वजनिक वाहन चालक मनमाने ढंग से किराया वसूल रहे हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटना जंक्शन से बेली रोड से सगुना मोड़ या अन्य जगह जाने के लिए किराये में 15 से 20 रुपये तक अधिक वसूला जा रहा है। शनिवार सुबह आशियाना मोड़ निवासी पप्पू कुमार ने बताया कि वह पटना जंक्शन से आशियाना मोड़ तक आए तो उनसे 50 रुपया किराया वसूल लिया गया। यह 20 रुपया अधिक है। पूछने पर ऑटो चालक ने कहा कि पेट्रो उत्पादों की कीमतों में वृद्ध के कारण ऐसा हो रहा है। इसी तरह की शिकायत गोला रोड निवासी आशुतोष कुमार ने भी की। उन्होंने कहा कि उनसे 15 रुपया किराया अधिक लिया गया। यात्रियों ने कहा कि प्रशासन से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले। पटना जिला प्रशासन ने क्या कहा? इधर, इस मामले में पटना जिला प्रशासन की ओर कहा गया कि विभिन्न माध्यमों से सूचना मिल रही है कि टेम्पू, ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों का किराया मनमाने तरीके से बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि प्रमंडल-स्तरीय भाड़ा निर्धारण समिति की अनुमति के बिना यात्री किराया बढ़ाना पूरी तरह अवैध है। Bihar News: निशांत को वैशाली, विजय सिन्हा को गयाजी की कमान; जानिए कौन-किस जिले के प्रभारी मंत्री बने अधिक किराया वसूलने पर कार्रवाई प्रशासन के अनुसार, टेम्पू, ऑटो एवं नगर सेवा बसों के भाड़े में किसी भी प्रकार की वृद्धि सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बिना नहीं की जा सकती। यदि कोई वाहन चालक या संचालक निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए अधिक किराया वसूलता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित किराया ही दें और अधिक वसूली की शिकायत संबंधित अधिकारियों को तुरंत उपलब्ध कराएं

धनबाद और जमशेदपुर मेडिकल कॉलेजों को बड़ा तोहफा, सीट बढ़ाने की योजना को मिली स्वीकृति

रांची  राज्य के दो मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस के साथ-साथ पीजी की सीटें बढ़ेंगी। इनमें एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज), धनबाद एवं एमजीएम, जमशेदपुर सम्मिलित हैं। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 889.50 करोड़ की योजना की मंजूरी प्रदान की है। इनमें 526.50 करोड़ रुपये केंद्र से मिलेंगे, जबकि शेष राशि का वहन राज्य सरकार को करना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का इस आशय का पत्र राज्य सरकार को मिल गया है। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एमओयू का प्रारुप भेज दिया है, जिसपर राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को हस्ताक्षर करना है। केंद्र से स्वीकृत योजना के तहत एसएनएमएमसीएच, धनबाद की सीटें 100 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी, जिसपर 225 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, एमजीएम, जमशेदपुर की सीटें 150 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी, जिसपर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, एसएनएमएमसीएच, धनबाद में पीजी की वर्तमान सीटें 19 हैं। यहां विभिन्न विभागों में 186 सीटें बढ़ाई जानी हैं। एमजीएम, जमशेदपुर में पीजी की वर्तमान सीटें 49 हैं। यहां 149 सीटें बढ़ाई जानी हैं। दोनों कालेजों में पीजी की सीटें बढ़ाने के लिए क्रमश: 279 करोड़ रुपये तथा 235.5 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई है। इनमें क्रमश: 167.40 करोड़ तथा 134.10 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। इधर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि यह निर्णय न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आनेवाले वर्षों में चिकित्सकों की कमी भी दूर होगी। झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व पीजी की सीटें काफी कम थीं सीटों में वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को मिलेगा, क्योंकि वहां चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने अजय कुमार सिंह ने केंद्र की मंजूरी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अन्य मेडिकल कलेजों में भी जल्द सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सीटों में भी वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां झारखंड के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा में अधिक अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ेगी। अब इस प्रस्ताव को आगे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

मानसून से पहले एक्शन मोड में बिहार सरकार, तटबंधों पर होगी सख्त पेट्रोलिंग

 पटना बिहार में आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से ऐक्शन मोड में आ गई है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बचाव की तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोताही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की जहां एक तरफ पीठ थपथपाई जाएगी और उन्हें बधाई दी जाएगी, वहीं जानबूझकर लापरवाही और कार्यों में कोताही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों पर सरकार का डंडा चलेगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई भवन में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी पटना के सिंचाई भवन में बाढ़ और सुखाड़ से पूर्व की तैयारियों को लेकर एक बेहद अहम और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए समय रहते पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना था। डिप्टी सीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि संभावित बाढ़ से बचाव और सुखाड़ से निपटने की सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा से पहले ही हर हाल में पूरी कर ली जाएं। तटबंधों पर होगी पेट्रोलिंग समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे कटाव निरोधी कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने तटबंधों की मरम्मत, उनके उचित अनुरक्षण और बाढ़ सुरक्षात्मक सामग्री के प्राप्त इंतेजाम करने के कड़े निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि बाढ़ की अवधि के दौरान तटबंधों की पूरी लंबाई पर अधिकारियों द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ पेट्रोलिंग की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके और जानमाल का नुकसान न हो। सचिव ने बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था से कराया अवगत इस अहम बैठक में जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे पहले विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उपमुख्यमंत्री को बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए की जा रही सभी तैयारियों से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थलों की कड़ी निगरानी की जा रही है। सरकार का यह कड़ा रुख इस बात का साफ संकेत है कि इस बार मानसूनी आपदाओं को लेकर प्रशासन किसी भी तरह का कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है।

31 में 28 मंत्री करोड़पति, औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये

पटना  बिहार में 7 मई 2026 को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने माननीयों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। मुख्यमंत्री सहित 35 में से 31 मंत्रियों के शपथ पत्रों का जो विश्लेषण सामने आया है, वह आम जनता के लिए काफी हैरान करने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार के 90 फीसदी मंत्री 'करोड़पति' की श्रेणी में आते हैं और इन सभी माननीयों की औसत संपत्ति सवा छह (6.32) करोड़ रुपये बैठती है। केवल धन-दौलत ही नहीं, बल्कि लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। रमा निषाद सबसे अमीर तो संजय कुमार सबसे गरीब मंत्री संपत्ति के मामले में औंराई विधानसभा से निर्वाचित भाजपा विधायक रमा निषाद सबसे आगे हैं। उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये घोषित की है, जो पूरे मंत्रिमंडल में सर्वाधिक है। वहीं, इसके ठीक विपरीत बखरी से लोजपा (रा) के विधायक संजय कुमार मंत्रिमंडल के सबसे 'गरीब' मंत्री हैं। उनकी कुल संपत्ति महज 22.30 लाख रुपये है। इसके अलावा, कर्ज के मामले में शिवहर से श्वेता गुप्ता पर सबसे अधिक 4.05 करोड़ रुपये की देनदारी है। कुल 31 में से 20 मंत्रियों ने अपने ऊपर देनदारी घोषित की है। जदयू के सभी 13 मंत्री करोड़पति, भाजपा के 13 एडीआर की इस रिपोर्ट के मुताबिक, 31 में से 28 सदस्य करोड़पति हैं। पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सभी 13 के 13 मंत्री करोड़पति हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 15 में से 13 मंत्री, लोजपा (रामविलास) के 2 में से 1 और हम (सेक्युलर) के एकमात्र मंत्री भी करोड़पति क्लब में शामिल हैं। कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट में धनकुबेरों का अच्छा-खासा दबदबा है। 48% मंत्रियों पर आपराधिक केस धन के साथ-साथ इस मंत्रिमंडल में दागी चेहरों की भी कमी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 15 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 9 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। शिक्षा की बात करें तो 22 मंत्री स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि 8 मंत्री 10वीं से 12वीं पास हैं।