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झारखंड में बालू आपूर्ति सुधार की कवायद, 6 घाटों से खनन शुरू करने की तैयारी

रांची झारखंड में बालू की आपूर्ति सामान्य करने के लिए खान विभाग ने नीतिगत बदलाव के बाद अब सभी जिलों को निर्देश देना शुरू कर दिया है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बालू खनन पर रोक हटने के साथ ही शनिवार होने के बावजूद छह बालू घाटों से संबंधित कागजी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर दिया गया है। इन्हीं घाटों से कई करोड़ सीएफटी बालू का प्रबंध हो जाएगा। राज्य में 29 और बालू घाटों से संबंधित कागजी कार्रवाई को अनुमति मिलने के बाद पूरे राज्य में उपभोक्ताओं के लिए बालू की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। दुमका समेत कई और जिलों के बड़े बालू घाटों से संबंधित कागजी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। सरकार के लिए राहत की बात यह भी है कि अधिसंख्य बड़े घाटों को ईसी मिल चुकी है और कहीं भी बालू की कमी नहीं है। अनुमान के मुताबिक झारखंड के बालू घाटों पर नौ करोड़ घन फीट से अधिक बालू का स्टाक है जिसे आने वाले दिनों में आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इस बार सरकारी कार्यों के लिए भी बालू खरीदने पर चालान कटाने का नियम लागू किया गया है। पहले चरण में जिन छह घाटों को खनन की स्वीकृति प्रदान की गई है उनमें दो रांची में स्थित हैं, दो बोकारो और दो जमशेदपुर में। इसके अलावा तमाम कागजी पूर्ण कर चुके बालू घाटों में दुमका में पांच, खूंटी में दो, जामताड़ा में तीन, हजारीबाग में छह, रांची में एक, गोड्डा में चार को अनुमति मिल जाएगी। इसी तरह पूर्वी सिंहभूम में एक, रामगढ़ में तीन एवं लातेहार में चार बालू घाटों को एक-दो दिनों में अनुमति प्रदान किए जाने की उम्मीद है।  

PMCH में 200 छात्रों की आंतरिक परीक्षा रद्द, नई तारीखें जारी

पटना देश में NEET की परीक्षा रद्द होने के बाद अब पटना में एमबीबीएस की परीक्षा रद्द कर दी गई है।पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों की प्रथम आंतरिक परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसमें लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा शामिल हैं। कदाचार की आशंका को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। परीक्षा में औषधि विभाग के करीब 200 छात्र शामिल हुए थे। इसकी सूचना पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष को दी है। साथ ही कार्रवाई के लिए मेडिकल एजुकेशन यूनिट को भी सूचित किया गया है। परीक्षा 11 और 12 मई को आयोजित की गई थी। 11 मई को लिखित परीक्षा हुई थी, जबकि 12 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा रद्द करने के साथ ही पटना मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नई तिथियां भी जारी कर दी हैं। नई तिथि के अनुसार लिखित परीक्षा 20 मई को दोपहर एक बजे से दो बजे तक आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र का पैटर्न भी कॉलेज प्रशासन ने जारी किया है। वहीं 21 मई को मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा होगी, जो सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। परीक्षा में औषधि विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। नीट पर्चा लीक में एनटीए की विशेषज्ञ गिरफ्तार इधर नीट यूजी-2026 में बायोलॉजी का प्रश्नपत्र लीक कराने में लिप्त कथित मास्टरमाइंड मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा पुणे के एक कॉलेज में बॉटनी की लेक्चरर हैं। उसे एनटीए ने नीट यूजी-2026 में विशेषज्ञ बनाया था। जांच में सामने आया है कि परीक्षा के बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उसकी पूरी पहुंच थी। सीबीआई के अनुसार, बीते अप्रैल में मनीषा मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया) के जरिये नीट अभ्यर्थियों को जमा किया और उनके लिए पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कक्षाएं चलाईं। इनमें छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल बताए गए। इनमें से अधिकांश प्रश्न तीन मई को आयोजित नीट यूजी के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। मनीषा की गिरफ्तारी लातूर के शिक्षक पीवी कुलकर्णी के बाद हुई है। कुलकर्णी भी नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों में था। सीबीआई जांच में पता चला है कि केमिस्ट्री व बायोलॉजी पर्चा लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे और कुछ बिचौलियों ने लाखों में पर्चे बेचे और छात्रों को विशेष कोचिंग कक्षाओं तक पहुंचाया। वहां, परीक्षा में आने वाले सवाल बताए गए।

रांची के BIT मेसरा में विकसित हुई AI तकनीक, चंद्रयान-2 डेटा से चंद्र सतह का विश्लेषण आसान

रांची  BIT मेसरा के शोधकर्ताओं ने चंद्रमा की सतह पर मौजूद क्रेटरों (गड्ढों) की पहचान और विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है। यह शोध भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-2 अनाउंसमेंट आफ आर्पच्युनिटी (AO) प्रोग्राम के अंतर्गत प्रायोजित किया गया है। इस महत्वपूर्ण शोध कार्य का संचालन प्रमुख अन्वेषक डॉ. संचिता पाल, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग तथा सह-प्रमुख अन्वेषक डॉ. मिली घोष, एसोसिएट प्रोफेसर, रिमोट सेंसिंग एंड जियोइंफार्मेटिक्स विभाग के मार्गदर्शन में किया गया। इस परियोजना में मीमांसा सिन्हा, पीएचडी शोधार्थी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चंद्रायन-2 के डेटा का हुआ इस्तेमाल शोधकर्ताओं ने चंद्रयान-2 के टीएमसी-2 डीईएम डेटा का उपयोग करते हुए चंद्र सतह के छोटे एवं जटिल क्रेटरों की पहचान के लिए एक अनुकूलित डीप लर्निंग फ्रेमवर्क विकसित किया। अध्ययन में विभिन्न डीप लर्निंग माडल का परीक्षण किया गया, जिसमें मास्क आर-सीएनएन विद रेसनेट-101 बैकबोन ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। शोध में पाया गया कि डिजिटल एलिवेशन माडल (डीईएम) आधारित तकनीक पारंपरिक इमेज आधारित पद्धतियों की तुलना में अधिक सटीक और भू-आकृतिक रूप से प्रभावी है। इससे क्रेटरों की सीमाओं, गहराई और क्षतिग्रस्त क्रेटरों की पहचान बेहतर तरीके से संभव हुई। हाई-रिजॉल्यूशन कैटलॉग तैयार इस परियोजना के अंतर्गत शोधकर्ताओं ने टीएमसी-2, लोला, सेलीन और एनएसी जैसे बहु-सेंसर डेटा का एकीकृत उपयोग कर क्रेटर डिटेक्शन की नई कार्यप्रणाली तैयार की। साथ ही, व्यास, गहराई, ढाल, वृत्ताकारता और सतही खुरदरापन जैसे मापदंडों के स्वचालित विश्लेषण के लिए एक विशेष मार्फोमेट्रिक एक्सट्रैक्शन फ्रेमवर्क विकसित किया गया। टीम ने क्रेटर मार्फो नामक एक विशेष आर्क जीआइएस प्रो-टूलबाक्स भी तैयार किया है, जो आटोमेटिक क्रेटर विश्लेषण में सहायक होगा। इसके माध्यम से एक किलोमीटर आकार के क्रेटरों का उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैटलाग तैयार किया गया है। डेटा कलेक्शन में मिलेगा मदद शोध में यह भी सामने आया कि केवल एक डेटा सेट पर निर्भर रहने से सेंसर रिजॉल्यूशन और कवरेज से संबंधित व्यवस्थित त्रुटियों की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए बहु-स्रोत डेटा आधारित विश्लेषण को अधिक विश्वसनीय माना गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में चंद्र अन्वेषण, ग्रहों की भू-आकृतिक अध्ययन और आटोमेटिक ग्रह सतह मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आगामी दिनों इस प्रणाली को पूर्णतः स्वचालित रीयल-टाइम क्रेटर विश्लेषण पाइपलाइन के रूप में विकसित करने की योजना है, ताकि तकनीक का भरपूर उपयोग हो सके और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया भी आसान हो पाए। यह तकनीक भविष्य में चंद्र अन्वेषण, ग्रहों की भू-आकृतिक अध्ययन और आटोमेटिक ग्रह सतह मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में इस प्रणाली को पूर्णतः स्वचालित रीयल-टाइम क्रेटर विश्लेषण पाइपलाइन के रूप में विकसित करने की योजना है। -डॉ. संचिता पाल, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, बीआइटी मेसरा।  

सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान बाधित, बिहार में तकनीकी बदलाव से अटकी राशि

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों की मासिक पेंशन का भुगतान बाधित हो गया है। राज्य के 1.19 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों को अप्रैल का मई में अबतक पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है।यह बाधा केंद्र सरकार की ओर से नये वित्तीय वर्ष से लागू एसएनए-स्पर्श सॉफ्टवेयर के माध्यम से राशि की प्राप्ति और भुगतान के आदेश से हुई है। इसके पहले एसएनए सॉफ्टवेयर का प्रयोग केंद्र से राशि प्राप्त करने और उसके माध्यम से ही भुगतान के लिए किया जाता था, लेकिन नए आदेश में सभी सरकारी विभागों की सरकार योजनाओं को नये सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि किए जाने का आदेश है। नये सॉफ्टवेयर के माध्यम से भारत सरकार, राज्य सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक एक दूसरे के साथ वित्तीय मामलों के लिए जुड़ गए हैं। वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा प्रविष्टि नहीं दरअसल, वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा इंट्रीग्रेशन (आंकड़ा की प्रविष्टि) अबतक पूरा नहीं हो पाया है। एनआईसी द्वारा पेंशन योजना के तहत सभी लाभुकों के नाम को एसएनए-स्पर्श के साथ आंकड़ों की प्रविष्टि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे पूरा होने में अभी पांच दिन से अधिक समय लगने की संभावना है। पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण के लिए पंचायत स्तर पर कैंप शुरू समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के माध्यम से सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर शुरू हुई है। राज्य में अबतक 95.26 लाख पेंशनधारकों के जीवन का प्रमाणीकरण हुआ है। इस शिविर में पंचायतवार लाभुकों की सूची उपलब्ध है। शिविर में प्रखंड स्तर के पदाधिकारी एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के कर्मी मौजूद है। इसके पूर्व 22 दिसंबर 2025 से सभी सीएससी पर नि:शुल्क जीवन प्रमाणीकरण कराने की प्रक्रिया हो रही थी। बिहार में पंचायत सचिवों की हड़ताल इधर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार से बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ का धरना गर्दनीबाग में शुरू हो गया। धरना में राज्य के विभिन्न जिलों से आए पंचायत सचिवों ने भाग लिया। संघ के अध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार ने कहा कि विभागीय मंत्री से सकारात्मक बातचीत हुई लेकिन इसी बीच मधुबनी, समस्तीपुर, दरभंगा व वैशाली के पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया। विभाग की इस कार्यशैली को संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। 16 से 20 मई तक धरना होगा। इसके बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई तो बाध्य होकर चरणबंद्ध आंदोलन किया जाएगा। पंचायत सचिव गृह जिले में पोस्टिंग, ग्रेड पे बढ़ाने, यात्रा भत्ता देने, प्रमोशन की उम्र सीमा 56 साल को खत्म करने समेत कुछ अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।

Bihar Transport Initiative: सरकारी कर्मचारियों के लिए नई इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ

पटना सचिवालय कर्मियों के लिए 18 मई से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जा रही है। पटना के विभिन्न मार्गों से उनके लिए नया-पुराना सचिवालय तक सीधी इलेक्ट्रिक बस सेवा मिलेगी।परिवहन सचिव राजकुमार ने बताया कि इस पहल से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, सुलभ और समयबद्ध आवागमन सुविधा मिलेगी। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा सचिवालय कर्मियों के लिए बस सेवा शुरू की जा रही है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा वर्तमान में पटना शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का सफल परिचालन किया जा रहा है। पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मी प्रतिदिन निजी कार एवं बाइक से सचिवालय आते-जाते हैं, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव बढ़ने के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल की खपत भी अधिक होती है। विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से सरकारी कर्मियों को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा। इससे निजी वाहनों के उपयोग में कमी आएगी। प्रतिदिन बड़ी मात्रा में तेल की बचत हो सकेगी। मल्टी मॉडल हब से सचिवालय मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से शुरू होकर आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना उच्च न्यायालय, बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय तक संचालित होगी। सुबह बसें 8.30 बजे से प्रारंभ होंगी तथा शाम में सचिवालय से वापसी सेवा उपलब्ध रहेगी। यह विशेष सेवा धनुकी मोड़ से शुरू होकर कुम्हरार, भूतनाथ रोड़, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़, करबिगहिया स्टेशन एवं आर ब्लॉक होते हुए विकास भवन तक संचालित होगी। गांधी मैदान से विशेष इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा संचालित होगी। यह सेवा डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, नियोजन भवन, विद्युत भवन, हाईकोर्ट एवं बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय क्षेत्र तक जाएगी। कार्यालय जाने और लाैटने के समय मिलेगी सुविधा यह विशेष इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा विभिन्न क्षेत्रों से संचालित होगी। बसें सीधे नया सचिवालय एवं पुराना सचिवालय तक जाएंगी। सुबह कार्यालय अवधि में विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय के लिए बसें उपलब्ध रहेंगी तथा शाम में सचिवालय से संबंधित क्षेत्रों के लिए वापसी सेवा संचालित होगी। महिला कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शाम 5 बजे छुट्टी के समय भी विशेष बस सेवा उपलब्ध रहेगी। कुर्जी से सचिवालय तक पिंक बस कुर्जी से पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा पीएंडएम मॉल, साईं मंदिर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एएन कॉलेज, बोरिंग रोड चौराहा एवं हडताली मोड़ होते हुए सचिवालय तक जाएगी। दानापुर स्टेशन से सचिवालय वाया सगुना मोड़ दानापुर स्टेशन से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए सचिवालय तक पहुंचेगी। इस मार्ग पर सुबह 8.15 बजे से बस सेवा प्रारंभ होगी।

Bihar Transfer List: पुलिस और राजस्व विभाग में बड़ी सर्जरी, कई जिलों में नई तैनाती

पटना राज्य सरकार ने शनिवार की देर रात बिहार पुलिस सेवा के 54 डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में ईओयू, मद्य निषेध, साइबर सहित कई इकाईयों में नये डीएसपी की तैनाती हुई है। अधिसूचना के मुताबिक मो अली अंसारी को एआईजी ट्रैफिक बिहार, आशीष कुमार सिंह को पटना का ट्रैफिक डीएसपी, अशफाक अंसारी को डीएसपी मद्य निषेध, मनोज राम को एएसपी सीआईडी, वंदना को एएसपी मद्य निषेध, रेशु कृष्णा को डीएसपी सीआईडी, महेश चौधरी को डीएसपी ईओयू, धीरज कुमार को एसडीपीओ इमामगंज गया, नीलाभ कृष्ण को सीनियर डीएसपी ईओयू, कमलेश कुमार को सीनियर डीएसपी सीआईडी कमजोर वर्ग की जिम्मेदारी मिली है। अशोक कुमार को ईओयू का सीनियर डीएसपी, देंवेंद्र प्रसाद व अनुराग कुमार को ईओयू का डीएसपी, दयानंद कुमार को ट्रैफिक डीएसपी कैमूर, मो आसिफ आलम को कटिहार का साइबर क्राइम डीएसपी बनाया गया है। राजस्व : 34 अधिकारियों का तबादला इधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 34 राजस्व पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसमें से 18 को अनुमंडल स्तर पर जबकि 16 को पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की जिम्मेवारी दीगई है। अनुमंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों का पदनाम अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी दिया गया है। राजस्व विभाग के अनुरोध पर सामान्य प्रशासन विभाग इन्हें डीसीएलआर की शक्ति प्रदान करेगा।विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अमरनाथ चौधरी को अररिया का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं अमरेन्द्र कुमार को अरवल, शुभेन्द्र कुमार झा को औरंगाबाद, पंकज कुमार को बांका, चंद्रशेखर तिवारी को भोजपुर, राजेश रंजन को कैमूर, राजेश कुमार को खगड़िया, अक्षयवट तिवारी को किशनगंज, प्रकाश कुमार सिन्हा को लखीसराय, अशोक कुमार शर्मा को सहरसा, राजेश कुमार सिंह को शिवहर, संजय कुमार सिंह को सीवान, शरत कुमार मंडल को नवादा, सुबोध कुमार को मधुबनी और मो गुलाम शाहिद को सारण का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं भास्कर को बेगूसराय के मंझौल का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। जबकि ललित कुमार सिंह को बखरी, राकेश रंजन को पकड़ीदयाल, अजीत कुमार को फारबिसगंज, संतोष कुमार सुमन को नीमचक बथानी, रंजीत कुमार को मनिहारी, विकास कुमार सिंह को बारसोई, विक्रम भाष्कर को तारापुर, प्रवीण कुमार पांडेय को जयनगर, कौशर ईमाम को रजौली, सुजीत सुमन को बनमनखी, निलेश कुमार चौरसिया को डिहरी-ऑन-सोन, विनय कुमार को शिवहर, रवि शंकर सिन्हा को बेलसंड, मृत्युंजय कुमार को वीरपुर, सुधांशु शेखर को महनार, राजीव कुमार को बलिया और हलेन्द्र कुमार सिंह को हवेली खड़गपुर का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। विभाग ने स्थानांतरित अधिकारियों को अविलंब नए पदों पर योगदान करने को कहा गया है।

सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: बिहार बनेगा फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय हब

पटना बिहार में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश में पहला निफ्टेम हरियाणा के सोनीपत के कुंडली में स्थापित किया गया था। जबकि, दूसरा संस्थान तमिलनाडू के तंजावुर में है। केन्द्र ने बिहार में तीसरे संस्थान की मंजूरी दी है। शनिवार को उन्होंने एक्स पर पोस्टकर लिखा कि वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे निफ्टेम की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह 100 एकड़ में विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाई देगा और हमारे किसानों, युवाओं तथा उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि एनडीए सरकार का संकल्प स्पष्ट है, नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संस्थान के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद यहां संस्थान स्थापित करने का रास्ता प्रशस्त हो गया। क्या है निफ्टेम निफ्टेम उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित उच्च शिक्षा संस्थान है। यह चार वर्षीय बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक), दो वर्षीय मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) और पीएचडी डिग्री प्रदान करता है। यह खाद्य और कृषि व्यवसाय प्रबंधन पर एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। बीटेक में जेईई मेन्स से होता है। एमटेक में प्रवेश इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) और व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित है। बालगृह के बच्चे उद्यमी भी बनेंगे इधर बिहार में बालगृहों में रहने वाले बच्चे भी अब होटल मैनेजर और उद्यमी बनेंगे। राज्य सरकार ने बालगृह के बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। समाज कल्याण विभाग की राज्य बाल संरक्षण समिति ने 14 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने कीकार्ययोजना तैयार की है। मिशन वात्सल्य के तहत घर और परिवार से बिछड़ चुके बाल देखरेख संस्थानों (बालगृहों) में रह रहे 16 से 18 वर्ष के किशोरों तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके केयर लीवर्स को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Bihar Weather कई जिलों में येलो अलर्ट जारी, तेज हवा और बारिश की चेतावनी

 पटना बिहार के अलग-अलग जिलों में बदले मौसम ने सभी को चकित कर रखा है। मई के महीने में राज्य के कुछ जिलों में तीखी धूप और गर्मी का एहसास हो रहा है तो कई जिलो में बारिश और तेज हवाओं का भी दौर देखने को मिल रहा है। रविवार को बिहार के उत्तर मध्य भाग के जिलों सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा,मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर के अलावा उत्तर पूर्व के जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया के कुछ हिस्सों में वज्रपात और मेघगर्जन का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा इन जिलों में 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे से हवा चलने का भी पूर्वानुमान है। यह येलो अलर्ट बिहार के दक्षिण-पश्चिम भाग के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल जिलों के कुछ भागों के लिए भी जारी किया गया है। बिहार में उमस भरी गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। दक्षिण पश्चिम बिहार और दक्षिण मध्य बिहार में इसका विशेष असर दिखेगा। राज्य के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में अधिकतम तापमान 40 के ऊपर बना रहेगा। हालांकि राज्य के उत्तर पूर्व भाग में तीन चार दिन गरज-तड़क के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर बिहार में दक्षिण बिहार की अपेक्षा तापमान दो से तीन डिग्री तक कम रहेगा। शनिवार को दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ पटना का अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री दर्ज हुआ। मौसमविदों के मुताबिक 22 मई के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में मुजफ्फरपुर तथा आसापस के जिलों में तेज धूप और तपिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 दिनों बाद बढ़कर सामान्य से उपर रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में इसके 40 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने का पूर्वानुमान जताया है। फिलहाल शनिवार को दिन का तापमान 36 डिग्री के पार चला गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब एक डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि अगले पांच-छह दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। 22 मई तक दिन का औसतन चार से पांच डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है। रात का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक सुधरने की संभावना है। भागलपुर जिले में भी सुहाने मौसम के दिन बीत चुके हैं। बीती रात उमस इस कदर रही कि लोग उबलते रहे। वहीं दिन में पसीने छूट रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 36.1 व न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार से 19 मई तक आसमान साफ रहेगा। इस दौरान गर्मी व उमस से लोगों का बुरा हाल होगा। हालांकि दिन एवं रात के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। पूर्णिया में तेज हवा और वज्रपात का यलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई, 18 मई एवं 20 मई को पूर्णिया जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 मई एवं 21 मई को मौसम साफ होने की संभावना बनी हुई है। येलो अलर्ट में तेज हवा बहने,मेघा गर्जन एवं वज्रपात होने की संभावना बनी रहती है। शनिवार को न्यूनतम तापमान एवं अधिकतम तापमान में एक डिग्री का इजाफा हुआ। शनिवार को न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

J-TET पास पैरा शिक्षकों के लिए खुला सहायक आचार्य बनने का रास्ता

 रांची सर्वोच्च न्यायालय ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पैरा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) को चरणबद्ध ढंग से सहायक आचार्य के रिक्त पदों पर नियुक्त करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। कोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में काेई समस्या भी नहीं है। राज्य सरकार ने सहायक आचार्य के कुल पदों में 50 प्रतिशत पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित भी रखा है, लेकिन सहायक आचार्य नियुक्त होने के लिए पैरा शिक्षकों का झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) उत्तीर्ण होना जरूरी है। दूसरी तरफ, स्थिति यह है कि राज्य में वर्तमान में लगभग आठ हजार पारा शिक्षक जेटेट उत्तीर्ण हैं और सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति की अर्हता रखते हैं। राहत की बात यह है कि राज्य में लंबे समय बाद जेटेट के आयोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें बड़ी संख्या में पैरा शिक्षक भी भाग लेंगे। झारखंड अधिवद्य परिषद द्वारा इस परीक्षा के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 मई निर्धारित है। इधर, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश आने के बड़ी संख्या में पैरा शिक्षक इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में आयोजित होनेवाली जेटेट परीक्षा से इनके सहायक आचार्य नियुक्त होने का रास्ता खुलेगा, बशर्ते पारा शिक्षक यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होते हैं। राज्य के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्य नियुक्ति के लिए गठित नियमावली के तहत पैरा शिक्षकों को सहायक आचार्य नियुक्त होने के लिए एक और परीक्षा से गुजरना होगा। कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य सरकार पैरा शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित कर सकती है। राज्य में वर्तमान में लगभग 55 हजार पारा शिक्षक कार्यरत हैं। लगभग 40 हजार पद हैं रिक्त राज्य सरकार ने सहायक आचार्य के 50 हजार पद सृजित किए थे, जिनमें पहले चरण में 26,001 पदों पर शुरू ही नियुक्ति के तहत लगभग 10 हजार पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है। बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं, जिनमें पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित पद भी सम्मिलित हैं। इस तरह, पहले चरण की लगभग 16 हजार तथा शेष 24 हजार पद रिक्त हैं। क्या है सर्वोच्च न्यायालय का आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया कि वह सहायक आचार्य के 50 प्रतिशत आरक्षित पदों पर पैरा शिक्षकों की चरणबद्ध ढंग से नियुक्ति करे। इसे लेकर पारा शिक्षकों के लिए विशेष रूप से प्रक्रिया शुरू की जाए। कोर्ट ने पारा शिक्षकों को सीधे नियमितीकरण करने से इंकार कर दिया, लेकिन राज्य को झारखंड प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती नियमावली, 2012 और झारखंड प्राथमिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली, 2022 के तहत पहले से बनाए गए वैधानिक भर्ती तंत्र को लागू करने और समय-समय पर इसका पालन करने का निर्देश दिया।

हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा NIFTEM, किसानों और युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

मुजफ्फरपुर बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने निवेश और रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर और किशनगंज में बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों तथा हाजीपुर में राष्ट्रीय स्तर के फूड टेक्नोलॉजी संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में की पूजा-अर्चना वट-सावित्री पूजा की शुभकामनाएं देने के बाद राजधानी के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना कर मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को मिलने जा रही इन सौगातों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालम‍िया और अंबूजा की बड़ी सीमेंट इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और चार परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी भी दी गई। सरकार का मानना है कि इन उद्योगों के शुरू होने से सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं परिवहन, निर्माण और छोटे कारोबारों को भी गति मिलेगी। हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा निफ्टेम इसी क्रम में वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे बिहार के कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को राष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना है। सरकार का दावा है कि यह संस्थान किसानों, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। खासकर फल-सब्जी, मक्का, मखाना और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। राज्य सरकार इसे विकसित बिहार और समृद्ध बिहार के विजन से जोड़कर देख रही है। उद्योग और शिक्षा के इन बड़े निवेशों को आने वाले वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।