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गड्ढे में पलटने से 4 दोस्तों की मौत, अनूपपुर में ट्रैक्टर पलटने से शव जेसीबी से निकाले गए

डिंडौरी अनूपपुर जिले में रविवार सुबह एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गड्ढे में पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के इंजन और ट्रॉली के नीचे दबने के कारण चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। करन पठार थाना प्रभारी वीरेंद्र बडकरे के मुताबिक, डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव से ठाड़ पाथर गांव की दूरी 20 से 25 किलोमीटर की है। ट्रैक्टर ट्रॉली खाली थी। तेज रफ्तार की ट्रैक्टर ठाड़ पाथर गांव के पास अचानक मोड पर सड़क से नीचे उतर गई और नीचे गड्‌ढे में पलट गई। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव करते हुए ट्रैक्टर को हटाने का प्रयास किया। साथी पुलिस को सूचना दी। सुबह 6:30 बजे सूचना मिलने पर तत्काल जेसीबी वाहन लेकर मौके पर पहुंचते हुए चारों शवों को बाहर निकल गया। साथ ही ट्रैक्टर को भी वहां से हटाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन भी पहुंच गए। जेसीबी की मदद से निकाले शव हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। ट्रैक्टर का इंजन और हिस्सा युवकों के ऊपर ही पलट गया था, जिसके कारण उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने जेसीबी मशीन मंगवाई और भारी मशक्कत के बाद दबे हुए शवों और ट्रैक्टर को गड्ढे से बाहर निकाला गया। अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के मुताबिक, मृतकों की पहचान हो गई है। सभी डिंडौरी के थे। एक नाबालिग था। ये हैं मृतक     अंकुश उइके (24 वर्ष): ट्रैक्टर चालक और मालिक।     ब्रजेश पेंदो (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।     रवींद्र कुमार गोयल (18 वर्ष): निवासी भीमकुंडी।     प्रकाश मार्को (17 वर्ष): निवासी भीमकुंडी। सुबह-सुबह हुए इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही भीमकुंडी गांव पहुंची, वहां मातम छा गया। एक साथ चार युवकों की मौत से पूरा गांव सदमे में है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।

मोहन ने ममता के गढ़ में किया जोरदार प्रदर्शन, कहा- वेस्ट बंगाल में कमल खिलने से कोई ताकत नहीं रोक सकती

भोपाल  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। इस बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 अप्रैल को कोलकाता की दो विधानसभाओं में धुआंधार प्रचार किया। उन्होंने कोलकाता जिले की कमरहाटी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी अरुप चौधरी और मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर सदर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष के समर्थन में जनता से समर्थन मांगा। दोनों विधानसभाओं में उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत बंगाल में कमल खिलने से नहीं रोक सकती। पश्चिम बंगाल की जनता जंगलराज और तृणमूल कांग्रेस से त्रस्त हो चुकी है। जनता को अब विकास चाहिए। पश्चिम बंगाल में दहाड़े सीएम मोहन यादव 18 अप्रैल की सुबह सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कमरहाटी विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, परिवर्तन और प्रगति की ओर बढ़ने को तैयार है। कई सालों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार में नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज प्रगति के साथ आगे बढ़ेगा। यहां के हर वर्ग के जीवन में जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आएगा। कोलकाता के अंदरुनी इलाकों में बहुत गरीबी है और हालात बेहतर दयनीय हैं। यहां युवाओं के पास रोजगार नहीं है, मजबूरी में लोगों को परिवार का पालन पोषण करने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हर क्षेत्र में विकास की असीमित संभावनाएं हैं। अब बंगाल की जनता टीएमसी के कुशासन और जंगलराज से मुक्ति चाहती है। बंगाल लगातार गर्त में जा रहा है, इसके उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार चाहिए। गौरतलब है कि 18 अप्रैल की सुबह सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कमरहाटी विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, परिवर्तन और प्रगति की ओर बढ़ने को तैयार है। कई सालों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार में नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज प्रगति के साथ आगे बढ़ेगा। यहां के हर वर्ग के जीवन में जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आएगा। कोलकाता के अंदरुनी इलाकों में बहुत गरीबी है और हालात बेहतर दयनीय हैं। यहां युवाओं के पास रोजगार नहीं है, मजबूरी में लोगों को परिवार का पालन पोषण करने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हर क्षेत्र में विकास की असीमित संभावनाएं हैं। अब बंगाल की जनता टीएमसी के कुशासन और जंगलराज से मुक्ति चाहती है। बंगाल लगातार गर्त में जा रहा है, इसके उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार चाहिए। 'बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए SIR जरूरी' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित जहां हर राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है, तो वही बंगाल पिछड़ रहा है। बंगाल की जनता प्रचंड बहुमत से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाकर विकास की एक नई इबारत लिखना चाहती है। बंगाल चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है। प्रधानमंत्री मोदी देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूर्ण समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में चुनाव आयोग के निर्देश पर एसआईआर कराया गया है। इस प्रक्रिया में सही मतदाताओं की पहचान की गई। बंगाल की प्रगति और बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए एसआईआर जरूरी है। 'जनता चाहती है बीजेपी का शासन' दूसरी ओर, शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष के समर्थन में प्रचार किया। यहां उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता की चेहरे की चमक बता रही है कि दुनिया की कोई ताकत यहां कमल खिलने से नहीं रोक सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है और बंगाल में भी भाजपा चुनाव जीतेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष को बंगाल में भाजपा का शुभंकर बताया। उन्होंने कहा कि जैसे लोहा पारस के संपर्क में आने पर सोना बन जाता है। उसी प्रकार अगर कोई कार्यकर्ता दिलीप के संपर्क में आए तो वह भाजपा का बन जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिलीप घोष के समर्थन में भव्य रोड शो भी किया। इस रोड शो में कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय जनता उमड़ पड़ी। रोड शो में उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाए। तेजी से करेंगे विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र की गलियों में घूमकर जनता से बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण के कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा तो विकास की राह पर बहुत आगे बढ़ेगा। पश्चिम बंगाल कभी देश का सबसे अच्छा राज्य था। लेकिन पहले कम्युनिस्ट पार्टी और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों ने बंगाल का पूरा बेड़ा गर्क कर दिया। बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए एसआईआर जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित जहां हर राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है, तो वही बंगाल पिछड़ रहा है। बंगाल की जनता प्रचंड बहुमत से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाकर विकास की एक नई इबारत लिखना चाहती है। बंगाल चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है। प्रधानमंत्री मोदी देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूर्ण समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में चुनाव आयोग के निर्देश पर एसआईआर कराया गया है। इस प्रक्रिया में सही मतदाताओं की पहचान की गई। बंगाल की प्रगति और बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए एसआईआर जरूरी है। जनता चाहती है बीजेपी का शासन दूसरी ओर, शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष के समर्थन में प्रचार किया। यहां उन्होंने कहा कि पश्चिम … Read more

गैस सिलेंडर के लिए अब शादी कार्ड नहीं, गारंटी के आधार पर मिलेगा, कंपनियों के नए नियम

भोपाल   एक तरफ जहां अक्षय तृतीया के साथ साथ देशभर में शादियों का सीजन चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में शादी समारोह में भोजन के लिए उपयोग होने वाले कमर्शियल सिलेंडर के नियम में गैंस कंपनियों के साथ-साथ खाद्य विभाग ने एक बार फिर बड़ा बदलाव कर दिया है। दो दिन पहले ही कंपनियों द्वारा तय किए गए शादी कार्ड के नियम को निरस्त करते हुए अब कैटर्स की शादी पर बुकिंग के आधार पर उन्हीं के हवाले से कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति करने का फैसला लिया गया है। मुख्य तौर पर खाद्य विभाग ने पिछली व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था को प्रभावी किया है। आपको बता दें कि, दो दिन पहले ही गैस कंपनियों ने शादी कार्ड दिखाने के साथ सिलेंडर की गारंटी के तौर पर 4400 रुपए जमा करने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर आपूर्ति करने के नियम जारी किए थे। बावजूद इसके एजेंसियों पर स्टॉक की समस्या आने लगी, जिससे लोगों को अधिक परेशान होना पड़ा, जिसके चलते शनिवार को एक बार फिर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले गैस कंपनियों ने जारी किया था ये नियम बता दें कि, गैस कंपनियों ने पहले एजेंसियों को निर्देश दिए थे कि, सभी संचालक विवाह समारोह के लिए उपभोक्ताओं द्वारा शादी कार्ड दिखाने पर दो कमर्शियल सिलिंडर दे सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता को दो सिलेंडरों का रिफिलिंग शुल्क 3700 रुपए देने के साथ-साथ सिलेंडरों की गारंटी के तौर पर 4400 रुपए शुल्क जमा करना होगा। साथ ही, ये निर्देश भी दिए कि, आयोजन के अगले दिन तक सिलेंडर एजेंसी में जमा कराने होंगे, इसके बाद गारंटी शुल्क लौटा दिया जाएगा। उपभोक्ता के पत्र पर खाद्य विभाग का एक्शन लेकिन शुक्रवार को ही जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो उन्हें सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो सकी। इसके चलते किसी उपभोक्ता द्वारा खाद्य विभाग में पत्र लिखकर सिलेंडर की व्यवस्था कराने की मांग की थी। इस पर विभाग में अधिकारियों ने चर्चा कर गैस एजेंसियों को समस्या से अवगत कराया। इसके बाद खाद्य विभाग और गैस कंपनियों ने मिलकर सिलेंडरों की सुलभ आपूर्ति के लिए संयुक्त नियम बनाया है। अब कैटर्स के जरिए होगी कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बताया जा रहा है कि, अब शादी समारोह के लिए व्यावसायिक सिलेंडर एजेंसी से कैटर्स द्वारा ही लिए जा सकेंगे। इसके लिए शादी समारोह के लिए कैटर्स की बुकिंग करने पर वो अपने कनेक्शन पर एजेंसी से सिलेंडर बुक कर सकेंगे। इससे खाली सिलिंडर के बदले में एजेंसी उसे तय समय पर आपूर्ति करेगी, जिससे लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। कैटर्स ही बुक करेंगे सिलेंडर मामले को लेकर जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन का कहना है कि, अब शादी समारोह में भोजन व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर शादी कार्ड के बजाए कैटर्स की प्रोग्राम बुकिंग की गारंटी लगानी होगी। इसके बाद आयोजनकर्ता के बजाए सिलेंडर कैटर्स के नाम से बुक कराना होगा।

अक्षय तृतीया पर इंदौर और जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके, 15-16 साल की बेटियों के विवाह भी समझाइश से टले

इंदौर-जबलपुर में अक्षय तृतीया पर 4 बाल विवाह रोके गए, 17 साल की बालिका की बारात उज्जैन से रुकवाई अक्षय तृतीया पर इंदौर और जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके, 15-16 साल की बेटियों के विवाह भी समझाइश से टले इंदौर और जबलपुर में अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोके गए, 17 साल की बालिका की बारात उज्जैन से रोकी गई इंदौर/जबलपुर  अक्षय तृतीया के चलते मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में बाल विवाह रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की अलग-अलग गठित टीमें लगातार कार्रवाई में जुटी हैं। इसी कड़ी में  नाबालिग विवाह के शहर में दो अजीबो गरीब मामले सामने आए। इनमें से एक मामले में दुल्हन ने तो वैवाहिक नियानुसार 18 साल पूरे कर लिए थे, पर दोनों ही मामलों में दूल्हा की उम्र महज 13 साल थी। मामले में कलेक्टर ने शुक्रवार को प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किया है। एक मामले में लड़की के पिता शादी की उम्र 16 वर्ष होने का दावा करते हुए वैवाहिक रस्में आगे बढ़ाने पर अड़ गए। वहीं, दूसरे मामले में दुल्हन के परिजन बेटी की उम्र 21 साल बता रहे थे, लेकिन यहां उसकी उम्र 18 साल ही निकली। लेकिन दोनों ही मामलों में दूल्हा दोनों दुल्हनों से पांच साल छोटा था। फिलहाल, विभाग की टीम द्वारा समझाने के बाद बच्चों के बालिग होने तक परिजन ने विवाह निरस्त करने की सहमति दे दी है। खजराना क्षेत्र में 17 वर्षीय बालिका का विवाह रोका खजराना थाना क्षेत्र की कॉलेज कॉलोनी में शनिवार को एक बालिका की शादी की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच में बालिका की उम्र 17 साल 4 महीने पाई गई। अधिकारियों ने परिवार को समझाइश दी, जिसके बाद विवाह टाल दिया गया। उज्जैन के दूल्हे पक्ष को सूचना देने पर बारात भी कैंसिल कराई गई। न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका की शादी टली न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका की शादी की तैयारी की शिकायत पर टीम पहुंची। परिवार ने शुरुआत में इंकार किया, लेकिन जांच में सगाई की पुष्टि हुई। समझाइश के बाद परिजनों ने बालिग होने तक विवाह टालने की सहमति दी। भमोरी क्षेत्र में 16 वर्षीय बालिका का विवाह निरस्त भमोरी क्षेत्र में हेल्पलाइन पर मिली सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की। जांच में बालिका की उम्र 16 साल पाई गई। माता-पिता को कानूनी प्रावधान समझाने के बाद विवाह निरस्त कर दिया गया। देर रात तक चली जांच कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर गठित टीमों ने दिनभर विभिन्न विवाह स्थलों पर दस्तावेजों की जांच की। उड़नदस्ता टीम ने शनिवार रात 12 बजे तक आयु प्रमाणों का परीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। लोगों से अपील की गई है कि नाबालिग विवाह की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को दें। जबलपुर में भी नाबालिक की शादी टली जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र के जुनवानी कंचनपुर टोला में 10वीं कक्षा में पढ़ रही 15 साल की बालिका का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने 20 अप्रैल को प्रस्तावित विवाह को कार्रवाई कर निरस्त कराया। सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा को बाल विवाह की सूचना मिलने पर शनिवार को टीम गांव पहुंची। जांच में आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 2012 और जन्म प्रमाण पत्र में 29 जनवरी 2011 दर्ज मिली, जिससे बालिका की उम्र करीब 15 साल पाई गई।  

महिला आरक्षण पर आक्रोश रैली का आयोजन, एक दिवसीय सत्र में होगी बहस; CM ने कहा- नारी का अपमान देश कभी नहीं भूलेगा

भोपाल  लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ है और अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाया जाएगा। राज्य के सभी संभागों और जिलों में प्रदर्शन, रैलियां, पदयात्राएं और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर भी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।  विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र रविवार को भोपाल प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस विषय पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस मुद्दे को जनता की अदालत में लेकर जाएगे। जन-जन तक बात को पहुंचाएंगे। सोमवार को आक्रोश रैली निकाली जाएगी। हम बहनों को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे और जिन्होंने गलत किया है, उनका पर्दाफाश करेंगे। आने वाले दिनों में जिलों में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतंत्र के लिए दुखद और निंदनीय है। यह महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर था, जिसे विपक्ष के रवैये ने प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ का साधन बना लिया। उन्होंने कहा कि देश नारी शक्ति के अपमान को नहीं भूलेगा।  डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में जब यह विधेयक आया था, तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने के समय विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने इसे अवसरवाद करार दिया।   कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ 2023 के बिल को लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में ही स्पष्ट किया गया था कि 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए 2029 के चुनावों में जनगणना के आधार की आवश्यकता थी, इसलिए मजबूरी में 2011 की जनगणना को आधार बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जनगणना के आधार पर आकलन किया जाए, तो यह प्रक्रिया 2034 के बाद ही संभव हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ रहा है। सीएम ने कहा कि हमारा एकमात्र राज्य हैं, जहां 17 महिला कलेक्टर हैं। दिव्यांग संभागायुक्त हैं। 10 से ज्यादा जिले ऐस है, जहां एसपी और कलेक्टर महिला है। एक संभाग ऐसा है, जहां संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत सभी महिलाएं हैं।  70 साल से अधिकार की लड़ाई भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग लंबे समय से उठती रही, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में विपक्षी दलों ने केवल चुनावी मजबूरी में इस बिल का समर्थन किया, लेकिन अब इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध करने लगे।  विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में हुआ घटनाक्रम केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की मानसिकता महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक मुद्दे पर विपक्ष का रुख उसकी वास्तविक सोच को दर्शाता है और बिल के गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है। 

स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही के कारण युवक ने गवाई जान ,नाराज मृतक के परिजनों ने किया चक्का जाम

स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही के कारण युवक ने गवाई जान ,नाराज मृतक के परिजनों ने किया चक्का जाम राजेंद्र ग्राम  छबिलाल जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत करौंदा टोला में कल दिनांक 18 अप्रैल को सुबह 5:00 बजे एक युवक जिसका नाम छोटे सिंह नेम उम्र लगभग 32 वर्ष को गांव के लोगों ने रोड में अचेत अवस्था में पाया गया यह घटना अमरकंटक थाना क्षेत्र की बताई जा रही है अचेत अवस्था में पड़े युवक को उसके परिजनों ने सुबह 7:00 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ में भर्ती कराया जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया युवक के सिर में गहरी चोट होने से खून का रिसाव लगातार हो रहा था डॉक्टर ने घायल को जिला अस्पताल के लिए कागज में रेफर कर दिया लेकिन जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस नहीं दिया गया. जबकि एम्बुलेंस चिकित्सालय में उपलब्ध भी थी जब 108 में कॉल करने के बाद लगभग 9:45 में बुढार से एम्बुलेंस जिला चिकित्सालय 6 बजे भेजा गया जिला चिकित्सालय के डॉक्टर ने तुरंत घायल को जबलपुर अस्पताल के लिए घायल को राजेंद्र ग्राम मार्ग से जबलपुर ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में घायल ने दम तोड़ दिया जिसे पुणे पुष्पराजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही पूर्ण रवैया से नाराज मृतक के परिजनों ने मृतक को जोहिला पल में ले जाकर रीवा अमरकंटक मार्ग में चक जमकर दिया जिसके कारण रीवा अमरकंटक मार्ग बाधित रहा लगभग 5 घंटे से रोड जाम रहा है मौके पर पहुंचे पुलिस विभाग एवं तहसीलदार ईश्वर प्रधान नेम्रता के परिजनों को स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्यवाही करने एवं मृतक की मृत्यु का कारण जानने का लिखित आश्वासन देने को तैयार हैं लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर आकर आश्वासन देने की मांग की गई है.

सरकारी नौकरी का गोल्डन चांस! मध्य प्रदेश बिजली विभाग में 3000 पदों पर वैकेंसी, 10वीं पास कर सकते हैं आवेदन

भोपाल सरकारी नौकरी की तलाश करने वालों के लिए बेहतरीन मौका है, जहाँ 10वीं पास और आईटीआई उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। रविवार रोजगार के तहत पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने वर्ष 2026 में असिस्टेंट लाइनमैन के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। यह बिजली विभाग में सरकारी नौकरी पाने का एक शानदार मौका है। इस भर्ती के तहत 3000 पद भरे जाएंगे। जो उम्मीदवार तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह खास अवसर है। इन पदों के लिए उम्मीदवार 6 मई तक ऑफिशियल वेबसाइट www.pspcl.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।   कैटेगरी वाइज वैकेंसी डिटेल्स कुल पदों की संख्या 3000 है, जिसका विवरण इस प्रकार है: जनरल- 600, ईडब्ल्यूएस- 154, एससी- 533, एससी- 64, एससी- 33, एससी- 535, एससी- 62, एससी- 32, सिर्फ बीसी- 345, बीसी- 53, एक्सएसएम- 108, पीडब्ल्यूडी- 336, एसपी- 130 और एफएफ- 15 पद शामिल हैं। योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास के साथ संबंधित क्षेत्र में आईटीआई की डिग्री अनिवार्य है। साथ ही उम्मीदवार ने 10वीं में पंजाबी एक भाषा के रूप में पढ़ी हो। आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष निर्धारित है, जिसमें आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में रिटन एग्जाम, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जाम शामिल होगा। चयनित असिस्टेंट लाइनमैन को 19,900 – 63,200 रुपये (अनुमानित) वेतन के साथ डीए, एचआरए एवं अन्य भत्ते भी मिलेंगे। महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन शुल्क आवेदन की अंतिम तिथि 6 मई है, जबकि फीस जमा करने की अंतिम तिथि 11 मई तय की गई है। आवेदन शुल्क जनरल और अन्य कैटेगरी के लिए 1416 रुपये तथा एससी व पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के लिए 885 रुपये निर्धारित है। आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट www.pspcl.in पर जाएं। होम पेज पर भर्ती से संबंधित रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें और संबंधित नोटिफिकेशन को सिलेक्ट करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें और रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स लिंक के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर फीस जमा करें। भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के लिए रखें। तैयारी के लिए एक्सपर्ट टिप्स प्रतियोगी परीक्षाओं के शिक्षक एवं करियर काउंसलर मोहित शर्मा बताते हैं कि पीएसपीसीएल की यह भर्ती तकनीकी क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने का बेहतरीन मौका है। वे सुझाव देते हैं कि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, क्योंकि लाइनमैन का मुख्य कार्य इसी क्षेत्र में होता है। ओवरहेड लाइन्स, इंसुलेटर्स के प्रकार, केबल्स, कोरोना इफेक्ट और सैग कैलकुलेशन से जुड़े कॉन्सेप्ट्स को गहराई से पढ़ें। अर्थिंग और इंडियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स कंठस्थ करें। सुरक्षा उपकरण, अर्थिंग के प्रकार (विशेषकर प्लेट और पाइप अर्थिंग के मानक) और सबस्टेशन वायरिंग के नियमों से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। तकनीकी विषयों पर फोकस मोहित शर्मा के अनुसार, कोर इलेक्ट्रिकल थ्योरी और न्यूमेरिकल्स पर पकड़ बनाना जरूरी है। ओम का नियम, किरचॉफ के नियम और एसी/डीसी सर्किट के फंडामेंटल न्यूमेरिकल्स का रोजाना अभ्यास करें। ट्रांसफार्मर और इलेक्ट्रिकल मशीन्स के लॉजिक को समझें। सिंगल-फेज और थ्री-फेज ट्रांसफार्मर की वर्किंग, लॉसेस, कूलिंग सिस्टम और डीसी/एसी मोटर्स की वाइंडिंग व कनेक्शन के सिद्धांतों को समझें। मापक यंत्र और लाइनमैन टूल्स जैसे एमीटर, वोल्टमीटर, वाटमीटर और मल्टीमीटर की वर्किंग की सटीक जानकारी रखें। टेक्निकल और सामान्य ज्ञान दोनों पर फोकस करें। हर सप्ताह कम से कम 1–2 टेस्ट दें और महत्वपूर्ण फॉर्मूले लिखकर बार-बार दोहराएं।

जानापाव में बनेगा भव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा

जानापाव में बनेगा भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के लिए करेंगे मंगल कामना महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित अनूठी प्रदर्शनी का करेंगे शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘परशुराम प्रकटोत्सव’ में होंगे शामिल जानापाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान परशुराम की जन्म स्थली जानापाव में भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जा रहा है। इसकी लागत 17.41 करोड़ रूपये है। भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और संदेश को आमजन तक पहुंचाने के लिये श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 19 अप्रैल को भगवान परशुराम की पावन जन्मस्थली जानापाव (महू) में आयोजित 'परशुराम प्रकटोत्सव' में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के लिए मंगल कामना करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जानापाव की महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित अनूठी प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। वे स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भी सम्मिलित होंगे। संस्कृति विभाग और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा आयोजित भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के भव्य समारोह में कला और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में विख्यात गायक सवई भट्ट एवं उनके दल द्वारा मनमोहक भक्ति गायन प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, पंडित विजय शंकर मेहता द्वारा रचित और वीरेंद्र कुमार के निर्देशन में 'परशुराम नाट्य लीला' का सजीव मंचन भी होगा, जो भगवान परशुराम के विराट व्यक्तित्व को उजागर करेगा। कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः नि:शुल्क रहेगा। भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक में भगवान श्रीपरशुराम और श्रीकृष्ण की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जायेंगी। जानापाव में पत्थर एवं धातु से निर्मित 30 फीट ऊँचा भव्य द्वार निर्मित किया जायेगा। कथा और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिये कथा मंच का निर्माण किया जायेगा। लोक के प्रांगण में 4 गजीबो, व्यू पाइंट, लैंड स्केपिंग, पाथ-वे और अन्य विकास कार्य भी किये जायेंगे। भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक में एक भव्य संग्रहालय बनेगा, जो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन पर आधारित होकर पौराणिक महत्व को प्रदर्शित करेगा। लोक में 5 दीर्घाएं होंगी। इसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा, स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा एवं ध्यानदीर्घा होंगी। इनमें भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण की विभिन्न कलाओं को दर्शाया जायेगा।  

अत्याधुनिक उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी और सटीक बनाएंगे: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में निजी हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह उन्नत सर्जिकल रोबोट अस्पताल और प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सर्जनों को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी सर्जरी करने में सहयोग प्रदान करेगा तथा उपचार की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी अस्पताल की गुणवत्ता इस बात से निर्धारित होती है कि वहां कितनी आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय और सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के प्रयासों को स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आएगी और जनस्वास्थ्य सुदृढ़ होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोगों को शुद्ध और पोषक आहार मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए उपचार अधिक सुलभ हुआ है। साथ ही, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और तकनीकों के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ‘पीएम एयर एंबुलेंस’ और अन्य जनउपयोगी पहल को अत्यंत उपयोगी और नवाचारपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी हुई हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बंसल हॉस्पिटल प्रबंधन और चिकित्सा टीम को रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधा शुरू करने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।  

MP सरकार का बड़ा कदम: किसानों के लिए आई खुशखबरी, तुरंत जानिए नया फैसला

भोपाल  मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 6 दिन बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। पहले यह अवधि 24 अप्रैल तक निर्धारित थी। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो अब तक अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक नहीं करा पाए थे। इसके साथ ही सरकार ने स्लॉट बुकिंग की क्षमता भी बढ़ा दी है। अब किसान एक बार में 1000 क्विंटल की जगह 1500 क्विंटल तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। इससे बड़े किसानों और अधिक उत्पादन करने वालों को सीधा फायदा मिलेगा। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है। अब तक 1 लाख 30 हजार 655 किसानों से 57 लाख 13 हजार 640 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। इसके बदले किसानों के बैंक खातों में 355 करोड़ 3 लाख रुपए की राशि भी ट्रांसफर की जा चुकी है। वहीं, 4 लाख 22 हजार 848 किसानों ने 1 करोड़ 82 लाख 96 हजार 810 क्विंटल गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक करा लिया है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल, बारदाना, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और गुणवत्ता जांच उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। उपार्जन के लिए जूट बारदानों के साथ पीपी और एचडीपी बैग की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस बार सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य रखा है। सरकार का कहना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए खरीदी केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि समर्थन मूल्य का लाभ समय पर हर पात्र किसान तक पहुंच सके।