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भूमि सेवाओं में बड़ा बदलाव: इंदौर में पटवारी हुए डिजिटल, आसान होगी हर प्रक्रिया

इंदौर. इंदौर में प्रशासनिक कामकाज को और अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एलआरएम के अंतर्गत जिले के सभी पटवारियों को विभिन्न शासकीय ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य राजस्व अमले को डिजिटल रूप से सक्षम बनाकर आमजन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर पटवारी एक क्लिक पर जमीन से जुड़े कार्य समय सीमा में पूरे कर सकेंगे। जिले के पटवारियों को आरसीएमएस, वेबजीआएस 2.0, फार्मर रजिस्ट्रेशन, डिजास्टर वार्निंग सिस्टम, सीएम हेल्पलाइन, पीएम किसान, साइबर तहसील, ई-आफिस, लोक सेवा गारंटी, एमपी ट्रेजरी, डीजी लाकर सहित अनेक महत्वपूर्ण पोर्टलों की जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया। तहसीलों के पटवारी भी होंगे शामिल कलेक्टर शिवम वर्मा की उपस्थिति में आयोजित इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने न केवल तकनीकी पहलुओं को समझाया, बल्कि डेटा एंट्री, ऑनलाइन सेवा संचालन और शिकायतों के त्वरित निराकरण के व्यावहारिक तरीके भी बताए। तीन चरणों में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण के पहले चरण में महू, राऊ, जूनी इंदौर और खुड़ैल के पटवारियों को प्रशिक्षित किया गया। आगामी चरणों में अन्य तहसीलों के पटवारी शामिल होंगे। मॉनीटरिंग का तंत्र मजबूत कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि अब हर कार्य ऑनलाइन माध्यमों से तय समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानीटरिंग के लिए प्रभावी तंत्र मौजूद हैं, इसलिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि छोटी त्रुटियों को सुधारा जा सकता है, लेकिन किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने पटवारियों से अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी रखने, हर आवेदक के काम को प्राथमिकता देने और टीम भावना से कार्य करने की बात कही। राजस्व अभियान की प्रगति गूगल शीट पर होगी दर्ज राजस्व संबंधी समस्याओं और प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने के उद्देश्य से सम्पूर्ण जिले में चलाए जा रहे विशेष राजस्व अभियान की अवधि को 25 अप्रैल तक बढ़ाया गया है। पूर्व में राजस्व अभियान 30 मार्च तक होना था। राजस्व अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें कलेक्टर शिवम वर्मा ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना सुनिश्चित करें। राजस्व अभियान की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत करें। प्रतिदिन की प्रगति गूगल शीट में दर्ज की जाएगी।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा बयान: FIR के बाद समझौता करना न्यायिक सिस्टम के साथ खिलवाड़

जबलपुर. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा कि किसी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराना और फिर बाद में समझौता कर लेना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। ऐसे मामलों में सख्ती से निपटना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने यह भी माना कि इस तरह की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है, जो कानून के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है। इस मत के साथ जस्टिस संदीप एन भट्ट की सिंगल बेंच ने जबलपुर के उद्योगपति महेश केमतानी पर 50 हजार रु का जुर्माना लगा दिया। यह राशि एक हफ्ते में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन में जमा करनी होगी। जबलपुर के महानद्दा स्थित शुभ मोटर्स के महेश केमतानी ने संदीप कुमार मिश्रा, नेहा विश्वकर्मा और नसीम खान उर्फ मुस्कान पर करीब 97 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मदन महल थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी। 12 लाख रुपये बरामद हुए थे जांच के दौरान संदीप मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था। उससे करीब 12 लाख रु बरामद हुए थे। आरोपी संदीप मिश्रा ने इसी मामले में जमानत के लिए यह अर्जी लगाई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि आरोपी का शिकायतकर्ता से समझौता हो चुका है। राज्य सरकार की ओर से अर्जी का विरोध किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी और महेश केमतानी पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाते हुए आरोपी संदीप मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

एम्स की नई खोज से कैंसर पर वार: रोशनी से एक्टिव होकर ट्यूमर नष्ट करेगी दवा

भोपाल. एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने कैंसर के इलाज के लिए नैनो-तकनीक विकसित की है, जो शरीर के बाकी हिस्सों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे ट्यूमर पर हमला करेगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दवा शरीर के अंदर तब तक शांत रहती है, जब तक उस पर विशेष लाल रोशनी न डाली जाए। रोशनी पड़ते ही यह सक्रिय होकर कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देती है। एम्स भोपाल के बायोकैमिस्ट्री विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डा. सुखेस मुखर्जी के सहयोग से हुए इस शोध में एक खास नैनोकण (बेहद सूक्ष्म कण) तैयार किया गया है। यह कण खून के जरिए ट्यूमर तक पहुंच जाता है।जब डाक्टर ट्यूमर वाले हिस्से पर लाल रोशनी डालते हैं, तो यह कण सक्रिय होकर दो तरह के घातक प्रहार करता है। यह एक साथ सिंगलेट आक्सीजन और कार्बन मोनोऑक्साइड छोड़ता है, जो मिलकर कैंसर कोशिकाओं को खत्म करते हैं। लाल रोशनी का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि यह शरीर में गहराई तक प्रवेश कर सकती है। यह नैनोकण शरीर में धीरे-धीरे खुद ही घुलकर खत्म हो जाता है, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित भी है। कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों से मिलेगी राहत पारंपरिक कीमोथेरेपी में अक्सर शरीर के स्वस्थ सेल भी मर जाते हैं, जिससे मरीज को बाल झड़ने या अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। लेकिन इस नई तकनीक में दवा केवल वहीं असर करेगी जहां रोशनी डाली जाएगी। इससे शरीर के दूसरे अंगों पर बुरा असर पड़ने की आशंका बहुत कम हो जाएगी। परीक्षण में पाया गया है कि यह तकनीक स्तन और यकृत (लीवर) कैंसर के इलाज में बेहद असरदार है। यह शोध दुनिया के प्रतिष्ठित जर्नल डाल्टन ट्रांजैक्शंस में प्रकाशित हुआ है। इनका कहना है यह शोध कैंसर के सटीक और नियंत्रित उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। आम लोगों को प्रभावी इलाज – एम्स भोपाल चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है ताकि आम लोगों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज मिल सके। – डा. सुखेस मुखर्जी, एडिशनल प्रोफेसर, एम्स भोपाल।

शादी सीजन में ग्वालियर में विंटेज कारों का किराया बढ़ा, 11 हजार से 35 हजार तक पहुंचा

ग्वालियर शहर में शादी सीजन शुरू होते ही बारात के अंदाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले दूल्हे पारंपरिक घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर निकलते थे। अब उनकी जगह ओपन रूफ, कन्वर्टिबल और रॉयल लुक वाली विंटेज कारों ने ले ली है। आधुनिक दौर में शादी को खास और यादगार बनाने की चाहत ने इस ट्रेंड को तेजी से बढ़ावा दिया है। खासकर युवा दूल्हे अब शाही अंदाज में एंट्री करना पसंद कर रहे हैं, जिससे उनकी बारात मेहमानों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रही है। सोशल मीडिया ट्रेंड से बढ़ी मांग वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस ट्रेंड को बढ़ाने में बड़ा योगदान है। आजकल प्री-वेडिंग शूट, सिनेमैटिक वीडियोग्राफी और रील्स का चलन बढ़ गया है। ऐसे में ओपन रूफ और कन्वर्टिबल कारें फोटो और वीडियो में रॉयल फील देती हैं। यही कारण है कि दूल्हे अब स्टाइलिश और क्लासिक एंट्री के लिए विंटेज कारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सजावट से बनती है खास पहचान विंटेज कारों को फूलों, एलईडी लाइट्स, रिबन और थीम डेकोरेशन से सजाया जाता है, जिससे उनका लुक और भी आकर्षक हो जाता है। कई परिवार दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री, जयमाला स्टेज और फोटोशूट के लिए अलग से पैकेज भी बुक कर रहे हैं। इससे शादी का पूरा माहौल शाही और भव्य नजर आता है। 11 हजार से 35 हजार तक किराया शहर के वेडिंग कारोबारियों के अनुसार, विंटेज कारों का किराया 11 हजार रुपये से शुरू होकर 35 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। किराया कार के मॉडल, ब्रांड, समय, सजावट और उपयोग के आधार पर तय होता है। ओपन रूफ और कन्वर्टिबल कारों का चार्ज सामान्य कारों की तुलना में अधिक होता है। वहीं पीक सीजन में एडवांस बुकिंग के चलते कीमतों में और बढ़ोतरी हो जाती है। शहर से बाहर अलग पैकेज अगर बारात शहर से बाहर या रिसॉर्ट वेडिंग में जानी हो, तो किराया अलग से तय किया जाता है। दूरी, समय और लोकेशन के आधार पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। ड्राइवर चार्ज, फ्यूल, नाइट स्टे और टाइम एक्सटेंशन जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल होती हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग में भी बढ़ी मांग इस बार शादी सीजन में विंटेज कारें सिर्फ शहर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेस्टिनेशन वेडिंग और आउटडोर रिसेप्शन में भी पहली पसंद बन रही हैं। शाही एंट्री के इस ट्रेंड ने बारात के पारंपरिक अंदाज को पूरी तरह बदल दिया है।

राज्यसभा चुनाव में 4 सीटों पर हो सकता है चुनाव, 4 मई को होगी सियासी ताकतों की परीक्षा

भोपाल   मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। फिलहाल राज्य से तीन सीटें खाली होना तय है, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन रही हैं कि यह संख्या चार तक पहुंच सकती है। इसका पूरा दारोमदार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों पर टिका है। तीन सीटें तय, चौथी पर सस्पेंस मध्य प्रदेश से वर्तमान में दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन की राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। इनका कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो चुका है। लेकिन अब नजरें एल मुरुगन पर टिकी हैं, जो फिलहाल मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और केंद्र में राज्य मंत्री भी हैं। यदि वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीत जाते हैं, तो उनकी राज्यसभा सीट भी खाली हो जाएगी जिससे कुल सीटों की संख्या चार हो सकती है। तमिलनाडु चुनाव से जुड़ा गणित एल मुरुगन इस बार तमिलनाडु की अविनाशी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। 4 मई की तारीख इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि उसी दिन यह तय होगा कि मध्य प्रदेश में तीन सीटों पर चुनाव होगा या चार पर। यदि मुरुगन जीतते हैं, तो उन्हें विधायक पद के कारण राज्यसभा सीट छोड़नी पड़ेगी।  मुरुगन का राजनीतिक सफर एल मुरुगन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं।     साल 2021 में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया और उसी दौरान वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे।     वे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।     इससे पहले वे मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उनका रिकॉर्ड मिश्रित रहा है। वे पहले भी कई चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए। अब एक बार फिर वे अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा की रणनीति और संभावनाएं अगर एल मुरुगन चुनाव जीतते हैं, तो संभावना है कि भाजपा उन्हें दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु में संगठन मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश से राज्यसभा की चौथी सीट खाली होगी, जिसका कार्यकाल 2030 तक है। यह भाजपा के लिए एक अतिरिक्त अवसर भी बन सकता है। राजनीतिक समीकरणों पर असर इस पूरे घटनाक्रम का असर न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। राज्यसभा सीटों की संख्या बढ़ने या घटने से दलों के बीच संतुलन बदल सकता है। अब सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब यह साफ होगा कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का गणित क्या रूप लेता है।

नारी शक्ति वंदन: हौसलों की उड़ान, गांव की पहली बहू मीनाक्षी ने भरी हवाई जहाज़ की उड़ान

भोपाल  गुना जिले के बमोरी ब्लॉक की श्रीमती मीनाक्षी फराक्टे आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। राजमाता स्व-सहायता समूह की सदस्य और शिवाजी राज सीएलएफ से जुड़ी श्रीमती मीनाक्षी उन्नत आजीविका प्रोसेसिंग केंद्र की सेंटर इंचार्ज हैं। उनका यह सफर केवल एक महिला की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संघर्ष और संकल्प की जीवंत मिसाल है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें दिल्ली में आयोजित एआई समिट में शामिल होने हवाई जहाज़ में बैठने का अवसर मिला। यह अवसर प्राप्त करने वाली वह गांव की पहली बहू हैं। श्रीमती मीनाक्षी बताती हैं कि उनके प्रोसेसिंग केंद्र में किसान दीदियों से कच्चा माल खरीदा जाता है, फिर उसे प्रोसेस कर बाजार तक पहुंचाया जाता है। उनके साथ जुड़ी समूह की महिलाएं अलग-अलग माध्यमों से कभी घर-घर जाकर, कभी दुकानों पर, तो कभी आंगनवाड़ी और स्कूलों में चल रहे मध्याह्न भोजन कार्यक्रमों के जरिए बिक्री करती हैं। लेकिन यह राह आसान नहीं थी। जब मीनाक्षी और उनकी साथी महिलाएं पहली बार दुकानों पर अपने उत्पाद बेचने गईं, तो लोगों को विश्वास ही नहीं होता था कि महिलाएं भी सफल मार्केटिंग कर सकती हैं। दुकानदार अक्सर सवाल करते—“क्या आप लोग समय पर सामान पहुंचा पाएंगी? क्या इतनी जिम्मेदारी निभा पाएंगी? एक महिला होने से उन पर संदेह भी किया जाता था। कई बार एक ही दुकान पर दो से चार बार जाना पड़ता, बार-बार समझाना पड़ता, भरोसा दिलाना पड़ता कि वे भी गुणवत्तापूर्ण सामान समय पर दे सकती हैं। हर दिन नई चुनौतियां सामने आती थीं, लेकिन मीनाक्षी और उनकी समूह की दीदियों ने कभी हार नहीं मानी। वे लगातार हर दुकान, हर घर तक पहुंचीं और अपने काम से लोगों का भरोसा जीता। आज वही मेहनत रंग लाई है। पिछले दो वर्षों में उनकी यूनिट 70 लाख रुपये की बिक्री कर चुकी है, जिसमें अकेले मीनाक्षी ने 25 से 30 लाख रुपये तक की बिक्री की है। जो आय पहले केवल 5 हजार रुपये थी, वह आज बढ़कर 25 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है। श्रीमती मीनाक्षी कहती हैं कि मार्केटिंग उतनी कठिन नहीं है, जितनी हम सोचते हैं। बस पहला कदम बढ़ाना पड़ता है। जब तक हम खुद अनुभव नहीं करेंगे, तब तक डर बना रहेगा। लेकिन एक बार शुरुआत कर दी, तो हम सब कुछ कर सकते हैं। उनकी उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। दिल्ली में आयोजित एआई समिट में शामिल होने के लिए श्रीमती मीनाक्षी पहली बार फ्लाइट से यात्रा कर चुकी हैं। वे गर्व से कहती हैं कि वे अपने गांव की पहली बहू हैं, जिसने हवाई जहाज में सफर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती मीनाक्षी कहती हैं कि आज उन्हें जो मंच मिला है, वह इसी समर्थन का परिणाम है। उनकी कहानी बताती है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो गांव की महिलाएं भी आसमान छू सकती हैं।  

भोपाल से मुंबई के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की नई उड़ान, 1 जुलाई से होगी शुरुआत

भोपाल  भोपाल के राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिलहाल इंटरनेशनल कनेक्टविटी मिलने की दूर तक कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। समर सीजन के बाद मानसून एवं विंटर सीजन में भी एयर इंडिया एवं इंडिगो एयरलाइंस ने डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन से किसी प्रकार की स्लॉट बुकिंग नहीं की है। इससे पहले उम्मीद की जा रही थी कि इंडिगो एयरलाइंस इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से दुबई के लिए डायरेक्ट जाने वाली उड़ान को भोपाल से कनेक्टविटी दे सकती है। इस बीच एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल के हवाई यात्रियों को राहत की खबर दी है। 1 जुलाई से एयर इंडिया एक्सप्रेस मुंबई के लिए नई उड़ान शुरू करने जा रहा है। एअर इंडिया एक्सप्रेस भोपाल से तीसरे ऑपरेटर के रूप में अपनी उड़ानें शुरू करने जा रही है। कंपनी ने पहली उड़ान के साथ अपना फ़्लाइट ऑपरेशन शुरू करने का निर्णय लिया है। पिछले सीजन में बेंगलुरु का स्लॉट भी लिया था भोपाल एयरपोर्ट पर पिछले समर शेड्यूल में भी कंपनी ने दो उड़ानों के साथ बेस स्टेशन की सहमति दी थी। स्लॉट भी ले लिए लेकिन उड़ानें प्रारंभ नहीं कीं। इस बार उड़ानों के शेड्यूल जारी कर दिए हैं। पिछले सीजन में बेंगलुरु का स्लॉट भी लिया था लेकिन उड़ान प्रारंभ नहीं की। अब कंपनी ने अपनी पहली मुंबई उड़ान एक जुलाई से शुरू करने की सहमति एयरपोर्ट अथॉरिटी को दी। कंपनी ने इसका शेड्यूल भी जारी कर दिया है। कंपनी इस रूट पर बोइंग विमान का संचालन करेगी। उड़ान सप्ताह के सभी सात दिन संचालित होगी। कंपनी ने पिछले समर शेड्यूल में दो उड़ानों के साथ भोपाल में अपना बेस स्टेशन शुरू करने की सहमति दी थी, लेकिन स्लॉट लेने के बावजूद उड़ानें प्रारंभ नहीं कीं एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार एक जुलाई से कंपनी इस रूट पर उड़ान शुरू करेगी। कंपनी ने पिछले समर शेड्यूल में दो उड़ानों के साथ भोपाल में अपना बेस स्टेशन शुरू करने की सहमति दी थी, लेकिन स्लॉट लेने के बावजूद कंपनी ने उड़ानें प्रारंभ नहीं कीं। मुंबई से भोपाल शाम 07.10 बजे पहुंचेगी, भोपाल से शाम 07.50 बजे मुंबई के लिए टेकऑफ प्रस्तावित उड़ान मुंबई से भोपाल शाम 07.10 बजे पहुंचेगी। भोपाल से शाम 07.50 बजे मुंबई के लिए टेकऑफ करेगी। एअर इंडिया एक्सप्रेस समर सीजन के बीच में ही भोपाल से बेंगलुरु तक भी उड़ान शुरू कर सकता है। पिछले सीजन में कंपनी ने बेंगलुरु का स्लॉट लिया था लेकिन उड़ान प्रारंभ नहीं की।

कोर्ट का आदेश: लिव-इन में यौन शोषण, 10 साल की सजा, शारीरिक संबंध बनाना है गंभीर अपराध

इंदौर  मध्य प्रदेश की इंदौर जिला अदालत ने लिव-इन रिलेशनशिप और विवाह के झूठे वादे से जुड़े एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाले दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है। फैसले के दौरान न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि विवाह का प्रलोभन देकर संबंध बनाना एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसमें अपराधियों को कड़ा सबक मिलना अनिवार्य है। विवाह का झांसा देकर बनाया संबंध आरोपी ने विवाह का आश्वासन देकर पीड़िता के साथ करीब तीन माह तक शारीरिक संबंध बनाए। 25 जून 2022 तक दोनों साथ रहे। इसके बाद आरोपी जबलपुर चला गया। जब पीड़िता ने उससे संपर्क किया तो उसने बताया कि उसकी सगाई पहले से तय है और वह विवाह नहीं कर सकता। परिजनों से संपर्क करने पर भी विवाह से इंकार कर दिया गया। एफआईआर के बाद कार्रवाई धोखा मिलने के बाद पीड़िता ने आजाद नगर थाना में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। 10 अप्रैल को उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। मामले में शासन की ओर से पैरवी एजीपी जयंत दुबे ने की। क्या था पूरा मामला? यह मामला साल 2021 से शुरू हुआ था। मूल रूप से जबलपुर की रहने वाली पीड़िता इंदौर में एक पार्टी के दौरान आरोपी के संपर्क में आई थी।     संपर्क और सहायता: सितंबर 2021 में पीड़िता इंदौर शिफ्ट हुई। जब आरोपी ने नौकरी की तलाश की बात कही, तो पीड़िता ने उसे अपनी जान-पहचान से एक फैक्ट्री में काम दिलवाया।     लिव-इन और वादा: मार्च 2022 में जब पीड़िता इंदौर छोड़ने वाली थी, तब आरोपी ने उसे रुकने के लिए मनाया और साथ में रहने लगा। आरोप है कि उसने शादी का वादा कर करीब तीन महीने तक पीड़िता का यौन शोषण किया।     धोखाधड़ी का खुलासा: जून 2022 में आरोपी अचानक जबलपुर चला गया। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो उसने खुलासा किया कि उसकी सगाई कहीं और हो चुकी है। कानूनी कार्रवाई और सजा पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए आजाद नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एजीपी जयंत दुबे ने ठोस पैरवी की। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी की मंशा शुरू से ही धोखाधड़ी की थी। 10 अप्रैल को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोषी को जेल भेज दिया।

लाड़ली बहनों को मिलेगा 1500 रुपये का तोहफा, सीएम मोहन आज ट्रांसफर करेंगे 35वीं किस्त

आष्टा मध्यप्रदेश की बहनों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 12 अप्रैल को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी करेंगे। इस बार प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खाते में सीधे 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। इसमें 115 करोड़ रुपए के लोकार्पण के काम शामिल हैं। इसमें सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण (आष्टा), पार्वती नदी पर घाट निर्माण, जावर में नेवज नदी का पुनरुद्धार, मेहतवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिद्दीगंज में उपतहसील भवन, आष्टा में राजस्व कार्यालय और आष्टा-शुजालपुर रोड पर पुल का लोकार्पण किया जाएगा।  वहीं, मुख्यमंत्री 69 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इसमें स्कूल भवन निर्माण, पुलिस आवास निर्माण, इछावर में छात्रावास निर्माण, सड़कें और सामुदायिक भवन, अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल परियोजना शामिल हैं। आष्टा शहर में भी विकास कार्य किए जाएंगे, जिनमें आरसीसी नाला निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण, सब्जी मंडी का विकास और पांडू शिला क्षेत्र का सुंदरीकरण शामिल है।  बता दें कि लाड़ली बहना योजना में पहले महिलाओं को 1250 रुपए की राशि दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 1500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इस योजना से प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाएं लाभ ले रही हैं। यह योजना महिलाओं के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर महीने मिलने वाली राशि से महिलाएं घर खर्च के साथ-साथ छोटी बचत और रोजगार के अवसर भी तलाश पा रही हैं। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास से भी जोड़ा जाएगा।  आष्टा में सुंदरीकरण भी आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण होगा। सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू होगा। वार्ड 14 में सब्जी मंडी विकास और वार्ड 3 में पांडू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य भी शुरू होगा। 1.25 करोड़ महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए इस किस्त में प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की बढ़ोतरी के बाद यह राशि 1250 से बढ़कर 1500 रुपए हो गई थी। प्रदेश में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में बताया कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक महिलाओं के खातों में 52 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ट्रांसफर हो चुकी है। केवल 34वीं किस्त में करीब 1836 करोड़ रुपए दिए गए थे। 60 साल से ऊपर की महिलाओं को हटाया जाएगा इस बार एक अहम बदलाव भी होगा। अप्रैल में होने वाले नए सत्यापन के बाद जिन महिलाओं की उम्र 60 साल से अधिक हो चुकी होगी, उन्हें लाड़ली बहना योजना की सूची से हटाया जा सकता है। ऐसी महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन योजना (सरकारी योजना) में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव पात्रता नियमों के अनुरूप है। आधार लिंक और ई-केवाईसी जरूरी 35वीं किस्त का लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं। बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य है। साथ ही डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सक्रिय होनी चाहिए और ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। जिन महिलाओं ने ये काम अभी तक नहीं किए हैं, वे जल्द से जल्द अपनी नजदीकी बैंक शाखा या सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर इसे पूरा करें। ऐसे चेक करें भुगतान की स्थिति किस्त आई या नहीं, यह जानना अब बेहद आसान है। लाभार्थी महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं। वहां "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" का विकल्प चुनें। अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालें। ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के बाद भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। महिलाएं मजबूर नहीं, मजबूत बनी हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस योजना से प्रदेश की बहनें अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खोज रही हैं। सरकार आने वाले समय में इन महिलाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी। यह खबर क्यों जरूरी है लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं की आर्थिक जीवन रेखा बन चुकी है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देता है। यह योजना उसी भावना का व्यावहारिक रूप है। हर महीने 1500 रुपए मिलने से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलती है। 60 साल के बाद वृद्धावस्था पेंशन में स्थानांतरण की जानकारी भी जरूरी है ताकि कोई महिला लाभ से वंचित न रहे।

इंदौर में डेढ़ महीने में 150 E बसे, रफ्तार का नया दौर शुरू होगा

इंदौर  एमपी में बस यात्रियों को जल्द ही बड़ी सुविधा उपलब्ध होगी। इंदौर में नई ई बसों का संचालन डेढ़ महीने में शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री ई सेवा योजना के तहत शहर को 150 ई-बसें मिलना है। इसमें से 40 बसें इंदौर आ भी चुकी हैं। खास बात यह है कि नई ई बसें आसपास के जिलों में भी जाएंगी। इन बसों का इंदौर के चारों ओर के बड़े शहरों के लिए रूट तैयार किया गया है। इस प्रकार प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों के बस यात्रियों की सुविधा बढ़ जाएगी। लोक परिवहन व्यवस्था चलाने वाली कंपनी एआइसीटीएसएल ई बस के संचालन के लिए दो डिपो तैयार कर रहा है, जिसे पूरा होने में समय लगेगा। इन बसों के टिकट कलेक्शन के लिए नई एजेंसी नियुक्त की जा रही है। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) की बोर्ड बैठक में इंदौर संभाग के परिवहन ढांचे का कायाकल्प करने वाले कई दूरगामी निर्णय लिए गए। बोर्ड के अध्यक्ष और मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) के एमडी मनीष सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि एआईसीटीएसएल का कार्यक्षेत्र अब केवल इंदौर शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह संभाग के सभी जिलों में बस सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की मुख्य धुरी बनेगी। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत इंदौर को प्रथम चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होने जा रही हैं। इन बसों के वैज्ञानिक रख-रखाव और सुचारू संचालन के लिए अन्तरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) नायता मुंडला एवं देवास नाका पर दो हाईटेक इलेक्ट्रिक बस डिपो के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। बैठक में जानकारी दी गई कि द्वितीय चरण के लिए भी एक अतिरिक्त स्थल चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही, इंदौर से उज्जैन, भोपाल, खरगोन, खंडवा और मांडव जैसे प्रमुख पर्यटन व व्यावसायिक केंद्रों के लिए 26 लग्जरी इंटरसिटी ई-बसें भी शीघ्र सड़क पर उतरेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करते हुए शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलों के संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए 64 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। यात्रियों के अनुभव को सुखद बनाने के लिए सरवटे बस स्टैंड, एआईसीटीएसएल परिसर और नायता मुंडला में स्मार्ट टॉयलेट की सुविधा भी जल्द शुरू होगी। :: सीएनजी स्टेशन से सुदृढ़ होगी आर्थिक स्थिति :: संस्था को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिटी बस डिपो में सीएनजी ईंधन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अवंतिका गैस लिमिटेड के साथ अनुबंध को मंजूरी दी गई। इससे कंपनी को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और संभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए। एमडी मनीष सिंह ने निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर आमजन को त्वरित राहत पहुँचाई जाए। मौजूदा सिस्टम में जितनी बसें अनुबंधित हैं उनके टिकट कलेक्शन का काम ऑपरटेर की टीम ही करती है और कंपनी की टीम निगरानी करती है एआइसीटीएसएल के मौजूदा सिस्टम में जितनी बसें अनुबंधित हैं उनके टिकट कलेक्शन का काम ऑपरटेर की टीम ही करती है और कंपनी की टीम निगरानी करती है। नई बसों के लिए नई एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया भोपाल से चल रही है। भोपाल से ही ऑपरेटर नियुक्त हुए हैं। कंंपनी के कार्यकारी निदेशक अर्थ जैन के मुताबिक, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन की एजेंसी को 1 महीने में तय करेंगे। एजेंसी तय होने के बाद ही शुभारंभ होगा। बसों का संचालन दूसरे शहरों के लिए भी होगा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए मिल रही बसों के संचालन के लिए 32 रूट तय किए हैं। इंदौर से उज्जैन, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, सेंधवा, भोपाल, धार, मांडव, महेश्वर के बीच भी चलाया जाएगा अधिकारियों के मुताबिक, नई ई-बसों का संचालन इंदौर के साथ दूसरे शहरों के लिए भी किया जाएगा। सर्वे के बाद रूट तय किए गए हैं। जिस रूट पर बसों की कमी है, लोगों को लोक परिवहन की जरूरत है वहां बसें चलेंगी। हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इन बसों को इंदौर से उज्जैन, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, सेंधवा, भोपाल, धार, मांडव, महेश्वर के बीच भी चलाया जाएगा।