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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक अंगारेश्वर महादेव का पूजन-दर्शन कर अभिषेक किया

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को उज्जैन स्थित अंगारेश्वर महादेव मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंगारेश्वर महादेव का पंचामृत से अभिषेक कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की।  

MP में तीसरी बार बारिश का अनुमान, आंधी के साथ; 27-29 मार्च को उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में अलर्ट

भोपाल  भोपाल में आज का मौसम. मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में इस महीने तीसरी बार मौसम का मिजाज बदलेगा. जिससे तेज गर्मी के बजाय अब अगले 3 दिनों तक झमाझम बारिश और आंधी का दौर देखने को मिलेगा. जहां सक्रिय ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ के चलते कल 27, 28 और 29 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।  मौसम विभाग की मानें तो इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा. जहाँ तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इससे पहले मार्च महीने में ही आंधी और बारिश के दो दौर पहले ही प्रदेश को झकझोर चुके हैं. पिछला दौर लगातार 4 दिनों तक चला था, जिसने मध्य प्रदेश के 45 से ज्यादा जिलों को अपनी चपेट में लिया था. इस दौरान 17 जिलों में भारी ओलावृष्टि भी दर्ज की गई थी।  मार्च में आंधी-बारिश के दो दौर आ चुके हैं। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होने की संभावना है। इससे पहले गुरुवार को तेज गर्मी का असर रह सकता है। खासकर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में गर्मी ज्यादा रहेगी। एमपी के 5 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार, भोपाल से गर्म उज्जैन मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का असर तेज रहा। 5 शहर ऐसे रहे, जहां तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो सबसे गर्म उज्जैन रहा। यहां अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 36.1 डिग्री, इंदौर में 36 डिग्री, भोपाल में 35.8 डिग्री और ग्वालियर में तापमान 35.1 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान रहा। यहां पारा 38.8 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 38.6 डिग्री, खंडवा में 38.5 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 38 डिग्री, धार-मंडला में 36.8 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खजुराहो में 36.4 डिग्री और बैतूल में तापमान 36.2 डिग्री रहा। भोपाल, उज्जैन, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तेज गर्मी फिलहाल कल 27 मार्च से शुरू हो रहे इस तीसरे दौर ने किसानों की धड़कनें फिर से बढ़ा दी हैं, क्योंकि फसलों पर बर्बादी का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है.हालांकि, बारिश के इस दौर से ठीक पहले आज गुरुवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज गर्मी अपना असर दिखाएगी. मौसम विभाग के अनुसार खासकर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है और यहाँ गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहेगा. लेकिन शुक्रवार से शुरू होने वाला पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर तापमान में गिरावट लाएगा और पूरे प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. वहीं पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान खंडवा में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब नया सिस्टम एक्टिव होगा। 28 मार्च की रात से एक और सिस्ट मौसम विभाग ने 28 मार्च की रात से एक और सिस्टम एक्टिव होने की संभावना जताई है। यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते अप्रैल की शुरुआत भी आंधी-बारिश से हो सकती है। अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बारिश का दौर रह चुका है। वहीं, रात का तापमान स्थिर है। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।   27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना।  28 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज।  29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, उज्जैन, आगर मालवा, राजगढ़, गुना, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर।  … Read more

जेपी अस्पताल में प्रसव सुविधा बंद, डिप्टी सीएम ने सीएमएचओ से तलब की रिपोर्ट; तीन साल से कार्रवाई का इंतजार

भोपाल  भोपाल के जेपी अस्पताल में तीन साल से बंद प्रसव सुविधा का मामला अब सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है।  मामला सामने आने के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से पूरी जानकारी तलब की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर पूरे प्रकरण की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी, जिससे अब इस लंबे समय से लंबित विवाद पर फैसला होने की उम्मीद बढ़ गई है। तीन साल पहले बंद हुई प्रसव सुविधा जेपी अस्पताल, जिसे प्रदेश का मॉडल जिला अस्पताल माना जाता है, वहां वर्ष 2022 में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और शिशु रोग विभाग को यहां से हटाकर काटजू सिविल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से जेपी अस्पताल में प्रसव सुविधा पूरी तरह बंद हो गई। यही निर्णय विवाद की जड़ बना। खास बात यह है कि जिला अस्पताल होने के बावजूद यहां प्रसव सुविधा का बंद होना आईपीएचएस गाइडलाइन के भी विपरीत माना जा रहा है। कर्मचारियों और संगठनों के पत्र, फिर भी नहीं हुई सुनवाई इस फैसले के बाद जेपी अस्पताल के कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों ने कई बार पत्र लिखकर इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की। इन पत्रों में अस्पताल की उपयोगिता, मरीजों की परेशानी और नियमों का हवाला दिया गया, लेकिन विभाग स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लगातार पत्राचार के बावजूद कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ा है। रोज 50 से ज्यादा मरीज, फिर भी सुविधा नहीं जेपी अस्पताल में आज भी रोजाना 50 से अधिक महिलाएं जांच के लिए पहुंचती हैं। लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें काटजू अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इस दौरान देरी होने से कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा रहता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। पहले 30 डिलीवरी रोज, अब संसाधन बेकार पहले जेपी अस्पताल में रोजाना करीब 30 डिलीवरी होती थीं और 150 बिस्तरों का स्त्री एवं प्रसूति विभाग संचालित था। शिशु रोग विभाग में भी 60 बेड की सुविधा थी। वर्तमान में ये संसाधन मौजूद होने के बावजूद उपयोग नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अस्पताल की क्षमता प्रभावित हो रही है। काटजू अस्पताल पर बढ़ा दबाव, सीमित क्षमता दूसरी ओर काटजू अस्पताल में मेटरनल एंड चाइल्ड केयर यूनिट विकसित की गई है, लेकिन वहां प्रतिदिन केवल 20 डिलीवरी ही हो पा रही हैं। 300 बेड की योजना पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है। ऐसे में पूरा दबाव वहां शिफ्ट होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

खिवनी अभयारण्य में बाघ परिवार का दुर्लभ दृश्य, सड़क पर निकले, टूरिस्ट की सांसें 20 मिनट तक थमी रहीं

खिवनी खिवनी अभयारण्य में ऐसा नजारा सामने आया, जिसने जंगल सफारी के रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया। घनी घास के बीच से अचानक निकला बाघ युवराज सड़क पर आकर ठहर गया और कुछ ही क्षणों में उसके पीछे बाघिन मीरा अपने तीनों शावकों के साथ नजर आई। देखते ही देखते पूरा बाघ परिवार एक साथ सडक़ पार करता दिखा, एक ऐसा दुर्लभ दृश्य, जिसे देख पर्यटक रोमांच और उत्साह से भर उठे। 20 मिनट तक थमा रहा रोमांच शाम करीब 5.30 बजे का समय था, जब यह अद्भुत दृश्य सामने आया। पर्यटकों के वाहन सुरक्षित दूरी पर रुक गए और सभी ने करीब 20 मिनट तक इस शाही परिवार के दीदार किए। इस दौरान एक पर्यटक ने पूरे परिवार को एक ही फ्रेम में कैद कर लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। दिन में विश्राम, शाम को शिकार की तैयारी देवास के खिवनी अभयारण्य के अधीक्षक विकास माहोरे के अनुसार, बाघ युवराज दिन में नाले के पास वाले क्षेत्र में अपने परिवार के साथ आराम करता है और शाम होते ही सक्रिय हो जाता है। बुधवार को भी वह अचानक सडक़ पर आकर रुका, मानो अपने साम्राज्य का निरीक्षण कर रहा हो, और फिर अपने परिवार के साथ आगे बढ़ गया। जंगल का ‘रॉयल मोमेंट’ बना यादगार बाघ परिवार का इस तरह एक साथ नजर आना बेहद दुर्लभ होता है। खिवनी अभयारण्य में यह दृश्य पर्यटकों के लिए किसी ‘रॉयल मोमेंट’ से कम नहीं रहा, जिसने उनके सफारी अनुभव को यादगार बना दिया। यह नजारा दुर्लभ और खास क्यों? वन विशेषज्ञों का कहना है, कि आमतौर पर बाघों को जंगलों में अकेले घूमते देखना आसान है, लेकिन परिवार के साथ खुले में रास्ता पार करते देखना एक बेहद दुर्लभ नजारा है। उनका कहना है कि सड़क पार कराते समय खास तौर पर बाघिन अपने बच्चों को लेकर सतर्क रहती है। नर बाघ अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आगे चलकर जहां तक नजर जाती है, वहां तक के पूरे एरिया को स्कैन कर लेता है। वन विभाग ने टूरिस्ट से की अपील शांत रहें इस दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने टूरिस्ट को अलर्ट कर दिया कि वे शांत रहें, उनकी जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है या फिर ये दुर्लभ दृश्य देखने का मजा किरकिरा हो सकता है। ये भी जानें -विकास माहोरे बताते हैं कि खिवनी अभयारण्य मध्य प्रदेश के देवास और सीहोर जिले में फैला हुआ है। वहीं सतपुड़ा लैंडस्कैप का हिस्सा माना जाता है। इसका क्षेत्रफल करीब 130-140 वर्ग किमी है। -यहां ड्राय डेसिड्डुअस यानी पर्णपाती जंगल है। यहां स्थायी टाइगर रिजर्व जैसा आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता है। लेकिन सतपुड़ा और आसपास के जंगलों से बाघों का मूवमेंट यहां तक हो जाता है। -मोहरे का कहना है कि यहां पिछले कुछ वर्षों में बाघों का मूवमेंट बढ़ा है। इसे बेहतर संरक्षण और सुरक्षित आवास का संकेत माना जाता है। वन्य जीव प्रेमियों के लिए खिवनी भी अब एक उभरता हुआ या कहें कि हिडन टाइगर स्पॉट बनता जा रहा है। जहां अचानक दुर्लभ नजारे वाइल्डलाइफ लवर्स को रोमांच से भर देते हैं।   

इंदौर में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं, प्रशासन का भरोसा, पंपों पर होगा अनाउंसमेंट

इंदौर पेट्रोल-डीजल को लेकर बीते दिन भी अफरा-तफरी जारी रही। सुबह लगभग 5 बजे से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगने लगी, जो शाम तक वैसी ही बनी रही। दिन में पेट्रोल के दाम बढऩे की अफवाह को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुआ। सामान्य पेट्रोल नहीं होने को लेकर प्रशासन ने पुष्टि की तो दाम बढऩे जैसी बातों को अफवाह बताया। सुबह से शाम तक प्रशासन के कई अधिकारी लोगों से स्थिति सामान्य होने व घबराहट में भीड़ नहीं लगाने को लेकर अपील करते रहे। यह भी कहा गया कि जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। प्रशासन ने कई पंपों को देर रात तक खुले रखने के निर्देश दिए। बुधवार सुबह 6 बजे से डिपो पर टैंकर पहुंचे व 8 बजे से सप्लाई शुरू कराई गई। मांगलिया डिपो से लगातार आपूर्ति जारी मांगलिया डिपो से ईंधन आपूर्ति जारी है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर ईंधन भरने का कार्य तेज गति से कराया। सुबह 8 बजे तक हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 25, भारत पेट्रोलियम के 17 और इंडियन ऑयल के 19 टैंकर पेट्रोल पंपों के लिए रवाना कराए गए थे। रोज 10 लाख लीटर पेट्रोल खपत, पर्याप्त स्टॉक जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया, इंदौर जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। वर्तमान में जिले में प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर पेट्रोल और 15 लाख लीटर डीजल की खपत हो रही है। पंपों पर करीब 42 लाख लीटर पेट्रोल और 65 लाख लीटर डीजल का भंडारण है। 3-4 घंटे में कई पंप पर हुआ खत्म पेट्रोल जिले में 270 पेट्रोल पंप हैं। सुबह से प्रशासन की तरफ से लगातार टैंकरों से सप्लाई जारी रखी गई, लेकिन लोगों की भीड़ इतनी अधिक रही कि दो से तीन घंटे में ही पंप पर पेट्रोल खत्म होने लगा। तीन दिन की खपत एक दिन में हुई जितनी खपत तीन दिन में होती है उतनी एक दिन में हुईै। कई पंप में पेट्रोल-डीजल की लिमिट तक तय कर दी। किसी ने 300 तो किसी ने 500 से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया। भीड़ कम होने पर भी लिमिट हटा ली। पुलिस ने संभाली व्यवस्था अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित पंपों पर पुलिस ने व्यवस्था संभाली। एयरपोर्ट रोड स्थित पंप पर रात को विवाद की स्थिति बनी जिसे पुलिस ने नियंत्रण में लिया। बुधवार को भी अधिकतर पंप पर भीड़ को नियंत्रित करते हुए व्यवस्था बनाई। पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, अफवाहों से दूर रहें इंदौर संभाग में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है। संभागायुक्त सुदामा खाड़े ने सभी जिलों के कलेक्टर और तेल कंपनियों के वितरकों के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। प्रतिनिधियों ने बताया, वर्तमान में उनके पास पर्याप्त स्टॉक है और आगे की जरूरतों के लिए भी भंडार सुरक्षित है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि जिलों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे। बढ़ती मांग को देखते हुए सप्लाई चेन को और मजबूत करने पर जोर दिया है। कंपनियां साझा करेंगी स्टॉक की जानकारी बैठक में तय किया गया कि तेल कंपनियां जिलों में उपलब्ध स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से जिला प्रशासन से साझा करेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों के पंपों पर भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए। सभी पंपों पर अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने का कहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी भी डीलर ने ब्लैक मार्केटिंग की तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कलेक्टर, कमिश्नर और प्रमुख सचिव को जिम्मेदारी से बचने का कोई रास्ता नहीं

 ग्वालियर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में दीनारपुर जमीनी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकारी अफसरों की देरी पर सख्त रुख अपनाया। सुनवाई में शासन की ओर से सरकारी वकील एसएस कुशवाहा और प्रतिवादी की ओर से वकील सुदामा प्रसाद चतुर्वेदी मौजूद रहे। कोर्ट को बताया गया कि 18 मार्च के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के प्रमुख सचिव ने शपथपत्र पेश किया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने 24 मार्च को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसे सभी कमिश्नर और कलेक्टरों को भेजा गया है। तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी इस सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के रामकुमार चौधरी केस के आधार पर साफ कहा गया है कि अब किसी भी मामले में अपील समय पर दायर करना जरूरी होगा। अगर इसमें देरी होती है, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि इस विषय पर पूरी गाइडलाइन तैयार की जा रही है, जिसे दो-तीन दिन में जारी कर दिया जाएगा। अफसर भले ही देर से जागे हों, नियमों का सख्ती से पालन करना होगा इस संबंध में न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने कहा कि अफसर भले ही देर से जागे हों, लेकिन अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। कोर्ट ने साफ किया कि अब कोई भी अधिकारी चाहे कलेक्टर हो, कमिश्नर या प्रमुख सचिव अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि कई बार अधिकारी जानबूझकर अपील में देरी करते हैं और बाद में कोर्ट के आदेश का सहारा लेकर बचने की कोशिश करते हैं, जो अब नहीं चलेगा। जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन कोर्ट में पेश की जाए कोर्ट ने आदेश दिए किए 24 मार्च का सर्कुलर पूरी तरह लागू किया जाए। वहीं राजस्व विभाग इस सर्कुलर को अपनी वेबसाइट पर डाले और जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन कोर्ट में पेश की जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी। उस दिन सरकार को नई गाइडलाइन कोर्ट में पेश करनी होगी। 

टीम इंडिया की शान बनेंगी MP की बेटी अनुष्का, CM मोहन यादव और कलेक्टर ने किया स्वागत

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की रहने वाली 22 वर्षीय क्रिकेटर अनुष्का शर्मा ने अपने करियर में एक बड़ा मौका हासिल किया है। उनका चयन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की आगामी टी-20 सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। उनके चयन ने ना केवल उनके परिवार, बल्कि शहर और प्रदेश के खेलप्रेमियों के बीच भी खुशी का माहौल है। इसी बीच प्रदेश के मुखिया मोहन यादव भी अनुष्का की इस खुशी में शामिल हुए और उन्होंने अपनी ग्वालियर यात्रा के दौरान अनुष्का से मिलकर उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उधर इस बारे में  बात करते हुए क्रिकेटर अनुष्का ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं और मेरे परिवार वाले भी काफी गर्व महसूस कर रहे हैं। साथ ही साथ यह भी मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे मुख्यमंत्री जी से मिलने का मौका मिला। इसलिए इन सभी चीजों को लेकर मैं बहुत खुश हूं। मैंने 14 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट खेलना शुरू किया था और अबतक WPL और महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स समेत कई टूर्नामेंट्स में हिस्सा लिया है।' कलेक्टर बोलीं- दूसरों के लिए प्रेरणा बनेगी अनुष्का ग्वालियर की जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी अंतर्राष्ट्रीय सीरीज के लिए टीम में अनुष्का का चयन होने पर उन्हें बधाई दी और इसे पूरे शहर के लिए बहुत ही गर्व का मौका बताया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की बेटी का राष्ट्रीय टीम में चुना जाना अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। कलेक्टर ने कहा, 'ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चुना गया है। हमें आज सुबह यह खुशखबरी मिली और अब वह साउथ अफ्रीका में होने वाली आगामी सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। मेरा मानना ​​है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए देश के लिए खेलने से बड़ा कोई सम्मान नहीं होता। हम उनकी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं और खिलाड़ी के साथ-साथ उनके परिवार को भी बधाई देते हैं।' ग्वालियर दौरे पर पहुंचे सीएम से मिलवाया आगे उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री मोहन यादव भी यहां के दौरे पर थे और जब हमने उनके संज्ञान में यह बात लाई, तो उन्होंने अनुष्का से मिलने और आने वाली सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उन्हें आशीर्वाद देने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्होंने अनुष्का से मिलकर उसे अपनी ओर से बधाई व आशीर्वाद दिया।' दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज 17 अप्रैल से शुरू होगी और 27 अप्रैल तक चलेगी। अनुष्का ने बताया कि वह जल्द ही इस सीरीज़ के लिए अपनी टीम से जुड़ने के लिए शहर से रवाना होंगी। WPL में रहा था बेहतरीन प्रदर्शन अनुष्का शर्मा ने इस साल महिला प्रीमियर लीग (WPL) में गुजरात जायंट्स (GG) टीम का प्रतिनिधित्व किया था। टूर्नामेंट में वह अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में से एक रहीं। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने 7 पारियों में 25.28 की औसत से 177 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 129.19 और सर्वश्रेष्ठ स्कोर 44 रहा था। द.अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ी- हरमनप्रीत कौर (कप्तान ), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, भारती फुलमाली, उमा छेत्री, अनुष्का शर्मा और ऋचा घोष (विकेटकीपर)।

शाजापुर कलेक्टर को HC की तीसरी फटकार, नाजिर की वेतनवृद्धि रोकने पर स्टे, 15 दिन में हलफनामा जमा करने का आदेश

शाजापुर शाजापुर। कलेक्टर के आदेश पर एक बार फिर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है. हाईकोर्ट जज ने कलेक्टर रिजु बाफना के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा- शाजापुर कलेक्टर को कुछ पता नहीं, नियमों को जानती नहीं और कुछ भी पास कर देती है. कुछ ही दिनों में कलेक्टर को यह तीसरी फटकार हाईकोर्ट से लगी है. इसके पहले भी हाईकोर्ट कलेक्टर के आदेशों पर तल्ख टिप्पणी कर चुका है. इस बार कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी जयंत बघेरवाल की दो वेतन वृद्धि से जुड़ा मामला है. कलेक्टर कार्यालय में वाहन स्टैंड को लेकर कलेक्टर शाजापुर ने वाहन स्टैंड ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर के आदेश दिए थे. ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उसने कर्मचारी जयंत बघेरवाल पर आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए।  व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश दरअसल कलेक्टर ने बिना जांच के ही 27-28 फरवरी 2025 को दो आदेश जारी किए, पहले आदेश में बघेरवाल की दो वेतन वृद्धि रोकने और दूसरे आदेश में उन्हें एसडीएम कार्यालय गुलाना अटैच किया गया. वेतन वृद्धि रोकने के आदेश पर पहले बघेरवाल ने कमिश्नर उज्जैन के यहां अपील की. कमिश्नर ने भी कलेक्टर के आदेश को यथावत रखा, उसके बाद बघेरवाल ने हाईकोर्ट की शरण ली. इन्दौर हाईकोर्ट ने 25 मार्च को स्टे आदेश जारी करते हुए कलेक्टर शाजापुर से 15 दिन में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है।  कलेक्टर को कानून पता नहीं है हलफनामे में कलेक्टर शाजापुर को स्पष्ट करना है किन नियमों के तहत बिना जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं. स्टे आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट लिखा है कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लघंन किया है. बिना किसी विभागीय जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए. हाईकोर्ट ने कलेक्टर को फटकार लगाते हुए कहा शाजापुर कलेक्टर कुछ भी आर्डर पास कर देती है, आबकारी अधिकारी के मामले में भी ऐसा ही किया था। कलेक्टर को कानून पता नहीं है।  तीन मामले पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी विगत दिनों सबसे पहले हाईकोर्ट ने हाट मैदान स्थित भूमि को लेकर याचिकाकर्ता महेश गुप्ता की याचिका पर कलेक्टर शाजापुर के खिलाफ टिप्पणी की थी. दूसरा मामला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के निलंबन का था, जिसमें भी हाईकोर्ट ने निलंबन को गलत ठहराते हुए उन्हें फिर से बहाल किया. तीसरा मामला कर्मचारी जयंत बघेरवाल का है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे छिंदवाड़ा और पांढुर्णा को नए विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव छिंदवाड़ा और पांढुर्णा को देंगे विकास कार्यों की सौगात गुरूवार को करोड़ों की लागत वाले विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन संबल और पेंशन के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से राशि अंतरित करेंगे छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को छिंदवाड़ा और नये जिले पांढुर्णा को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोनों जिलों में विकास को और अधिक गति देने के लिये विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 मार्च 2026 को पुलिस ग्राउंड, छिंदवाड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगे। वे 506.29 करोड़ की लागत के 105 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में प्रदेश के संबल और पेंशन योजना के हितग्राहियों को आर्थिक सहायता राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौरई के सिहोरा माल में आयोजित सहस्त्र कुंडीय यज्ञ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नये जिले पांढुर्णा में गुरूवार को 362.80 करोड़ रूपये के 67 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। यह पहल जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करते हुए आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 34 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनकी कुल लागत 111.63 करोड़ रूपये है। इन कार्यों से विभिन्न विभागों की अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) का 30.5 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित पांढुर्णा फ्लाईओवर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो शहर के यातायात को सुगम बनाते हुए आवागमन में लगने वाले समय को कम करेगा तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 33 नवीन विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी करेंगे। इनकी कुल लागत 251.17 करोड़ रूपये है। इन परियोजनाओं में म.प्र. भवन विकास निगम के 3 महत्वपूर्ण कार्य (₹69.49 करोड़) विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, जिनमें कलेक्टर कार्यालय, जिला चिकित्सालय एवं एसपी ऑफिस शामिल हैं। ये संस्थान जिले की प्रशासनिक, स्वास्थ्य एवं कानून-व्यवस्था की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री राम नवमी पर हनुमान जन्मोत्सव 2026 का शुभारंभ करने जामसांवली धाम पधारेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव जामसांवली धाम में म.प्र. पर्यटन विभाग द्वारा विकसित हनुमान लोक परियोजना तथा मंदिर संस्थान द्वारा निर्मित नवनिर्मित विशाल सभामंडप का लोकार्पण कर हनुमान जन्मोत्सव 2026 का शुभारंभ करेंगे। हनुमान लोक परियोजना केवल मंदिर परिसर का विस्तार नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और पौराणिक परंपराओं के समन्वय का एक जीवंत उदाहरण है। लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह कॉरिडोर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। जामसांवली धाम भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसमें आस्था के साथ जनभागीदारी और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का व्यापक समावेश है।  

सिंहस्थ-2028 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ-2028 को विश्व-स्तरीय आयोजन बनाने के लिये सरकार संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनायेंगे "समृद्ध मध्यप्रदेश, विकसित मध्यप्रदेश" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन आकाशवाणी से दिया संदेश संदेश का प्रसारण प्रदेश के सभी 17 केन्द्रों से हुआ एक करोड़ से अधिक नागरिकों ने सुना संदेश उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  अपने जन्म-दिन पर आकाशवाणी उज्जैन से संदेश देते हुए सिंहस्थ-2028 को विश्व-स्तरीय आयोजन के साथ भव्य और अद्वितीय बनाने की सरकार की संकल्पबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिये प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से आप सभी के साथ जुड़ते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश आज विकास के उस सोपान पर है, जहाँ हमारी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति एक साथ कदमताल कर रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, दानवीरता और पराक्रम से प्रेरणा लेकर मध्‍यप्रदेश सरकार सुशासन के नए आयाम स्‍थापि‍त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश प्रदेश के सभी 17 केन्द्रों से प्रसारित किया गया। संदेश को एक करोड़ से अधिक नागरिकों ने सुना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि हमारी सरकार सांस्‍कृतिक वैभव को साथ लेकर विकास के नए मापदंड स्‍थापित कर रही है। सनातन संस्‍कृति के वैभव को वैश्विक पटल पर नई उंचाईयां प्रदान करने के लिए सरकार सिंहस्थ-2028 को एक "विश्व स्तरीय आयोजन" बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। भारतीय संस्‍कृति में नदियों को माँ का स्‍थान दिया गया है। यह हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। क्षिप्रा नदी को निर्मल, प्रवाहमान बनाकर रिवर फ्रंट विकसित करने, केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं से जल संकट को जड़ से समाप्‍त करने के लिये सरकार हजारो करोड़ रुपयों की परियोजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाई प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था की नींव है। मध्‍यप्रदेश वर्ष 2026 को किसान कल्‍याण वर्ष के रूप में मनाकर प्रत्‍येक खेत तक आधुनिक सिंचाई और कृषि यांत्रिकरण की सुविधा पहुंचाकर किसानों की आय में वृद्धि के लिए दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की उपस्थिति में ग्‍लोबल इनवेस्‍टर्स समिट, संभागीय स्‍तर पर स्‍थानीय इनवेस्‍टर्स समिट कर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्‍साहन देकर हम 'आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' की नींव रख रहे हैं। उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के माध्यम से युवा शक्ति को स्टार्ट-अप और स्व-रोजगार के माध्यम से हम युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मुझे गर्व है कि मध्यप्रदेश ने नई शिक्षा नीति (NEP) को देश में सबसे पहले लागू कर हमारे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक द्वार खोले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चल कर वनवासी कल्‍याण और सामाजिक न्‍याय के लिए प्रतिबद्ध है। वनवासी भाइयों के संस्‍कृतिक संरक्षण के लिए सरकार भगोरिया को राजकीय पर्व और लोक उत्‍सव के रुप में नई पहचान प्रदान कर रही है। वन मेले प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में आयोजित कर वनोपज को बाजार और वनवासी भाईयों को आय के नवीन अवसर प्रदान कर रहें है। नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है, मध्यप्रदेश की धरती पर अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बहुआयामी विकास के लिए प्रदेश में प्रकृति संरक्षण और इको-पर्यटन पर विशेष ध्‍यान दिया जा रहा है। प्रकृति संरक्षण में मध्यप्रदेश अग्रणी है। प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट, नौरादेही अभ्‍यारण्य का विस्तार, मगरमच्छ व कछुआ संरक्षण के कार्यों ने प्रदेश को 'इको-टूरिज्म' का वैश्विक केंद्र बना दिया है। पर्यटन के विकास से हम स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर सृजित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'लाड़ली बहनों' से लेकर स्व-सहायता समूहों तक, महिला सशक्तिकरण हमारी हर योजना के केंद्र में है। साथ ही, हम इंदौर, उज्‍जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे नगरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित कर रहे हैं, जिससे शहरी जीवन सुगम और आधुनिक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये यह विकास यात्रा मेरे अकेले की नहीं है। इसमें मेरे कैबिनेट के सहयोगियों का समर्पण और आप सभी का विश्वास शामिल है। हम मिलकर एक ऐसा मध्यप्रदेश बनाएंगे जो वैभवशाली और समृद्धशाली होगा।