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परंपरागत बीज संरक्षण के लिये बीज सखी का हुआ राज्य स्तरीय प्रशिक्षण

भोपाल . आजीविका मिशन की पहल मध्‍यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा अभिनव पहल करते हुए 27 जिलों की बीज सखियों को परंपरागत बीज संरक्षण एवं बीज बैंक स्थापना के सम्बन्ध में दो दिवसीय राज्‍य स्‍तरीय प्रशिक्षण का आयोजन क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान भोपाल में 9 एवं 10 फरवरी को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पद्म,  बाबूलाल दहिया जिला सतना द्वारा बीज संरक्षण के अनुभव साझा किए गए एवं बीज बैंक स्थापना पर व्याख्यान भी दिया गया। कर्नाटक राज्य की बी.बी. जान जो विगत 9 वर्षों से परंपरागत बीज संरक्षण का कार्य कर रही है, उनके द्वारा भी प्रतिभागियों को बीज संरक्षण के लिये प्रशिक्षण दिया। विगत 16 वर्षों से देशी बीजों का संरक्षण कर रहीं जिला डिंडोरी की सु फुलझरिया बाई द्वारा भी प्रशिक्षण में अपने अनुभव साझा किए एवं बीज संरक्षण के तरीके भी बताए। इसके अलावा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रतिनिधियों ने भी जानकारी दी। मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह की पहल पर प्रदेश में महिला समूहों की सदस्‍यों को प्राकृतिक खेती को बढावा देने के उद्देश्‍य से परंपरागत बीज संरक्षण के लिये जिलों में बीज बैंक की स्‍थापना के लिये काम शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत प्रारंभिक चरण में हितग्राहियों का चयन, प्रशिक्षण आदि किया जाना है। इसी क्रम में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान भोपाल में प्रशिक्षणों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण में देशी बीजों को महत्‍व देते हुये उनके फायदे के संबंध में प्रतिभागियों को बताया गया। देशी बीज स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार ढले होने के कारण कम पानी, खाद व कीटनाशकों में भी बेहतर पैदावार देते हैं। इनकी अन्‍य विशेषतायें भी हैं जैसे यह अन्‍य की तुलना में अत्यधिक पौष्टिक होते हैं, सूखा-रोग प्रतिरोधी होते हैं जो किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को किफायती व टिकाऊ बनाते हैं। उद्यानिकी विभाग से  दीनानाथ धोटे द्वारा देशी सब्जी बीज संरक्षण पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। कृषि विभाग से  जितेंद्र सिंह परिहार द्वारा भी प्राकृतिक खेती एवं परंपरागत बीज संरक्षण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। आजीविका मिशन के राज्य परियोजना प्रबंधक कृषि,  मनीष सिंह एवं युवा सलाहकार सु पायल कुमारी द्वारा बीज बैंक की कार्ययोजना एवं आगामी 6 माह की कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में जानकारी दी गई। आगामी समय में जिला स्तर पर बीज सखी के प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे और बीज बैंक की स्थापना की जावेगी। परंपरागत बीज की विशेषताएँ आत्मनिर्भरता: किसान हर साल बीज खरीदकर खर्च करने के बजाय अपनी पिछली फसल से ही बीज सुरक्षित कर सकते हैं, जिससे उत्पादन लागत बहुत कम हो जाती है। जलवायु-प्रतिरोधी – ये स्थानीय पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, इसलिए सूखे, अत्यधिक बारिश या कीटों का सामना करने की इनमें बेहतर क्षमता होती है। उच्च पौष्टिकता – देसी फसलों में संकर बीजों की तुलना में प्राकृतिक रूप से अधिक विटामिन, खनिज और पोषक तत्व होते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे हैं। पर्यावरण संरक्षण – इन बीजों में कम रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और जल स्रोत भी सुरक्षित रहते हैं। जैव विविधता का संरक्षण: विभिन्न प्रकार की देसी किस्में पारंपरिक ज्ञान को अगली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखती हैं।  

CM डॉ. यादव बोले: मध्यप्रदेश बना समावेशी विकास और तीव्र गतिशील अर्थव्यवस्था वाला राज्य

समावेशी विकास के साथ तीव्र गतिशील अर्थव्यवस्था वाला राज्य बना म.प्र. : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 11.14 प्रतिशत वृद्धि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ अत्यंत गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और दूरदर्शी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश विधान सभा में मंगलवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध रूप से संतुलित और परिणामोन्मुखी है। प्रमुख बिंदु 1. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹7,23,724 करोड़ की तुलना में 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है। 3. वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹76,971 हो गई, जो वास्तविक आय स्तर में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। 4. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) की क्षेत्रीय संरचना प्रचलित मूल्यों पर इस प्रकार रही—प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत। 5. स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इनकी हिस्सेदारी क्रमशः प्राथमिक क्षेत्र 33.54 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र 26.18 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत रही। 6. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 43.09 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 33.54 प्रतिशत रही। प्रचलित मूल्यों पर इस क्षेत्र का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹6,33,532 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹6,79,817 करोड़ हो गया, जो 7.31 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 7. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत फसलों का सर्वाधिक योगदान 30.17 प्रतिशत रहा, इसके बाद पशुधन 7.22 प्रतिशत, वानिकी 2.13 प्रतिशत, मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि 0.61 प्रतिशत तथा खनन एवं उत्खनन 2.96 प्रतिशत रहा। 8. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 19.79 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 26.18 प्रतिशत रही। द्वितीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹2,84,125 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹3,12,350 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 9.93 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 6.87 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 9. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान 9.22 प्रतिशत रहा, इसके बाद विनिर्माण का 7.22 प्रतिशत तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का 3.35 प्रतिशत योगदान रहा। 10. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 37.12 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 40.28 प्रतिशत रही। तृतीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹5,05,679 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹5,85,588 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 15.80 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 12.07 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 11. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट का सर्वाधिक योगदान 10.35 प्रतिशत रहा। इसके पश्चात अन्य सेवाएँ 7.80 प्रतिशत, अचल संपत्ति, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 4.98 प्रतिशत, लोक प्रशासन 4.96 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएँ 3.73 प्रतिशत, परिवहन एवं भंडारण 2.80 प्रतिशत, संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ 1.68 प्रतिशत तथा रेलवे का 0.82 प्रतिशत योगदान रहा। अन्य क्षेत्रों में प्रमुख उपलब्धियाँ लोक वित्त, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है। राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व प्राप्तियाँ GSDP के 17.16 प्रतिशत के बराबर आंकी गई हैं। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित है तथा ऋण–GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कृषि एवं ग्रामीण विकास वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उद्यानिकी क्षेत्र 28.39 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 425.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। कुल 72,975 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए। औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं अधोसंरचना द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिनमें ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता ₹22,162 करोड़ रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप तथा 103 इनक्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। सीएसआर व्यय ₹2,600.47 करोड़ रहा तथा पर्यटन आगमन 13.18 करोड़ रहा। नगरीय विकास अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹24,065 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 1,134 परियोजनाएँ स्वीकृत हुईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को आठ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा (NHA) 2021-22 के अनुसार कुल स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ रहा, जो GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गया। शिक्षा एवं कौशल विकास वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.00 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है, जबकि कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को SWAYAM पोर्टल पर मॉडल राज्य घोषित किया गया। तकनीकी संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। क्षेत्रवार जीएसवीए … Read more

वन्यजीव सुरक्षा का बड़ा कदम: रातापानी में 4 ओवरपास, मिडघाट ट्रैक पर जानवरों की मौत पर लगाई रोक

नर्मदापुरम वन्य प्राणियों के जीवन की सुरक्षा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे रातापानी के जंगल में पहाड़ियों के बीच से निकली रेल लाइन के ऊपर 4 एनीमल ओवरपास बना रहा है। बुदनी से बरखेड़ा के बीच 26 किमी के रेलवे ट्रैक पर 4 ऐसे  स्थान हैं जहां से वन्य प्राणियों की टेरेटरी है।  जंगली जानवर शिकार और पहाड़ी नाले में पानी की तलाश के लिए रेलवे ट्रैक पार करते हैं। लेकिन इसी बीच ट्रेन आ जाने पर तेज आवाज के कारण दो पहाडों के बीच में फंस जाते हैं। घबराहट में वे ट्रैक पर दौड़ने लगते हैं और ट्रेन की चपेट में आकर मर जाते हैं। जिन स्थानों पर एनीमल ओवरपास बना रहे हैं वे स्थान वन विभाग ने रेलवे को चिन्हित करके दिए हैं, क्योंकि जंगली जानवर उन्हीं रास्ते अक्सर निकलते हैं। अभी चौका रेलवे स्टेशन (केविन) के पास 2 एनीमल ओवरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं 2 पर काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले 10 वर्षों में पहाडों के बीच फंसकर 10 तेंदुआ और 9 बाघों की मौत ट्रेन की चपेट आकर हो चुकी है। आवीएनएल के सीपीएम राघवेंद्र सारस्वत ने बताया कि 2 लगभग कंप्लीट हो चुके हैं, 2 पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य मानसून आने से पूर्व कम्पलीट करने का है। ईको फ्रेंडली ओवरपास बन रहे एक ओवरपास का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपए से हो रहा है। 4 एनीमल ओवरपास बुदनी से मिडघाट के बीच 1, चौका- मिडघाट के बीच 2, चौका बरखेड़ा के बीच 1 एनीमल ओवरपास का निर्माण हो रहा है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है जबकि पहाड़ी के बीच गेप 18 मीटर का है। एनीमल ओवरपास जिन स्थानों पर बनाए गए हैं वहां रेलवे ट्रैक के दोनों और 100-100 मीटर की 3.5 मीटर ऊंची चैनलिंग फेंसिंग लगाई जाएगी ताकि वे एनीमल ओवरपास से होकर रेल लाइन का क्रॉस करें। यह ईको फ्रेंडली रहेंगे ताकि जंगली जानवर आसानी से इस पार से उस पास आ जा सकें। ट्रैक और पहाड़ के बीच 3-5 फीट की दूरी मिडघाट सेक्शन में चौका के पास रेलवे ट्रैक और पहाड़ी के बीच में 3-5 फीट का गेप बचता है। जब ट्रेन गुजरती है तो दोनो ओर ड्रेन बनी होने के कारण वन्य प्राणी दोनों पहाड़ के बीच स्थित ट्रैक भागने लगते हैं और निकल नहीं पाता।

महिला नसबंदी का कैंप चर्चा में: धार में 180 महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया

धार मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र धार जिले में महिला नसबंदी कैंप की शर्मनाक तस्वीर आई सामने आई है। यहां करीब 180 महिलाओं का बुनियादी सुविधाओं के बिना नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टर द्वारा हर 2 मिनट में एक महिला की नसबंदी कर दी गई। लापरवाही सामने आने के बाद 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन के बाद कैंप में जमीन पर लेटी महिलाओं के वीडियो भी सामने आए हैं। धार जिले के आदिवासी क्षेत्र बाग में नसबंदी कैंप में महिलाओं के साथ हुई लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 180 आदिवासी महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों के साथ बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नसबंदी कैंप में पहुंची थीं। महिलाओं को उम्मीद थी कि सरकारी शिविर में उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन यहां का नजारा बेहद शर्मनाक और चिंताजनक नजर आया। कैंप में न पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और ना ही बैठने की उचित इंतजाम। कैंप में जिन महिलाओं की नसबंदी की गई, उन्हें भी ऑपरेशन के बाद खुले आसमान के नीचे धूप में जमीन पर ही लिटा दिया गया। इस दौरान ऑपरेशन कराने वाली महिलाएं गर्मी और दर्द से बेचैन और परेशान नजर आईं, जबकि उनके परिजन कपड़ों से हवा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते दिखाई दिए। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि नसबंदी केंद्र के बाहर कुछ महिलाएं और पुरुष छोटे-छोटे बच्चों को कपड़े की झोली लगाकर झूला झूल रहे थे, जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक नसबंदी नहीं हो पाई। लिहाजा भूखे-प्यासे परेशान होकर बाहर बैठे रहे। उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं में सुधार किए जाने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी डॉ. वीर बहादुर सिंह मुवेल कैंप के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। स्टाफ द्वारा जानकारी देने के बाद वह मौके पर पहुंचे और बैठक में होने की बात कही, जबकि उनके ही क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 180 से अधिक महिलाओं की नसबंदी की जा रही थी। अब इस मामले में 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच जा जारी है। जानकारी के अनुसार, पता चला है कि स्वास्थ्य केंद्र पर एक ही प्राइवेट डॉक्टर है, जिसके जिम्मे करीब 180 ऑपरेशन सौंप दिए गए थे। प्राइवेट डॉक्टर डॉ. राकेश डावर द्वारा तेजी से ऑपरेशन किए जा रहे थे। वहीं अस्पताल के मैनेजर बसंत अजनार ने दावा किया कि वे मात्र 2 मिनट में एक नसबंदी कर देते हैं। सभी ऑपरेशन इतनी तेजी से किए गए कि अब सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में सिर्फ एक परमानेंट डॉक्टर बता दें कि, बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक ही परमानेंट डॉक्टर डॉ. हरिसिंह के भरोसे संचालित हो रहा है। यहां दो डॉक्टर कॉन्ट्रैक्ट बॉन्ड पर हैं और दो डॉक्टर संविदा पर नियुक्त किए गए। एक ही डॉक्टर के भरोसे इतना बड़ा स्वास्थ्य केंद्र संचालित होने से अब इस पर सवाल उठना लाजिमी है। सीएमओ डॉ. वीरभद्र सिंह मुवेल का कहना है डॉक्टर्स की कमी की बात जिला मुख्यालय के अधिकारियों को बता दी गई है। स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर-कीपर बसंत अजनार ने बताया कि कैंप 180 से अधिक मरीज पहुंचे हैं और बेड्स की कमी के कारण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर ही लिटाना पड़ा। उनका कहना था कि डॉक्टर विशेषज्ञ हैं और समय की कोई समस्या नहीं है, लेकिन व्यवस्थाओं की यह कमी खुद स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

पोर्न स्टार बनाने की सनक में पति ने किया अश्लील वीडियो वायरल, रीवा पुलिस ने किया गिरफ्तार

रीवा   मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पत्नी का निजी वीडियो वायरल करने वाले आरोपी पति शिवम साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट्स और सोशल मीडिया पर अपलोड करने का गंभीर आरोप है। मंगलवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। आर्थिक तंगी के कारण जब पीड़िता ने मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। आरोप है कि दहेज न मिलने की खुन्नस में शिवम ने पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व रिश्तेदारों को भेज दिया।  पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। जब पीड़िता ने आर्थिक तंगी के चलते मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। उसने दहेज न मिलने की खुन्नस में पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया व रिश्तेदारों को भेज दिया। पोर्न स्टार बनने की सनक में की करतूत पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को 'स्टार' बनाना चाहता था। जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है ताकि लोग उसे पहचानें। पीड़िता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे। बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था। हथियार लेकर ससुराल पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था। 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक (MP 17 ZH 8856) से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा। वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पोर्न स्टार बनने की सनक पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को स्टार बनाना चाहता था. जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है, ताकि लोग उसे पहचानें. पीडि़ता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे. बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था. पुलिस ने दबोचा वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था. 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा. वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा. परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया. सीएसपी बोले- परिवार को डरने की जरूरत नहीं सीएसपी राजीव पाठक ने बताया, “आरोपी गिरफ्तार है और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। परिवार को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

बड़वानी में शिक्षा की दुर्दशा:गाय-बकरियों के तबेले में ठूंसे गए 40 आदिवासी बच्चे!

बड़वानी नरेश रायक सरकार करोड़ों रुपये शिक्षा पर खर्च करने के दावे करती है, मगर हकीकत यह है कि जिले में 40 आदिवासी बच्चों का भविष्य पशुबाड़े में दम तोड़ रहा है। जिस जगह गाय-बकरियां बांधी जाती हैं, वहीं बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। गोबर की बदबू, गंदगी से भरी जमीन और संक्रमण का खतरा—यही है इस ‘तबेला स्कूल’ की असली तस्वीर। क्या यही है “शिक्षा का अधिकार”? बच्चे जमीन पर ठूंसे हुए बैठते हैं। बरसात में कीचड़, गर्मी में असहनीय दुर्गंध। सवाल सीधा है—  क्या आदिवासी बच्चों की शिक्षा की कीमत इतनी सस्ती है? क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी अपने बच्चों को ऐसे माहौल में पढ़ने भेजेंगे? जिम्मेदार कौन? जर्जर/अपर्याप्त भवन की आड़ में पशुबाड़े में स्कूल चलाना किसकी अनुमति से? शिक्षा विभाग और प्रशासन की निगरानी कहां है? क्या स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज की? ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिर्फ “अस्थायी व्यवस्था” का बहाना दिया गया। मगर यह अस्थायी इंतजाम कब तक चलेगा? महीनों से बच्चे तबेले में बैठकर पढ़ रहे हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भविष्य के साथ खिलवाड़ है बड़वानी जैसे आदिवासी बहुल जिले में यदि बच्चों को सम्मानजनक कक्षा कक्ष भी नसीब न हो, तो विकास के दावे खोखले साबित होते हैं। अब देखना है—  क्या प्रशासन तुरंत वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करेगा? या फिर ‘तबेला स्कूल’ ही जिले की शिक्षा व्यवस्था का स्थायी प्रतीक बन जाएगा? बच्चों की पढ़ाई पशुबाड़े में और भाषण स्मार्ट क्लास के—यह दोहरी तस्वीर आखिर कब बदलेगी?

‘हर हिन्दू को जागना होगा’: टी.राजा ने राष्ट्र निर्माण पर जोर, छिंदवाड़ा में दिए विवादित बयान

छिंदवाड़ा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर  शहर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बजरंग दल द्वारा ‘हिंदू गर्जना रैली’ निकाली गई, जिसके बाद एक धर्मसभा का आयोजन हुआ। सभा में तेलंगाना के गोशामहल से विधायक टी. राजा सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शिवाजी-संभाजी के पराक्रम का किया उल्लेख अपने संबोधन में टी. राजा सिंह ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी के शौर्य और बलिदान का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है। उनके संबोधन के दौरान उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक समर्थन जताया।  टी. राजा ने कहा- कई नेता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की भाषा और प्रतीकों का इस्तेमाल करते हैं। अपने ऊपर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- अगर कोई मेरी जान लेना चाहता है तो पूरी तरह ले, लेकिन बच गया तो सख्त जवाब देंगे। उन्होंने “नो केस, नो FIR” की मांग भी रखी और कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें मानती है तो उनके बजरंगी 10-10 बांग्लादेशियों का सिर काटेंगे भाजपा विधायक ने कहा- कि उनका कभी राज आया तो वह एक आतंकी का सिर काटने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देंगे। सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता की अपील विधायक ने गौ संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर जागरूकता की आवश्यकता बताई। उन्होंने परिवारों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की बात कही। अपने संबोधन में उन्होंने कुछ समकालीन राजनीतिक मुद्दों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर अपनी राय भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतिहास को संतुलित और तथ्यों के आधार पर समझने की आवश्यकता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंच पर विश्व हिंदू परिषद के अरविंद प्रताप सिंह और जिला संयोजक नरेंद्र पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभा से पूर्व विभिन्न शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने देशभक्ति और वीरता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। अपने संबोधन के अंतिम भाग में विधायक ने जनसंख्या संतुलन और भविष्य की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए समाज से एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। टी. राजा बोले- राजनीति कीचड़, मैं खुद फंस चुका धर्मसभा को संबोधित करते हुए टी. राजा सिंह ने कहा कि राजनीति कीचड़ की तरह है, जिसमें मैं खुद फंस चुका हूं। अपने बच्चों को इसमें नहीं फंसाना चाहता। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को धर्म के लिए समर्पित करने की शिक्षा देंगे। इस दौरान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का जिक्र करते हुए धार्मिक समर्पण की बात कही। ओवैसी बंधुओं पर बोले- वे हमेशा मेरी चिंता करते हैं सभा के दौरान टी. राजा सिंह ने AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने खुद को उनका “जीजा” बताते हुए कहा कि ओवैसी बंधु हमेशा उनकी चिंता करते हैं। टीपू सुल्तान को नायक बताने वाले बयान पर राजा ने कहा कि टीपू सुल्तान ने सिर्फ अपनी सल्तनत बचाने के लिए युद्ध लड़े। वह टीपू सुल्तान नहीं टीपू शैतान है। सीएम मोहन यादव को हिंदुओं का समर्थन है राजा सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कहा कि उन्हें “दूसरों के वोट” की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हिंदुओं का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के टुकड़े करने की सोच रखने वालों को सुविधाएं देना बंद किया जाना चाहिए। मंदिर से शुरू होकर दशहरा मैदान तक पहुंची रैली इससे पहले रैली दादा धूनी वाले दादा मंदिर से शुरू हुई। बड़ी संख्या में लोग भगवा ध्वज और पट्टियां लिए शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रैली दशहरा मैदान पहुंची, जहां धर्मसभा आयोजित की गई। अंत में लोगों को देश रक्षा की शपथ दिलाई गई। हिंदुओं के हित में काम करने वाले नेताओं को चुनने की अपील भी की गई। ओवैसी बंधुओं पर साधा निशाना ओवैसी बंधुओं और टीपू सुल्तान पर बयान अपने भाषण के दौरान टी. राजा सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। टीपू सुल्तान को लेकर दिए गए बयानों पर उन्होंने असहमति जताई और उन्हें हिन्दू विरोधी बताया। इसके साथ ही उन्होंने हिन्दुओं को सतर्क और जागने की सलाह दी। 

महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मांग पर कार्रवाई: इंदौर में स्पीकर और डीजे पर रोक, शहर में शांति कायम

इंदौर  परीक्षा के दिनों में तेज लाउडस्पीकर बजाना इंदौर में पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है. इसके चलते कई स्थानों पर डीजे और लाउडस्पीकर जब्त भी किए गए हैं. इस बीच इंदौर महापौर ने धार्मिक स्थलों की मीनारों पर लगे लाउडस्पीकर हटाने की भी मांग की है. दरअसल, विगत कई दिनों से इस तरह की शिकायतें महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पास पहुंच रही थीं कि शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों में तेज लाउडस्पीकर बजाने पर डीजे और लाउडस्पीकर जब्त किए गए हैं लेकिन मस्जिदों की मीनरों पर लगे लाउडस्पीकर से अभी अलग-अलग समय पर व्यापक ध्वनि प्रदूषण हो रहा है. इन इलाकों की मीनारों से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा वहीं, अत्यधिक ऊंचाई पर लगे स्पीकरों से आसपास के क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है. महापौर ने बताया कि उन्हें वार्ड 72 (लोकमान्य नगर), वार्ड 41 और वार्ड 48 के निवासियों से ध्वनि प्रदूषण को लेकर अधिक शिकायतें मिली हैं. लोगों का कहना है कि मीनारों पर लगे ऊंचे लाउडस्पीकरों की आवाज पूरे क्षेत्र में फैलती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है. ध्वनि प्रदूषण से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है महापौर ने बताया कि पूरे वर्ष शहर में प्रतियोगी परीक्षाएं और स्कूल की परीक्षाएं चलती रहती हैं. ऐसे में ध्वनि प्रदूषण के कारण छात्रों की तैयारी प्रभावित होती है. बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि यदि डीजे और अन्य ध्वनि उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, तो धार्मिक स्थलों पर लगे ऊंचे लाउडस्पीकरों के संदर्भ में भी उसी तर्ज पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा मैंने इस मुद्दे पर कलेक्टर को अवगत कराया है और जल्द कार्रवाई की अपेक्षा की है. राज्य सरकार ने पहले भी दिए थे निर्देश महापौर ने याद दिलाया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर राज्य स्तर पर इस विषय में पहले भी निर्देश जारी हो चुके हैं और कार्रवाई भी की गई थी. उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लाउडस्पीकर दोबारा लगाए गए हैं, तो प्रशासन को एक बार फिर विस्तृत जांच करनी चाहिए. इंदौर में ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती, दो डीजे जब्त, एफआईआर दर्ज इंदौर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के श्री कुंज गार्डन में तेज आवाज में डीजे साउंड बजाए जाने की शिकायत पर प्रशासनिक दल ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. साउंड संचालक विकास दाने के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए डीजे उपकरण जब्त कर लिए गए. इसी प्रकार हीरानगर थाना क्षेत्र के चन्द्रगुप्त चौराहे पर भी निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर मल्हारगंज एसडीएम के दल ने डीजे जब्त किया तथा संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ की. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम अथवा अन्य आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय-सीमा एवं ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाए. आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जब्ती, दंडात्मक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज की जाएगी.

मौसम बदलने वाला है मध्यप्रदेश में, 18 तारीख को अधिक प्रभाव, 15 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। सक्रिय हुए नए सिस्टम के चलते प्रदेश के 15 जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल अंचल में बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जबकि 18 फरवरी को इसका व्यापक असर दिखेगा। 19 फरवरी को भी मौसम बदला रहेगा, हालांकि बारिश हल्की रहने की संभावना है।  इन जिलों में अलर्ट ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आंधी-पानी के साथ बिजली गिरने का खतरा है। सबसे ज्यादा गतिविधि 18 फरवरी को रहने का अनुमान है। फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मिजाज महीने की शुरुआत में ही दो दौर ओलावृष्टि और बारिश से फसलें प्रभावित हो चुकी हैं। सरकार ने नुकसान का सर्वे भी कराया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश के कई हिस्से भीगेंगे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसके बाद सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। तापमान में उतार-चढ़ाव पश्चिमी विक्षोभ के असर से ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट संभव है। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 17 फरवरी: कुछ जिलों में बादल रहेंगे, भोपाल और इंदौर में दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी। 18 फरवरी: 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रातें ठंडी, दिन हल्के गर्म प्रदेश में दिन में हल्की गर्माहट है, लेकिन रात का तापमान अब भी नीचे बना हुआ है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी के कल्याणपुर में 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री रहा। पांच बड़े शहरों में भोपाल 12.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। इंदौर और जबलपुर में 13 डिग्री, ग्वालियर में 13.1 डिग्री और उज्जैन में 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। 

घरेलू विवाद सुलझाने में हाईकोर्ट ने किया फैसला, शौर्य दीदी की निगरानी में पत्नी रहेगी पति के साथ

ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने  घरेलू विवाद से जुड़े बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्नी को पति के साथ रहने की अनुमति दे दी। साथ ही महिला की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महिला आरक्षक को छह माह के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया। यह याचिका आकाश नामक व्यक्ति ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को बंधक बनाकर रखा गया है और शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पति के साथ रहना चाहती है पत्नी सुनवाई के दौरान ग्वालियर के झांसी रोड थाना पुलिस ने महिला को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने महिला की इच्छा जानने के बाद कहा कि वह घरेलू विवाद के कारण अलग हुई थी, लेकिन अब अपने पति के साथ रहना चाहती है। अदालत ने महिला की सुरक्षा और काउंसलिंग के लिए महिला आरक्षक दुर्गेश शर्मा को छह माह के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। उन्हें महिला की नियमित काउंसलिंग और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि उसकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।