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मध्य प्रदेश में आबादी की हाईटेक गिनती, जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी

इंदौर  देश में 2011 के बाद से पूरे 15 साल बाद एक बार फिर जनगणना हो रही है. मध्य प्रदेश में 16वीं जनगणना के लिए फिलहाल दो चरणों में कार्य प्रारंभ होगा, जो 2 साल तक चलेगा. देश में रहने वाले नागरिकों की संख्या और जनसंख्या के अनुपात में विकास योजनाओं तथा अन्य सांख्यिकी महत्व के लिए जनगणना की जा रही है. इधर, इंदौर में जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा, जो अगले साल फरवरी तक चलेगा. 15 साल बाद शुरू होने जा रही जनगणना इसी प्रकार फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसके तहत देशभर में जनगणना पूरी की जाएगी. लंबे समय बाद हो रही जनगणना उन युवाओं के लिए भी कुतूहल का विषय है, जिन्होंने कभी भी जनगणना जैसी प्रक्रिया में भागीदारी नहीं की है. हालांकि, इस बार जनगणना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की लगभग पूरी जानकारी सांख्यिकी आंकड़ों में दर्ज की जाएगी. घर-घर जाकर पूछे जाएंगे ये सवाल सांख्यिकी विभाग के मुताबिक इस बार की जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें नागरिक का मकान और भूमि स्वामी की स्थिति, पक्का अथवा कच्चा मकान, पीने के पानी का उपलब्ध साधन, खाना पकाने का ईंधन और इंटरनेट के अलावा फोन, टीवी, वाहन आदि जानकारी भी ली जाएगी. इसके अलावा आहार एवं जीवन शैली से जुड़े अन्य सवाल और परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर भी पूछा जाएगा जो पहली बार रिकॉर्ड में दर्ज होंगे. मोबाइल ऐप से दर्ज होगी जानकारी जनगणना को लेकर इंदौर में तैयारी शुरू हो गई है. इसे लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया, "जनगणना में गुणवत्ता और उच्च स्तर से प्राप्त नियमों और निर्देशों का विशेष ध्यान रखा जाएगा." उन्होंने बताया, "जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा. इस चरण में 1 से 30 मई 2026 तक घर-घर जाकर मकानों को सूचीबद्ध कर गणना की जाएगी. इसके पूर्व 15 दिन की समयावधि में ऐप के माध्यम से स्व गणना का विकल्प भी मौजूद रहेगा." प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर नियुक्त दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है. इस दूसरे चरण में डिजिटल माध्यम से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी. इसके लिए इंदौर में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी. इन्हें विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति की जा रही है." 

सायबर जालसाजों ने व्यवसायी को लगाई 1.60 लाख की चपत

सायबर जालसाजों ने व्यवसायी को लगाई 1.60 लाख की चपत   टेलीग्राम ग्रुप से जोडऩे के बाद दिया ठगी को अंजाम  भोपाल  पिपलानी पुलिस ने एक व्यवसायी की रिपोर्ट पर अज्ञात सायबर जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने शेयर बाजार तथा अन्य कंपनियों में निवेश का लालच देकर रुपये जमा करवाए और उसके बाद करीब एक लाख साठ हजार रुपये ठग लिए। जानकारी के अनुसार जगदीश सिंह (50) कर्मवीर नगर पिपलानी में रहते हैं और आक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई करने का काम करते हैं। करीब एक महीने पहले उनके वाट्सएप नंबर पर एक लिंक आई।उन्होंने जैसे ही उसे खोला तो एक ग्रुप में जोड़ लिया गया। इस गुप में कई मेंबर थे जो कि ट्रेड में निवेश का काम ऑनलाइन तरीके से कर रहे थे। वह अलग-अलग कंपनियों में पैसा लगाते थे, जिसके बाद उन्हें मुनाफा होता था। मुनाफे की बात वे इस ग्रुप पर शेयर करते थे। जगदीश सिंह ने भी जब ट्रेड में निवेश के लिए हामी भर दी तो उन्हें टेलीग्राम ऐप के एक ग्रुप में जोड़ लिया गया। उन्होंने शुरूआत में 2 हजार रुपए का निवेश किया तो उन्हें फायदा हुआ। इसके बाद दो-तीन बार और उन्हें फायदा हुआ। फायदे की यह रकम ग्रुप के एडमिन द्वारा बनाए गए उनके खाते में दिखाई दे रही थी। दो दिन के भीतर ही उन्होंने 1 लाख 59 हजार रुपए का निवेश कर दिया। बाद में जब उन्होंने यह मूल राशि और मुनाफे की राशि लेना चाही तो उनसे कहा गया कि आपको और भी पैसे भरने होंगे तभी आपके पैसे मिलेंगे। जगदीश सिंह को ठगी का अहसास हुआ तथा उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल को कर दी। वहां से पिपलानी थाने में शिकायत आने पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया।

जबलपुर में मंदिर के भीतर पेशाब करने से विवाद, मोहम्मद रिजवान गिरफ्तार

 जबलपुर शहर के गढ़ा थाना अंतर्गत छोटी बजरिया क्षेत्र में सोमवार रात एक धार्मिक स्थल पर की गई आपत्तिजनक हरकत के बाद सांप्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। 1963 से स्थापित एक प्राचीन बरगद के पेड़ के नीचे स्थित पूजनीय स्थल पर एक संप्रदाय विशेष के युवक द्वारा की गई अमर्यादित क्रिया ने स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों को आक्रोशित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। यह है घटनाक्रम जानकारी के अनुसार, गढ़ा छोटी बजरिया में एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे दशकों पुराना धार्मिक स्थल है, जहां स्थानीय नागरिक नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक पूजन-पाठ करते हैं। सोमवार की रात काजी मोहल्ला, गढ़ा निवासी मोहम्मद रिजवान उर्फ रिज्जू वहां पहुंचा और धार्मिक स्थल पर लघुशंका कर दी। इस घृणित कृत्य पर पास ही खड़े स्थानीय निवासी मोहित तिवारी की नजर पड़ गई। मोहित द्वारा आपत्ति जताने और शोर मचाने पर आरोपित रिजवान मौके से भाग निकला।     दरअसल, घटना 9 फरवरी की रात करीब 9:30 बजे गढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटी बजरिया स्थित एक शिव मंदिर की है. यहां मुजावर मोहल्ला के रहने बाले एक मुस्लिम युवक रिजवान ने शिवलिंग पर पेशाब कर दिया था. लोगों ने जब उसे ऐसा करते देखा, तो पीटने लगे. इसकी सूचना हिंदूवादी संगठनों को भी मिली. वो भी वहां पहुंचे. साथ ही पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई. इससे पहले की पुलिस वहां पहुंची आरोपी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने लिया ये एक्शन पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान रिजवान खान उर्फ रिज्जु उर्फ भूरा के रूप में हुई. गढ़ा थाना पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196B, 298 और 299 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है. साथ ही आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में शांति व्यवस्था भंग न हो. शिवलिंग का शुद्धिकरण घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे और विधि-विधान के साथ शिवलिंग का शुद्धिकरण किया. हनुमान चालीसा और शिव स्तोत्र का पाठ किया गया तथा गंगा और नर्मदा जल से जलाभिषेक कर मंदिर परिसर को पुनः पवित्र किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे. वहीं सुरक्षा में भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा. इसके अलावा पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार की जा रही है और अतिरिक्त फोर्स को भी तैनात किया गया है. मुस्लिम समुदाय ने की निंदा इधर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी इस घटना की निंदा की है. समुदाय के लोगों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी का समाज से कोई संबंध नहीं है और उसके कृत्य का वे समर्थन नहीं करते. ज्ञापन में आरोपी को समाज से बहिष्कृत करने की बात कही गई है. साथ ही ये भी मांग की गई कि कानून के तहत उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की हरकत करने का साहस न करे. मंदिरों में पुलिस गश्त बढ़ाई महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है. मंदिरों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है. वहीं पूरे मामले में जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है. थाने का घेराव कर प्रदर्शन सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य और क्षेत्रीय नागरिक गढ़ा थाने पहुँच गए। आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और आरोपित को तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने की ऐसी कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। तनाव के बाद पुलिस ने मोहित तिवारी की शिकायत पर आरोपी मोहम्मद रिजवान उर्फ रिज्जू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे देर रात ही गिरफ्तार कर लिया।

ऑपरेशन मुस्कान: राजस्थान और यूपी से 27 नाबालिगों की सकुशल बरामदी

ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलताएं   राजस्थान-उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न जिलों से 27 नाबालिग बालक-बालिकाएं सुरक्षित बरामद  भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में पुलिस टीम ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से 27 नाबालिग/गुमशुदा बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 5 नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में अपहृत नाबालिग बालक को मात्र 10 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। वहीं थाना तेंदुआ पुलिस ने दो नाबालिक बालिका एवं थाना सुभाषपुरा पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका को जयपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। इसके अतिरिक्त थाना नरवर पुलिस ने भी अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।इसी प्रकार सीहोर जिले में 4 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना आष्टा, जावर, रेहटी एवं भैरूंदा पुलिस द्वारा गठित टीमों ने तकनीकी सहायता से नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया, साथ ही अपहरण के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। तीन साल की बच्ची समेत तीन नाबालिग दस्तयाब सीधी जिले की थाना कोतवाली क्षेत्र में चीता मोबाइल टीम द्वारा 3 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया, वहीं थाना मझौली पुलिस द्वारा महाराष्ट्र एवं गुजरात से दो नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।विदिशा जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 2 नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब किया गया। अशोकनगर जिले में थाना ईसागढ़ पुलिस द्वारा दो अलग अलग कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। बैतूल जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 2 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। उज्जैन जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा राजस्थान के सांवलियाजी से दो बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर अपहरण में प्रयुक्त वाहन जप्त किया गया तथा 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।   बारह सौ किलोमीटर दूर मिली नाबालिग कटनी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 2 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना बरही पुलिस द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों से दोनों बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। इसी प्रकार उमरिया जिले के थाना मानपुर पुलिस टीम ने लगभग 1200 किलोमीटर दूर सिलवासा (दादर एवं नगर हवेली) से 15 वर्षीय गुमशुदा बालिका को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सकुशल दस्तयाब किया। इसी प्रकार मंदसौर जिले के थाना दलौदा पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर लगभग 700 किलोमीटर दूर ग्रेटर नोएडा, उत्तरप्रदेश से 16 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इधर दतिया, देवास एवं बड़वानी पुलिस ने 1-1 अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है।

मैनिट के विद्यार्थियों को सायबर क्राइम से किया जागरूक

मैनिट के विद्यार्थियों को सायबर क्राइम से किया जागरूक   शेफर इंटरनेट डे पर कार्यक्रम का आयोजन  भोपाल  शेफर इंटरनेट डे के अवसर पर मैनिट कैम्पस में सायबर क्राइम एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त संजय कुमार, विशेष अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला एवं डायरेक्टर मैनिट केके शुक्ला उपस्थित रहे। इस अवसर पर डीसीपी अपराध अखिल पटेल, एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान, मैनिट का स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बढ़ते सायबर अपराध को चिंताजनक एवं पुलिस के लिए आने वाले समय में अत्यधिक चुनौतीपूर्ण बताया। साथ ही विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने तथा अनुशासित होकर जीवन पथ पर आगे बढऩे हेतु सारगर्भित मार्गदर्शन दिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला ने भोपाल शहर की यातायात व्यवस्था, एक्सीडेंट डेथ, ट्रैफिक रूल्स इत्यादि विषयों पर चर्चा करते हुए सभी से ट्रैफिक नियमों का पालन कर अपना जीवन सुरक्षित करने हेतु अपील की। उन्होंने आईटीएमएस, ई- चालान और नई तकनीक के प्रयोग के बारे में जानकारी दी।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल ने विद्यार्थियों द्वारा सायबर क्राइम और ट्रैफिक के बारे पूछे गए सवालों एवं संदेह का जवाब दिया।अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान ने सायबर अपराध के प्रकार एवं उनसे बचाव हेतु व्यावहारिक जानकारी दी तथा सायबर क्राइम के बदलते ट्रेंड, गाइड लाइंस, संचार साथी ऐप्प इत्यादि विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर मैनिट संस्थान के डायेक्टर प्रो. डॉ0 केके शुक्ला ने विद्यार्थियों को सजग और सतर्क रहने हेतु तथा उक्त जागरूकता कार्यक्रम का महत्व बताया और अनुशासित बनकर जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन दिया।

33वीं किस्त जल्द आने वाली, CM सागर से लाडली बहनों को मिलेगी राहत और लाभ

भोपाल   मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त का इंतज़ार कर रही महिलाओं की इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली है। सीएम मोहन यादव 14 फरवरी को प्रदेश की करोड़ों लाडली बहनों को बड़ी सौगात देंगे। सीएम मोहन खंडवा जिले के पंधाना से सिंगल क्लिक के माध्यम से बहनों के खाते में राशि डालेंगे। इसके अलावा करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। जिसमें भूमिपूजन भी शामिल है। सीएम के खंडवा दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 14 फरवरी को सीएम मोहन यादव खंडवा आ रहे हैं। वे पंधाना में लाडली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।  14फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना का दौरा प्रस्तावित है। यह से लाडली बहना योजना की राशि का विवरण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ मोहन पंधाना विधानसभा में अभी जितने में कार्य पूरे हो चुके है उन निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर विधायक की अध्यक्षता में विभागों की बैठक भी ली गई है। सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में इस योजना का शुभारंभ किया था। जिसके तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है। फरवरी में इस योजना की 33वीं किस्त जारी की जाएगी। क्यों कम हुए लाडली बहना योजना से नाम लाडली बहना योजना जब शुरू हुई थी, तब इसमें 1.32 करोड़ नाम जुड़े थे। लेकिन बाद में इसे 1.29 करोड़ और फिर 1.26 करोड़ कर दिया गया। पिछले महीने इस योजना से एक लाख नाम और कम हो गए। जानकारी के मुताबिक जो महिलाएं पात्रता की शर्त पूरी नहीं कर रही थीं, उनके नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा जिनकी उम्र 60 साल हो चुकी है, उनके नाम भी योजना से हटा दिए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक इस योजना का लाभ 60 की उम्र तक ही मिल सकता है। कैसे चेक करें स्टेटस अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि आपका नाम लिस्ट में है भी या नहीं, तो आप ऑनलाइन पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाकर पता कर सकते हैं। यहां आपके पास दो विकल्प होंगे। आप चाहें तो अंतिम सूची में जाकर अपना नाम चेक कर सकती हैं। या फिर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' में जाकर भी स्टेटस चेक कर सकती हैं। इस पर क्लिक करने के बाद बस आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी ही भरना है। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफाई करना है, आपका स्टेटस खुल जाएगा। क्या बजट में लाडली बहना को लेकर होगा ऐलान लाडली बहना योजना में नए रजिस्ट्रेशन लंबे समय से शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की महिलाएं 18 फरवरी को आने वाले बजट से उम्मीदें लगाए बैठी हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से उन्हें बड़ी सौगात मिल सकती है। इसके अलावा इस साल लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की भी बात है, उसे लेकर बजट में घोषणा हो सकती है।  

सरकारी कर्ज का रिकार्ड: एक हफ्ते में दो बार लिया 5 हजार करोड़, साल भर में बढ़ा 67,300 करोड़

भोपाल  विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा। बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है। इसलिए लिया गया कर्ज 10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं। 2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया। -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए। -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए। -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए। -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए। -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए। -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए। -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए। -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया। -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है। -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

हॉस्टल विवाद: लड़कियों से बाइबिल पढ़वाने और धार्मिक अभ्यास रोकने का आरोप वार्डन पर

झाबुआ: मध्य प्रदेश के झाबुआ स्थित एक शासकीय हॉस्टल में वार्डन पर छात्रों से बाइबिल पढ़वाने का आरोप लगा है। बाइबिल पढ़वाने का वीडियो भी वायरल हुआ था। हॉस्टल के अंदर प्रार्थना सभाएं हो रही थीं। मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राएं कलेक्टर ऑफिस पहुंची और अपनी शिकायत दी है। ये हॉस्टल की वार्डन बबीता डाबी पर है। बाइबिल पढ़ने का बनाया जा रहा दबाव हॉस्टल से आईं छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उनकी मर्जी के खिलाफ वार्डन वहां पर बाइबिल पढ़ने का दबाव बनाती हैं। वहीं, जब लड़कियां मना करती हैं तो उन्हें हॉस्टल से निकालने की धमकी देती हैं। साथ ही कहती हैं कि करियर बर्बाद कर दूंगा। लड़कियों ने हॉस्टल में चल रही गतिविधियों के बारे में अपने परिजनों को जानकारी दी थीं। सहमी हैं लड़कियां बताया जा रहा है कि हॉस्टल में रह रहीं लड़कियां डर के मारे पढ़ाई छोड़ रहे हैं। अभी तक 10-12 लड़कियों के छोड़ने के आरोप हैं। लड़कियों के पालकों के साथ आए हिंदू संगठन के लोगों ने कहा कि वहां धर्मांतरण चल रहा है। उनसे बाइबिल पढ़वाई जाती है। हॉस्टल में 150-200 लड़कियां यहां रहती हैं। हमलोग झाबुआ कलेक्टर से मिलने आए हैं। उनसे शिकायत की है। साथ ही कार्रवाई की मांग की है। वार्डन को तुरंत सस्पेंड किया जाए। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि हम जांच के लिए टीम गठित कर रहे हैं। एक पालक ने कहा कि हम बच्ची से मिलने गए तो उसने रो दिया। वह घर चलने की जिद करने लगी। फिर बताया कि मैडम कहती हैं कि तुम्हें राम-राम नहीं बोलना है। वह लड़कियों को बाइबिल पढ़ाती हैं। एक अन्य बच्ची के पालक ने कहा कि हमारी बच्ची को ईसाई के बारे में पढ़ाती हैं। साथ ही उसे सूर्य नमस्कार नहीं करवाती है। वह लड़कियों को कहती हैं कि सूर्य नमस्कार करोगी तो यहां नहीं रहने दूंगा। अधिकारियों ने जांच की बात कही वहीं, अभिभावकों की शिकायत पर अधिकारियों ने कहा कि हम इसकी जांच जरूर कराएंगे। वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि वह पुराना है। गौरतलब है कि सरकारी नियम के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान में धार्मिक प्रचार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

सफारी में नियमों का उल्लंघन, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने जारी किए 17 नोटिस

बांधवगढ़ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली जोन में सफारी के दौरान नियमों की अनदेखी करना 17 वाहन चालकों और गाइडों को महंगा पड़ गया। पर्यटन अधिकारी ने सभी संबंधित चालकों और गाइडों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। कार्रवाई तब हुई जब सफारी के दौरान पर्यटकों को वाहन से नीचे उतरकर मोबाइल फोन का उपयोग करते देखा गया और कई वाहनों की गति निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई।  टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लागू है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण की शांति और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद खितौली जोन में नियमों की खुली अनदेखी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, कुछ पर्यटक वाहन से उतरकर मोबाइल का उपयोग कर रहे थे, जबकि संबंधित चालक और गाइड उन्हें रोकने में असफल रहे। साथ ही जंगल क्षेत्र में तेज रफ्तार से वाहन चलाने की शिकायतें भी दर्ज की गईं। वन विभाग का कहना है कि टाइगर रिजर्व में हर नियम वन्यजीवों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। तेज रफ्तार वाहन या अनियंत्रित गतिविधियां न केवल जानवरों को परेशान करती हैं, बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ाती हैं। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करना चालक और गाइड दोनों की जिम्मेदारी है। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है उनमें राम भगत यादव, राम सहाय यादव, प्रियांजू सिंह, नरेश सिंह, प्रवीण यादव, अंशुमन शाह, उत्तम सिंह, पवन साहू, विश्वजीत सिंह, महेश सिंह, शुयष केशरी, संजय गुप्ता, विनोद यादव, सूरज यादव, संजीव यादव और कार्तिकेय सिंह जैसे वाहन चालक शामिल हैं। इनके साथ देवराज सिंह, सोमेल सिंह, विजय सिंह, अनिल साहू, नंदलाल सिंह, रामावतार यादव, निखिल सिंह, अजय सिंह, अर्जन सिंह, पुष्पांजलि साहू, अजय कुमार गुप्ता, लवकेश सिंह, बसंतलाल यादव, राम कृपाल सिंह और काशी यादव जैसे गाइडों को भी नोटिस दिया गया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक न मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बांधवगढ़ की पहचान उसके अनुशासन और संरक्षण व्यवस्था से है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

पानी नहीं, स्वच्छता है मुद्दा: इंदौर में जश्न और स्वच्छ वार्ड रैंकिंग की शुरुआत

इंदौर पूरे देश में स्वच्छता के लिए पहचाने जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत नगर निगम के लिए अब कोई मुद्दा नहीं है. यही वजह है कि नगर निगम ने भागीरथपुरा के हालातों से किनारा करते हुए अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इस बीच फिर यहां दो लोगों की मौत हो गई है. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मृत्यु का दौर जारी है. हालांकि 2 महीने बीतने के बाद भी न तो सरकार मृत्यु का कारण स्पष्ट कर पाई न ही मरने वालों की संख्या सार्वजनिक कर पाई. इस मामले में दायर जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने खुद एक सदस्य जांच आयोग गठित किया है. लेकिन इसके बावजूद सरकार भागीरथपुरा की स्थिति पर अब तक नियंत्रण नहीं कर पाई. भागीरथपुरा में दो लोगों की मौत नतीजेतन यहां बॉम्बे अस्पताल में बीते कुछ दिनों से भर्ती भागीरथपुरा निवासी 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर और 2 साल की मासूम रिया जो सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल में भर्ती थी की मौत हो गई. हालांकि नगर निगम कमिश्नर ने विगत दिनों भागीरथपुरा को लेकर दावा किया था कि वहां पानी की लाइन बदलने का काम अंतिम दौर में है वही नर्मदा के पानी की सप्लाई भी शुरू करवा दी गई है. यह बात और है कि अभी भी लोग वहां नलों से आने वाले पानी को पीने से डर रहे हैं. नगर निगम का दावा इंदौर के हालात सामान्य हालांकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से यह मान लिया है कि अब वहां के हालात पूरी तरह सामान्य है. इसलिए निगम ने अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इसे लेकर मंगलवार को आयोजित एक समारोह में इंदौर को नवमी बार स्वच्छता रैंकिंग में पहले नंबर पर लाने के लिए वार्ड बार स्वच्छता अभियान की प्लानिंग की गई है. इसके अलावा शहर को स्वच्छता अभियान को लेकर प्रेरित करने के लिए नए सिरे से स्वच्छता गान तैयार किया गया है. स्वच्छता की शपथ दिलाई गई नगर निगम की परिषद में स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने बताया कि, ''स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत स्वच्छता गीत 2025-26 की लाॅचिंग, स्वच्छ वार्ड रैकिंग लाॅचिंग की शुरुआत की गई.'' इसे लेकर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री व महापौर ने इंदौर के स्वच्छता अभियान में सहयोगी स्वच्छता चैम्पियन का सम्मान तथा 22 जोनल कार्यालय के उत्कृष्ठ सफाई मित्रों का सम्मान किया. इस अवसर पर समस्त उपस्थित जन को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए, आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की नवीन टूल किट की भी प्रेजेटेंशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई. इस दौरान कार्यक्रम मेंं मौजूद केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का कहना था, ''इंदौर स्वच्छता का महागुरु है, जिससे की अन्य शहर स्वच्छता का पाठ पढ़ते है. इंदौर स्वच्छता का चैम्पियन है, मुझे पुरी उम्मीद है कि इंदौर नवीं बार भी स्वच्छता में नंबर वन आएगा.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, ''इंदौर की स्वच्छता टीम ने इंदौर को आठ बार नंबर वन स्वच्छ शहर बनाने का गौरव हासिल किया. इसके साथ ही इंदौर जैसा बड़ा शहर अपने साथ ही देपालपुर को भी स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिये सहयोग कर रहा है.''