samacharsecretary.com

मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा में विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नरेला विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार करते हुए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत 80 फीट रोड, अशोका गार्डन से भोपाल रेलवे स्टेशन तक, विवेकानंद चौराहे से ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग तक, तथा सुभाष नगर से रायसेन रोड तक डामरीकरण एवं नवीनीकरण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 71 में नेहरू स्कूल से सेठी नगर पुलिया तक सीसी रोड निर्माण तथा गुप्ता कॉलोनी की आंतरिक सड़कों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश मंत्री श्री सारंग ने मंच से ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में सभी विकास कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। खेल सुविधाओं को मिलेगा विस्तार मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राजेंद्र नगर में इंडोर एवं आउटडोर सुविधाओं से युक्त आधुनिक स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अशोका गार्डन क्षेत्र में शीघ्र ही स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाएगा, जिससे युवाओं और आम नागरिकों को खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नरेला विधानसभा के निरंतर विकास के लिये प्रतिबद्ध मंत्री श्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि नरेला विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के बाद नरेला विधानसभा में योजनाबद्ध, सतत और परिणामोन्मुखी विकास की नई दिशा तय की गई है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आज नरेला विधानसभा में बेहतर और सुरक्षित सड़कें, सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, नाली एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं सुलभ कराई गई हैं। इसके साथ ही सांदीपनी विद्यालय, अस्पताल, महाविद्यालय सहित शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना एवं विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है। इसी दृष्टिकोण के साथ नरेला विधानसभा के प्रत्येक वार्ड और कॉलोनी में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। क्षेत्रवासियों ने इन विकास कार्यों के लिये मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासियों की उपस्थिति रही।  

मध्यप्रदेश से असम को दिये जायेंगे एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ

असम से आगामी 3 साल में 3 समूहों में आयेंगे 50 जंगली भैंस एक जोड़ा गेंडा और 3 कोबरा भी आयेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ वन्य जीवों के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा की। दोनों राज्यों के बीच में सहमति बनी कि असम से 50 जंगली भैंसे 3 समूहों में 3 साल में, गैंडे का एक जोड़ा और 3 कोबरा मध्यप्रदेश में लाये जायेंगे। इन्हें भोपाल के वन विहार में रखा जायेगा। मध्यप्रदेश इसके बदले में असम की मांग के अनुसार एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में चीते के बाद अब भैंस पुनर्स्थापना से प्रदेश की जैव विविधता में एक नया आयाम जुड़ेगा। यह प्रयास एक प्रजाति के संरक्षण के साथ ही प्रदेश के जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मध्यप्रदेश पहले ही ‘टाइगर स्टेट’ और ‘लेपर्ड स्टेट’ के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। सफल चीता पुनर्स्थापना के बाद जंगली भैंसों की पुनर्स्थापना से राज्य के जैव विविधता संरक्षण क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ेगा। राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ ही उन प्रजातियों की वापसी के लिए भी प्रतिबद्ध हैं, जो कभी इस भूमि की पहचान हुआ करती थीं। मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों की आबादी पिछले सौ वर्षों से भी अधिक समय पहले समाप्त हो चुकी थी। वर्तमान समय में देश में जंगली भैंसों की प्राकृतिक आबादी मुख्य रूप से असम राज्य तक सीमित रह गई है। छत्तीसगढ़ में भी ये हैं, किंतु इनकी संख्या अत्यंत सीमित है। देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किए गए विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया कि कान्हा टाइगर रिज़र्व जंगली भैंसों के पुनःस्थापन के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र है। अध्ययन में घास के मैदानों की गुणवत्ता, जल स्रोतों की उपलब्धता, मानव हस्तक्षेप की न्यूनता और अन्य शाकाहारी जीवों के दबाव जैसे कारकों का मूल्यांकन किया गया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) तथा भारत सरकार से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पुनर्स्थापन को चरणबद्ध और सुरक्षित ढंग से अंजाम दिया जाएगा। यह योजना दीर्घकालिक संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन को ध्यान में रखकर तैयार की गयी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का करेंगे शुभारंभ

प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को किया जाएगा सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, शुक्रवार 9 जनवरी को सुबह 11 बजे, कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में प्रतिष्ठित डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह में 19वां डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार से प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को सम्मानित करेंगे। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन 9 से 11 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। भारत के विरासत एवं ज्ञान परिदृश्य में यह राष्ट्रीय आयोजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसमें देशभर से प्रख्यात विद्वान, वरिष्ठ प्रशासक, नीति-निर्माता, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं विरासत क्षेत्र के विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश की धरोहर प्रशासन, अंतर्विषयक अनुसंधान एवं वैज्ञानिक संरक्षण पद्धतियों में बढ़ती भूमिका को प्रतिबिंबित करता है। पुरातत्वविद् डॉ. मठपाल को यह सम्मान पुरातत्व एवं शैल-चित्र अध्ययन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। डॉ. मठपाल एक वरिष्ठ पुरातत्वविद्, चित्रकार, क्यूरेटर एवं शैल-चित्र संरक्षण विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने पश्चिमी घाट, हिमालय, विंध्य एवं कैमूर पर्वत श्रृंखलाओं में 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज की है। शैल-चित्र संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियों के विकास में उनके योगदान ने भारत की प्रागैतिहासिक विरासत के अध्ययन एवं संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा प्रदान की है। संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विचारकों एवं विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, सत्र अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इनमें श्री कल्याण कुमार चक्रवर्ती (आईएएस), प्रो. रवि कोरिसेट्टर, श्री अरुण सिंघल (सेवानिवृत्त आईएएस), श्री हरसहाय मीणा (आईएएस), प्रो. आलोक त्रिपाठी, डॉ. नंदिनी भट्टाचार्य साहू, डॉ. ए.के. सिन्हा तथा डॉ. डी. दयालन सहित अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राष्ट्रीय अभिलेखागार एवं विभिन्न राज्य अभिलेखागारों से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ इन सत्रों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे शैक्षणिक गहनता एवं नीतिगत प्रासंगिकता सुनिश्चित होगी। संगोष्ठी में तीन प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी। पुरातत्व, नृवंश-पुरातत्व, पुरातत्वमिति, कलाकृति विश्लेषण एवं सांस्कृतिक संसाधन प्रबंधन में नवीन उपलब्धियाँ; अभिलेखागार एवं दस्तावेज प्रबंधन में उभरती प्रौद्योगिकियाँ, जिनमें हाइब्रिड सिस्टम शामिल हैं; तथा मूर्त एवं अमूर्त विरासत के संग्रह, भंडारण, उपलब्धता एवं संरक्षण में नवीनतम विकास, विशेष रूप से डिजिटल क्यूरेशन पर केंद्रित विमर्श होगा। कार्यक्रम में शोध-पत्रों की प्रस्तुति, विचार-विमर्श एवं साक्ष्य-आधारित अनुशंसाएँ तैयार करने की प्रक्रिया भी सम्मिलित है। शैक्षणिक विमर्श के अतिरिक्त, आयोजन में विशेष प्रदर्शनियाँ, वृत्तचित्र प्रदर्शन तथा भोपाल एवं आसपास के प्रमुख विरासत स्थलों के लिए निर्देशित भ्रमण भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रतिभागियों को क्षेत्र की समृद्ध पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।  

ग्रामीण भारत के लिए नए युग की शुरुआत: VB-G RAM G अधिनियम 2025, सुश्री निर्मला भूरिया का अहम बयान

ग्रामीण भारत के लिए नए युग की शुरुआत : VB-G RAM G अधिनियम, 2025 : सुश्री निर्मला भूरिया हर ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि विकसित भारत–ग्रामीण आजीविका मिशन गारंटी (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 ग्रामीण भारत के लिए नए युग की शुरुआत है। यह अधिनियम प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करता है और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि यह कानून महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप गरीबों, जनजातीय और पिछड़े वर्गों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाया गया है। वन क्षेत्रों में कार्य करने वाले परिवारों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अब तक मनरेगा पर 11.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यय किया गया है, जो ग्रामीण रोजगार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। VB-G RAM G अधिनियम, 2025 पूर्ववर्ती MGNREGA का स्थान लेगा, जहां राहत आधारित व्यवस्था के स्थान पर अब रोजगार और आजीविका को राष्ट्रीय विकास लक्ष्य से जोड़ा गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए बुवाई और कटाई के मौसम में राज्य सरकारें 60 दिनों का 'कार्य विराम' घोषित कर सकेंगी, जिससे कृषि क्षेत्र में श्रम की कमी नहीं होगी और मजदूरों की आय पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। नए कानून में कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है— जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा निर्माण, आजीविका संपत्तियों का सृजन तथा जलवायु संरक्षण। समयबद्ध भुगतान और पारदर्शिता मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अनिवार्य किया गया है। देरी की स्थिति में श्रमिकों को स्वतः मुआवजा दिया जाएगा। पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी तथा एआई आधारित निगरानी को कानून का हिस्सा बनाया गया है। प्रत्येक छह माह में डिजिटल साक्ष्यों के साथ सोशल ऑडिट भी अनिवार्य होगा। इस योजना में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच 60:40 का व्यय अनुपात होगा, जबकि पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए यह 90:10 रहेगा। बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। ग्रामीण योजनाओं को पीएम गति शक्ति और विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक से जोड़ा गया है। सुश्री भूरिया ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम, 2025 केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में जवाबदेही, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे और आर्थिक सुरक्षा की नई प्रतिबद्धता है, जो ग्रामीण नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाता है। इस अवसर पर विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, श्री ओमप्रकाश सकलेचा, श्री अनिरुद्ध माधव मारू उपस्थित रहे।  

ग्वालियर जिले में भीषण ठंड के कारण 9-10 जनवरी को छुट्टी, आदेश जारी

ग्वालियर  मध्यप्रदेश में शीतलहर और भीषण ठंड को देखते हुए कई जिलों के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिए गए हैं। इसी बीच ग्वालियर में 9 और 10 जनवरी नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवी तक के बच्चों के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। इसके साथ ही कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा बाहरवीं तक के लिए स्कूलों का समय 10.30 से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश जारी किया है। सभी स्कूलों पर लागू रहेंगे आदेश जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने बताया कि यह आदेश अत्यधिक ठंड की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा एवं आवागमन को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। यह आदेश ग्वालियर जिले में संचालित एमपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय व शासन से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इंदौर में स्कूलों के समय में बदलाव इंदौर में शीतलहर और तापमान में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए शासकीय/अशासकीय/सी.बी.एस.ई./आई.सी.एस.ई/ माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं समस्त बोर्ड से सबंद्ध विद्यालयों की कक्षा नर्सरी से कक्षा 8 वी तक, एवं आंगनवाडी के छात्र-छात्राओं हेतु 8 जनवरी से आगामी आदेश तक विद्यालय का संचालन प्रातः 09.30 बजे से पूर्व नहीं किया जाएगा। अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों यथा परीक्षा इत्यादि पूर्ववत संचालित रहेगी।

दमोह में 18 माह की बच्ची का शव माता-पिता के साथ फांसी से लटका मिला, घटना से इलाके में हड़कंप

दमोह  मध्य प्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर-1 में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ही घर में पति-पत्नी और उनकी 18 माह की मासूम बच्ची के शव फांसी के फंदे पर लटे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का पंचनामा कार्रवाई करते हुए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रारंभिक जांच में जो तस्वीर उभरकर सामने आई, वो समाज और व्यवस्था दोनों के लिए आईना दिखा रही है। पुलिस के अनुसार, मजदूरी कर जीवन यापन करने वाला मनीष केवट अपनी पत्नी दशोदा उर्फ माही और बेटी आरोही के साथ बेहद तंग हालात में रह रहा था। गुरुवार को बेटी के मुंडन संस्कार के लिए घर में कार्यक्रम होना था, लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया कि, उन्होंने मौत को गले लगाने में ही भलाई समझी। मुंडन कार्यक्रम का निमंत्रण दे चुका था मनीष, पर… मृतक मनीष और उसकी पत्नी बेटी के मुंडन के लिए बांदकपुर स्थित जागेश्वरधाम जाना चाह रहे थे, लेकिन इसके लिए उनके पास पैसों की व्यवस्था नहीं थी। मनीष ने रिश्तेदारों से भी मदद मांगी थी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। इधर, मनीष पहले ही बेटी के मुंडन कार्यक्रम का निमंत्रण दे चुका था। जब सारे रास्ते बंद हो गए तो परिवार ने जीवन से ही मुंह मोड़ लिया। पहले बच्ची को फांसी लगाई, फिर खुद.. शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, बताया जा रहा है कि पहले मासूम आरोही को फंदे से लटकाया गया, फिर पति-पत्नी ने भी खुद को मौत के हवाले कर लिया। मामले की जांच जारी थाना प्रभारी श्रीकांत बागरी ने बताया कि, मौके पर सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन हालात बता रहे हैं कि, यह कदम गहरे मानसिक और आर्थिक दबाव का परिणाम हो सकता है।

धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह

म.प्र. सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में दी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह ने की मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर राष्ट्रीय सम्मेलन में तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन म.प्र. में करने का दिया प्रस्ताव भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर गुवाहाटी में शुरू हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत का संरक्षण करते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से उल्लेखनीय सहयोग मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश के धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां टेक्सटाइल पार्क और उद्योगों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। यह पार्क भारत को सशक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति भी करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आर्थिक रूप से तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने के ओर अग्रसर है। मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। सभी राज्यों में वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति, संस्कार, संसाधन और विरासत की दृष्टि से मध्यप्रदेश, टेक्सटाइल सहित अनेक उद्योगों में देश में अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक गतिविधियां और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत संभाग और जिला स्तर पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उज्जैन, रीवा, कटनी, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है। प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के काल से महेश्वरी, चंदेरी साड़ी जैसे सिल्क को प्रोत्साहित करने की परंपरा है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम के हाईक्वालिटी मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं। मध्यप्रदेश में हम टेक्सटाइल मिल, लूम हैंडलूम और स्पिंडल्स से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर, टेक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खरगोन, बुधनी सहित जनजातीय बहुल इलाकों में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ दशक से चल रही टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन में राज्य सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराया है। भविष्य में इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी जुलाई 2026 में भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार पार्टनर बनने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वस्त्र उद्योग का केंद्र रहा है, उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अगला सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में करने के लिए आग्रह किया। म.प्र. में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल सराहनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल के लिए सराहना की। धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के निर्माण में तेजी से हो रहे कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आने से वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में चार चांद लग गए हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र मंत्रालय, मध्यप्रदेश में दो तरह के फाइबर पर कार्य करना चाहता है। पहला- लीनन जो अलसी में होता है और दूसरा- मिल्क बिल्ट (मदार) फाइबर। केंद्र सरकार न्यू एज फाइबर को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने राज्यों से टेक्सटाइल का रोडमैप बनाकर गतिविधियां संचालित करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य टेक्निकल फाइबर को उतनी ही महत्ता दें, जितनी मशीन मेड फाइबर को दी जाती है। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के आधार पर देश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इको सिस्टम तैयार करने के लिए देश को पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की गति बढ़ चुकी है। पीएम मित्र पार्कों में 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जिससे यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वस्त्र उद्योग के गारमेंट सेक्टर में 1 करोड़ निवेश किया जाए तो औसतन 40 से 60 लोगों को रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में लगाई जाने वाली इंडस्ट्रिलय स्टीचिंग मशीन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और टेक्सटाइल सेक्टर में देशभर में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। सम्मेलन को केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री पवित्रा मार्गरेटा, वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव तथा वस्त्र मंत्रालय के अपर सचिव रोहित कंसल ने भी संबोधित किया। वस्‍त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के टेक्सटाइल और उद्योग मंत्री तथा अधिकारीगण शामिल हुए। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत का वस्त्र उद्योग विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में भारत की वस्त्र उद्योग की शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। सम्मेलन में … Read more

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, श्रीमती सारिका घारू ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए किया आह्वान

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए तैयार रहें : श्रीमती सारिका घारू दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर विद्यार्थियों से पूर्व-परीक्षा लाइव संवाद भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम से पूर्व दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक श्रीमती सारिका घारू ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से लाइव संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को परीक्षा तनाव से मुक्त रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और तकनीक के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा को बोझ न मानकर अपने ज्ञान और क्षमता को परखने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं और पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ में भाग लें। परीक्षा से पहले मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर फोकस रखने की बात पर जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी आज के समय में एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसका सही उपयोग आवश्यक है। तकनीक को परीक्षा की तैयारी और सीखने के लिए एक टूल बनाएं, न कि ध्यान भटकाने का माध्यम। श्रीमती सारिका घारू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी से इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी कर प्रधानमंत्री के अनुभवों से सीख लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने का संदेश दिया गया। यह लाइव टेलिकास्ट स्कूल शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश की अनुशंसा पर आयोजित किया गया, जिसमें श्रीमती सारिका को विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम का संचालन कृतिका चौबे ने किया, जबकि निर्देशन दूरदर्शन के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी श्री महेंद्र परिहार के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर से जुड़े छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका समाधान सारिका ने सहज और प्रेरक तरीके से किया।  

मंत्री गौर ने बंशकार समाज को भवन के लिए 25 लाख की राशि दी, महर्षि गुरु गोकुलदास जी महाराज का जन्म उत्सव मनाया

भोपाल  मंत्री कृष्णा गौर ने दिए बंशकार समाज को भवन के लिए 25 लाख :सर्वोदय बसोर वंशकार समाज उत्थान समिति के तत्वाधान में अन्य त्यागी महर्षि गुरु गोकुलदास जी महाराज के 119 व जन्म उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया गया एव समाज की प्रतिभाओं सम्मान  भी किया गया 6 जनवरी 2026 को साकेत नगर सामुदायिक भवन एम्स के गेट नंबर 2 के सामने भोपाल में  आयोजित कार्यक्रम मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री दीदी श्रीमती कृष्णा गौर जी ने  गुरु जी के चरणों में नमन करते हुए सभी समाज बंधुओ को बधाई शुभकामनाएं दी वहीं प्रतिभाओ को मंत्री  द्वारा सम्मानित किया गया वहीं माननीय मंत्री कृष्णा गौर  ने अपने उद्बोधन में सभी समाज बंधुओ को गुरु जयंती की बधाई शुभकामनाएं दीऔर उन्होंने कहा की समाज के लिए  मांगलिक भवन बनाने के लिए मैं अपनी निधि से 25 लख रुपए की राशि बसोर  समाज के मांगलिक भवन बनाने के लिए देता हूं. जिसमें बसोर वशकार समाज के बंधुओ ने  मंत्री कृष्णा गौर का बहुत आभार व्यक्त किया एवं उनका स्वागत किया स्वागत करने वालों में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष राम प्रकाश वंशकार जयंती के अध्यक्ष श्री परमलाल कनर्जी जी जयंती के महामंत्री पी सी कनर्जी जी जयंती के कोषाध्यक्षश्री शंकर लाल सिरमौलिया जी वहीं बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने दीदी श्रीमती कृष्णा गौर का सम्मान किया और सभी समाज बंधुओ से समाज के सामुदायिक भवन के हेतु निवेदन किया कि एम्स के गेट नंबर 3 के सामने जो जगह पड़ी है उसे जगह में समाज का मांगलिक भवन हेतु जमीन उपलब्ध कराई जाए इस पर श्रीमती कृष्णा गौर ने अपनी सहमति जताई और समाज को जमीन के साथ 25 लख रुपए भवन निर्माण हेतु अपनी निधि से प्रदान किया जिससे समाज के सभी बंधू  के शादी ब्याह सांस्कृतिक  कार्यक्रमों में काम आएगा मैं सबको अन्य त्यागी गुरु गोकुलदास जी महाराज के जन्म उत्सव की बधाइयां शुभकामनाएं देती  हूं . सर्वोदय बसोर बंशकार समाज उत्थान समिति के संस्थापक अध्यक्ष राम प्रकाश वंशकार के नेतृत्व में जयंती के अध्यक्ष परमलाल कनेर्जी ने मंत्री जी के बंगले पर जाकर धन्यवाद  दिया उनका गुलदस्ता एवं  मोमेंटो भेंट किया की दीदी आप हमारे कार्यक्रम में आने के लिए आभार व्यक्त किया साथ ही समाज के लिए जमीन एवं 25 लाख की राशि देने के लिए आभार व्यक्त किया आभार व्यक्त किया.

भोपाल में विचार, साहित्य और कला का उत्सव, 9-11 जनवरी को होगा भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल

विचार, साहित्य और कला के उत्सव के लिए सजेगा भोपाल भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का 8वां संस्करण 9 से 11 जनवरी तक भोपाल झीलों की नगरी भोपाल एक बार फिर विचार, साहित्य, कला और संस्कृति के सशक्त संवाद का केंद्र बनने जा रही है। भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) 2026 का आठवां संस्करण 9 से 11 जनवरी तक भारत भवन में आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी फेस्टिवल डायरेक्टर राघव चंद्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चंद्रा ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाला यह फेस्टिवल देश और विदेश के प्रतिष्ठित लेखकों, विचारकों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाकर गहन वैचारिक संवाद और सांस्कृतिक सहभागिता को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल भोपाल को एक सशक्त सांस्कृतिक एवं बौद्धिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। फेस्टिवल के दौरान लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तकों का विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला प्रदर्शनियां तथा विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में भारत सहित विभिन्न देशों से आए प्रसिद्ध लेखक, राजनयिक, इतिहासकार, सैन्य अधिकारी, सांसद, कलाकार और शिक्षाविद भाग लेंगे। फेस्टिवल में लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तक विमोचन, कला प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल होंगे। भारत और विदेश से लेखक, इतिहासकार, राजनयिक, सैन्य अधिकारी, कलाकार और शिक्षाविद इसमें सहभागिता करेंगे। समृद्ध बौद्धिक विमर्श का मंच फेस्टिवल के अंतर्गत भारत की सभ्यतागत यात्रा, वैश्विक राजनीति और संघर्ष, भारत-चीन संबंध, संवैधानिक मूल्य, तकनीकी शासन प्रणाली, पर्यावरणीय संकट, जनजातीय इतिहास, महिला नेतृत्व, सिनेमा एवं जन-संस्कृति तथा लोकतंत्र के भविष्य जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। इन सत्रों में प्रमुख वक्ताओं के रूप में विलियम डैलरिम्पल, अश्विन सांघी, नीरा चांधोके, साल्वातोरे बाबोनेस, गौतम मुखोपाध्याय, सैयद अकबरुद्दीन, सुजान चिनॉय, अशोक के. कंथा और प्रोबल दासगुप्ता सहभागिता करेंगे। ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर फेस्टिवल के अंतर्गत भारत भवन द्वारा ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 10 राज्यों से 60 से अधिक आदिवासी कलाकार भाग लेंगे। गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया चित्रकला के साथ बांस, लकड़ी और लोहे के शिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे। इस वर्ष गोंडना और मुरिया जैसी दुर्लभ कला परंपराओं पर विशेष ध्यान रहेगा। युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं की रचनात्मकता और सांस्कृतिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा ‘यंगरंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए कहानी-कथन, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। फेस्टिवल में मंचीय और दृश्य कलाओं को समर्पित अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें दास्तान-ए-गुरु दत्त, काव्यराग—जब कविता संगीत से मिलती है, शाम-ए-कलाम और दास्तान-ए-शंकर शामिल हैं। आधुनिक कला दीर्घा में पद्मश्री दुर्गा बाई व्याम की कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।