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तनिष की जबरदस्त आविष्कार: जैकेट जो खतरे में कॉल करेगी और लाइव लोकेशन भेजेगी

रतलाम  रतलाम-जावरा की एक साधारण-सी दिखने वाली छात्रा ने वो कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स भी सिर्फ सोचते रह जाते हैं. दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली तनिष कुंवर सोलंकी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ऐसा कमाल का आइडिया तैयार किया है, जिसने सीधे राष्ट्रीय स्तर तक दस्तक दे दी है. तनिष का खास जैकेट मॉडल तनिष ने Women Safety Jacket नाम का एक खास जैकेट मॉडल बनाया है. यह कोई आम जैकेट नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर जान बचाने वाला सुरक्षा कवच है. अगर किसी लड़की के साथ किडनैपिंग या किसी अनहोनी की आशंका होती है, तो यह जैकेट अपने आप माता-पिता को Live Location भेजेगा और कॉल भी लगाएगा. यानी खतरे की स्थिति में मदद तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी. इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में मॉडल शामिल इस शानदार मॉडल का चयन इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में हुआ है. प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के 55 जिलों से आए करीब 250 छात्रों ने अपने-अपने मॉडल पेश किए थे, लेकिन तनिष का आइडिया सबसे अलग और असरदार साबित हुआ. अब यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा. तनिष को यह आइडिया यूं ही नहीं आया. वह जब अपने छोटे भाई के साथ जावरा के पास एक गांव गई थी, तभी उसने अपनी आंखों के सामने एक बदमाश को एक बच्चे का अपहरण करने की कोशिश करते देखा. उस घटना ने तनिष के मन को झकझोर दिया. उसे लगा कि अगर आज वह बच्चा हो सकता है, तो कल वह खुद या उसकी कोई परिचित लड़की भी हो सकती है. बस यहीं से उसके दिमाग में महिला सुरक्षा को लेकर कुछ करने का जज़्बा पैदा हुआ. तनिष ने मेहनत और लगन से इस जैकेट का मॉडल तैयार किया. यह मॉडल बताता है कि आज की छात्राएं सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज की समस्याओं को समझकर उनके समाधान भी ढूंढ रही हैं. श्री महावीर जैन नेशनल स्कूल की छात्रा हैं तनिष तनिष जावरा स्थित श्री महावीर जैन नेशनल स्कूल की छात्रा है. उसकी इस सफलता पर स्कूल के शिक्षकों, जिला शिक्षा अधिकारी और परिवार के लोगों ने गर्व और खुशी जताई है. खुद तनिष को भी पूरी उम्मीद है कि उसका यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर भी चयनित होगा और भविष्य में महिलाओं की सुरक्षा में बड़ा बदलाव ला सकेगा.

ग्वालियर व्यापार मेला में वाहन खरीद पर मिल सकती है 50% रोड टैक्स छूट, परिवहन विभाग का प्रस्ताव

ग्वालियर   प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है। सैद्धांतिक सहमति के साथ परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप के अनुमोदन के बाद वित्त विभाग इसका परीक्षण करेगा। इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा सरकार के सूत्रों का मानना है कि इस वर्ष महंगी और कीमती गाड़ियों से रोड टैक्स की पात्रता समाप्त भी की जा सकती है या कम की जा सकती है। इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा। संभावना है कि शीघ्र ही इस निर्णय हो सकता है। कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बारे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी मुख्यमंत्री से वाहन पंजीयन में छूट देने का अनुरोध किया। सांसद ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा इधर ग्वालियर से सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा है। ग्वालियर व्यापार मेले में हर साल राज्य सरकार वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देती है। जिससे 10 लाख रुपये तक के वाहन पर 80 से 90 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों को उम्मीद थी कि मेले के शुभारंभ अवसर 25 दिसंबर को ही रोड टैक्स छूट की घोषणा हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बावजूद कारोबारी और ग्राहक आशान्वित हैं कि जनवरी में सरकार यह राहत देगी, जिससे मेले में वाहनों की बिक्री रफ्तार पकड़ेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्वालियर व्यापार मेले (Gwalior Vyapar Mela) में वाहन खरीदी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट देने का आग्रह कर चुके हैं। ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलने से न केवल ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा, बल्कि मेले में रिकॉर्ड बिक्री भी होगी। हमें पूरा भरोसा है कि जनवरी में सरकार यह घोषणा करेगी।- हरिकांत समाधिया, ऑटोमोबाइल कारोबारी मेले में सुरक्षा को लेकर सख्ती, अधिकारी रोज करेंगे निरीक्षण व्यापार मेले में आने वाले सैलानियों को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माहौल देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम ने निर्देश दिए हैं कि सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिदिन पुलिस और मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मेले का भ्रमण करें, ताकि झूला सेक्टर सहित सभी सेक्टरों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद बनी रहें। यह निर्देश बुधवार शाम मेला प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। प्रभारी कलेक्टर ने मेले में अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए फायर माकड्रिल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें। मेले के फूड सेक्टर में खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित फूड सैंपलिंग कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का ही उपयोग किया जाए। यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम प्रतीक राव, एडीएम सीबी प्रसाद, सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेला प्राधिकरण के सचिव उपस्थित रहे। राजस्व और पुलिस का संयुक्त भ्रमण रोज प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी प्रतिदिन संयुक्त रूप से भ्रमण करें, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मेले में आने वाले सैलानियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पार्किंग में रेट लिस्ट अनिवार्य मेले में स्थापित सभी पार्किंग स्थलों पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। तय दर से अधिक राशि वसूलने की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए, इसके लिए सख्त निगरानी रखने को कहा गया। 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन ग्वालियर में 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला की तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने गृह जिला उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत की और यहां भी वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। इस वर्ष यह मेला 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक लगा था।

2026 में मध्य प्रदेश को मिलेगा बड़ा तोहफा, युवाओं और किसानों के लिए विशेष योजनाएं, परिवहन का विस्तार

भोपाल  नव वर्ष का उत्साह हर तरफ चरम पर है। इस बार साल 2026 विशेष महत्व रखने वाला है। किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए सरकार नई पहल शुरू करेगी। किसान कल्याण को देखते हुए ये वर्ष कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत किसान कल्याण के कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। खेत और गांव को आगे बढ़ने के नए मौके सृजित किए जाएंगे।  वहीं, युवाओं की बात करें तो 40 हजार पदों पर पुलिस की नई भर्तियां होने की संभावना है। इससे प्रदेश की कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली मजबूत होगी। तो चलिए यहां आपको क्रमश: बता रहे हैं क्या-क्या नई सौगातें मिलेंगी।  कृषि वर्ष 2026 को ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ टैगलाइन के साथ मनाया जाएगा कृषि वर्ष को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में एक बैठक में महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस बैठक में सीएम ने कहा था कि वर्ष 2026 को मध्य प्रदेश में कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। किसानों को लाभ पहुंचाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता होगी। कृषि से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। प्रदेश में कृषि में नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। धान की खेती को प्राथमिकता देते हुए, गेहूं, चना, दलहन, तिलहन और हॉर्टीकल्चर के क्षेत्रों में नवाचारों से किसानों को अवगत कराने के लिए उन्हें विभिन्न देशों का भ्रमण भी कराया जाएगा। कृषि वर्ष 2026 को ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ टैगलाइन के साथ मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की आय को दोगुने से अधिक बढ़ाना और कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक-आधारित रोजगार मॉडल में बदलना है। आत्मनिर्भर किसान, उन्नत खेती, बाजार से बेहतर जुड़ाव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य और वानिकी जैसे क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला-आधारित क्लस्टर विकास मॉडल लागू किया जाएगा। इसके तहत प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाएं, प्रसंस्करण और निर्यात उन्मुख कृषि के माध्यम से किसानों की शुद्ध आय बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीण युवाओं के लिए ड्रोन सेवा, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण और हाइड्रोपोनिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। मध्य प्रदेश विधानसभा पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो जाएगी नए साल 2026 की शुरुआत में कई खुशखबरी सामने आ रही हैं। पहली, विधानसभा पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो जाएगी। बजट सत्र में विधायकों को सभी जरूरी दस्तावेज़, प्रश्न-उत्तर और नोट्स टैबलेट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा भी बजट प्रस्तुति टैबलेट के माध्यम से पेश करेंगे। सदन में हर विधायक की टेबल पर स्थायी टैबलेट लगाए जाएंगे, जिससे पूरी कार्यवाही बिना कागज के संचालित होगी। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश की कैबिनेट भी ई-कैबिनेट होगी और बैठक का एजेंडा टैब पर भेजा जाएगा। नए साल में युवाओं को इन भर्तियां मिलेंगे नए अवसर एमपी में पुलिस में चालीस हजार भर्तियां की जाएंगी। एमपी पुलिस बोर्ड के द्वारा ये भर्तियां आयोजित होंगी। लेकिन इसका अभी तक कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं किया गया है। जबकि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सहायक प्रोफेसर भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के अंतर्गत आयोग द्वारा विभिन्न विषयों में कुल 949 पदों पर नियमित नियुक्तियां की जाएंगी। इस भर्ती के लिए इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी, जिसे उम्मीदवार एमपीपीएससी के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरा कर पाएंगे। वहीं, मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने पूरे साल का भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी किया है. साल की शुरुआत में ग्रुप-1, ग्रुप-2 और ग्रुप-5 के तहत स्टाफ नर्स की संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है.युवाओं के लिए यह बेहतर मौका हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर विजिट करें। पुलिस के करीब 22 हजार 500 पदों पर भर्ती होनी है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस को जल्द से जल्द मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए घोषणा करते हुए कहा कि अब प्रदेश में मप्र पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन किया जाएगा। इससे पुलिस भर्तियों में तेजी, पारदर्शिता और परफेक्शन आएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के लिए स्वीकृत पदों की भर्ती मप्र पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल द्वारा की जायेगी। आगामी वर्षों की भर्तियां 'पुलिस भर्ती बोर्ड' द्वारा की जायेंगी। पूर्व में  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि पुलिस, जेल और नगर सेना एवं सुरक्षा तीनों विभागों के शहीदों की विधवाओं और बच्चों के लिए स्नातक स्तर के सभी कोर्सेस में विभिन्न प्राथमिकता श्रेणियों में एक अतिरिक्त सीट पर आरक्षण दिया जाएगा। पुलिस भर्ती पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हमने 7,500 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दी है। पुलिस के करीब 22 हजार 500 पदों पर भर्ती होनी है। इसलिए अब हर साल 7,500-7,500 पदों पर भर्ती कर तीन साल में पुलिस विभाग के सभी रिक्त पद भर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों सहित उप पुलिस अधीक्षक और इससे उच्च अधिकारियों को भी अब छठवें वेतनमान का पद पात्रतानुसार निर्धारित विशेष भत्ता एवं जोखिम भत्ता दिया जाएगा। गृह विभाग से जुड़ी सभी सेवाओं के आधुनिकीकरण एवं भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बहुत जल्द गृह एवं वित्त विभाग की संयुक्त बैठक कर सभी लंबित मसलों का समुचित समाधान निकाला जाएगा। MP: सरकार के 15 लाख कर्मचारियों की बल्लेबले दूसरी बड़ी खुशखबरी कर्मचारियों के लिए है। मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्य सरकार अपने 15 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस हेल्थ कवरेज प्रदान करेगी। इस योजना में सामान्य बीमारी पर 5 लाख रुपये और गंभीर बीमारी या बड़े ऑपरेशन पर 10 लाख रुपये तक इलाज की सुविधा शामिल होगी। योजना स्थायी, अस्थायी, संविदा कर्मचारी, शिक्षक वर्ग, सेवानिवृत्त कर्मचारी, नगर सैनिक, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता समेत कुल लगभग 15 लाख लोगों के लिए लागू होगी। कर्मचारी अपनी मासिक सैलरी या पेंशन से 250 से 1000 रुपये तक का अंशदान देंगे, जो सरकार के हिस्से के साथ मिलकर बीमा प्रीमियम में तब्दील होगा। वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों को इलाज का पूरा खर्च अपने जेब से करना पड़ता है … Read more

दिसंबर में GST संग्रह में 6% की बढ़त, सरकार का खजाना पहुंचा 1.74 लाख करोड़

  नई दिल्ली GST Collection से सरकार का खजाना लगातार बढ़ रहा है. गुरुवार 1 जनवरी 2026 को दिसंबर 2025 महीने में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection In December) का आंकड़ा जारी कर दिया गया है और ये शानदार रहा है. कलेक्शन साल के आखिरी महीने में सालाना आधार बढ़ोतरी के साथ 1.74 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है. इससे पिछले साल दिसंबर 2024 में ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) रेवेन्यू 1.64 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था. GST कलेक्शन में 6.1% की बढ़ोतरी सरकार द्वारा जारी किए गए दिसंबर महीने के जीएसटी कलेक्शन के डेटा पर नजर डालें, तो इसमें सालाना आधार पर 6.1 फीसदी की बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. बड़े टैक्स कट (GST Cut) के बावजूद घरेलू बिक्री से रेवेन्यू में धीमी ग्रोथ के बाद ये आंकड़ा सामने आया है. घरेलू ट्रांज़ैक्शन से ग्रॉस रेवेन्यू 1.2% बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, जबकि दिसंबर के दौरान आयातित सामान से रेवेन्यू 19.7% बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये हो गया. इसके अलावा रिफंड 31% के इजाफे के साथ उछलकर 28,980 करोड़ रुपये हो गया. नेट GST रेवेन्यू (रिफंड एडजस्ट करने के बाद) 1.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जो पिछले साल की तुलना में 2.2% ज्यादा है. बीते साल के आखिरी महीने में सेस कलेक्शन घटकर 4,238 करोड़ रुपये रह गया, जबकि दिसंबर 2024 में यह 12,003 करोड़ रुपये था. GST Cut का कलेक्शन पर असर रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 22 सितंबर 2025 से करीब 375 चीजों पर GST Rate Cut किया गया था, जिससे खासतौर पर रोजमर्रा के 99% सामानों के दाम घट गए थे. इसके साथ ही कंपन्सेशन सेस सिर्फ़ तंबाकू और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स पर लगाया जाता है, जबकि पहले लग्ज़री, सिन प्रोडक्ट्स पर भी लागू था. इसमें कहा गया है कि GST रेट कम होने से रेवेन्यू कलेक्शन पर असर पड़ा है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नई सौगात: छोटे दुकानदारों के लिए अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नये साल में छोटे दुकानदारों को सौगात मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी। श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही प्रदेश में व्यापार को विश्वास के साथ संचालित करने की नीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केवल निरीक्षण और दंड की प्रक्रिया से भिन्न यह नीति व्यापारियों के लिये करगर साबित होगी। श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।  

शिवराज सिंह चौहान ने दी ‘लाड़ला भांजा योजना’ की झलक, भांजों के लिए नई सौगात

रायसेन  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने खास अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। हाल ही में रायसेन के एक कार्यक्रम में उन्होंने बड़ा बयान दिया। शिवराज ने 'लाड़ली बहना योजना' की तरह अब 'लाड़ला भांजा योजना' का इशारा किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना पर वे दोनों सरकारों से बात करेंगे। मंच से किया गया यह वादा अब प्रदेश की राजनीति में गरमागरम चर्चा का विषय बन गया है। इतना ही नहीं, मामा का ये नया दांव अब युवाओं के बीच भी चर्चा का केंद्र बन चुका है। भांजों की मांग पर मामा ने क्या कहा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने मंच से भांजों की एक खास मांग का जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, यहां कई भांजे-भांजियां बैठे हैं। बताया जा रहा है कि लाड़ला भांजा योजना का उद्देश्य युवाओं और बच्चों के भविष्य को मजबूत करना है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सहायता दी जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। लाड़ली बहना योजना के जरिए प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। इसी कड़ी में ‘लाड़ला भांजा योजना’ को सामाजिक संतुलन और परिवार केंद्रित विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। रायसेन में कॉलेज स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए शिवराज ने कही ये बात केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर वादा कर लिया है कि वह लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर लाड़ला भांजा योजना लेकर आएंगे। दरअसल रायसेन में कॉलेज स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए शिवराज ने ये बयान दिया है और इस बयान के बाहर आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कॉलेज स्टूडेंट्स से रूबरू होते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि यहां 'भांजे-भांजियां दोनों बैठे हैं। भांजे कह रहे थे- मामा, लाड़ला भांजा योजना लाओ । इस पर शिवराज ने कहा कि मैं लाड़ला भांजा योजना को लेकर दोनों सरकारों से बात करुंगा।' इस बयान के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। सीएम मोहन यादव की तारीफ  कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी जमकर सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पिछले बयानों का हवाला देते हुए शिवराज ने कहा कि मोहन यादव बहुत तेज गति से काम कर रहे हैं। उन्होंने खुले मन से स्वीकार किया, मुझसे कई गुना ज्यादा ऊर्जा उनमें है। मैं चाहता हूं कि उनकी यह ऊर्जा और बढ़े ताकि वे प्रदेश की बेहतर सेवा करते रहें। शिवराज लाए थे लाड़ली बहना योजना बता दें, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत 2023 में शिवराज सिंह चौहान के समय (जब वे सीएम थे) हुई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत सवा करोड़ महिलाओं के खाते में एक-एक हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। शिवराज ने तब कहा था कि ये राशि तीन हजार तक जाएगी, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और अपनी समस्याओं का हल आसानी से पा सकें। इसी क्रम में, अब मोहन सरकार ने इस राशि को पहले एक हजार से बढ़ाकर 1250 किया, और अब ये 1500 रुपए कर दी गई है। महिलाओं के लिए ऐसी योजना शुरू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य था, हालांकि अब कई और राज्यों में भी महिलाओं के लिए इस तरह की योजनाएं शुरू हो चुकी हैं।

महाकाल मंदिर दर्शन पर विवाद: नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा, मौलाना ने कहा माफी मांगें

उज्जैन  बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा बीते मंगलवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं. वह बाबा महाकाल के दर्शन कर भस्म आरती में शामिल हुईं थी. अब नुसरत भरूचा के महाकाल मंदिर पहुंचने पर विवाद खड़ा हो गया है. ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है. उन्होंने कहा कि, ''दूसरे धर्म की परंपराओं का पालन कर इस्लाम के खिलाफ है.'' नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा जारी नुसरत भरूचा के महाकाल मंदिर जाने पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सवाल उठाए हैं. ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन का कहना है कि, ''नुसरत ने मंदिर में जाकर पूजा पाठ किया, भगवान को जल चढ़ाया, दर्शन किए, चादर ओढ़ी, माथे पर तिलक लगाया. यह तमाम चीजें शरीयत की नजर में गुनाह हैं. उन्होंने शरीयत के उसूलों का उल्लंघन किया है. इसलिए वह तौबा करें और कलमा पढ़ें. इस्लाम इन सब चीजों की इजाजत नहीं देता है.'' इस मामले पर भोपाल के मुफ्ती रईस अहमद कसमी ने कहा कि, ''मुसलमान एक अल्लाह को मानता है. किसी के सामने सजदा करना मुसलमान को जायज नहीं है. एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के खिलाफ जो फतवा जारी हुआ है वह सोच समझ कर जारी किया होगा. इस्लाम में इस तरह की कोई जगह नहीं है, जहां मूर्ति पूजा की जाए.'' ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने भरूचा के महाकाल दर्शन करने को इस्लाम के विरुद्ध बताया है। हालांकि उज्जैन के साधु-संतों का कहना है कि भगवान महाकाल सबके हैं और भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी, ऐसे में अगर नुसरत के मन में भोले की भक्ति का भाव आता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। BJP बोली-संविधान ने फ्रीडम दिया है नुसरत भरूचा के खिलाफ जारी फतवे पर बीजेपी प्रवक्ता डॉ. वाणी अहलुवालिया का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा कि, ''संविधान ने हमको फ्रीडम दिया है कि हम कहीं भी आ जा सकते हैं. यह समाज की सोच है, परम परमेश्वर ने एक ही रास्ता बनाया है तो वह रास्ता भी एक ही है, कोई भी कही जा सकता है, यह उसका अपना अधिकार है. इसमें किसी भी तरह के मजहब और जाति के नाम पर फतवा जारी करना ठीक नहीं है.'' यह बोले जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद महाराज जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद महाराज ने कहा कि भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी है। अगर हम 1500 साल पीछे जाएंगे, तो पाएंगे की उस समय तो केवल सनातन वैदिक हिंदू धर्म ही था। इसलिए आज कोई अपने आप को किसी भी धर्म का कहे, लेकिन वह है तो सानातनी। अभिनेत्री नुसरत भरूचा के मन में भी शिव भक्ति का भाव इसीलिए आया है। वैसे भी भगवान महाकाल सबके हैं उनका दर्शन करने किसी भी जाति, धर्म का व्यक्ति आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया गया है। नुसरत भरूचा अगर महाकाल दर्शन करने आती हैं, तो इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई विरोध करता है, तो यह संविधान का अपमान है।  सभी धर्मों का सम्मान करती है कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज का कहना है कि, ''संविधान ने हमको आजादी दी है, हम कहीं भी आ जा सकते हैं. किसी भी धर्म को मान सकते हैं, इसमें कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप करना नहीं चाहती है. रही नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा जारी करने की बात तो यह उनका निजी मामला हो सकता है. जिन मुफ्ती साहब ने यह फतवा जारी किया है उनकी क्या सोच है इससे कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है. हम सभी धर्मों का आदर सम्मान करते हैं.'' नुसरत भरूचा ने किए बाबा महाकाल के दर्शन फिल्म अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने मंगलवार को महाकाल मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए थे. उन्होंने काफी वक्त मंदिर में बिताया था. नंदी हाल में बैठकर हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आई थीं. इस दौरान उन्होंने दर्शन व्यवस्था की काफी तारीफ की थी. नुसरत ने हर साल महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन की इच्छा जताई थी. यह नुसरत भरूचा का महाकाल मंदिर में दूसरा दौरा था. इससे पहले भी वह एक बार मंदिर आ चुकी हैं. 

एम.पी. ट्रांसको की 2025 की उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया ड्रोन पेट्रोलिंग के विस्तार का ऐलान

एम.पी. ट्रांसको ने वर्ष 2025 में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियां : ऊर्जा मंत्री तोमर ड्रोन पेट्रोलिंग का 400 व 132 के.व्ही. लाइनों तक विस्तार भोपाल  वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं। ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एम.व्ही.ए. मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की, जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इस वर्ष 33 नये पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये, जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1036 हो गई है। 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माण इस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट कि.मी. की हो गई है, जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया। पहली बार 19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई। ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। मध्यप्रदेश को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है, प्रदेश में 42857 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णतः डिजीटल हो रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" और किसान कल्याण वर्ष रही थीम वर्ष 2026 की शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का भी हुआ विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार एक जनवरी को मध्यप्रदेश शासन के वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन किया। किसान कल्याण वर्ष 2026 का यह कैलेंडर "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम पर प्रकाशित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुरंगी और आकर्षक रूप से आकल्पित कैलेंडर और उसकी विषय वस्तु की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शासकीय डायरी का मुद्रित स्वरूप, अधिकारी-कर्मचारियों और प्रदेशवासियों के लिए उपयोगी होगा। वर्ष 2026, विक्रम संवत 2082-83 और शक संवत 1947-48 के राज्य शासन के कैलेंडर में 12 महीनों के पृष्ठों में प्रदेश के प्रमुख आयोजनों, उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों को छाया चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 की शासकीय डायरी, शीट कैलेंडर और नोटबुक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री निवास में हुए कैलेंडर विमोचन के अवसर पर आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार तथा नियंत्रक शासकीय मुद्रणालय चंद्रशेखर वालिंबे उपस्थित थे। शासकीय कैलेंडर में माह जनवरी 2026 के पृष्ठ पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा "कताई से सिलाई तक पूरी प्रक्रिया के लिए एकीकृत मेगा टैक्सटाइल पार्क-पी.एम. मित्र पार्क धार" के शिलान्यास अवसर का चित्र प्रदर्शित है। माह फरवरी का पृष्ठ "डेयरी किसानों को मिलती नई उड़ान-दुग्ध कैपिटल बनेगा मध्यप्रदेश" के लक्ष्य को दर्शा रहा है। इस पृष्ठ पर केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में राज्यस्तरीय सहकारी सम्मेलन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राज्य सरकार के मध्य हुए सहकारिता अनुबंध निष्पादन कार्यक्रम का चित्र अंकित है। केन्द्रीय मंत्री शाह को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रभु श्रीराम का विग्रह भेंट किया जा रहा है। माह मार्च में होलिका उत्सव के भाव को जनजातीय परिवेश में परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ साझा करते मुख्यमंत्री डॉ. यादव के चित्र को दर्शाया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनजातीय समाज को सम्मान और पहचान की प्रतिबद्धता का भाव भी व्यक्त किया गया है। माह अप्रैल 2026 का पृष्ठ, "समृद्धि की अविरल धारा- नदी लिंक परियोजना" को दर्शाता है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के मध्य तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए हुए एम.ओ.यू. के आदान-प्रदान का चित्र प्रदर्शित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को मई 2026 के पृष्ठ पर दर्शाया गया है। चित्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनते मध्यप्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषकों को खेती के साथ हार्टिकल्चर-पशुपालन-मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। इसी क्रम में जून 2026 के पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुए राज्य स्तरीय निषाद राज सम्मेलन का चित्र अंकित है, जो राज्य सरकार के मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प को अभिव्यक्त कर रहा है। कैलेंडर के जुलाई 2026 के पृष्ठ पर कृषि में समृद्धि के द्वार खोलते-सिंचाई क्षमता के विस्तार का चित्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1011 करोड़ की लागत से 32 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विस्तार की बहोरीबंद उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ कर रहे हैं। माह अगस्त 2026 का पृष्ठ "सामूहिक जल संरक्षण से सुरक्षित होते कल" के लिए संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान को समर्पित है। इस पृष्ठ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जल संरक्षण कार्यों के भूमिपूजन-लोकार्पण और जनसामान्य को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का दृश्य अंकित है। माह सितम्बर 2026 का पृष्ठ, प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य 'सबको आवास-सबका विकास' को दर्शा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत खुशियों की चाबी के रूप में जिला पंचायत जबलपुर की हितग्राही को घर की चाबी सौंप रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हर दुख-दर्द और समस्या में सहानुभूति और सहयोग के लिए उनके साथ है। माह अक्टूबर 2026 का चित्र "अन्नदाता को सरकार का साथ" के इस भाव को दर्शा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मौसम की मार से खराब हुई फसल से व्यथित किसान को हरसंभव सहयोग का संदेश दे रहे है। माह नवम्बर 2026 का चित्र "देश की तरक्की और समृद्धि में स्वदेशी अभियान की भूमिका" और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिल्पियों व कारीगरों को प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शा रहा है। इसी क्रम में माह दिसम्बर 2026 का पृष्ठ किसानों की उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए संचालित भावांतर योजना पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित करने का चित्र प्रकाशित किया गया है। शासकीय कैलेंडर के अंत में वर्ष 2027 के 12 महीनों का चार्ट भी एक पृष्ठ पर संलग्न है।  

मध्य प्रदेश के IAS अधिकारियों को मोदी सरकार में नई जिम्मेदारी, दो अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

भोपाल   मध्य प्रदेश कैडर के प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जलवा बरकरार है। नए साल की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद जारी इस सूची में मध्य प्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इनका हुआ प्रमोशन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार केरालिन खोंगवार देशमुख (IAS, 1996 बैच) को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद से स्थानांतरित कर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। वहीं, असित गोपाल (IFS, 1990 बैच) को टेक्सटाइल मंत्रालय में पदोन्नति दी गई है। अब वे अतिरिक्त सचिव के बजाय विशेष सचिव और वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे। दिल्ली में एमपी कैडर का दबदबा मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी अपनी कार्यकुशलता के कारण केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर हमेशा प्राथमिकता पाते रहे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड और विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की स्थिति कुछ इस प्रकार है। केंद्र में एमपी से तीन दर्जन अधिकारी वहीं, मध्य प्रदेश कैडर के करीब 35 से 40 आईएएस अधिकारी वर्तमान में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सचिव, अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर पर तैनात हैं। इनमें से कई अधिकारी पीएमओ और नीति आयोग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सक्रिय हैं। आईपीएस अधिकारियों का भी दबदबा एमपी कैडर के लगभग 25 से 30 आईपीएस अधिकारी केंद्रीय एजेंसियों जैसे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), सीबीआई (CBI), बीएसएफ (BSF) और सीआरपीएफ (CRPF) में प्रतिनियुक्ति पर हैं। कई अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) कार्यालय से भी जुड़े रहे हैं। भारतीय वन सेवा के अधिकारी भी वन क्षेत्र में मध्य प्रदेश के समृद्ध अनुभव को देखते हुए केंद्र में 10 से 12 आईएफएस अधिकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ अन्य मंत्रालयों में वित्तीय सलाहकार और सचिव स्तर के पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए चुना जाता है MP विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक क्षमता और मध्य प्रदेश की भौगोलिक-सामाजिक परिस्थितियों के अनुभव के कारण इन अफसरों को केंद्र में नीति निर्धारण और वित्तीय प्रबंधन जैसे संवेदनशील कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है।