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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के सूर्या हॉफ मैराथन-2025 में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में सूर्या हॉफ मैराथन-2025 के तृतीय संस्करण की नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़ कर आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जबलपुर में विद्यमान मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेन्ट जनरल श्री पदम सिंह शेखावत और सूर्या हॉफ मैराथन के आयोजन से जुड़ी सेना की टीम और धावकों से वर्चुअली संवाद किया। लेप्टिनेन्ट जनरल श्री पी.एस. शेखावत ने बताया कि यह मैराथन जबलपुर को भारत के खेल मानचित्र पर उभारने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। समाज के सभी वर्गों, मुख्यत: युवा वर्ग में खेल कूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना, जबलपुर को पर्यटन केन्द्र के रूप में बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी मैराथन का उद्देश्य है। मैराथन से होने वाली आय का एक भाग दृष्टि बाधित केन्द्र के उत्थान को समर्पित किया जाएगा। इस मैराथन को क्रमश: 21, 10, 05 और 03 किलोमीटर श्रेणी में आयोजित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 10 हजार धावकों ने भाग लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर दी बधाई, मीडिया को बताया लोकतंत्र का स्तंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1966 में आज ही के दिन हुई भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रति वर्ष 16 नवम्बर को मनाया जाता है। लोकतंत्र को मजबूत करने, समाज को नई दिशा देने और विकास को गति देने में पत्रकारिता जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। यह दिवस स्वतंत्र और दायित्वपूर्ण प्रेस की भूमिका को समर्पित है।  

हाईवे हादसा: फॉर्च्यूनर ट्रैक्टर में घुसी, पांच लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत

ग्वालियर ग्वालियर-झांसी हाईवे पर सुबह 6.30 बजे भीषण हादसा हो गया। मालवा कॉलेज के ठीक सामने रेत से भरे ट्रैक्टर में एक फॉर्च्यूनर कार जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि फॉर्च्यूनर में सवार पाँच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे में मृत लोगों के नाम क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत, राज पुरोहित, कौशल सिंह भदौरिया, आदित्य उर्फ राम जादौन और अभिमन्यु सिंह तोमर हैं। यह सभी ग्वालियर के ही रहने वाले हैं, छात्र हैं। क्षितिज के पिता उमेश बिल्डर हैं, गाड़ी इसके पिता की ही थी। क्षितिज ही गाड़ी चला रहा था। जानकारी के मुताबिक फॉर्च्यूनर (एमपी 07 सीजी 9006) झांसी की ओर से आ रही थी। मालवा कॉलेज के सामने जैसे ही गाड़ी गुजरी, मोड़ से रेत से भरा ट्रैक्टर निकला। फॉर्च्यूनर तेज रफ्तार में थी, जिससे चालक गाड़ी संभाल नहीं पाया और वाहन ट्रैक्टर ट्रॉली में घुस गया। कार का आधा हिस्सा ट्रॉली के नीचे चला गया और पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। शव ट्रैक्टर ट्रॉली और कार के बीच फंसे हुए थे। कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कटर से गाड़ी काटकर शवों को निकालने का प्रयास शुरू किया गया। पुलिस ने क्या कहा एसएसपी, धर्मवीर सिंह ने कहा कि "झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत मलवा कॉलेज के सामने बड़ा हादसा हुआ है। पाँच लोगों की मौत हुई है। मौके पर फोर्स भेजी है।"

एमपी हाईकोर्ट का कड़ा रुख: युवक को टाइपिंग त्रुटि से हुई जेल, कलेक्टर से दो लाख वसूलने के निर्देश

जबलपुर मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के 26 वर्षीय सुशांत बैस ने कहा कि एक लिपिकीय त्रुटि के कारण मुझे एक साल से ज्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी गलत हिरासत इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण बन गई है कि कैसे एक नौकरशाही का जाल किसी की ज़िंदगी को उलट-पुलट कर सकता है। सुशांत को पिछले साल चार सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था और इस साल नौ सितंबर को हाई कोर्ट द्वारा उनकी रिहाई के आदेश के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। हाई कोर्ट ने ज़िला कलेक्टर को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया और उन्हें सुशांत को दो लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया। लेकिन यह राहत उनके लिए कोई सांत्वना नहीं है। पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थी 26 वर्षीय सुशांत का कहना है कि एक साल तक चली इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। मेरी बेटी अनाया का जन्म 13 मार्च को हुआ था। मैंने उसे पहली बार घर लौटने के बाद ही देखा था। उन्होंने यह याद करते हुए कि कैसे उनकी पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थीं और उनके माता-पिता ने एक ऐसा मुकदमा लड़ने के लिए पैसे उधार लिए थे जिसे वे समझ नहीं पा रहे थे। अनाया ने अपने पहले कदम तब रखे जब मैं जेल में था। कोई व्यवस्था, कोई पैसा मुझे वह समय वापस नहीं दिला सकता। अपनी गिरफ्तारी से बमुश्किल कुछ महीने पहले ही शादी करने वाले सुशांत कहते हैं कि इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। अब, इस गलत तरीके से कैद किए जाने के कारण मेरी नौकरी की संभावना भी खत्म हो गई हैं। कोर्ट ने अपनाया गंभीर रूख सुशांत को जेल में डालने वाला कोई अपराध नहीं था, बल्कि अधिकारियों ने शुरुआत में इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान टाइपिंग की गलती बताकर टाल दिया था। शहडोल के ज़िला कलेक्टर केदार सिंह ने एक एनएसए निरोध आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें वास्तविक अभियुक्त नीरजकांत द्विवेदी के बजाय सुशांत का नाम था। न्यायालय ने युवक को हुई मानसिक प्रताड़ना पर गंभीर रुख़ अपनाया। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राज्य सरकार की भी खिंचाई की और कहा कि वह निरोध आदेश को मंज़ूरी देने से पहले उसकी जांच-पड़ताल करने में विफल रही।

वन्यजीव संरक्षण कदम: कुत्तों का टीकाकरण कर रोका जाएगा CDV संक्रमण

भोपाल मध्य प्रदेश में चीता और बाघ सुरक्षित रहें, इसके लिए श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क और पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र व इसके बाहर बेसहारा श्वानों को टीके लगाए जाएंगे। दरअसल, कूनो में चीतों और पन्ना में बाघों को कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) का संक्रमण होने की आशंका जताई गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने चीतों और बाघों को इस संक्रमण से बचाने के लिए श्वानों के टीकाकरण का निर्णय लिया। पिछले वर्ष भी श्वानों को टीके लगाए गए थे। दरअसल, सीडीवी तेजी से फैलने वाला वायरस है जिससे प्रभावित वन्य प्राणी की मौत भी हो सकती है। यह प्रभावित प्राणी के श्वसन, पाचन और नर्वस सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करता है। पूर्व में श्वानों के खून के नमूनों में सीडीवी और रैबीज के लक्षण मिल चुके हैं। इन श्वानों के वन्य प्राणियों के संपर्क में आने के बाद यह वायरस फैल सकता है। पहले भी मिल चुके बाघ और तेंदुए में सीडीवी के लक्षण वर्ष 2015 में पन्ना में मृत बाघ के शरीर के सैंपल इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आइवीआरआइ) बरेली भेजे गए थे। जांच में बाघ में सीडीवी होने की पुष्टि हुई थी। उस समय भी पार्क प्रबंधन ने बाघों के खून की जांच की थी और 1200 श्वानों का टीकाकरण हुआ था। वर्ष 2024 में छतरपुर में एक बाघ और एक तेंदुए में सीडीवी के लक्षण मिले थे। संजय टाइगर रिजर्व भेजे गए बाघ में भी रैबीज वायरस पाया गया था। सीडीवी संक्रमण न फैले चीता व बाघों में सीडीवी संक्रमण न फैले, इसके लिए यहां श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। – सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र वन यह होता है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस सीडीवी गंभीर वायरल संक्रमण है जो कुत्तों, फेरेट्स, रैकून और लोमड़ी जैसे मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करती है। यह श्वसन, जठरांत्र और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह बीमारी टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती है। यह मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है। सीडीवी सीधे संपर्क से फैलता है, जैसे संक्रमित जानवरों से हवा में निकली बूंदों के माध्यम से। यह संक्रमित स्राव (जैसे नाक से स्राव, मूत्र और मल) या भोजन और पानी के दूषित होने से भी फैल सकता है। इससे दस्त और उल्टी, आंखों और नाक से गाढ़ा पीला स्राव, खांसी, सिर का झुकना या लड़खड़ाना जैसे गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।

MP के रायसेन में सड़क हादसा, कार की टक्कर से ट्रैक्टर ट्राली पलटी, 24 घायल

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज-बेगमगंज मार्ग पर शनिवार रात में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठकर दर्शन के लिए जा रहे तीर्थयात्री घायल हो गए। हादसा इंडियन गैस एजेंसी के समीप उस वक्त हुआ जब मोदकपुर गांव से करीब 40 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर सागर जिले के बंडा क्षेत्र के नोनिया गांव स्थित कुएं के दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने ट्रॉली को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि यात्रियों से भरी ट्रॉली मौके पर पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार 24 यात्री घायल हो गए। इनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। कार में सवार चार लोगों में से तीन मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सवार लोग शराब के नशे में थे। गंभीर रूप से घायल गेंदालाल अहिरवार निवासी सिंगपुर गांव, गैरतगंज तहसील को प्राथमिक उपचार के बाद सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सुल्तानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से 25 घायलों को बेहतर उपचार के लिए सागर रेफर किया गया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कार चोरों का दुस्साहस: ACP ऑफिस के पास से गाड़ी उड़ा कर उपाध्यक्ष को घायल किया

इंदौर अन्नपूर्णा एसीपी(ACP) कार्यालय से मात्र 200 मीटर दूर शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे बदमाशों ने बिल्डर की कार चुरा ली। रहवासी संघ उपाध्यक्ष ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, मगर टक्कर मारकर भाग गए। फिर चौराहा पर भी स्कूटर सवारों को चपेट में लिया और कार लेकर फरार हो गए। चोरों ने दोबारा रिवर्स लेकर रौंदने का प्रयास किया घटना क्रांति कृपलानी नगर की है। रहवासी राजेंद्र सचदेवा के अनुसार बिल्डर कमल परियानी की कार घर के बाहर खड़ी थी। तभी दो बदमाशों ने लाक खोला व कार स्टार्ट कर ली। जीपीएस का नोटिफिकेशन मिलने पर कमल चौंके और पत्नी को सूचना दी। रहवासी संघ उपाध्यक्ष अशोक सचदेवा को भी अलर्ट कर दिया। स्कूटर सवारों को रौंदने का प्रयास वहीं बेखौफ बदमाशों में चाणक्यपुरी चौराहा पर भी एक घटना को अंजाम दिया। राजेंद्र सचदेवा के अनुसार, बदमाश चाणक्यपुरी चौराहा पहुंचे और दो स्कूटर सवारों को टक्कर मार दी। कार में जीपीएस था। आरोपित केसरबाग रोड, चोइथराम सब्जी मंडी से तिलकनगर पहुंच गए। आगे जाकर कार लावारिस छोड़ दी और फरार हो गए। अन्नपूर्णा पुलिस ने अभी केस दर्ज नहीं किया है।

एसआईआर में आपके मन के सभी कन्फ्यूज़न दूर—यहाँ मिलेंगे सरल जवाब

एसआईआर के दौरान मन में उठने वाले सवालों के समझिए आसान जवाब भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में चल रही है मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया भोपाल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। 4 नवंबर से बीएलओ मतदाताओं के घर घर जाकर गणना पत्रक का वितरण कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर मतदाताओं के मन में कई सवालों को लेकर असमंजस की स्थिति भी है। जानिए मतदाताओं के मन में उठने वाले सवालों का आसान जवाब सवाल और उनके जवाब प्रश्न 1- क्या गणना अवधि में गणना पत्रक के साथ कोई दस्तावेज निर्वाचक से लेना है ? उत्तर – गणना अवधि में बीएलओ द्वारा कोई दस्तावेज निर्वाचन से प्राप्त नहीं किया जाएगा। प्रश्न 2 – यदि कोई निर्वाचक अपना फार्म किन्हीं कारणों से प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसको निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए क्या विकल्प हैं? उत्तर-   ऐसे व्यक्ति प्रारूप 6 में घोषणा पत्र के साथ अपना आवेदन नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रश्न 3 अजिन निर्वाचकों का गणना फार्म प्राप्त नहीं होगा उनका नाम प्रारूप निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होगा या नहीं तथा इसकी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी या नहीं? उत्तर  जिन निर्वाचकों का गणना पत्रक प्राप्त नहीं होगा उन्हें एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेड/ रिपीटेड के रूप में बीएलओ द्वारा पड़ोसी से जांच कर चिंहांकित कर सूचीबद्ध किया जाएगा तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाइट पर प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशन के समय ही प्रदर्शित किया जाएगा। बीएलओ यह सूची अनिवार्यत: बनाएंगे तथा बीएलओ एप पर भी इसकी प्रविष्टि करेंगे। प्रश्न 4 क्या घर-घर जाकर गणना के समय कोई भी नए इलेक्टर के रूप में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है? उत्तर – हां कर सकता है उसे प्रारूप 6 के साथ घोषणा फॉर्म भरना होगा। प्रश्न 5 1 अप्रैल 1 जुलाई तथा 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि में अग्रिम आवेदन प्राप्त किया जा सकते हैं ? उत्तर -हां प्रश्न 6 गणना अवधि में बीएलओ के मुख्य कार्य क्या हैं? उत्तर -गणना पत्रकों का वितरण -पूर्व एसआईआर से लिंकिंग का कार्य                     भरे हुए प्रपत्रों के संग्रहण का कार्य                     गणना पत्रक पर पिछले एस आई आर मतदाता सूची से सत्यापन का कार्य                     बीएलओ एप में गणना पत्रक से प्रविष्टि का कार्य                     एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेथ/ रिपीटेड अंकित करने का कार्य                     समस्त भरे हुए गणना पत्रक एआरओ को सौंपने का कार्य। प्रश्न 7 बीएलओ गणना प्रपत्र में कितनी प्रति में प्राप्त करेगा? उत्तर-   बीएलओ गणना प्रपत्र दो प्रतियों में निर्वाचक  को प्रदान करेगा जिसकी एक प्रति प्राप्त करते हुए दूसरी प्रति पर निर्वाचक को पावती देगा अर्थात एक प्रति बीएलओ के पास तथा एक प्रति निर्वाचक के पास रहेगी। प्रश्न 8 यदि किसी निर्वाचक द्वारा ऑनलाइन गणना पत्रक प्रस्तुत किया है तो उसका वेरिफिकेशन कौन करेगा? उत्तर -निर्वाचन द्वारा भरे गए ऑनलाइन गणना पत्रक सीधे बीएलओ ऐप में लिंकिंग सहित प्रदर्शित होते हैं अतः बीएलओ द्वारा घर-घर विजिट के दौरान उसका सत्यापन अंकित किया जाएगा। प्रश्न 9 बीएलओ पूर्व एसआईआर की निर्वाचक नामावली से लिंकिंग के अतिरिक्त भी अन्य दस्तावेजों की घर-घर जांच विजिट के दौरान करेंगे? उत्तर -नहीं केवल पूर्व एस आई आर के निर्वाचक नामावली से जांच कर सत्यापन करना है। प्रश्न 10 -क्या घर-घर गणना विजिट के दौरान कोई नोटिस दिया जाना है? उत्तर -गणना विजिट के  दौरान कोई नोटिस नहीं दिया जाना है। प्रश्न 11-किसी निर्वाचक की मृत्यु हो गयी है तो क्या उसका मृत्यु प्रमाण पत्र परिवार से ले सकते हैं? उत्तर -हां। प्रश्न 12 किसी निर्वाचक का नाम पूर्व की एसआईआर की मतदाता सूची में है अथवा नहीं है तो उसका प्रपत्र में लिंकिंग किस प्रकार अंकित की जाएगी? उत्तर -1 पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण उपलब्ध होने पर तीसरी सारणी के बाएं भाग "एसआईआर  की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण" में चाहा गया विवरण अंकित किया जाएगा इसमें प्रविष्टि वही होगी जो पूर्व एस आई आर की नामावली में अंकित है।  2- यदि निर्वाचक का नाम पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में अंकित नहीं है तथा उसके पिता /माता /दादा/ दादी जो पूर्व एस आई आर की निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो का विवरण पूर्व की एस आई आर की निर्वाचक की नामावली में अंकित किया जाएगा। प्रश्न 13 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तो उसका हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फार्म प्राप्त किया जाना है या अथवा नहीं ? उत्तर -किसी भी निर्वाचन का हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फॉर्म अनिवार्यतः प्राप्त किया जाना है ।संवीक्षा की कार्यवाही प्रारूप प्रकाशन के उपरांत की जाएगी। प्रश्न 14 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तथा फार्म प्राप्त होने पर क्या प्रविष्टि प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी? उत्तर -हां प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी।

किसानों के लिए खुशखबरी: MP के तीन जिलों में घर तक खाद डिलीवरी सेवा शुरू

विदिशा ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अब किसानों को एक और सुविधा मिलने जा रही है। खाद की बुकिंग के दौरान ही किसान अब होम डिलीवरी के लिए भी बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान से न्यूनतम किराया लिया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल डबल लॉक केन्द्र के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांव तक उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत विदिशा के अलावा शाजापुर और जबलपुर इन तीन जिलों में होम डिलीवरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डबल लॉक केन्द्रों के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांवों को चिहिंत किया जा रहा है जहां यह सुविधा शुरू की जानी है। यह सुविधा शुरू होने से छोटे सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनके पास ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन नहीं होते। उन्हें फिलहाल किराये से वाहन करके खाद अपने गांव तक ले लाना पड़ता हैं।   किसानों को मिलेगी महंगे किराए से मुक्ति कई बार वाहन नहीं मिलने से भी उन्हें परेशान होना पड़ता है या वाहन चालक को मनमाफिक किराया देना पड़ता है। वर्तमान में पांच किलोमीटर दूर तक खाद की बोरियां पहुंचाने के लिए ऑटो चालक 500 रुपये तक किराया वसूलते हैं। यदि किसी सीमांत किसान को कम खाद ले जाना है तो उन्हें किराया भाड़ा महंगा पड़ जाता है। योजना लागू होने से इन सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। वहीं उनके समय की भी बचत होगी। योजना सफल रही तो हो सकती है प्रदेश में लागू फिलहाल प्रदेश के तीनों जिलों के एक-एक केन्द्र पर योजना शुरू करने की तैयारी चल रही है। विदिशा मुख्यालय पर रामलीला मैदान के पास स्थित डबल लॉक केन्द्र के आसपास आठ गांव चिन्हित किए गए हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा और योजना सफल रही हो आगे इसे प्रदेश भर में लागू किया जा सकता है। कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक केएस खपेड़िया का कहना है कि हमने फिलहाल एक केन्द्र के अंतर्गत आने वाले आठ गांव चिंहित कर भेज दिए हैं। जल्दी ही योजना शुरू की जा सकती है।

धनकुटाई पर किसान की तरकीब सफल, पुलिस ने धान चोर को किया गिरफ्तार

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गीलारोपा गांव में एक युवक धान की चोरी करते हुए पकड़ाया है। जिसे पुलिस ने 151 की क़ायमी कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि गीलारोपा निवासी श्रीराम पटेल बड़े किसान हैं। उनकी जमीन में करीब एक हजार क्विंटल धान का उत्पादन हुआ है। यह धान किसान के घर के आगे मैदान में फैलाकर सूखने के लिए करीब पंद्रह से रखी है। बीते कुछ दिनों से धान के ढेरियों में से चोरी का संदेह किसान को हो रहा था। ऐसे में किसान ने बीते शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे लगवाए। शाम को टेक्नीशियन कैमरे लगा कर गया। रात में एक युवक आया और धान की ढेरियों में से बोरियां भर कर ले गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई। किसान ने सुबह कैमरे चेक किए तो यह घटना दिखाई दी।   एक ही दिन में किसान का चोरी हुआ डेढ़ दो क्विंटल धान युवक की पहचान प्रीतम पुत्र रामकिशन अहिरवार उम्र 25 वर्ष निवासी गीलारोपा के तौर पर हुई, जिसे किसान और उसके परिजन पकड़ कर पुलिस थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक पर 151 कायम कर मुंगावली एसडीएम कार्यालय भेजा। जहां से युवक को जेल भेज दिया गया है। किसान का कहना है कि शुक्रवार रात को करीब डेढ़ दो क्विंटल धान चोरी हुई है। उन्हें शक है कि युवक लगातार धान चोरी कर रहा था, जिससे और पूछताछ होनी चाहिए।