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जीरो पेंडेंसी माह में बेहतरीन दावा निस्तारण के लिए मप्र को बड़े राज्यों में पहला स्थान

जीरो पेंडेंसी माह में दावा निस्तारण में उत्कृष्ट कार्य पर मध्यप्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में मिला प्रथम पुरस्कार भोपाल में संपन्न हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 2.0 और एबीडीएम 2.0 पर गहन विचार-विमर्श भोपाल  राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा 15 और 16 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और भविष्य की रणनीति निर्धारित करने पर विमर्श किया गया। इस अवसर पर एनएचए के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्णवाल, मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव  अनुराग जैन, एबीडीएम मिशन निदेशक  किरण गोपाल वास्का, संयुक्त सचिव (पीएम-जेएवाई) सु ज्योति यादव, तथा विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। बैठक में एनएचए की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की बेस्ट प्रैक्टिसेज बुकलेट जारी की गई। इस रिपोर्ट में पीएम-जेएवाई और एबीडीएम के अंतर्गत हुई उपलब्धियों, नवाचारों और डिजिटलीकरण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाया गया। एनएचए के सीईओ डॉ. बर्णवाल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य एकीकरण भारत के स्वास्थ्य ढांचे को नई दिशा दे रहा है। आयुष्मान भारत अब तक 45 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर चुका है। पीएम-जेएवाई 2.0 और एबीडीएम 2.0 के माध्यम से राज्यों की सहभागिता इस अभियान को नई गति देगी।बैठक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया गया। ‘जीरो पेंडेंसी माह’ के दौरान दावा निस्तारण में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मध्यप्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ को दूसरा और उत्तराखंड को तीसरा स्थान मिला। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि राज्यों को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, मध्यप्रदेश के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ने न केवल दावा निस्तारण में गति प्राप्त की है, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के सफल एकीकरण में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने एम्स भोपाल का दौरा कर वहां मरीजों की पूर्ण डिजिटल यात्रा — ऑनलाइन पंजीकरण, ई-प्रिस्क्रिप्शन, डिजिटल भुगतान आदि प्रक्रियाओं — का अनुभव किया। साथ ही, ‘सेहत सेतु’ कॉल सेंटर का निरीक्षण कर शिकायत निवारण और हेल्थ कोऑर्डिनेशन प्रणाली की सराहना की।   

डॉक्टर मरीजों से करें सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार, समय का करें पालन : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

चिकित्सक समय का पालन और मरीजों से करें संवेदनशील व्यवहार : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल अस्पतालों में स्वच्छता और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जिला चिकित्सालय सीधी का किया निरीक्षण भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय सीधी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का मुआयना किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर उपचार सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि समाज में चिकित्सकों को भगवान का दर्जा प्राप्त है, इसलिए मरीजों के प्रति उनका व्यवहार भी संवेदनशीलता एवं सेवा भाव से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर एवं स्टाफ समय का पालन करते हुए मरीजों को समर्पित भाव से उपचार प्रदान करें। इमरजेंसी कक्ष में निर्धारित ड्यूटी के अनुसार डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की सतत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीधी जिला चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय एमसीएच विंग प्रारंभ होने से अस्पताल की क्षमता 300 से बढ़कर 400 बिस्तरों तक हो गई है, जिसके लिए पर्याप्त मानव संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि 16 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, वहीं आईपीएचएल लैब का निर्माण फरवरी 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है, जिससे जिलेवासियों को 136 प्रकार की जांचों की सुविधा एक ही स्थान पर प्राप्त होगी। उन्होंने जिले में आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया की जटिलताओं को दूर कर इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि समय पर पंजीयन एवं नियमित जांचें अनिवार्य रूप से की जाएं जिससे हाई रिस्क गर्भवती माताओं की पहचान समय से हो सके। प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को आयोजित जांच शिविरों में महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा समुचित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, साफ-सफाई तथा आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र पूरी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जिला चिकित्सालय में अधोसंरचना और उपकरणों के लिए अन्य मदो से राज्य शासन से प्राप्त राशि के उपयोग की पारदर्शी जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रबंधन में पाई गई कमियों पर आवश्यक सुधार तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए शासन की मंशानुसार उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं आमजन को उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक मती रीती पाठक एवं  देवकुमार सिंह चौहान सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत किए।  

मंत्री टेटवाल ने खरीदे स्थानीय दीये, दिया वोकल फॉर लोकल का सशक्त संदेश

मंत्री  टेटवाल ने स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए दियों को खरीद कर वोकल फॉर लोकल का दिया संदेश हर घर जले स्वदेशी दीप : मंत्री  टेटवाल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर में दीपावली के लिए स्थानीय बाजार से कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्री की खरीदारी की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे दीपावली पर अपने घर में स्वदेशी दीप जलाएं। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि वह स्वदेशी वस्तुओं को अपनाए और स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाए। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि दीपावली हमारे खुशियों का पर्व है और इस अवसर पर स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानीय दुकानदार सिर्फ व्यवसायी नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। वे हर त्यौहार, हर संकट और हर खुशी में हमारे साथ खड़े रहते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि उनकी दीपावली को प्रकाशोत्सव में बदलें और हर घर में स्वदेशी की पहचान कायम करें। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय कारीगर और व्यापारी मजबूती से अपनी कला और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। सारंगपुर जैसे नगरों में यह पहल वोकल फॉर लोकल के संदेश को और प्रभावी बनाएगी। हर घर को आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ने की भावना को मजबूत करेगी।उन्होंने कहा कि स्वदेशी दीयों, सजावटी सामग्री और उपहारों की खरीदी से न केवल स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। उन्होंने सभी से अपील की कि हर घर में स्वदेशी दीप जलाकर आत्मनिर्भर भारत की भावना को जीवंत करें और दीपावली के पर्व को खुशियों और समृद्धि से सजाएं। व्यापारियों ने मंत्री  टेटवाल के इस कदम का स्वागत किया।  

देश में उत्कृष्ट कार्यान्वयन के साथ मप्र बना आदि कर्मयोगी अभियान का अग्रणी राज्य

आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में मप्र का देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश को किया सम्मानित भोपाल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु नेनईदिल्ली के विज्ञान भवन में आदि कर्मयोगी अभियान पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश को सम्मानित किया। प्रदेश के प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने म.प्र. के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण किया। उन्होंने जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश को आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम पांच राज्यों में स्थान मिला है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान जनजाति समुदायों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य जनजाति क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं का प्रभावी अमल सुनिश्चित करना और शासन को और ज्यादा जवाबदेह बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर आधारित है जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा ने मध्य प्रदेश में जनजातीय विकास की स्थिति की पर जानकारी देते हुए कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान में 1 लाख 41 हजार आदि सहयोगी काम कर रहे हैं। इसके साथ एक लाख 92 हजार आदि साथी और 1210 अशासकीय संगठन जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसका लक्ष्य तीन लाख चेंज लीडर्स तैयार करना है जो निचले स्तर पर जनजातीय विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद कर रहे हैं। जनजातीय बंधुओं की मदद के लिए 13,000 आदि सेवा केंद्र बनाए गए हैं। जनजाति क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शाला छोड़ने वाले बच्चों पर निगरानी रखी जा रही है। वर्तमान में माता शबरी आवासीय बालिका शिक्षा कंपलेक्स, हॉस्टल, आदर्श आवासीय स्कूल, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल, आश्रम स्कूल, खेल परिसर मिलाकर 2,913 संस्थाएं संचालित है जिनमें 2 लाख 30 हजार विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है। विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। मलेरिया, टीबी, एनीमिया की रोकथाम के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इस साल जून से लेकर सितंबर तक सिर्फ तीन माह में 81000 से ज्यादा आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। मातृत्व सुरक्षा के लिए भी विशेष पहल की गई। इसके अलावा नौ हजार से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र में टेलीमेडिसिन सेवाओं का संचालन किया गया। स्व-सहायता समूहों का गठन कर उन्हें रोजगार निर्माण एवं आजीविका की गतिविधियों से जोड़ा गया है। उन्हें आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए साख सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100% उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुरी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पीएम जनमन में शिवपुरी को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। आदि कर्मयोगी अभियान में देश स्तरीय उत्कृष्ट जिलों में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को सम्मानित किया गया। प्रदेश की उत्कृष्ट मास्टर ट्रेनर श्रेणी में सहायक शोध अधिकारी श्रीमती सारिका धौलपुरिया सम्मानित की गई। आदि कर्मयोगी अभियान में अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों में बैतूल, धार, पूर्वी निमाड़ और बड़वानी का विशेष उल्लेख किया गया। राज्य स्तरीय सुपर कोच और मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रदेश के उपायुक्त आदिवासी विकास श्री जेपी यादव को भी सम्मानित किया गया। एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों बड़वानी, बैतूल और शिवपुरी को उल्लेखनीय गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया गया। धरती आबा जन भागीदारी अभियान में गुना, बुरहानपुर और विदिशा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी गुना और एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी विदिशा को उत्कृष्टतम प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार गांवों के विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। ग्राम सभा से इनका अनुमोदन कराया गया है। इन गांवों में 13 हजार से ज्यादा आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान, जन धन, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज जारी किए गए है।  

खेलों से मिलता है अनुशासन और जीवन जीने का सलीका : उदय प्रताप सिंह

खेल हमें जीवन को अनुशासित होकर जीने की प्रेरणा देता है : मंत्री उदय प्रताप   सिंह राज्य स्तरीय शालेय व्हॉलीबॉल प्रतियोगिता का समापन भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि खेल हमें अपने जीवन को अनुशासित होकर जीने की प्रेरणा देता है। अनुशासित व्यक्ति ही आगे बढ़कर देश सेवा का काम करता है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल बच्चों से कहा कि खेल के क्षेत्र में भी अच्छी संभावनाएँ हैं। यहाँ पर भी कॅरियर बनाया जा सकता है। मंत्री  सिंह शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 69वीं राज्य स्तरीय शालेय व्हॉलीबॉल क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समापन समारोह में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्यमंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने मन को एकाग्र कर लक्ष्य पर केन्द्रित करें, तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने बच्चों से प्रतियोगिता में खेल भावना के साथ शामिल होने की अपील की। अतिथियों ने विजेता और उप विजेता टीम सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।  

निकाय चुनाव: मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख अब 24 अक्टूबर तक बढ़ी

निकायों की मतदाता सूची के संबंध में अब 24 अक्टूबर तक लिए जाएंगे दावे आपत्ति संशोधित कार्यक्रम जारी 21 नवम्बर को होगा अंतिम प्रकाशन भोपाल  सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। पुनरीक्षण 1 जनवरी 2025 की संदर्भ तारीख के आधार पर किया जा रहा है। फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पहले 13 नवंबर को होना था। अब 21 नवम्बर 2025 को होगा। फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 8 अक्टूबर 2025 को किया जा चुका है। प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में अब 24 अक्टूबर तक दावे आपत्ति लिए जाएंगे। पहले 8 से 17 अक्टूबर तक दावे-आपत्ति लिये जाने थे। दावे-आपत्तियों का निराकरण 4 नवंबर 2025 तक किया जाएगा। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 21 नवम्बर 2025 को किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को जारी कर दिये गये हैं।

शिवपुरी: बिजली कंपनी के कर्मचारियों से मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा डालने पर दो लोगों पर एफआईआर

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शिवपुरी वृत्त के अंतर्गत नरवर में शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले आरोपित के विरूद्ध थाना नरवर में एफ.आई.आर दर्ज कराई गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक प्रबंधक नरवर वितरण केन्द्र  राजकुमार जैन ने बताया कि 15 अक्टूबर को उनके द्वारा कंपनी कार्यालय में शासकीय कार्य किया जा रहा था इस दौरान ग्राम सूड, शिवपुरी निवासी  बंटी रावत और  जवाहर रावत द्वारा कार्यालय में घुसकर अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डाली गई। घटना के विरूद्ध कंपनी द्वारा दोनों आरोपितों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा एवं अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। बिजली कंपनी के मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने तुरन्त एफ.आई. आर. कराने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने कहा है कि प्रायः देखने में आ रहा है कि बिजली कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार किया जा रहा है। चूंकि ऐसी घटनाएं विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल गिराती हैं, इसलिए कंपनी के कार्यक्षेत्र में कार्यरत सभी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार या मारपीट की घटनाओं को पूरी गंभीरता से लिया जाए। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्षितिज सिंघल ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर / पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।  

18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे राजगढ़ एवं सीहोर जिलों के कार्यक्रमों में शिरकत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 18 अक्टूबर को राजगढ़ एवं सीहोर जिले के कार्यक्रमों में होंगे शामिल ब्यावरा में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के खातों में 277 करोड़ की राहत राशि का होगा अंतरण सीहोर के बिलकिसगंज में 118 करोड़ से अधिक की राशि होगी अंतरित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 18 अक्टूबर को राजगढ़ एवं सीहोर जिले के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ब्यावरा में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को 277 करोड़ रूपये की राहत राशि का अंतरण करेंगे एवं 33 करोड़ रूपये की लागत की ब्यावरा में नगर जल प्रदाय योजना का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री 193 करोड़ रूपये लागत के 41 विकास कार्यों का भी भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोर जिले के बिलकिसगंज में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जिले के 02 लाख से अधिक किसानों को फसल क्षति की 118 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम किसानों के खाते में अंतरण करेंगे।  

एमवाय अस्पताल की हालत चिंताजनक, PWD ने बताया – रखरखाव में लापरवाही, अब सिर्फ 25 साल की उम्र बाकी

इंदौर इंदौर का 77 साल पुराना एमवाय अस्पताल अब खुद बीमार और जर्जर होता जा रहा है। यह अस्पताल अंदर और बाहर दोनों ही ओर से कई समस्याओं से घिरा हुआ है। 1948 में महाराजा यशवंतराव होल्कर प्रथम द्वारा स्थापित इस गौरवशाली अस्पताल की हालत अब इतनी खराब हो गई है।  यह खुलासा लोक निर्माण विभाग (PWD) की 300 पेज की रिपोर्ट में हुआ है। यह रिपोर्ट चूहा कांड के बाद सामने आई है, जिसमें हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। फिलहाल इस मामले में सुनवाई चल रही है। डीन और स्टाफ ने कोर्ट में पेश की रिपोर्ट राज्य शासन ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है, जिसमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन और सुपरिटेंडेंट सहित स्टाफ व एग्जाइल कंपनी की लापरवाही की जानकारी दी गई है। डीन ने अपने प्रतिवेदन में 31 अगस्त और 1 सितंबर को अस्पताल में चूहे द्वारा काटे जाने की घटनाओं का विवरण दिया है। डीन की रिपोर्ट में PWD के मेंटेनेंस पर जताई चिंता     नवजात शिशुओं की मौत चूहे के काटने से नहीं, बल्कि जन्मजात विकृतियों (मल्टिपल कॉन्जेनिटल मॉलफॉर्मेशन्स) से हुई।     अस्पताल में कर्मचारियों की भारी कमी है।     PWD द्वारा भवन का रखरखाव बेहद खराब है।     पेस्ट कंट्रोल का अनुबंध HLL Infra Tech Services Ltd (HITES) के साथ समाप्त कर दिया गया है।     नर्सिंग स्टाफ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। हाई कोर्ट ने PWD से मांगी विस्तृत जानकारी हाई कोर्ट ने भवन की जर्जर स्थिति को गंभीरता से लिया और 15 सितंबर को राज्य शासन को निर्देश दिए कि PWD इन बिंदुओं पर रिपोर्ट दे,     एमवाय अस्पताल और एमजीएम कॉलेज की आंतरिक और बाहरी स्थिति     दोनों भवनों की अनुमानित शेष उम्र     ड्रेनेज सिस्टम और बिजली आपूर्ति की स्थिति     मरम्मत और सुधार के लिए अनुमानित लागत     स्टाफ क्वार्टर्स और परिसर के नवीनीकरण का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) PWD ने कोर्ट में पेश की 300 पेज की रिपोर्ट PWD के कार्यपालन यंत्री जे.जे. गौतम ने 7 अक्टूबर को रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। रिपोर्ट में अस्पताल से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का जिक्र किया गया। PWD ने दिए ये सुझाव     पूरे ड्रेनेज सिस्टम को दोबारा डिजाइन किया जाए।     पानी भराव की स्थायी समस्या का हल निकाला जाए।     सभी टॉयलेट्स को फिर से प्लान किया जाए।     कचरे की मात्रा बहुत अधिक है, इसके प्रबंधन के लिए ठोस उपाय हों।     अस्पताल के सभी दरवाजे लकड़ी के हैं, जिनका रंग उतर चुका है।     बाहर बगीचों के ब्लॉक्स उखड़े हुए हैं।     परिसर की सड़कें टूटी हुई हैं और कई जगह गड्ढे हैं।

सिराली में बिजली के तार चोरी, अज्ञात आरोपी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा हरदा वृत्त के अंतर्गत ग्राम बड़झिरी में बिजली के तार चोरी करने वाले अज्ञात आरोपित के विरूद्ध थाना रहटगांव में एफ.आई.आर दर्ज कराई गई है। सहायक प्रबंधक सिराली  योगेश कुमार गौर ने बताया कि सिराली वितरण केन्द्र के ग्राम बड़झिरी में 24 सितंबर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा 11 केवी पटाल्दा फीडर के 4 पोल के विद्युत लाइन से कीमत 53,434 रूपए के तार चोरी कर लिए गए थे। ग्रामीणों द्वारा 30 सितंबर को चोरी की जानकारी मिलने पर कंपनी द्वारा पंचनामा तैयार कर थाना रहटगांव में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई है।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्षितिज सिंघल ने चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। प्रबंध संचालक ने मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों को सजग रहने को कहा है, जिससे चोरी की घटनाएं न हों और बिजली कंपनी को आर्थिक हानि न हो। कंपनी ने मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर / पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।