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नेशन बिल्डर अवॉर्ड समारोह में उप मुख्यमंत्री हुए शामिल, युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। आज हर क्षेत्र में संभावनाएं हैं, अवसर हैं। इन अवसरों का लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि युवा सजग हों और मनोयोग से मेहनत करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का सुनहरा फल युवाओं को मिले, इसके लिए आवश्यक है कि वे नशे से दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मीडिया से आग्रह किया कि नशे के दुष्परिणामों पर जनजागरूकता अभियान चलाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल आनंद मोहन माथुर सभागृह, इंदौर में निजी मीडिया समूह के 12वें नेशन बिल्डर अवॉर्ड 2025 समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य को कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त होना इसका प्रमाण है। सिंचाई के क्षेत्र में भी लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है और प्रदेश विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सुप्रसिद्ध सिने तारिका एवं पूर्व सांसद श्रीमती जया प्रदा, आयोजक श्री वीरेंद्र मिश्रा सहित नागरिक उपस्थित रहे। श्रीमती जया प्रदा ने इंदौर की स्वच्छता की सराहना की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना में की भगवान श्रीकृष्ण के विचारों पर केंद्रित सांस्कृतिक सम्मेलन में सहभागिता

तीन सौ से अधिक सांदीपनि विद्यालयों के जरिए हमारी सरकार दे रही गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र रूपी पौधे की जड़ों को इतनी खूबसूरती से सींचा है कि अब यह विशाल वटवृक्ष बन चुका है। भगवान श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने अपने राजकाज में लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के विचारों को महत्व दिया। हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर ही चल रही है। उनके विचार हमारे लिए अमूल्य पूंजी और हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए मध्यप्रदेश एवं देश में उनकी लीला स्थलों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को पटना (बिहार) में भगवान श्रीकृष्ण के विचारों का जन समरस 'सांस्कृतिक सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर की बिहार इकाई द्वारा आयोजित नियमित समाज सुधार श्रृंखला में भी सहभागिता की और समाज सुधार की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुकुल के महान गौरव हैं। वे योगीराज थे। सभी ललित कलाओं में निपूण थे। उन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में कंस जैसे शक्तिशाली एवं आततायी राजा से युद्ध कर तत्समय लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में हमारी सरकार मध्यप्रदेश के हर नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम पर हम मध्यप्रदेश में 300 से अधिक स्थानों पर सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना कर गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाटलिपुत्र (पटना) और अवन्तिका (उज्जैन) देश के सबसे पुराने नगर हैं। कभी पाटलिपुत्र में सम्राट, तो अन्वतिका (उज्जैन) में युवराज विराजते थे। बौद्ध धर्म के विचारों का प्रवाह बिहार से ही पूरे विश्व में फैला। इस मायने में बिहार ने पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति है। यदि आप विदेश में भारत का नाम लिए बगैर सिर्फ इतना कह दें कि आप राम-कृष्ण-बुद्ध की धरती से आएं हैं, तो भी विदेशी यह समझ जाएंगे कि हम भारतीय हैं। यही हमारी मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि भगवान गोपाल श्रीकृष्ण की इस पावन धरती पर हम अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों और अपने विचारों पर दृढ़ता से आगे बढ़ें, यही हमारा संकल्प होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार राज्य के नागरिकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हमारे प्रदेश में अपना बाल्यकाल बिताया। यहीं सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। श्रीकृष्ण-सुदामा की अजर-अमर दोस्ती की नींव भी यहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में हम परम सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां और उनकी लीलाएं समाई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका समग्र विकास ही लोक कल्याणकारी राज्य का मूल उद्देश्य है। यह शासन का लक्ष्य भी है और कर्तव्य भी। सबके विकास की चिंता कर शासन की सुव्यवस्था (सुशासन) के जरिए हर जरूरतमंद को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए मध्यप्रदेश तेजी से अग्रसर है। हम विरासत से विकास की अवधारणा को हृदय से आत्मसात कर देश के विकास में योगदान के लिए समर्पित हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में बिहार राज्य के विधानसभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव, छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्री श्री हरिलाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामप्रकाश यादव, श्री गजेन्द्र यादव, श्री हंसराज यादव, अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांस्कृतिक सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. अशोक यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाजजन उपस्थित थे।  

18 राज्यों की 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति

वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमें से भोपाल जिले की 295 छात्राएंहुईं लाभान्वित भोपाल अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशनके जिला संस्थान द्वारा वार्षिक कार्यक्रम“सफ़र –शिक्षा से समाज तक” का आयोजन 11 सितंबर 2025 को भोपाल में संयोजित किया गया। । इस आयोजन में संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों कोकार्य प्रदर्शनी के रूप में प्रदर्शित किया गया।कार्यक्रम में भोपाल जिले के सभी विकासखंडों में फ़ाउण्डेशन द्वारा किये जा रहे शिक्षकों के पेशेवर विकास संबधी कार्यों पर विस्ताोर से चर्चाएं हुई। एक बड़ी स्क्रीन पर पिछले वर्ष विभिन्नं क्षेत्रों में किये गए शैक्षिक गतिविधियों/ कार्यों की वीडियो क्लिप के माध्याम से प्रदर्शन किया गया । विगत अकादमिक वर्ष 2024-25 में निपुण शिक्षण कार्यक्रम के तहत प्राथमिक शिक्षकों के साथ कक्षा शिक्षण, डेमो कक्षाओं एवं शैक्षिक संवाद व माध्यमिक शिक्षकों के साथ किए गए विभिन्न कार्यों को उल्लेखित गया। शाला पूर्व शिक्षा के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ किए जा रहे अकादमिक प्रयासों को भी साझा किया गया। युवाओं के साथसंस्थान के कार्य, जिनमें समाज में सृजनात्मक योगदान, संवैधानिक मूल्यों की समझ तथा परिवेश में सकारात्मक बदलाव लाने पर किए जा रहे प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया।इसमें शामिल आमंत्रित पदाधिकारियों ने केवल उपलब्धियों को जानने के साथ खुली चर्चा में यह भी साझा किया कि इन पहलों से जमीनी स्तर पर किस प्रकार बदलाव आ रहे हैं। आमंत्रित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश की 18000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्राप्त हुई, जिसमें भोपाल जिले की 295 छात्राएँ शामिल हैं| योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों से स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहीं छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है| अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: • पात्रता: o    ऐसी छात्राएं,जिन्होंनेसरकारी स्कूलों से कक्षा 10वींऔर 12वीं की पढ़ाई की हो। o    किसी प्रमाणित उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रमाणित’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। • छात्रवृत्ति: o    डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है। o    उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली लड़की को उन 4 वर्षों में 1,20,000 रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी। o    यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओं के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। वह अपनी ज़रूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है। फाउण्‍डेशन का अनुमान है कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी। यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जाएगा। अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति को पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था। इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओंको छात्रवृत्ति दी गई है। छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की राशि रू 30000इन छात्राओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई  है। वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2025से शुरू हो गई है।। अट्ठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा।  

राजीव सिंह बने “स्टेट कनेक्ट सेंटर” के प्रभारी

भोपाल, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी ने संगठनात्मक मजबूती और प्रभावी समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है।  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजीव सिंह को स्टेट कनेक्ट सेंटर का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति का उद्देश्य प्रदेश स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनता के बीच सहज संवाद स्थापित करना तथा संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।  पटवारी ने कहा "कांग्रेस संगठन में हर जिम्मेदारी सेवा और समर्पण का प्रतीक है। हमें विश्वास है कि राजीव सिंह अपनी सक्रियता और अनुभव से कनेक्ट सेंटर को प्रभावी रूप से संचालित करेंगे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनता के बीच संवाद का एक मज़बूत सेतु बनाएंगे।" इस नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया है कि संगठन को मजबूत करने और जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लिए हर स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवजात बछिया का किया नामकरण

मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में हुआ बछिया का जन्म कमला के नाम से जानी जाएगी नवजात बछिया भोपाल  मुख्यमंत्री निवास स्थित गौशाला में हाल ही में गाय ने एक प्यारी सी बछिया को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बछिया का जन्म होने पर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गौसेवा और पशुधन संवर्धन के लिए हमारी सरकार ने अनेक प्रयास प्रारंभ किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को महालक्ष्मी व्रत पूजन के दिन साक्षात् लक्ष्मी के रूप में मुख्यमंत्री निवास में जन्मी नवजात बछिया का स्वागत सत्कार किया। मुख्यमंत्री ने नवजात बछिया का नामकरण भी कर दिया। अब यह बछिया मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'कमला' नाम से जानी जाएगी। 'कमला' पहली ऐसी बछिया है, जिसका जन्म मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में ही हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिदिन की तरह रविवार की सुबह गौशाला पहुंचकर यहां मौजूद सभी गायों को रोटी खिलाई। सभी गायों के साथ 'कमला' को भी तिलक लगाकर निवास में उसका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने 'कमला' को गोद मे लेकर दुलार किया और मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मिष्ठान्न खिलाकर कमला के आगमन पर अपनी आत्मीय खुशी जाहिर की।  

आज झमाझम बारिश के आसार: मध्य प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश और उससे लगे ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश के सिवनी से होकर गुजर रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में रविवार से रुक-रुककर मध्यम स्तर की बारिश का सिलसिला शुरू होने के आसार हैं। विशेषकर भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर एवं इंदौर संभाग के जिलों में झमाझम बारिश हो सकती है। उधर शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक पचमढ़ी में 10, मंडला में पांच, सिवनी में दो, छिंदवाड़ा में एक, नर्मदापुरम में 0.8 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट एवं दक्षिणी ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।   मध्य प्रदेश के 16 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा में आज तेज बारिश हो सकती है। यहां बना हुआ है चक्रवात मानसून द्रोणिका श्री गंगानगर, रोहतक, सिवनी, राजनांदगांव से कम दबाव के क्षेत्र तक बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिमी बिहार और उससे लगे झारखंड पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। एक द्रोणिका कम दबाव के क्षेत्र से लेकर दक्षिणी महाराष्ट्र तक बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होकर जा रही है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से रविवार से प्रदेश में कई जिलों में बारिश को सिलसिला शुरू होने की संभावना है। कम दबाव के क्षेत्र के सोमवार तक छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ने के भी आसार हैं। इस वजह से बारिश का सिलसिला तीन-चार दिनों तक बना रह सकता है।

जिला स्तर पर भाजपा में महिला सशक्तिकरण की झलक, पीएम मोदी के संदेश का असर

भोपाल भाजपा ने जनवरी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के सात माह बाद अब जिला कार्यकारिणी की घोषणा शुरू कर दी है। अब तक घोषित 16 जिलों की कार्यकारिणी में महिलाओं को 25 से 33 प्रतिशत स्थान दिया गया है। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को भी प्रतिनिधित्व मिला है। इस तरह जिला कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'महिला सशक्तीकरण सिद्धांत' की झलक देखने को मिल रही है। प्रत्येक जिला कार्यकारिणी में पांच से सात महिला नेताओं को उपाध्यक्ष से लेकर महामंत्री और मंत्री पद दिया गया है। पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष द्वारा भोपाल ली गई बैठक के बाद से ही जिला कार्यकारिणी की घोषणा शुरू हुई थी। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की भी घोषणा जल्द की जानी है। इनमें भी महिलाओं का 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। बता दें, भाजपा की पिछली जिला कार्यकारिणी में महिलाओं की संख्या इस बार के मुकाबले कम थी।   भाजपा ने सात तो कांग्रेस ने चार महिलाओं को बनाया जिला अध्यक्ष भाजपा ने 62 संगठनात्मक जिलों में से सात जिलों में महिलाओं को अध्यक्ष बनाया है। सागर ग्रामीण में रानी पटेल कुशवाहा, टीकमगढ़ में सरोज राजपूत, शहडोल में अमिता चपरा, सिवनी में मीना बिसेन, नर्मदापुरम में प्रीति शुक्ला, खरगोन में नंदा ब्रह्मने और नीमच में वंदना खंडेलवाल को अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि पिछली बार केवल पांढुर्णा में महिला जिला अध्यक्ष थीं। वहीं कांग्रेस ने 71 संगठनात्मक जिलों में से केवल चार जिलों नरसिंहपुर (सुनीता पटेल), आगर-मालवा (विजयलक्ष्मी तंवर), खंडवा (प्रतिभा रघुवंशी) और सिंगरौली (सरस्वती सिंह मरकाम) में महिलाओं को अध्यक्ष बनाया गया है।  

रतलाम SP को चेतावनी देते हुए CM बोले- ‘अगर नहीं बन पा रहा तो छोड़ दो’

रतलाम अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों को देखने व किसानों से संवाद के लिए 12 सितंबर को रतलाम के सैलाना क्षेत्र में आए सीएम डॉ. मोहन यादव एसपी अमित कुमार पर नाराज हो गए। खेत में किसानों से चर्चा के दौरान सामने आई मीडियाकर्मियों व ग्रामीणों की भीड़ पर सीएम ने एसपी को फटकार लगा दी। दरअसल सीएम करिया रोड पर किसानों से बात करने के लिए उतरे और खेत में गए। यहां मीडिया व ग्रामीणों की भीड़ आने पर सीएम ने सभी को पीछे हटने को कहा और कुछ देर तक सभी को पीछे करने के बाद जब किसानों से चर्चा शुरू की तो फिर से भीड़ जमा हो गई। इस पर सीएम डॉ. यादव ने पूछा कि एसपी कहां है।   एसपी अमित कुमार के आने पर नाराज होकर सीएम बोले कि सब मैं ही कर लूं क्या, छोड़ो फिर सब। इसके बाद एसपी को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। साथ चल रहे जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय किसानों को समझाइश देते रहे कि आपके लिए ही आएं हैं। इधर, रतलाम कलेक्ट्रेट में बैठे किसान, बोले- बगैर सर्वे मुआवजा दो अतिवृष्टि और पीले मौजेक रोग से फसलों के नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। करनी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज मंडी से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम आर्ची हरित को ज्ञापन सौंपा। जीवन सिंह शेरपुर ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पटवारी सही आकलन नहीं कर रहे और केवल 70 प्रतिशत नुकसान का सर्वे किया जा रहा है, जबकि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। सर्वे में समय बर्बाद न कर सीधे खातों में मुआवजा राशि जमा की जाए। किसान नेता संजयराम पाटीदार ने बताया कि ग्रामीणों को नकली दवाईयां बेची गई। जिससे कई किसानों को नुकसान हुआ, लेकिन संबंधित पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शेरपुर ने भी अधिकारियों पर दुकानदारों से सांठगाठ का आरोप लगाया।

सेना के जवान का घर चोरी का शिकार, पुलिस की कार्रवाई से दुखी जवान ने बताया दर्द

मुरैना घर में चोरी करने वाले बदमाशों को पुलिस द्वारा पकड़े नहीं जाने, चोरी गई रायफल व अन्य सामान की बरामदगी नहीं होने से दुखी सेना के एक जवान ने वीडियो जारी कर हड़कंप मचा दिया है। सेना का यह जवान कह रहा है कि मुरैना में ठाकुरों का जातिवाद चल रहा है। छोटी जातियां मारी जा रही हैं, उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। यह जवान मदद मांगते हुए कह रहा है, कि मुरैना जिले में जातिवाद बढ़ा है। इस सैनिक का नाम सत्यनारायण ओझा है, जो वर्तमान में बैंगलुरू में पदस्थ हैं। अंबाह कस्बे के पूठ रोड की गली नंबर एक का निवासी है। जो कह रहा है कि सरकार चोरों का पकड़े या फिर उसे गांव छोड़ने की अनुमति दे। वह अपना घर-जमीन चोर, पुलिस और नेताओं को दे जाएगा।   पढ़िए सैनिक सत्यनारायण ओझा की जुबानी मैं श्रीमान डॉक्टर मोहन यादव से एक प्रार्थना करना चाहता हूं, कि अभी मुरैना जिले में जातिवाद बहुत चल रहा है। मेरे साथ भी यही हुआ है। मेरे घर में 4 मई 2025 को चोरी हुई। चोर मेरी पर्सनल रायफल, लाइसेंस, मोबाइल, सोना और घर में रखी नकदी को ले गए। चोर चोरी करके निकल गए, रात को एक बजे मेरी मां ने मुझे फोन पर बताया, कि घर में चोरी हो गई। मैंने मां से कहा अभी मैं ऑपरेशन सिंदूर की ड्यूटी में हूं। मैं यहां से अभी नहीं आ सकता। पहले देश की सुरक्षा की ड्यूटी जरूरी है, घर की सुरक्षा बाद में भी जा आएगी। मेरे पिता साधू बन गए हैं, कोई भाई नहीं है, तीन बहने हैं उनकी शादी हो चुकी है। रात में पिता मंदिर से आए और माता-पिता रात में ही थाने गए। टीआई ने सुबह, दोपहर और फिर कहा कि शाम को आ जाओ, दूसरे दिन रात आठ बजे चोरी का केस दर्ज हुआ। मेरे घर से दो किलोमीटर दूर एक सीसीटीवी कैमरे में चोर मेरी बंदूक के साथ दिखे। इसके बाद मैंने कई बार फोन किया, टीआई साहब ने उन आरोपितों को कुछ दिन बाद शाम के समय पकड़ा और सुबह छोड़ दिया। मैंने फोन पर पूछा तो पहले मुझसे कहा कि चोर यही है, चिंता मत करो फौजी तुम्हारा सामान मिल जाएगा। चोरों ने तुम्हारा घर बता दिया, कहां से चढ़े, कहां से चोरी की सब बता दिया। टीआई साहब ने बताया कि इसके चार साथी और हैं, उनका पता लगता है। बाद में कहने लगे कि यह चोर नहीं हैं। टीआई अब मेरा फोन तक नहीं उठाते। मेरे घर से चोरों का घर तीन-चार किलोमीटर दूर है। गांव में भी सब कह रहे हैं, कि यही चोर हैं और पुलिस ने ले-देकर इन्हें छोड़ दिया है। पहले मैं जम्मू था अब बैंगलुरू में हूं। टीआई तो सुनते ही नहीं, ऐसा लगता है कि वह खुद की प्रधानमंत्री है, वह नेताओं का आदमी है, जनता का नहीं है। मैं चार बार छुट्टी लेकर गया, दो बार एसपी साहब के सामने गया, एक बार एएसपी साहब से गुहार लगाई, चौथी बार मुझे कोई नहीं मिला, घंटों इंतजार कर वापिस आ गया, पर कहीं सुनवाई नहीं कर रहे। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर-करके परेशान हो गया। सीएम साहब ने सीएम हेल्पलाइन नाम की बनाई है। यहां नेताओं की दबंगई चल रही है। हमारे यहां मुरैना में नेता कौन है? दिमनी विधानसभा में देख लो कौन हैं। तोमर-तोमर की भाईबंदी चल रही है। नींची जात मारी जा रही है, हमारी जैसी। यही चोरी किसी तोमर के घर में होती तो पुलिस शाम तक खुलासा कर देती। सीएम साहब से मेरा अनुरोध है, कि चोरी गया मेरा सामान दिलवाएं या फिर मुझे गांव छोड़ने की अनुमति दे दी। मेरा छोटा सा घर है, थोड़ी सी जमीन है, उसे चोरों को दे दू दूंगा, पुलिस को दे दूंगा और अगर नेताओं को चाहिए तो उन्हें दे दूंगा। मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं यूं ही खाली हाथ चला जाऊंगा। किसी नेता का पीतल का हाथी चोरी हुआ उसको 24 घंटे में ढूंढ लिया। एक नेता का कुत्ता चोरी हुआ उसे पुलिस चोर सहित पकड़ लाई।  

खानाबदोशों में भिड़ंत, दमोह स्टेशन पर चले लाठी और पत्थर

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह रेलवे स्टेशन पर शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात स्टेशन के बाहर रहने वाले खानाबदोश समुदाय के लोगों में विवाद हो गया और इस विवाद के चलते एक दूसरे पर लाठी एवं पत्थरों से हमला किया गया। इस घटना के बाद स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों को जीआरपी द्वारा स्टेशन से बाहर किए जाने की कारर्वाई की गई। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रविवार की दरमियानी रात इन खानाबदोश समुदाय के कुछ पुरुषों ने शराब पीने के बाद आपस में विवाद शुरू कर दिया। विवाद में दोनों पक्षों पर लाठी और पत्थरो का खुलकर इस्तेमाल किया गया, जिससे एक व्यक्ति के सिर में चोट भी आई।   लगभग यह क्रम आध घंटे तक खुलेआम चलता रहा और दोनों पक्ष के लोग एक दूसरे के साथ मारपीट एवं गाली गलौज करते रहे। घटना के समय स्टेशन पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। वहीं दूसरी ओर इस दौरान उपस्थित किसी व्यक्ति द्वारा घटना का वीडियो बनाने के उपरांत उसे वायरल कर दिया। जब तक पुलिस पहुंची वो भाग गए उल्लेखनीय है कि स्टेशन पर जहां जीआरपी पुलिस की चौकी है और वहां पर जवान भी तैनात है। इसके अलावा आर पी एफ का पुलिस थाना भी बना हुआ है जिसमें पूरा स्टाफ रहता है। वहीं दूसरी ओर कोतवाली पुलिस द्वारा भी एक आरक्षक की स्थाई ड्यूटी स्टेशन पर लगाई गई है, लेकिन इसके बाद भी इस प्रकार का घटनाक्रम लगभग आधे घंटे तक खुलेआम चलता रहा। जब तक वहां पुलिस पहुंचती दोनों ही पक्ष के लोग घटनास्थल से फरार हो गए। हालांकि दोनों ही पक्षों में से किसी के द्वारा भी इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।