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हम सब मिलकर बनायेंगे आत्मनिर्भर और विकसित भारत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

घटी जीएसटी, मिला बचत का मीठा उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम सब मिलकर बनायेंगे आत्मनिर्भर और विकसित भारत जीएसटी सुधार विकसित भारत के निर्माण में साबित होंगे मील का पत्थर व्यापारियों से संवाद कर जीएसटी दरों में कटौती से होने वाले लाभों की दी जानकारी स्वदेशी वस्तुएं ही अपनाने की अपील की जीएसटी दरों में कटौती से बाजार में आई रौनक मुख्यमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स प्रचार कार्यक्रम में खरीदी स्वदेशी वस्तुएँ चौक बाजार में बचत उत्सव में व्यापारियों और आमजन से की भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का स्वप्न केवल संकल्प नहीं, बल्कि जल्द ही साकार होने वाला यथार्थ है। इसके लिए देश के हर नागरिक को बराबर का सहयोगी और साथी बनना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी दरों में कटौती कर देशवासियों को बचत का मीठा उपहार दिया है। केंद्र सरकार की बचत संबंधी यह पहल देशवासियों को दीपावली की सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के ऐतिहासिक चौक बाजार में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार कार्यक्रम "बचत उत्सव" के तहत व्यापारियों और आमजन से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवारा क्षेत्र की पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी हाउस तक बाजार में पैदल भ्रमण कर दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीयतापूर्ण चर्चा की। जीएसटी दरों में कटौती होने से महिलाएं सबसे अधिक खुश नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मिष्ठान खिलाकर अपनी खुशी जाहिर भी की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से स्वदेशी वस्त्रों और परिधानों की खरीददारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में खरीददारी करने आए ग्राहकों और आमजनों से भी आत्मीय भेंट की। बाजार में पैदल भ्रमण एवं भेंट के दौरान दुकानदार और आमजन ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों में व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि आज से देशभर में लागू हुई नई जीएसटी कटौती दरें जनता के जीवन में बचत और समृद्धि लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुआ यह कदम देशवासियों के लिए ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की तरह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग तभी प्रशस्त होगा, जब हम अपने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरगामी पहल है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यापारियों के साथ जीएसटी कटौती पर चर्चा की और उन्हें मिठाई खिलाकर जीएसटी बचत उत्सव की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में विजयवर्गीय ज्वेलर्स पहुंचे। यहां प्रतिष्ठान स्वामी ने मिष्ठान खिलाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रमण के दौरान मान्यवर, रिवाज, जानकी साड़ी, धरा ज्वेलर्स, सत्यम फैब्रिक्स ओर दीपाली साड़ी हाउस पहुंचे और सभी दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। उन्होंने दुकान स्वामियों को जीएसटी की नई दरों के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों और ग्राहकों को नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दीं और त्यौहारी सीजन में अपने लिए कुछ कपड़े भी खरीदे, पक्का बिल बनवाया और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सभी को डिजिटल पेमेंट से जुड़ने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से नई जीएसटी दरों का प्रचार-प्रसार करने और जन-जन तक जीएसटी में कटौती का संदेश पहुंचाने के अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों से संवाद चौक बाजार में पैदल भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला में विभिन्न व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से रूबरू होकर आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आने वाले सभी त्यौहरों सहित दीपावली की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से देशवासियों की बचत बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी। बढ़ी हुई क्रय शक्ति से बाजार गुलजार होंगे और अंततः सरकारों को जनकल्याण एवं विकास कार्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस सुधार से व्यापारी और उद्योगपति बंधु भी राहत महसूस करेंगे, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग कर दरों की दुविधाओं से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो चुकी हैं। अब 5 और 18 प्रतिशत के सिर्फ 2 स्लैब हैं। दैनिक जरुरतों की लगभग सभी वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में रखी गई हैं। केवल विलासितापूर्ण वस्तुओं (लग्जरी आईटम्स) को ही 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। नवरात्रि के पहले ही दिन से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो चुका है। हम सभी को स्वदेशी को बढ़ावा देना चाहिए। स्वदेशी अपनाकर ही हम अपने देश को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी घटने से बाजारों की रौनक कई गुना बढ़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी आम जनता के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जीएसटी घटाकर व्यापारियों के साथ ही आम जनता को दीपावली का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी ही देश और प्रदेश के विकास का मूल आधार है। स्वदेशी हमारी आजादी के दौर का कारगर हथियार था। अब इसी स्वदेशी को अपनाकर भारत दुनिया की चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। राज्य सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो, यही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने जीएसटी कटौती से पहले आयकर सुधारों से आम जनता को राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी व्यापारी बंधुओं से 'गर्व से कहो-यह स्वदेशी है' का उद्घोष कराया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज सहित सभी को सोमवार को ही महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन पूजन भी किये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौक … Read more

सामाजिक एकता का संदेश: मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दलित परिवार के घर खाया खाना

रायसेन   रायसेन में जिस दलित परिवार के यहां भोजन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार हुआ था, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने उसी परिवार के घर भोजन कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया.  दरअसल, जिले के पिपरिया पुंआरिया गांव में अनुसूचित जाति (SC) के संतोष परते के घर एक कार्यक्रम में भोजन करने वाले गैर दलितों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था. जब यह बात स्थानीय विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को पता चली, तो वे अगले दिन पिपरिया पुंआरिया पहुंचे और संतोष परते के घर भोजन करने चले गए.  सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नरेंद्र शिवाजी पटेल संतोष के परिवार के साथ बैठकर भोजन करते दिख रहे हैं. मंत्री ने कहा कि वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'एकात्म मानववाद' में विश्वास रखते हैं. ताकि अंतिम छोर पर खड़े शख्स की चिंता हो सके. वहीं, दलित समाज से आने वाले संतोष ने कहा, "हमारे लिए इससे बड़ा गर्व का क्षण क्या हो सकता है कि प्रदेश सरकार के मंत्री हमारे घर भोजन करने आए."

भारी हादसा: इंदौर में बिल्डिंग गिरने से दो की जान गई, चार परिवार थे मकान में

इंदौर सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र के कोष्टी मोहल्ले में सोमवार की रात करीब 10 बजे एक 3 मंजिला इमारत अचानक से धराशाई हो गया. इस घटना में एक युवती सहित 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गये हैं. इनमें से 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के वक्त मकान में कई लोग मौजूद थे. रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी इंदौर नगर निगम और पुलिस की टीम ने घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया है, जहां उनका इलाज जारी है. देर रात भरभराकर गिरी बिल्डिंग कोष्टी मोहल्ले में शब्बू अंसारी का करीब 15 साल पुराना यह 3 मंजिला मकान था. इस बिल्डिंग में 4 परिवार रहते हैं. घटना के समय इनमें से 9 लोग रिश्तेदार के यहां गए हुए थे, जबकि मलबे में 14 लोग दब गए. बताया जा रहा है बारिश के कारण बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं. साथ ही बिल्डिंग के तलघर में पानी भरा रहता था, इसी वजह से ये धंस गई. हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी गई। इमारत 8 से 10 साल पुरानी बताई जाती है। दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें बचाव के काम में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहली प्राथमिकता फंसे लोगों को निकालने की है। जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी बचाव के काम की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी मौके पर जमा भीड़ को दूर कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा भी मौके पर डटे हैं। हादसे के वक्त इमारत में कई लोगों के होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो इमारत के बेसमेंट में पानी भरा था। मौके पर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इमारत का कुछ हिस्सा पड़ोस की बिल्डिंग पर भी गिरा है। बचाव के काम के चलते रानीपुरा क्षेत्र की बिजली काट दी गई है। जर्जर हालत में थी बिल्डिंग जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस और इंदौर नगर निगम की टीम को लगी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू कराया. इस दौरान प्रारंभिक तौर पर घटनाक्रम में घायल हुए 10 लोगों को रात 12 बजे तक निकलकर इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में पहुंचा दिया गया, जबकि 3 लोग मलबे में नीचे तक दबे थे. उन्हें बाहर निकालने के लिए देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला. घायलों का इलाज जारी हादसे पर कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि "घटनाक्रम की जैसे ही जानकारी लगी तुरंत मौके पर पहुंचे. मलबे में दबे कई घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. प्रारंभिक तौर पर किसी की भी मौत की सूचना नहीं मिली थी. मलबे में दबे सभी लोगों को मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे तक बाहर निकाल लिया गया है. बाद में इनमें से 2 लोगों के मौत की सूचना मिली थी." इस पर इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह का कहना है कि " घायलों को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा है." अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय भाजपा विधायक गोलू शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. इस हादसे पर भाजपा विधायक ने चिंता जताई. साथ ही उनका कहना है कि "इस क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमण को हटाने को लेकर कई बार इंदौर नगर निगम को पत्र लिख चुके हैं. अब इतनी दर्दनाक घटना घटित हो चुकी है. इसके चलते क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमणों पर कार्रवाई कल से शुरू कर दी जाएगी."  

मध्य प्रदेश सरकार OBC आरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: सीएम डॉ. मोहन यादव

पिछड़ा वर्ग आरक्षण के संबंध में प्रतिबद्ध मध्य प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता और केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रतिबद्धता के साथ कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस संबंध में विस्तार से विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश भवन में सांसदगण से भी मुलाक़ात की।  हर घर जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट कर मध्यप्रदेश के लिये पेयजल संबंधी योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौधरी को बताया की जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में सभी जिलों में कार्य हो रहा है। प्रदेश सरकार नागरिकों के लिए घर-घर तक जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में क्रियान्वित कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के अधिकारीगण से भी चर्चा की।   

प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान में देश में सर्वाधिक एक करोड़ से अधिक की हुई स्क्रीनिंग

नारी स्वस्थ होगी तो परिवार भी होगा स्वस्थ : राज्यपाल  पटेल प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान में देश में सर्वाधिक एक करोड़ से अधिक की हुई स्क्रीनिंग राज्यपाल ने वितरित किए सिकल सेल जेनेटिक कार्ड भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि नारी स्वस्थ होगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। घर में, माँ स्वस्थ हो तो पूरे परिवार की देखभाल अच्छे से  कर सकती है। राज्यपाल  पटेल राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत सोमवार को मुरार सर्किट हाउस में  आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आयोजन स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के तहत किया हुआ। उन्होंने कार्यक्रम में सिकल सेल जेनेटिक कार्डों का वितरण भी किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहाँ एक करोड़ से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड वितरण कार्य भी प्रदेश में अनुकरणीय तरीके से हुआ है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन अभियान अमृत काल का यह एक महत्वपूर्ण अभियान है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया मुक्त मिशन का वर्ष 2023 में शुभारंभ किया था। देश से वर्ष 2047 तक सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए अभियान के रूप में तेज गति कार्य किये जा रहे हैं  है। वर्तमान में देश के 17 राज्यों के 278 जिलों का चयन कर सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन का कार्य हो रहा है।  प्रदेश के जबलपुर में अनुसंधान प्रबंधन एवं नियंत्रण केन्द्र प्रारंभ किया गया है। राज्यपाल  पटेल ने समारोह में आह्वान किया है कि सिकल सेल एनीमिया की जाँच सभी को कराना चाहिए। खासतौर से महिलाओं को इसकी जाँच अवश्य कराना चाहिए। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के तहत देश भर में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाकर नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया जा रहा है। इस अभियान का लाभ उठाकर सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य की जाँच अवश्य कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सम्पूर्ण देश में लगभग 15 हजार जन औषधि केन्द्र शुरू करायें हैं।  केन्द्रों के माध्यम से लोगों को सस्ती और अच्छी दवायें उपलब्ध हो रही हैं। राज्यपाल ने युवाओं को प्रदान किए हेलमेट राज्यपाल  मंगुभाई पटेल सोमवार को परिवहन विभाग द्वारा मुरार सर्किट हाऊस में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने वाहन चलाते समय सुरक्षा के समुचित प्रबंध करने पर बल दिया। सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए चालक के साथ ही सहयात्री को भी हेलमेट पहनने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना से बचाव का प्रभावी तरीका हेलमेट पहनकर वाहन चलाना है। राज्यपाल ने कार्यक्रम में 10 युवाओं को हेलमेट का वितरण भी किया। समारोह में जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।  

राजाभोज एयरपोर्ट से विंटर सीजन में डायरेक्ट फ्लाइट्स फिर से शुरू, भोपाल से इन शहरों के लिए सुविधा

 भोपाल  राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई यात्रियों के लिए एक बार फिर अच्छी खबर आई है। इंडिगो एयरलाइंस ने भोपाल एयरपोर्ट से गोवा, अहमदाबाद, रायपुर जैसे शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट सुविधा दोबारा शुरू कर दी है। पिछले साल इन शहरों के लिए संचालित उड़ानों को यात्रियों की कमी का हवाला देकर बंद कर दिया गया था। पिछले 12 महीने से लगातार उठ रही डिमांड और हाल ही में किए गए यात्री सर्वे के बाद बेहतर पैसेंजर रिस्पांस के बाद इंडिगो एयरलाइंस ने 26 अक्टूबर से इन तीनों शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट सुविधा दोबारा शुरू करने का ऐलान कर दिया है। भोपाल एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि भोपाल हवाई अड्‌डे ने यात्रियों के लिए अपनी हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत किया है। अहमदाबाद, रायपुर, गोवा रूट पर डायरेक्ट फ्लाइट सेवा शुरू होने के बाद भोपाल एयरपोर्ट से प्रतिदिन उड़ानों की संख्या 36 दर्ज की जाएगी। 26 अक्टूबर से गोवा और अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू की जा रही है। इंडिगो एयरलाइंस गोवा के लिए दोपहर 2:40 पर विमान सेवा संचालित करेगी। गोवा से दोपहर 2:40 पर आने वाली फ्लाइट 3:30 पर दोबारा गोवा के लिए उड़ान भरेगी। राजा भोज एयरपोर्ट से 4 नई उड़ानें शुरू राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से 4 नई उड़ानें शुरू हुई हैं। 15 सितंबर से इंडिगो बेंगलुरु के लिए नई फ्लाइट शुरू की। 16 सितंबर से दिल्ली के लिए नई उड़ान शुरू हई। इसके बाद अहमदाबाद के लिए 21 सितंबर से सुबह और हैदराबाद के लिए 22 अक्टूबर से रात की नई फ्लाइट शुरू हुई। 

रेलवे का बड़ा ऐलान: 25 नवंबर से 8 जनवरी तक MP की 5 ट्रेनें रद्द, 18 के रूट बदले जाएंगे

ग्वालियर  पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को लेकर सैर-सपाटे की योजना बनाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। वीरंगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर वाशेबल एप्रन हटाकर गिट्टी रहित पटरी बिछाने का काम होने के कारण डेढ़ माह तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 25 नवंबर से आठ जनवरी के बीच ग्वालियर होकर चलने वाली पांच जोड़ों ट्रेनों को रेलवे ने रद्द (Cancelled Train in MP) किया है, जबकि कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। ये ट्रेनें रहेंगी रद्द – ट्रेन क्रमांक 11901-11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस 25 नवंबर से लेकर नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 11903-11904 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-इटावा एक्सप्रेस 25 नवंबर से नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 05073-05074 बेंगलुरु सिटी-लालकुआं साप्ताहिक ट्रेन को 29 नवंबर से छह जनवरी तक रद्द किया गया है। – ट्रेन क्रमांक 07363-07364 योगनगरी ऋषिकेश-हुबली साप्ताहिक ट्रेन 27 नवंबबर से पांच जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 06597-06598 योगनगरी ऋषिकेश-यशवंतपुर को 27 नवंबर से एक जनवरी तक रद्द किया गया है। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22456 कालका-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस को 27 नवंबर से चार जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना होकर चलाया जाएगा। – ट्रेन क्रमांक 16318 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी एक्सप्रेस 24 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 20494 चंडीगढ़-मदुरै एक्सप्रेस 28 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16032 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल 25 नवंबर से छह जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16788 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस 27 नवंबर से एक जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 14320 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक तक अपने बदले हुए मार्ग ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12162 आगरा कैंट-एलटीटी लश्कर एक्सप्रेस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22706 जम्मूतवी-तिरुपति 28 नवंबर से दो जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12752 जम्मूतवी-नांदेड़ 30 नवंबर से चार जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर एक्सप्रेस 25 नवंबर से छह जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11078 जम्मूतवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस 24 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09466 दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस एक दिसंबर से पांच जनवरी तक बदले हुए मार्ग कानपुर से इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09465 अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 28 नवंबर से दो जनवरी तक कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11123 ग्वालियर-बरौनी मेल 25 नवंबर से आठ जनवरी तक ग्वालियर से इटावा होते हुए कानपुर तक जाएगी। – ट्रेन क्रमांक 11124 बरौनी-ग्वालियर मेल 24 नवंबर से सात जनवरी तक कानपुर-इटावा होते हुए ग्वालियर आएगी। – ट्रेन क्रमांक 04137 ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-इटावा होते हुए गोविंदपुरी जाएगी। – ट्रेन क्रमांक 04138 बरौनी-ग्वालियर 24 नवंबर से पांच जनवरी तक ग्वालियर-इटावा होते हुए गोविंदपुरी के बीच संचालित होगी। इन ट्रेनों के बदले स्टेशन – ट्रेन क्रमांक 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी 26 नवंबर से नौ जनवरी तक आगरा कैंट से शुरू होगी। – ट्रेन क्रमांक 19666 उदयपुर-खजुराहो इंटरसिटी 24 नवंबर से सात जनवरी तक आगरा कैंट तक संचालित की जाएगी। – ट्रेन क्रमांक 12279-12280 ताज एक्सप्रेस 25 नवंबर से आठ जनवरी तक ग्वालियर से दिल्ली के बीच संचालित की जाएगी। देरी से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22196 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी मंगलवार और बुधवार को 25 नवंबर से एक जनवरी 2026 तक उत्तर मध्य रेलवे पर 90 मिनट विलंब से चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 02200 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी शनिवार को 29 नवंबर से तीन जनवरी 2026 तक उत्तर मध्य रेलवे पर 90 मिनट देरी से जाएगी।

बड़ी सर्जरी: MP सरकार बदलेगी कई अधिकारियों की पोस्टिंग, कलेक्टरों पर विशेष कार्रवाई तय

भोपाल  मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव दशहरे के बाद मातहतों को सुशासन, न्याय और बेहतर कानून व्यवस्था का पाठ पढ़ाएंगे। उससे पहले बड़ी प्रशासनिक सर्जरी तय है। इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों को बदला जा सकता है, जिन्हें उम्मीदों के साथ लाया गया था लेकिन बेहतर परफॉर्मेंस नहीं कर पा रहे। कई कलेक्टरों पर भी गाज गिरनी तय है। ऐसे जिलों की बारी आएगी, जहां के प्रशासनिक मुखिया या तो विवादों में रहे हैं या काम अव्वल दर्जे का नहीं दिखा पाए। नए आइएएस अफसरों व राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में जिला पंचायत सीईओ बनाकर राहत की पोस्टिंग दी जा सकती है। पहली बार कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस असल में मोहन सरकार में पहली बार कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस होनी है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के पूर्व होनी थी, लेकिन तमाम विषयों को देखते हुए नहीं कर सके। अब नवरात्र और दशहरा पर्व नजदीक है, इसलिए कॉन्फ्रेंस को आगे खिसका दिया है। इसमें कलेक्टर, संभागायुक्त, एसपी पुलिस कमिश्नर समेत संभागों के आइजी-डीआइजी शामिल होंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कॉन्फ्रेंस में सीएस अनुराग जैन भी मौजूद रहेंगे। जिन जिलों में जिला पंचायत सीईओ ने नहीं हैं, उनमें कटनी, डिंडौरी, अनूपपुर, ग्वालियर, श्योपुर, छतरपुर, रतलाम, सिंगरौली, मंडला, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, सीधी. शहडोल, सिवनी, बुरहानपुर शामिल है। सूत्रों के मुताबिक सरकार इन जिलों में सीईओ की कमान जल्द नए अफसरों को दे सकती है। हालांकि अभी इन जिलों में सीईओ का प्रभार दूसरे अफसरों को दे रखा है। कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव एजेंडे के साथ बैठेंगे। अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग विषयों पर बातचीत होगी। शुरुआत जिलों की कमान संभाल रहे अफसरों के कामकाज पर आधारित रिपोर्ट से होगी। सूत्रों के मुताबिक संबंधितों को बताया जाएगा कि उन्होंने कहां अच्छा किया और कहां मुसीबत पैदा करने वाले काम किए। इस आधार पर ऐसे अधिकारियों को सीख दी जाएगी।

जबलपुर-रायपुर के बीच सफर होगा आसान, बनेगी 150 KM लंबी फोरलेन सड़क

जबलपुर  जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा। वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है। फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है।  एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जबलपुर से चिल्पी के बीच करीब 150 किमी की सड़क को फोरलेन बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कंसल्टेंसी की तलाश हो रही है। हम जल्द डीपीआर बनाकर केंद्र को भेजेंगे यदि मंजूरी मिली तो एमपीआरडीसी से यह सड़क लेकर एनएचएआई निर्माण कराएंगा।

भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट को मिलेगी विश्व धरोहर की मान्यता? प्राचीन चट्टानों और भूगर्भीय रहस्यों से भरा क्षेत्र

जबलपुर  भेड़ाघाट व लम्हेटाघाट की चट्टानें यूनेस्को के विश्व धरोधर सूची में शामिल होने के करीब पहुंच गई हैं। जिसके बाद नर्मदा तट पर बसे जबलपुर की प्राचीन धरा को अब पूरी दुनिया में पहचान मिलेगी। भूगर्भ शास्त्र के अनुसार दो हजार करोड़ वर्ष पुरानी जबलपुर के नर्मदा तट की चट्टानें सदियों से पृथ्वी की कई संरचनाओं के निर्माण की गवाह रही हैं। कुछ वर्ष पहले यूनेस्को ने भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट (भूगर्भशास्त्र में लमेटा फार्मेशन के नाम से विख्यात) की चट्टानों को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का निर्णय किया और वर्ष 2021 में लम्हेटा यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल हुआ। संगमरमर के पत्थरों को चीरकर निकलती नर्मदा के इस तट को दुनिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सूची में लाने के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (डब्ल्यूआइआइ), जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड समेत राष्ट्रीय स्तर की अन्य एजेंसी कार्य कर रही हैं। विशेषज्ञों के दल ने किया दौरा विशेषज्ञों का एक दल ने भेड़ाघाट, लम्हेटा का दौरा किया और इस बात पर सहमति जताई कि यह स्थल अगले दो वर्ष के अंदर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थायी रूप से नाम दर्ज करवा लेगा। डब्ल्यूआइआइ के विषय विशेषज्ञ भूमेश सिंह भदौरिया ने बताया कि यह साइट प्राकृतिक श्रेणी में भूगर्भ के महत्व के लिहाज से देश की पहली अति प्राचीन धरोहर होगी। इधर, डब्ल्यूआईआई द्वारा तैयार प्रारंभिक मूल्यांकन को यूनेस्को ने स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। आगे यूनेस्को से प्रारंभिक मूल्यांकन की रिपोर्ट आने के बाद नामांकन डोजियर यूनेस्को को सौंपा जाएगा। डोजियर जमा होने के बाद यूनेस्को के इंटरनेशनल यूनियन फार कंजर्वेशन आफ नेचर (आइयूसीएन) का मूल्यांकन दल स्थल का निरीक्षण करेगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा। क्या है भूगर्भीय महत्व भेडाघाट और इसके निकट दो हजार से बाइस सौ करोड़ वर्ष पुरानी चट़टानों से लेकर पंद्रह लाख वर्ष पुरानी चट्टानें मौजूद हैं। इस समयावधि के बीच पृथ्वी में हुई भू वैज्ञानिक गतिविधियों के प्रमाण यहां मौजूद हैं। यहां की इगनिंग बराइट नाम की चटटानें इस बात का प्रमाण हैं कि यहां कभी ज्वालामुखी फटने जैसी घटनाएं भी हुई थीं। यहां नर्मदा नदी का प्रवाह के परिवर्तन प्रमाण में देखने मिलते हैं जिसे नदी अपहरण कहा जाता है। नर्मदा के इस तट को पूरे विश्व में लमेटा फार्मेशन के नाम से जाना जाता है। भूगर्भ शास्त्रियों के लिए यह स्थल बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां विभिन्न समय कालखंड की चट़टानों के साथ-साथ डायनासोर के अंडों के फासिल भी मिले हैं। केंद्र के निर्देश पर चल रही प्रक्रिया केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर शुक्रवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट के स्थलों का निरीक्षण किया। दल में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के विज्ञानी डा. गौतम तालुकदार, विषय विशेषज्ञ भूमेश सिंह भदौरिया, प्रोजेक्ट एसोसिएट दीपिका सायरे एवं स्नेहा पांडे, जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया के डा. सुहेल अहमद, सर्वे आफ इंडिया के जयप्रकाश पाटीदार, कुलदीप सिंह बागरी, हेमंत तथा भेडाघाट नगर परिषद के सीएमओ विक्रम सिंह तथा मध्य प्रदेश टूरिज्म कार्पोरेशन के मार्केटिंग प्रमुख योगेंद्र रिछारिया, जीएम अमित सिंह आदि शामिल थे। 2200 करोड़ साल पुरानी हैं चट्टानें     लम्हेटाघाट में 2200 करोड़ साल पुरानी चट्टानें हैं इन्हें महाकोशल राक कहा जाता है। करोड़ों साल पहले यहां समुद्र था जिसके किनारे नमी में डायनासोर प्रजनन करते थे। अंडे देते थे। करीब 65 करोड़ साल पहले लम्हेटा में ज्वालामुखी फटा जिसका लावा ठंडा होकर लम्हेटाघाट की चट्टानों में बदल गया। प्राकृतिक रूप से यह अदभुत है कि यहां की चट्टानों में खड़े हो तो एक पैर जिस चट्टान पर होगा वह 22 करोड़ साल पुरानी होगी वहीं दूसरा पैर जिस पर रखा होगा वह 65 करोड़ साल पुरानी। ये बेहद दुर्लभ है। देश में प्राकृतिक श्रेणी में भूगर्भीय महत्व वाली यह पहली साइट है। – भूमेश सिंह भदौरिया, विषय विशेषज्ञ, वर्ल्ड हेरिटेज नर्मदा घाटी रहस्य समेटे हुए है     मां नर्मदा पृथ्वी पर सबसे प्राचीन और पवित्र नदियों में से एक हैं। नर्मदा घाटी अपने आप में अनेक रहस्य समेटे हुए है जो मानव सभ्यता के उन अनजान पहलुओं से अवगत कराती है जिसकी खोज में आधुनिक मानव निरंतर प्रयत्नशील है। नर्मदा मैया के तट पर संगमरमर की चट्टानें करोडों वर्ष के भूगर्भीय परिवर्तन की मूक गवाह हैं जो मानव मात्र को अचंभित कर देती है। जबलपुर का लम्हेटा और भेड़ाघाट यूनेस्को की विश्व धरोहरों की स्थायी सूची में अपना गहरा हस्ताक्षर दर्ज कराने की कगार पर है। इस स्थल को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन निरंतर प्रयत्नशील है।- शिव शेखर शुक्ल, पर्यटन सचिव, एमडी मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड