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181 हेल्पलाइन पर त्वरित समाधान की समीक्षा, नथमल डिडेल ने लंबित मामलों पर जताई सख्ती

जयपुर वित्त (कर) विभाग के विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डिडेल ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वित्त विभाग से संबंधित आमजन की शिकायतों के निवारण की स्थिति, पोर्टल की कार्यप्रणाली और दर्ज प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्री डिडेल ने 'राजस्थान संपर्क स्टेट व्यू' डैशबोर्ड के माध्यम से वित्त विभाग से जुड़े लोक सेवा गारंटी और अन्य परिवेदनाओं के आंकड़ों का लाइव अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनभावनाओं के अनुरूप आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। पोर्टल पर उपलब्ध सांख्यिकी की समीक्षा करते हुए विशिष्ट शासन सचिव ने बताया कि वित्त विभाग के अंतर्गत अब तक कुल 1,024 शिकायतें पंजीकृत की गई हैं, जिनमें से 913 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, उन्होंने अधिकारियों को इन लंबित मामलों को तय समय-सीमा में जांच कर क्लोज करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान श्री डिडेल ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर आमजन को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने के लिए पाबंद किया। निरीक्षण के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से त्वरित राहत पाने वाले विभिन्न आवेदकों से वार्ता में बेहद सकारात्मक परिणाम और जनता का संतोष देखने को मिला। पोर्टल पर दर्ज शिकायत के संबंध में बात करने पर दिव्यांग लाभार्थी डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि उन्हें कम्यूटेशन (कम्युटेशन की राशि) और 300 पी.एल. की राशि का भुगतान प्राप्त हो चुका है। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा संचालित इस सुगम व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री महोदय का विशेष आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार, एक अन्य शिकायत के मामले में दीनदयाल जी ने भी पुष्टि की कि उन्हें भी उनकी कम्यूटेशन और 300 पी.एल. की बकाया राशि का भुगतान मिल चुका है, जिसके लिए उन्होंने राज्य सरकार के प्रति सहर्ष धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्रथम अपील के शीघ्र निस्तारण हेतु आवेदन करने वाले आशु जी की परिवेदना का भी संपर्क पोर्टल के माध्यम से त्वरित समाधान किया गया, जिस पर उन्होंने भी इस विशेष सुविधा के लिए मुख्यमंत्री महोदय के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डिडेल ने 'टाइमलाइन पेंडेंसी' का विश्लेषण करते हुए संतोष व्यक्त किया कि 181 से 365 दिनों से अधिक का कोई भी मामला गंभीर रूप से लंबित नहीं है और वर्तमान में अधिकांश लंबित प्रकरण  30 दिनों के भीतर की श्रेणी में हैं। उन्होंने जीएसटी  चोरी से संबंधित शिकायतों के विषय में गंभीरता दिखाते हुए शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि इस संबंध में एक विशेष कमेटी का गठन कर पूरी पारदर्शिता के साथ पूर्ण रूप से जांच करवाई जाएगी। विभिन्न स्तरों L1, L2 व L3 पर मैप्ड अधिकारियों के कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान धरातल पर होना चाहिए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं

Heatwave Alert: 46 डिग्री के पार पहुंचा पारा, राजस्थान में लू का कहर जारी

जयपुर जस्थान में आग उगलती गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन बेहाल कर दिया है. इसी बीच, प्रदेश के स्कूली बच्चों, पैरेंट्स और टीचर्स के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है. अगर आप सोच रहे थे कि 20 जून को छुट्टियां खत्म हो रही हैं और चिलचिलाती धूप में स्कूल जाना पड़ेगा, तो अब टेंशन छोड़ दीजिए. गर्मी के भयंकर प्रकोप को देखते हुए सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों (Summer Vacations) को आगे बढ़ा दिया है. अब 20 नहीं, 28 जून को खुलेंगे स्कूल बीकानेर शिक्षा विभाग से 9 जून 2026 को जारी लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, प्रदेश में अब ग्रीष्मकालीन अवकाश 28 जून तक रहेगा. पहले सरकार ने शिविरा पंचांग (Academic Calendar 2026-27) जारी करते हुए इन छुट्टियों को 17 मई से 20 जून (महज 35 दिन) तक ही सीमित कर दिया था. लेकिन अब छुट्टियां 7 दिन और बढ़ गई हैं, जिससे कुल अवकाश 42 दिनों का हो गया है. इसके साथ ही एक और राहत दी गई है. अब स्कूलों के प्रिंसिपल के पास अपने अधिकार से एक दिन की बजाय दो दिन की छुट्टी मंजूर करने की पावर होगी. पहले क्यों कम कर दी गई थीं छुट्टियां? दरअसल, छुट्टियों में इस कटौती के पीछे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का एक खास प्लान था. शिक्षा संकुल में शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में तय किया गया था कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए पढ़ाई के दिन बढ़ाकर 214 किए जाएंगे. इसका दूसरा सबसे बड़ा कारण 21 जून को होने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस था. सरकार चाहती थी कि 20 जून को छुट्टियां खत्म हों और 21 जून को स्कूल खुलने पर सभी बच्चे और टीचर्स एक साथ मिलकर बिना किसी सिरदर्द के योगाभ्यास कर सकें. लेकिन शिक्षक संघ शुरुआत से ही इस फैसले पर अपना विरोध दर्ज करवा रहे थे. 46 डिग्री के पार पहुंचा पारा सरकार का प्लान अच्छा था, लेकिन राजस्थान के मौसम ने सारा खेल पलट दिया. इस वक्त प्रदेश भट्टी की तरह तप रहा है. जैसलमेर में तापमान सबसे ज्यादा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. बाड़मेर (46.0 डिग्री), कोटा (45.7 डिग्री) और चूरू (45.3 डिग्री) का भी बुरा हाल है. जयपुर मौसम विभाग (IMD) ने अगले 3 से 4 दिनों तक पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की है, जहां पारा 44 से 45 डिग्री तक रह सकता है. हालांकि, आज दोपहर बाद पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी से गर्मी से मामूली राहत मिलने के आसार जरूर हैं.

डीग दौरे पर सीएम ने मंदिरों में की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं को वितरित की प्रसादी

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को गिरिराज धरण (गोवर्धन पर्वत) की लगभग 21 किलोमीटर की परिक्रमा भक्तिभाव के साथ संपन्न की। अपने दो दिवसीय डीग प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने सपत्नीक पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथ जी के दर्शन किए। साथ ही, उन्होंने मुकुट मुखारविंद मंदिर की तलहटी पर दुग्ध एवं जलाभिषेक कर गिरिराज जी की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर खुशहाली व सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने श्रीनाथ जी मंदिर परिसर में उपस्थित संतों, स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसादी वितरित की। उन्होंने इस दौरान श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद कर यात्रा के दौरान मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम को सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की थी जो मंगलवार सुबह लगभग 4 बजे संपन्न हुई। उन्होंने पूंछरी का लौठा में आमजन से मुलाकात की। विकास कार्यों को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री ने भरतपुर व डीग जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक डॉ. शैलेष सिंह व बहादुर सिंह कोली सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।

भारत के प्राचीन गौरव पर राज्यपाल का संबोधन, अफगानिस्तान से म्यांमार तक बताया हिस्सा

जयपुर  राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को लोकभवन में आईआईआईटी धारवाड़, कर्नाटक के विद्यार्थियों ने मुलाकात की। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के अंतर्गत राज्यपाल ने इन विद्यार्थियों का अभिनन्दन करते हुए उनसे संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि भारत की सीमाएं प्राचीन काल में आज से बहुत अधिक विस्तृत थीं। उन्होंने कहा कि आज का अफ़ग़ानिस्तान, गांधार और कंबोज, पाकिस्तान, बांग्लादेश, और म्यांमार भारत के ही विशाल साम्राज्य का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक 19 विश्वविद्यालय भारत में थे। सुदूर देशों से लोग भारत में पढ़ने आते थे। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत के लोगों की बौद्धिक क्षमता बहुत अधिक थी। बप्पा रावल के नाम से ही रावल पिंडी स्थान का नामकरण हुआ। उन्होंने कहा कि भारत संस्कृति और परंपराओं में आरम्भ से ही श्रेष्ठ रहा है। इसे फिर से श्रेष्ठ बनाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें प्राचीन गौरव की अनुभूति कराते युवाओं को सभी क्षेत्र में अग्रणी करने पर जोर है। उन्होंने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र की वीरांगना कालीबाई के बारे में भी कर्नाटक के विद्यार्थियों को विस्तार से बताया और कहा कि स्वाधीनता संग्राम में कालीबाई की महती भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भारत श्रेष्ठ रहा है, इसका इतिहास प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली  बने, इसी उद्देश्य से "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के साथ विकसित भारत का संकल्प संजोया गया है। इससे पहले राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संवाद में राजस्थान के भूगोल, संस्कृति के बारे में बताते हुए सरदार सरोवर से नर्मदा जल को राजस्थान में लाए जाने, राजस्थान के ऐतिहासिक चितौड़गढ़ दुर्ग, विश्व की सबसे बड़ी पक्की  नहर गंग नहर के इतिहास के बारे में रोचक ढंग से जानकारियां दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी भी उपस्थित रहे।

International Yoga Day to be observed in the state on June 21; preparations intensified across all districts.

 जयपुर 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर राज्य में प्रत्येक जिले, ब्लॉक, ग्राम पंचायत सभी निजी एवं राजकीय शिक्षण संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर प्रातः 6 से 8 बजे तक आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन को गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी सफलतम बनाने के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग एवं सहभागिता के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में बैठक ली। जिसमें संबंधित विभागों के सचिवगण और सभी जिला कलेक्टर्स वीसी के माध्यम से उ​पस्थित रहें। बैठक में मुख्य सचिव ने योग दिवस के व्यापक आयोजन एवं योग संगम पोर्टल https://yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam पर अधिक से अधिक पंजीकरण के साथ पूर्ण सहभागिता के संबंध में सभी विभागों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु निर्देश दिये। साथ ही, उक्त आयोजन के लिए 21 जून को सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों व महाविद्यालयों को खोले जाने, सभी चिकित्सा व नर्सिंग महाविद्यालयों में योग का आयोजन करने के साथ ही सभी कारागृहों, पुलिस थानों पर भी आयोजन करने एवं योग संगम पर पंजीकरण कराने व योग के उपरान्त प्रतिभा​गियों की संख्या एवं फोटो अपलोड करने के निर्देश प्रदान किये । मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले में प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं राज्य में यूनेस्को द्वारा निर्धारित वर्ल्ड हेरिटेज साईट्स पर योग दिवस पर आयोजन किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक स्थानीय आमजनों को सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें। उक्त आयोजन के दिन ही NEET की परीक्षा होने से इस परीक्षा को सफल एवं सुरक्षित आयोजित किये जाने के संबंध में एहतियात के साथ आयोजन किये जाने हेतु भी कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया। साथ ही, सभी सहभागी विभागों एवं जिला कलेक्टरों को योग दिवस के आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये जाने एवं समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाने के संबंध में निर्देशित किया गया एवं  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की भावना को ध्यान में रखते हुए व्यापक आयोजन एवं गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी योग दिवस के आयोजन में देश में अग्रणी रहने के संबंध में निर्देशित किया गया।

‘राधे-राधे’ के जयकारों के बीच CM भजनलाल ने पूरी की गिरिराज परिक्रमा

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार रात पत्नी गीता शर्मा के साथ गिरिराज महाराज की सात कोसीय परिक्रमा पूर्ण की. पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर से CM दंपति ने सात दंडवत कर परिक्रमा की शुरुआत की. परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह CM का भव्य स्वागत हुआ. श्रद्धालु 'राधे-राधे' के जयकारों के साथ उनकी एक झलक पाने को परिक्रमा मार्ग के किनारे खड़े रहे. कई श्रद्धालुओं ने मोबाइल में CM की तस्वीरें कैद कीं. राधा कुंड में दीपदान की CM भजनलाल शर्मा ने परिक्रमा के दौरान दानघाटी मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद राधाकुंड पहुंचकर दीपदान किया. खास बात ये रही कि राधाकुंड में CM ने स्थानीय चाय की थड़ी पर रुककर चाय का आनंद भी लिया. श्रद्धालुओं से की बातचीत परिक्रमा के दौरान CM ने दंडवत कर रहे श्रद्धालुओं से रुककर बातचीत की. श्रद्धालुओं का हालचाल जाना और अभिवादन स्वीकार किया. परिक्रमा पूरी करने से पहले वह अपनी पूंछरी स्थित प्याऊ पर 5 मिनट बैठकर व्यवस्थाओं को देखा. CM के आगे-आगे भजन-कीर्तन करती मंडली चल रही थी. पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. 200 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. उत्तर प्रदेश के मथुरा और राजस्थान के डीग जिले के करीब 200 पुलिसकर्मी CM की सुरक्षा में तैनात रहे. CM ने करीब 7 घंटे में सप्त कोशीय परिक्रमा पूर्ण की. परिक्रमा का समापन भी पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर में ही किया गया. CM ने कहा कि गिरिराज महाराज की कृपा से ही परिक्रमा निर्विघ्न पूरी हुई. ब्रज की परंपरा और आस्था को नमन किया देश प्रदेश की खुशहाली की कामना की

सतीश पूनियां और अलका गुर्जर ने दाखिल किया राज्यसभा पर्चा

जयपुर राजस्थान राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राजस्थान इकाई के पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनियां और राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर ने अपना नामांकन भर दिया है. दोनों नेताओं ने विधानसभा परिसर पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा और दीया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा, सांसद घनश्याम तिवारी समेत राजस्थान सरकार के कई मंत्री और दूसरे प्रमुख नेता मौजूद रहे. बीजेपी के दोनों प्रत्याशियों का जोरदार स्वागत सतीश पूनियां और अलका गुर्जर ने दोपहर करीब 12:30 बजे शुभ मुहूर्त में पर्चा दाखिल किया. दोनों प्रत्याशी और बाकी नेता इससे पहले जयपुर में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में इकट्ठे हुए. वहां दोनों प्रत्याशियों का जोरदार स्वागत किया गया. संख्या बल के हिसाब से राजस्थान में बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलेगी. कांग्रेस के नीरज डांगी पहले ही अपना नामांकन कर चुके हैं. अगर आज किसी चौथे उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया तो बीजेपी और कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे. 11 जून को नामांकन पत्रों की जांच के बाद औपचारिक तौर पर तीनों के निर्वाचन का ऐलान कर दिया जाएगा. सीएम भजनलाल शर्मा ने दी बधाई राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सतीश पूनियां और अलका गुर्जर के साथ तस्वीर शेयर कर उन्हें बधाई दी. सीएम भजनलाल शर्मा ने लिखा, "आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में राज्यसभा चुनाव हेतु राजस्थान से भाजपा प्रत्याशी सतीश पूनियां और अलका गुर्जर से नामांकन से पूर्व आत्मीय भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन अजेय कुमार, और केंद्रीय गजेंद्र सिंह शेखावत सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं सम्मानित कार्यकर्ता उपस्थित रहे." मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट – इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति – धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं.  

जयपुर में छापेमारी से हड़कंप, बीज निगम निदेशक के घर और बस से करोड़ों रुपये मिले

जयपुर जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई में राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई के घर से 1 करोड़ 59 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जबकि उनके भांजे स्वतंत्र विश्नोई से बस में तलाशी के दौरान लगभग 85 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है. यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस मंशा के अनुरूप बताई जा रही है, जिसके तहत प्रदेश के किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार यह मामला खाद्य सुरक्षा और किसानों के हितों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है. राज्य सरकार ने हाल के दिनों में खराब और संदिग्ध बीजों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए कई गोदामों पर छापेमारी की, गोदामों को सील किया और ऐसे बीजों की बिक्री पर रोक लगाई. साथ ही संबंधित बीजों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू की गई. गजराज मूंगफली बीज मामले को दबाने के लिए दिए 1 करोड़ 20 लाख इसी क्रम में पिछले दिनों किरण कपाड़िया की कंपनी के गजराज ब्रांड मूंगफली बीज के मामले में भी कार्रवाई की गई थी. आरोप है कि कंपनी के गोदाम को सील किए जाने और बीजों की बिक्री पर रोक लगने के बाद बीजों को वापस गुजरात ले जाने और पूरे मामले को दबाने की व्यवस्था के लिए लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये जुगल किशोर विश्नोई द्वारा प्राप्त किए गए, जबकि करीब 60 लाख रुपये गणपत नामक व्यक्ति द्वारा लिए गए. मामले की जांच जारी है और एसीबी पूरे प्रकरण से जुड़े वित्तीय लेन-देन तथा अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है. एसीबी को सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि आज सुबह जुगल किशोर द्वारा अपने भांजे स्वतंत्र बिश्नोई के माध्यम से इस राशि में से 90 लाख रुपए गंगानगर भिजवा रहा है. जिस पर एसीबी टीम द्वारा संबंधित बस को लूणकरणसर में रुकवा कर तलाशी लेने पर 85 लाख रुपए राशि स्वतंत्र बिश्नोई से बरामद कर गिरफ्तार किया गया है. राजस्थान राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों ने किया नामांकन, शुभ मुहूर्त में दाखिल किया पर्चा जुगल किशोर विश्नोई के घर एवं बस से 2 करोड़ 44 लाख रुपए प्राप्त भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राजस्थान द्वारा किसानों को वितरित किए जाने वाले बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और बीज वितरण व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के संबंध में कार्रवाई करते हुए जुगल किशोर बिश्नोई, प्रोपराइटर  किरण कापड़िया, गजराज ब्राण्ड (मूंगफली बीज), गणपत बिश्नोई, सुनील सेतीया और सतपाल, को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है. वहीं स्वतंत्र बिश्नोई को लूणकरणसर में नकद राशि सहित गिरफ्तार किया गया है. एसीबी की टीम के द्वारा कार्रवाई करते हुए जुगल किशोर विश्नोई के घर एवं बस कि सर्च के दौरान कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपए कि राशि अभी तक प्राप्त हुई है. जांच में गजराज ब्रांड के बीजों की बिक्री पर लगा दी गई थी रोक प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया है कि 27 मई 2026 को किरण कापड़िया के मूंगफली बीज गोदाम पर की गई कार्रवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा बीजों के नमूने एकत्रित किए गए थे और गजराज ब्रांड के बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आए हैं कि उक्त कार्रवाई को प्रभावित करने, पूरे प्रकरण को दबाने और गोदाम में रखे कथित नकली बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति दिलाने और इसमें सहायता करने के एवज में बड़ी मात्रा में रिश्वत राशि का लेन-देन किया गया. प्रयोगशाला में सैंपलों को पास कराने के लिए रिश्वत का इस्तेमाल अनुसंधान में यह भी जानकारी मिली है कि संबंधित कंपनी के व्यक्तियों ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को निष्प्रभावी करने के लिए विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों से संपर्क किया और अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया. आरोप है कि प्रयोगशाला में भेजे गए सैंपलों को पास करवाने, बीजों की बिक्री दोबारा शुरू करवाने और अन्य प्रशासनिक राहत हासिल करने के लिए प्रभाव और धनबल का उपयोग करने की कोशिश की गई. मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है.

‘स्कूल–शाला संवाद’ से पढ़ाई आसान, वीडियो लेक्चर और ई-कॉन्टेंट एक ही जगह उपलब्ध

 जयपुर डिजिटल युग में शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा विकसित शाला दर्पण पोर्टल विद्यार्थियों के लिए एक समग्र शैक्षणिक मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। विशेष रूप से पोर्टल का 'स्कूल – शाला संवाद' सेक्शन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का भंडार साबित हो रहा है, जहां कक्षा 1 से 12 तक के लिए विविध और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसमें विद्यार्थियों को न केवल अध्ययन सामग्री का भंडार मिलता है, साथ ही विषयवार वीडियो लेक्चर, एनसीईआरटी और आरबीएसई पाठ्यक्रम आधारित ई-कॉन्टेंट, विस्तृत प्रश्न बैंक, दूरदर्शन द्वारा प्रसारित शैक्षणिक कार्यक्रमों की सामग्री और ई-पत्रिकाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यह सामग्री विद्यार्थियों को कठिन विषयों को सरल तरीके से समझने में मदद करती है और परीक्षा की तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाती है। छात्र लॉगिन करके इस पठन एवं डिजिटल सामग्री को प्राप्त कर सकते हैं। शाला दर्पण पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल पाठ्य सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होती है  इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है 'टॉक टू टीचर' इसके अलावा, 'टॉक टू टीचर' सुविधा विद्यार्थियों के लिए एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है। इस सुविधा के माध्यम से छात्र-छात्राएं सीधे अपने शिक्षकों से जुड़ सकते हैं और पढ़ाई से संबंधित समस्याओं, शंकाओं या कठिनाइयों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है, जो किसी कारणवश कक्षा में अपनी शंकाएं स्पष्ट नहीं कर पाते। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए शाला दर्पण पोर्टल किसी वरदान से कम नहीं है। इंटरनेट के माध्यम से उन्हें शहरों के समान गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिल रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर पोर्टल को अपडेट किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को नवीनतम और प्रासंगिक सामग्री मिलती रहे। साथ ही, शिक्षकों को भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल शिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक आधुनिक और प्रभावी बन सके। शाला दर्पण पोर्टल न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है। यह पारदर्शिता, संवाद और गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। राजस्थान शिक्षा विभाग का यह नवाचार शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

भीषण गर्मी में राहत, पीएचईडी के विशेष अभियानों से जलापूर्ति सुधरी

जयपुर  भीषण गर्मी के बीच प्रदेशवासियों को स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व एवं दूरदर्शी निर्देशों का सकारात्मक असर पूरे राजस्थान में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने पेयजल व्यवस्थाओं को नई मजबूती प्रदान की है तथा हजारों परिवारों को राहत पहुंचाई है। सात विशेष अभियानों में 19 हजार से अधिक कार्य, पेयजल व्यवस्थाओं में ऐतिहासिक सुधार 5 अप्रैल से 6 जून तक आयोजित सात विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में कुल 19,072 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इनमें 3,766 हैंडपंपों की मरम्मत, 2,236 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,219 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान, 1,390 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण, 290 कम अवधि की जलापूर्ति, 688 कम सप्लाई, 181 प्रदूषित जल तथा 29 समय-सारणी संबंधी शिकायतों का समाधान शामिल है। इसके अतिरिक्त 7,466 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया। एक दिन में 3 हजार से अधिक कार्य, विशेष टीमों ने दिखाई तत्परता शनिवार को आयोजित सातवें विशेष अभियान के दौरान विभागीय विशेष टीमों ने जिलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। अभियान के तहत 689 खराब हैंडपंप पुनः चालू किए गए, 592 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 241 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 246 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अलावा 60 कम अवधि की जलापूर्ति, 144 कम सप्लाई और 60 प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 3,077 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। अवैध जल कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई, जल संरक्षण को मिला नया बल जल संसाधनों के संरक्षण एवं प्रभावी प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की। सातवें अभियान के दौरान 426 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे, सरस डेयरी बूथ एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे अवैध कनेक्शन शामिल थे। गौरतलब है कि सात अभियानों के दौरान अब तक कुल 1,827 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं, जिससे जल की बर्बादी पर प्रभावी अंकुश लगा है और आमजन के लिए उपलब्ध पेयजल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मिली नई मजबूती हैंडपंपों एवं पाइपलाइनों की मरम्मत के साथ-साथ 619 अन्य पेयजल सुधार कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है। इन प्रयासों से हजारों परिवारों को गर्मी के इस कठिन दौर में राहत मिली है और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 30 जून तक जारी रहेंगे विशेष अभियान उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। आमजन को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गर्मी के मौसम में जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ये अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेंगे।