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हंसी और मज़ाक का तड़का: जयपुर में महामूर्ख सम्मेलन 28 फरवरी को

जयपुर.  फरवरी की हल्की ठंडक के बीच 28 तारीख को मानसरोवर का दीप स्मृति ऑडिटोरियम कुछ अलग ही रंग में नजर आएगा। यहां न कोई गंभीर भाषण होगा, न सियासी बहस… बल्कि मंच सजेगा ठहाकों, तंज और व्यंग्य की धार से। मौका होगा तरुण समाज (गुलाबी) के तत्वावधान में आयोजित 50वें महामूर्ख सम्मेलन का। जैसे-जैसे तारीख करीब आ रही है, शहर में उत्सुकता बढ़ती जा रही है—आखिर इस बार हंसी का बादशाह कौन बनेगा? कौन अपनी चुटीली बातों से दर्शकों को लोटपोट कर देगा? सम्मेलन में देशभर से हास्य और व्यंग्य के दिग्गज जुटेंगे। अजमेर के रासबिहारी गौड़ से लेकर बारां के सुरेन्द्र यादवेन्द्र, मध्यप्रदेश के संदीप शर्मा और नाथद्वारा के लोकेश महाकाली तक—हर नाम अपने साथ हंसी का तूफान लाएगा। गुरुग्राम के अशोक बत्रा, दिल्ली की बलजीत कौर, शक्करगढ़ के राजकुमार बादल और अलवर के राजेंद्र खंडेलवाल भी मंच पर रंग जमाएंगे। कविताओं के तीर चलेंगे, व्यंग्य के वार होंगे और दर्शक ठहाकों में डूब जाएंगे। यह सिर्फ सम्मेलन नहीं, बल्कि हंसी का ऐसा उत्सव होगा, जहां ‘मूर्खता’ ही सबसे बड़ा सम्मान बनेगी।

कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला, 8वें वेतन आयोग की दिशा में अहम कदम

जयपुर राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे। नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा। होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।  

बड़ी घोषणाएँ राजस्थान बजट में: सोलर पार्क, हर घर नल और युवाओं के लिए वित्तीय समर्थन

जयपुर  राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य के 2026-27 के बजट में गांव और शहर की आबादी को नल का पानी देने के लिए 6,800 करोड़ रुपये और बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मौजूदा सरकार की ओर से किए गए स्ट्रक्चरल सुधारों और समझदारी भरे फाइनेंशियल मैनेजमेंट के असर पर रोशनी डाली और कहा कि राज्य का इकोनॉमिक साइज़ काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि CM जल जीवन मिशन के तहत गांवों को कवर किया जाएगा और हर घर को नल के पानी से जोड़ा जाएगा। इस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहरों में 2,300 करोड़ रुपये की लागत से पीने का पानी दिया जाएगा। 10 लाख तक बिना ब्याज का लोन मिलेगा बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये से नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। CM सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत, 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला लोन और ग्रांट दिया जाएगा। इससे 30,000 युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा, नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान की इकॉनमी 2026-27 में 21,52,100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, और राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी 2025-26 के आखिर तक 1.67 लाख रुपये से बढ़कर 2.02 लाख रुपये हो जाएगी। दीया कुमारी ने कहा कि यह ग्रोथ फिस्कल डिसिप्लिन और पॉलिसी रिफॉर्म के जरिए इकॉनमी को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दिखाती है। 'पीएम मोदी के सिद्धांतों पर चल रहे हैं' दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, राज्य सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मुख्य सिद्धांतों को अपनाते हुए, राज्य को आर्थिक समृद्धि, टिकाऊ और समावेशी विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, "2047 तक एक विकसित राजस्थान के सपने को पूरा करने के लिए, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण और अच्छे शासन को प्राथमिकता दी है, और इस विकास यात्रा में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखा है।"

12 फरवरी से राजस्थान बोर्ड की परीक्षा, शिक्षा विभाग पूरी तैयारी के साथ

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

राजस्थान बजट 2026 से उम्मीदें: नौकरी, किसान और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

जयपुर भजनलाल सरकार बुधवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री दीया कुमारी सदन में आय-व्यय अनुमान पेश करेंगी। इस बजट से राजस्थान को अगले साल क्या मिलने वाला है, इस पर सभी की नजरें है। मौटे तौर पर बजट का फोकस किन सेक्टर्स पर होगा और कौन सी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं पढ़िए इस रिपोर्ट में… इस बार का बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी-ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार की ओर से नई योजनाओं, भर्तियों और बड़े विकास कार्यों की घोषणाएं की जा सकती हैं। भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, 1.50 लाख नई नौकरियां भजनलाल सरकार नौकरियों को लेकर लगातार बड़े दावे कर रही है। पिछले बजट में एक लाख नई नौकरियों का ऐलान किया गया था। इस बजट में करीब 1.50 लाख नई भर्तियों की घोषणा की जा सकती है। आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकांश भर्तियों में इंटरव्यू खत्म कर केवल परीक्षा आधारित चयन लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के तहत चयनित युवाओं की संख्या बढ़ाने का भी एलान हो सकता है। सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सैलेरी बढ़ाने का प्रावधान बजट में किया जा सकता है, वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की संभावना है। इंफ्रा सेक्टर: 15 शहरों में ग्रीन फील्ड व सिटी इकोनॉमिक रीजन स्कीम राजस्थान में इंफ्रा सेक्टर के लिए बजट में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। इसमें बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, धौलपुर सहित 15 शहरों में रिंग रोड व नए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के लिए बजट का प्रावधान हो सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की धार्मिक स्थलों से जुड़े शहरों के विकास के लिए 'सिटी इकोनॉमिक रीजन' में  ऐलान  किया जा सकता है। जयपुर में मेट्रो फेज टू के लिए तय रूट में एयरपोर्ट टर्मिनल्स को शामिल करने सहित- दूसरे चरण का का काम शुरू करने के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है। जयपुर में पार्किंग से जुड़ी समस्या को लेकर पीपीपी पर नए पार्किंग जोन्स डवलप प्रोजेक्ट का एलान किया जा सकता है। वेडिंग डेस्टिनेशन साइट्स डवलप करने के लिए आर्थिक सहायता और शेखावाटी हैरिटेज टूरिज्म संरक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान किए जाने की संभावना है। किसान: सम्मान निधि में बढ़ोतरी, बोनस में इजाफा किसान सम्मान निधि की राशि को चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक बढ़ाने की घोषणा संभव है। ब्याजमुक्त फसली कर्ज योजना का दायरा बढ़ेगा और लाखों नए किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। एमएसपी पर गेहूं समेत कुछ फसलों पर बोनस, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद, हाईटेक खेती योजनाओं और नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है। दूध खरीद पर मिलने वाले बोनस में बढ़ोतरी, पशुधन बीमा योजना का विस्तार और महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना की घोषणा संभव है। बाड़मेर में अनार और सवाई माधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट्स का भी ऐलान हो सकता है। महिलाओं और बच्चों के लिए योजनाएं लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाने, मेधावी छात्राओं को स्कूटी योजना के विस्तार और महिला स्वयं सहायता समूहों के बजट में बढ़ोतरी की संभावना है। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देने का एलान भी हो सकता है। दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की रोक हटाने के लिए बिल लाने की घोषणा भी बजट सत्र में संभव है। शिक्षा और स्वास्थ्य सीएसआर की सहायता से प्रदेश के सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं है वहां नए मेडिकल कॉलेजों का ऐलान किया जाना भी संभव है। मेडिकल में चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टॉफ के पद बड़ी संख्या में खाली चल रहे हैं इन पर भी भर्तियों का ऐलान हो सकता है। 

कल पेश होगा राजस्थान सरकार का बजट, शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने गिनाईं प्राथमिकताएँ

जयपुर राजस्थान सरकार अपना वार्षिक बजट कल विधानसभा में पेश करेगी। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी बजट प्रस्तुत करेंगी। बजट से पहले पश्चिमी राजस्थान में विभिन्न वर्गों की उम्मीदें सामने आ रही हैं, जिनमें शिक्षा, सड़क, चिकित्सा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विशेष अपेक्षाएं जताई जा रही हैं। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की प्राथमिकताएं शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बजट से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बजट से बहुत सारी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क और चिकित्सा पर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस रहना चाहिए। साथ ही युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर किस प्रकार दिए जा सकें, इस दिशा में ठोस प्रावधानों की आवश्यकता है।   रोजगार और औद्योगिक अवसरों पर जोर विधायक भाटी ने कहा कि सरकार ने एक एनुअल कैलेंडर जारी किया है, लेकिन उसमें तमाम लोगों को शामिल नहीं किया जा सका। मल्टीनेशनल कंपनियों के माध्यम से रिफाइनरी आ रही है, साथ ही अन्य फैक्टरियां और इंडस्ट्रीज भी स्थापित होंगी। इन सभी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को किस तरह अवसर मिल सकें, इस पर ध्यान देना जरूरी है।   सड़क और चिकित्सा ढांचे की जरूरत उन्होंने सड़कों पर विशेष रूप से गांवों की इंटरनल सड़कों और हाईवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। हाल ही में एक बस दुर्घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इलाके में 1 यूनिट की सुविधा नहीं होने के कारण घायलों को जोधपुर तक ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाए, इस पर बजट में ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि गांव और ढाणियां दूर-दूर स्थित हैं।   खेल जगत से जुड़ी उम्मीदें खेल जगत से जुड़े हेमंत शर्मा ने भी राज्य सरकार के बजट से काफी उम्मीदें जताईं। उन्होंने कहा कि जोधपुर की मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, सड़क और बिजली पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जोधपुर में पानी की गंभीर समस्या है, जहां हर सातवें और आठवें दिन पानी की कटौती की जा रही है।   पानी और सीवरेज की समस्या हेमंत शर्मा ने कहा कि जोधपुर में सीवरेज की समस्या भी काफी बढ़ गई है। यदि बजट में इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रावधान किए जाएं, तो प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।   संजय गौड ने उम्मीद जताई कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं को उचित बजट जारी कर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए, ताकि आम जनता को फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।   महंगाई और चिकित्सा योजनाओं पर नजर संजय गौड ने यह भी कहा कि चिकित्सा क्षेत्र की योजनाएं फिर से रफ्तार पकड़ें, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। महंगाई अपने चरम स्तर पर है, ऐसे में बजट में इसे लेकर भी कुछ ठोस कदम उठाए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

राजस्थान में सर्दी हुई फीकी, तापमान सामान्य से अधिक

जयपुर  कुछ दिनों पहले तक राजस्थान के मौसम की तस्वीरों में बर्फ से जमे खेत-खलिहान दिखाई दे रहे थे लेकिन अब यहां भर सर्दी में गर्मी के जैसा एहसास होने लगा है। यहां मौसम अब धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। दिन में तेज धूप के कारण लोगों को हल्की गर्मी का एहसास होने लगा है। सोमवार को बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर समेत प्रदेश के 8 शहरों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर में सबसे अधिक तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में 30.6 डिग्री, फलोदी और जवाई (पाली) में 30.2, डूंगरपुर में 30.1, जालौर में 30 और चित्तौड़गढ़ में 30.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। अन्य शहरों की बात करें तो भीलवाड़ा में 29.3, जयपुर में 27, अजमेर में 28.4, पिलानी में 26.9, सीकर में 27.4, उदयपुर में 29.5, कोटा में 27.9, चूरू में 29.8, गंगानगर में 26.3 और नागौर में 29.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन सभी स्थानों पर तापमान औसत से करीब 2 डिग्री अधिक रहा। रात की सर्दी से मिलने लगी राहत दिन के साथ-साथ अब रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। डूंगरपुर में 14.9, बीकानेर में 15.3, जैसलमेर में 14.6, जयपुर में 13.7 और प्रतापगढ़ में 13.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। सबसे ठंडा इलाका पाली रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले कुछ दिन मौसम साफ मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों तक मौसम साफ रहेगा और तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों में उत्तरी जिलों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली रही।

शादी में मामा का तोहफा: 81 लाख नकद, 25 तोला सोना और 1 करोड़ 61 लाख का मायरा

नागौर राजस्थान के नागौर जिले के जायल में एक बार फिर मायरा की चर्चा छा गई है, लेकिन इस बार जाट समाज के बाद ब्राह्मण भाइयों ने इतिहास रच दिया. यहां दो ब्राह्मण भाइयों ललित कुमार व्यास और ओमप्रकाश व्यास ने अपनी बहन गायत्री देवी के बेटे नीलेश की शादी में 1 करोड़ 61 लाख रुपये का भव्य मायरा भरा. यह ब्राह्मण समाज में अब तक का सबसे बड़ा मायरा माना जा रहा है, जिसने जायल की परंपरा को नई ऊंचाई दी है. यह रस्म जायल के माहेश्वरी भवन में पारंपरिक विधि-विधान से पूरी हुई. पिता श्यामसुंदर व्यास की मौजूदगी में भाइयों ने बहन गायत्री को चुनरी ओढ़ाकर मायरा भरा. यह न सिर्फ भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, बल्कि ब्राह्मण समाज की एकता, संस्कार और परंपरा को भी दर्शाता है. ब्रॉम्हण भाइयों के मायरे की खास बातें – 81 लाख रुपये नकद – 25 तोला सोना – चांदी के जेवरात – अन्य कपड़े, उपहार और सामान जायल का मायरा है एक ऐतिहासिक परंपरा  राजस्थान के नागौर जिले में जायल-खिंयाला का मायरा सदियों पुरानी संस्कृति का हिस्सा है. यहां मामा (भाई) अपनी बहन के बच्चों की शादी में दिल खोलकर उपहार देते हैं, जिसे महिलाएं विशेष गीतों (जायल खिंयाला रो मायरो) में गाती हैं. पहले मुख्य रूप से जाट समुदाय में बड़े मायरे चर्चित थे, लेकिन अब अन्य समाज भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. आपको बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में नागौर में कई बड़े मायरे भरे गए हैं. जिसके तहत कुछ परिवारों ने करोड़ों की जमीन, नकद, सोना-चांदी दिए. जबकि हाल ही में 21 करोड़ से ज्यादा के मायरे भी सुर्खियां बने. लेकिन इस बार ब्राह्मण समाज का यह योगदान खास है. क्योंकि यह समाज में एक नई मिसाल कायम कर रहा है. आज भी जीवंत हैं राजस्थान की परंपरा जायल क्षेत्र में इस ऐतिहासिक मायरे की हर ओर चर्चा है. भाई-बहन का प्यार, परंपरा का सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा का जीता-जागता उदाहरण भी है. साथ ही यह मायरा बताती है कि राजस्थान की रस्में आज भी जीवंत हैं, जहां रिश्ते पैसे से नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों से मजबूत होते हैं.   

आयुर्वेद के संवर्धन में सरकार का कदम, भजनलाल शर्मा ने किया स्पष्ट बयान

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की मिट्टी में आयुर्वेद की जड़ें गहरी हैं, यहां औषधि उत्पादन की अद्भुत क्षमता है। प्रदेश की पहाड़ी, वन, औषधीय पौधे इसके साक्षी हैं कि यहां की भूमि सदियों से आयुर्वेद का केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयुर्वेद के संवर्धन तथा जनमानस में उसके व्यापक उपयोग के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने  राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में अपने उद्बोधन के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान एक महाविद्यालय के रूप में आरंभ होकर आज देश के प्रमुख डीम्ड टू बी आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित हो गया है। राजस्थान की धरती पर स्थापित इस संस्थान ने पचास वर्षों में जिस ऊंचाई, प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय नेतृत्व को प्राप्त किया है, वह प्रेरणास्पद है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोगी सेवा – इन चारों स्तंभों पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने पिछले पांच दशकों में नेतृत्व स्थापित किया है। देश को विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद और योग की प्रमुख भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश को विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद और योग की प्रमुख भूमिका रही है। आयुर्वेद के माध्यम से हम यह पहले से ही जान लेते हैं कि कौन से महीने में कौन सी बीमारी होगी और उसका उपचार कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि वेदों के साथ हमारे ऋषियों ने आयुर्वेद के माध्यम से मानव जीवन को समझा है। चरक, सुश्रुत, वाग्भट्ट जी जैसे महान वैद्यों ने इस विद्या को व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने कहा कि चरक संहिता में कहा गया है कि स्वस्थ शरीर धर्म का प्रथम साधन है। सुश्रुत को आज पूरा विश्व शल्य चिकित्सा का जनक मानता है। प्रधानमंत्री का सपना ‘भारत में उपचार और भारत द्वारा उपचार’ शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना ‘भारत में उपचार और भारत द्वारा उपचार’ है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक अलग आयुष मंत्रालय की स्थापना की गई। जिससे आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में अपने प्रयासों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कराया। इससे न केवल योग, बल्कि पूरी भारतीय चिकित्सा परंपरा को विश्व मंच पर पहचान मिली। आयुर्वेद अनुसंधान में निवेश बढ़ाया गया, आयुर्वेद संस्थानों का विस्तार किया गया। आयुर्वेद को जन-स्वास्थ्य की मुख्यधारा में आगे बढ़ाना हमारी प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्षों में आयुर्वेद के लिए नए आयुर्वेद चिकित्सालय, महाविद्यालय एवं डिस्पेंसरी की स्थापना से सुलभ चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई। स्नातक-स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि, आधुनिक लैब, ड्रग-स्टैंडर्डाइजेशन यूनिट और शिक्षण-फार्मेसी को सुदृढ़ किया गया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद अस्पतालों का विस्तार, पंचकर्म इकाइयों का सुदृढ़ीकरण, दवाखानों का आधुनिकीकरण, शिक्षा एवं अनुसंधान के नए अवसर सहित विभिन्न निर्णयों से आयुर्वेद को जन-स्वास्थ्य की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एनआईए के लिए जयपुर में जमीन आवंटित करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। एनआईए की भूमिका से पीढ़ी दर पीढ़ी आयुर्वेद का दीपक प्रज्वलित केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय प्रताप राव जाधव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की 50 वर्ष की यह यात्रा केवल समय की गणना नहीं है, बल्कि उन असंख्य चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, और कर्मयोगियों की अटूट निष्ठा, समर्पण और तपस्या का प्रतीक है, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी आयुर्वेद के दीपक को प्रज्वलित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों की असंतुलित जीवनशैली के कारण मधुमेह, विटामिन बी 12 एवं डी की कमी जैसी अनेक बीमारियां पनप रही हैं। इन बीमारियों के निदान के लिए योग एवं आयुर्वेद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शक्तिशाली नेतृत्व में हमारी सरकार का विजन स्पष्ट है परंपरा की जड़ों में विज्ञान का संरक्षण और कल्याण की शाखाओं का विस्तार। भारत सरकार का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना ही नहीं, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और संतुलित व्यवस्था का निर्माण करना है। उन्होंने इस वर्ष के बजट में आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थान सहित सभी घोषणाओं के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान में आयुष के क्षेत्र में हो रहे उल्लेेखनीय कार्य की भी सराहना की। उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना लाकर आयुर्वेद और योग के माध्यम से आरोग्य ग्राम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को आयुर्वेद और योग भारत की देन है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेशनल आयुष मिशन में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के तहत राजस्थान को देश में सर्वाधिक 348 करोड़ रुपए आवंटित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एनआईए परिसर में नवनिर्मित ओपीडी सुश्रुत भवन का लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विधायक बालमुकुन्द आचार्य, केन्द्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, एनसीआईएसएम अध्यक्ष डॉ. मनीषा कोटेकर, प्रमुख शासन सचिव आयुष सुबीर कुमार, एनआईए कुलपति प्रो. संजीव शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

रेस्टोरेंट की पहली मुलाकात से कत्ल तक का सफर: कैसे अंजू ने प्यार के लिए पति को मौत दी?

जयपुर संयोग से हुई एक मुलाकात का अंजाम करीब 8 साल बाद बेहद खौफनाक हुआ। राजस्थान में प्रेमी संजू के हाथों पति की हत्या कराने वाली अंजू की कहानी काफी हद तक इंदौर की सोनम रघुवंशी से मिलती-जुलती है। राजा रघुवंशी की तरह ही आशीष को भी उसकी दुल्हन ने ही धोखे से मौत के घाट उतार दिया। अंजू और संजू की इस कहानी की शुरुआत 2018 में हुई थी, लेकिन करीब 7 साल तक दोनों में कोई संपर्क नहीं था। दोबारा हुई मुलाकात के बाद दोनों ने सारी हदें पार कर दीं।   आरोप है कि अंजलि उर्फ अंजू ने 30 जनवरी को संजू और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति आशीष की हत्या कर दी, जिसके साथ 3 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। अंजू और संजू की पहली मुलाकात 2018 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। अंजू वहां एक मेहमान बनकर गई थी जबकि संजू वहां एक वेटर के रूप में लोगों को नाश्ता और खाना परोस रहा था। यहां दोनों ने एक दूसरे को देखा और दिल दे बैठे। थोड़ी देर बातचीत के बाद संजू ने अंजू को अपना मोबाइल नंबर दिया। लेकिन अंजू के पास कोई मोबाइल नहीं होने की वजह से दोनों का संपर्क नहीं बन पाया। मोबाइल हाथ आने के बाद जिंदगी में नया मोड़ अंजलि की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उसने 2014 में अपना मोबाइल फोन खरीदा। अब उसने करीब 7 साल पहले उस नंबर को डायल किया जो संजू ने दिया था। सालों पहले मिले और कुछ घंटों के बाद ही बिछड़े अंजू-संजू की फोन पर लंबी बात होने लगी। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने लगे और एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताने की कसमें खाने लगे थे। इधर, बीकॉम कर चुकी अंजू के लिए परिवार के लोग योग्य दूल्हे की तलाश में थे। उनकी तलाश रवाला के आशीष पर जाकर खत्म हुई। एमकॉम करने के बाद बीएड कर रहे संजय से अंजू की शादी तय कर दी गई। परिवार की मर्जी के मुताबिक आशीष से शादी करके वह सादुलशहर से रावला चली गई पर खुश नहीं थी। पति की हत्या के 16 दिन पहले अंजलि मायके गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उसने संजू के साथ मिलकर आशीष की हत्या की साजिश रची। शादी के बाद दोनों की आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई, पर वे वॉट्सऐप पर लगातार संपर्क में रहते थे। हत्या के दिन भी दोनों के बीच 5-7 बार बात हुई थी। पति की हत्या और लूट का नाटक 30 जनवरी की रात अंजलि ने डिनर के बाद पति को टहलने के लिए चलने को कहा। वह पति को लेकर गांव के सुनसान रास्ते की ओर चली गई जहां प्लान के मुताबिक संजय अपने दो दोस्तों के साथ झाड़ियों में छिपा था। जैसे ही अंजलि अपने पति के साथ वहां पहुंची, संजू ने अपने दो दोस्तों के साथ आशीष पर हमला कर दिया। रॉड से पीटने के बाद मफलर से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद अंजलि ने इसे दुर्घटना और लूट दिखाने के लिए प्रेमी को अपने गहने दे दिए। वह बेहोशी का नाटक करके लेट गई। बाद में एक राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आशीष को अस्पताल पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जब यह बात सामने आई कि आशीष का गला घोंटा गया था तो पुलिस ने हत्या के एंगल से पड़ताल की और जो सच सामने आया उससे पूरा देश हैरान है।