samacharsecretary.com

सीकर की ठंड ने मचाया हलचल, 1 डिग्री पर फसलें जमी और लोग कांपे

  सीकर सर्द हवाओं के चलने की वजह से सीकर में तेज सर्दी का असर लगातार जारी है। लगातार तीसरे दिन सीकर में कोल्डवेव के अलर्ट के बीच तापमान में गिरावट हुई है। आज सीकर में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के बेहद करीब 1 डिग्री तक पहुंच चुका है। आज सुबह मौसम भले ही साफ रहा हो लेकिन सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। सुबह सीकर जिले के रानोली,फतेहपुर सहित आसपास के कई इलाकों में फसलों पर ओस इस तरह से जमी हुई नजर आई मानो फसलों पर बर्फ का कोई कवर चढ़ा दिया गया हो। हालांकि धूप निकलने के बाद सर्दी से मामूली राहत मिली। सीकर में आज पूरे दिन कोल्डवेव चलने का अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि अब सीकर में लोगों को तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि कल से सीकर में कोल्डवेव का कोई भी अलर्ट नहीं है। हालांकि मौसम एक सप्ताह तक ड्राई रहने वाला है। इसलिए यहां तापमान सिंगल डिजिट में ही रिकॉर्ड किया जाएगा। 15 दिसंबर के बाद सर्दी और तेज हो सकती है। इधर राष्ट्रीय मौसम केंद्र का अनुमान है कि इस बार सर्दी का असर दिसंबर महीने में पिछले वर्षों की बजाय ज्यादा रहेगा। इस बार प्रदेश में भी दिसंबर में कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई गई है। तापमान जमाव बिंदु के नीचे भी जा सकता है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है कि शेखावाटी में फिलहाल सर्दी का असर तेज रहेगा। कल से यहां लोगों को तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिल सकती है। क्योंकि कल से कोल्डवेव नहीं चलेगी। हालांकि तापमान सिंगल डिजिट में ही रह सकता है।

नशा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, झालावाड़ में 125 करोड़ की संपत्ति स्थाई रूप से जमींद कर दी

झालावाड़/जयपुर नशे के खिलाफ जिले में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए झालावाड़ पुलिस ने नशा माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन दिव्य प्रहार के तहत नशा तस्करी से अर्जित लगभग 125 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई में आलीशान मकान पेट्रोल पंप कृषि भूमि कॉमर्शियल प्लॉट्स और महंगी गाड़ियां शामिल हैं। तीन महीने की खुफिया तैयारी पुलिस की एमओबी शाखा ने पिछले कुछ महीनों से नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डाटाबेस तैयार किया। इसके बाद थाना प्रभारियों साइबर टीम और विशेष जांच दल ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए इन संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया। स्पेशल टीम ने संभाला मोर्चा आर्थिक कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में चार सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। इसमें हेमन्त शर्मा पिंकू मैरोठा वीकेश और नीतेश शामिल रहे। पूरी कार्रवाई का संचालन और मॉनिटरिंग स्वयं एसपी अमित कुमार ने की। दिल्ली से मिली कानूनी मंजूरी एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिल चुकी है। अब तस्कर इन संपत्तियों को बेच नहीं सकेंगे गिरवी नहीं रख सकेंगे और न ही किसी तरह उपयोग कर सकेंगे। इस कार्रवाई ने जिले में नशा कारोबार करने वालों के बीच दहशत फैल दी है। साफ संदेश है कि नशा बेचोगे तो जेल भी होगी और काली कमाई भी खत्म होगी।   एसपी का संदेश एसपी अमित कुमार ने कहा यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि नशा व्यापार की जड़ों पर आर्थिक प्रहार है। अपराधियों को समझना होगा कि नशे से अर्जित संपत्तियां स्थाई नहीं रह सकतीं। सभी तस्करों के मामलों में थाना प्रभारी को केस अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब तक 71 नशा तस्कर जांच में हैं और उनकी 107 संपत्तियां स्थाई रूप से फ्रीज की जा चुकी हैं। जिले में नशा नेटवर्क पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।    

अजमेर में बम धमकी से हड़कंप: दरगाह और कलेक्ट्रेट को कराया खाली, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अजमेर अजमेर में गुरुवार दोपहर अजमेर दरगाह और कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई, जिसमें लिखा गया कि अजमेर कुडनकुलम परमाणु संयंत्र, कलेक्टर कार्यालय और दरगाह गरीब नवाज में 4 RDX IED लगाए गए हैं। पुतिन के आते ही विस्फोट हो जाएगा। सुरक्षा इंतजाम और सर्च ऑपरेशन धमकी मिलने के बाद कलेक्ट्रेट और दरगाह परिसर को खाली करवा दिया गया। पुलिस और इंटेलिजेंस टीमों ने मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। चार थानों की पुलिस, सीआईडी और एटीएस की टीम लगातार परिसर की तलाशी में लगी हुई है। अजमेर एसपी वंदिता राणा ने बताया कि “कलेक्ट्रेट को मिले ईमेल में दरगाह और कलेक्ट्रेट को उड़ाने की धमकी दी गई है। सभी विभाग सक्रिय हैं। कलेक्ट्रेट पूरी तरह से चेक किया गया है और अब दरगाह परिसर की तलाशी जारी है। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।” सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई धमकी के बाद दरगाह और कलेक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस तैनात की गई है। सर्च ऑपरेशन के दौरान मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड से परिसर के हर हिस्से की जांच की जा रही है। तीन साल बाद दरगाह को पूरी तरह से खाली करवाया गया है। सितंबर 2022 में, जब बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना दरगाह जियारत करने आई थीं, तब भी सुरक्षा के मद्देनज़र परिसर खाली करवाया गया था। इस दौरान कुछ खादिम सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी में चेकिंग में शामिल हैं।

सर्दी ने बढ़ाई रफ्तार: शेखावाटी में यलो अलर्ट, फतेहपुर में ठंड की दस्तक

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से कड़ाके की सर्दी का दौर तेज होने जा रहा है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। हिमालय पर आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता नजर आ रहा है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। शेखावाटी क्षेत्र में सुबह और शाम कपकपाने वाली ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 4, 5 और 6 दिसंबर के लिए झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। सीकर में हल्की बारिश के बाद मंगलवार रात तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बढ़ती सर्द हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में रात के समय ओस जमने लगी है। गुरुवार सुबह कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। सीकर, नागौर और शेखावाटी के अन्य इलाकों में विजिबिलिटी प्रभावित हुई। सोमवार को सबसे कम तापमान लूणकरणसर (बीकानेर) में 4.7°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में ता पमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस दौरान जबरदस्त शीतलहर का प्रभाव भी रहेगा। प्रदेश में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में 3.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं बीकानेर के लूणकरणसर में भी पारा 3.2 डिग्री रहा।  सीकर में बुधवार देर शाम हल्की बारिश हुई जिसके चलते वहां पारे में तेज गिरावट देखने को मिली। अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान की बात करें तो  गंगानगर में 6.9°C, चूरू में 9°C, बीकानेर  9.3°C, अलवर  8°C  और जैसलमेर में 10°C रहा। वहीं दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। इसमें सीकर में  24.5°C, पिलानी में 26.2°C जयपुर में 26.6°C व अलवर  26.5°C पारा दर्ज किया गया।

राजस्थान एसआईआर में अव्वल, 99.5% प्रपत्र डिजिटलीकरण के साथ दूसरे चरण में बढ़त

जयपुर  बिहार के बाद देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जारी है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एसआईआर के दूसरे चरण में एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है। इस बीच राजस्थान ने ईएफ के डिजिटलाइजेशन में पहला स्थान हासिल किया है। आयोग द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, देशभर में 47.5 करोड़ से अधिक यानी 93 प्रतिशत से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है। इस अभियान के तहत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे व्यापक मतदाता सत्यापन कार्य में 99.83 प्रतिशत यानी 50.88 करोड़ से भी अधिक मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि कुल 5.46 करोड़ गणना प्रपत्रों में से 5.43 करोड़ से अधिक ईसीआई-नेट पर अपलोड कर दिए गए हैं, जिससे निर्धारित समय से पहले 99.5 प्रतिशत गणना पूरी हो गई है। यह असाधारण प्रगति राजस्थान के मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे और सुव्यवस्थित क्षेत्रीय समन्वय को दर्शाती है, जो दर्शाती है कि कैसे तकनीक और जमीनी स्तर के प्रयास एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं। राजस्थान मतदाता मानचित्रण में भी अग्रणी है, जहां राज्य ने कुल मिलाकर 95 प्रतिशत से अधिक मानचित्रण पूरा कर लिया है। विशेष रूप से, नौ विधानसभा क्षेत्रों कपासन, बायतु, सलूंबर, लोहावट, नगर, सीकरी, ओसियां, शाहपुरा और बामनवास ने 99 प्रतिशत मानचित्रण का आंकड़ा पार कर लिया है। कपासन सबसे आगे है, जहां 2.73 लाख मतदाताओं में से 99.46 प्रतिशत का मानचित्रण हो चुका है, जिसका अर्थ है कि अब केवल लगभग 1,500 व्यक्तियों को ही संशोधन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता है। मानचित्रण से बेहतर सटीकता, बेहतर मतदाता सेवाएं, और बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के सुचारू मतदाता सूची सत्यापन सुनिश्चित होता है। यह प्रगति 46,000 मतदान केंद्रों पर कार्यरत बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के प्रयासों का परिणाम है। राजस्थान डिजिटलीकरण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है, जहां बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, झालावाड़, फलौदी, भरतपुर, चूरू, दौसा, और बारां ने 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण हासिल कर लिया है और देश के लिए आदर्श बन गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर केवल आंकड़ों पर आधारित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और सटीकता के साथ निभाई जाने वाली एक सामूहिक जिम्मेदारी है। राजस्थान का प्रदर्शन अधिक सटीक, मतदाता-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

जयपुर में 8 दिसंबर को होगी 12 बटालियन कॉन्स्टेबल भर्ती की फिजिकल टेस्ट

जयपुर राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती वर्ष 2025 की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। 12वीं बटालियन आरएसी (आईआर) विकासपुरी, नई दिल्ली ने शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं शारीरिक मापतौल परीक्षा की तारीख की घोषणा कर दी है, जिसका आयोजन जयपुर में किया जाएगा। कमांडेंट 12वीं बटालियन आरएसी (आईआर) केवल राम ने बताया कि सफल उम्मीदवारों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मापतौल परीक्षण की तिथि 8 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में उपस्थित होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक निर्देश शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले सफल अभ्यर्थियों को कुछ महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। सभी सफल अभ्यर्थियों को राजस्थान पुलिस की वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर प्रिंट आउट लाना होगा। उम्मीदवारों को भर्ती 2025 की विज्ञप्ति के बिंदु संख्या 16 में वर्णित नियमानुसार स्वास्थ्य एवं फिटनेस प्रमाण-पत्र व प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों की पूर्ण पालना करते हुए परीक्षा में सम्मिलित होना होगा। सफल उम्मीदवारों को सुबह 6 बजे राजस्थान पुलिस अकादमी पहुंचा होगा। 

पहली बार SMS अस्पताल में CRS व HIPEC सर्जरी सफल, कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत

जयपुर राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। कॉलेज के शल्य ऑन्कोलॉजी विभाग ने पहली बार साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (HIPEC) प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। यह अत्याधुनिक तकनीक अब राज्य के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में भी उपलब्ध हो गई है, जिससे उन्नत पेरिटोनियल कैंसर से जूझ रहे मरीजों को जीवनदायी उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर विभाग की ओर से एक लाइव सर्जिकल वर्कशॉप भी आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर से आए चिकित्सकों, सर्जनों और ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों ने भाग लिया। वर्कशॉप का टाइम वर्कशॉप सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 3:30 बजे तक चली, जहां प्रतिभागियों को CRS और HIPEC की जटिल प्रक्रिया के हर चरण का लाइव अवलोकन कराया गया। कार्यक्रम का संचालन एसएमएस मेडिकल कॉलेज के शल्य ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष और आयोजन सचिव डॉ. सुरेश सिंह ने किया। ये मरीजों का जीवनकाल बढ़ाने कारगर कदम-डॉ. सुरेश सिंह डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि CRS+HIPEC उन्नत कैंसर उपचार की एक विशेष तकनीक है, जो उन मरीजों के लिए अत्यधिक प्रभावी मानी जाती है जिनमें कैंसर पेट की झिल्ली (पेरिटोनियम) तक फैल चुका हो। उन्होंने कहा, “यह उपचार पेरिटोनियल कार्सिनोमैटोसिस वाले चुनिंदा मरीजों में जीवनकाल बढ़ाने और बीमारी नियंत्रण में बेहद कारगर सिद्ध होता है। अब इस सुविधा का सरकारी स्तर पर उपलब्ध होना राजस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।” अत्यधिक महंगी सर्जरी है, लेकिन चिंता की बात नहीं सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि राज्य सरकार ने इस जटिल और अत्यधिक महंगी सर्जरी को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में शामिल कर दिया है। यानी AYUSHMAN कार्ड रखने वाले पात्र मरीजों को CRS और HIPEC का पूरा इलाज बिल्कुल निशुल्क मिलेगा। सामान्यतः इस प्रक्रिया का खर्च निजी अस्पतालों में कई लाख रुपये तक आता है, ऐसे में गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा। क्या है CRS + HIPEC तकनीक? साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) एक अत्यधिक जटिल ऑपरेशन है, जिसमें पेट के अंदर फैले हर दृश्य ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया जाता है। कई मामलों में ओमेंटम, पेरिटोनियम और प्रभावित आंत के हिस्सों को भी निकाला जाता है ताकि कैंसर के बोझ को अधिकतम रूप से कम किया जा सके। सूक्ष्म कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करती है इसके बाद उसी ऑपरेशन में HIPEC किया जाता है। इसमें गर्म कीमोथेरेपी दवा (लगभग 42°C) को एक विशेष HIPEC मशीन की सहायता से 60-90 मिनट तक पेट की गुहा में प्रवाहित किया जाता है। यह दवा सीधे कैंसरग्रस्त क्षेत्र पर प्रभाव डालती है और बचे हुए सूक्ष्म कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करती है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि दवा पूरे शरीर में नहीं जाती, जिससे दुष्प्रभाव कम होते हैं और उपचार अधिक असरदार बनता है। किन मरीजों को सबसे अधिक लाभ? CRS + HIPEC तकनीक मुख्य रूप से उन्नत ओवरी कैंसर अपेंडिक्स कैंसर कोलन कैंसर पेरिटोनियल मेसोथेलियोमा पेट की झिल्ली में फैले अन्य कैंसरों में उपयोगी मानी जाती है। इस प्रक्रिया ने कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में सिद्ध किया है कि यह चुनिंदा मरीजों के जीवनकाल को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाती है। राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि इस अत्याधुनिक सर्जरी के सरकारी अस्पताल में शुरू होने से राज्य के कैंसर उपचार ढांचे को बड़ा मजबूत आधार मिलेगा। अब मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों के बजाय एसएमएस जैसे उच्चस्तरीय सरकारी संस्थान में उत्कृष्ट और सुलभ उपचार की सुविधा मिलेगी।

‘पूरा सिस्टम उलझा’, सरकार पर PCC चीफ डोटासरा का तीखा वार

जयपुर राजस्थान कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष माणिक्य लाल वर्मा की जयंती के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी कैबिनेट को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मैं तो हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि अपने मंत्रियों की सुनवाई करवा दें, क्योंकि आज उनकी भी कोई नहीं सुन रहा। डोटासरा ने भाजपा की ‘वर्कर्स सुनवाई’ पहल पर व्यंग्य करते हुए कहा कि असली समस्या मंत्रियों की सुनवाई न होना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव सुधांशु पंत ‘SA लगाकर’ निकल गए और अब मंत्री शिकायत कर रहे हैं कि SA उनकी फाइलें नहीं सुनता, जबकि SA कह रहा है कि मंत्री फाइलें भेजते ही नहीं। “सरकार का पूरा सिस्टम उलझा हुआ है और मंत्री खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं,” डोटासरा ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि जब मंत्री अपने प्रभारी जिलों में जाते हैं तो उनके पास कार्यकर्ता भी नहीं आते। “इनको फोन करके कार्यकर्ताओं को बुलाना पड़ता है, अपनी ही इज्जत बचाने की गुहार लगानी पड़ती है। इसका साफ मतलब है कि न जनता को विश्वास है, न कार्यकर्ताओं को कि ये कोई सुनवाई करेंगे,” उन्होंने कहा। डोटासरा ने दावा किया कि आज ऐसा परसेप्शन बन चुका है कि मंत्रियों की सुनवाई नहीं हो रही और अब तो मुख्यमंत्री की भी नहीं। ऐसे में आम जनता की सुनवाई होने की संभावना ही खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा, “यह कहते हैं कि 24 घंटे मंत्रियों के दरवाजे खुले हैं, पर मैं चुनौती देता हूं। किसी भी मंत्री का दरवाजा वास्तव में खुला दिखा दें।” खाद संकट पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि किसान खाद के लिए तरस रहे हैं और सरकार उन्हें लाठियां दे रही है। उन्होंने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के हाल ही के स्टिंग पर भी सवाल उठाया और पूछा कि उसका लाभ क्या निकला आज स्थिति यह है कि असली हो या नकली, कोई भी खाद उपलब्ध नहीं है। सरकार को तो असली खाद का ज्ञान ही नहीं, क्योंकि सरकार ही असली नहीं है, उन्होंने तंज कसा।  

IMD अलर्ट: राजस्थान में मौसम पलटेगा, जयपुर-बीकानेर में शीतलहर के आसार

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से शीतलहर की चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ने वाला है। हिमालय पर अगले 48 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से आने वाले एक सप्ताह में तेज सर्दी पड़ने का अनुमान  है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज होगी। मौसम विभाग ने शेखावाटी क्षेत्र में सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई है। गुरुवार से शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनू में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है। खास तौर पर सीकर के फतेहपुर में मौसम में जबरदस्त गलन महसूस की जा रही है।  बीते 24 घंटों में मौसम पूरी तरह साफ रहा, दिन में धूप निकली, लेकिन शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ी। बीकानेर के लूणकरणसर में न्यूनतम तापमान 4.7°C रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।फतेहपुर में 6.6°C, गंगानगर 6.9°C, चूरू 9°C, बीकानेर 9.3°C, अलवर 8°C और जैसलमेर में 10°C तापमान दर्ज हुआ। उधर सीकर और पिलानी में मंगलवार को हल्की बढ़ोतरी के साथ न्यूनतम तापमान क्रमशः 12°C और 10.4°C रेकॉर्ड किया गया। दिन में भी ठंडक बनी रही और कई शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। सीकर में 24.5°C, पिलानी में 26.2°C, जयपुर में 26.6°C और अलवर में 26.5°C अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें तो मौसम विभाग ने आज किसी भी राजमार्ग पर कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि जयपुर सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीतलहर चलने का अनुमान जारी किया गया है।

राजस्थानी गौरव का उत्सव: प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 में 33 मेहमान बनेंगे राजकीय अतिथि

जयपुर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 10 दिसम्बर को आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ समारोह में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, प्रशासन और अन्य विभिन्न क्षेत्रों की 33 जानी-मानी हस्तियां राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। राजकीय अतिथियों के इस विशिष्ट सूची में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरि मोहन बांगुर, वेलस्पन लिविंग की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपाली गोयनका, जेके सीमेंट के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर माधव सिंघानिया, हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल, आनंद ग्रुप की चेयरपर्सन अंजलि सिंह, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ उमेश चौधरी, DB कॉर्प लिमिटेड के प्रोमोटर और डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल, और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ मोतीलाल ओसवाल जैसे कई बड़े नाम है। ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार योगदान और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले इन 33 विशिष्ट लोगों को राजस्थान सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इसके तहत, उद्योग जगत की कुछ अन्य प्रमुख हस्तियां जिन्हें राजकीय अतिथि के तौर पर इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं केईआई (KEI) लिमिटेड के चेयरमैन अनिल गुप्ता, चौधरी ग्रुप के चेयरमैन बिनोद चौधरी, नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट और सीईओ रोहित साबू, बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री प्रदीप कुमार खेरुका, सोमानी सेरामिक्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीकांत सोमानी, और, बांग्लानाटक डॉट कॉम के फाउंडर डायरेक्टर अमिताव भट्टाचार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा, अकादमिक जगत की विशिष्ट हस्तियों में प्रख्यात शिक्षाविद् और बिट्स, पिलानी के वाइस चांसलर प्रो. वी. रामगोपाल राव, आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. अशोक बनर्जी, आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश कोठारी, और नीति आयोग की विशिष्ट फेलो देबजानी घोष भी इस आयोजन में राजस्थान के राजकीय अतिथि के तौर पर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं। जल की उपलब्धता राजस्थान के लिए अहम विषय है और इसी दृष्टि से इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञ भी इस आयोजन में राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इनमें हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा, इकोलैब इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष खंडेलवाल, , वेओलिया वॉटर टेक्नोलॉजीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (साउथ एशिया) और इंजीनियरिंग एंड प्रोक्योरमेंट के एशिया-पैसिफिक रीजन लीडर गोपाल मधुभूषण, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) की डायरेक्टर डॉ. देबोलिना कुंडू, आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ इंद्रनील दत्त जैसी जानी-मानी हस्तियां जल संसाधन पर आयोजित विशेष सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगी। इसके अलावा, इस समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी। इनमें डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DoRI) फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा स्कूल ऑफ मेडिसिन असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोलॉजी) डॉ. जयवीर सिंह राठौर, स्टार हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के क्लिनिकल डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. विपिन गोयल, टाटा वन एमजी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर संजय झावर, और सीके बिड़ला हेल्थकेयर के सीईओ विपुल जैन जैसे विशेषज्ञ स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इनके अलावा, ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में बैंकिंग और टूरिज्म क्षेत्र के विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की भी राजकीय अतिथि के रूप में मौजूदगी रहेगी। इनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाउंडर, एमडी और सीईओ संजय अग्रवाल, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर कमल बाली, ईजमाइट्रिप के सह-संस्थापक और सीईओ रिकांत पिट्टी, और विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी महावीर सिंघवी शामिल हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पिछले साल की गयी घोषणा के मद्देनजर 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' का यह पहला आयोजन 10 दिसंबर को होने जा रहा है। इस समारोह के मंच पर इन विशिष्ट राजकीय अतिथियों की उपस्थिति एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके तहत यह मंच राजस्थान और राज्य के प्रवासियों के बीच निरंतर संवाद कायम करने और राजस्थान के विकास और समृद्धि में प्रवासियों के सक्रिय सहयोग स्थापित करने का माध्यम बनेगा। साथ ही, कई सारे प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उपलब्धियों हेतु सम्मानित भी किया जाएगा।