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राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर, मुख्यमंत्री बोले—गुमनाम नायकों की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज मिराज सिनेमा में फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्पेशल स्क्रीनिंग देखी। इस अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्माता- निर्देशक , नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं उपस्थित रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम‘ की भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता ही नागरिक की सबसे बड़ी पहचान होती है। राष्ट्र को सर्वाेपरि मानकर अपना सर्वस्व समाज और देश के लिए समर्पित करने वाले गुमनाम नायकों की प्रेरक गाथा को फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने 26/11 जैसे आतंकी हमलों से लेकर कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी अनगिनत कर्मयोगियों की सेवा भावना को देखा है। चिकित्सकों, नर्सों, सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं ने ऐसे समय में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मानवता और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। यह फिल्म उन असंख्य लोगों के त्याग, साहस और समर्पण को रेखांकित करती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उन्होंने फिल्म के निर्माता एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायी फिल्में युवाओं को कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सभी समाज में सेवा एवं सहयोग के लिए आगे बढ़े। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए नर्सेज को सम्मानित भी किया गया।

उदयपुर के ग्रामीण सेवा शिविरों में ऑन-द-स्पॉट समाधान, किसानों और जरूरतमंदों को मिला लाभ

 उदयपुर उदयपुर जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अभियान  के पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हुआ और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। सवा लाख रूपये का अनुदान मिला मावली में आयोजित शिविर में जरूरतमंद किसान श्री शंकरलाल निवासी लदानी को कृषि यंत्र खरीदने हेतु अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया।  शंकरलाल ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कृषि यंत्र खरीद नहीं पा रहा था। शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी और बताया कि राज्य सरकार द्वारा मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में ही आवेदन तैयार करवा कर हाथों-हाथ स्वीकृत किया गया। एडीएम सिटी  जितेंद्र ओझा, उपखण्ड अधिकारी श्री रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में  1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक प्रदान किया गया। अनुदान प्राप्त होने पर शंकरलाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। अटकी पेंशन बहाल उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर  चांदवास निवासी श्रीमती हरकू, श्रीमती राजूड़ी और सवली के लिए भी राहत लेकर आया। बायोमीट्रिक सत्यापन एवं फेस ऐप के माध्यम से बार-बार प्रयास करने के बावजूद उनका सत्यापन नहीं हो पाने से इन तीनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले कई महीनों से बंद थी। शिविर में मामला सामने आने पर बीडीओ  ने तत्परता दिखाते हुए समाधान के निर्देश दिए। तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई और कुछ ही मिनटों में तीनों महिलाओं का सत्यापन सफलतापूर्वक कर उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी गई। इसी शिविर में ग्राम पंचायत चांदवास निवासी श्रीमती रामा, श्रीमती वारकी तथा श्रीमती केशरी को  पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ)सौंपे गये। विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र मिला चांदवास निवासी श्री उदयलाल के विवाह पंजीयन संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें शिविर में ही विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। नक्शा की गलती की शुद्ध ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में  चीरवा निवासी खातेदार श्री राजेश पुत्र स्व. श्री नारायणलाल मेनारिया के नक्शा शुद्धिकरण के लिए आवेदन करने पर  उपखण्ड अधिकारी श्री मनसुख डामोर, नायब तहसीलदार श्री रमेश कुमार राजपुरोहित ने राजस्व अभिलेखों में इंद्राज दुरुस्ती करवा कर  श्री राजेश को राहत पहुंचाई। ग्रामीण सेवा शिविर अभियान साबित कर रहा है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही संभव है। एक ही छत के नीचे पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण और विवाह पंजीयन जैसे कार्य होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों एवं लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी शिविरों के माध्यम से प्रशासन स्वयं गांव पहुंच रहा है और लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बताते हुए सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की।

राजस्थान में रॉक फास्फेट उत्पादन बढ़ाने और नई खनन संभावनाएं तलाशने पर जोर

जयपुर अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने राजस्थान स्टेट माइंस एवं मिनरल्स (आरएसएमएम) को फ्यूचरिस्टिक एप्रोच अपनाते हुए खनिजों के उत्पादन, विपणन और वार्षिक कारोबार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। खेती-किसानी के जरुरी राॅक फास्फेट के उत्पादन में आरएसएमएम का लगभग एकाधिकार है। उन्होंने कहा कि वित वर्ष के शेष माहों का रोडमैप बनाकर क्रियान्वयन किया जाता है तो उसके अच्छे व सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा शुक्रवार को सचिवालय के मंथन कक्ष में आरएसएमएम के कार्यों की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिज संपदा युक्त प्रदेश है। आरएसएमएम द्वारा राॅक फास्फेट, लाइमस्टोन, लिग्नाइट और जिप्सम का खनन और बिक्री की जा रही है। हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आरएसएमएम का वार्षिक कारोबार करीब 1922 करोड़ रुपए का रहा है। हमें वार्षिक कारोबार और लाभदायकता बढ़ाने के समग्र एवं योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे। श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि आरएसएमएम को पोटाश के एक्सप्लोरेशन और खनन की संभावनाओं को तलाशने के ठोस प्रयास करने होंगे। इसके साथ ही नए क्षेत्रों में प्रवेश की संभावनाओं का आकलन करना होगा। उन्होंने लंबित विधानसभा प्रश्नों के उत्तर भिजवाने, बकाया ऑडिट पेराज के निस्तारण, रिक्त पदों पर भर्ती, जांच प्रकरणों का समयबद्ध निष्पादन और पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित कर कार्मिकों की बकाया डीपीसी कराने के निर्देश दिए। आरएसएमएम के प्रबंध निदेशक श्री पी. रमेेश ने बताया कि आरएसएमएम में आर एण्ड डी प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है ताकि खनन क्षेत्र में शोध को बढ़ावा दिया जा सके और देश दुनिया में आ रही नवीनतम तकनीक को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयोग की संभावनाएं तलाशी जा सके। इसके साथ ही यह प्रकोष्ठ बाजार मांग व आपूर्ति का भी अध्ययन कर समय समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। एमडी श्री पी. रमेश ने बताया कि आरएसएमएम का वार्षिक टर्न ओवर 1922 करोड़ रु. से अधिक का रहा है और चालू वित्तीय वर्ष में वार्षिक कारोबार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। आरएसएमएम द्वारा हाल ही समाप्त वित्तीय वर्ष में 70 करोड़ 64 लाख टन खनिजों की बिक्री की गई है। इसमें 41 लाख 95 हजार टन लाइमस्टोन, 17 लाख 65 हजार टन राॅक फाॅस्फेट, 9 लाख 24 हजार टन लिग्नाइट और एक लाख 80 हजार टन जिप्सम की बिक्री की गई । उन्होंने कहा कि इस साल कारोबार में और अधिक वृद्धि के समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं। समीक्षा बैठक में विशिष्ट सचिव माइंस श्रीमती नम्रता वृष्णि, उप सचिव माइंस श्री राकेश कुमार, ओएसडी श्री श्रीकृष्ण शर्मा, ओएसडी तकनीकी श्री सुनील कुमार वर्मा, आरएसएमएम की कार्यकारी निदेशक प्रशासन श्रीमती कीर्ति राठौड़, वित्तीय सलाहकार श्रीमती भारती राज, समूह महाप्रबंधक लिग्नाइट श्री अरुण सिंह, प्रभारी लाइमस्टोन श्री शैलेश जोशी, समूह महाप्रबंधक परियोजना श्री नरेश एलयानी, प्रभारी मार्केटिंग श्री हनुमत सिंह, प्रभारी बजरी श्री शंकर लाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

डिप्टी सीएम ने सड़क हादसों में कमी के लिए दिए सख्त निर्देश

 जयपुर उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन तथा सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और मानव जीवन की सुरक्षा व सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाते हुए साझा जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर और प्रभावी प्रयास कर रही है। डॉ. बैरवा शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की 22वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने 21वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की क्रियान्विति की समीक्षा की तथा राज्य में सड़क सुरक्षा गतिविधियों, केन्द्र सरकार की पीएम राहत योजना की प्रगति और राज्य सरकार की 10 वर्षीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने सड़क सुरक्षा नियमावली में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश देते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा सहायता राशि स्वीकृत करने में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उन्होंने सड़क सुरक्षा मित्रों को प्रोत्साहन राशि के साथ आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के समय उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही विद्यालयों और महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इससे युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। बैठक में राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित आबादी क्षेत्रों, स्कूलों, अस्पतालों, जंक्शनों तथा उनसे जुड़ी छोटी सड़कों पर नियमानुसार रोड फर्नीचर एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मोटर वाहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अनुसार वाहन चालकों द्वारा निर्धारित समय तक ही वाहन संचालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता एवं प्रवर्तन कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। डॉ. बैरवा ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई एवं यात्रियों की सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बसों की फिटनेस, मरम्मत और रखरखाव कार्यों को प्राथमिकता देने तथा बस एवं ट्रक चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और पर्याप्त विश्राम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सभी जिलों के शिक्षण संस्थानों में बेसिक लाइफ सपोर्ट बीएलएस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा और जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले “गुड सेमेरिटन” को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुड सेमेरिटन को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है। राज्य में अब तक 340 गुड सेमेरिटन सम्मानित किए जा चुके हैं। बैठक में राज्य के राजमार्गों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम आईटीएमएस की स्थापना की प्रगति तथा राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा अभियान की समीक्षा भी की गई। बैठक में शासन सचिव डॉ. जोगा राम, परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री भवानी सिंह देथा, प्रशिक्षण एवं यातायात डीजीपी श्री अनिल पालीवाल,महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार,यातायात एडीजीपी डॉ.बी.एल मीना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘अंत्योदय’ संकल्प के साथ ग्रामीण सेवा शिविरों का संचालन, मंत्री जोगाराम पटेल ने किया अवलोकन

 जयपुर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को पंचायत समिति लूणी की ग्राम पंचायत शिकारपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान जिला कलक्टर  आलोक रंजन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा भी साथ रहे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए अनवरत काम कर रही है। उन्होंने कहा ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से ‘लक्ष्य-अंत्योदय,प्रण-अंत्योदय, पथ-अंत्योदय’ का संकल्प साकार हो रहा है। जोगाराम पटेल ने कहा आमजन को राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ सीधे उनके घर-द्वार तक पहुँचाने के लिए 12 जून से 15 जुलाई तक प्रदेशभर में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा इन शिविरों में आमजन से जुड़े काम हाथों-हाथ संपादित किए जा रहे है। विधि मंत्री ने कहा अभियान के तहत 22 विभागों के अनेक कार्य संपादित किये जा रहे है। उन्होंने कहा शिविर में प्रत्येक नागरिक का कार्य उसी दिन पूर्ण करने का हरसंभव प्रयास करें। उन्होंने कहा यदि कोई कार्य अपूर्ण या लंबित रहते हैं तो विभागीय अधिकारी उन कार्यों का समयबद्ध रूप से निस्तारण सुनिश्चित करें। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विधि मंत्री ने कहा हमारी सरकार ने युवाओं को 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई है। उन्होंने कहा 1 लाख 35 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है और इस वर्ष 1 लाख 25 हजार पदों का भर्ती कैलेण्डर भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा हमारे कार्यकाल में बिना पेपरलीक के 350 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की गई हैं। जोगाराम पटेल ने कहा किसानों की उन्नति एवं आर्थिक संबल देने के लिए खेत तलाई, फॉर्म पौंड, तारबंदी और कृषि यंत्रों के लिए सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा पशुपालकों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा सभी पशुपालक अपने पशुओं का बीमा करवायें। जोगाराम पटेल ने कहा शिविर में आपसी सहमति से बँटवारा, राजस्व रिकॉर्ड में शुद्धि, रास्ता खोलने के प्रकरणों का निस्तारण भी किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिक इन शिविरों में आकर  अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। संसदीय कार्य मंत्री ने शिकारपुरा धाम में राजाराम जी महाराज मंदिर में विधिवत पूजा- अर्चना कर प्रदेश के खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने आश्रम के गादीपति महंत दयाराम महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

केंद्र सरकार की 12 वर्ष की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी, जनकल्याण योजनाओं का प्रदर्शन

 जयपुर केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ब्यावर जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शनी "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" का राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने शुक्रवार को शुभारंभ फीता काटकर किया। कलेक्ट्रेट में आयोजित हो रही इस 3 दिवसीय प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों, अभियानों तथा विकास कार्यों को फोटो पैनलों एवं प्रदर्श सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों से अवगत कराना है। श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के चलते आज भारत विश्व में बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है, दुनिया में देश का मान—सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी आमजन को योजनाओं एवं सरकारी उपलब्धियों से अवगत कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी आमजन को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से इसका अधिकाधिक अवलोकन करने की अपील की मसूदा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह कानावत ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। यह प्रदर्शनी देश की विकास यात्रा को दर्शाती है। उन्होंने  जिलावासियों से परिवार सहित प्रदर्शनी का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को आकर्षक एवं तथ्यात्मक तरीके से प्रदर्शित किया गया है, जिससे नागरिक योजनाओं की उपयोगिता को समझ सकें। जिला कलक्टर ने जिले के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे कलेक्ट्रेट में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवश्य अवलोकन करें और अपने परिचितों को भी प्रदर्शनी देखने के लिए प्रेरित करें। प्रदर्शनी रविवार तक आमजन के लिए नि:शुल्क अवलोकन हेतु खुली रहेगी। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा, जिला जनसंपर्क अधिकारी महिपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि,सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में बताई सरकार की उपलब्धियां प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने  मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश एवं प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों एवं जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है सांसद  ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता एवं जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा एवं वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा है। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, किसान सम्मान निधि, डिजिटल इंडिया एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद ने कहा कि सरकार की नीतियों एवं योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वय के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही हैं। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि सरकार जनविश्वास, पारदर्शिता एवं सेवा भाव के साथ कार्य कर रही है तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मानसून से पहले पूरे हों एनीकट और बांध निर्माण कार्य, अधिकारियों को निर्देश

अलवर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने गुरूवार को अलवर में वन विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ  भाखेडा, भूरासिद्ध व जरखवाला एनीकट एवं निदानी बांध का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री शर्मा ने जल संरक्षण से संबंधित कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर निर्देश दिये कि एनिकट व बांध निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्य मानसून से पूर्व ही पूर्ण होना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट व बांध में वर्षा जल आने में कोई अवरोध न रहे, इसके लिए आसपास के केचमेंट एरिया की साफ-सफाई करायें। डिसिल्टिंग आदि कार्य को भी समयबद्ध रूप में पूर्ण करायें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट के किनारे भ्रमण हेतु सुन्दर पाथवे, ग्रीनरी एवं सौन्दर्यकरण के कार्य शुरू करें। ये एनिकट बनने से पर्यावरण संरक्षण के साथ वन्यजीवों व पेड-पौधों को जल की उपलब्धता होगी,  वर्षा जल संरक्षण से शहर के भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होगी। इन एनिकटों के सौन्दर्यकरण से पर्यटन में भी वृद्धि होगी। उन्होंने चोर डूंगरी पहाडी पर श्रीराम वाटिका हेतु चिन्हित किए गए स्थान का अवलोकन कर वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाटिका के निर्माण हेतु कार्य योजना तैयार कर इसका निर्माण प्राकृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए कराया जाए जिससे यहां आने वाले लोगों को प्राकृतिक परिवेश का अनुभव हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि वाटिका में वृहद स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाएं,  सौन्दर्यकरण व हरियाली पर विशेष फोकस करें। इसके उपरान्त उन्होंने अपने प्रतिदिन के पौधारोपण के संकल्प के तहत मातृवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री अरूण प्रसाद, डीएफओ अलवर श्री राजेन्द्र हुड्डा, डीएफओ सरिस्का श्री अभिमन्यु सहारण, श्री घनश्याम गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

1098 और 181 हेल्पलाइन के इंटीग्रेशन के निर्देश, बाल संरक्षण होगा मजबूत

 जयपुर राज्य सरकार की मंशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशीलता के साथ निवारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को बाल अधिकारिता विभाग के आयुक्त श्री निकया गोहाएन ने राजस्थान संपर्क (181) हेल्पलाइन केंद्र का  निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित तथा फलोदी जिले के प्रभारी सचिव के रूप में जिले से संबंधित दर्ज प्रकरणों, उनके निस्तारण की स्थिति और आमजन को मिल रहे फीडबैक का गहनता से विश्लेषण किया।   तकनीकी सुदृढ़ीकरण- 1098 और 181 हेल्पलाइन का होगा इंटीग्रेशन आयुक्त श्री निकया गोहाएन ने हेल्पलाइन केंद्र पर कॉल टेकर और शिकायत निवारण प्रक्रिया को देखते हुए कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों से जुड़ी आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन '1098' तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन '181' को आपस में एकीकृत किया जाए। इस एकीकरण से बाल संरक्षण से जुड़े संवेदनशील मामलों में बिना किसी तकनीकी विलंब के तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। श्री गोहाएन ने फलोदी जिले के प्रभारी सचिव होने के नाते अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए, फलोदी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न विभागों की जन-शिकायतों को भी सुना और उनकी लाइव मॉनिटरिंग की। उन्होंने फलोदी क्षेत्र के नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई समस्याओं की त्वरित समीक्षा की, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े नयापुरा फलोदी में पिछले 3 दिनों से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को तुरंत ठीक करने, तथा उदय नगर व अन्य ग्राम पंचायतों में जर्जर व टूटे हुए 11KV और एलटी विद्युत पोलों को तत्काल बदलकर संभावित जनहानि को रोकने के निर्देश दिए गए। ठीक इसी प्रकार अन्य विभागों से संबंधित जन शिकायतों को सुना तथा समस्या निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

निवेश, युवा और किसान कल्याण पर फोकस, राजस्थान की उपलब्धियां गिनाईं

जयपुर  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद् की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा  ने राजस्थान के विकास के विजन, उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना को प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता, सुशासन, नवाचार और समावेशी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा राजस्थान विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा अनुरूप राज्य सरकार गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को राज्य सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के युवाओं की शक्ति के उपयोग के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार प्रदेश की 63 प्रतिशत युवा आबादी को विकास का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। निवेश एवं औद्योगिक विकास को नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिला है तथा व्यापारिक माहौल को सरल एवं निवेश अनुकूल बनाने के लिए अनेक सुधार किए गए हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने निवेश प्रोत्साहन के लिए 35 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं।    उन्होंने कहा कि प्रदेश में 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। साथ ही, प्रदेश को 9 एमएमटीपीए क्षमता की आधुनिक रिफाइनरी की सौगात मिली है, जो राजस्थान के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2029 तक राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 10.24 प्रतिशत है, जो इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में सकारात्मक संकेत है। युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया ‘माय भारत’ अभियान युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। राजस्थान में इस अभियान को व्यापक समर्थन मिला है तथा 18 लाख पंजीकृत युवाओं के साथ राज्य देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि कौशल भारत मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा राष्ट्रीय युवा नीति के अनुरूप नवीनतम राजस्थान कौशल नीति, राजस्थान युवा नीति एवं राजस्थान रोजगार नीति लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त सहकारिता, डेयरी विकास एवं एक जिला-एक उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। कृषि और किसान कल्याण में अग्रणी राजस्थान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता एवं उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 19 लाख बीमा पॉलिसियां जारी की गई हैं तथा पीएम-कुसुम योजना (कम्पोनेंट-ए) के तहत 723 मेगावाट क्षमता की 496 सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की गई हैं। इन दोनों क्षेत्रों में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, नागौर, जालौर, चूरू एवं जोधपुर जैसे मरुस्थलीय जिलों में दलहन, तिलहन एवं बागवानी फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे किसानों की आय एवं कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है। महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘नारी शक्ति’ विजन के अनुरूप राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ एवं ‘ड्रोन दीदी’ कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत राजस्थान लगातार दो वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर रहा है जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में राज्य दूसरे स्थान पर है। सुशासन एवं जन शिकायत निवारण में नवाचार मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा विकसित ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने ‘राज उन्नति’ प्लेटफॉर्म प्रारंभ किया है। इसके माध्यम से अब तक 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की 42 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग—समीक्षा कर इन्हें फास्ट ट्रैक मोड पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्ट लोकसेवकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। जन शिकायतों के समाधान हेतु संचालित ‘संपर्क पोर्टल’ के माध्यम से शिकायतों के निस्तारण की औसत अवधि 28 दिन से घटकर 14 दिन रह गई है तथा 98 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया गया है। ग्राम विकास और आकांक्षी क्षेत्रों पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘ग्राम विकास एवं विरासत’ के विजन से प्रेरित होकर राजस्थान में ग्राम विकास चौपालों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें ग्रामीणों से सीधा संवाद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नीति आयोग की वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही रैंकिंग में नीमराना ब्लॉक ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, जबकि दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा तथा जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ ब्लॉक ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर तक जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर तक ग्राम विकास रथ भिजवाए गए। इसके माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से 51 लाख सहित कुल 2 करोड़ लोग जुड़े। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के माध्यम से झुंझुनूं, चूरू एवं सीकर में 660 से अधिक हवेलियों को आर्थिक सहायता देकर पर्यटन इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यावरण एवं जल संवर्धन के प्रभावी प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक लगभग 20 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ‘कैच द रेन’, ‘जल संचय जनभागीदारी’ तथा ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं तथा कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में 2 लाख 66 हजार पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हुई है। विकसित राजस्थान-2047 के लिए प्रतिबद्ध सरकार … Read more

काली फिल्म, हूटर और अवैध मॉडिफिकेशन पर पुलिस का बड़ा एक्शन

 जयपुर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष यातायात प्रवर्तन अभियान ने अब और अधिक गति पकड़ ली है। अभियान के दौरान यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों, अवैध रूप से वाहनों में मॉडिफिकेशन कराने वालों तथा हूटर-बत्ती और काली फिल्म लगाकर रौब गांठने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दसवें दिन को पूरे प्रदेश में विशेष नाकेबंदी एवं प्रवर्तन अभियान के दौरान कुल 9,703 वाहनों के विरुद्ध चालान, जब्ती एवं अन्य विधिक कार्रवाई की गई।   इस तरह हुई कार्रवाई डीजी ट्रैफिक श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में चल रहे इस अभियान के संबंध में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी. एल. मीणा ने बताया कि अभियान के दसवें दिन हुई कार्रवाई में सर्वाधिक 3,638 वाहनों के शीशों पर नियम विरुद्ध लगाई गई काली फिल्म (ब्लैक फिल्म) के मामलों में कार्रवाई की गई। इसके अलावा 2,450 वाहनों पर नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह पाए गए, जबकि 1,373 वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन अंकित होने के कारण उनके विरुद्ध कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान वाहन की संरचना (बॉडी/चेसिस) में अवैध परिवर्तन करने वाले 945 वाहनों को भी चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की गई। इसी प्रकार 800 वाहनों पर अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर लगे पाए गए, जबकि 497 वाहनों में प्रेशर हॉर्न एवं एयर हॉर्न का उपयोग करने पर चालान एवं अन्य विधिक कार्यवाही अमल में लाई गई। अभियान के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में वाहन चालक अब भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करते हुए वाहनों के शीशों पर काली फिल्म लगा रहे हैं। ऐसे 3,638 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसके अलावा 2,450 वाहनों पर नियम विरुद्ध नंबर प्लेट अथवा पंजीयन चिन्ह पाए जाने पर चालान एवं अन्य कानूनी कार्रवाई की गई। अवैध हूटर-बत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई पुलिस ने आमजन में भय एवं प्रभाव पैदा करने के उद्देश्य से वाहनों पर लगाई गई अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट और हूटर के खिलाफ भी अभियान चलाया, जिसके तहत 800 वाहनों पर कार्रवाई की गई। वहीं ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 497 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न भी जब्त किए गए। रौब दिखाने वालों को नहीं मिलेगी छूट डॉ. मीणा ने कहा कि वाहन पर जाति, पद, संगठन अथवा अन्य अनाधिकृत शब्द लिखना, अवैध हूटर-बत्ती लगाना, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट उपयोग करना तथा काली फिल्म लगाकर वाहन चलाना कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस का यह विशेष अभियान आगामी दिनों में और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।