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वोट चोरी विवाद में अभय चौटाला का कांग्रेस पर तीखा हमला

सोनीपत हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल एक बार फिर अपनी सियासी जमीन तलाशने में जुट गई है और अभय सिंह चौटाला लगातार हरियाणा में हर विधानसभा पर कार्यकर्ता सम्मेलन कर 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली देवीलाल जयंती का निमंत्रण जनता को दे रहे है। अभय सिंह चौटाला सोनीपत के दौरे पर थे। इस मौके पर बीजेपी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी की मदद के लिए हुड्डा ने उतारे हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया, ताकि बीजेपी को सीधा फायदा मिल सके। वहीं कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 10 साल पहले कहां थे चुनाव के दौरान कांग्रेस ने ये मुद्दा क्यों नहीं उठाया। भिवानी में मनीषा हत्या मामले पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सुसाइड नोट एक सप्ताह पहले क्यों नहीं आया। अधिकारियों और सरकार के बयानों में कोई तालमेल नहीं। पहले हत्या की बात हुई, अब सुसाइड की बात कह रहे हैं। सीबीआई जांच की जगह पंजाब पुलिस से जांच होनी चाहिए। अभय चौटाला को धमकी देने वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा कि क्या वो पुलिस के अधिकारी है, उनसे पूछना चाहिए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की भी अभय सिंह चौटाला ने निंदा की और कहा कि उनको प्रदेश की जनता ने चुनकर भेजा है। ऐसा नहीं करना चाहिए था। इससे किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।  वहीं लोकसभा में अमित शाह द्वारा सदस्यता वाले बिल पर बोले अभय सिंह चौटाला ये मनमानी कर रहे हैं और अगर किसी की सदस्यता रद्द करवानी होगी तो पहले ईडी में मामला दर्ज कराया जाएगा फिर 2 तीन माह जेल में भेज कर सदस्यता रद्द करवाई जाएगी, सजा ना होने तक ये प्रावधान गलत है, सरकार तानाशाही करेंगी।

हरियाणा पुलिस पर सवाल, मनीषा हत्याकांड में बिश्नोई गैंग ने दी सीधी चेतावनी

हरियाणा हरियाणा के भिवानी जिले में 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की हत्या के मामले ने प्रदेशभर में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। मनीषा 11 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन संबंधी जानकारी लेने गई थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। दो दिन बाद यानी कि 13 अगस्त को शव खेत में मिला। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया और तेज न्याय की मांग को और बुलंद कर दिया। लगातार विरोध प्रदर्शनों और परिवार की मांगों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को घोषणा की कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस पूरी गंभीरता और पारदर्शिता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वह खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं और पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। बिश्नोई गैंग की धमकी इस बीच, मामले ने नया मोड़ तब लिया जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर धमकी भरा पोस्ट जारी किया। इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी ढिल्लों के नाम से लिखा गया कि अगर हरियाणा पुलिस न्याय देने में नाकाम रही तो उनका गैंग हत्यारे को सजा देगा। गैंगवार के इस एंगल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। माना जा रहा है कि लॉरेस बिश्नोई और रोहित गोडारा गैंग इस हाई-प्रोफाइल केस का इस्तेमाल हरियाणा में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए कर रहे हैं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कनाडा में बैठे बिश्नोई गैंग के सहयोगी गोल्डी ढिल्लों ने उसी पोस्ट में कनाडा के ब्रैम्पटन में सोनू छठा की हत्या की जिम्मेदारी भी ली। ढिल्लों ने दावा किया कि सोनू छठा सांसद धानुआ की हत्या की साजिश में शामिल था और लॉरेंस के नाम पर रंगदारी वसूल रहा था। लॉरेंस बिश्नोई इस समय जेल में है और गोल्डी ढिल्लों विदेश से सक्रिय है। ऐसे में अधिकारियों को डर है कि यह मामला प्रदेश में गैंगवार को और भड़का सकता है और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। मनीषा के परिवार और ग्रामीणों ने लगातार CBI जांच की मांग की थी। भिवानी में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि इस मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।  

BJP की हरियाणा रणनीति: अक्टूबर में होगा मंत्रियों का रिव्यू, वन स्टेट-वन इलेक्शन पर फोकस

चंडीगढ़  हरियाणा में विधानसभा चुनाव में हारी 42 सीटों पर अगले चुनाव में कमल खिलाने के लिए भाजपा पूरी रणनीति के साथ जुट गई है। मिशन-2029 की तैयारियों को धार देने के लिए हर क्षेत्र के लिए अलग रणनीति तैयार की जा रही है। संगठनात्मक मजबूती, जनता से सीधा संवाद और हारी हुई सीटों पर रणनीति, इन्हीं तीन बिंदुओं पर मिशन-2029 की नींव रखी जा रही है। भाजपा नेताओं ने मंगलवार को चंडीगढ़ और पंचकूला में एक के बाद एक कई बैठकें की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली और संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने अलग-अलग बैठकों की कमान संभाली। प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, डॉ. अर्चना गुप्ता और कृष्ण कुमार बेदी भी इन बैठकों में शामिल हुए। सबसे पहले सुबह मुख्यमंत्री आवास पर जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और पार्टी पदाधिकारियों की पहली बैठक हुई। इस बैठक में हाल ही में संपन्न जिला कार्यकारिणी की बैठकों की समीक्षा की गई और संगठन व सरकार के बीच बेहतर तालमेल की रणनीति पर चर्चा हुई। हरियाणा भाजपा के प्रदेश महामंत्री व कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, डॉ. अर्चना गुप्ता और सुरेंद्र पूनिया की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि जनता तक सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि पार्टी की पकड़ जमीनी स्तर पर और मजबूत हो सके। हारे हुए नेताओं को भी बुलाया इसके बाद भाजपा ने उन 42 नेताओं को बुलाया जो 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर हार चुके थे। इनमें पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता जैसे दिग्गज भी शामिल रहे। इस बैठक का मकसद मिशन-2029 के तहत उन सीटों पर विशेष रणनीति बनाना है, जहां भाजपा को पिछली बार झटका लगा था। मुख्यमंत्री और संगठन पदाधिकारियों ने इन नेताओं से फीडबैक लिया और चुनावी समीकरणों पर गहन मंथन किया। पार्टी का मानना है कि यदि इन सीटों पर पुख्ता तैयारी की जाए तो आने वाले चुनावों में भाजपा का ग्राफ दोबारा ऊपर उठ सकता है। भाजपा इन सीटों पर शेडो प्रभारी नियुक्त कर चुकी है। दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधायकों से मुलाकात कर उनके क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर चर्चा की। इसके बाद शाम को मंत्रियों के साथ बैठक में विभागीय कार्यों, प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की समीक्षा की गई। छठी बैठक पंचकूला में मन की बात कार्यक्रम की हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री शामिल हुए। बड़े लक्ष्य को साधने की तैयारी राजनीतिक हलकों में भाजपा की इन बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर भाजपा अपने घर को दुरुस्त करने में जुटी है तो दूसरी ओर विपक्षी दलों की नजर भी इन बैठकों पर टिकी हुई है। यह स्पष्ट है कि हरियाणा की राजनीति में आने वाले दिनों में भाजपा अपनी रणनीति और जमीनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए आक्रामक तेवर अपनाएगी। भाजपा की तैयारी बड़े लक्ष्य को साधने की है। 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा विधानसभा चुनाव में हारे भाजपा प्रत्याशियों की बैठक के बाद पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिन विधानसभा सीटों पर हार हुई हैं, उनमें कोई प्रतिनिधि न रहने के कारण विकास में कमी न आ जाए, इसके लिए बैठक में कार्ययोजना बनाई गई। उन्होंने ऐसी बैठकों की पहल के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को साधुवाद दिया है। हारी हुई सीटों पर विशेष ध्यान बीजेपी ने अपनी पिछली हार से सबक लेते हुए उन 42 विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। इन सीटों का जिम्मा पहले ही 12 मंत्रियों और 30 विधायकों को सौंपा जा चुका है। बैठक में मुख्यमंत्री ने इन प्रभारियों से जमीनी स्तर का फीडबैक लिया और उन्हें निर्देश दिए कि वे हारे हुए प्रत्याशियों के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करें। पार्टी की रणनीति स्पष्ट है: हर महीने इन सीटों की समीक्षा की जाएगी, ताकि 2029 तक पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ा जा सके। पार्टी का लक्ष्य केवल हारी हुई सीटों को जीतना ही नहीं, बल्कि जीती हुई सीटों पर भी अपनी पकड़ मजबूत करना है। इसलिए, हर सीट के लिए अलग रणनीति तैयार की जा रही है। पार्टी ऐसे नए चेहरे भी तैयार करेगी जो विरोधी दलों के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर दे सकें। मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड और संगठनात्मक मजबूती संगठनात्मक स्तर पर भी बीजेपी ने कमर कस ली है। प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने बताया कि जिला कार्यकारिणी की बैठकें हो चुकी हैं और अब 23, 24 और 25 अगस्त को 377 मंडलों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में विकास कार्यों और मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर भी चर्चा होगी। पार्टी ने सभी मंत्रियों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड बनाने का भी फैसला किया है। इस रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा अक्टूबर में की जाएगी, जब सरकार को एक साल पूरा हो जाएगा। इस समीक्षा का उद्देश्य यह देखना होगा कि किस मंत्री के विभाग में जनहित के कितने काम हुए हैं और उनकी सक्रियता कितनी है। इससे पार्टी को न केवल सरकार की कार्यप्रणाली का आकलन करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी तय हो पाएगा कि कौन से नेता जनता के बीच कितने प्रभावी हैं। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की तैयारी केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की योजना के मद्देनजर, बीजेपी की यह तैयारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह रणनीति इस बात का संकेत देती है कि पार्टी हर परिस्थिति के लिए तैयार है, चाहे चुनाव कभी भी हों। संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं की ड्यूटी लगाकर और उनके रिपोर्ट कार्ड बनाकर, पार्टी अपनी पूरी मशीनरी को सक्रिय और जवाबदेह बनाना चाहती है। यह योजना न केवल हरियाणा में बीजेपी की स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि पार्टी हर सीट पर जीत के लिए एक मजबूत और समन्वित रणनीति के साथ मैदान में उतरे।   

IAS अधिकारियों के तबादले से हिला हरियाणा ब्यूरोक्रेसी, जानें किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके तहत वर्ष 2017 बैच के आईएएस विश्राम कुमार मीणा को डिप्टी कमिश्नर कुरुक्षेत्र नियुक्त किया गया है। यह पद काफी समय से रिक्त था। इससे पूर्व आईएएस मीणा नूंह के डिप्टी कमिश्नर और सीईओ मेवात डेवलपमेंट एजेंसी के पद पर कार्यरत थे।  इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इसी तरह 2018 बैच के आईएएस सचिन गुप्ता को डिप्टी कमिश्नर रोहतक नियुक्त किया गया है। वे 2012 बैच के आईएएस धर्मेंद्र सिंह का स्थान लेंगे। सचिन गुप्ता एचएसवीपी पंचकूला के एडमिनिस्ट्रेटर और अर्बन एस्टेट पंचकूला के अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात थे। वहीं, 2018 बैच के आईएएस अखिल पिलानी को आईएएस विश्राम कुमार मीणा के स्थान पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह डिप्टी कमिश्नर नूंह और सीईओ, मेवात डेवलपमेंट एजेंसी का पदभार संभालेंगे। इससे पूर्व यमुनानगर नगर निगम के कमिश्नर और जिला नगर आयुक्त थे। वर्ष 2012 बैच के आईएएस मनोज कुमार को डिप्टी कमिश्नर महेंद्रगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पूर्व वह हरियाणा स्किल डेवलपमेंट एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के विशेष सचिव थे। 

बम धमकी से दहला चंडीगढ़ हाईकोर्ट, चप्पे-चप्पे की तलाशी, सुरक्षा अलर्ट पर पुलिस

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर-1 स्थित पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस की तरफ से हाईकोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं हाईकोर्ट परिसर में सर्च भी किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं।  हाइकोर्ट को इससे पहले भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है कि ईमेल के जरिये यह धमकी दी गई है। पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बम स्क्वायड और ऑपरेशन सेल की टीम पहुंची है। हाइकोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्च के दौरान कुछ संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस टीमें चप्पे चप्पे को खंगाल रही है।  जानकारी के अनुसार रजिस्ट्रार को धमकी भरा ई-मेल आया है। कुछ समय पहले भी बम से उड़ाने की एक मेल आई थी, लेकिन सर्च के दौरान कुछ नहीं मिला था। हालांकि पुलिस विभाग ने हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है। हाईकोर्ट में आने जाने वाले लोगों की भी तलाशी ली जा रही है। 

लेडी टीचर मनीषा की मौत रहस्य में घिरी, दिल्ली भेजी गई डेडबॉडी; हत्या या आत्महत्या पर सस्पेंस

भिवानी हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की हत्या हुई या उसने आत्महत्या की, इसका राज अब CBI खोलेगी। सरकार ने मनीषा डेथ मिस्ट्री की जांच CBI को सौंपने का ऐलान कर दिया है।CM नायब सैनी ने कहा कि परिवार की मांग पर जांच CBI को सौंपी जा रही है। इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा।वहीं भिवानी सिविल अस्पताल और रोहतक PGI के बाद अब मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स (AIIMS) में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके लिए मनीषा की डेडबॉडी दिल्ली भेज दी गई है। वहां से पोस्टमॉर्टम होने के बाद मनीषा का उनके गांव ढाणी लक्ष्मण में अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। फिलहाल लोग धरने पर बैठे हुए हैं।हालात बिगड़ने की आशंका से पुलिस भी हाईअलर्ट पर है। भिवानी और चरखी दादरी में 19 अगस्त की सुबह 11 बजे से 21 अगस्त सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद किया जा चुका है। गांव से 5 किमी दूर दंगा रोकू वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और 3 जिलों की पुलिस फोर्स तैनात है। पुलिस ने गांव की चारों तरफ से नाकाबंदी कर रखी है। ग्रामीणों के बंद किए रास्तों को साफ करने के लिए जेसीबी मंगा ली गई है। इससे पहले प्रशासन ने सोमवार देर रात मनीषा के पिता को अंतिम संस्कार के लिए राजी कर लिया था। मगर, मंगलवार को इसका पता चलने पर ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने ऐलान कर दिया कि गांव में अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। इसके बाद पुलिस-प्रशासन पीछे हट गया। ग्रामीणों ने संघर्ष के लिए नई गांव कमेटी बनाते हुए आज (20 अगस्त) से पक्के मोर्चे का ऐलान कर दिया। मनीषा के पिता ने बताया कि सरकार ने हमारी मांगे मान ली है और धरना खत्म किया जाएगा। बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद पहले परिजनों के मनीषा के अंतिम संस्कार के लिए मानने की बात सामने आई थी लेकिन अब तक मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।    13 अगस्त को मनीषा का शव झाड़ियों में मिला था जिसके बाद परिवार ने रेप के बाद हत्या का शक जताया है। मनीषा का दो बार पोस्टमार्टम किया गया है। पहले भिवानी और फिर रोहतक पीजीआई में। दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर खाने से मौत का कारण सामने आया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु पहुंची ढिगावा, शव का दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम शिक्षिका मनीषा मौत मामले में बुधवार दोपहर डेढ़ बजे हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया ढिगावामंडी के रेस्ट हाउस में पहुंची। जहां मनीषा मौत मामले में संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार के लोगों से बातचीत की वहीं पुलिस की अब तक इस मामले में की गई कार्रवाई को लेकर भी मंथन किया। रेनु भाटिया ने परिजनों को विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार और महिला आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। हर पहलु से मामले की जांच होगी। मनीषा को न्याय दिलाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की और इस मामले में हत्या या आत्महत्या दोनों ही पहलु की जांच के दौरान परिजनों की संतुष्टि कराने की भी बात कही। वहीं मनीषा के शव का तीसरी बार एम्स दिल्ली में पोस्टमार्टम पर भी भाटिया ने संज्ञान लिया।  शिक्षिका मनीषा मौत मामले में हरियाणा सरकार द्वारा सीबीआई जांच और दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराने की मंजूरी देने के बाद परिजनों का रुख नरम पड़ा है। बुधवार सुबह भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखे मनीषा के शव को लेने के लिए आईपीएस प्रतीक अग्रवाल पहुंचे। उनके साथ कमांडों और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। एंबुलेंस में मनीषा के शव को दिल्ली एम्स में रिसेपलिंग के लिए ले जाया गया है। शव के साथ एंबुलेंस में दो परिजन भी साथ गए हैं। दिल्ली एम्स में मनीषा के बिसरा सैंपल के साथ तीसरी बार पोस्टमार्टम के लिए शव से भी कुछ नए सैंपल लिए जाएंगे। जिसके आधार पर ही तीसरी बार चिकित्सकों की टीम इस नतीजे पर पहुंचेगी कि आखिर मनीषा की हत्या हुई है या फिर ये आत्महत्या है। अब तक मनीषा के दो पोस्टमार्टम हो चुके हैं। जिसमें पहला पोस्टमार्टम भिवानी जिला नागरिक अस्पताल में हुआ है। उसमें मनीषा के गले को तेजधार हथियार से काटे जाने, दोनों आगे गायब होने और श्वास व भोजन नली कटी होने की बातें सामने आई थी। इसके बाद ही भिवानी पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। पुलिस की छह टीमें भी मामले की जांच में जुटी हैं। इसी बीच रोहतक पीजीआई में भी मनीषा का दूसरी बार पोस्टमार्टम हो चुका है। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों ने मनीषा की मौत जहरीला पदार्थ निगलने और शव को कुत्तों व जंगली जानवरों द्वारा नोंच खाने की बातें सामने आई थी। जिससे परिजन व ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे। इसी के चलते गांव ढाणी लक्ष्मण में सोमवार देर रात से ही पक्का मोर्चा डालकर आंदोलन किया जा रहा था। इससे पहले सिंघानी के पास अनिश्चित कालीन धरना देकर परिजन शव लेने से इंकार कर रहे थे। अब हरियाणा सरकार ने तीसरी बार दिल्ली एम्स में मनीषा के पोस्टमार्टम् और मामले की सीबीलआई जांच की मांग स्वीकार की है। जिसके बाद मनीषा के शव काे दिल्ली एम्स में सैंपलिंग के लिए ले जाया गया है।  सुबह गांव में ढिगावा तक लाया गया था मनीषा का शव बुधवार सुबह मनीषा के शव को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में ढिगावा तक लाया गया था, लेकिन परिजनों ने शव काे लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद वापस शव को जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में वापस लाया गया। इसके बाद आईपीएस प्रतीक अग्रवाल की अगुवाई में शव को दिलली एम्स में ले जाया गया।  ढाणी लक्ष्मण में चल रहा है धरना, जुटे सैकड़ों लोग बुधवार को भी मनीषा के पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण में धरना चल रहा है। जहां भारी संख्या में लोग जुट रहे हैं। धरना पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंच रहे हैं और मनीषा की मौत में न्याय मांग रहे हैं। मनीषा की मौत को लेकर मंगलवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चंडूनी, सुरेश कौथ सहित अन्य किसान नेता भी पहुंचे थे। जिसके बाद ये मामला एक बार … Read more

कर्मचारियों के हित में हरियाणा सरकार ने लिया निर्णय, हड़ताल का समय अब अवकाश में गिनेगा

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने साल 2023 में हड़ताल पर गए लिपिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब इस हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश (लीव ऑफ दी काइंड ड्यू) माना जाएगा। साथ ही, हड़ताल अवधि का न तो वेतन काटा जाएगा और न ही इस अवधि को सेवा में बाधा (ब्रेक इन सर्विस) के रूप में नहीं माना जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार भी है, द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि हड़ताल पर जाने से पूर्व अर्जित अथवा संचित ‘अर्जित अवकाश’ को सर्वप्रथम समायोजित किया जाएगा, इसके पश्चात ‘हाफ पे लीव’ जाएगा। अर्जित अवकाश और ‘हाफ पे लीव’ की कटौती के बाद भी यदि हड़ताल अवधि शेष रहती है तो अग्रिम अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा, जिसे संबंधित लिपिकों के भविष्य में अर्जित होने वाले अवकाश खाते से समायोजित किया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि यह छूट केवल एक बार की विशेष व्यवस्था के तौर दी जा रही है और इसे भविष्य में मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा। ये निर्देश केवल कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों, खास तौर पर लिपिकों पर लागू होंगे, जिन्होंने उस विशेष हड़ताल में भाग लिया था। ये निर्देश अन्य किसी भी मामले में लागू नहीं होंगे। तदनुसार, विभागों में कार्यरत एसएएस कैडर से सत्यापन के उपरांत वेतन जारी किया जा सकता है। इस सम्बन्ध में सभी प्रशासकीय सचिवों, विभागाध्यक्षों, सभी मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, उप-मंडल अधिकारियों (नागरिक) और खजाना अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

58 की उम्र पार करने वालों को अब सिर्फ 2 साल तक ही नौकरी का मौका, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियोजन (री-इम्पलॉयमेंट) से संबंधित मामलों के निपटान के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम-143 के अनुसार केवल असाधारण या अपवादस्वरूप परिस्थितियों में ही 58 साल के बाद अधिकतम 2 वर्ष तक री-इम्पलॉयमेंट की अनुमति दी जा सकती है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासकीय सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को एक पत्र जारी किया गया है। पत्र अनुसार राज्य सरकार ने 18 जून, 2025 को जारी आदेशों के माध्यम से एक समिति का पुनर्गठन किया है। यह समिति उन व्यक्तिगत मामलों और श्रेणी या वर्ग के स्तर पर मामलों की समीक्षा करेगी जिनकी सेवाएं संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक हैं। प्रस्तावों पर विचार के लिए हर महीने एक निश्चित तिथि को समिति की बैठक होगी। संशोधित प्रक्रिया के अंतर्गत, प्रशासनिक विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि किन परिस्थितियों में संवानिवृत्त अधिकारियों या कर्मचारियों की सेवाएं सेवानिवृत्ति के बाद भी आवश्यक हैं। री-इम्पलॉयमेंट केवल उन्हीं मामलों में विचाराधीन होगी, जहां सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति के लिए यह अपरिहार्य हो और जहां कनिष्ठ कर्मचारियों की पदोन्नति की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अलावा, संबंधित अधिकारी का सेवा रिकॉर्ड अच्छा होना अनिवार्य है और उसके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित न हो। री-इम्पलॉयमेंट की अधिकतम आयु सीमा 63 वर्ष निर्धारित की गई है ताकि अधिकारी या कर्मचारी 65 वर्ष की आयु तक कम से कम 2 वर्ष तक सेवा कर सकें। प्रशासनिक विभाग को अपने मंत्री-प्रभारी की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद संबंधित मामले मानव संसाधन विभाग (मानव संसाधन-1 शाखा) को भेजने होंगे। इसके बाद समिति अपनी सिफारिशें संबंधित प्रशासनिक विभाग को भेजेगी। इसके बाद संबंधित विभाग वित्त विभाग की सहमति प्राप्त कर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही री-इम्पलॉयमेंट आदेश जारी करेंगे।

कर्मचारियों को मिली राहत, हरियाणा CM सैनी ने किया वेतन से जुड़ा बड़ा ऐलान

चंडीगढ़ जुलाई 2023 में 42 दिन की हड़ताल पर रहे लिपिकों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब इस हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश (लीव आफ दी काइंड ड्यू) माना जाएगा। हड़ताल अवधि का न तो वेतन काटा जाएगा और न ही इस अवधि को सेवा में बाधा (ब्रेक इन सर्विस) माना जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार भी है, ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। हड़ताल पर जाने से पूर्व अर्जित अथवा संचित ‘अर्जित अवकाश’ को सर्वप्रथम समायोजित किया जाएगा।इसके पश्चात ‘हाफ पे लीव’ जाएगा। अर्जित अवकाश और ‘हाफ पे लीव’ की कटौती के बाद भी यदि हड़ताल अवधि शेष रहती है तो अग्रिम अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा, जिसे संबंधित लिपिकों के भविष्य में अर्जित होने वाले अवकाश खाते से समायोजित किया जाएगा। क्लर्क एसोसिएशन ने मूल वेतन 35 हजार 400 रुपये करने की मांग को लेकर यह हड़ताल की थी। इसमें 15 हजार से अधिक लिपिक शामिल हुए थे। तब प्रदेश सरकार ने नो वर्क-नो पे का फार्मूला लागू करते हुए हड़ताली कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश जारी कर दिए थे। मुख्य सचिव द्वारा जारी नए आदेश में कहा गया है कि यह छूट केवल एक बार की विशेष व्यवस्था के तौर दी जा रही है और इसे भविष्य में मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा। यह निर्देश केवल कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों, खास तौर पर लिपिकों पर लागू होंगे, जिन्होंने उस विशेष हड़ताल में भाग लिया था। यह निर्देश अन्य किसी भी मामले में लागू नहीं होंगे। तदनुसार, विभागों में कार्यरत एसएएस काडर से सत्यापन के उपरांत वेतन जारी किया जा सकता है। इस संबंध में सभी प्रशासकीय सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, एसडीएम और खजाना अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

मनीषा केस में तनाव: 2 दिन इंटरनेट सेवा ठप, ग्रामीण बोले- संस्कार नहीं होने देंगे

 भिवानी-चरखी दादरी मनीषा मौत मामले में भले ही हत्या की बजाए आत्महत्या का एंगल सामने आया है, मगर अब भी लोगों में आक्रोश कम होने की बजाए बढ़ गया है। सोमवार देर रात को कमेटी ने फैसला लेकर शव लेकर अंतिम संस्कार का फैसला लिया था। वहीं, अब पिता संजय का सोशल मीडिया पर नया वीडियो सामने आया है। जिसमें उसने कहा है कि मैंने दबाव में आकर बयान दिया था। उसने कहा कि मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। मुझे इस बात का विश्वास न हीं है। मेरी बेटी को प्रशासन से गुहार है कि न्याय दिलाया जाए। ये वीडिया सोशल मीडिया पर भी भेजी जा रही है।  हरियाणा में भिवानी की लेडी टीचर मनीषा के आज होने वाले अंतिम संस्कार में पेंच फंस गया है। सोमवार देर रात प्रशासन से हुई मीटिंग के बाद परिवार के राजी होने की बात सामने आई थी। मंगलवार सुबह इसका खुलासा होने पर भिवानी में ग्रामीणों की पंचायत हुई। उन्होंने इंसाफ मिलने तक मनीषा का अंतिम संस्कार न करने के लिए कहा। इसके लिए पिता संजय को भी समझाया कि पूरा गांव उनके साथ है। किसी के दबाव में न आएं। अब भारी संख्या में ग्रामीणों ने गांव ढाणी लक्ष्मण को जाता रास्ता रोक दिया है। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर इकट्‌ठा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह बिना इंसाफ मिले मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। माहौल को देखते हुए सरकार ने भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट बंद कर दिया है। दोनों जिलों में 19 अगस्त यानी आज सुबह 11 बजे से 21 अगस्त की सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। प्रदेश गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए कहा कि सभी तरह के इंटरनेट और बल्क SMS बंद रहेंगे। भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट सेवा बंद मनीषा की मौत के मामले को लेकर बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर भिवानी और चरखी दादरी जिलों में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह निर्णय कानून व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है।  दूसरी ओर ढाणी लक्ष्मण के ग्रामीण इस बात पर अड़े हैं कि मनीषा का न्याय नहीं मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा। इसी को लेकर मंगलवार सुबह गांव ढाणी लक्ष्मण के सभी रास्तों को भी अवरुद्ध कर दिया गया। गांव में जाने वाले सभी कच्चे और पक्के रास्तों पर पेड़ और पत्थर डालकर उन्हें बंद कर दिया है। जिसकी वजह से किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में नहीं घुसने दिया जा रहा है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।  वहीं सोमवार देर रात हुई मीटिंग के बाद पिता संजय ने कहा था कि वह पुलिस जांच से संतुष्ट हैं और आज यानी मंगलवार को अंतिम संस्कार कर देंगे। अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहे हैं कि मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती, मुझे उस पर इतना विश्वास है। प्रशासन कह रहा है कि उसने आत्महत्या की है। मैं इसको नहीं मानता कि मेरी बेटी आत्महत्या कर लेगी। सारी मेडिकल टीम ने ये दिखाया कि उसने आत्महत्या की है। मैं कहता हूं कि उसने आत्महत्या नहीं की है। मुझे मेरी बेटी के लिए न्याय चाहिए। मनीषा हत्याकांड: कैसे हुई मनीषा की मौत? हरियाणा के भिवानी में हुए शिक्षिका मनीषा हत्याकांड में सोमवार देर शाम को सुनारिया लैब से मेडिकल जांच रिपोर्ट भिवानी पुलिस को मिल गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि रिपोर्ट में चिकित्सकों के अनुसार मनीषा की मौत कीटनाशक की वजह से हुई। मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक मिला है।  एसपी ने बताया कि चिकित्सकों से हुई बातचीत में अब तक चार बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हो पाई हैं, जिसमें पहला मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक के अंश मिले हैं, दूसरा मनीषा के शरीर पर कोई सीमन नहीं मिला है, जिससे दुष्कर्म की कोई बात सामने नहीं आई है। तीसरा यह है कि मनीषा के चेहरे पर कोई भी एसिड या कैमिकल नहीं मिला है। जबकि चौथी बात मनीषा की मौत के बाद ही उसके शरीद के अंग गायब हुई हैं, जिससे की जंगली जानवरों द्वारा नोंच कर खाए गए हैं। मनीषा के सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग भी मैच हो गई है।  पुलिस कर रही है मामले की अभी विस्तृत जांच भिवानी पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार का कहना है कि मनीषा की मौत मामले में पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। अभी इस मामले में पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची हैं। पुलिस ने लैब से बिसरा जांच रिपोर्ट परिजनों को भी दी है। परिजनों के पुलिस को लेकर कुछ सवाल हैं, लेकिन इस मामले में परिजनों की पुरी संतुष्टि की जाएगी। पुलिस की जांच अभी बंद नहीं हुई है, पुलिस इस मामले की हर पहलु से जांच तक तह तक जाने में लगी है। सुसाइड थ्योरी पर परिजनों ने उठाए सवाल वहीं दूसरी तरफ मनीषा हत्याकांड मामले में पुलिस की थ्योरी से परिजन भी अनभिज्ञ हैं। मनीष की मौत के पांच दिन बाद परिजनों को सोशल मीडिया से सोमवार को पता चला कि सुसाइड नोट मिला है। जबकि परिजनों ने सुसाइड थ्योरी पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। वहीं मीडिया के सामने मनीषा के दादा रामकिशन भी फफक पड़े। रामकिशन ने बताया कि पौती सारी बातें साझा करती थी। पौती मनीषा तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। दादा ने मनीषा को कोर्स के लिए खर्चा देने की बात कही थी। वहीं मनीषा के परिजनों ने बताया कि सुसाइड करने वाला कैसे अपना गला काट लेगा और चेहरे पर तेजाब कैसे छिड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने पहले सुसाइड नोट की कोई भी बात उन्हें नहीं बताई थी। इस हाल में मिला था मनीषा का शव 19 वर्षीय महिला शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त की सुबह ढाणी लक्ष्मण अपने घर से सिंघानी प्ले स्कूल जाने के लिए रोजाना की तरह तैयार होकर निकली थी। लेकिन दोपहर बाद वह घर नहीं लौटी तो देर शाम तक परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे। परिजनों ने उसी दिन … Read more