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मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की उल्टी गिनती, बारिश का कोटा 95.8% पूरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में सीजन की कुल बारिश 37.7 इंच हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 95.8 प्रतिशत है। सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब सिर्फ 0.2 प्रतिशत पानी की जरूरत है। अगले तीन-चार दिन में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है। इसी बीच मानसून की विदाई की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। सोमवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप का असर दिखाई देने लगेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने के आसार हैं। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई एक सप्ताह के अंदर होने लगेगी। मौसम केंद्र (IMD), भोपाल के मुताबिक- अगले 4 दिन प्रदेश के किसी भी जिले में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलेगी। रविवार तक प्रदेश में औसत 37.7 इंच बारिश हो गई, जो कोटे की 95.8 प्रतिशत है। 0.2% बारिश होने के बाद प्रदेश 'सामान्य बारिश' की कैटेगिरी में आएगा। 3 दिन में यदि कहीं हल्की बारिश भी हुई तो प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगिरी में आ सकता है। 48 घंटे की तेज बारिश के बाद थमा दौर पिछले दिनों गहरे अवदाब के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में करीब 48 घंटे तक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा और बांधों के गेट खोलने पड़े। रविवार से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगी, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई शहरों में रविवार को धूप-छांव की स्थिति रही। अब बारिश की गतिविधि कमजोर होने के साथ तापमान बढ़ने और धूप तेज होने की संभावना है। पूर्वी एमपी में बारिश का आंकड़ा बेहतर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इन जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 48 घंटे भारी बारिश, फिर कमजोर हुआ सिस्टम गहरे अवदाब की वजह से 48 घंटे तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का दौर बना रहा। इस वजह से नदियां उफान पर आ गईं, जबकि कई डैम के गेट भी खुल गए। रविवार से सिस्टम कमजोर होने लगा और भारी बारिश का दौर थमा रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में धूप-छांव वाला मौसम रहा। सोमवार से सिस्टम की एक्टिविटी नहीं होने से कई जिलों में तीखी धूप खिलेगी। तीसरे दिन आधे से ज्यादा हिस्से में धूप खिलेगी। इसी बीच मानसून की विदाई भी शुरू होने का अनुमान है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अबकी बार सामान्य की 100 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद कम है। जून की कमी पूरी नहीं हो पाई इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी कुल आंकड़े में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक आए और कई दिनों तक बारिश गतिविधियां कमजोर रहीं। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से कमी काफी हद तक कम हुई। सितंबर के आखिरी दौर में भी तेज बारिश हुई, लेकिन जून की पूरी कमी की भरपाई नहीं हो सकी। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश है। प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब मानसून की विदाई से पहले होने वाली हल्की बारिश ही प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचा सकती है।  

CM भजनलाल का आज भरतपुर दौरा, 8 जिलों को 1,109 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज भरतपुर और खैरथल-तिजारा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पूर्वी राजस्थान के 8 जिलों को कई बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 1,109 करोड़ रुपए की लागत वाले 345 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। इनमें भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, अलवर, कोटपुतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा जिले शामिल हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सुबह 11.50 बजे जयपुर से हेलीकॉप्टर से बयाना पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे उपखण्ड बयाना की ग्राम पंचायत बिडयारी पहुंचकर नायरा पेट्रोल पंप के पास विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा 8 जिलों को 1,109 करोड़ की सौगात देंगे। वे 345 विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण करेंगे। दोपहर 1 से 2 बजे तक वे कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2.45 बजे हेलीकॉप्टर से खैरथल-तिजारा के लिए रवाना होंगे। यहां इस्माइलपुर रोड स्थित होटल ग्रीनलैंड में भाजपा के 'कार्यकर्ता-संवाद' कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान भी किया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। इन विकास कार्यों का करेंगे शिलान्यास सवयार्ड ग्राम निठार, भुसावर में भूमि समतलीकरण एवं चारदीवारी तथा किसान पथ नगला गुठाकर से नयागाँव की सीमा तक कृषि उपज मण्डी समिति, वैर के निर्माण कार्य (लागत राशि 2.15 करोड़ रुपए) सार्वजनिक निर्माण विभाग के 125 कार्य (लागत राशि 185.20 करोड़ रुपए) ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 7 कार्य (लागत राशि 1.56 करोड़ रुपए) स्कूल शिक्षा विभाग के 13 कार्य (लागत राशि 27.72 करोड़ रुपए) यूडब्ल्यूएसएस नदबई का विस्तार कार्य (लागत राशि 6.47 करोड़ रुपए) जल संसाधन विभाग के 6 कार्य (लागत राशि 44.35 करोड़ रुपए) चुली एवं अनियाला में 33 केवी सब स्टेशन के निर्माण कार्य (लागत राशि 2.55 करोड़ रुपए) ट्रोमा सेन्टर एवं MCH अस्पताल का निर्माण कार्य (लागत राशि 160.15 करोड़ रुपए) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 20 कार्य (लागत राशि 96.58 करोड़ रुपए) नगरीय विकास विभाग के 3 कार्य (लागत राशि 13.43 करोड़ रुपए) पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों बिचपुरी गुजरान, दरगमां एवं बालौती के भवन निर्माण कार्य नवीनीकरण एवं सौंर्दीकरण सड़क, भिवाड़ी से खिजुरीवास टोल, भिवाड़ी (लागत राशि 40 करोड़ रुपए) कठूमर से डेहरा मोड (वाया मसारी, भरीथल होते हुए अटारी) सड़क का चौड़ाईकरण (18 किमी.) (कठूमर, नदबई) -अलवर, भरतपुर (लागत राशि 11 करोड़ रुपए) विधानसभा क्षेत्र थानागाजी में मिसिंग लिंक सड़कों के 16 कार्य (लागत राशि 9 करोड़ रुपए) नयागाँव बोलका से धौलान टहला, राजगढ़ SH-25 तक 11 किमी सड़क निर्माण कार्य (थानागाजी) – अलवर (लागत राशि 5 करोड़ रुपए) इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण     ऊर्जा विभाग के 14 कार्य (लागत राशि 273.48 करोड़ रुपए) जल संसाधन विभाग के 11 कार्य (लागत राशि 128.20 करोड़ रुपए) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 11 कार्य (लागत राशि 11.96 करोड़ रुपए) सार्वजनिक निर्माण विभाग के 6 कार्य (लागत राशि 24.84 करोड़ रुपए) उच्च प्राथमिक विद्यालय, नागला केवाल के निर्माण कार्य (लागत राशि 1.10 करोड़ रुपए) ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 10 कार्य (लागत राशि 1.24 करोड़ रुपए) राजकीय कन्या महाविद्यालय, बाडी में निर्माण कार्य (लागत राशि 7.50 करोड़ रुपए) राजकीय आयुर्वेद औषधालय धौर एवं कासिमपुर के भवन निर्माण कार्य वन विभाग के 5 कार्य बायो परीक्षण प्रयोगशाला एवं संयुक्त निदेशक कार्यालय के भवन निर्माण कार्य (लागत राशि 2.42 करोड़ रुपए) पशु चिकित्सालय उदई खुद एवं अनियाला के नवीन भवन के निर्माण कार्य सीसी अटल पथ का निर्माण, ईशाक हाउस से सरकारी अस्पताल ग्राम इस्माइलपुर तक (लागत राशि 2 करोड़ रुपए) सीसी अटल पथ का निर्माण, SH-14 राय मोड़ से हरी टेलर से भावनी बड़सिवा, ग्राम ततरपुर (लागत राशि 2 करोड़ रुपए) बी.टी. सड़क निर्माण कार्य, अलावपुर बासवा से चम्मुनी ढाणी से धनियों सैयद रोड अटल प्रगति पथ का निर्माण, नाई हाउस से टाइल ग्राम गुवालड़ा (लागत राशि 2 करोड़ रुपए)

विनय कुमार के VRS के बाद बिहार में नए DGP की कवायद तेज, वरिष्ठ IPS के नामों पर मंथन

पटना पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की स्वैच्छिक सेवानिवृति के बाद बिहार के नए डीजीपी की तलाश तेज हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, सरकार को नए डीजीपी का चयन करने के लिए यूपीएससी के नये पैनल का इंतजार है। कार्यकारी व्यवस्था के तहत वर्तमान पैनल में से सबसे वरिष्ठ आईपीएस प्रीता वर्मा को कार्यवाहक डीजीपी बनाया जा सकता है। गौर हो कि विनय कुमार निजी कारणों का हवाला देते हुए 15 सितंबर से 05 अक्तूबर 2026 तक 21 दिनों की छुट्टी पर गए थे। इस दौरान 1991 बैच की आईपीएस प्रीता वर्मा को डीजीपी का प्रभार सौंपा गया था। सूत्रों की मानें तो राज्य में डीजीपी का चयन केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय से होता है। डीजीपी चयन को लेकर 30 साल की सेवा अवधि पूरी कर चुके आईपीएस का नाम वर्तमान की सेवानिवृति के कम से कम तीन माह पूर्व भेजना होता है। मगर विनय कुमार के सितंबर में ही स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने की वजह से केंद्र और राज्य सरकार आपसी समन्वय से इस पर निर्णय लेगी। राज्य सरकार से मिली अनुशंसा के आधार पर यूपीएससी आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, नेतृत्व अनुभव और शेष कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए अंतिम तीन नाम का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजती है। राज्य सरकार को उनमें से ही किसी एक को डीजीपी चुनना होता है। बता दें कि बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने दिसंबर में होने वाली सेवानिवृत्ति से पहले ही भारतीय पुलिस सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली है। बिहार सरकार ने उनका वीआरएस तत्काल प्रभाव से मंजूर करते हुए उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त भी कर दिया था। राज्य गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी वियन कुमार ने 25 सितंबर को वीआरएस के लिए आवेदन किया था। सरकार ने तीन महीने के नोटिस की अनिवार्य अवधि में छूट देते हुए उनका आवेदन तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया था। उनका डीजीपी के रूप में कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होना था। सामान्य प्रशासन विभाग की अलग अधिसूचना के अनुसार, विनय कुमार को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। विनय कुमार सितंबर के मध्य से अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार के कार्यवाहक डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इस घटनाक्रम के साथ बिहार में नए नियमित डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई है। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम केंद्र को भेजे जाने और उसके बाद संघ लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया के तहत नए डीजीपी के चयन की कवायद चल रही है।

यूपी में बजट खर्च पर योगी की सख्ती, विभागों को 60% व्यय सुनिश्चित करने का टारगेट

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट प्राविधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और व्यय की गति तेज करने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने सुस्त विभागों पर सख्ती दिखाई उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त हो रही है, ऐसे में जिन विभागों में बजट खर्च की गति अपेक्षित नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले दो माह में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी हों और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री रविवार शाम को एक महत्वपूर्ण बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में चालू वित्तीय वर्ष के बजट प्राविधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के सर्वाधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के कार्यों और वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, उसका समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए उसका लाभ जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने वित्त मंत्री को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित और बिंदुवार समीक्षा करें। जिन विभागों में नीतिगत, प्रक्रियात्मक या तकनीकी कारणों से स्वीकृतियों अथवा व्यय में अड़चन आ रही है, उसका तत्काल समाधान कराया जाए। वित्त विभाग भी इसकी नियमित निगरानी करे और प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराए। हर किसान को मिले क्रेडिट कार्ड का लाभ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए गांवों में और किसानवार मैपिंग कराई जाए, ताकि पात्र किसानों को चिन्हित कर उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के भी निर्देश दिए। जिम्मेदार अधिकारियों की तय करें जवाबदेही मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं और विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता तथा समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। केंद्र सहायतित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं में भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होनी है, उनमें विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से सीधे संवाद कर लंबित धनराशि और स्वीकृतियों से जुड़े विषयों का समाधान कराएं, ताकि केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं की गति प्रभावित न हो। 9,99,056.48 करोड़ है यूपी का कुल बजट समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 1,58,474.15 करोड़ अधिक है। इसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ का प्राविधान किया गया है। अब तक शासन स्तर से 5,15,918.44 करोड़, यानी 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। इनमें योजनाओं से संबंधित 2.13 लाख करोड़ से अधिक की स्वीकृतियां शामिल हैं। इसके सापेक्ष प्रदेश में अब तक 2,83,870.11 करोड़ का वास्तविक व्यय दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बजट का आकलन वास्तविक आवश्यकता और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए, ताकि धनराशि अनावश्यक रूप से प्राविधानित न रहे और उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। अधिकारी फील्ड में जाकर करें समीक्षा मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और जहां कार्यों की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार कराएं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें। विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

LPU हिंसा के बाद CM मान का एक्शन, DGP गौरव यादव को ग्राउंड पर जाने के निर्देश

 चंडीगढ़  लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों को लेकर स्टूडेंट के प्रदर्शन और नेशनल हाईवे जाम किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त रुख अपनाया है।मुख्यमंत्री ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही डीजीपी गौरव यादव को खुद ग्राउंड पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। डीजीपी गौरव यादव को मौके पर पहुंचकर कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के साथ स्टूडेंट से बातचीत और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। अफवाह इंटरनेट पर वायरल होने के बाद भड़के छात्र  एलपीयू में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा मैसेज इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद स्टूडेंट बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए थे। नेशनल हाईवे जाम कर दिए जाने के कारण जालंधर और लुधियाना के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। एलपीयू से रामा मंडी होते हुए पीएपी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। रामा मंडी की तरफ आने वाले वाहनों को होशियारपुर रोड की ओर भेजा गया, जबकि जालंधर से कैंट की तरफ जाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कैंट और नकोदर के रास्ते हाईवे पर भेजने की व्यवस्था की गई। स्टूडेंट का प्रदर्शन जारी रहने के कारण पुलिस को यातायात सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। यूनिवर्सिटी ने वायरल दावों को बताया झूठा एलपीयू की रजिस्ट्रार डा मोनिका गुलाटी ने इंटरनेट मीडिया पर फैल रहे संदेशों और दावों को झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिये अफवाहें फैला रहे हैं, जिससे स्टूडेंट के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और यूनिवर्सिटी के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी को ही सही मानें। एफआइआर दर्ज, मैसेज के स्रोत की भी जांच इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम के साथ इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए मैसेज के स्रोत की भी जांच कर रही है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटा है कि संदेश सबसे पहले किस नंबर या अकाउंट से सामने आया और इसके बाद किस तरह इसे आगे फैलाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब डीजीपी स्तर पर मामले की निगरानी की जा रही है। ग्राउंड पर स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश देकर साफ किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर तनाव, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

उज्जैन शाही मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ जमा हो गई है। इसके बाद एक बार फिर से बवाल बढ़ गया है। मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। साथ ही पत्थर फेंकने लगे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले दागे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती है। सुबह में जमा हुए मुस्लिम समाज के लोग उज्जैन में शांति के बाद भोर में मुस्लिम समाज के लोग घर लौट गए थे। कुछ देर पहले समाज के लोगों की भीड़ वहां फिर से जमा होने लगी। इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लोगों को रोकने के लिए 500 मीटर के एरिया को बैरिकेड कर दिया गया था। सोमवार सुबह हुआ पथराव  उज्जैन में आज सुबह नगर निगम की कार्रवाई से पहले ही शाही मस्जिद हटाने का विरोध शुरू हो गया. अचानक से यहां पुलिसबल की तरफ पथराव शुरू हो गया. जिसके बाद पुलिस ने   उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. कुछ देर तक पथराव के बाद पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया और भीड़ को तितर-बितर किया गया. हालांकि मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान महिला टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लगी है।  उज्जैन के टंकी चौराहे पर भीड़ जमा हुई उज्जैन के टंकी चौराहे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी है. यही पर पत्थरबाजी हुई है. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने विरोध के दौरान मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश की है. जिन्हें पुलिस ने रोक दिया है. मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात है. स्थिति को नियंत्रण में रखने की लगातार कोशिश हो रही है. शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने उज्जैन के नाका नंबर-5 पर चक्का जाम किया है. यहां बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठी हैं. जिसकी वजह से सुबह से उज्जैन शहर का ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है. यहां भी पुलिसबल महिलाओं को हटाने में जुटी है।  उज्जैन में 2000 पुलिसकर्मी तैनात  कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन शहर में करीब 2000 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जिसमें RAF और STF के जवान भी शामिल हैं. शहर के काजी खलीकुर्रहमान  के साथ प्रशासन ने बातचीत की है।  उज्जैन में क्या शाही मस्जिद का यह मामला दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद जारी है. इसी क्रम में गोपाल मंदिर रोड पर प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला सामने आया है. मस्जिद को चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित किए जाने की आशंका के चलते मुस्लिम समाज ने विरोध दर्ज कराया है. इसको लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर हुई है. एकलपीठ से याचिका खारिज होने के बाद युगलपीठ में अपील की गई है. शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी. अब सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है. शाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए प्रशासन से इसे बचाने की अपील की है. फिलहाल सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विवाद बढ़ता जा रहा है।  भीड़ ने शुरू कर दी पत्थरबाजी इसके बाद भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी है। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोल दागे हैं। शाही मस्जिद के पास स्थिति को देखते हुए 2500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही दूसरे जिलों से भी बल बुलाया गया है। पूरे शहर में अलर्ट जारी स्थिति को देखते पूरे शहर में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस बल हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आंसू गैस के गोले से भीड़ को हटाया जा रहा है। एसपी समेत अन्य लोग वहां मौजूद हैं। क्यों हो रहा है विवाद सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा जाना है। इसे लेकर मुस्लिम समाज के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों के साथ पुलिस की मीटिंग हुई थी। रात में मामला सुलझ जाने के बाद सुबह में फिर से विवाद बढ़ गया है। इसके बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल

विश्व पर्यटन दिवस पर ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की पहल, देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा बीटूबी बैठक में पर्यटन कारोबारियों के बीच व्यावसायिक साझेदारी पर जोर, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – राजेश अग्रवाल रायपुर,  विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में किया गया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों, विशेषकर पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया, कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है। अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने बताया आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीटूबी बैठक के माध्यम से नए पर्यटन पैकेज तैयार करने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया। 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं नीलू शर्मा ने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और एआई से पर्यटन को नई दिशा देने पर जोर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने अपने प्रस्तुतीकरण में विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम क्पहपजंस ।हमदकं ंदक ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम जव त्मकमेपहद ज्वनतपेउ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने और नई संभावनाओं की तलाश की आवश्यकता है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटन संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है। प्रस्तुतीकरण में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, जलप्रपात, वन्यजीव, गुफाएं, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक पर्यटन, होम-स्टे, साहसिक पर्यटन और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन एवं विरासत स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ पर्यटन विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कार्य पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के … Read more

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं का किया सम्मान

सीधी और सच्ची बात साहस के साथ रखें युवा, नई सोच को दें नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं का किया सम्मान युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने आज की जनधारा की 36वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभाशाली, परिश्रमी और संभावनाओं से भरपूर है। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखनी चाहिए तथा अपने विचारों और कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के सामने अवसरों का नया संसार खुला है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, बड़े लक्ष्य तय करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए विचारों को साकार करने के लिए व्यापक अवसर मिल रहे हैं। आज भारत का युवा नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला-संस्कृति सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी अपार सामर्थ्य है और वे अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी के संदेश का उल्लेख करते हुए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषण का सहज और स्थानीय स्रोत है। इसे जनभागीदारी से घर-घर तक पहुंचाकर स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत किया जा सकता है। प्रकृति और संस्कृति छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रकृति की अनुपम देन से समृद्ध है। यहां के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का सहज जीवन और विविध लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां की शिवलिंग सदृश प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे स्थल हैं, जिनमें पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली आत्मा यहां के गांवों, लोकजीवन और संस्कृति में बसती है। सादरी सहित प्रदेश की विभिन्न बोलियां, लोककला, लोकगीत और नागपुरी संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों, भाषा-बोली और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहना चाहिए। संघर्ष से ही मिलता है आगे बढ़ने का संबल मुख्यमंत्री साय ने अपने जीवन के अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए कहा कि कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और अपने छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे न हटना सिखाया। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलता है। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला एवं संस्कृति की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पंडवानी की महान कलाकार पद्म विभूषण स्वर्गीय श्रीमती तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से महाभारत के विभिन्न पात्रों को मंच पर जीवंत किया और पंडवानी को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। मिश्रा ने कार्यक्रम में अपने प्रसिद्ध गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ की प्रस्तुति भी दी। मुख्यमंत्री साय ने कॉन्क्लेव में सम्मानित युवा प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के विचारों, उपलब्धियों और प्रतिभा को समाज के सामने लाने के साथ उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास,मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा उपस्थित सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की सराहना

रायपुर : नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की सराहना मुख्यमंत्री ने कहा – छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित नवाचारों को मिल रही राष्ट्रीय पहचान मुनगा के पोषण लाभों को जन-जन तक पहुंचाने और हर घर में पौधा लगाने का किया आह्वान ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना एवं सामुदायिक सुविधाओं के लिए 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में लगाया अमरूद का पौधा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ तक विभिन्न विषयों पर किया संवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के नवाचारों की ‘मन की बात’ में लगातार हो रही चर्चा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘मन की बात’ में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है। नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है। लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में … Read more

संजू देवी की जीत पर गदगद छत्तीसगढ़, डिप्टी CM साव ने कहा- बढ़ाया मान

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एशियन गेम्स की कबड्डी गोल्ड मेडलिस्ट संजू देवी से बात कर दी बधाई, कहा आपने छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान संजू देवी ने राज्य सरकार के सहयोग और प्रोत्साहन के लिए जताया आभार रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने जापान में इन दिनों चल रहे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से वीडियो कॉल पर बात कर बधाई दी। साव ने बातचीत के दौरान संजू देवी की स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उनसे कहा कि आपने देश के साथ छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है। आपकी मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति जुनून प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। उप मुख्यमंत्री साव ने संजू देवी को आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है। बातचीत के दौरान संजू देवी ने आगे बढ़ने और अपने खेल को निखारने के लिए राज्य शासन तथा खेल विभाग की ओर से मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए  आभार जताया। साव ने कहा कि संजू देवी की यह सफलता उनके समर्पण और लगातार संघर्ष का परिणाम है। खेल के प्रति उनका जुनून प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। खासकर खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रही बेटियों को उनकी उपलब्धि नई प्रेरणा देगी। बिलासपुर के बहतराई खेल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही कोरबा की संजू देवी भारतीय कबड्डी टीम की महत्वपूर्ण सदस्य है। भारत की ओर से खेलते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों में तीसरी स्वर्णिम सफलता हासिल की है। उन्होंने कबड्डी विश्वकप और एशियन चौंपियनशिप में भी भारत को विजेता बनाने में उम्दा प्रदर्शन किया था।