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बाल विवाह पर सख्ती: अक्षय तृतीया से पहले सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते बनाने के आदेश

बाल विवाह पर सख्ती: अक्षय तृतीया से पहले सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते बनाने के निर्देश भोपाल अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले सामूहिक विवाह में बाल विवाहों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती जी वी रश्मि ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं को शून्य करने और किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे(NFHS-5) के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बाल विवाह के मामलों में कमी आई है, लेकिन कुछ जिलों में अभी भी यह समस्या बनी हुई है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 20 अप्रैल 2026 को है और इस दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह आयोजित होते हैं। ऐसे आयोजनों में बाल विवाह होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशानुसार स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। 20 अप्रैल को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पंच, सरपंच, सचिव और पार्षद बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ लेंगे तथा पंचायत और वार्ड कार्यालयों में इसका प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों और आंगनबाड़ी के बच्चों की जागरूकता रैलियां भी निकाली जाएंगी।       गांवों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा समूह चर्चा आयोजित कर परिवारों को बाल विवाह न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, ग्राम कोटवार और पंचायत सचिव की मदद से 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की सूची तैयार कर संबंधित परिवारों को समझाइश दी जाएगी तथा उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बाल विवाह की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त बाल विवाह मुक़्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। बाल विवाह रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम और वार्ड में सूचना दल बनाए जाएंगे, जिनमें शिक्षक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व- सहायता समूह की महिलाएं और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। सचिव श्रीमती रश्मि ने स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे समाज में सही उम्र में विवाह के महत्व और कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।  

कोर्ट का अहम फैसला: 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की मिली इजाजत, पति से रिश्ते में नहीं आया सामंजस्य

 ग्वालियर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक महत्वपूर्ण मामले में 19 साल की युवती को उसकी इच्छा के अनुसार प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी है. अदालत ने साफ किया कि बालिग व्यक्ति को अपनी जिंदगी के फैसले लेने का पूरा अधिकार है और उसकी मर्जी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  ग्वालियर से सामने आए इस मामले में एक पति ने अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए 'कोर्ट में पेश कराने की याचिका (हेबियस कॉर्पस)' दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को एक युवक ने अपने पास अवैध रूप से रखा हुआ है. मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने युवती को बरामद कर वन स्टॉप सेंटर में रखा और बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया. सुनवाई के समय युवती के माता-पिता, पति और कथित प्रेमी भी अदालत में मौजूद थे. अदालत ने जब युवती से उसकी इच्छा पूछी तो उसने साफ तौर पर कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से रह रही है. उसने यह भी कहा कि वह न तो अपने पति के साथ रहना चाहती है और न ही अपने माता-पिता के साथ. युवती ने अदालत को बताया कि उसका वैवाहिक जीवन ठीक नहीं चल रहा था।  युवती ने कहा कि उसकी उम्र 19 साल है, जबकि उसके पति की उम्र 40 साल है. दोनों के बीच 21 साल का अंतर है, जिसके कारण उनके रिश्ते में सामंजस्य नहीं बन पाया. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युवती की काउंसलिंग कराई. इसके बावजूद युवती अपने फैसले पर कायम रही और उसने दोबारा कहा कि वह अपनी इच्छा से अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है. युवती के प्रेमी ने भी अदालत को भरोसा दिलाया कि वह उसकी देखभाल करेगा और उसके साथ किसी तरह का गलत व्यवहार नहीं करेगा. सभी पक्षों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि युवती बालिग है और अपनी इच्छा से निर्णय ले रही है. ऐसे में उसे उसकी मर्जी के खिलाफ कहीं रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।  अदालत ने युवती को उसके प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी. साथ ही उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छह महीने के लिए निगरानी व्यवस्था भी तय की गई है. इसके तहत संबंधित अधिकारी समय-समय पर युवती से संपर्क में रहेंगे और उसकी स्थिति पर नजर रखेंगे. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवती को वन स्टॉप सेंटर से मुक्त किया जाए। 

झांसी सदर्न बायपास फोर लेन परियोजना को मिली मंजूरी, 631 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत

भोपाल  प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में 15.5 किलोमीटर लंबे 4-लेन सदर्न बायपास के निर्माण की केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 631.73 करोड़ रुपये तय की गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास जोड़ेगा। उन्होंने प्रदेश को नई नई सौगाते देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह बायपास बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ेगा। इससे एमपी से होकर झांसी जाने वाला भारी ट्रैफिक अब शहर के अंदर नहीं जाएगा, जिससे सीमा क्षेत्र में जाम और दबाव कम होगा। यह बायपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहां जहांगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को गति मिलेगी।   इसके अलावा इस परियोजना से मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के बीच माल ढुलाई तेज होगी। ट्रांसपोर्ट लागत और समय दोनों कम होंगे, जिससे व्यापारियों को फायदा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में छोटे उद्योग, होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट सर्विस जैसे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही झांसी में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र (BIDA) से एमपी के जिलों को सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि वहां तक पहुंच आसान और तेज हो जाएगी। झांसी पांच बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों एनएच-27, एनएच-44, एनएच-39, एनएच-539 और एनएच-552 का प्रमुख जंक्शन है। इस कारण शहर के भीतर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

दल बदल लेते हैं पर दिल नहीं बदलता, राजस्थान की पूर्व सीएम ने बाहरी नेताओं पर कसा तंज

 जयपुर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे ने पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर एक ऐसा बयान दिया है, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजे ने साफ लहजे में कहा कि पार्टी को अब अवसरवादियों की जगह अपने मूल वफादारों को पहचानने की जरूरत है। दल बदल लेते हैं, पर दिल नहीं वसुंधरा राजे ने बीजेपी के 46 साल के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान कई लोग आए और कई चले गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, आजकल कई लोग दल तो बदल लेते हैं, लेकिन उनका दिल नहीं बदलता। उनकी मानसिकता वही पुरानी रहती है। राजे का इशारा साफ तौर पर उन नेताओं की तरफ था जो दूसरी पार्टियों से आकर बीजेपी में ऊंचे पद पाने की जुगत में रहते हैं। वफादारों को मिले सम्मान, अवसरवादियों को नो एंट्री! राजे ने आगामी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर नेतृत्व को सावधान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक नियुक्तियां और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सिर्फ उन्हीं को मिलनी चाहिए जो मूल भाजपा के हैं। जिन्होंने तूफानों और मुश्किल वक्त में पार्टी के लिए लाठियां खाईं और संघर्ष किया, उन्हें ही मौका मिले। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रति समर्पण दिखाने वाले कार्यकर्ताओं को ही शासन में भागीदारी दी जानी चाहिए। पद के पीछे भागने वालों को नसीहत कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए वसुंधरा ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा, पद के लालच में काम मत करो। अगर आप ईमानदारी से जमीन पर काम करेंगे, तो पद खुद चलकर आपके पास आएगा। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर अटल-आडवाणी और विजयाराजे सिंधिया के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज पीएम नरेंद्र मोदी उस दीप को और प्रकाशमान कर रहे हैं।

स्कैनिंग के दौरान पकड़ा गया कारतूसों का जखीरा, कानपुर की महिला गिरफ्तार और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज

लखमऊ लखनऊ के बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन पर एक महिला के बैग से 53 जिंदा और 10 खोखा कारतूस बरामद हुए. स्कैनिंग के दौरान बैग संदिग्ध पाया गया. महिला वैध दस्तावेज नहीं दिखा सकी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया लखनऊ के बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक संदिग्ध बैग की जांच के दौरान भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए. इस मामले में थाना महानगर पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है. घटना 5 अप्रैल 2026 को दोपहर 11 बजकर 59 मिनट की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, महिला ने काले रंग का बैग मेट्रो स्टेशन पर लगे XBIS स्कैनर पर रखा था. स्कैनिंग के दौरान बैग के अंदर कारतूस जैसी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. इसके बाद वहां तैनात महिला गार्ड, जो SIS से संबंधित है, ने बैग की भौतिक जांच कराई. जांच के दौरान बैग से 35 जिंदा कारतूस .303 बोर के बरामद हुए. इनके साथ 7 क्लिप चार्जर और 3 खाली क्लिप चार्जर भी मिले. इसके अलावा बैग में रखे एक छोटे काले पर्स से 18 जिंदा कारतूस 9MM के बरामद हुए. पुलिस को बैग में एक पन्नी भी मिली, जिसमें 9MM के 9 खोखा कारतूस रखे हुए थे. इसके साथ ही एक खोखा कारतूस .303 बोर का भी बरामद किया गया. कुल मिलाकर महिला के पास से 53 जिंदा कारतूस और 10 खोखा कारतूस बरामद किए गए. मेट्रो स्कैनिंग में संदिग्ध बैग से कारतूस का खुलासा गिरफ्तार महिला की पहचान प्रतिभा पाल के रूप में हुई है. वह स्वर्गीय यशवंत सिंह की पत्नी हैं और उनकी उम्र 43 वर्ष बताई गई है. महिला उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के थाना साढ़ क्षेत्र के ग्राम तिवारीपुर की रहने वाली है. पूछताछ के दौरान महिला इन कारतूसों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंसी कागज नहीं दिखा सकी. इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया. थाना महानगर में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज इस मामले में थाना महानगर में मु0अ0सं0 59/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. महिला के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच जारी है. इस घटना के बाद मेट्रो स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.  

भर्ती में धांधली और अनियमितताओं के आरोप, कोर्ट ने राजस्थान हाउसिंग बोर्ड से मांगा जवाब

जयपुर  राजस्थान हाउसिंग बोर्ड (RHB) में जूनियर असिस्टेंट बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने इस भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं को देखते हुए नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि अगली सुनवाई तक इन पदों को नहीं भरा जाएगा। कोर्ट में क्यों नाराज हुए जज? आज कोर्ट रूम में माहौल काफी गरमाया रहा। दरअसल, सुनवाई के दौरान रेस्पोंडेंट (बोर्ड) पक्ष के वकील बार-बार समय मांग रहे थे, जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। अभ्यर्थियों के वकील आनंद शर्मा और अरविंद कुमार शर्मा ने मजबूती से पक्ष रखते हुए बताया कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। भर्ती में धांधली के आरोप सूत्रों और याचिकाकर्ताओं के वकीलों की मानें तो इस भर्ती में पारदर्शिता की भारी कमी रही है। कोर्ट के सामने दलील दी गई कि विज्ञापन में लिखा था कि मुख्य परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट के नंबर जोड़कर मेरिट बनेगी, लेकिन बोर्ड ने टाइपिंग के अंक जोड़े ही नहीं। भर्ती का परिणाम कई बार संशोधित किया गया, जिसके पीछे कोई ठोस वजह नहीं दी गई। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि जिन अभ्यर्थियों के नाम दस्तावेज सत्यापन (DV) सूची में थे, उन्हें बाद में बिना किसी कारण बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वहीं मामले की गंभीरता और अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी कर सभी संबंधित पदों को रिजर्व रखने के निर्देश दिए हैं। यानी जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक बोर्ड किसी को जॉइनिंग नहीं दे पाएगा।

डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर प्रदेशभर में नशे के विरुद्धप्रभावी कार्रवाई

भोपाल.  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा 01 अप्रैल से प्रदेशभर में विशेष अभियान संचालित कर मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बीते पांच दिनों में विभिन्न जिलों की पुलिस द्वारा समन्वित कार्रवाई करते हुए लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जप्त किए गए हैं। रतलाम में SAFEMA के तहत 16 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई को आर्थिक स्तर तक प्रभावी बनाते हुए पुलिस द्वारा बड़ी वैधानिक कार्यवाही की गई है। थाना कालूखेड़ा क्षेत्र में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री संचालित करने वाले आरोपियों की पहचान कर उनके द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इसके पश्चात एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेर करने वाले (संपत्ति की ज़ब्ती) अधिनियम,(The Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act, 1976 ) SAFEMAके तहत लगभग 16 करोड़ 16 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए। यह कार्रवाई न केवल तस्करों के आर्थिक तंत्र को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध कड़ा संदेश भी देती है। प्रमुख कार्यवाही नीमच: जिले में नशा विरोधी अभियान के तहत तीन अलग-अलग प्रकरणों में लगभग 62 लाख रुपये मूल्य की 500 ग्राम एमडीएमए, 2 किलो 140 ग्राम अफीम एवं 67 किलो 200 ग्राम डोडाचूराजप्त किया गया। इस दौरान चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस चौकी नयागांव, थाना जीरन एवं थाना सिंगोली की संयुक्त कार्रवाई में वाहन चेकिंग एवं मुखबिर सूचना के आधार पर यह कार्यवाही की गई। आगर मालवा: कोतवाली पुलिस द्वारा नाकाबंदी कर एक कार से 148 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्‍त की गई, जिसकी वाहन एवं अन्य सामग्री सहित कीमत लगभग 25 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया हैं। शिवपुरी: थाना करैरा पुलिस द्वारा 52 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग 10 लाख 40 हजार रुपये) के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त थाना अमोला पुलिस ने भी 15 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग 3 लाख रुपये) जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। उज्जैन: भाटपचलाना थाना पुलिस ने 1किलो84 ग्राम गांजा (कीमत लगभग 68 हजार रुपये) के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक अन्य बड़ी कार्रवाई में एमडीएमए ड्रग्स बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ कर भारी मात्रा में केमिकल और नगदी सहित 8 लाख 50हजार रूपए की संपत्ति जब्त की है। इंदौर: क्राइम ब्रांच इंदौर ने कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 24.08 ग्राम एमडी ड्रग्स, कार एवं मोबाइल सहित लगभग 5 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। मंदसौर: थाना शामगढ़ पुलिस ने 1 किलो 245 ग्राम अवैध अफीम (कीमत लगभग 2 लाख 49 हजार रुपये) के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गुना: बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 1लाख50 हजार रुपये के लगभग 17.294 किलोग्राम100 गांजे के पौधे जप्तकर आरोपी को गिरफ्तार किया। उज्जैन: थाना बड़नगर पुलिस ने 36.58 ग्राम एमडी ड्रग्स (कीमत लगभग 1 लाख रुपये) के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने मादक पदार्थ रतलाम से लाकर बेचने की बात स्वीकार की है। नर्मदापुरम: थाना इटारसी पुलिस ने 1 लाख रुपयेका 6 किलो 76 ग्राम गांजा जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। खरगोन: सनावद पुलिस ने 13.41 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये), मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन जप्त कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। छिंदवाड़ा: थाना कुण्डीपुरा पुलिस ने 1 किलो492ग्राम गांजा (कीमत लगभग 20 हजार रुपये) जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के 34 नग (कीमत लगभग 68 हजार रुपये) जप्त कर आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। बैतूल में अंतरराज्यीय गांजा सप्लायर गिरफ्तार जिले में कोतवाली पुलिस द्वारा सतत विवेचना के दौरान गांजा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया गया। पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तकनीकी एवं मुखबिर तंत्र के आधार पर मुख्य आरोपी को चिन्हित किया। कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो उड़ीसा से गांजा लाकर जिले में सप्लाई करता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सब्जी परिवहन के बहाने उड़ीसा जाता था और वापसी में गांजा लाकर स्थानीय स्तर पर बेचता था। पुलिस द्वारा अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही इन सतत एवं प्रभावी कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि न केवल तस्करों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, बल्कि उनके नेटवर्क, वित्तीय स्रोत एवं अवैध संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।  

मंत्री टेटवाल ने विजेताओं को दी बधाई, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीत के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल.  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के आईटीआई एवं कौशल प्रशिक्षण संस्थानों से तैयार हो रही युवा प्रतिभाएं अब देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रही हैं। इंडिया स्किल्स 2025-26 के विभिन्न चरणों में प्रदेश के प्रतिभागियों द्वारा किया गया प्रदर्शन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। पश्चिम क्षेत्रीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के 104 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 44 पदक अर्जित किए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 26 प्रतिभागियों ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए स्थान सुनिश्चित किया। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश के प्रतिभागियों ने कुल 8 पदक हासिल किए, जिनमें ब्रिकलेइंग में अजय अहिरवार द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त किया गया। कैबिनेट मेकिंग में विनीत शर्मा और विजुअल मर्चेंडाइजिंग में रानू पाटीदार ने कांस्य पदक अर्जित किए। इसके अतिरिक्त सीएनसी टर्निंग में अंकित प्रजापति, फ्लोरिस्ट्री में पूर्वी चौहान और आयुष इवाने, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग में लक्ष्मी कुशवाह तथा वेल्डिंग में कुलदीप ने ‘मेडलियन फॉर एक्सीलेंस’ प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया। इन उपलब्धियों में आईटीआई संस्थानों के साथ-साथ ग्लोबल स्किल पार्क के प्रतिभागियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जो प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण ढांचे की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है। विशेष रूप से, ब्रिकलेइंग में स्वर्ण पदक विजेता तथा संबंधित श्रेणियों के पदक विजेताओं ने शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भी क्वालिफाई किया है, जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आईटीआई के विद्यार्थी केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि मध्यप्रदेश के युवा अब कौशल के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रदेश में इस प्रतियोगिता के लिये कुल 13 हजार 844 पंजीयन हुए। जिला स्तर पर 5 हजार 337 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 3,415 प्रतिभागी चयनित होकर आगे बढ़े और 1 हजार 866 प्रतिभागियों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आंकड़े प्रदेश में कौशल विकास के प्रति बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।  

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, बिहार के नए सीएम के लिए गूंजा निशांत कुमार का नाम

पटना बिहार की सियासत में एक नया नाम तेजी से उभरता दिख रहा है. वह नाम है निशांत कुमार है. अब ये सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि अब ये खुले मंच पर है. मांग उठ रही है कि निशांत कुमार को बिहार का मुख्‍यमंत्री बनाया जाए. सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब विधान परिषद के अतिथि निवास का उद्घाटन करने पहुंचे, तो वहां का माहौल अचानक सियासी संदेश में बदल गया. उनके सामने ही ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ और ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे. सत्ता के गलियारों में नया संकेत! सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इन नारों को न तो रोका गया और न ही किसी तरह की नाराजगी दिखाई दी. खुद नीतीश कुमार शांत रहे, हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ गए. दरअसल, नीतीश कुमार के सामने ही “निशांत कुमार जिंदाबाद” और “बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद” के नारे गूंजने लगे. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिल्कुल शांत नजर आए. उन्होंने लोगों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ते रहे. गर्म हो सकती है राजनीति जानकारों की मानें तो यह नारेबाजी भी बिहार की आगे की राजनीति को गर्म करने के लिए काफी है. दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. 10 अप्रैल को वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. उसके बाद वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार के सीएम की कुर्सी पर बीजेपी का मुख्यमंत्री बैठेगा, ऐसा फिलहाल तय माना जा रहा है. असल में, यह नारे इसी वजह से लगाए जा रहे हैं. जेडीयू के कार्यकर्ताओं की मांग है कि बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार बैठें. ऐसे में बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह चाह अब बिहार की राजनीति का नया अखाड़ा बनने वाली है. … पर CM कुर्सी अब भी दूर! बिहार में बीजेपी कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व लगभग 10 वर्षों से सीएम की कुर्सी पर अपना मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश में हैं. इसी सपने को पूरा करने के लिए बिहार में नीतीश कुमार के सबसे करीबी कहे जाने वाले बीजेपी के डिप्टी सीएम स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी को डिप्टी सीएम को रिप्‍लेस कर दिया गया. सीएम की कुर्सी की राह तैयार करने के लिए रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्‍टी सीएम बनाया गया. रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को भी बदलकर सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले चेहरों को आगे किया गया. विजय सिन्‍हा और सम्राट चौधरी को डिप्‍टी सीएम बनाया गया। बावजूद बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है। डिप्टी CM बदलते रहे बिहार में सीएम की कुर्सी की राह बनाने के लिए नीतीश कुमार के साथ रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्टी सीएम बनाया गया. इसी कड़ी में रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को हटाकर, सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया. बावजूद इसके, बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है. अब ट्रांजिशन मोड में बिहार मगर अब नीतीश कुमार 75 साल के हो गए हैं. उम्र का असर उनके स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है. ऐसे में अब वह राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. लेकिन इस बीच बिहार एक ट्रांजिशन मोड में है. अब देखने वाली बात यह होगी कि यह बदलाव का दौर बिहार की राजनीति पर क्या असर डालता है. राजनीतिक जानकार रमाकांत चंदन का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री की गद्दी पर निशांत को काबिज करने की मांग तेज हुई, तो यह बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों पर असर डाल सकता है. गेमचेंजर बनेगा नारा या बिगाड़ेगा गणित? अब देखने वाली बात यह होगी कि ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ का जो नारा नीतीश कुमार के सामने लगाया गया, वो गेमचेंजर साबित होता है या NDA का गणित बिगाड़ देता है. जेडीयू कार्यकर्ताओं ने आज खुलकर अपनी उस मांग को नीतीश कुमार के सामने जाहिर कर दी, इसके लिए अभी दो दिन पहले ही पार्टी कार्यालय में पोस्टर लगाए गए थे. इन पोस्टरों में निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग रखी गई थी. यह भी कहा गया कि बिहार के विकास को लेकर जो संकल्प है, उसे निशांत कुमार पूरा करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह मांग बिहार की राजनीति को किस करवट ले जाती है.

सरकारी कर्मचारियों को AI से लैस करने की तैयारी, हरियाणा में स्किलिंग बढ़ाने के आदेश

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रदेश में तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरकारी कर्मचारियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्किलिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रशिक्षण संस्थानों, बोर्डों, निगमों तथा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा गया है। यह पहल राज्य सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिनके तहत अधिकारियों-कर्मचारियों को उभरती डिजिटल क्षमताओं से लैस कर अधिक दक्ष, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। मिशन कर्मयोगी के तहत राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग पोर्टल आईजीओटी कर्मयोगी पर  सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के लिए निःशुल्क, स्वयं-गति (सैल्फ पेस्ड) और प्रमाणित एआई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों को कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार बिना नियमित कार्य प्रभावित किए पूरा कर सकते हैं। राज्य के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) द्वारा इस पहल को सक्रिय रूप से समर्थन दिया जा रहा है। प्रशासन में एआई के उपयोग से निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार, डेटा आधारित नीति निर्माण तथा सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी की संभावना है। सरकारी कर्मचारियों के लिए सुझाए गए एआई पाठ्यक्रमों में बुनियादी अवधारणाओं से लेकर प्रशासन में उन्नत उपयोग तक के विषय शामिल हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र में दक्षता के लिए जनरेटिव एआई, शहरी प्रशासन में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, ग्रामीण विकास और शिक्षा में एआई का उपयोग तथा माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट जैसे उत्पादकता उपकरणों से संबंधित कार्यक्रम शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम कर्मयोगी भारत, नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (एमईआईटीवाई), वाधवानी फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट और इन्वेस्ट इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन कर इन पाठ्यक्रमों में नामांकन करने और अपने कौशल को उन्नत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि वे डिजिटल रूप से सशक्त प्रशासन के निर्माण में योगदान कर सकें।