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मुख्यमंत्री का बयान: आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था का सम्मान करने का सबसे प्रभावी माध्यम

समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना था आकाशवाणीः मुख्यमंत्री आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित  अनेक आंदोलनों का भी साक्षी रहा है आकाशवाणीः सीएम योगी  सीएम ने सुनाए स्कूल के किस्से, कहा- हमें बताया जाता था कि भाषा शुद्ध करनी हो तो आकाशवाणी सुनें लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ आकाशवाणी की 88 वर्ष की यात्रा को शानदार बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे बचपन में स्मार्टफोन-टेलीविजन नहीं थे। लैंडलाइन फोन भी एकाध ही थे, उस समय सबसे पहली आवाज आकाशवाणी की सुनी थी। सुबह आकाशवाणी का कार्यक्रम भरत चले चित्रकूट धुन से प्रारंभ होता था। हम लोगों ने बचपन में सुना और देखा कि आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना। समाचार पत्रों की हेडलाइंस भी अलग-अलग समय में चलने वाले बुलेटिनों के माध्यम से पता चलती थी। उसमें भाषा की शुद्धता, समाचार की गुणवत्ता और सच्चाई भी झलकती थी। कहीं भी पीत पत्रकारिता नजर नहीं आती थी। जो जैसा है, वैसा प्रस्तुत करने का साहस था।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया। इस दौरान आकाशवाणी लखनऊ की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। विभिन्न बोलियों के जरिये लोगों को जोड़ने का माध्यम बना आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि उस समय आकाशवाणी के मुख्य केंद्र लखनऊ के साथ ही नजीमाबाद और गोरखपुर केंद्र से समाचार सुनने को मिलते थे। आकाशवाणी ने हिंदी की उप भाषाओं तथा भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली, कुमाऊंनी समेत अलग-अलग बोलियों के जरिये स्थानीय लोगों को जोड़ने का एक माध्यम बनाया। आकाशवाणी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञानवर्धन, आस्था का सम्मान व स्थानीय लोकभाषाओं-लोककलाओं के लिए सशक्त मंच भी था।  जहां कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां पहुंचता था आकाशवाणी सीएम योगी ने कहा कि गांव हो या शहर, जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां आकाशवाणी पहुंच जाता था। 1924 में कांग्रेस के अधिवेशन में मो. अली जौहर ने वंदे मातरम का विऱोध किया था। 1937 में कांग्रेस ने तय किया कि इसके पहले दो छंद गाए जाने चाहिए। 1938 से आकाशवाणी लखनऊ में वंदे मातरम का गायन हो रहा है। आकाशवाणी देश की आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने का मंच भी बना था। इसके साथ ही कला-साहित्य, कृषि, युवा, हस्तशिल्प समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी विभूतियों के लिए व्यापक शोध किए जाते थे। उनकी बोली के अनुरूप कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे। किसान रेडियो पर ‘किसान दर्शन’ कार्यक्रम सुनते थे। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ की भी चर्चा सीएम योगी ने कहा कि आज हम लोग आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ सुनते हैं। यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 से प्रारंभ हुआ। अब तक इसके 132 एपिसोड हो चुके हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में क्या विशिष्ट हो रहा है। विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने और समाज के लिए हम क्या विशिष्ट योगदान दे सकते हैं। इन सभी को ध्यान में रखकर पीएम मोदी के ‘मन की बात’ में देश प्रथम का भाव प्रदर्शित होता है। देश के लिए योगदान करने वाले लोगों की सराहना, उनकी उपलब्धियों के बारे में प्रधानमंत्री के मुख से सुनना बड़ा सम्मान है। पीएम मोदी हर बार ‘मन की बात’ में पांच-सात दृष्टांत प्रस्तुत करते हैं, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। जनविश्वास का सशक्त माध्यम बना था आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि जब स्मार्टफोन, टेलीविजन, लैंडलाइन फोन की इतनी व्यवस्था नहीं थी,  तब देश-दुनिया को जानने का माध्यम आकाशवाणी ही था। जहां सड़क-पगडंडी भी नहीं थी, वहां आकाशवाणी पहुंच चुका था। इसके कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करते थे। आकाशवाणी ने लोकवाद्यों को भी प्रोत्साहित किया। जिन्होंने सड़क नहीं देखी, वे लोग भी अपने लोकवाद्य के साथ आकाशवाणी जाकर उसका वादन करते थे, तब देश को इन वाद्यों के बारे में जानकारी मिल पाती थी। आकाशवाणी किसानों, खिलाड़ियों के लिए प्लेटफॉर्म बना। आज हमारे पास जानकारी लेने के अनेक साधन हैं, लेकिन उस समय ऐसा कुछ भी नहीं था। हमने आकाशवाणी को आवाज से आगे बढ़कर जनविश्वास के प्रतीक के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ते देखा है। योगी ने विश्वास जताया- नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा आकाशवाणी  सीएम ने इसके वर्तमान स्वरूप पर भी अपनी बातें रखीं। कहा कि 88 वर्ष पश्चात यह चिंतन की आवश्यकता है कि समय के अनुरूप हम अपने आप को कितना तैयार कर पाए हैं और आज के अनुरूप कार्यक्रम को कैसे और लोकप्रिय-प्रभावी बना सकते हैं। सीएम ने आकाशवाणी के सीईओ से आज के परिप्रेक्ष्य में आकाशवाणी की भूमिका पर जोर दिया और विश्वास जताया कि आकाशवाणी साहित्यकारों, कलाकारों, युवाओं, किसानों, हस्तशिल्पियों समेत समाज के अलग-अलग तबके के लोगों के साथ ही पुराने लोगों के बारे में नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा।  भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें  सीएम ने अपने स्कूल के समय को भी याद किया और कहा कि उस समय हम लोगों में आपस में आकाशवाणी के कार्यक्रमों की भी चर्चा होती थी। स्कूलों में बताया जाता था कि आकाशवाणी में यह कार्यक्रम आ रहा है। भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें, क्योंकि उद्घोषक के चयनित शब्दों से सीखने-जानने की अभिलाषा होती थी। सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी किया याद सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी याद किया और कहा कि 2 अप्रैल 1938 को उन्होंने इस केंद्र का शुभारंभ किया। वह 1937 में यूपी के प्रीमियर बने थे। यह पद मुख्यमंत्री के समकक्ष होता था। 1950 में जब संविधान लागू हुआ, उसके बाद से मुख्यमंत्री का पद प्रारंभ हुआ। मेरा सौभाग्य है कि 88 वर्ष की शानदार यात्रा के समारोह में पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाली यूपी की विभूतियों और आकाशवाणी के कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां या संवर्धन देने वाले विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर मिल रहा है।  अनेक आंदोलनों का साक्षी रहा है आकाशवाणी … Read more

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जीती बाजी

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने मारी बाजी    वित्तीय वर्ष 2025-26 में पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन     पिछले एक साल प्रदेश भर के एक लाख 45 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन     प्रदेश के युवाओं के सपनों को पंख दे रहा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकॉनमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने चार लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था। आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है, जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ व तीसरे स्थान पर हरदोई है।    पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन  योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर नहीं दे रही, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में सीएम युवा योजना प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.5 लाख लक्ष्य के सापेक्ष पूरे प्रदेश से 3,86,092 युवाओं ने लोन के लिए आवेदन किया। इनमें 3,30,441 आवेदनों को बैंक को अग्रसारित किया गया। 1,45,454 आवेदनों को बैंक ने लोन देने पर स्वीकृति दी। अब तक 1,38,304 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।     जौनपुर में सबसे अधिक 4,092 युवाओं को लोन वितरित सीएम युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को अभियान के तहत 2,700 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 9,785 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 8,406 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें 4,092 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष 151.56 प्रतिशत ऋण वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पूरे वित्तीय वर्ष जौनपुर की स्थिति पहले स्थान पर बनी रही। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ  आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के अधिक से अधिक युवाओं को सीएम युवा योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर लगातार वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स और आवेदकों को आमने-सामने बैठाकर काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आजमगढ़ को योजना के तहत 2,700 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 8,871 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 7,751 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 4,049 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्य की तुलना में 149.96 प्रतिशत सफलता हासिल कर आजमगढ़ पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर रहा है।  झांसी, लखीमपुर-खीरी, अंबेडकरनगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी शानदार प्रदर्शन  हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला कर सीएम युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर माह बैंकों से साथ बैठक की जा रही है, ताकि आवेदकों की किसी भी समस्या को तत्काल दुरुस्त किया जा सके। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,900 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 11,977 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 9,701 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 3,226 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा झांसी ने चौथा और लखीमपुर खीरी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में अंबेडकर नगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने की शिष्टाचार भेंट निवेश, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने पर सहमति मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा का असर, वैश्विक निवेशकों में यूपी को लेकर बढ़ा विश्वास: साइमन वोंग सिंगापुर का बड़ा औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल जल्द करेगा उत्तर प्रदेश का दौरा ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ यूपी बना निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से सिंगापुर गणराज्य के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने गुरुवार को शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के मध्य निवेश, कौशल विकास, आधारभूत संरचना तथा सांस्कृतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई। उच्चायुक्त वोंग ने गत फरवरी माह में मुख्यमंत्री जी की सिंगापुर यात्रा को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि इस दौरे ने न केवल सिंगापुर, बल्कि आस-पास के देशों के औद्योगिक जगत में भी उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मक और भरोसेमंद संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक समुदाय उत्तर प्रदेश को एक नए अवसर और संभावनाओं के केंद्र के रूप में देख रहा है, जो भारत-सिंगापुर संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उच्चायुक्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत सिंगापुर की कंपनियों ने यहां के निवेश वातावरण को अनुकूल बताया है और अपने निवेश के विस्तार की दिशा में सक्रिय रूप से योजनाएं बना रही हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि आगामी महीनों में सिंगापुर के औद्योगिक जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा, जो राज्य में निवेश के विविध अवसरों का अवलोकन करते हुए बड़े निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सिंगापुर द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए कौशल विकास (स्किलिंग) के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सांस्कृतिक सहयोग के संदर्भ में कुशीनगर, सारनाथ जैसे बौद्ध पर्यटन स्थलों की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए दोनों पक्षों ने पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं को आकार देने पर सहमति व्यक्त की। इससे प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ झांसी, वाराणसी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे उत्तर प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास को और गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ देश की सबसे तीव्र गति से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत संरचना, सुदृढ़ कनेक्टिविटी तथा कुशल मानव संसाधन उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सर्वोत्तम गंतव्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तथा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब निवेशकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।  मुख्यमंत्री जी ने सिंगापुर को एक विश्वस्तरीय आर्थिक एवं तकनीकी साझेदार बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट तथा पर्यटन के क्षेत्रों में सिंगापुर के साथ दीर्घकालिक और परिणामोन्मुखी सहयोग के लिए तत्पर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी प्रतिनिधिमंडल का दौरा दोनों पक्षों के बीच निवेश एवं साझेदारी के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि सिंगापुर की तकनीकी दक्षता और उत्तर प्रदेश की विशाल संभावनाओं का समन्वय दोनों पक्षों के लिए पारस्परिक लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा और यह साझेदारी सतत विकास, नवाचार एवं रोजगार सृजन के नए मानक स्थापित करेगी।

योगी सरकार का बड़ा कदम: बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया

सीएम योगी के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया गया जीविकोपार्जन के लिए तीन तहसीलों के चार गांवों में दी गई जमीन प्रधानमंत्री आवास, किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाओं का मिल रहा लाभ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर खीरी जिले की अलग-अलग तहसीलों के गांवों में बसाया गया है। इनमें धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के ग्राम मोहनपुर ग्रन्ट में 41 और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवारों को बसाया गया है। इसके अलावा गोला तहसील के गांव ग्रन्ट नंबर-3 में 37 परिवारों को बसाया गया है। इन परिवारों का पुनर्वास वर्षों पहले किया गया था और अब ये यहीं स्थायी रूप से रह रहे हैं। खेती के लिए दी गई जमीन इन विस्थापित परिवारों को बसाने के साथ ही उन्हें खेती के लिए जमीन भी आवंटित की गई। गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में बसे 37 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 3 एकड़ कृषि भूमि दी गई है। धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 1.620 हेक्टेयर और 37 परिवारों को प्रति परिवार करीब 0.607 हेक्टेयर जमीन मिली है। मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट में 15 परिवारों को प्रति परिवार 3 एकड़, 9 परिवारों को प्रति परिवार 7 एकड़ और 17 परिवारों को प्रति परिवार 5 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा दिया गया है। वहीं मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ जमीन दी गई है, जिससे वे खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ, कई सुविधाएं पहुंचीं गांव तक प्रशासन का कहना है कि इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं दी गई, बल्कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। पात्रता के आधार पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन, सुकन्या समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा राशन वितरण, टीकाकरण, मनरेगा, मिड-डे मील, समग्र शिक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी, दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश पहुंचे 331 हिंदू परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनपद लखीमपुर की 3 तहसीलों में बसाया गया है। इन परिवारों को न सिर्फ कृषि योग्य जमीन आवंटित की गई, बल्कि राज्य व केंद्र सरकार की सभी जन-कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया है।

बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे समापन समारोह की अध्यक्षता रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 3 अप्रैल को शाम 5 बजे इसका आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य के तीन शहरों रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विगत 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ियों एवं अधिकारियों ने हिस्सेदारी की।   उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समापन समारोह में शामिल होंगे।

हनुमान जी का जीवन: मुख्यमंत्री साय ने साझा की उनकी प्रेरणादायक कथा

अनन्य रामभक्त हनुमान जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक- मुख्यमंत्री साय राम नाम से गुंजायमान हुआ नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर मुख्यमंत्री ने पवित्र नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री हनुमान उत्सव एवं राम कथा कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के स्टेशन चौक स्थित नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में आयोजित हनुमान उत्सव एवं राम कथा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम के अनन्य भक्त हनुमान का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। बल, बुद्धि और विद्या के दाता हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि हमारे जीवन में निष्ठा, सेवा और समर्पण कैसा होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने पवित्र नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का भूमिपूजन किया। राम कथा के दौरान नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर राम नाम से गुंजायमान हो उठा।  मुख्यमंत्री ने नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में विधि-विधान से हनुमान का दर्शन और आरती पूजन किया। उन्होंने हनुमान जी से छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 01 से 05 अप्रैल तक नर्मदा कुंड मंदिर में स्वामी राजीव लोचन दास जी द्वारा राम कथा का भी आयोजन किया जा रहा है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय को कहा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। रामायण काल में वर्णित दंडकारण्य अबूझमाड़ क्षेत्र का इलाका है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा प्रभु रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अभी तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं। 5 हजार से अधिक बुजुर्ग विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रा के लिए 19 जगहों को चिन्हांकित किया गया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी हमने धर्मांतरण रोकने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत देश के सभी प्रदेशों से कठोर नियम बनाए गए हैं। इन कड़े प्रावधानों से निश्चित ही धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। गौ माता के भी संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है। इसके तहत 29 गौधाम का शुभारंभ किया गया है। सुरभि गौधाम में गौमाता के लिए चारे और अन्य व्यवस्था के साथ ही गौपालकों को गोबर के विभिन्न उत्पाद के निर्माण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में 10 सुरभि गौधाम के साथ प्रदेश में 330 गौधाम का निर्माण किया जाएगा।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में रुद्र सेना और रुद्र शक्ति के पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा,विधायक किरण सिंहदेव और पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास जी, राम गर्ग, श्रीमती विभा अवस्थी सहित गणमान्यजन और भक्तगण उपस्थित थे।

CBSE की स्कूलों को सख्त चेतावनी, सख्त कार्रवाई की तैयारी में बोर्ड

लुधियाना सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नोटिस में यह गंभीर मामला आया है कि कई राज्यों में स्कूल एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) जमा करने के नाम पर विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस की मांग कर रहे हैं। बोर्ड ने इसे पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताते हुए स्पष्ट किया है कि पहले चरण में एलओसी के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। बोर्ड के अनुसार, स्कूलों द्वारा केवल वही परीक्षा फीस ली जा सकती है जो सर्कुलर में पहले से तय है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ बोर्ड सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार बोर्ड ने अभी सिर्फ एलओसी मांगी है ताकि परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की सही संख्या का पता चल सके। जब विद्यार्थी अपने सब्जेक्ट्स का चयन करेंगे, तभी उन्हें तय किया गया फीस देनी होगी। मई में होगी दूसरी बोर्ड परीक्षा नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे अधिकतम 3 सब्जेक्ट्स में अपना स्कोर सुधारने (इम्प्रूवमेंट) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एलओसी प्रक्रिया का पहला चरण 31 मार्च तक था, जबकि दूसरा चरण मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शुरू होगा। इसके बाद तीसरे चरण में लेट फीस के साथ विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जाएगा। परीक्षा के लिए एलिजिबिल्टी और नियम इस विशेष परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी बैठ सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में शामिल हुए हों और जिन्होंने कम से कम तीन सब्जेक्ट्स की परीक्षा दी हो। बोर्ड ने साफ किया है कि जो छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक सब्जेक्ट्स में फेल या एब्सेंट रहे हैं, वे इस परीक्षा के पात्र नहीं होंगे। कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन एलओसी में किसी भी नए विद्यार्थी का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। यदि कोई छात्र फॉर्म भरने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर ही उसका फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाएगा। 

क्राइम कंट्रोल में टेक्नोलॉजी की एंट्री: बदमाशों के फिंगरप्रिंट अब ऑनलाइन रिकॉर्ड

भिलाई नगर. दुर्ग जिले की पुलिस व्यवस्था इतनी हाईटेक हो रही है कि अब बस एक क्लिक में किसी भी अपराधी की जन्मकुंडली खुल जाएगी. इससे अपराधियों का बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. पुलिस ने बायोमैट्रिक डिवाइस इस्तेमाल से 385 गुंडा व 182 निगरानी बदमाशों फिंगर प्रिंट सिस्टम में अपलोड कर लिया है. भविष्य में कोई भी अपराधी अगर किसी भी अपराध में संलिप्त होता है तो उसकी पहचान की जा सकेगी. ऑनलाइन डाटा रखने के लिए गिरफ्तार अपराधियों का फिंगर प्रिंट लेकर उनकी डिजिटल कुंडली तैयार की जा रही है. फिंगर प्रिंट को ऑनलाइन कर दिए जाने के बाद अगर कोई अपराधी किसी घटना में गिरफ्तार होता है तो उसकी पहचान करना आसान हो जाएगा. इसके साथ ही मौके पर मिले फिंगर प्रिंट से मिलान कर भी उसे पहचाना जा सकेगा. डीआईजी व दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं और इससे उन्हें छुपने के लिए भी पर्दा मिल रहा है. पुलिस के लिए जरूरी है कि उनसे आगे बढ़कर तकनीक का इस्तेमाल करें. इसलिए आने वाले समय में अपराधी अपराध कर किसी भी देश में छिपा हो उस पकड़ने में आसानी होगी.

ईरान से सूखे मेवे की सप्लाई ठप, रेट बढ़े, उपभोक्ताओं पर बढ़े दामों का असर

इंदौर  इंदौर में युद्ध का प्रभाव कारोबार पर दिखाई दे रहा है। वैश्विक सप्लाई चेन, तेल की कीमतों व व्यापारिक माहौल में आई अनिश्चितता ने शहर के व्यापारियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इससे रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हो जाएंगी। तेल की कीमतें बढ़ने से बाजारों का आर्थिक गणित गड़बड़ाने लगा। युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो गया है। इसका सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ा है। इंदौर में माल ढुलाई महंगी होने से व्यापारियों की लागत बढ़ गई है, जिसका असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। आयात-निर्यात क्षेत्र भी इस संकट से अछूता नहीं है। मध्य-पूर्व के देशों से आने-जाने वाले व्यापारिक मार्गों में बाधा आने से कई वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हुई है। कपड़ा, मशीनरी, केमिकल सेक्टर में देरी व लागत बढ़ने की समस्या आ रही है। व्यापारियों को ऑर्डर में देरी और कैंसिलेशन का सामना करना पड़ रहा है। निर्यात हो रहा प्रभावित इंदौर और पीथमपुर के कुल वार्षिक निर्यात को जोड़ लिया जाए तो आंकड़ा 2000 करोड़ रुपए तक पहुंचता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ पीथमपुर से ही बीते वित्त वर्ष में 17,850 करोड़ रुपए का निर्यात हो चुका है। युद्ध के बाद से निर्यात प्रभावित हो गया है। 5,000 से अधिक उद्योगों में उत्पादन प्रभावित कच्चे माल की उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर एल्यूमिनियम, गैस और अन्य औद्योगिक संसाधनों की सप्लाई में व्यवधान से इंदौर की मैन्युफैक्चरिंग इकाइ‌यों की उत्पादन लागत बढ़ गई है। महंगाई का 'ट्रिपल' अटैक तेल की कीमतों में यह वैश्विक उछाल केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके चार और खतरनाक प्रभाव हो रहे हैं…. ट्रांसपोर्टः माल ढुलाई महंगी होने से हर छोटी-बड़ी चीज की कीमत बढ़ने लगी हैं। खेतीः फर्टिलाइजर खासकर यूरिया उत्पादन महंगा होने से अनाज के दाम बढ़ रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग : फैक्ट्रियों में लागत बढ़ने से सामान की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे 2008 जैसी वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो सकता है। लोहा, स्टील, सीमेंट और केमिकल जैसी बड़ी फैक्ट्रियों में भारी मशीनें चलाने के लिए डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल होता है। ईंधन महंगा होने से सामान बनाने की लागत बढ़ रही है। सूखे मेवे: युद्ध से सूखे मेवों का आयात बंद हो गया है। खासकर ईरानी सूखे मेवों की आपूर्ति ठप हो गई है जिससे कीमतें आसमान छू रही हैं। बाजार में बढ़ते दाम मूंगफली तेल- 210 सोयाबीन तेल- 180 सरसो तेल- 190 चना दाल-110 तुवर दाल- 145 चावल बासमती- 95 ईरानी पीस्ता- 2500 कच्चे माल में उछाल कॉपर रिंग्स- 17.1 % एल्युमि. पाउडर- 17.5% पीतल- 24.1% कॉपर वायर- 20.7 % लूज तेल- 30%

भोपाल मेट्रो का संचालन समय बदला, अब सुबह 11 बजे से शाम 4.30 बजे तक ही चलेगी

भोपाल  राजधानी में मेट्रो यात्रियों के लिए समय में बदलाव किया गया है।आज 3 अप्रैल, शुक्रवार से मेट्रो ट्रेनें अब सुबह 11 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित होंगी। अब तक मेट्रो सेवाएं दोपहर 12 बजे से शाम 7:30 बजे तक चल रही थीं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी काम पूरा होते ही समय को फिर से सामान्य किया जा सकता है। मेट्रो का संचालन फिलहाल सुभाष नगर स्टेशन से लेकर एम्स तक हो रहा है, जिसमें कुल आठ स्टेशन शामिल हैं। यह रूट शुरुआत से ही ट्रायल और सीमित संचालन के तहत चलाया जा रहा है।  टनल बनाने का काम जल्द होगा शुरू मेट्रो परियोजना के तहत अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम भी अब तेजी पकड़ने वाला है। टनल बोरिंग मशीन (TBM) अगले दो-तीन दिनों में खुदाई शुरू करेगी। मशीन को हाल ही में 24 मीटर गहराई तक उतारा गया है और फिलहाल उसकी तकनीकी सेटिंग का काम चल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मशीन प्रतिदिन करीब 14 मीटर तक खुदाई कर सकती है, लेकिन भोपाल की पथरीली जमीन को देखते हुए यह गति घटकर 5 से 7 मीटर प्रतिदिन रहने की संभावना है। पहली मशीन द्वारा करीब 50 मीटर टनल तैयार करने के बाद दूसरी TBM  को भी उतारा जाएगा। दोनों मशीनों के जरिए टनल निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम शुरू हुआ है। करीब 30 किमी के लिए हुए 800 करोड़ रुपए के टेंडर का यह पहला चरण है। अभी सिग्नलिंग सिस्टम नहीं होने के कारण मेट्रो प्रबंधन को मजबूरन केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) पर ट्रेन चलानी पड़ रही हैं। यही वजह है कि ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी 75 मिनट रखी गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। सिग्नलिंग के काम के चलते ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर का ट्रैक प्रभावित रहेगा। हालांकि, प्रबंधन ने यह साफ नहीं किया है कि काम कब तक चलेगा और मेट्रो कब तक इसी टाइमिंग पर चलती रहेगी। 20 दिसंबर-25 को शुरू हुई थी मेट्रो भोपाल मेट्रो का उद्घाटन पिछले साल 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्‌टर ने किया था। इसके अगले दिन यानी, 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। मेट्रो को शुरुआत में अच्छे पैसेंजर मिले, लेकिन बाद में संख्या घटती गई। वर्तमान में मेट्रो में न के बराबर यात्री सफर कर रहे हैं। 5 जनवरी को पहली बार टाइमिंग और फेरे बदले गए थे। शुरुआत में 17 फेरे और सुबह 9 बजे से मेट्रो दौड़ने लगी थी। जब बदलाव हुआ तो फेरे घटकर 13 हो गए। वहीं, टाइमिंग दोपहर 12 से शाम 7.30 बजे तक कर दी गई थी। वर्तमान में इसी टाइमिंग पर मेट्रो का संचालन हो रहा था। तीसरी बार शेड्यूल बनने के बाद फेरे 13 से घटकर 9 हो गए हैं। इनमें एम्स से सुभाषनगर के बीच 5 और सुभाषनगर से एम्स के बीच 4 फेरे शामिल हैं। डेढ़ साल तक चलेगा निर्माण कार्य टनल की खुदाई पूरी होने में करीब दो महीने लग सकते हैं, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। पूरा निर्माण कार्य पूरा होने में कम से कम डेढ़ साल का समय लगने का अनुमान है। यह टनल ओल्ड रेलवे स्टेशन क्षेत्र से पुल पातरा की ओर निकलेगा और इसमें अप और डाउन दोनों दिशाओं के लिए अलग-अलग मेट्रो लाइन बनाई जाएंगी।  भोपाल में लागू हुई नई कलेक्टर गाइडलाइन, मेट्रो ट्रैक के किनारे जाम जस के तस!  नये फाइनेंशियल ईयर के शुरू होने के साथ ही राजधानी भोपाल में नई कलेक्टर गाइडलाइन भी लागू हो गई है. जिसके बाद अब भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदने से लेकर रजिस्ट्री कराना महंगा हो गया है. नई गाइडलाइन में भोपाल मेट्रो ट्रैक के प्रॉपर्टी रेट को लगातार दूसरे साल भी नहीं बढ़ाया गया है. जिसके पीछे वजह इन इलाकों में रेट कम रखकर यहां तेजी से डेवलपमेंट करना बताई जा रही है. कलेक्टर गाइडलाइन में तय दर 13 हजार रुपए वर्गमीटर से लेकर 40 हजार वर्गमीटर तक तय हुई है. जिसके बाद हर वर्गफीट 1300 रुपए से लेकर 4000 रुपए पंजीयन शुल्क लगेगा।  भोपाल मेट्रो के किनारे तेज होगा डेवलपमेंट वर्क, एक ही जगह रेजिडेंशियल-कॉमर्शियल स्पेस और मार्केट बनाने की प्लानिंग मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकार भोपाल मेट्रो कॉर्रिडोर के आस-पास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) वर्क को बूस्ट देने के लिए लगातार दूसरे साल कलेक्टर गाइडलाइन में मेट्रो के किनारे की जमीन के रेट नहीं बदले गए हैं. प्रदेश सरकार इन इलाकों में एक ही जगह पर रेजिडेंशियल-कॉमर्शियल और मार्केट स्पेस बनाने पर प्लांनिग कर रही है।  पुराने भोपाल इतना हुआ प्रति वर्गमीटर प्रॉपर्टी का रेट अगर बात की जाए मेट्रो कॉर्रिडोर किनारे सबसे महंगी जमीन की तो भोपाल में करोंद इलाके में रेट सबसे हाई हैं. जहां नई गाइडलाइन में करोंद इलाके में रजिस्ट्री दर 40 हजार रुपए वर्गमीटर निर्धारित की गई है. इसके अलावा पुराने भोपाल में नए प्रॉपर्टी के रेट 12 हजार रुपए वर्गमीटर से 15 हजार वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।