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तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी के बीच बिहार के कई जिलों में ओलावृष्टि का बड़ा खतरा

पटना। ​बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। जहां मार्च के अंत में गर्मी चरम पर होनी चाहिए थी, वहीं अब आसमान में चक्रवाती जाल बुन रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने 31 मार्च और 1 अप्रैल को लेकर राज्य में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बिजली गिरने और तेज आंधी की गंभीर चेतावनी दी गई है। जान-माल का खतरा ​बिहार के अधिकांश जिलों में हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। यह रफ्तार इतनी तेज है कि कच्चे मकानों, टीन शेड और पुराने पेड़ों को उखाड़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी उलटफेर अचानक बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण का परिणाम है। ​ वज्रपात और ओलावृष्टि ​राज्य में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि वज्रपात का भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और मवेशियों के लिए यह समय बेहद जोखिम भरा है। इसके साथ ही कई हिस्सों में होने वाली ओलावृष्टि रबी की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें। ​ सावधानी ही बचाव है ​बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे मेघगर्जन के समय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें। मार्च का यह तूफानी अंत आने वाले गर्मी के सीजन के लिए एक असामान्य शुरुआत का संकेत दे रहा है।

पंजाब में छुट्टी का ऐलान: मंगलवार को बंद रहेंगे सभी शैक्षणिक संस्थान और ऑफिस

चंडीगढ़ पंजाब में मंगलवार को सरकारी छुट्टी रहने वाली है। इसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। दरअसल, राज्य सरकार ने मंगलवार, 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह फैसला महावीर जयंती के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 31 मार्च को गजटेड छुट्टी घोषित की गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर ऐलान भी किया है, ताकि आम जनता को सरकारी कामकाज और शैक्षणिक संस्थानों के बंद रहने की जानकारी पहले से मिल सके। भगवान महावीर का जन्म यह दिन जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म लगभग 6वीं सदी ईसा पूर्व में कुंडलपुर (वैशाली) में हुआ था। भगवान महावीर ने दुनिया को “जियो और जीने दो” का सिद्धांत दिया। उनका सबसे बड़ा ऐतिहासिक योगदान अहिंसा के प्रचार में है, जिसका मतलब है किसी भी जीव को मन, वचन या कर्म से कष्ट न पहुंचाना। उन्होंने उस समय के समाज में प्रचलित जात-पात और कर्मकांडों का विरोध किया और सभी जीवों की समानता पर जोर दिया।  

पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में बदला मौसम और 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी

राजस्थान राजस्थान में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जब श्रीगंगानगर में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग ने इसे सक्रिय हुए Western Disturbance का असर बताया है, जो प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। 25 जिलों में अलर्ट, आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 21 जिलों में येलो अलर्ट शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। 31 मार्च तक रहेगा असर, फिर मौसम होगा ड्राय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम 31 मार्च तक सक्रिय रहेगा। इसके बाद 1 अप्रैल से प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गर्मी का असर तेज हो सकता है। रविवार को कमजोर रहा सिस्टम, कई जगह साफ रहा मौसम रविवार को इस सिस्टम का असर काफी कमजोर रहा। बीकानेर संभाग में दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। वहीं जालोर, सिरोही और पाली में हल्के बादल जरूर नजर आए, लेकिन बारिश नहीं हुई। जयपुर-कोटा समेत कई संभागों में तेज धूप प्रदेश के जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में रविवार को आसमान बिल्कुल साफ रहा। दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने इसका कारण वातावरण में नमी की कमी को बताया है। कोटा रहा सबसे गर्म, पारा 39 डिग्री पार तापमान की बात करें तो रविवार को कोटा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू में 37.6 डिग्री, पिलानी और अलवर में 37.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में भी बढ़ा तापमान इसी तरह बाड़मेर में 37 डिग्री, सीकर में 36 डिग्री, जैसलमेर में 35.8 डिग्री और जोधपुर में 35.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं श्रीगंगानगर में 34.5 और बीकानेर में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। आंधी और मौसम बदलाव से सावधानी जरूरी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अलर्ट वाले जिलों में तेज आंधी और धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दो दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

JMM का शक्ति प्रदर्शन: गिरिडीह में 53वां स्थापना दिवस, CM हेमंत सोरेन पहुंचे

गिरिडीह. झारखंड मुक्ति माेर्चा का 53वां स्थापना दिवस समारोह आज सोमवार को शहर के झंडा मैदान में मनाया जाएगा। इसे लेकर पार्टी की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। समारोह को लेकर झंडा मैदान में जहां भव्य और आकर्षक पंडाल बनाया गया है, वहीं मुख्य मार्गों में जगह-जगह तोरणद्वार भी बनाए गए हैं। बैनर, होर्डिंग और पोस्टर भी लगाए गए हैं। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन होंगे। साथ ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू,गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सहित पार्टी के अन्य मंत्री, सांसद और विधायक समारोह में शिरकत करेंगे। समारोह में पूरे जिला से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। न केवल ग्रामीण क्षेत्रों, बल्कि शहरी क्षेत्र से भी भारी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और आमलोग भाग लेंगे। चूंकि हाल के दिनों में शहरी क्षेत्र में भी झामुमो का जनाधार बढ़ा है। बता दें कि इस बार का स्थापना दिवस समारोह कई मायनों में अलग होगा। पहली बार यह समारोह यहां 30 मार्च को मनाया जा रहा है, जबकि प्रत्येक वर्ष इसे चार मार्च को मनाया जाता रहा है। इस बार चार मार्च को होली रहने के कारण इसकी तिथि में परिवर्तन हुआ है। पहली बार दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अनुपस्थिति में यह समारोह मनेगा, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस बार नहीं होगा। पहली बार झामुमो के अपना मेयर और उप मेयर भी मौजूद रह कर समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। झामुमो नेता सह पूर्व विधायक केदार हाजरा ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि सीएम हेमंत सोरेन, गाडैय विधायक कल्पना सोरेन, मंत्री सुदिव्य सोनू समेत पार्टी के कई दिग्गज शामिल होंगे। सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। गांव से शहर तक से जनसैलाब उमड़ेगा। इधर, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने झंडा मैदान पहुंच समारोह की तैयारी का जायजा लिया। उन्होंने मंच, पंडाल आदि का का जायजा लेते हुए पाई गई कमियों को पूरा कर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। मौके पर झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, मेयर प्रमिला मेहरा, उप मेयर सुमित कुमार, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा के अलावा अजीत कुमार पप्पू, शाहनवाज अंसारी आदि उपस्थित थे।

CREST घोटाले पर शिकंजा: प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की फाइनेंशियल जांच

चंडीगढ़. 83 करोड़ रुपये के चर्चित क्रेस्ट घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने क्रेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि पर धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि क्रेस्ट के खातों से रकम शेल कंपनियों के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। जांच में सामने आया है कि ट्रांसफर की गई रकम का हिस्सा अबरोल के अपने खातों के साथ-साथ रिश्तेदारों और करीबी लोगों के भी अकाउंट्स में पहुंचा था। पुलिस अब इस घोटाले की मनी ट्रेल और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। फरार अकाउंट अफसर की तलाश में करनाल में रेड निगम और क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में चंडीगढ़ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों से पता चला है कि इसी घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस की टीम से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अकाउंट अफसर नलिनी मलिक को पकड़ने के लिए करनाल में दबिश दी है। हालांकि वह मौके से फरार बताई जा रही है। पुलिस को शक है कि वह किसी रिश्तेदार के घर ठहरी हुई थी। ऐसे में पुलिस की टीम उस घर पर पहुंची और आसपास पूछताछ की। यह कार्रवाई नगर निगम में 116.84 करोड़ रुपये की फर्जी एफडी और क्रेस्ट में करीब 75.16 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय गड़बड़ी मामले में हुई पूछताछ के बाद की गई है। वहीं, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपितों ने जांच के दौरान कई अहम जानकारियां साझा की हैं। पुलिस के मुताबिक कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जिन पर फर्जी कंपनियों और खातों के जरिए सरकारी धन के लेनदेन का आरोप है।

मुख्यमंत्री का बयान: पीड़ितों की समस्याओं का उचित समाधान सरकार की प्राथमिकता है

जनता दर्शन पीड़ितों की समस्याओं का उचित समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने जन समस्याओं का लिया संज्ञान, एक-एक फरियादी से खुद मिले मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं, सभी के प्रार्थना पत्र लिए और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। सीएम ने कहा कि सरकार हर पीड़ित की उचित समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। मंदिर पर कब्जे की शिकायत  उन्नाव के बांगरमऊ से आईं ममता तिवारी ने सीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए कुछ लोगों पर मंदिर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कब्जा करने वाले लोग मंदिर में पूजा भी नहीं करने दे रहे हैं। सीएम योगी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक को उचित कार्रवाई के लिए निर्देश दिया। बदायूं से आए एक किसान ने बताया कि कुछ लोगों ने उनकी फसल नष्ट कर दी, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए। दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बलरामपुर से आए एक फरियादी ने बताया कि गांव की सड़क बहुत खराब है। ग्राम प्रधान कई वर्षों से इसका निर्माण नहीं होने दे रहे हैं, जिससे आवागमन में काफी परेशानी होती है। इस पर सीएम ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव में जाकर ग्रामीणों से बातचीत करें। स्थिति का खुद आकलन करें और सड़क निर्माण कराएं। खिलाड़ी हमारी धरोहर, इनकी समस्या का जल्द निस्तारण कराएं  ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे फर्रुखाबाद निवासी एक खिलाड़ी ने भी सीएम के समक्ष अपनी बात रखी। बताया कि वह निशानेबाज हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक भी जीत चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से लाइसेंस दिलाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खिलाड़ी हमारी धरोहर हैं। इनके प्रार्थना पत्र का संज्ञान लें और उचित कार्रवाई कराएं। जमीन व पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले भी आए   ‘जनता दर्शन’ में जमीन व पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों से जुड़े प्रार्थना पत्रों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को यथोचित कार्रवाई का आदेश दिया। लखनऊ से आए एक फरियादी ने अवैध कॉलोनी से जुड़ा मुद्दा उठाया, जिस पर सीएम ने आवास आयुक्त को संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। कुछ जनपदों से आए फरियादियों ने सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की तो कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। सीएम योगी ने ऐसे तमाम मामलों पर कार्रवाई का निर्देश देते हुए पीड़ितों की संतुष्टि पर विशेष जोर दिया। सरोजिनी नगर से आए एक फरियादी ने जमीन कब्जाने व बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम सरोजिनी नगर को मामले के निस्तारण का निर्देश दिया गया।

डेडलाइन से पहले बड़ा सरेंडर: माओवादी नेता सोमन्ना ने छोड़ा हथियार

जगदलपुर/रायपुर. छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। नक्सल विरोधी अभियान के बीच माओवादी मोर्चे में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, डेडलाइन खत्म होने से ठीक एक दिन पहले कुख्यात माओवादी चेल्लुरु नारायण राव उर्फ सोमन्ना ने विजयवाड़ा में आत्मसमर्पण कर दिया है। सोमन्ना माओवादी स्टेट कमेटी सदस्य है। बताया जा रहा है कि सोमन्ना AOB (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर) राज्य समिति का प्रमुख सदस्य था। इसके साथ ही वह केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (CRC) की तीसरी कंपनी का कमांडर भी रहा है। शीर्ष माओवादी लीडर गजरला रवि और अरुणा की मौत के बाद इस क्षेत्र में माओवादी संगठन की बागडोरसोमन्ना के पास ही थी। बता दें कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस डेडलाइन से ठीक पहले सोमन्ना जैसे उच्च पदाधिकारी का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। माओवादी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी: AOB क्षेत्र के शीर्ष नेता सोमन्ना ने किया सरेंडर सुरक्षा बलों को माओवादी मोर्चे पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में माओवादी संगठन के स्टेट कमेटी सदस्य चेल्लुरु नारायण राव उर्फ सोमन्ना ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सोमन्ना AOB (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर) क्षेत्र की राज्य समिति का प्रमुख सदस्य था और केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (CRC) की तीसरी कंपनी का कमांडर भी रह चुका है. उसे संगठन के अहम रणनीतिक चेहरों में गिना जाता था. बताया जा रहा है कि शीर्ष माओवादी नेताओं गजरला रवि और अरुणा की मौत के बाद इस क्षेत्र में संगठन की कमान सोमन्ना के हाथों में थी. ऐसे में उसका सरेंडर माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह सफलता नक्सल उन्मूलन अभियान में एक अहम उपलब्धि के तौर पर देखी जा रही है, खासकर उस समय जब सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सख्त समयसीमा तय कर रखी है. माओवादी संगठन का प्रमुख चेहरा था सोमन्ना सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमन्ना एओबी (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर) राज्य समिति का एक अत्यंत प्रभावशाली सदस्य रहा है। इसके साथ ही उसने केंद्रीय क्षेत्रीय समिति की तीसरी कंपनी के कमांडर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी। शीर्ष माओवादी नेता गजरला रवि और अरुणा की मौत के बाद इस पूरे क्षेत्र में माओवादी संगठन के संचालन की कमान सोमन्ना के हाथों में ही थी। उसके आत्मसमर्पण को संगठन के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। डेडलाइन से ठीक पहले मिली कामयाबी उल्लेखनीय है कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस निर्धारित तिथि से महज एक दिन पहले सोमन्ना जैसे उच्च पदस्थ पदाधिकारी का मुख्यधारा में लौटना सुरक्षा बलों के लिए एक रणनीतिक जीत मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सोमन्ना के समर्पण से माओवादी नेटवर्क की कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे आगामी अभियानों को और अधिक मजबूती मिलेगी। नक्सलवाद पर सरकार के प्रयासों की संसद में सराहना, BJP सांसद नरेश बंसल का बयान संसद में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार के प्रयासों पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद नरेश बंसल ने सरकार की उपलब्धियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, क्योंकि उसने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से काम किया है. बंसल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की रणनीति और सुरक्षा बलों की सक्रिय कार्रवाई के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिला है.

बांकीपुर विधायक नितिन नवीन का इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब विधानसभा सीट पर होगा उपचुनाव

पटना भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को उनका इस्तीफा सौंपा। जिसे मंजूर कर लिया गया है। नितिन नवीन का विधायक पद से इस्तीफा; राज्यसभा में शुरू होगा नया सियासी सफर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को उनका इस्तीफा सौंपा। जिसे मंजूर कर लिया गया है। इससे पहले कल इस्तीफा नहीं देने के बाद राजनीतिक गलियारों में बिहार के अगले सीएम को लेकर नितिन के नाम की चर्चा होने लगी थी। इस्तीफा देने के बदले वे असम चले गए थे। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के कारण अब नितिन नवीन राज्य की राजनीति से केंद्र की ओर रुख किया। बांकीपुर सीट पर अब उपचुनाव कराया जाएगा। एक्स पर नितिन नवीन ने साझा किया संदेश इससे पहले नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर एक्स पर किए पोस्ट में अपने संदेश में कहा कि वह अपने क्षेत्र और पूरे बिहार के विकास के लिए पहले की तरह ही समर्पित रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता के साथ अपने मजबूत रिश्ते को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि यही संबंध उन्हें लगातार ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत और विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे। बांकीपुर और बिहार के मेरे सभी परिवारजन एवं कार्यकर्ता साथी, जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और दिनांक 27 अप्रैल 2006 को मैं पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत नितिन नवीन ने लिखा कि मैंने सदैव अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य किया । इसी का प्रतिफल है कि यहाँ की देवतुल्य जनता ने मुझे लगातार 5 बार सदन में अपना प्रतिनिधि चुनकर सेवा का सौभाग्य प्रदान किया। सदन के अंदर हो या सदन के बाहर, दोनों ही स्थानों का उपयोग मैंने अपने क्षेत्र और बिहार की जनता की आवाज़ उठाने और उनकी समस्याओं के समाधान का मार्ग निकालने के लिए किया।बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में मुझे सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ विधायकों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। सीएम नीतीश का जताया आभार मैंने अपने क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण विषयों का समाधान जनता और कार्यकर्ताओं के सुझावों से ही निकाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी ने जब मुझे बिहार सरकार के मंत्री के रूप में काम करने का अवसर दिया, तब मुझे कई अहम फैसलों, नीतियों और योजनाओं का क्रियान्वयन करने में सफलता मिली। इसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद व्यक्त करता हूं। आपको बता दें नितिन नवीन रविवार को असम के मार्गरिटा और जोनाई में आयोजित चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने असम की जनता से लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत से भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज असम राज्य तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने धाकड़ समाज को जयपुर में जमीन दिलाने की दी गारंटी

जयपुर राजधानी के मालवीय नगर स्थित पाथेय भवन में  धाकड़ समाज का अधिवेशन महज एक बैठक नहीं, बल्कि हक और पहचान की खुली घोषणा बनकर सामने आया। मंच पर नेताओं के भाषण थे, लेकिन नीचे बैठा समाज अपने भविष्य की रणनीति लिखता नजर आया। ओबीसी में 5% आरक्षण, जयपुर में छात्रावास और सामाजिक कुरीतियों पर सख्ती इन तीन मुद्दों ने पूरे कार्यक्रम का टोन तय किया। अब भावनाएं नहीं, दबाव चाहिए जैसे ही 5% ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठा, माहौल पूरी तरह बदल गया। मंच से साफ संदेश गया अब केवल मांग करने से काम नहीं चलेगा, ताकत दिखानी होगी। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि कई समाज राजनीतिक दबाव बनाकर अपना हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन धाकड़ समाज अभी भी बिखरा हुआ है। गुर्जर समाज का उदाहरण बार-बार मंच से गूंजा। संदेश साफ था एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार है।” कुछ प्रतिनिधियों ने तो यहां तक कह दिया कि अगर जरूरत पड़ी, तो समाज आंदोलन की राह भी पकड़ सकता है। हालांकि, युवा नेतृत्व ने संतुलित लाइन भी खींची। युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन धाकड़ ने कहा कि पहले संवाद और राजनीतिक पैरवी के रास्ते को पूरी ताकत से आजमाना चाहिए जब सत्ता में अपने लोग हैं, तो रणनीति भी समझदारी से बनानी होगी। छात्रावास पर भावनाएं उफान पर अधिवेशन का सबसे भावनात्मक पल तब आया, जब जयपुर में धाकड़ छात्रावास की बात उठी। मंच से सवाल उठा जब दूसरे समाजों की अपनी इमारतें हैं, तो हमारी पहचान कब बनेगी?” यह सवाल सीधे दिल पर लगा और माहौल भावुक हो गया। इसी बीच ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बड़ा दांव खेलते हुए कहा “समाज तैयारी करे, पैसा जुटाए, प्रबंधन तय करे जमीन दिलाने की गारंटी मेरी।” इस एक बयान ने पूरे हॉल में जोश भर दिया। इसे अधिवेशन की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। डिजिटल बनो, तभी आगे बढ़ो अधिवेशन में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पारंपरिक पत्रिका ‘धाकड़ बंधु’ को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाने की बात हुई। मंत्री नागर ने साफ कहा जो समाज डिजिटल होगा, वही संगठित और मजबूत बनेगा।” मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने की पैरवी ने यह साफ कर दिया कि समाज अब केवल परंपराओं में नहीं, तकनीक में भी अपनी जगह बनाना चाहता है। दहेज और फिजूलखर्ची पर सीधा हमला अधिवेशन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा। सामाजिक सुधार पर भी मंच से कड़े संदेश दिए गए। दहेज प्रथा को लेकर मंत्री नागर ने साफ कहा बदलाव की शुरुआत अपने घर से करनी होगी।” महिला नेताओं ने शादी-ब्याह में बढ़ते खर्च, दिखावे और डीजे संस्कृति पर सवाल उठाए। एक वक्ता ने तीखे अंदाज में कहा आज रिश्ते नहीं, मांग पत्र तय हो रहे हैं।” हाड़ौती क्षेत्र से आए प्रतिनिधियों ने बताया कि वे प्री-वेडिंग शूट और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। ईमानदारी ही सबसे बड़ी ताकत पूर्व संसदीय सचिव नरेंद्र नागर ने समाज की सबसे बड़ी पूंजी “ईमानदारी” को बताया। उन्होंने कहा कि धाकड़ समाज की पहचान मेहनती और भरोसेमंद लोगों के रूप में है, और यही उसकी असली ताकत है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि समाज को खुद को कमजोर मानने की मानसिकता छोड़नी होगी “जब सोच बदलेगी, तभी स्थिति बदलेगी।” बेटियों की शिक्षा ने बदली तस्वीर महिला शिक्षा पर भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई। बताया गया कि समाज की बेटियां अब उच्च शिक्षा और नौकरियों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। यहां तक कहा गया कि अब शिक्षित बेटियों के लिए योग्य वर ढूंढना भी चुनौती बनता जा रहा है जो बदलाव का संकेत है।

गृह मंत्रालय का बड़ा आदेश: बिहार से अवैध घुसपैठियों को हटाने की तैयारी तेज

मुजफ्फरपुर. बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के बाद भारत सरकार ने अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों और रोहिंग्या पर निगरानी तेज कर दी है। इन्हें डिपोर्ट कर बांग्लादेश और म्यांमार भेजा जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व में जारी आदेश के आलोक में बिहार से अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या को डिपोर्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में गृह विभाग के अपर सचिव मो. शादाब मुस्ताक ने सभी राज्य के डीएम, एसएसपी और एसपी को पत्र भेजा है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय के जारी पत्र का हवाला देते हुए उन सभी बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की पहचान करने को कहा गया है जो यहां अवैध रूप से रह रहे हैं। पहचान के बाद इन्हें बांग्लादेश और म्यांमार के सीमा सुरक्षा बल को सौंप देना है। माना जा रहा कि पिछले माह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमाई जिलों की डेमोग्राफी में बदलाव को लेकर भी समीक्षा की थी। इसके बाद से इस दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। डिपोर्ट करने के साथ ली जाएगी बायोमीट्रिक पहचान बिहार के सीमाई जिले किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार की डेमोग्राफी में सबसे अधिक बदलाव आया है। ऐसा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या के कारण हुआ है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी इनकी कुछ संख्या है। पिछले एक दशक में तेजी से बदलाव आया है। बिहार में 25 से 30 लाख ऐसे लोगों के रहने का अनुमान है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पिछले साल जारी आदेश के बाद भी इस दिशा में बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई। गृह मंत्री की समीक्षा बैठक के बाद सक्रियता बढ़ी है। जारी आदेश के अनुसार, डिपोर्ट किए जाने वाले बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की बायोमीट्रिक पहचान भी ली जाएगी। यह रिकार्ड गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इससे डिपोर्ट किए गए लोगों पुनर्वापसी मुश्किल हो जाएगी। जिलों में विशेष टास्क फोर्स का गठित कर यह कार्य करना है। इसकी प्रतिमाह रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जानी है।