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रायपुर: कुआं बना जीवन में बदलाव का कारण, अब सालभर होगी खेती

रायपुर कभी बारिश पर निर्भर रहने वाले जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम सरवानी के किसान हेमंत साहू के जीवन में अब बड़ा बदलाव आया है। मनरेगा के तहत खेत में बने कुएं ने उनकी खेती को नई दिशा दी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। हेमंत साहू बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण वे साल में केवल एक फसल ही ले पाते थे। खेत अक्सर सूखे रहते थे और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता था। भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी। मनरेगा योजना के तहत उनके खेत में व्यक्तिगत कुआं निर्माण स्वीकृत हुआ। लगभग 2.99 लाख रुपये की लागत से बने इस कुएं ने स्थायी सिंचाई की समस्या को दूर कर दिया। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान 357 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिससे गांव के मजदूरों को काम मिला। कुएं के निर्माण के बाद अब हेमंत साहू सालभर खेती कर रहे हैं। उनके खेत में टमाटर, बैंगन, भिंडी, पत्तागोभी, लौकी, मिर्च, करेला, खीरा और ककड़ी जैसी सब्जियों की खेती हो रही है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। हेमंत साहू का कहना है कि अब हर मौसम में खेती संभव हो गई है और वे भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वासी हैं। श्री साहू की सफलता की इस बात का प्रमाण है कि सही योजना, स्थानीय सहयोग और मेहनत से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। मनरेगा ने न केवल सिंचाई की समस्या हल की, बल्कि किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

रोहिणी के बाद गौरी बनी मिसाल, Ex IPS की पत्नी ने पिता को दिया जीवनदान

पटना. बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले और पूर्व आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे (Ex IPS Shivdeep Lande) ने सोमवार (30 मार्च) को अपनी पत्नी गौरी के लिए फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखा है। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी पत्नी ने अपने पिता को नया जीवन देने के लिए किडनी दान करने का संकल्प लिया। शिवदीप लांड (Shivdeep Lande Wife Name) ने फेसबुक पर लिखा कि गौरी, जीवन में बहुत सी कठिनाइयां आईं, विपत्तियों ने घेरा और बहुत विपरीत परिस्थितियां भी मुझे कभी विचलित नहीं कर पाई, मैं सदैव अटल रहा, लेकिन तुम्हारे एक निर्णय, सिर्फ एक निर्णय ने मुझे झकझोर कर रख दिया। अपने पिता को नया जीवन देने के लिए जब तुमने अपनी किडनी दान करने का निर्णय/संकल्प लिया। 'सुब कुछ तुमने अकेले संभाला…' उन्होंने आगे लिखा कि तुम्हारा अपने पिता के प्रति निःस्वार्थ समर्पण, त्याग एवं जिद के आगे मैं नतमस्तक हूं। पिछले तीन महीनों में ऑपरेशन के लिए जरूरी दर्जनों मेडिकल टेस्ट, हजारों कागजों की भूलभुलैया, कानूनी जंजीरें, सब कुछ तुमने अकेले संभाला। मैं? बस मूक दर्शक बन तुम्हें निहारता रहा, और बस ये सोचता रहा कि भगवान बेटी को इंसान के जीवन में क्यों भेजता है? बकौल शिवदीप लांडे, शायद आज इस प्रश्न का उत्तर मुझे मिल गया वह यह कि शायद मां का साथ इंसान के जीवन में एक पड़ाव तक ही रहता है और पूरी उम्र उस मां की कमी को ईश्वर एक बेटी के रूप में पूरा करता है। पूरी उम्र। उन्होंने आगे लिखा– ""आज मुंबई के उस आईसीयू में… किडनी ट्रांसप्लांट के बाद… जब मैं तुम्हारे पास बैठा तुम्हारे मासूम चेहरे को देख रहा हूं तो आंखों से बहता पानी… रुकने का नाम ही नहीं लेता। क्यों? क्यों नहीं रुकते ये आंसू? आज समझ आया। रिश्तेदारों में भाई छोड़ दे, बेटा पीठ दिखा दे, बहन मुड़ जाए, यहां तक कि पत्नी भी… जीवन-मृत्यु के इस युद्धक्षेत्र में साथ छोड़ दे, लेकिन बेटी? वो निस्वार्थ खड़ी रहती है। अपना जीवन दांव पर लगाकर भी। तुम्हारी आंखें बंद हैं, गौरी… लेकिन तुम्हारा प्यार तुम्हारा त्याग हर पिता को सिखाता है कि बेटी ईश्वर का दिया हुआ सबसे बड़ा आशीर्वाद है।"" रोहिणी ने भी डोनेट की थी अपनी किडनी बता दें कि रोहिणी आचार्य भी अपने पिता लालू यादव के लिए किडनी दान चुकी हैं। हालांकि, अब वह अपने परिवार से अलग ही रहती हैं। बिहार चुनाव के बाद रोहिणी और उनके परिवार के बीच खटास पैदा हो गई थी।

प्रदेश में पेट्रोल पंपों की जांच शुरू, अनावश्यक बंदी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

 भोपाल प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब पेट्रोल पंपों को भी जांच के दायरे में लाया गया है और बिना कारण बंद रखने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की जा चुकी है। इस दौरान 2,933 गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं और नौ मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 391 पेट्रोल पंपों की जांच में एक प्रकरण दर्ज किया गया है। पेट्रोल पंप बंद रखने पर सख्ती मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी की जाए। यदि कोई पंप बिना उचित कारण बंद पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों को विशेष रूप से इस पर नजर रखने को कहा गया है। ईंधन का पर्याप्त भंडार सरकार के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। देश में कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट घरेलू और व्यावसायिक गैस की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय तक संचालन कर रहे हैं। पीएनजी कनेक्शन के लिए कंट्रोल रूम प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस कंपनियों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। यहां उपभोक्ता अपनी शिकायतें और मांग दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से कंपनियों को आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। उपभोक्ताओं को राहत का दावा सरकार का कहना है कि सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन से उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। साथ ही कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

भगवान महावीर के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत, हमारे मार्गदर्शक — मुख्यमंत्री साय

भगवान महावीर का सत्य-अहिंसा का संदेश हमारा पथ प्रदर्शक-मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री भगवान महावीर जनकल्याणक महोत्सव 2026 में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी तीर्थ में आयोजित भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने दादाबाड़ी परिसर स्थित जिनमंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को “जैन रत्न अलंकरण” से सम्मानित किया और कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक परिवर्तन और प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी का सत्य और अहिंसा का संदेश समस्त मानवता के लिए पथ प्रदर्शक है, जो हमें त्याग, तपस्या, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज एक सुखद संयोग है कि भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर देश नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक उपलब्धि की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा रहा है और बस्तर जैसे प्राकृतिक संपदा से समृद्ध क्षेत्र को लंबे समय तक विकास से वंचित रहना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और प्रभावी रणनीति के कारण आज नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने भगवान महावीर से प्रार्थना की कि छत्तीसगढ़ में शांति और विकास का यह वातावरण निरंतर बना रहे और भविष्य में कभी भी हिंसा का यह दौर वापस न आए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने सुशासन के संकल्प के साथ तेज गति से कार्य करते हुए विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, किसानों के हित में किए गए वादों को निभाया जा रहा है, महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा गया है तथा रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने जैन समाज की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और परमार्थ के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, प्रेरित करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत,  लोकेश कावड़िया, भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रेश शाह, विकास सेठिया, आनंद जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

1 अप्रैल से MP में बिजली और प्रॉपर्टी महंगी, आम आदमी की जेब पर होगा असर

भोपाल नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। बिजली बिल में बढ़ोतरी, प्रॉपर्टी खरीदना महंगा होना और रेलवे रिजर्वेशन के नियमों में बदलाव जैसे फैसले सीधे आम आदमी के खर्च को प्रभावित करेंगे। वहीं, कचरा प्रबंधन के नए नियमों के तहत लापरवाही पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है। सरकार और प्रशासन का कहना है कि ये बदलाव व्यवस्था सुधारने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किए जा रहे हैं, लेकिन इससे आम नागरिकों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और शहरी आबादी पर इन फैसलों का व्यापक असर देखने को मिलेगा। बिजली बिल में बढ़ोतरी नए नियमों के तहत बिजली की दरों में औसतन पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी स्लैब के अनुसार अलग-अलग होगी। जानकारी के अनुसार 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को करीब 80 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है, जबकि 400 यूनिट तक खपत करने वालों का बिल 150 रुपये तक बढ़ सकता है। इससे गर्मी के मौसम में पहले से ही बढ़ी बिजली खपत के बीच उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा प्रॉपर्टी से जुड़ी कलेक्टर गाइडलाइन में करीब 12 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर जमीन और मकान खरीदने वालों पर पड़ेगा। नई दरें लागू होने के बाद रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ेगा, जिससे घर खरीदना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी अधिक प्रभाव डाल सकती है। कचरा प्रबंधन के नए नियम शहरों में अब कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य किया जा रहा है। गीला, सूखा और अन्य प्रकार के कचरे को अलग नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम ने इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं, जिनके तहत घरों, होटलों और संस्थानों को कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करना होगा। इससे साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। रेलवे रिजर्वेशन नियमों में बदलाव रेलवे रिजर्वेशन के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब वेटिंग टिकट और कंफर्मेशन से जुड़े नियमों को और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही टिकट कैंसिलेशन और रिफंड प्रक्रिया में भी सुधार किया गया है, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी। नए नियमों के लागू होने से यात्रा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। आयकर प्रणाली में सुधार आयकर कानून को सरल बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें टैक्स भुगतान और रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को आसान किया गया है। डिजिटल माध्यमों के जरिए भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और समय की बचत होगी। आम आदमी पर सीधा असर इन सभी बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन और बजट पर पड़ेगा। जहां एक ओर खर्च बढ़ेंगे, वहीं कुछ क्षेत्रों में सुविधाएं भी बेहतर होंगी। ऐसे में लोगों को अपने खर्च और योजनाओं में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है।

प्रवेश उत्सव की शुरुआत: आज से स्कूलों में तिलक और मुफ्त किताबें वितरण

भोपाल  जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आज 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत प्रवेश उत्सव के साथ होगी। कलेक्टर संदीप जीआर ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा आने वाले विद्यार्थियों और पालकों का तिलक लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों को विशेष आमंत्रण देकर विद्यालयों से जोड़ा जाए। सत्र शुरू होते ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार 31 मार्च तक कक्षा 1 से 8 तक सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाना है।स्कूल चलें हम अभियान के प्रथम चरण के तहत प्रवेश उत्सव आयोजित होगा। शिक्षा पोर्टल 3.0 पर कक्षा उन्नयन की प्रक्रिया पूरी कर कक्षा 2 से 8 और 9 से 11 तक विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक ने ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कार्यक्रम और विशेष भोज का आयोजन भी किया जाएगा। बालसभा में अभिभावकों को नामांकन, उपस्थिति, छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल और निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण होगा । राज्य स्तरीय आयोजन "स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। भविष्य से भेंट कार्यक्रम "स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

1 अप्रैल से दूध महंगा होगा, 4 रुपए की बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल की किल्लत से बढ़ी महंगाई

धार अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते देश में गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है. वहीं मध्य प्रदेश के धार जिले में लोगों को बड़ा झटका लगने जा रहा है. धार में आज  1 अप्रैल से दूध के दामों में बढ़ोत्तरी हुई . दुग्ध उत्पादक संघ ने एक-दो रुपए नहीं बल्कि 4 रुपए की वृद्धि दूध के दामों में की गई . जिसके बाद आम उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक प्रभाव पड़ेगा. 60 रुपए का दूध अब 64 रु. में मिलेगा धार में दूध के दाम बढ़ाने को लेकर दुग्ध उत्पादक संघ और दूध विक्रेता की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी. जहां सभी की सहमति से दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद धार में वर्तमान में ₹60 प्रति लीटर बिक रहा दूध अब ₹64 प्रति लीटर हो जाएगा. दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि पिछले तीन सालों से दूध के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि इस दौरान पशु, आहार सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है. 1 अप्रैल से बढ़ी हुई कीमतों पर दूध दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि "बढ़ती महंगाई और पशु आहार की लागत में भारी वृद्धि के कारण अब दूध के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से लागत और बिक्री मूल्य के बीच असंतुलन बना हुआ था, जिसे अब संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है." वहीं, दूध विक्रेता संघ के कृष्णकांत सोमानी ने बताया कि "उत्पादकों द्वारा बढ़ाई गई कीमतों को देखते हुए विक्रेताओं ने भी इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल से सभी विक्रेता बढ़ी हुई दरों पर ही दूध का विक्रय करेंगे." दूध के दूसरे उत्पादों के बढ़ सकते हैं दाम रोजमर्रा की जिंदगी में दूध का उपयोग होता है, ऐसे में दूध के दाम बढ़ने से परिवार के बजट पर असर पड़ेगा. दूध के दाम बढ़ने से इसका असर दूसरी वस्तुओं पर भी होगा, जैसे घी, पनीर और दूध से बने दूसरे उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं. दूध और उससे बनने वाले उत्पादों के मूल्य पर राज्य सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं होता, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में दूध के दामों में भिन्नता देखने को मिलती है. ऐसे में जहां एक ओर बिजली दरों में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूध के दाम बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा.

घबराहट में न करें पेट्रोल-डीजल का स्टॉक, बिलासपुर प्रशासन अलर्ट, सप्लाई पूरी तरह सुचारू

बिलासपुर खाड़ी देशों में बने हालात का असर देश के कई हिस्सों में दिखने लगा है, जिसके चलते लोगों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को लेकर चिंता बढ़ी है. हालांकि बिलासपुर जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सुचारू है. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि हाल के दिनों में ईंधन की मांग जरूर बढ़ी है, लेकिन इसका कारण वास्तविक कमी नहीं बल्कि लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा स्टॉक करना है. जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. 38 गैस एजेंसियों में घरेलू एलपीजी के 9489 सिलेंडर, व्यावसायिक गैस (19.2 किग्रा) के 247 सिलेंडर, 171 पेट्रोल पंपों पर 1209 किलोलीटर पेट्रोल, 1429 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है. कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि यह स्टॉक वर्तमान जरूरतों के अनुसार पर्याप्त है और आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी. अफवाहों से बढ़ रही भीड़, प्रशासन सतर्क कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि कुछ स्थानों पर ईंधन की अचानक बढ़ी मांग का कारण अफवाहें हैं. लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल और गैस खरीदकर स्टॉक कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक दबाव बन रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घबराहट से कृत्रिम संकट की स्थिति बन सकती है, जबकि वास्तविकता में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. संयम और जिम्मेदारी की जरूरत प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि, केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें. अनावश्यक भंडारण से बचें. अफवाहों पर ध्यान न दें. पेट्रोल-डीजल और गैस का उपयोग सोच-समझकर करें. जहां संभव हो, वैकल्पिक साधनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है, ताकि संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके. कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि जिले में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी.

विश्वनाथ ज्वेलर्स में सनसनीखेज वारदात, दुकानदार की नजर हटते ही गहनों का डिब्बा लेकर फरार हुआ चोर

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में एक बार फिर अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आए. ओलिडीह थाना क्षेत्र के रोड नंबर एक स्थित एक ज्वैलरी दुकान में मंगलवार को दिनदहाड़े बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारियों में भय का माहौल बन गया. ग्राहक बनकर दुकान में घुसा बदमाश प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 11:30 बजे विश्वनाथ ज्वेलर्स की है. एक युवक ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचा और दुकानदार से गहने दिखाने की बात कही. दुकानदार ने सामान्य ग्राहक समझकर उसे गहनों से भरा डिब्बा दिखाया. बदमाश ने बड़ी चालाकी से स्थिति का जायजा लिया और मौके की तलाश में रहा. मौका मिलते ही गहनों से भरा डिब्बा लेकर फरार इसी दौरान दुकानदार किसी दूसरे काम में व्यस्त हो गया. बस यही मौका देखकर बदमाश गहनों से भरा डिब्बा लेकर वहां से फरार हो गया. जब तक दुकानदार को घटना की भनक लगी, तब तक आरोपी दुकान से काफी दूर निकल चुका था. चोरी गए गहनों की कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई जा रही है. पुलिस ने शुरू की जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाले घटना की सूचना मिलते ही दुकानदार ने ओलिडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें आरोपी की तस्वीर कैद हो गई है. पुलिस अब उसी आधार पर आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है. इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में डर और चिंता का माहौल है. दिनदहाड़े इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

घोड़ा बना ‘आरोपी’: पार्क की घास चरते पकड़ा गया, मालिक पर भी कार्रवाई की तैयारी

 सीहोर  शहर में नगर पालिका की एक अनोखी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। रविन्द्र सांस्कृतिक भवन परिसर में विकसित हरियाली को नुकसान पहुंचा रहे एक घोड़े को आखिरकार नगर पालिका अमले ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि घोड़ा लगातार तीन दिनों से पार्क में घास चर रहा था, जिसके बाद लोगों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के चलते कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई हरियाली इन दिनों भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच बचाना चुनौती बनी हुई है। इसी बीच एक घोड़ा लगातार पार्क में घुसकर घास चर रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घोड़े का मालिक उसे खुले में छोड़ देता था, जिससे पार्क को नुकसान हो रहा था। शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई मामले की शिकायत नगर पालिका तक पहुंची, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर नाराजगी जताई गई। बढ़ते दबाव के बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और घोड़े को पकड़कर नगर पालिका परिसर ले आई, जहां गेट पर ही घोड़े को बांध दिया। सोशल मीडिया पर तंज इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तंज कसे। एक यूजर ने लिखा कि पार्क आम लोगों के सुकून के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हें अपनी निजी जागीर समझ लेते हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि घोड़े के मालिक पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।