samacharsecretary.com

मंडी में पूरी तैयारी: गेहूं खरीद शुरू, किसानों को मिलेगा समय पर पैसा

कैथल. कैथल की अनाज मंडी में गेहूं व सरसों की खरीद को लेकर मंडी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। मंडी का निरीक्षण करने पर साफ दिखाई दिया कि प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। मार्केट कमेटी सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि गेहूं की खरीद निर्धारित समय पर शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले सरसों की खरीद के लिए भी मंडी में अलग से सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम के कारण गेहूं की फसल मंडी में थोड़ी देरी से आने की संभावना है, लेकिन खरीद प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मंडी में पानी, बिजली, शेड और सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से बेहतर बनाया गया है। सचिव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी गेहूं व सरसों की फसल को अच्छी तरह साफ व सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि खरीद के दौरान किसी प्रकार की कटौती या परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

रांची के तपोवन मंदिर पहुंचे सीएम हेमन्त सोरेन, पत्नी के साथ की विशेष पूजा-अर्चना

रांची झारखंड के हेमन्त सोरेन ने रामनवमी के पावन अवसर पर रांची के प्रसिद्ध तपोवन मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ रामनवमी के मौके पर रांची के श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में विधि-विधान से पूजा की। भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के चरणों में नमन करते हुए राज्य की उन्नति, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी उन्हें तपोवन मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्रा भी यहां आ रही है। तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है मुख्यमंत्री हेमन्त ने लोगों से अपील की कि वे इस पर्व को श्रद्धा, उत्साह और खुशी के साथ मनाएं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। साथ ही सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के साथ इस पर्व को खास बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और इसकी अलग पहचान है। सरकार मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम तेजी से कर रही है, ताकि इसे और भव्य बनाया जा सके। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि यह कार्य जल्द पूरा हो।  

कचरे के ढेर से उगी हरियाली: चरखी दादरी में स्वच्छता की मिसाल

भिवानी. दादरी रोड स्थित नगर परिषद का कचरा निस्तारण केंद्र जो लंबे समय से प्रदूषण और अव्यवस्था का प्रतीक बना हुआ था, अब हरियाली की ओर कदम बढ़ा रहा है। नगर परिषद और श्रीश्याम वेस्ट मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर यहां ग्रीन बेल्ट विकसित करने की शुरुआत की है। इस पहल के तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है, जिससे न केवल प्रदूषण कम करने बल्कि क्षेत्र को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की उम्मीद जगी है। दादरी का कचरा निस्तारण केंद्र लंबे समय से आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। यहां से उठने वाली दुर्गंध और फैलता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा था। अब ग्रीन बेल्ट विकसित करने की शुरुआत से स्थिति में सुधार की उम्मीद है। लगाए जा रहे पौधे हवा को शुद्ध करने और दुर्गंध को कम करने में सहायक होंगे। यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है और वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलने की संभावना बनेगी। निजी कंपनी ने उठाया जिम्मा, बड़े स्तर पर पौधारोपण ग्रीन बेल्ट विकसित करने का जिम्मा श्रीश्याम वेस्ट मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है, जिसने इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। कंपनी की तरफ से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं, जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पौधों की नियमित देखभाल और सिंचाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली योजना है, जिससे कचरा निस्तारण केंद्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। वर्षों से उपेक्षित स्थल को हरित क्षेत्र में बदलने की कवायद यह स्थल लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है, जहां कचरे के ढेर और गंदगी आम बात थी। अब इसे हरित क्षेत्र में बदलने की योजना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल हो गई है। ग्रीन बेल्ट बनने से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि क्षेत्र का स्वरूप भी बदलेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना की सफलता पौधों की निरंतर देखभाल और निगरानी पर निर्भर करेगी। यदि प्रयास आधे-अधूरे रहे, तो यह पहल भी अन्य योजनाओं की तरह कागजों तक सीमित रह सकती है। ग्रीन बेल्ट से मिलेंगे बड़े फायदे, लेकिन निगरानी जरूरी ग्रीन बेल्ट विकसित होने से क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम होगा और आक्सीजन का स्तर बढ़ेगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा। पेड़-पौधे धूल और जहरीली गैसों को अवशोषित कर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं। इसके अलावा यह तापमान को नियंत्रित करने और शोर प्रदूषण कम करने में भी मददगार होता है। हालांकि, इन लाभों को स्थायी बनाने के लिए जरूरी है कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल हो और योजना को गंभीरता से लागू किया जाए, अन्यथा इसका अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाएगा। प्रदूषण नियंत्रित करना उद्देश्य  दादरी रोड स्थित कचरा निस्तारण केंद्र को ग्रीन बेल्ट में बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण को नियंत्रित करना और वातावरण को स्वच्छ बनाना है। श्रीश्याम वेस्ट मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह परियोजना सफल हो सके और आने वाले समय में क्षेत्र को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। – भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद

अयोध्या में रामलला को सूर्य तिलक, ललाट पर चमकती किरणों के बीच PM मोदी ने किए लाइव दर्शन

 अयोध्या रामनगरी अयोध्या में शुक्रवार दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त के दौरान प्रभु रामलला का भव्य सूर्य तिलक किया गया. प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह बालक राम का दूसरा सूर्य तिलक है, जिसमें करीब 4 मिनट तक सूर्य की नीली किरणें उनके ललाट पर पड़ती रहीं. इस अलौकिक दृश्य को साकार करने के लिए बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने विशेष उपकरणों का निर्माण किया था, जिनका परीक्षण 24 मार्च को ही पूरा कर लिया गया था. रामनवमी के इस विशेष अवसर पर भगवान को पीले रंग के वस्त्र पहनाए गए और जन्मोत्सव के समय गर्भगृह में 14 विशेष पुजारी मौजूद रहे. सूर्य देव की किरणों को दर्पण और लेंस के जरिए परावर्तित कर सीधे रामलला के मस्तक तक पहुंचाया गया।  पीएम मोदी ने किए लाइव दर्शन  बता दें कि PM मोदी ने भी रामलला के दर्शन किए. राम नवमी के अवसर पर उन्होंने भगवान राम की पूजा-अर्चना की और राम मंदिर में 'सूर्य तिलक' अनुष्ठान देखा. पीएमओ की ओर से एक तस्वीर जारी की गई है जिसमें प्रधानमंत्री लाइव टीवी पर राम मंदिर में हो रहे अनुष्ठान को देख रहे हैं।   सीएम योगी बोले- सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ तिलक  वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम 'सूर्य तिलक' आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है।  बकौल सीएम योगी- 'यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्वलित कर रहा है. यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है।  उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम के दिव्य 'सूर्य तिलक' का आलोक 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्पों को दिशा दे रहा है. क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है।  वैज्ञानिकों की मेहनत और राम-त्व का संगम बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने सूर्य की गति का गहन अध्ययन कर ये खास उपकरण तैयार किए हैं. ट्रस्ट के अनुसार, इन उपकरणों की डिजाइन ऐसी है कि अगले 19 सालों तक सूर्य की गति में होने वाले बदलावों के बावजूद किसी छेड़छाड़ की जरूरत नहीं होगी. दोपहर 12 बजे जैसे ही सूर्य की किरणें मंदिर के ऊपरी हिस्से से टकराईं, वे परावर्तित होकर सीधे रामलला के ललाट पर तिलक के स्वरूप में उभर आईं. इस पूरे नजारे को कैद करने के लिए मंदिर परिसर में 6 विशेष कैमरे लगाए गए थे और दूरदर्शन समेत सोशल मीडिया पर इसका सीधा प्रसारण किया गया।  दर्शन के समय में बदलाव और सुरक्षा के इंतजाम रामनवमी पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन के समय में विस्तार किया गया है. श्रद्धालु सुबह 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकेंगे।  हालांकि, सूर्य तिलक के विशेष अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के लिए तिलक से आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद तक वीआईपी पास के जरिए प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी. आरती पास धारकों के लिए ट्रस्ट ने एक अलग लाइन की व्यवस्था की है. आम दिनों में दर्शन का समय सुबह 6:30 से रात 9:30 बजे तक रहता है, लेकिन आज यह उत्सव देर रात तक चलेगा। 

सीमा पार से ड्रग्स तस्करी नाकाम: पंजाब पुलिस ने एंटी-ड्रोन सिस्टम से कसा शिकंजा

अमृतसर. पंजाब के बॉर्डर जिलों के गांव पाक तस्करों के निशाने पर हैं, जहां से भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ हथियार  तस्करी की जा रही है। वर्ष 2025 में ही इंडो-पाक बॉर्डर से 1.16 लाख किलो ड्रग्स की तस्करी की गई है। पंजाब पुलिस एंटी ड्रोन सिस्टम से इस तस्करी को कम करने में जुटी हुई है, जिससे ड्रग्स तस्करी के अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं। इससे बरामदी की मात्रा भी बढ़ गई है जो नशे के कारोबार में बड़ी चोट है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन के जरिये सीमा पार से ड्रग्स गिराने के मामलों में तेजी आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले तस्करी के प्रमुख मार्ग बनते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 47,475 किलो और 2024 में 46,227 किलो ड्रग्स बरामद की गई थी लेकिन 2025 में इसमें भारी उछाल आया और आंकड़ा 1.16 लाख किलो तक पहुंच गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिये तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अन्य राज्यों में भी तस्करी के मामले गंभीर  जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 में 5,708 किलो और 2025 में 4,491 किलो ड्रग्स पकड़ी गई। गुजरात में 2024 में 20,971 किलो और 2025 में 22,758 किलो बरामद हुई। राजस्थान में कुल बरामदगी ज्यादा होने के बावजूद वहां मामलों में कमी दर्ज की गई है जबकि पंजाब में हालात तेजी से बिगड़े हैं। ड्रग्स के साथ हथियार और जाली नोट भी बरामद एनसीबी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पंजाब सीमा से ड्रग्स के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद और जाली नोटों की तस्करी भी बढ़ी है। सीमावर्ती इलाकों से एके-47, एके-56 राइफल, आरडीएक्स और विदेशी हथियार बरामद किए जा रहे हैं, जो सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। एंटी-ड्रोन सिस्टम सरकार ने बढ़ाई निगरानी पंजाब सरकार ने ड्रोन तस्करी पर रोक के लिए तरनतारन से एंटी-ड्रोन सिस्टम की शुरुआत की है। 51.41 करोड़ रुपये से नौ अत्याधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं जो ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन की लोकेशन ट्रैक कर रियल-टाइम अलर्ट देते हैं। इससे तशा तस्करी के अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं जिससे तस्करी को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान भी चलाया जा रहा है जिससे भी तस्करी पर रोक लगाने में काफी हद तक मदद मिल रही है।

जनता को राहत: FIR डाउनलोड मुफ्त, पंजाब सरकार ने वापस लिया फीस का फैसला

चंडीगढ़. पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था। काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

न्याय की जीत: मूक-बधिर पीड़िता की गवाही पर मुहर, आरोपी को उम्रकैद की सजा कायम

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल मूक-बधिर होने पर किसी गवाह की बात को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों से दी गई जानकारी को भी कानूनी तौर पर मौखिक साक्ष्य माना जाता है। हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल ने डिवीजन बेंच ने मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले को मरते दम तक उम्र कैद की सजा सुनाई है। आरोपी वर्तमान में जेल में बंद है और उसे अपनी पूरी सजा काटनी होगी। इस मामले में पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए उसकी गवाही के लिए प्लास्टिक की गुड़िया का सहारा लिया गया। बता दें कि बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र में रहने वाली 19 वर्षीय युवती 29 जुलाई 2020 को घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता खेत में काम करने गए थे। तभी उसका रिश्तेदार नीलम कुमार देशमुख घर में घुस गया। उसने युवती के साथ रेप किया। शाम को जब मां घर लौटी तो मूक- बधिर बेटी ने अपनी मां को इशारों में अपने साथ हुई दरिंदगी की कहानी सुनाई और आरोपी की पहचान बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाना लेकर गए और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 450 और 376(2) के तहत केस दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था। पीड़िता जन्म से ही बोलने और सुनने में अक्षम थी, इसलिए कोर्ट के सामने उसकी गवाही दर्ज कराना एक बड़ी चुनौती थी। सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की मदद ली। जब कुछ सवाल पूछने में दिक्कत आई तो कोर्ट ने प्लास्टिक की गुड़िया मंगवाई। पीड़िता ने गुड़िया के माध्यम से संकेतों और इशारों से प्रदर्शन करके दिखाया कि आरोपी ने उसके साथ किस तरह से गलत काम किया था। इस आधार पर ट्रॉयल कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता की गवाही पूरी तरह से भरोसेमंद है। इसके अलावा मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी पुष्टि की। कोर्ट ने कहा कि केवल मूक-बधिर होने के आधार पर किसी गवाह की बात को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों के माध्यम से दी गई जानकारी को भी कानूनी तौर पर मौखिक साक्ष्य माना जाता है। कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376(2) के तहत मौत होने तक उम्रकैद और धारा 450 के तहत 5 साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही 21 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन में पेट्रोल की बिक्री 25% बढ़ी, LPG सिलेंडर के लिए भी लंबी लाइनें; सरकार का दावा- MP में भरपूर ईंधन

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई जिलों में  रात अचानक तेल का हाहाकार मच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच बढते तनाव और युद्ध की चर्चाओं ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता में ऐसा खौफ पैदा किया कि लोग आधी रात को अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर टूट पडे। नीमच, उज्जैन और पांढुर्णा जैसे शहरों में हालात बेकाबू हो गए, जहां पेट्रोल भरवाने की होड में लोगों के बीच तीखी झडपें और हाथापाई तक हुई। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत यह रही कि रात होते-होते अधिकांश पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए और हजारों लोग खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए। अमेरिका, इजराइल और ईरान में तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर तीन दिनों से भीड़ बढ़ गई है। कई शहरों में लोग सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों के साथ लाइन में लग रहे हैं और देर रात तक पंपों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि शहर में 192 पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। खाद्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां कमी की सूचना मिली, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इंदौर और उज्जैन के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और टैंकरों के जरिए नियमित सप्लाई जारी है। इधर, घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी शहरों में लोगों की लाइनें देखने को मिल रही हैं। कई जगह बुकिंग के बाद 6 से 8 दिन में डिलीवरी हो रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। इंदौर में टीमें तैनात, डिपो में पर्याप्त स्टॉक इंदौर और उज्जैन में भी पर्याप्त स्टॉक है। इंदौर के मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर टैंकरों में ईंधन भरा जा रहा है, जो पंपों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके लिए खाद्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। छोटे जिलों में अफवाह का ज्यादा असर अफवाहों का ज्यादा असर छोटे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां किसान फसल कटाई को देखते हुए बड़ी मात्रा में डीजल लेने पहुंच रहे हैं। रीवा में अफवाह फैलने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। रायसेन में बढ़ती मांग को देखते हुए बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां पेट्रोल की खपत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। दमोह में भी पंपों पर भीड़ बनी हुई है, जहां लोग टैंक फुल कराने में जुटे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों के कारण अनावश्यक दबाव बन रहा है।

खिलौना बुलडोजर को 5 साल की बच्ची ने CM योगी को गिफ्ट किया, देखिए वीडियो

गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर दौरे पर हैं. आज सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान उन्हें कानपुर से आई एक छोटी बच्ची ने 'खिलौना बुलडोजर' भेंट किया. ये नजारा देखकर वहां मौजूद सभी हंसने लगे. खुद सीएम योगी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. उन्होंने पहले तो बच्ची को पास बुलाया, फोटो खिंचवाई और फिर उसे खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की नसीहत दी. बाद में सीएम ने बच्ची को उसका खिलौना वापस कर दिया और वह हंसते-खेलते वहां से चली गई।  फिलहाल, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. खुद सीएम योगी के ऑफिस की और से इसको शेयर किया गया है. इसमें लिखा है- 'आज सुबह गोरखनाथ मंदिर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री को कानपुर की पांच वर्षीय यशस्विनी ने बुलडोजर खिलौना भेंट किया.' वीडियो को मिनटों में हजारों लोग देख चुके हैं।  आपको बता दें कि इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राम नवमी की शुभकामनाएंदेते हुए कहा कि भगवान राम भारतीय चेतना के आदर्श का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने X पर कहा कि राम करुणा और कर्तव्य के बीच एक अद्भुत संतुलन का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा, "धर्म (सदाचार), सत्य और मर्यादा (औचित्य) के सर्वोच्च प्रतीक भगवान श्री राम की पावन जयंती पर सभी भक्तों और प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम का जीवन हमें यह याद दिलाता है कि सत्ता की सच्ची सुंदरता मर्यादा का पालन करने और लोगों के कल्याण में निहित है. उन्होंने आगे कहा, "राम नवमी का यह पावन दिन हमें अपने आचरण में सत्य को, अपने व्यवहार में करुणा को और समाज में सौहार्द को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करता है; वास्तव में, यही 'राम-त्व' (राम का सार) का सच्चा उत्सव है।  अधिकारियों को दिए निर्देश  वहीं, गुरुवार को गोरखपुर में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अवैध जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और चेतावनी दी कि गरीबों को परेशान करने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा।  मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों से मुलाकात की, उनके आवेदन लिए और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करेगी।  विभिन्न मामलों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए, आदित्यनाथ ने संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आवेदन भेजे, और उन्हें निर्देश दिया कि वे समय पर और संतोषजनक ढंग से उनका निपटारा सुनिश्चित करें। 

जबलपुर के NICU वार्ड में लगी आग, डॉक्टर ने फायर एक्सटिंग्विशर से 27 बच्चों की जान बचाई

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिशु रोग विभाग में डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर शॉर्ट सर्किट लगी आग को काबू में पा लिया. जिस समय एनआईसीयू में आग लगी थी उस दौरान वार्ड में 27 नवजात भर्ती थे. हालांकि इस घटना के तुरंत पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी. उनके परिजनो ने अस्पताल में भारी हंगामा भी मचाया था. आगजनी की घटना गुरुवार देर रात की है. एनआईसीयू वार्ड से निकलने लगा धुआं जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शिशु रोग विभाग में उसे समय अफरा तफरी फैल गई. जब एक पंख से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आज बढ़ने लगी. यह पंखा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के NICU वार्ड के बाहर वेटिंग एरिया में लगा हुआ था. देखते ही देखते वेटिंग एरिया के साथ ही NICU के भीतर भी धुआ पहुंच गया. वार्ड में भर्ती थे 27 बच्चे जिस समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चा वार्ड में आग फैली उस समय वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे, इसलिए परिजन भी घबरा गए और लोगों ने बार्ड के भीतर जाना शुरू कर दिया. समस्या को देखते हुए तुरंत बच्चा वार्ड की बिजली को बंद कर दिया गया ताकि आज आगे न फैल सके. हालांकि मौके पर पहुंचे सिक्योरिटी और अग्निशमन दल ने तुरंत ही आग पर काबू पा लिया. इस बीच में तुरंत बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया. हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा उन्हें एनआईसीयू में भर्ती कर दिया गया. लेकिन शिफ्टिंग की वजह से नवजात बच्चों की माताएं परेशान नजर आए और अफरा तफरी में वह अपने बच्चों को ढूंढती हुई देखी गई. लेकिन इसी दौरान अस्पताल में इलाज करवा रहे एक बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित परिजन ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार को लोगों को समझाया दी. ड्यूटी डॉक्टर ने वक्त रहते बुझाई आग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि, ''जैसे ही पंखे से धुआं निकला मौके पर मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर आग बुझा दी.'' मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बिल्डिंग 70 साल पुरानी है कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने करोड़ों रुपया खर्च करके फायर सेफ्टी के समान लिए थे लेकिन अस्पताल की बिजली की वायरिंग अभी भी पुरानी है और उसमें ऐसी घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है. काफी पुरानी हो चुकी है अस्पताल की बिल्डिंग जबलपुर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल महाकौशल की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई है, इसमें केवल जबलपुर ही नहीं महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं. इसलिए इस इमारत में हमेशा हजारों लोग मौजूद रहते हैं. लेकिन इमारत अब इतनी पुरानी हो गई है कि मरीज के बढ़ते दबाव को यहां महसूस किया जा सकता है. मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पहले भी आग की घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चों की जलने से मौत हो गई. हालांकि जबलपुर के ड्यूटी डॉक्टर्स की सूझबूझ की वजह से जबलपुर का हादसा टल गया. आग की स्थिति में यदि तुरंत काबू पा लिया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है.