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मोहाली में 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म का वीडियो बनाकर किया गैंगरेप

मोहाली. मोहाली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छात्रा को उसके ही क्लासमेट ने अपने साथियों के साथ मिलकर दरिंदगी का शिकार बनाया। जानकारी के मुताबिक, क्लासमेट द्वारा अपने साथियों से छात्रा का गैंगरेप करवाया गया। घटना मोहाली के न्यू चंडीगढ़ इलाके की है। जहां एक 8वीं कक्षा की छात्रा से हैवानियत की हदें पार की गई। यही नहीं इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया गया और उसे व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर भी किया गया। आरोपियों ने इस दौरान छात्रा को जान से मारने की धमकियां भी दी। परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने क्लासमेट सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, पीड़ित छात्रा का क्लासमेट और उसके 2 साथी नाबालिग है। जिन्हें कोर्ट में पेश करके सुधार गृह में भेज दिया गया है। वहीं एक बालिग आरोपी (उम्र 20) को 4 दिन के रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 70(2), 61(2) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस पूरे मामले में पीड़ित छात्रा की एक नाबालिग सहेली को भी गिरफ्तार किया है। सहेली पर आरोप है कि, पीड़ित छात्रा को आरोपियों तक पहुंचाने में मदद की थी।  पूरा मामला मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्रा जोकि 8वीं कक्षा में पढ़ती और 15 साल की  है। मुख्य आरोपी उसका क्लासमेट है, जिसने पहले पीड़ित छात्रा के साथ दोस्ती की और फिर उसके प्राइवेट वीडियो बनाकर उसे डराना धमकाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब उसने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया। छात्रा अलग-अलग सुनसान जगहों पर ले जाकर उसके साथ कई बार गैंगरेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि, आरोपी पिछले एक महीने से ऐसा कर रहे थे। आरोपियों ने पहली बार उसके साथ किए गैंगरेप का वीडियो रिकोर्ड कर लिया था। उसके बाद उसे बार सुनसान जगहों पर बुलाते और उसके गैंगरेप की घटना को अंजाम देते थे। पीड़ित छात्रा बदनामी के डर से किसी कुछ नहीं बता पा रही थी। लेकिन जब आरोपियों में एक ने गुस्से में आकर वीडियो को एक प्राइवेट व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया, तो इसका खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित छात्रा ने आपबीती अपने परिवार वालों को बताई। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को उनके घरों से ही गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से 3 नाबालिग हैं।

शिवराज सिंह चौहान का अहम बयान, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बताया खास फॉर्मूला

 बुदनी एमपी के सीहोर जिले के बुदनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित 'कृषि एक्सपो-2026' के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुदनी में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत घटाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर कृषि मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तकनीकी नवाचार को कृषि का भविष्य बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, जागरुकता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें आधुनिक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है। बुदनी को मिला विकास का नया आयाम केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां स्थित संस्थान को अब बहुआयामी स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही, बुदनी में कृषि इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाएगी, पूरे क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होगी बहनों की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री निवास में होगी बहनों की पंचायत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त हो रहा है : बहनों से संवाद का क्रम जारी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों का किया स्वागत "बहनों की पाती-भैया के नाम" कार्यक्रम को बताया आत्मीय पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर पाती लेकर बहनें पहुंची मुख्यमंत्री निवास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके जन्म दिवस 25 मार्च को प्रातः "बहनों की पाती-भैया के नाम" लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभिव्यक्ति "बहनों की पाती-भैया के नाम" एक आत्मीय पहल है। बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त होता रहा है। प्रदेश की बहनों ने अपने मन के भाव, अनुभव और सुझाव पाती के माध्यम से व्यक्त किए हैं। बहनों ने अपने भैया के प्रति विश्वास, स्नेह और सम्मान को शब्दों में पिरोया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में जल्द ही बहनों से संवाद के लिए विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में गरीब, युवा, नारी और किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश में बहनों के कल्याण का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक के बजट का प्रावधान किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब हमारी बहनें कारखानों और उद्योगों में भी नेतृत्व कर रही हें। राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों से महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी को अधिक से अधिक प्रसारित करने में सहयोग का आहवान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि हर पात्र बहन आत्मनिर्भरता और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ लें।

भिंड के भारतीय छात्र की स्कॉटलैंड में संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

भिंड  स्कॉटलैंड में पढ़ाई कर रहे ग्वालियर-भिंड के 21 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन परिजनों ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भारत में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है। मृतक छात्र फॉरेंसिक साइंस में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, वह पढ़ाई में अव्वल था और हर महीने अच्छी आय भी अर्जित कर रहा था। ऐसे में परिवार का कहना है कि उसके आत्महत्या करने का कोई कारण नजर नहीं आता। परिजनों के मुताबिक, 5 मार्च को छात्र ने अपने परिवार से लंबी वीडियो कॉल पर बात की थी और जल्द घर लौटने का भरोसा दिया था। इसके दो दिन बाद संपर्क टूट गया और 7 मार्च को उसकी मौत की सूचना मिली। इस बीच, परिवार को घटना की जानकारी भी कई दिन बाद दी गई, जिससे संदेह और गहरा गया है। परिवार ने मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौत के आसपास छात्र के बैंक खाते से बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ, जो संदिग्ध है। इसके अलावा, जिन दोस्तों के संपर्क नंबर छात्र ने दिए थे, वे अब जवाब नहीं दे रहे हैं। छात्र के हॉस्टल का दरवाजा खुला मिलने और मोबाइल डेटा के गायब होने को लेकर भी परिजन शंका जता रहे हैं। पिता ने प्रशासन और केंद्र सरकार से बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शव 27 मार्च तक दिल्ली पहुंच सकता है। इसके बाद परिजन ग्वालियर में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि संबंधित विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ समय में अन्य संदिग्ध मौतों और एक छात्र के लापता होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे परिवार की आशंका और मजबूत हो गई है।फिलहाल, परिवार न्याय की उम्मीद में सरकारी एजेंसियों की ओर देख रहा है और पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहा है। कर्ज लेकर पढ़ने भेजा था मूल रूप से भिंड के मौ कस्बा निवासी किसान कुलदीप श्रीवास्तव ने इकलौते बेटे संस्कार श्रीवास्तव के लिए लगभग 40 लाख रुपए कर्ज लिया था। कर्ज लेकर जिस बेटे को पढ़ने विदेश भेजा था। 7 मार्च को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां को तो बेटे की मौत के बारे 10-12 दिन बाद बताया। अब 20 दिन बीत जाने के बाद भी मां-पिता की पथराई आंखें बेटे के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रही हैं। मामला संदिग्ध, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पिता कुलदीप आंखों के रोग के कारण कम देख पाते हैं। उन्होंने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। जानकारी के मुताबिक, संस्कार का शव 27 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकता है। परिजन की मांग है कि ग्वालियर के जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में शव का वापस पोस्टमॉर्टम कराया जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। पूरे परिवार को यकीन है कि संस्कान सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता है। परिजनों के 5 बड़े सवाल? संस्कार की मां नीलम और चाचा अनूप श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन के सामने कुछ गंभीर सवाल रखे हैं।     संदेहास्पद ट्रांजैक्शनः मौत के बाद या उसके आसपास संस्कार के बैंक अकाउंट से करीब 2.50 लाख रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए हैं, जो अपने आप में पूरे मामले को संदिग्ध बता रहा है।     दोस्तों की चुप्पीः जिन 3 दोस्तों के नंबर संस्कार ने घर पर दिए, वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी चुप्पी ने पूरा मामला संदिग्ध कर दिया है।     हॉस्टल का खुला दरवाजाः यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसने सुसाइड किया, लेकिन उसके रूम का दरवाजा खुला मिला। सवाल है कि वह दरवाजा खुला छोड़कर बाहर क्यों जाएगा?     यूनिवर्सिटी का रिकॉर्डः 13 महीनों में इस यूनिवर्सिटी में यह तीसरी संदिग्ध हालात में मौत है। इससे पहले 2025 में मेलिसा यंग और 2025 में रूबेन एगाडो भी मृत मिले थे। छात्रा यूएक्सिन काओ अब भी लापता हैं।     मोबाइल डेटाः संस्कार के मोबाइल का डेटा गायब है। उसके मोबाइल रिकॉर्ड से बहुत कुछ मिल सकता है। आखिरी वीडियो कॉल… अगले साल घर आऊंगा मां पिता कुलदीप ने रुंधी आवाज में बताया, 5 मार्च (होली) की रात संस्कार ने पूरे परिवार से करीब 2 घंटे वीडियो कॉल पर बात की थी। वह बहुत खुश था। उसने मां नीलम से वादा किया कि पढ़ाई पूरी कर अगले साल वह घर लौटेगा। दो दिन तक जब उसका फोन नहीं आया तो हमें चिंता हुई, क्योंकि वह अपनी मां से रोज बात करता था। उन्होंने यह बात जर्मनी में रहने वाले रिश्तेदार गौरव को बताई। उन्होंने स्कॉटलैंड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। पहले जवाब आया संस्कार से बात कराते हैं। इसके बाद पुलिस ने कॉल कर पूछा आप संस्कार के कौन है? उन्होंने कहा कि चाचा लगते हैं। पुलिस ने बताया, संस्कार ने सुसाइड कर लिया है और माता-पिता का फोन नंबर लिया। इसके बाद 7 मार्च को यूनिवर्सिटी और भारतीय दूतावास से फोन आया कि संस्कार ने कॉलेज परिसर के पीछे सुसाइड कर लिया है। चाचा ने कहा-पढ़ने में तेज था संस्कार चाचा अनूप ने कहा कि संस्कार न केवल पढ़ाई में तेज था, बल्कि जिम्मेदार भी था। ग्वालियर के एमएलबी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद वह पीजी के लिए स्कॉटलैंड गया था। वहां वह पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर रहा था। उसे महीने के करीब 90 हजार से एक लाख रुपए मिलते थे। वह कहता था- मैं कमाने लगा हूं। घर पर पैसे की जरूरत हो तो भेज दूंगा। हमने उससे कहा कि बेटा पढ़ाई पर ध्यान दो। यहां कोई दिक्कत नहीं है। मां बोली- मेरे बेटे की हत्या की गई है दैनिक भास्कर से बात करते हुए संस्कार की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका कहना है कि उनका बेटा बुजदिल नहीं था, जो सुसाइड करेगा। उससे वहां … Read more

सदस्यता बची रहेगी! अमृतपाल को केंद्र से राहत, कंडोनेशन के लिए मिलेगा अवसर

चंडीगढ़. खडूर साहिब से लोकसभा सदस्य अमृतपाल सिंह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संसद से लगातार गैरहाजिर रहने को लेकर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सामने साफ किया कि इस समय अमृतपाल सिंह की लोकसभा सदस्यता को तुरंत कोई खतरा नहीं है। ASG सत्यपाल जैन ने जानकारी दी कि सांसद अमृतपाल सिंह की लोकसभा सदस्यता फिलहाल रद्द नहीं की जाएगी और उन्हें अनुपस्थिति के लिए माफी (कंडोनेशन) के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। नियमों के अनुसार यदि कोई सांसद लगातार 60 दिनों तक सदन से अनुपस्थित रहता है तो उसकी सीट खाली घोषित की जा सकती है। हालांकि, अमृतपाल सिंह अपनी एनएसए के तहत हिरासत को अनुपस्थिति का उचित कारण बताकर सीट खाली होने से बचा सकते हैं। ऐसे मामलों में लोकसभा की एक समिति सांसद द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर विचार करती है और सामान्य तौर पर उचित कारण होने पर अनुपस्थिति को मंजूरी दे दी जाती है।

महिलाओं को मिली कमान: पानीपत की सड़कों पर दौड़ेंगे पिंक ऑटो, बढ़ेगी सुरक्षा और रोजगार

पानीपत. जिला सड़क सुरक्षा वाहन नीति की बैठक मंगलवार को जिला सचिवालय में हुई। उपायुक्त डा. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि इसराना फ्लाईओवर के पास जमा पानी का निदान करने को लेकर अधिकारियों को जायजा लेने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि शहर की सड़कों पर जल्द ही पिंक आटो प्रशिक्षित महिलाएं द्वारा संचालित होती दिखाई देंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्ट हाउस तक की सड़क के विस्तार का कार्य एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में सड़क हादसों के आंकड़ों की समीक्षा, एनएच-44 पर कैमरे लगाने, सड़क चौड़ीकरण और आरसीसी बैरियर लगाने जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। इस दौरान टोल प्लाजा पर विजिबिलिटी की समस्या, इसराना में सर्विस रोड की खराब स्थिति और स्ट्रीट लाइट्स के बंद होने जैसे कार्यों पर और ध्यान देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि डाहर टोल पर आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देना होगा। टोल अधिकारियों पर काम में देरी पर और सख्ती बरतने के भी निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी, सीएमओ विजय मलिक, डीईओ राकेश बूरा आदि उपस्थित रहे।

सुप्रीम कोर्ट सख्त: CGPSC 2021 के चयनित उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग में देरी नहीं चलेगी

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने CGPSC 2021 के चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। इसकी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के अनुसार चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने का निर्देश दिया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पेशल पिटिशन लीव (SLP) के जरिए CGPSC में डिप्टी कलेक्टर व डीएसपी के पद पर चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने के हाईकोर्ट के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता अपूर्व कुरुप व अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच चल रही है। जांच पूरी होने तक नियुक्तियों को स्थगित रखा जाना चाहिए। नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जा सकता है। राज्य सरकार के तर्कों का विरोध करते हुए चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निखिल गोयल एवं अधिवक्ता अभ्युदय सिंह ने कहा, सीबीआई पहले ही अपनी अंतिम चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें 171 चयनित अभ्यर्थियों में से केवल 5 के नाम ही शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 125 अभ्यर्थियों को पहले ही जॉइनिंग दी जा चुकी है। शेष अभ्यर्थियों को तीन वर्षों से अधिक समय तक जॉइनिंग से वंचित रखने का कोई औचित्य नहीं है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस एके प्रसाद ने अपने फैसले में राज्य सरकार को सीबीआई जांच के परिणाम के अधीन रहते हुए चयनित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग देने का निर्देश दिया था। सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील पेश की थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराया था। डिवीजन बेंच से अपील खारिज होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए इसे बरकरार रखा है। CGPSC ने 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए। CBI जांच के चलते नियुक्ति आदेश रोक दिए गए हैं। 12 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी CBI ने 19 सितंबर को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें PSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, PSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS जीवनलाल ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल शामिल हैं। इससे पहले 18 नवंबर को CBI ने तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 10 जनवरी को 5 और आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष का भतीजा, डिप्टी कलेक्टर चयनित), ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, CGPSC), शशांक गोयल, भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर चयनित) और साहिल सोनवानी (डीएसपी चयनित) शामिल हैं। ये सभी फिलहाल जेल में बंद हैं।

रामनवमी स्पेशल: पंजाब में गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश, सभी शिक्षण संस्थान बंद

चंडीगढ़. पंजाब में 26 मार्च, गुरुवार को सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इस दिन पूरे देश में श्री राम नवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी के चलते राज्य में सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इसके अलावा 31 मार्च को भी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस दिन महावीर जयंती मनाई जाएगी, जिसके कारण राज्य भर में सरकारी छुट्टी रहेगी। इस दिन भी स्कूल, कॉलेज और सभी सरकारी संस्थान बंद रहेंगे।  पंजाब सरकार की 2026 की छुट्टियों की सूची में राष्ट्रीय कार्यक्रम, सिख धार्मिक त्योहार और स्थानीय समारोह शामिल हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के कार्यालय, स्कूल और बैंक बंद रहेंगे। तारीख         काम के दिन  अवसर 26 मार्च, 2026    गुरुवार    राम नवमी 31 मार्च, 2026    मंगलवार    महावीर जयंती 1 अप्रैल, 2026    बुधवार    खातों का वार्षिक समापन (बैंकों में) 3 अप्रैल, 2026    शुक्रवार    गुड फ्राइडे 8 अप्रैल, 2026    बुधवार    श्री गुरु नाभा दास जी का जन्मदिन 14 अप्रैल, 2026    मंगलवार    वैशाखी / डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जन्मदिन 19 अप्रैल, 2026    रविवार    भगवान परशुराम जयंती 1 मई, 2026    शुक्रवार    मई दिवस 27 मई, 2026    बुधवार    बकरीद (ईद-उल-ज़ुहा) 18 जून, 2026    गुरुवार    श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस 29 जून, 2026    सोमवार    कबीर जयंती 31 जुलाई, 2026    शुक्रवार    शहीद उधम सिंह का शहीदी दिवस 15 अगस्त, 2026    शनिवार    स्वतंत्रता दिवस 26 अगस्त, 2026    बुधवार    मिलाद-उन-नबी 4 सितंबर, 2026    शुक्रवार    जन्माष्टमी 2 अक्टूबर, 2026    शुक्रवार    महात्मा गांधी जयंती 11 अक्टूबर, 2026    रविवार    अग्रसेन जयंती 20 अक्टूबर, 2026    मंगलवार    दशहरा 26 अक्टूबर, 2026    सोमवार    महर्षि वाल्मीकि जयंती 8 नवंबर, 2026    रविवार    दिवाली 9 नवंबर, 2026    सोमवार    विश्वकर्मा दिवस 16 नवंबर, 2026    सोमवार    शहीदी दिवस स. करतार सिंह सराभा जी 24 नवंबर, 2026    मंगलवार    गुरु नानक जयंती 14 दिसंबर, 2026    सोमवार    श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस 25 दिसंबर, 2026    शुक्रवार    क्रिसमस का दिन 28 दिसंबर, 2026    सोमवार    शहीदी सभा, श्री फतेहगढ़ साहिब पंजाब सरकार द्वारा 2026 के लिए जारी अवकाश कैलेंडर राज्य की सशक्त भावना और समृद्ध सिख परंपराओं को दर्शाता है। इसमें वैशाखी और गुरु नानक जयंती जैसे प्रमुख आयोजनों के साथ-साथ राष्ट्रीय त्योहार भी शामिल हैं। यह विविधतापूर्ण मिश्रण लोगों, श्रमिकों और परिवारों को पूरे वर्ष काम, आवश्यक रीति-रिवाजों और सुखद पारिवारिक समय के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

कोर्ट के निर्देश पर केस दर्ज: राइस मिलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष सहित 6 आरोपी पुलिस के घेरे में

दुर्ग. कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कांतीलाल बोथरा की मां समेत 6 के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मां की मौत के बाद उनके दायित्वों का निर्वहन करने की वजह से कांतिलाल को आरोपियों में शामिल किया गया है। इस प्रकरण में मेसर्स रिद्धि सिद्धि बिल्डर ने फर्म में इन्वेस्ट कराकर फ्लैट देने और निर्माण होने तक रकम पर ब्याज देने का वादा किया इसलिए प्रार्थी के परिवार के चार लोगों ने मिलकर अलग-अलग किस्तों में कुल 24.5 लाख रुपए दिए। आरोपियों ने कुछ समय तक ब्याज दिया। इसके बाद न रकम लौटाई और न फ्लैट बनाकर दिया। मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल सोरी की अदालत ने आदेश पारित किया है। दरअसल, वार्ड 32 जैन गली, जय आनंद परिसर निवासी प्रार्थी रितेश जैन ने अपनी पत्नी आरती जैन और रिश्तेदार अरिहंत हाइट्स निवासी पदम जैन, रेणु देवी जैन और रुपाली जैन के माध्यम से कोर्ट में परिवाद दायर किया था। जिसमें जय आनंद मधुकर परिसर दुर्ग निवासी रूपेश जैन, शनिचरी बाजार दुर्ग निवासी विश्वास गुप्ता, शिवपारा दुर्ग निवासी मनीष शर्मा, जय आनंद परिसर दुर्ग निवासी सजल जैन, खंडेलवाल कॉलोनी निवासी अमृता खंडेलवाल और ऋषभ कॉलोनी दुर्ग निवासी कमला देवी बोथरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। ज्ञात हो कि, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने ‘चावल मिल घोटाला’ मामले में व्यवसायी दीपेन चावड़ा के खिलाफ पूरक आरोपपत्र पेश किया है। दीपेन चावड़ा, व्यवसायी अनवर ढेबर का साथी है और इस मामले में सहआरोपी भी है। ईओडब्ल्यू ने एक बयान में कहा है कि दीपेन चावड़ा के खिलाफ अपराध के पर्याप्त सबूत पाए जाने पर रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विशेष अदालत में आरोपपत्र पेश किया गया है। 140 करोड़ की अवैध वसूली राज्य के ईओडब्ल्यू और एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पिछले वर्ष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मिली एक रिपोर्ट के आधार पर कथित चावल मिल घोटाले के संबंध में प्राथमिकी दर्ज किया था। ईडी इस मामले में धन शोधन की जांच कर रही है। राज्य की एजेंसी के अनुसार, जांच में इस मामले में चावल मिल मालिकों से लगभग 140 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का पता चला है। ईडी के अनुसार, 175 करोड़ रुपये का कथित घोटाला खरीफ विपणन सीजन 2021-22 के दौरान किया गया था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था।

LPG गैस बुकिंग के नए नियम 2026, अब सिलेंडर मिलेगा 2-3 दिन बाद

भोपाल  आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई और इंतज़ार की मार पड़ने वाली है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे अब उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के इस फैसले ने खासकर शहरों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। क्या बदला नए नियमों में? अब जिन उपभोक्ताओं के पास दो गैस सिलेंडर (डबल कनेक्शन) हैं, उन्हें अगली बुकिंग के लिए 35 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 25 दिन थी। यानी सीधे 10 दिन का अतिरिक्त इंतजार बढ़ा दिया गया है। ये आए नए नियम नए नियमों के मुताबिक जिन घरों में दो गैस सिलेंडर हैं उन्हें अब 35 दिन बाद ही नया सिलेंडर मिलेगा। जिनके पास एक सिलेंडर है उन्हें पहले की तरह 25 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा। यानी सीधी सी बात है कि अब दो सिलेंडर रखने वालों को कुछ और  लंबा इंतजार करना होगा। एलपीजी सप्लाई को लेकर बदलते हालात के बीच सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब उज्ज्वला उपभोक्ताओं को दूसरे गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन की जगह 45 दिन का इंतजार करना होगा। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बुकिंग अंतर का फर्क भी खत्म कर दिया गया है। वहीं, एलपीजी संकट के चलते कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार ने 23 मार्च से होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 50 प्रतिशत गैस देने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रदेश में यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। अब नई व्यवस्था के तहत प्रतिष्ठानों को उनकी औसत खपत के आधार पर केवल 20 प्रतिशत गैस ही दी जाएगी और इसके लिए पहले जांच की जाएगी।  किसे कितने दिन इंतजार? डबल सिलेंडर वाले: 35 दिन बाद बुकिंग  सिंगल सिलेंडर वाले: 25 दिन (कोई बदलाव नहीं) उज्ज्वला योजना लाभार्थी: 45 दिन बाद बुकिंग 10 किलो कम्पोजिट सिलेंडर: 18 दिन बाद छोटे (5 किलो) सिलेंडर: 9 से 16 दिन सबसे बड़ा बदलाव क्या है? अब बुकिंग का समय पिछली डिलीवरी की तारीख से गिना जाएगा, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करेगा तो सिस्टम खुद ही रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर देगा। शहरों में ज्यादा असर क्यों? शहरी इलाकों में ज्यादातर परिवार डबल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अब गैस खत्म होने पर तुरंत नया सिलेंडर मिलना आसान नहीं होगा।  कमर्शियल गैस पर भी असर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी दबाव में है। फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आपात सेवाओं और शिक्षण संस्थानों को ही दिया जा रहा है। सरकार का क्या कहना है? अधिकारियों के मुताबिक, ये बदलाव गैस की खपत को नियंत्रित करने और सप्लाई सिस्टम को संतुलित रखने के लिए किए गए हैं।  जरूरी सूचना: किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं। कुल मिलाकर: अब गैस सिलेंडर सिर्फ महंगा ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहले से प्लानिंग करके चलना होगा, वरना रसोई की आग ठंडी पड़ सकती है।