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LPG गैस बुकिंग के नए नियम 2026, अब सिलेंडर मिलेगा 2-3 दिन बाद

भोपाल  आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई और इंतज़ार की मार पड़ने वाली है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे अब उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के इस फैसले ने खासकर शहरों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। क्या बदला नए नियमों में? अब जिन उपभोक्ताओं के पास दो गैस सिलेंडर (डबल कनेक्शन) हैं, उन्हें अगली बुकिंग के लिए 35 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 25 दिन थी। यानी सीधे 10 दिन का अतिरिक्त इंतजार बढ़ा दिया गया है। ये आए नए नियम नए नियमों के मुताबिक जिन घरों में दो गैस सिलेंडर हैं उन्हें अब 35 दिन बाद ही नया सिलेंडर मिलेगा। जिनके पास एक सिलेंडर है उन्हें पहले की तरह 25 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा। यानी सीधी सी बात है कि अब दो सिलेंडर रखने वालों को कुछ और  लंबा इंतजार करना होगा। एलपीजी सप्लाई को लेकर बदलते हालात के बीच सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब उज्ज्वला उपभोक्ताओं को दूसरे गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन की जगह 45 दिन का इंतजार करना होगा। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बुकिंग अंतर का फर्क भी खत्म कर दिया गया है। वहीं, एलपीजी संकट के चलते कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार ने 23 मार्च से होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 50 प्रतिशत गैस देने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रदेश में यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। अब नई व्यवस्था के तहत प्रतिष्ठानों को उनकी औसत खपत के आधार पर केवल 20 प्रतिशत गैस ही दी जाएगी और इसके लिए पहले जांच की जाएगी।  किसे कितने दिन इंतजार? डबल सिलेंडर वाले: 35 दिन बाद बुकिंग  सिंगल सिलेंडर वाले: 25 दिन (कोई बदलाव नहीं) उज्ज्वला योजना लाभार्थी: 45 दिन बाद बुकिंग 10 किलो कम्पोजिट सिलेंडर: 18 दिन बाद छोटे (5 किलो) सिलेंडर: 9 से 16 दिन सबसे बड़ा बदलाव क्या है? अब बुकिंग का समय पिछली डिलीवरी की तारीख से गिना जाएगा, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करेगा तो सिस्टम खुद ही रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर देगा। शहरों में ज्यादा असर क्यों? शहरी इलाकों में ज्यादातर परिवार डबल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अब गैस खत्म होने पर तुरंत नया सिलेंडर मिलना आसान नहीं होगा।  कमर्शियल गैस पर भी असर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी दबाव में है। फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आपात सेवाओं और शिक्षण संस्थानों को ही दिया जा रहा है। सरकार का क्या कहना है? अधिकारियों के मुताबिक, ये बदलाव गैस की खपत को नियंत्रित करने और सप्लाई सिस्टम को संतुलित रखने के लिए किए गए हैं।  जरूरी सूचना: किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं। कुल मिलाकर: अब गैस सिलेंडर सिर्फ महंगा ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहले से प्लानिंग करके चलना होगा, वरना रसोई की आग ठंडी पड़ सकती है।

MP में मौसम का उतार-चढ़ाव: पूर्वी क्षेत्र में बादल, अन्य जगह तेज धूप, दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश में इस समय मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं. जहां प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से बादल छाए हुए हैं और बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है. लिहाजा मौसम विभाग ने आगामी 27 और 28 मार्च को लेकर प्रदेश के कई संभागों में चेतावनी जारी की है।  पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज गर्मी का असर देखा गया. आंकड़ों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है. विशेषकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की आशंका जताई गई है. दरअसल, प्रदेश में अगले कुछ दिनों में दो नए मौसमी सिस्टम एक्टिव होने वाले हैं।  अगले दो दिन आंधी और हल्की बारिश होने के आसार पहला सिस्टम कल 26 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है. इसका असर अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा. जबकि दूसरा सिस्टम 28 मार्च को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो मौसम के मिजाज को फिर से बदल देगा. जिसके चलते दो दिन 27 और 28 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि, इस साल मार्च का महीना पिछले 10 सालों के आंकड़ों से अलग नजर आ रहा है. एक तरफ स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण प्रदेश में लगातार तीन दिनों तक ओले गिर चुके हैं।  27-28 मार्च को दिखेगा असर इस सिस्टम का प्रभाव अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। एक और सिस्टम होगा सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार, 28 मार्च को एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। रायसेन सबसे गर्म, पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है. प्रदेश में बीते दिन सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायसेन में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान नर्मदा पुरम के पचमढ़ी में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा।  रीवा-सागर में बारिश, खंडवा-रतलाम में गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात रीवा और सागर में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंगलवार को मालवा-निमाड़ काफी गर्म रहा। खंडवा में पारा 38.1 डिग्री और रतलाम में पारा 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 37.6 डिग्री, धार-मंडला में 36.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 36 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। 26 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज और सीधी. 27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, अनूपपुर और शहडोल. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 34.4°C इंदौर में 35.0°C जबलपुर में 35.6°C ग्वालियर में 33.5°C उज्जैन में 35.8°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  17.8°C इंदौर में 17.4°C जबलपुर में 19.4°C ग्वालियर में 17.1°C उज्जैन में 16.8°C भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

आसाराम के बेटे नारायण साईं ने कुटुम्ब न्यायालय में दी पेशी, पत्नी ने दायर की तलाक की याचिका

इंदौर  स्वयंभू संत आसाराम का बेटा नारायण साईं कथित मानसिक क्रूरता को लेकर अपनी पत्नी की ओर से दायर तलाक के मुकदमे में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इंदौर के कुटुम्ब न्यायालय में पेश हुआ और बयान दर्ज कराया। मामले से जुड़े वकीलों ने यह जानकारी दी। नारायण साईं दुष्कर्म के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद गुजरात के सूरत के जेल में बंद है। जिसके बाद उसे पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ इंदौर के कुटुम्ब न्यायालय में लाया गया। इस दौरान अदालत परिसर में उसकी इंदौर निवासी पत्नी जानकी हरपलानी भी मौजूद थीं। हालांकि, उन्होंने मीडिया के सामने चुप्पी साधे रखी। एकमुश्त मांगी 5 करोड़ की रकम मामले से जुड़े वकीलों ने बताया कि जानकी की ओर से पेश तलाक के मुकदमे में नारायण साईं कुटुम्ब न्यायालय में पेश हुआ। वकीलों ने बताया कि यह मुकदमा जानकी ने अपने पति पर मानसिक क्रूरता और अन्य आरोप लगाते हुए दायर किया है जिसमें उन्होंने एकमुश्त पांच करोड़ रुपए की स्थायी भरण-पोषण राशि की मांग की है। अदालत ने दी 1 अप्रैल की अगली तारीख वकीलों ने बताया कि करीब 90 मिनट की पेशी के दौरान अदालत में नारायण साईं का बयान दर्ज किया गया और फिर जानकी के वकीलों ने उससे जिरह की। अदालत ने मुकदमे में दोनों पक्षों की अंतिम बहस के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है। कुटुम्ब न्यायालय ने नारायण साईं को वर्ष 2018 में आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी जानकी को हर महीने 50,000 रुपए की भरण-पोषण राशि प्रदान करे। हालांकि जानकी की ओर से अदालत में कहा गया है कि पिछले आठ साल से उनके पति की ओर से उन्हें भरण-पोषण राशि अदा नहीं की गई है।

AAP विधायक शिवपुरी से गिरफ्तार, रेप मामले में फरार थे; पंजाब पुलिस ने बिना सूचना की छापेमारी, 3 सहयोगी भी पकड़े गए

शिवपुरी  पंजाब के पटियाला की पुलिस ने दो साल पुराने रेप केस में 6 महीने से फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत पठानमाजरा को मध्य प्रदेश के ग्वालियर-शिवपुरी बायपास से गिरफ्तार किया है। वे पंजाब की सनौर सीट से पहली बार विधायक बने थे। भगोड़ा घोषित किए जा चुके और ऑस्ट्रेलिया भाग गए विधायक को पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए भारत लौटने के 5 दिन बाद दो दिन के लगातार ऑपरेशन के बाद पकड़ा है। इस कार्रवाई के दौरान उनके 3 साथियों को भी हिरासत में लिया गया है और पटियाला पुलिस की टीम आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सभी को अपने साथ पंजाब ले गई है।शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में शिवपुरी पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। 6 महीने से चल रहे थे फरार, लुक आउट सर्कुलर था जारी हरमीत पठानमाजरा दो साल पुराने रेप केस में वांछित थे और पिछले छह महीने से फरार चल रहे थे। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया था। जानकारी के अनुसार, पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह ऑस्ट्रेलिया भाग गए थे और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पांच दिन पहले ही भारत लौटे थे। 2 दिन के ऑपरेशन के बाद बायपास पर दबोचा पटियाला पुलिस ने शिवपुरी जिले में दो दिन के सुनियोजित ऑपरेशन के बाद उन्हें पकड़ा। विधायक को उस समय दबोचा गया, जब वह ग्वालियर से शिवपुरी की ओर आने वाले बायपास हाईवे से गुजर रहे थे। पुलिस ने विधायक के साथ मौजूद उनके तीन साथियों को भी हिरासत में लिया है। एसएसपी बोले- भगोड़ा घोषित थे, इसलिए स्थानीय पुलिस को नहीं बताया पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी विधायक को कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। इसी कारण इस गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय पुलिस को सूचना देना आवश्यक नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विधायक भगोड़ा घोषित नहीं होते, तो स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होता। शिवपुरी से गिरफ्तार कर सीधे पंजाब ले गई पुलिस एसएसपी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक सुनियोजित ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसमें दो दिन की लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम को सफलता मिली। टीम ने सीधे कार्रवाई करते हुए विधायक को शिवपुरी से गिरफ्तार किया और उन्हें पंजाब ले गई है, जहां अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा, 31 मार्च से जगदलपुर-रायपुर के बीच उड़ान सेवा शुरू

जगदलपुर. लंबे समय से बंद जगदलपुर-रायपुर सेक्टर पर एलायंस एवर ने फ्लाइट शुरू करने की घोषणा कर दी है। 29 मार्च से शुरू हो रहे समर शेड्यूल में हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर सेक्टर पर 31 मार्च से फ्लाइट शुरू होगी। बीते लंबे समय से इस सेक्टर पर विमान सेवा की मांग लोग कर रहे थे। इधर जगदलपुर-जबलपुर-दिल्ली फ्लाइट को एलायंस एयर ने बंद कर दिया है। सोमवार को आखिरी बार दिल्ली के लिए एलायंस एयर के विमान ने जगदलपुर से उड़ान भरी। हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर सेक्टर में में फ्लाइट हैदराबाद-जगदलपुर, जगदलपुर-रायपुर, रायपुर-रीवा, रीवा-रायपुर, रायपुर-जगदलपुर व जगदलपुर-हैदराबाद के बीच चलेगी। हैदराबाद से एलायंस एयर की फ्लाइट सुबह 7.50 बजे टेकऑफ करेंगी, जो 9.10 बजे जगदलपुर में लैंड होगी। जगदलपुर से 9.35 बजे रायपुर के लिए टेकऑफ करने के बाद विमान 10.30 बजे रायपुर में लैंड होगी। वापसी में रायपुर से दोपहर 2.25 बजे उड़ान भरकर विमान 3.20 बजे जगदलपुर और यहां से 3.45 बजे टेकऑफ कर शाम 5.05 बजे हैदराबाद जाएगी। बिलासपुर से जबलपुर और जगदलपुर की उड़ान बंद बिलासपुर। आगामी 28 मार्च से लागू होने वाले नए समर शेड्यूल में जबलपुर और जगदलपुर हवाई सेवा को बंद कर दिया गया है. प्रयागराज के लिए चलने वाली फ्लाइट अब सप्ताह में सिर्फ एक दिन तक सीमित कर दी गई है. वहीं कोलकाता और दिल्ली की विमान व्हाया अंबिकापुर होकर चलेगी.समर शेड्यूल में पहले से सप्ताह में दो दिन चलने वाली बिलासपुर – प्रयागराज फ्लाइट को घटाकर सिर्फ एक दिन कर दिया गया है. प्रयागराज रूट धार्मिक, शैक्षणिक और न्यायिक कारणों से महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इसे सीमित कर देना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. वहीं एलाइंस एयर ने जबलपुर की हवाई सेवा को बंद करने का निर्णय लिया है. साथ ही बिलासपुर जगदलपुर हवाई सेवा को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा कोलकाता – बिलासपुर की सीधी हवाई सेवा को व्हाया अंबिकापुर चलाने का निर्णय लिया है . इसी तरह सप्ताह में दो दिन दिल्ली की फ्लाइट व्हाया अंबिकापुर जाएगी. जिससे उक्त फ्लाइट में यात्रियों की संख्या कम होना तय है. हैदराबाद फ्लाइट एक बार फिर से लटकी हैदराबाद- बिलासपुर-हैदराबाद फ्लाइट चलाने की मांग का समर्थन केन्द्रीय विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने दिल्ली में आंदोलन करने पहुंचे हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति को हैदराबाद उड़ान शुरू कराने का आश्वासन दिया था. लेकिन एक बार फिर से हैदराबाद विमान लटक गया है. उसका ट्रायल भी डेढ़ साल पहले हो चुका है. जो काफी सफल रहा था. पांच साल से चल रही जबलपुर फ्लाइट बंद एलाइंस एयर कंपनी ने फिर से पर्याप्त यात्रियों के साथ चलने वाली बिलासपुर-जबलपुर फ्लाइट को बंद किया गया है. उसको बंद करने का कारण नहीं बताया जा रहा है. इसके पहले भोपाल और इंदौर फ्लाइट भी चलाने के कुछ समय बाद बंद कर दी गई थी.

नवजातों की सुरक्षा पर फोकस: झारखंड में 60 से ज्यादा NBSU खुलेंगे, स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम

मेदिनी नगर/पलामू. झारखंड में शिशु मृत्यु दर अब भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर 1000 जीवित जन्म पर करीब 25 नवजातों की मौत हो रही है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इसमें गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं कही जा सकती। इसी चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर के 60 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू) स्थापित करने का फैसला किया है। इस संबंध में सभी जिलों के सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समय से पहले जन्म, कम वजन और जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में परेशानी जैसे कारणों से अधिकांश नवजातों की मौत जीवन के पहले सप्ताह में ही हो जाती है। ऐसे में यदि जन्म के तुरंत बाद ही विशेष निगरानी और उपचार की सुविधा उपलब्ध हो जाए, तो बड़ी संख्या में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एनबीएसयू को अस्पतालों के मैटरनिटी वार्ड या लेबर रूम के पास स्थापित किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में नवजात को बिना समय गंवाए तत्काल उपचार मिल सके। इससे गंभीर स्थिति वाले बच्चों के इलाज में देरी नहीं होगी और रेफरल पर निर्भरता भी कम होगी। एमएमसीएच में रोज पहुंचते हैं 10 गंभीर नवजात मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में प्रतिदिन औसतन 10 गंभीर नवजात उपचार के लिए पहुंचते हैं। यहां स्थित एसएनसीयू में पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, लेकिन कई बार मरीजों के देर से पहुंचने के कारण डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद नवजातों को बचाना मुश्किल हो जाता है। यहां आने वाले अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से रेफर होकर आते हैं। आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी इकाईयां प्रस्तावित एनबीएसयू को रेडिएंट वार्मर, सक्शन मशीन, फोटोथेरेपी यूनिट और स्पॉट लाइट जैसे आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके साथ ही संक्रमण नियंत्रण के मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। बायो-मेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान की विशेष व्यवस्था भी होगी, जिससे संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। पलामू जिले में फिलहाल हुसैनाबाद और छत्तरपुर अनुमंडलीय अस्पतालों में एनबीएसयू संचालित है, लेकिन जिले के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन केंद्रों में एनबीएसयू कब और कहां स्थापित होंगे, इसकी स्पष्ट घोषणा अभी तक नहीं हुई है। गंभीर नवजातों को समय पर इलाज मिल सकेगा राज्य सरकार ने 60 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू) स्थापित करने की घोषणा की है, लेकिन किन केंद्रों में यह सुविधा शुरू होगी, इसका स्पष्ट विवरण अभी नहीं दिया गया है। हालांकि, इस पहल से गंभीर नवजातों को समय पर इलाज मिल सकेगा और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। – डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, पलामू

कम्युनिकेशन क्राइसिस: जालंधर के कई क्षेत्रों में इंटरनेट-फोन सेवा ठप, लोगों की बढ़ीं मुश्किलें

जालंधर. जालंधर में आज कई इलाकों में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद हो गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, नागरा रोड पर मौजूद भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक्सचेंज में भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। आग इतनी तेज़ी से फैली कि धुएं और लपटों ने पूरे एक्सचेंज को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। शहर के बड़े हिस्से में कम्युनिकेशन सर्विस बुरी तरह प्रभावित हुईं। आग लगने की वजह से मकसूदां, लिधरा, विधिपुर और नूसी समेत कई इलाकों में इंटरनेट, लीज्ड लाइन और टेलीफोन सर्विस पूरी तरह से बंद कर दी गईं, जिससे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। आग लगने की वजह से शहर के बड़े हिस्से में कम्युनिकेशन सर्विस बुरी तरह प्रभावित हुईं। मकसूदां, लिधरा, विधिपुर और नूसी समेत कई इलाकों में इंटरनेट, लीज्ड लाइन और टेलीफोन सर्विस पूरी तरह से बंद कर दी गईं। कई तरह की रुकावटें आईं, जिससे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही, SDO मनीष कुमार, JTO चमकौर और प्रीत मोगल अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। काफी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

बर्ड फ्लू से हड़कंप: बिलासपुर में हजारों मुर्गियों की मौत, प्रशासन ने 10 किमी क्षेत्र में जारी किया अलर्ट

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू के प्रकोप से हड़कंप मच गया है। बीते 19 से 24 मार्च के बीच यहां करीब 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई। फार्म में कुल 5,037 मुर्गियां मौजूद थीं। अब प्रशासन ने फार्म के एक किलोमीटर क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है। 10 किलोमीटर के दायरे में अलर्ट इस मामले की जानकारी देते हुए बिलासपुर के पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जीएस तंवर ने बताया कि मृत पक्षियों के सैंपल भोपाल और पुणे की लैब में भेजे गए थे, जिनमें से भोपाल लैब ने एवियन इन्फ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि कर दी है। संक्रमण की पुष्टि के बाद जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से रोकथाम और नियंत्रण के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने फार्म के एक किलोमीटर के दायरे को ‘संक्रमित क्षेत्र’ और 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया है। सीलिंग भी होगी प्रोटोकॉल के तहत संक्रमित क्षेत्र में सभी पोल्ट्री पक्षियों, अंडों और चारे को नष्ट किया जाएगा और इनके आवागमन पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रभावित पोल्ट्री मालिकों को पशुपालन विभाग की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। कूलिंग (पक्षियों को मारने) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फार्म को सील कर दिया जाएगा। स्थिति को संभालने के लिए टीम गठित स्थिति को संभालने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित की गई हैं, जो कूलिंग, निस्तारण, निगरानी और सैनिटाइजेशन का काम करेंगी। साथ ही इलाके में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और पोल्ट्री की बिक्री के साथ उनकी आवाजाही पर भी सख्त नजर रखी जाएगी। कर्मचारियों की भी हो रही जांच पोल्ट्री फार्म के कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। किसी में लक्षण मिलने पर जांच और जरूरत पड़ने पर एंटीवायरल दवा दी जाएगी। फिलहाल इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

CM मोहन यादव का दावा: MP नक्सलमुक्त, अब निवेश और विकास में सबसे आगे होगा राज्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य आज सुशासन, विकास, निवेश, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याण के समन्वित मॉडल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिली है। राज्य “चीता स्टेट” के रूप में भी पहचान बना चुका है और वर्तमान में चीतों की संख्या 53 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में सफलता मिली है, जो शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे ।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ- 2028 का आयोजन केवल प्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जिसमें 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा लिए क्षिप्रा नदी के किनारे 30 किलोमीटर तक नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन में महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए नवीन और स्थाई रूप के कई नवाचार और निर्माण सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन में किए जा रहे हैं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य की न्याय व्यवस्था, सुशासन को उल्लेखित करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य वीरता, न्यायप्रियता और उदारता की कहानियां जैसे बेताल पच्चीसी और 32 पुतलियां आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं। राज्य सरकार सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के सिद्धांत से प्रेरणा लेकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य सरकार द्वारा  सुशासन के लिए पुरस्कार भी प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में त्वरित न्याय के उनके सिद्धांतों को शासन में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “न्याय में देरी, न्याय की आत्मा के साथ अन्याय है” और सुशासन के लिए कठोर निर्णय लेना आवश्यक होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेहिता को प्राथमिकता दी जा रही है तथा अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।  म.प्र. को इन्वेस्टमेंट हब बनाने लगातार किये जा रहे हैं प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को “उद्योग और रोजगार वर्ष” के रूप में मनाया गया। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नवीन नीतियां लागू की। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए डीबीटी से उद्योगपतियों को सब्सिडी हस्तांतरित की जा रही है। मध्यप्रदेश को इन्वेस्टमेंट हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग एवं रोजगार में नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक धरातल पर आ चुके हैं। म.प्र. के धार जिले में देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक निवेश मध्यप्रदेश में आ रहा है। नारी सशक्तिकरण की दिशा में “लाड़ली बहना योजना” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों को  1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। युवाओं के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नवीन उद्योग स्थापित करने पर को प्रति श्रमिक को 5000 रुपये तक की सहायता राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी। राज्य में बेरोजगारी दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य में 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है तथा 5 लाख से अधिक गौमाताओं के संरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील में दूध देने की योजना लागू की गई है, जिससे बच्चों को पोषणयुक्त आहार मिल सके। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के तहत मध्यप्रदेश में पार्वती लिंक परियोजना (राजस्थान के साथ) और बेतवा लिंक परियोजना (उत्तर प्रदेश के साथ) पर कार्य किया जा रहा है। इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है, जिससे सिंचाई क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सकारात्मक आलोचना लोकतंत्र की आधारशिला है और राज्य सरकार सुशासन के विजन से प्रेरणा लेकर हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अभियान –CM योगी

लखनऊ में आयोजित गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अभियान – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मानव का सेवा भाव ही उसे सभी जीवों में ईश्वर की सबसे श्रेष्ठ कृति बनाता है उपचार से भी अधिक महत्वपूर्ण बचाव और जागरूकता है, इस सेवा यात्रा ने स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है – सीएम योगी मुख्यमंत्री ने मातृ-शिशु मृत्यु दर नियंत्रण के बारे में जागरूकता फैलाने को भी अभियान से जोड़ने की सलाह दी अपने कर्तव्य को निष्ठा से निभाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है – सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ,  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाला एक महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के उपेक्षित और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी में गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के कार्यकर्ता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने 2019 से इस सेवा यात्रा को निरंतर विस्तार देते हुए आज इसे एक बड़े जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्य किया है। यह यात्रा विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की नेपाल सीमा से सटे सात जिलों महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में संचालित हो रही है, जहां जनजातीय समुदायों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी रही है। लगभग 550 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा के इन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे स्वयंसेवक समर्पण के साथ निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मानव के सेवा भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि “प्राणिनामार्थ नाशनम्” का भाव यह है कि मनुष्य अन्य जीवों की तुलना में ईश्वर की श्रेष्ठ कृति माना गया है, क्योंकि वही अन्य प्राणियों की सेवा कर सकता है और अपने सेवा भाव से दूसरों को प्रेरित भी कर सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे यही कार्य कर रहे हैं और उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से न केवल इलाज किया जा रहा है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “उपचार से अधिक महत्वपूर्ण बचाव है” और जागरूकता के जरिए कई गंभीर बीमारियों को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में त्वचा रोग, जलजनित बीमारियां, एनीमिया और तपेदिक जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं, जिनके प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने अभियान के कार्यकर्ताओं को मातृ-शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता फैलाने के कार्य को भी अभियान से जोड़ने की सलाह दी और कहा कि यदि मां और बच्चा स्वस्थ हैं, तो समाज भी स्वस्थ रहता है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2007-08 के नेपाल के खूनी संघर्ष का प्रसंग साझा करते हुए बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लोगों ने किस प्रकार अपनी राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान का परिचय देते हुए माओवादी प्रभाव से दूरी बनाए रखी और भारत की मुख्यधारा से जुड़े रहे। उन्होंने इस कार्य के लिए पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की भी सराहना की। साथ ही बताया कि वर्तमान में सरकार और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद राज्य सरकार ने वनटांगिया गांवों और अत्यंत पिछड़े समुदायों के जीवन स्तर में सुधार के लिए व्यापक कार्य किए हैं। इन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर वहां पक्के मकान, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही पात्र लोगों को पेंशन, राशन कार्ड और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल थारू ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अन्य जनजातियों मुसहर, कोल, सहरिया, बुक्सा, चेरो आदि को भी विकास योजनाओं से जोड़ते हुए उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वह अगले दिन बहराइच के भरतापुर गांव का दौरा करेंगे, जहां थारू जनजातीय समुदाय के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाकर उन्हें जमीन, आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज एकजुट होकर किसी कार्य में पूरी निष्ठा के साथ जुटता है, तो उसके परिणाम भी व्यापक और सकारात्मक होते हैं। इसी का परिणाम है कि स्वास्थ्य सेवा यात्रा का यह अभियान, जो वर्ष 2019 में छह जिलों में 27 हजार मरीजों तक सीमित था, अब सात जिलों में लगभग 2.66 लाख लोगों तक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समर्पण का परिणाम बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखें, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों तक स्वयं पहुंचें। प्रत्येक चिकित्सक को महीने में कम से कम एक दिन ऐसे सेवा कार्यों के लिए समर्पित करना चाहिए। इससे न केवल समाज को लाभ मिलेगा, बल्कि चिकित्सकों को भी विविध अनुभव प्राप्त होंगे। राष्ट्रभक्ति की परिभाषा स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और समर्पण ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। चाहे छात्र हो, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी या चिकित्सक हर व्यक्ति अपने कार्य को निष्ठा से निभाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार ने भी इसे विस्तार देते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। मातृ मृत्यु … Read more