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63,383 किमी सड़कों और 35,433 किमी ग्रामीण मार्गों से मजबूत हुआ नेटवर्क

9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति, उत्तर प्रदेश बना देश की कनेक्टिविटी का ग्रोथ इंजन 63,383 किमी सड़कों और 35,433 किमी ग्रामीण मार्गों से मजबूत हुआ नेटवर्क देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे के साथ यूपी बना एक्सप्रेस-वे हब 16 एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ एविएशन कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान रेल, राष्ट्रीय जलमार्ग और फ्रेट कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को मिला बूस्ट सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है- संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है उत्तर प्रदेश – दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित-अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार लखनऊ उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव दर्ज करते हुए खुद को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, रेल, जलमार्ग, ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर काम हुआ है, जिसने विकास को नई गति दी है। प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार ने विकास की दिशा तय की है। वर्ष 2017 के बाद से 63,383 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जबकि 35,433 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। प्रतिदिन औसतन 19 किलोमीटर सड़क निर्माण की रफ्तार प्रदेश की तेज प्रगति को दर्शाती है। इसके साथ ही 1,740 पुलों का निर्माण कर आवागमन को और सुगम बनाया गया है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को बेहतर सड़कों से जोड़ने का व्यापक कार्य भी पूरा किया गया है। उत्तर प्रदेश आज देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन चुका है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में स्थित है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने क्षेत्रीय असमानताओं को कम करते हुए कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है। गंगा एक्सप्रेस-वे, जिसका लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट साबित होने जा रहा है। इसके अलावा विन्ध्य एक्सप्रेस-वे जैसी नई परियोजनाएं भी विकास के दायरे को और विस्तारित करेंगी। हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतर्राष्ट्रीय हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का एक प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बन जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। रेल और जलमार्ग के क्षेत्र में भी प्रदेश ने अपनी स्थिति मजबूत की है। करीब 16,000 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है। वहीं, 11 राष्ट्रीय जलमार्गों का जुड़ाव इसे लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई पहचान दे रहा है। वाराणसी में देश का पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल और 100 एकड़ में विकसित फ्रेट विलेज प्रदेश को निर्यात और माल ढुलाई का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जल क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है।  इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज मजबूत, आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक नए विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार ने न केवल आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाया है, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए भी नए द्वार खोले हैं। प्रदेश अब इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आम नागरिकों के जीवन को आसान बना “डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है। शानदार सड़क नेटवर्क और तेजी से हो रहा निर्माण आम नागरिकों के जीवन को आसान बना रहा है। यही कारण है कि प्रदेश आज सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।” संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई  “योगी सरकार के 9 वर्ष विकास, विश्वास और सुशासन के प्रतीक हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है।” दानिश आजाद अंसारी, मंत्री उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी  “मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के नेतृत्व में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। आज प्रदेश देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के साथ विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी का उदाहरण बन चुका है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित की है।” अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार

पंजाब में CM मान ने मंत्री लालजीत सिंह को कैबिनेट से हटाया

चंडीगढ़ पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अपना इस्तीफा दे दिया. तरन तारन के पट्टी से विधायक भुल्लर को अमृतसर में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के एक ज़िला प्रबंधक की कथित आत्महत्या के मामले में इस्तीफा देने को कहा गया था. फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।  भुल्लर के इस्तीफे पर CMO का भी बयान आया है. पंजाब CMO का कहना है कि एक विवादित वीडियो के सामने आने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था. जिसमें प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा को यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने कोई ज़हरीला पदार्थ खा लिया है. साथ ही रंधावा ने परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का भी नाम लिया था. इससे पहले शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया था कि रंधावा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।  मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि रंधावा ने अपनी मौत से पहले भुल्लर का नाम लिया था. ऐसे में पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी तथ्य हैं, वो सामने आने चाहिए. इस वीडियो के सामने आने बाद से ही पंजाब में मान सरकार की किरकिरी हो रही थी. साथ ही राज्य की विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया था। 

टोल प्लाजा पर हिंसा: सिवनी में निहंग सिखों का हमला, रोकने पर कर्मचारियों की बेरहमी से पिटाई

सिवनी नेशनल हाईवे 44 (जबलपुर-नागपुर एनएच) में जिले के लखनादौन थाना अंतर्गत मड़ई टोल में निहंग सिखों के तीन वाहनों को रोकना टोल कर्मियों को भारी पड़ गया। टोल भरने की बात को लेकर निहंग सिखों व कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान कार से उतरकर जत्थे में शामिल कुछ निहंग सिखों ने टोल कर्मियों से मारपीट कर दी। इसके तत्काल बाद तीनों कार वाहन में सवार होकर निहंग सिखों का जत्था मौके से रवाना हो गया। घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। जानकारी के अनुसार निहंग सिखों का जत्था पंजाब से महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहा था, जो 20 मार्च की सुबह 9.40 मड़ई टोल में तीन वाहनों (पीबी 01 एफ 8387 टेम्पो ट्रैवलर, पीबी 09 एआर 4181 तथा पीबी 09 एपी 5266) में सवार होकर पहुंचा था। बगैर टोल दिए वाहन निकालने व बूम बैरियर तोड़ने का प्रयास टोल कर्मियों का आरोप है कि निहंग सिखों ने बगैर टोल का भुगतान किए वाहनों को निकालने का प्रयास किया, इस दौरान बूम बैरियर तोड़कर का प्रयास किया गया। रोकने पर कार सवार निहंग सिखों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कार से उतरकर पांच-छह निहंग सिखों लोगों ने टोल प्रभारी मुनेश सिंह बघेल से मारपीट शुरू कर दी। तलवार की मूठ, बेसबाल डंडों, लात, घूंसों से मारपीट की गई, जिससे मुनेश चोटिल हो गया। टोल प्लाजा पर अन्य कर्मियों के एकत्रित होने के बाद निहंग सिख अपने वाहनों में सवार होकर महाराष्ट्र की ओर भाग निकले। पूरा घटनाक्रम टोल में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुई है, इसके आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान करने में जुटी है। टोल मैनेजर की शिकायत पर जांच कर रही पुलिस मड़ई टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने पुलिस थाना लखनादौन थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपितों पर मारपीट का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने टोल प्रबंधन की शिकायत को जांच में लिया है। मारपीट कर मड़ई से खवासा की ओर निहंग सिखों के संबंध में टोल प्रबंधन ने कुरई पुलिस को तत्काल सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार कुरई पुलिस ने महाराष्ट्र की ओर जा रहे वाहनों में सवार निहंग सिखों को रोककर पूछताछ की गई, जिसमें मड़ई टोल कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। बाद में निहंग सिखों का वाहन खवासा टोल पार कर महाराष्ट्र नांदेड़ रवाना हो गया। थाना प्रभारी केपी धुर्वे ने बताया कि टोल कर्मियों से मारपीट मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज से की जा रही हैं। फुटेज में निहंग सिख नजर आ रहे हैं। टोल कर्मियों पर शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। इधर टोल मैनेजर का कहना है कि ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बनता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। ट्रेनों में करते हैं मुफ्त यात्रा जानकारी के अनुसार निहंग सिख देश की ट्रेनों में मुफ्त यात्रा करते हैं। निहंग रोज गुरबानी का पाठ करते हैं। बाणे में रहते हैं। अपना चोला और उसके साथ धारण किए जाने वाले सभी अस्त्र-शस्त्र धारण करना। सभी निहंग शस्त्र विधा में पारंगत होते हैं। इस विधा में हमले करने और रोकने की जरूरी तकनीक शामिल है। निहंग सिख गुरु ग्रंथ साहिब को मानने के साथ श्री दशम ग्रंथ साहिब व सरबलोह ग्रंथ को भी मानते हैं। निहंगों में भी अलग-अलग समूह होते हैं, जिनमें ब्रह्मचर्य तथा गृहस्थ जीवन का पालन करने वालों का भी अपना-अलग समूह है। निहंग सिख आमतौर पर अमृत धारण किए होते हैं। आए दिन होते मड़ई टोल में विवाद जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे 44 में स्थित मड़ई तथा खवासा टोल प्लाजा में आए दिन वाहन चालकों से टोल कर्मियों की कहासुनी व विवाद की घटना होती रहती हैं। प्रदेश व जिले के बाहर से आए कर्मचारी बड़ी संख्या में टोल प्लाजा में तैनात रहते हैं, जिन पर वाहन चालकों से अभद्रता करने का आरोप अक्सर लगता रहता हैं।

सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर एमपी में नया अपडेट, मामला हुआ स्पष्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश की शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया है। केस में  जबलपुर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर मामला आगे बढ़ा दिया गया है। सोम डिस्टलरीज Som Distilleries के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही सुनवाई से दो जजों ने खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में कानूनी उलझन उत्पन्न हुई पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस जबलपुर हाईकोर्ट में ही चल रहा है। रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश की सबसे प्रमुख शराब निर्माता कंपनी है। इनका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। 4 फरवरी को आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किया था। तत्कालीन आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा था कि सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता व कर्मियों पर देपालपुर (इंदौर) कोर्ट में एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई। इसमें कहा गया कि इंदौर हाईकोर्ट से संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई, पर दोषसिद्धि प्रभावी है। शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टलरीज Som Distilleries ने इसे चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई से जबलपुर हाईकोर्ट के दो जज जस्टिस विशाल मिश्रा और संदीप एन भट्ट ने खुद को अलग कर लिया जिससे कानूनी उलझन हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही याचिका पर सुनवाई शुरु हुई।  हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की  हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई में याचिकाकर्ता सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश कीं। इधर सरकार की ओर से भी शासकीय अधिवक्ता ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुना पर समयाभाव के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसपर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की।

पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए 3000 करोड़ का प्लान, जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को मिली मंजूरी

चंडीगढ़. हरियाणा में जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को लागू करने के लिए शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे। हरियाणा सरकार की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव चंडीगढ़ से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल जीवन मिशन-2.0 के अंतर्गत राज्य सरकारों व केंद्र सरकार के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए यह एमओयू बहुत महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन के दूसरे चरण में राज्य सरकार का ध्यान केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थिरता और दीर्घकालिक प्रबंधन पर भी केंद्रित होगा। इसके तहत जल भंडारण टैंकों का आधुनिकीकरण, शेष परिवारों को पाइप लाइन की जल आपूर्ति से जोड़ना और दक्षिण हरियाणा के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों जैसे नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ में विशेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इन सभी योजनाओं पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के पहले चरण में हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल और पर्याप्त पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने का राज्य सरकार ने जो संकल्प लिया, उसे साकार किया गया। वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन की जब शुरुआत हुई थी तब हरियाणा में केवल 58 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल का कनेक्शन था, लेकिन सरकार के सतत प्रयासों से छह अप्रैल 2022 को ही सरकार ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। जल की गुणवत्ता सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा राज्य ने उल्लेखनीय कार्य किया है और पहले चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर उत्कृष्टता साबित की। पाटिल ने जल जीवन मिशन–2 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी राज्यों के साथ समन्वय और समझौते को आवश्यक बताते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 का ऐतिहासिक आगाज दिलीप जायसवाल

बिजुरी  से संजय केसरवानी की रिपोर्ट भारतीय जनता पार्टी मंडल बिजुरी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 का ऐतिहासिक आगाज हुआ।  जिसमें प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल की गरिमा में उपस्थिति में आयोजित प्रशिक्षण में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया  .इसमें मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सहबीन पनिका ,नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति सतीश शर्मा, मंडल अध्यक्ष बिजुली रविंद्र रिंकू शर्मा, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष सतीश शर्मा तथा प्रशिक्षण लेने आए हुए नगर पालिका के बूथ अध्यक्ष महामंत्री अन्य लोग उपस्थित रहे राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल जी ने 0 से लेकर शिखर तक का सफर मध्य प्रदेश राज्य के इन 13 वर्षों की उपलब्धियां तथा विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बारे में सभी को बताया तथा दिलीप जायसवाल ने क्षेत्र में किए कामों की उपलब्धता को बताया तथा जन-जन के विकास के आधार तथा जन-जन को सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया आगे भी इसी तरह जन-जन की सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे जन सेवा ही उनका लक्ष्य हमेशा रहा है!

Asia Cup Hockey 2026: अक्टूबर में होगा बड़ा मुकाबला, जालंधर और मोहाली तैयार

चंडीगढ़. पंजाब एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में है। राज्य में एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सरकार के अनुसार जालंधर और मोहाली के खेल मैदानों का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है और अब केवल औपचारिक घोषणा शेष है। जानकारी के मुताबिक यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट अक्टूबर माह में आयोजित किया जा सकता है। संभावना है कि राज्य में चलने वाले “खेड़ां” खेल महोत्सव के समापन के बाद 20 से 25 अक्टूबर के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में जापान, कोरिया, चीन, सिंगापुर, मलेशिया और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे प्रदेश में उच्च स्तर की हॉकी का रोमांच देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पंजाब की वैश्विक छवि को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में राज्य ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं, जिससे प्रशासनिक क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। पर्यटन और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे सरकार खेल गतिविधियों को लगातार बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में मार्च के अंत से बड़े स्तर पर प्रतियोगिताओं का दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे खेलों का माहौल और सक्रिय होगा। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य के खेल ढांचे को नई दिशा मिलेगी। सरकार का मानना है कि बेहतर कानून व्यवस्था के चलते ही पंजाब अब बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार हुआ है। एशिया कप हॉकी का सफल आयोजन राज्य को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन और निवेश के अवसर भी बढ़ा सकता है।

इंदौर: करण औजला के शो से पहले नगर निगम ने जब्त किया सामान, एंटरटेनमेंट टैक्स न जमा करने पर कार्रवाई

इंदौर  इंदौर में पंजाबी सिंगर करण औजला के शो से पहले नगर निगम की टीम ने कार्यक्रम की जगह पर पहुंचकर सामान जब्त कर लिया। जानकारी के मुताबिक शो से पहले निगम को मनोरंजन कर जमा नहीं करवाया गया है। इस पर यह कार्रवाई की गई। पंजाबी सिंगर का आज शाम ही शो होना है। शो के लिए 3 हजार से 6 लाख रुपये तक के टिकट की बेचे जाने की बात सामने आ रही है। मंच से सामान जब्त, आयोजकों की मिन्नतें नाकाम जब कॉन्सर्ट की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, तभी नगर निगम के कर्मचारियों ने एक-एक करके स्टेज पर रखा कीमती साउंड सिस्टम और अन्य साजो-सामान गाड़ियों में भरना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने टीम को रोकने की कोशिश की, लेकिन निगम के अधिकारी मनोरंजन कर जमा न होने की बात पर अड़े रहे। यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि आयोजकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करोड़ों का कारोबार, पर टैक्स नहीं भरा खबर है कि इस शो के लिए टिकिटों की बिक्री धड़ल्ले से हुई है। 6 लाख रुपये तक के वीआईपी टेबल बुक होने की चर्चा है, लेकिन इस बड़े कारोबार के बीच सरकारी खजाने में जमा होने वाला मनोरंजन कर नहीं पहुंचा। इसी को आधार बनाकर निगम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। आयोजकों ने नहीं सीखा सबक यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में किसी बड़े सितारे के शो पर ग्रहण लगा हो। इससे पहले हनी सिंह के शो में भी एक करोड़ का सामान जब्त हुआ था। दिलजीत दोसांझ के मामले के बाद निगम ने स्पष्ट कर दिया था कि अब कार्यक्रम से पहले टैक्स चुकाना अनिवार्य होगा। बावजूद इसके, आयोजकों की इस लापरवाही ने अब हजारों प्रशंसकों के उत्साह को अनिश्चितता में डाल दिया है। कॉन्सर्ट की तैयारी में लगे कर्मचारी उस समय चौक गए जब नगर निगम की टीम वहां पहुंची और एक-एक करके स्टेज पर रखा साउंड सिस्टम और अन्य सामान उठाकर गाड़ी में रखने लगी। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें ऐसा न करने के लिए कहा, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों ने कार्रवाई जारी रखी।

झारखंड में 250 किलो का मिसाइल बम बरामद, जिंदा विस्फोटक ने बढ़ाई चिंता, अमेरिका से जुड़ा मामला?

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर से बड़ी खबर सामने आई. जहां नदी किनारे भारी भरकम मिसाइल दिखने से सनसनी फैल गई. जब पुलिस ने जांच की, तो बम के जिंदा होने की पुष्टि की गई. यह अमेरिकन मिसाइल बताया जा रहा है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया. उसे डिफ्यूज़ करने की तैयारी की जा रही है । जमशेदपुर के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब सुवर्णरेखा नदी किनारे बालू की खुदाई के दौरान एक विशाल जिंदा बम बरामद हुआ. यह घटना पानीपड़ा नागुड़साई गांव के पास की है. जहां ग्रामीण नदी किनारे बालू निकाल रहे थे. खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से लोहे का भारी गोलाकार वस्तु बाहर निकली, जिसे देखकर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी । 250 किलो का है बम सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर सुरक्षित कर दिया गया. प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह कोई साधारण वस्तु नहीं बल्कि लगभग 500 पाउंड (करीब 227 से 250 किलोग्राम) वजनी अमेरिकी मिसाइल बम है, जो अभी भी जिंदा अवस्था में है. बम का आकार गैस सिलेंडर जैसा बताया जा रहा है और उस पर ‘AN-M64’ मॉडल नंबर तथा ‘मेड इन अमेरिका’ अंकित है। बम निरोधक टीम को बुलाया गया पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने जानकारी दी कि बम अत्यंत शक्तिशाली और खतरनाक है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची से बम निरोधक दस्ता और सेना की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है, जो आज मौके पर पहुंचकर बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करेगी. बम निरोधक दस्ते ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि यह बम अत्यधिक विनाशकारी है और इसे केवल सेना की तकनीकी सहायता से ही निष्क्रिय किया जा सकता है। लंबे समय से बालू के नीचे दबा था विशेषज्ञों का मानना है कि यह बम संभवतः द्वितीय विश्व युद्ध के समय का हो सकता है और किसी कारणवश नदी के किनारे मिट्टी और बालू के नीचे दबा रह गया था. इस घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

LPG नहीं तो मोबिल सही! सरायकेला में अनोखे तरीके से तैयार हो रहा गर्मा-गरम नाश्ता

सरायकेला. पूरे देश में व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से होटल और रेस्तरां ठप पड़े हैं। मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन चरमरा गई है, तो वहीं सरायकेला के एक होटल मालिक ने बेकार पड़े पुराने मोबिल से चूल्हा जला लिया। न गैस, न लकड़ी, न कोयला फिर भी उनकी भट्टी धधक रही है और ग्राहकों को गर्मागर्म नाश्ता व खाना परोसा जा रहा है। होटल मालिक ने निकाला जुगाड़ पूरे कोल्हान के कई ढाबे, होटल व रेस्टोरेंट में ताले लटकने लगे हैं। कई जगह मेन्यू सीमित कर लकड़ी-कोयले पर निर्भरता बढ़ी है, तो कई कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया। लेकिन सरायकेला के इस होटल मालिक ने हार नहीं मानी। उन्होंने वाहनो से निकलने वाले पुराने मोबिल, बैटरी, पंखा व स्लाईन के पाइप का इस्तेमाल कर हीटिंग तकनीक से लौ पैदा कर ली, जिससे नाश्ता बनाना आसान हो गया। एके लीटर जले हुए मोबाइल से 45 मिनट तक भट्टी को आसानी से जलाया जा सकता है। ऐसे करता है काम स्नेक्स एंड चाट नामक होटल के मालिक जितेन कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से वे लोग परेशानी में पड़ गए थे। फिर उन्होंने अपने दिमाग का इस्तेमाल वाहनों से निकलने वाले खराब मोबिल को एक डिब्बे में डाला। डिब्बे के नीचे एक छेद किया और सलाईन चढ़ाने वाले पाइप को उस डिब्बे के छेद में लगाया और पाइप के दूसरे हिस्से को भट्टी से बाहर निकलने वाले एक पाइप में जाकर छोड़ दिया। उस पाइप के माध्यम से मोबिल जैसे ही भट्टी के पास पहुंचता है उसमें आग लगा दी गई। फिर इस आग को और बढ़ाने के लिए एक 12 बोल्ड का एक पंखा का इस्तेमाल किया गया। इस पंखे को चलाने के लिए एक 12 वोल्ट की बैटरी लगाई गई। पंखे की हवा एक पाइप के माध्यम से सीधे भट्टी के नीचे जल रही आग के पास जाती है और हवा के माध्यम से आग फैल कर भट्टी के ऊपर रखे कढ़ाई में समोसा, सहित अन्य खाद्य पदार्थ बनाने का काम कर रही है। इतना ही नहीं एक पाइप के माध्यम से एक रेगुलेटर भी लगाया गया है, जो आग को कम बेसी करने में मदद कर रहा है।