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मुख्यमंत्री ने किया गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन, कहा- गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा आज की आवश्यकता

सीएम फंड से जरूरतमंदों को इलाज के लिए हर साल दिए जाते हैं 1200 से 1500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री ने किया गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन, कहा- गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा आज की आवश्यकता पहले की सरकार हर जिले में पालती थी माफिया, वर्तमान सरकार हर जिले को दे रही मेडिकल कॉलेज: सीएम योगी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र का उन्नयन डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी गोरखपुर,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए प्रति वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाते हैं। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा आज की आवश्यकता है। वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा के विस्तार से सरकार ने प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा को बदला है। पूर्व व वर्तमान सरकार के बीच सबसे बड़ा अंतर यही है कि पहले हर जिले में माफिया पैदा किया गया और अब हर जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा दी जा रही है। सीएम योगी शुक्रवार को बेतियाहाता में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ दिया था, जबकि हमारी सरकार ने प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन’ जैसी योजनाओं का उपहार दिया है। इन योजनाओं से प्रदेश के प्रति धारणा बदलने, नई और मजबूत पहचान बनाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र का उन्नयन सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में संपूर्ण विश्व की सबसे बड़ी स्कीम ‘आयुष्मान भारत’ संचालित हो रही है। इस स्कीम में जो तबके छूट गए, उन्हें यूपी सरकार ने राज्य स्तर पर कवर किया। इस योजना में लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मुफ्त मिलती है। इसके अलावा वह जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए प्रति वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देते हैं। बीमार थी पूर्व की सरकारों की मानसिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बिना भेदभाव सबको सुरक्षा, सम्मान और शासन की सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में एकमात्र गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज था, जो खुद ही बीमार था। वास्तव में मेडिकल कॉलेज बीमार नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकारों की मानसिकता बीमार थी, जिन्होंने यहां की जनता को मरने के लिए छोड़ दिया था। आज वही बीआरडी मेडिकल कॉलेज बेहतरीन तरीके से संचालित हो रहा है। गोरखपुर में एम्स की भी सुविधा मिल रही है। गोरखपुर के अलावा महाराजगंज, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच, आजमगढ़, गाजीपुर, रायबरेली, अमेठी, मिर्जापुर, चंदौली में मेडिकल कॉलेज बन गए हैं। इन मेडिकल कॉलेज में क्लासेज के साथ हॉस्पिटल भी बेहतरीन तरीके से चल रहे हैं। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिल चुकी है।  आज सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकारी अस्पतालों में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि 2017 के पहले लखनऊ, दिल्ली, मुंबई सहित सभी बड़े शहरों में इलाज के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की लंबी कतार नजर आती थी। 2005 में गोरखपुर के जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एके गुप्ता की दुखद मृत्यु कार्डियक अरेस्ट से हो गई थी। तब एक भी आईसीयू बेड नहीं था। डायलिसिस की सुविधा नहीं थी, अच्छे ब्लड बैंक नहीं थे, प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं थी। आज गोरखपुर में दो दर्जन से अधिक अस्पताल ऐसे हैं, जहां आईसीयू की सुविधा है। 2007 में गोरखनाथ हॉस्पिटल में 10 बेड के साथ पहली बार आईसीयू की सुविधा शुरू हुई थी। ब्लड सेपरेटर मशीन और डायलिसिस मशीन भी पहली बार गोरखनाथ हॉस्पिटल में ही लगाई गई। आज सभी सरकारी अस्पतालों में बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा देना बड़ी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना अस्पताल और डॉक्टर की बड़ी जिम्मेदारी है। प्रयास होना चाहिए हम स्वस्थ रहें। फिर भी कभी बीमारी आ गई तो उपचार का केंद्र अच्छा होना चाहिए। उपचार के अच्छे केंद्र के रूप में आज एस्ट्रोमेडिक्स हॉस्पिटल के जरिए एक नई कड़ी जुड़ी है। यूपी में जो स्वास्थ्य क्षेत्र पहले की सरकारों में उपेक्षित था, आज लोगों ने उसमें निवेश करना प्रारंभ किया है।  गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे मार्कण्डेय चंद हॉस्पिटल संचालक परिवार के अभिभावक रहे पूर्व मंत्री मार्कण्डेय चंद की स्मृतियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मंत्री गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे। वह किसी भी दल में रहे हों, पीठ के प्रति उनका गहरा लगाव व गहरी आस्था थी। करियर दांव पर लगाकर भी वह संबंधों को महत्व देते थे। सीएम ने एक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मार्कण्डेय चंद ने बसपा सरकार में मंत्री रहते हुए भी विधानभवन में मुझे अपनी कुर्सी पर बैठने के लिए इस आशय से आग्रह किया कि उनके लिए गोरक्षपीठ सर्वोपरि है। उनके पुत्रों सीपी चंद और अरुण चंद ने एस्ट्रोमेडिक्स हॉस्पिटल के जरिये उनकी स्मृतियों को जीवंत किया है। मार्कण्डेय चंद की प्रतिमा का अनावरण किया सीएम ने हॉस्पिटल के शिलापट्ट का अनावरण करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने भ्रमण कर व्यवस्थाओं व चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में पूर्व मंत्री स्वर्गीय मार्कण्डेय चंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया और पुष्पार्चन कर उनकी स्मृतियों को नमन किया। सीएम योगी के नेतृत्व में मिसाल बना चिकित्सा क्षेत्र: सीपी चंद उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एमएलसी एवं हॉस्पिटल के अध्यक्ष सीपी चंद ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की मिसाल पेश कर रहा है। सीएम की प्रेरणा से वह अपने पिता स्व. मार्कण्डेय चंद के स्वप्न को साकार करने के लिए इस हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट लेकर आए हैं। इसके संचालन में गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल का भी सहयोग मिलेगा। कार्यक्रम को सांसद रविकिशन शुक्ल ने भी संबोधित किया। आभार ज्ञापन हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. अरुण चंद ने किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, हॉस्पिटल की चिकित्सा निदेशक डॉ. आरती चंद, कालीबाड़ी के … Read more

छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज, बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में बड़ी ड्रिलिंग को मंजूरी

छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज: एनसीएल बोर्ड का बड़ा फैसला, बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी रायपुर ,  छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम इस क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एनसीएल के निदेशक मंडल की बैठक में अमिताभ मुखर्जी, आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक रजत बंसल, उपेंद्र कुमार तथा विनय कुमार उपस्थित रहे। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद यह बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। एनसीएल द्वारा स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है। बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि प्रारंभिक चरण में इस प्रकार की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है। इसलिए बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है। बैठक में राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। बैठक में यह भी दोहराया गया कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक सौरभ सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। बलौदा-बेलमुंडी की हीरा परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।

15 जिलों में छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में ड्रग्स और नकदी बरामद की

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस को ऑपरेशन कवच 14.0 के तहत नशे का व्यापार करने वालों को शिकंजा कसने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 48 घंटे चले इस अभियान में ऑपरेशन कवच 14.0 के तहत शहर भर में ड्रग्स और अन्य अपराधों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की। पुलिस की 15 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी दिल्ली पुलिस के अनुसार सभी 15 जिलों में पुलिस की 1,474 टीमों ने राजधानी में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 255 लोगों को गिरफ्तार किया और 212 मामले दर्ज किए। पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिसमें 237.46 किलोग्राम गांजा, 5.18 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक कैनबिस, 1.1 किलोग्राम हेरोइन, कोकीन, एमडीएमए (MDMA) और चरस शामिल हैं। आरोपियों से 23 लाख से ज्यादा रकम बरामद पुलिस ने आगे बताया कि साथ ही ड्रग्स के कारोबार से कमाई गई 23.27 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद की गई। कश्मीरी गेट और नरेला जैसे इलाकों से कई शातिर तस्करों को भारी मात्रा में हेरोइन और कोकीन के साथ दबोचा गया। ड्रग्स के अलावा पुलिस ने अवैध शराब और हथियारों के सिंडिकेट पर भी तगड़ा एक्शन लिया। इन अपराधियों पर भी पुलिस का एक्शन इलके अलावा पुलिस ने दिल्ली एक्साइज एक्ट के तहत 398 मामले दर्ज कर 405 लोगों को पकड़ा और 53,448 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई। वहीं, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 329 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 6 पिस्तौल, 90 देसी हथियार, 147 जिंदा कारतूस और 242 चाकू जब्त किए। जुए के खिलाफ की गई कार्रवाई में भी 600 लोग पुलिस की गिरफ्त में आए और 7.16 लाख रुपये कैश बरामद हुआ। करोड़ों के गहने लेकर गायब हुए बंदर!, यूपी के लखीमपुर का ये मामला सुनकर माथा घुम जाएगा पुलिस से बचने के लिए दूसरे राज्य भाग रहे ड्रग सप्लायर अधिकारियों के अनुसार, इस महा-ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में सक्रिय अपराधियों पर नकेल कसना और ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करना था। इस कार्रवाई का असर यह हुआ है कि दिल्ली के कई बड़े ड्रग तस्कर भूमिगत हो गए हैं और वे अपना स्टॉक लेकर नोएडा जैसे पड़ोसी इलाकों में भागने को मजबूर हुए हैं।  

गोयल स्वीट्स गोलीकांड के मुख्य आरोपी से घटनास्थल पर ले जाकर सीआइए ने कराई निशानदेही

नारायणगढ़  करीब 13 महीने पहले गोयल स्वीट्स पर दिनदहाड़े हुई फायरिंग से दहशत फैलाने वाले मामले में शुक्रवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जिस बाजार में 24 मई 2025 को गोलियां चलवाई थीं, उसी बाजार की गलियां बरसवाने वाले मुख्य आरोपित वेंकट गर्ग को पुलिस ने हथकड़ी पहनाकर घुमाया। सीआइए टीम ने उसे मौके पर ले जाकर घटनास्थल और उससे जुड़े स्थानों की निशानदेही कराई। चार दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे वेंकट गर्ग से सीआइए लगातार पूछताछ कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस उसे नारायणगढ़ के मुख्य बाजार में लेकर पहुंची, जहां लोगों की नजरें उस पर टिक गईं। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से जुड़े कई बिंदुओं पर उससे पूछताछ की और वारदात के घटनाक्रम को दोबारा समझा। वेंकट गर्ग के खिलाफ अंबाला और यमुनानगर सहित विभिन्न जिलों में 28 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे पहले उसे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 12 दिन के रिमांड पर लेकर गुरुग्राम में सामने आए फर्जी वीजा प्रकरण में पूछताछ की थी। अभी आरोपित की और बढ़ेंगी मुश्किलें अब सीआइए की पूछताछ पूरी होने के बाद वेंकट गर्ग की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। नारायणगढ़ थाना पुलिस उसे हरबिलास हत्याकांड में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी। इसके बाद अदालत से रिमांड लेकर उससे इस चर्चित हत्या मामले में भी पूछताछ की जाएगी। गौरतलब है कि 24 मई 2025 को नारायणगढ़ के व्यस्त बाजार स्थित गोयल स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर दिनदहाड़े बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। उस घटना ने पूरे क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत फैला दी थी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे। क्या था पूरा मामला? बस अड्डे के नजदीक गोयल स्वीट्स रेस्टोरेंट पर शनिवार 24 मई 2025 को दिनदहाड़े बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। एक के बाद एक कुल सात गोलियां बदमाशों ने दागी थी। गोलियां चलने की आवाज सुनकर गोयल स्वीट्स के मालिक के लिए तैनात किया गया गनमैन मौके पर पहुंचा और पैदल भाग रहे बदमाशों का कुछ देर पीछा भी किया लेकिन इसी बीच बाइक पर सवार होकर आया तीसरा बदमाशों दोनों शूटरों को लेकर फरार हो गया था। गोयल रेस्टोरेंट पर प्रदीप गोयल उस दिन बाहर बैठकर अखबार पढ़ रहे थे। इसी दौरान वह अंदर चले गए। जैसे ही वह रेस्टोरेंट के अंदर गए सुबह करीब आठ बजे पैदल-पैदल दो बदमाश आए जिन्होंने रेस्टोरेंट पर गोलियां दाग दी। गोलियां शीशे को भी लगी जिससे रेस्टोरेंट का शीशा टूट गया था। फैला दी थी आरोपित ने दहशत 24 जनवरी 2025 को हरबिलास हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपित बदमाश वेंकट गर्ग ने कई कारोबारियों को फोन कर धमकी देते हुए चौथ मांगी थी। 24 जनवरी से 24 मई तक नारायणगढ़ में यह छठा गोलीकांड था। इस गोलीकांड के बाद आरोपितों ने दूसरे कारोबारियों को भी धमकी भरे काल करवाए थे।  

प्लेटफॉर्म 1 से 7 तक आसान सफर, मोबाइल से घर बैठे होगी कार बुकिंग सुविधा

धनबाद  धनबाद रेलवे स्टेशन पर अब सावन माह से बैट्री चलित कार की सुविधा शुरू होगी। बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में ही यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सर्कुलेटिंग एरिया से प्लेटफार्म एक से प्लेटफार्म सात तक बैट्री चलित कार पर बैठ कर पहुंच सकेंगे। कार की प्री-बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर जारी किया जाएगा। यात्री अपनी सुविधा के लिए मोबाइल से बैट्री आपरेटेड कार बुक करा सकेंगे। वैसे यात्री जो पहले से बुक नहीं कराएंगे, उन्हें पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर यह सुविधा मिलेगी। पहले इसी माह से सेवा शुरू करने की योजना थी। 30 जुलाई से सावन माह शुरू होगा। उससे पहले सेवा शुरू होगी, जिसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। घर बैठे 24 घंटे बुकिंग, स्टेशन पहुंचते ही मिलेगी कार बैट्री कार संचालक एजेंसी यात्रियों के लिए मोबाइल नंबर जारी करेगी। मोबाइल पर घर बैठे 24 घंटे कार की बुकिंग कराई जा सकेगी। इससे स्टेशन पहुंच कर इंतजार नहीं करना होगा। सुबह से रात तक की ट्रेन की टाइमिंग के अनुसार कार बुक करा कर निर्धारित समय पर संबंधित प्लेटफार्म तक पहुंच सकेंगे। ट्रेन से उतर कर बाहर आने को भी मिलेगी सुविधा दूसरे शहर से धनबाद आनेवाले बुजुर्ग, बीमार, गर्भवती महिला या आम यात्रियों को प्लेटफार्म से बाहर सर्कुलेटिंग एरिया तक लाने के लिए भी बैट्री आपरेटेड कार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मोबाइल पर बुक कार कोच के बाहर खड़ी रहेगी, जो यात्री को सर्कुलेटिंग तक ले जाएगी। इससे अलेप्पी एक्सप्रेस से आनेवाले बीमार यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेन प्रस्थान के 45 मिनट पहले पहुंचे, छूटने पर एजेंसी जिम्मेवार नहीं बैट्री चलित कार की सुविधा लेने के लिए यात्री को ट्रेन प्रस्थान के 45 मिनट पहले बोर्डिंग करना होगा। लेट पहुंचने पर ट्रेन छूट गई तो इसके लिए कार आपरेटर एजेंसी जिम्मेवार नहीं होगी। फिलहाल दो बैट्री चलित कार चलेंगी। प्रत्येक कार में पांच यात्री बैठ सकेंगे। प्रति यात्री किराया 50 रुपये चुकाना होगा। प्रत्येक यात्री अपने साथ अधिकतम 10 केजी सामान ले जा सकेंगे। पार्सल ले जानेवाले मार्ग से प्लेटफार्म तक पहुंचेगी कार स्टेशन के प्लेटफार्म एक के हावड़ा छोर पर जिस स्थान से पार्सल वाहनों की आवाजाही होती है, उसी स्थान से बैट्री चलित कार भी दो से प्लेटफार्म सात तक पहुंचेगी। आवागमन मार्ग को सुगम बनाने की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग को सौंपी गई है। पेट्रोल पंप की खाली जमीन पर सितंबर अंत से कोच रेस्टोरेंट धनबाद स्टेशन के पास पेट्रोल पंप की खाली जमीप पर कोच रेस्टोरेंट संचालन की तैयारियां अब अंतिम चरण में है। सितंबर माह के अंत तक कोच रेस्टाेरेंट का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। एजेंसी ओर से शुल्क जमा करने के साथ ही रेलवे की कागजी प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही पटरी बिछा कर उस पर रेल कोच खड़ी की जाएगी। स्टेशन के दक्षिणी छोर के बाद शहर में यह दूसरा रेल कोच रेस्टोरेंट होगा, जहां ट्रेन के अंदर बैठ कर मनपसंद व्यंजन का लुत्फ उठा सकेंगे।

जल जीवन मिशन में पिछड़ा झारखंड: लाखों घर अब भी पाइपलाइन पानी से वंचित

रांची झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत चल रही हर घर नल जल योजना की प्रगति चिंताजनक है. देश के 100 सबसे पिछड़े प्रखंडों की सूची में झारखंड के 14 प्रखंड शामिल हैं, जहां पेयजल आपूर्ति की स्थिति खराब है. इन 14 प्रखंडों के कुल 3,40,291 घरों में से अब तक मात्र 29,433 घरों तक ही पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल पहुंच सका है. यानी इन क्षेत्रों में औसत प्रगति केवल 8.65 प्रतिशत है. पलामू का मोहम्मदगंज की स्थिति सबसे बदतर सबसे बदतर स्थिति पलामू के मोहम्मदगंज प्रखंड की है, जहां 9,823 घरों में से सिर्फ 39 घरों तक ही पानी पहुंच पाया है. योजना के सात वर्ष बीत जाने के बाद भी राज्य के लगभग 27.89 लाख ग्रामीण परिवार आज भी प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में कुल 62.52 लाख घर हैं, जिनमें से अब तक केवल 34.62 लाख घरों (55.38 प्रतिशत) को ही कवर किया जा सका है, जबकि इस योजना का राष्ट्रीय औसत 82.03 प्रतिशत है. इससे झारखंड करीब 26.65 फीसदी पीछे चल रहा है. वर्ष 2019 में शुरू हुई इस योजना की अवधि दिसंबर 2024 में समाप्त हो गई थी, जिसे केंद्र सरकार ने अब बढ़ाकर 2028 तक विस्तार दिया है. सिमडेगा सबसे आगे जिलेवार प्रदर्शन की बात करें तो सिमडेगा की स्थिति राष्ट्रीय स्तर से भी बेहतर है. सिमडेगा में 92.93 प्रतिशत घरों (1,30,131 में से 1,20,932 घर) तक पानी पहुंचाया जा चुका है. वहीं, रांची, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में प्रगति 70 प्रतिशत से कम है. राज्य में सबसे खराब स्थिति पाकुड़ जिले की है, जहां मात्र 12.85 प्रतिशत और गोड्डा में केवल 19.33 प्रतिशत घरों तक ही नल का जल पहुंच पाया है.  

MP में डीपफेक से सनसनी! उज्जैन की MBBS छात्रा और भोपाल की मां-बेटी के वीडियो वायरल, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

उज्जैन / भोपाल मध्यप्रदेश के उज्जैन में MBBS की पढ़ाई कर रही एक छात्रा का फेक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार छात्रा और उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा तथा तरक्की से जलन रखने वाले रिश्तेदारों ने ही उसे बदनाम करने की साजिश रची थी. आरोपियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान जमा कराई गई छात्रा की तस्वीर हासिल की और तकनीकी माध्यमों से उसका आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।  पिता की शिकायत के बाद सामने आया मामला जानकारी के अनुसार मक्सी रोड क्षेत्र के एक किसान ने 20 जून की रात पंवासा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि उनके मोबाइल पर एक वीडियो आया, जिसमें उनकी नाबालिग बेटी के नाम से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो दिनों तक गोपनीय रूप से जांच की और वीडियो के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास किया।  BLO से हासिल की गई छात्रा की तस्वीर जांच में सामने आया कि छात्रा की तस्वीर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान जमा दस्तावेजों से हासिल की गई थी. पुलिस के अनुसार बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी ने एसआईआर फॉर्म में लगी छात्रा की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से एहसान पटेल को भेजी. बाद में यह तस्वीर अन्य आरोपियों तक पहुंची. इसी तस्वीर का उपयोग कर AI और डीपफेक जैसी डिजिटल एडिटिंग के जरिए आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।  MBBS की पढ़ाई और परिवार की तरक्की बनी वजह पंवासा थाना प्रभारी गमर सिंह मंडलोई के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता अपने गांव और समाज की पहली लड़की है जो MBBS की पढ़ाई कर रही है. पुलिस का दावा है कि छात्रा के परिवार की आर्थिक और सामाजिक प्रगति से कुछ रिश्तेदार नाराज थे. परिवार की बढ़ती प्रतिष्ठा को देखते हुए आरोपियों ने उसे बदनाम करने की साजिश रची. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का उद्देश्य कथित तौर पर परिवार पर सामाजिक दबाव बनाना था ताकि छात्रा की पढ़ाई प्रभावित हो सके।  उज्जैन: MBBS कर रही छात्रा बनी रिश्तेदार की साजिश का शिकार उज्जैन के पंवासा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक MBBS छात्रा के फोटो को अश्लील वीडियो से जोड़कर सोशल मीडिया और गांव के वॉट्सएप ग्रुप पर वायरल कर दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह साजिश छात्रा के ही रिश्तेदार ने रची थी। उसका मकसद छात्रा के पिता को समाज में बदनाम करना था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि छात्रा का फोटो सरकारी रिकॉर्ड से एक महिला BLO ने आरोपियों को उपलब्ध कराई थी। इसके बाद फोटो को एडिट कर डीपफेक वीडियो तैयार किया गया और गांव के ग्रुपों पर वायरल कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है। महिला BLO को जमानत मिल चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। सरकारी रिकॉर्ड से मिला फोटो पुलिस के मुताबिक, छात्रा सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं थी, इसलिए उसकी फोटो जुटाना आसान नहीं था। आरोपी को पता चला कि छात्रा ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान BLO को अपना फोटो दिया था। वहीं से फोटो हासिल कर उसे डीपफेक वीडियो में इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में चुनावी और पारिवारिक रंजिश को घटना की वजह माना जा रहा है। भोपाल: शादी से इनकार पर मां-बहन को बनाया निशाना भोपाल के करोंद इलाके में एक युवक को अपनी प्रेमिका से शादी से इनकार करना भारी पड़ गया। आरोप है कि युवती ने बदला लेने के लिए युवक की मां और 18 वर्षीय बहन की AI से अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से वायरल कर दिए। पीड़ित परिवार का कहना है कि तस्वीरें वायरल होने के बाद उनकी बेटी तनाव में है और पूरा परिवार बदनामी झेल रहा है। परिवार ने थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई पीड़ित परिवार ने पहले छोला थाना में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने और आरोपी युवती के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन दोनों मामलों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि AI और डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल लोगों की प्रतिष्ठा और मानसिक स्वास्थ्य पर कितना गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ सोशल मीडिया पर निजी फोटो साझा करने में सावधानी बरतने और संदिग्ध कंटेंट दिखने पर तुरंत पुलिस से शिकायत करने की सलाह दे रहे हैं। चार महीने पहले तैयार किया गया था फेक वीडियो पुलिस जांच में पता चला कि कथित फेक वीडियो करीब चार महीने पहले तैयार किया गया था. बताया जा रहा है कि छात्रा सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं थी, इसलिए उसकी तस्वीर जुटाना आसान नहीं था. आरोपियों को जब पता चला कि छात्रा की फोटो सरकारी दस्तावेजों में उपलब्ध है, तो उसी का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार किया गया. कुछ समय बाद यह वीडियो छात्रा के पिता तक पहुंचा, जिसके बाद परिवार ने पुलिस की शरण ली।  तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(ए) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने आबिद पटेल, एहसान पटेल और मुजफ्फर पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. मामले का एक अन्य आरोपी यूसुफ पटेल अभी फरार बताया जा रहा है।  मोबाइल जब्त, डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी जांच एजेंसियों ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इन उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि वीडियो बनाने, एडिट करने और प्रसारित करने की पूरी प्रक्रिया का पता लगाया जा सके. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो कितने लोगों तक पहुंचा और इसके प्रसार … Read more

प्रधानों की नियुक्ति बनाम अदालत का सवाल: पंचायत व्यवस्था पर असमंजस गहराया

जौनपुर ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के सरकार के निर्णय पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शुक्रवार को आई सख्त टिप्पणी के बाद प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों की धड़कन बढ़ गई हैं। अदालत ने इस व्यवस्था को असंवैधानिक बताते हुए सरकार से चुनाव की स्पष्ट समय सीमा पूछे जाने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार ने यह निर्णय पर्याप्त कानूनी और संवैधानिक विचार-विमर्श के बाद लिया था। यदि सरकार का फैसला न्यायिक कसौटी पर नहीं टिक पाया तो पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों, नई योजनाओं की स्वीकृति और प्रशासनिक निर्णयों पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर भी असमंजस की स्थिति है। अब सबकी नजर 13 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है। बहरहाल इस मुद्दे पर जब प्रधानों से उनकी राय ली गई तो अलग-अलग मत सामने आए।     सरकार का निर्णय बिल्कुल ठीक था। प्रशासन को प्रशासक बनाए जाने के बाद उनकी जिम्मेदारी जनता के प्रति नहीं होती। हमारी समझ से जब तक सरकार पूरी चुनावी तैयारी नहीं कर लेती है, चुनाव का कोई औचित्य नहीं है। -विजय सिंह, प्रधान गैरवाह।     यह सरकार और कोर्ट के बीच गतिरोध में प्रधान व आम जनता परेशान है। अब इसे सरकार की तय करे कि उसे करना क्या है। हम चुनाव के लिए तब भी तैयार थे और अब भी हैं। -राम प्रकाश दुबे, अध्यक्ष प्रधान संघ, सुइथाकलां।     सरकार के समक्ष व्यावहारिक कठिनाई थी जिसके चलते यह निर्णय लेना पड़ा। सरकार ने जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बनाया। अब कोर्ट के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है। -बलराम बिंद, प्रधान, ईशापुर।     पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय न होने से सरकार को मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा, जो जनता के हित मे था। अब कोर्ट का क्या रुख है और उस पर सरकार क्या निर्णय लेती है इसे देखना होगा। -राम सकल वर्मा, प्रधान, सारी जहांगीर पट्टी।     सरकार का निर्णय आम जनता के हित में था। विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो इसलिए सरकार द्वारा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया गया, रही बात कोर्ट की तो उसका जवाब सरकार ही दे सकती है। -राजन यादव, प्रधान, समसुद्दीनपुर।  

रेस्टोरेंट ने जबरन जोड़ा सर्विस चार्ज, हाईकोर्ट के वकील ने लड़ी लड़ाई; मिला ₹5,000 मुआवजा

 चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने अवैध तरीके से सर्विस चार्ज वसूलने पर एक रेस्टोरेंट को सेवा में लापरवाही का दोषी ठहराया है। जीरकपुर निवासी और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील राहुल गोयल की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने बठिंडा स्थित कैपर रूफटाप बिस्ट्रो रेस्टोरेंट को पांच हजार रुपये हर्जाना भरने के निर्देश दिए हैं। रेस्टोरेंट ने एडवोकेट गोयल के बिल में उनकी मर्जी के बिना 129 रुपये सर्विस चार्ज लगा दिया था। ऐसे में उन्होंने रेस्टोरेंट के खिलाफ चंडीगढ़ उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया। गोयल ने शिकायत में बताया कि पांच अक्टूबर 2025 को वह इस रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। जब उन्होंने बिल देखा तो पता चला कि उसमें 129 रुपये सर्विस चार्ज जोड़े गए थे। शिकायतकर्ता का कहना था कि उन्हें पहले इस बारे में जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी की ओर से 2022 में जारी की गई सिफारिशों के मुताबिक कोई भी रेस्टोरेंट ग्राहक से अपनी मर्जी मुताबिक सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते हैं और न ही इसे बिल में जोड़ा जा सकता है। सर्विस चार्ज पूरी तरह से स्वैच्छिक होते हैं। वहीं, रेस्टोरेंट की ओर से आयोग के समक्ष कोई पेश नहीं हुआ। ऐसे में आयोग ने एकतरफा सुनवाई करते हुए ग्राहक के हक में फैसला सुनाया। गोयल ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता को वस्तु या सेवा की निर्धारित कीमत से अधिक राशि चुकाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा घटनाक्रम, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि

 अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद ने अब तक का सबसे बड़ा रूप ले लिया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास (ट्रस्ट) के महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. पिछले कई दिनों से चल रही सियासी और धार्मिक बयानबाजी के बीच, ट्रस्ट ने खुद आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन दोनों बड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे प्राप्त होने की पुष्टि की है।  आगामी बैठक में होगा इस्तीफे पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर परिसर में सुनी जा रही अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से पूरा न्यास स्तब्ध, आहत और अत्यंत दुखी है. समस्त रामभक्तों और रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. न्यास ने स्पष्ट किया है कि महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्र से त्यागपत्र प्राप्त हो चुका है, जिस पर न्यास अपनी आगामी बैठक में विचार कर अंतिम निर्णय लेगा।  चांदी की ईंटें और आभूषण सुरक्षित अफवाहों पर विराम लगाते हुए और देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए ट्रस्ट ने कहा कि जिन भक्तों ने प्रभु श्री राम की सेवा में चांदी की ईंटें, सोने के आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तुएं न्यास के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सौंपी थीं, वे सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका एक-एक पैसे का पूरा हिसाब उपलब्ध है।  दानपात्र चोरी मामले में FIR दर्ज वहीं, मंदिर के दानपात्रों से राशि गायब होने की घटना को लेकर ट्रस्ट ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के विशेष जांच दल (SIT) से एक अंतरिम प्रतिवेदन (प्रारंभिक रिपोर्ट) प्राप्त हुई है. इस रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के निवेदन पर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक FIR दर्ज कर ली गई है और दोषियों के खिलाफ वैधानिक व कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी है।  भ्रामक अफवाहों से बचने की अपील प्रेस विज्ञप्ति के अंत में ट्रस्ट ने बेहद कड़े शब्दों में कहा है कि कुछ असामाजिक, अधार्मिक और स्वार्थी तत्व इस पूरे विवाद की आड़ में सनातन धर्म पर लांछन लगाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।  ट्रस्ट ने सभी रामभक्तों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रसारित की जा रही भ्रामक और निराधार अफवाहों से स्वयं बचें और समाज के अन्य लोगों को भी इसका शिकार होने से बचाएं. ट्रस्ट को पूरा विश्वास है कि विवाद के ये बादल जल्द छटेंगे और सत्य का प्रकाश सबके सामने आएगा।