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चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने रचा इतिहास, 6 दिन में बनाए 17 हजार से ज्यादा टैबलेट

चीनी रोबोटिक्स कंपनी एजीबॉट ने इतिहास रच दिया है। दरअसल इस कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट्स को एक फैक्ट्री में टैबलेट बनाने और उनकी जांच करने वाली लाइव प्रोडक्शन लाइन पर काम करते हुए लाइव दिखाया गया। खास बात रही कि ऐसा पूरे 6 दिन लाइव स्ट्रीम के जरिए पूरी दुनिया के सामने चला। इस दौरान 8 रोबोट्स ने बिना रुके ठीक वैसे ही काम किया जैसे कि इंसान किसी फैक्ट्री में करते। हालांकि, फर्क यह रहा कि ये रोबोट्स इंसानों की उल्ट बिना थके लगातार काम करते रहे। 99.99% की सक्सेस रेट से किया काम 6 दिन तक लाइव स्ट्रीमिंग नानचांग में लॉन्गचीयर टेक्नोलॉजी की फैक्ट्री से हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन रोबोट्स ने फैक्ट्री में बिना रुके 64 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार काम किया। इन रोबोट्स ने 6 दिनों की लाइव स्ट्रीमिंग में कुल 17,625 टैबलेट तैयार किए। इससे भी ज्यादा मजेदार बात रही कि रोबोट्स का सक्सेस रेट यानी कि काम को सही तरह से करने की दर 99.99% रही। कहने का मतलब है कि रोबोट्स से ना के बराबर गलतियां हुईं। रोबोट्स ने किए क्या-क्या काम? फैक्ट्री में जिन रोबोट्स को काम पर लगाया गया था वे एजीबॉट के G2 ह्यूमनॉइड मॉडल थे। इन रोबोट्स ने 6 दिनों तक इंसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। काम की बात करें, तो इन रोबोट्स ने बलेट की जांच करने यानी कि इन्स्पेक्शन, खराब पीस को अलग करने यानी कि डिफेक्ट सॉर्टिंग और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने यानी कि मटेरियल ट्रांसपोर्ट का काम किया। इस तरह से 6 दिनों में इन रोबोट्स ने कुल 64,828 काम पूरे किए। लैब नहीं असल दुनिया में किया कमाल इन रोबोट्स के प्रदर्शन की तारीफ इसलिए की गई क्योंकि 6 दिनों तक रोबोट्स ने किसी लैब में नहीं बल्कि असल दुनिया में काम किया। इसके साथ ही ये रोबोट्स समय-समय पर जरूरत के अनुसार खुद ढालते रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार(REF.), कंपनी का कहना है कि वे दुनिया को यह दिखाना चाहती थी कि असल इंडस्ट्रियल माहौल में रोबोट्स के शरीर में मौजूद AI से काम लेने कि लिए किस दर्जे की तैयारी और ट्रांसपेरेंसी चाहिए होती है। फैक्ट्रियों में काम संभालने को तैयार रोबोट्स इस कंपनी ने लाइव स्ट्रीमिंग में रोबोट्स के सफल प्रदर्शन के बाद एलान किया है कि उनका 15,000 वां रोबोट बनकर तैयार है और उसे पार्टनर कपनी लॉन्गचीयर को सौंप दिया है। खास बात है कि जहां पहले 1 से 5 हजार रोबोट्स बनाने में एक साल लगता था वहीं अब 5 से 10 हजार रोबोट तीन महीने में बनाए जा सकते हैं। यह इवेंट Figure AI कंपनी के उस लाइव-स्ट्रीम के कुछ महीनों बाद हुआ है, जिसमें उनके फिगर 03 रोबोट्स ने बिना किसी खराबी के करीब 2.5 लाख पैकेजों को प्रोसेस किए थे।  

झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, अब प्रोबेशन खत्म होने के बाद ही मिलेगा प्रमोशन का लाभ

रांची झारखंड सरकार ने राज्यकर्मियों की प्रोन्नति (प्रमोशन) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अब राज्यकर्मी प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद ही प्रोन्नति के लिए पात्र होंगे. यानी प्रोबेशन अवधि समाप्त होने के बाद ही प्रोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि की गणना शुरू होगी. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में संशोधित संकल्प जारी कर दिया. इस प्रस्ताव को दो जुलाई को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली थी. प्रोबेशन के बाद ही जुड़ेगी प्रोन्नति की सेवा अवधि सरकार की ओर से जारी संशोधित संकल्प के अनुसार, जिन मूल पदों पर दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि निर्धारित है और अगले पद पर प्रोन्नति के लिए दो या तीन वर्ष की सेवा अवधि तय है, वहां अब दोनों अवधियां अलग-अलग मानी जाएंगी. यानी पहले कर्मचारी को प्रोबेशन अवधि पूरी करनी होगी, उसके बाद ही प्रोन्नति के लिए निर्धारित सेवा अवधि की गणना शुरू होगी. चार साल बाद मिलेगी पहली प्रोन्नति नये प्रावधान के तहत यदि किसी कर्मचारी का मूल पद 4800 रुपये ग्रेड पे का है और प्रथम प्रोन्नति 5400 रुपये ग्रेड पे वाले पद पर होनी है, जहां प्रोन्नति के लिए दो वर्ष की सेवा अवधि निर्धारित है तथा मूल पद पर दो वर्ष का प्रोबेशन है, तो अब कर्मचारी को पहली प्रोन्नति के लिए कुल चार वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी. पहले दो वर्ष प्रोबेशन में बीतेंगे और उसके बाद दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर ही वह प्रोन्नति के लिए पात्र होगा. सरकार ने बताया संशोधन का कारण राज्य सरकार ने संशोधित संकल्प में कहा है कि वर्तमान व्यवस्था में कई सेवाओं में प्रोबेशन अवधि और प्रोन्नति के लिए निर्धारित सेवा अवधि लगभग एक साथ पूरी हो रही थी, जो प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं माना गया. इसी विसंगति को दूर करने के उद्देश्य से नियमों में संशोधन किया गया है. जहां नियम नहीं, वहां लागू होगा संशोधित संकल्प सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन ग्रेड पे के बीच प्रोन्नति की अवधि वर्ष 2014 के संकल्प में निर्धारित नहीं है, वहां बीच के सभी स्तरों की निर्धारित सेवा अवधि जोड़कर पात्रता तय की जाएगी. वहीं जिन सेवा नियमावलियों में पहले से प्रोन्नति की अलग व्यवस्था है, वहां वही नियम प्रभावी रहेंगे. जिन सेवाओं में ऐसी व्यवस्था नहीं है, वहां वर्ष 2014 के संशोधित संकल्प के प्रावधान लागू होंगे. सचिवालय सेवा संघ ने किया विरोध इधर, झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने सरकार के इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है. संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर संशोधित संकल्प को तत्काल निरस्त करने का आग्रह किया है. संघ का कहना है कि वर्ष 2014 में जारी संकल्प संख्या-3286 का उद्देश्य विभिन्न सेवा संवर्गों में प्रोन्नति के लिए सेवा अवधि में एकरूपता लाना था. नए संशोधन से यह व्यवस्था प्रभावित होगी और अलग-अलग सेवा संवर्गों के बीच फिर असमानता की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. 2014 के बाद अब बदलाव की क्या जरूरत: संघ संघ ने सवाल उठाया है कि वर्ष 2014 से लागू व्यवस्था में 12 वर्ष बाद संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी. संघ के अनुसार, संशोधित नियम लागू होने पर अन्य सेवाओं के कर्मचारियों को जहां लेवल-7 से लेवल-8 में प्रोन्नति के लिए केवल दो वर्ष की प्रतीक्षा करनी होगी, वहीं झारखंड सचिवालय सेवा के अधिकारियों को आठ वर्ष तक इंतजार करना पड़ेगा. संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संशोधित नियम पर तत्काल रोक लगाकर पुराने प्रावधान को ही लागू रखा जाए, ताकि सभी सेवा संवर्गों के कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सके.

CBI कोर्ट में आज बड़ा दिन, निलंबित DIG भुल्लर मामले में आएगा फैसला; बचाव पक्ष ने अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल

चंडीगढ़  रिश्वत मामले में गिरफ्तार पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके बिचौलिए कृष्णु शारदा की ओर से दायर डिस्चार्ज अर्जी पर मंगलवार को चंडीगढ़ सीबीआई की विशेष अदालत फैसला सुनाएगी। दोनों आरोपियों को सीबीआई ने पिछले साल 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।  भुल्लर की ओर से दायर डिस्चार्ज अर्जी में कहा गया है कि वह पंजाब सरकार के अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अधिकार सीबीआई के पास नहीं था। अर्जी में दावा किया गया है कि सीबीआई ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार किया। एजेंसी ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि राज्य कैडर के आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई से जुड़े मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले का लाभ इस मामले में भी मिलना चाहिए। इसी आधार पर अदालत से उन्हें आरोपों से मुक्त करने की मांग की गई है। वहीं, सीबीआई के सरकारी वकील ने इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि एजेंसी ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है। 8 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप यह मामला पिछले साल उस समय सामने आया था, जब मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता की शिकायत पर सीबीआई ने कार्रवाई की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे 8 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर सीबीआई ने हरचरण सिंह भुल्लर और कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित आवास पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान वहां से करीब 7.5 करोड़ रुपए नकद, लगभग ढाई किलो सोना और कई महंगी घड़ियां बरामद हुई थीं। इसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर रखी है।

जल संकट पर हरियाणा के 24 गांव एकजुट, आंदोलन तेज करने का ऐलान

हांसी/बठिंडा. पेयजल की मांग को लेकर चल रहे चानौत के आंदोलन ने सोमवार को नया और निर्णायक मोड़ ले लिया। आंदोलनकारियों ने दोपहर एक बजे से तीन बजे तक हांसी-बरवाला मार्ग पर टेंट गाड़कर रोड जाम कर दिया, जिससे हाइवे पर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थम गए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। यातायात को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया, जबकि आंदोलन के बीच धरना समिति ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल चानौत की नहीं रहेगी, बल्कि रोघी और बूरा खाप के 24 गांव बारी-बारी से आंदोलन की जिम्मेदारी संभालेंगे। धरना समिति ने घोषणा की कि अब प्रतिदिन एक गांव पूरे आंदोलन का संचालन करेगा। जिस गांव की बारी होगी, उसी दिन उस गांव की पंचायत, महिला शक्ति और ग्रामीण धरनास्थल पर पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगे। आंदोलन को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसी को लेकर मंगलवार को 24 गांवों के सरपंचों और धरना समिति की संयुक्त बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 16 मई से आंदोलन लगातार जारी है। धरना समिति का कहना है कि उनकी मांग आज भी वही है और जब तक गांव को टी-कनेक्शन से पानी नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। समिति ने दावा किया कि सरकार चाहे जितना समय लगा दे, ग्रामीण पीछे हटने वाले नहीं हैं। धरना समिति के सदस्यों ने बताया कि आंदोलन को लगातार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद चार जुलाई को धरनास्थल से ट्रैक्टर मार्च निकाला गया और गांव के जलघर तक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया गया। सोमवार का हाइवे जाम उसी आंदोलन की अगली कड़ी था। हाल ही में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एनएचआइ से एनओसी नहीं मिलने का हवाला देते हुए भाखड़ा पाइप लाइन का कार्य रोक दिया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष पाइप लाइन के लिए नहीं, बल्कि टी-कनेक्शन के माध्यम से गांव को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए है। जाम के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे समय मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। निर्धारित समय पूरा होने के बाद आंदोलनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद हाइवे पर यातायात सामान्य हो सका। अब 24 गांव मिलकर लड़ेंगे पानी की लड़ाई धरना समिति के अनुसार अब रोघी और बूरा खाप के 24 गांव आंदोलन को नई मजबूती देंगे। हर दिन एक गांव धरनास्थल की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। उसी गांव के ग्रामीण, पंचायत और महिलाएं पूरे दिन आंदोलन का संचालन करेंगी। समिति का कहना है कि इस व्यवस्था से आंदोलन लगातार चलता रहेगा और सरकार पर समाधान निकालने का दबाव भी बढ़ेगा। मंगलवार को सभी 24 गांवों के सरपंचों की बैठक में इसकी विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी।

पंजाब के बठिंडा में पुलिसकर्मी किडनैप, 2 लाख की फिरौती मांगने का आरोप, जांच शुरू

बठिंडा. थाना कैंट क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी के कथित अपहरण, मारपीट और दो लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो नामजद और तीन अज्ञात आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में सिपाही कुलविंदर सिंह ने बताया कि आरोपित हरजिंदर सिंह, पोपा और उनके तीन अज्ञात साथियों ने पहले उसकी वीडियो बनाई। इसके बाद उसके साथ मारपीट की और जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर गांव सेमा कलां ले गए। शिकायत के अनुसार आरोपितों ने वहां उसे धमकाते हुए दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोप है कि इस दौरान उसका एटीएम कार्ड भी अपने कब्जे में ले लिया और उसकी स्विफ्ट कार नंबर पीब-03एजी-5030 भी साथ ले गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई और पुलिसकर्मी को अवैध रूप से बंधक बनाकर धमकियां दीं। मामले की जांच के बाद थाना कैंट पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, फिरौती मांगने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जंगल के 10 KM के भीतर आरा मिलों पर प्रतिबंध कायम

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला देते हुए राज्य सरकार के उस निर्णय को सही माना है, जिसमें अधिसूचित जंगलों या संरक्षित क्षेत्रों से हवाई दूरी के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था. कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब इस क्षेत्र में सभी आरा मिलें बंद रहेंगी. कोर्ट ने इस संबंध में दायर कुल 19 याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि हमें दिल्ली जैसा प्रदूषण नहीं चाहिए. कोर्ट ने 10 किलोमीटर के दायरे में बफर जोन के शासन के निर्णय को उचित ठहराया है. बता दें, कि राज्य सरकार ने 25 सितंबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम,1984 की धारा 5(1) का उपयोग करते हुए जंगली क्षेत्र के आसपास 10 किमी के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया था. इस अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद वन विभाग ने इस दायरे में आने वाली सभी आरा मिलों को बंद करने और उनके लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे, इस आदेश के खिलाफ कई आरा मिल संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

चंडीगढ़ में PM मोदी के दौरे पर करोड़ों की तैयारी, ₹2 करोड़ के टेंट समेत एक दिन में निकले 8 टेंडर

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित किया जाना है। इसके लिए प्रशासन के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों ने एक ही दिन में 8 अलग-अलग टेंडर जारी हुए। चंडीगढ़ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तैयार किए गए कालका, मोहाली, अंब अंदौरा और आनंदपुर साहिब समेत चार आधुनिक रेलवे स्टेशनों को भी समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री चंडीगढ़ से इन स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। 3 पॉइंट्स में जानें PM मोदी के दौरे को लेकर खास इंतजाम:-     एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा: सबसे बड़े टेंट टेंडर के तहत कार्यक्रम स्थल पर करीब 6000 वर्ग मीटर का वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। बारिश की संभावना को देखते हुए इसे तैयार किया जा रहा है, ताकि खराब मौसम में भी कार्यक्रम सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके। पूरे पंडाल को ठंडा रखने के लिए 600 टन क्षमता का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।     वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की व्यवस्था: कार्यक्रम में आने वाले वीआईपी और प्रधानमंत्री के लिए एसी युक्त लाउंज, बैठक व्यवस्था, कारपेट, फर्नीचर और बैरिकेडिंग सहित अन्य इंतजाम किए जाएंगे। इसके अलावा 2200 सोफे, 300 कुर्सियां, 70 हजार वर्ग फीट कारपेट, 65 हजार वर्ग फीट बैरिकेडिंग, 20 वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की व्यवस्था की जाएगी।     11 जनरेटर लगेंगे, 8 हाई-रेजोल्यूशन CCTV से सुरक्षा: कार्यक्रम के लिए बिजली की व्यवस्था भी पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत 11 जनरेटर (125 केवीए), 28 जनरेटर (250 केवीए) और एक 500 केवीए डीजी सेट लगाया जाएगा।  सुरक्षा और सजावट के लिए 8 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, एलईडी लाइट्स, 4000 रंगीन गमले, बैरिकेडिंग और फायर सेफ्टी के इंतजाम किए जाएंगे। सभी टेंडर शॉर्ट नोटिस पर जारी किए गए हैं। कुछ टेंडर दो-तीन दिन में पूरे हो जाएंगे, जबकि अन्य एक सप्ताह के भीतर फाइनल कर दिए जाएंगे। इसके बाद चुनी गई एजेंसियां तुरंत काम शुरू करेंगी। आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद रेलवे प्रवक्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे की आधिकारिक सूचना अभी पीएमओ से आनी बाकी है। हालांकि, रेलवे ने अपने स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। इन चारों स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों ने  इन स्टेशनों पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। लोकल कल्चर-आर्किटेक्चर को बढ़ावा योजना की एक प्रमुख विशेषता स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला को बढ़ावा देना भी है। इसी उद्देश्य से स्टेशनों के निर्माण में स्थानीय कला, विरासत और क्षेत्रीय पहचान को शामिल किया गया है, ताकि प्रत्येक स्टेशन अपने शहर और क्षेत्र की सांस्कृतिक छवि को दर्शा सके। ये स्टेशन केवल यात्रा के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी विकसित किए जा रहे हैं। अब तक 172 से अधिक स्टेशनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य स्टेशनों का भी लोकार्पण किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़ का पिछला दौरा 3 दिसंबर 2024 को हुआ था। उस दौरान उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में देश के तीन नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन को राष्ट्र को समर्पित किया था। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो यह दौरा स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने के लिहाज से चंडीगढ़ के लिए अहम माना जा रहा है। 

हरियाणा में 10 जुलाई तक बारिश के आसार, सात जिलों में येलो अलर्ट जारी हुआ

 हिसार  प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। रविवार शाम के बाद 11 जिलों में वर्षा हुई। कुछ जिलों में तेज वर्षा हुई तो कुछ में गर्मी से लोग परेशान रहे। हिसार में गर्मी के चलते विनोद नगर के 24 वर्षीय विक्की की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में गर्मी से मौत की पुष्टि हुई है। वहीं मंगलवार को सात जिलों में तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जींद, यमुनानगर, भिवानी, अंबाला व झज्जर आदि जिलों में वर्षा हुई। इसके साथ ही आने वाले दिनों में भी तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में वर्षा से तापमान में गिरावट हो सकती है। गर्मी के कारण विनोद नगर निवासी विक्की की रविवार रात को तबीयत बिगड़ गई थी। परिवार के लोग इसे अस्पताल ले गए। वहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। विक्की मजदूरी करता था। मानसून के आगे बढ़ने की संभावना चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार व भठिंडा तक बनी हुई है। अरब सागर में एक डिप्रेशन बनने से अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। जिससे मानसूनी हवाओं और राजस्थान पर एक साईक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से हरियाणा राज्य में 10 जुलाई तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने तथा ज्यादातर क्षेत्रों में बीच-बीच में हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। परंतु इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है। इससे दिन के तापमान में गिरावट तथा वातावरण में नमी की अधिकता बने रहने की संभावना है। यलो अलर्ट: पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल। वर्षा (मिलीमीटर में)     करनाल : 16     गुरुग्राम : 38     भिवानी : 2.4     चरखी दादरी : 9     हिसार : 31     जींद : 26.5     कैथल : 8.5     सोनीपत : 1 तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला न्यूनतम अधिकतम अंबाला 29 36.8 भिवानी 26.5 37 गुरुग्राम 27.4 36 हिसार 28.2 38.2 नारनौल 26.5 34.5 रोहतक 28.2 33.6 सिरसा 29 38.2  

योगी सरकार का बड़ा फैसला, ईवी खरीद पर रोड टैक्स शून्य और भारी आर्थिक राहत

लखनऊ यूपी में नए ई-वाहन (ईवी) खरीदने पर योगी सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। अब ईवी खरीदने पर रोड टैक्स का नहीं देना होगा। ईवी पर 2.56 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में सोमवार को वायु प्रदूषण से निपटने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र में परिवर्तन योजना लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योजना के तहत एनसीआर में बीएस-वन से बीएस-फोर तक के पुराने ट्रकों और बसों को स्क्रैप कर नई बीएस-सिक्स अथवा इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर वाहन स्वामियों को मोटरयान कर और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 10 वर्ष तक भारी छूट प्रदान की जाएगी। नए बीएस-सिक्स या इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 100 फीसद रोड टैक्स माफ होगा। पुराने वाहनों पर 50 प्रतिशत की छूट वहीं पुराने/प्रयुक्त बीएस-सिक्स/ईवी वाहनों पर रोड टैक्स में 50 फीसद छूट दी जाएगी। यह छूट 10 वर्षों तक वैध रहेगी। नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रजिस्ट्रेशन शुल्क शत-प्रतिशत माफ होगा। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को विशेष प्रोत्साहन दिया है। डीजल-सीएनजी गाड़ियों पर पांच प्रतिशत ब्याज छूट और ईंधन वाउचर मिलेगा जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर गाड़ी की श्रेणी के अनुसार 64 हजार रुपये से 2.56 हजार रुपये तक का एकमुश्त लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा नई गाड़ी खरीदने पर ओईएम यानी वाहन कंपनियों की ओर से 8% की शुरुआती छूट भी मिलेगी। भारत सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए परिवर्तन योजना शुरू की है। यूपी सरकार ने अब इसे राज्य के एनसीआर जिलों में प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला किया है। योजना का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध ढंग से हटाना है। बस-ट्रक पर माफ होगा बकाया टैक्स यूपी एनसीआर में पंजीकृत बीएस-वन, टू, थ्री व फोर श्रेणी की बसों-ट्रकों पर यदि एक वर्ष से अधिक का टैक्स बकाया है तो उसे भी खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए पुराने वाहन को अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ) के जरिए स्क्रैप कराना होगा और उसके बाद ही नए वाहन का पंजीकरण कराना होगा। वाहन स्वामियों को अपने पुराने वाहन आरवीएसएफ केंद्र पर जमा कर स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट लेना होगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर नई गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी। बकाया टैक्स माफी का लाभ भी इसी प्रक्रिया से मिलेगा। डाटा सेंटर नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दी गई। यह नीति 27 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई थी, इसलिए सरकार नई उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 लेकर आई है। डाटा सेंटर नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी डाटा सेंटर हब के रूप में विकसित करना है। नीति के तहत दो गीगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और दो लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि नई नीति में जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रस्तावित किए गए हैं। टियर/रेटिंग-3 व 4 वाले डाटा सेंटर्स को प्रोत्साहन, एआई कंप्यूट बूस्टर प्रोत्साहन तथा ग्रीन एवं सस्टेनेबल परिचालन प्रोत्साहन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। 50 हजार को रोजगार मिलने की संभावना डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में विश्वस्तरीय डाटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित होगा। डाटा सेंटर इकाइयों के आसपास सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित अन्य इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रस्तावित नीति से 7500 लोगों को दीर्घकालीन प्रत्यक्ष रोजगार और निर्माण अवधि में लगभग 50 हजार लोगों को अल्पकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सुनियोजित नीति से मिले ठोस परिणाम मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने जनवरी 2021 में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 लागू की थी, जिसे बाद में 7 नवंबर 2022 को संशोधित किया गया। उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 (प्रथम संशोधन-2022) के तहत लगभग 21,343 करोड़ रुपये के निवेश से 6 डाटा सेंटर पार्क तथा 40 मेगावाट से कम क्षमता वाली दो डाटा सेंटर इकाइयों में से 7 परियोजनाएं परिचालन में आ चुकी हैं। 210 करोड़ की सब्सिडी दी गई वहीं, प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने 210 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी के रूप में ईवी वाहन मालिकों को वितरित किए हैं। कहा कि खाड़ी देशों में गंभीर हालात और तेल संकट के बीच ईवी वाहनों की तरफ रुख करना ही बेहतर है। ईवी खरीद सब्सिडी योजना शानदार सहयोग दे रही है। इससे पेट्रोल-डीजल पर लोगों की निर्भरता कम होगी और बेहतर पर्यावरण से लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होगा।

राज्य के विकास कार्यों पर मुख्य सचिव सख्त, सचिवों के साथ समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश

मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।