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स्वेच्छानुदान मद से स्वामी आत्मानंद स्कूल मांझीगुडा को 10 कंप्यूटरों की सौगात

रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई थी।        लोक भवन  में आज राज्यपाल ने विद्यालय के लिए कंप्यूटरों का औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया। इन कंप्यूटरों के माध्यम से सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ज्ञान और कौशल का विकास होगा।            इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा (जिला बस्तर) के प्राचार्य उपस्थित थे।

HTET आंसर-की हुई रिलीज, अभ्यर्थियों को मिला 72 घंटे का मौका, ऐसे करें ऑब्जेक्शन

भिवानी. हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के प्रश्न पत्रों की खामियों के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने आंसर-की जारी कर दी है। लेवल तीन की सायं को जारी की गई तो लेवल एक व दो की रात तक जारी की गई। आंसर-की के बाद अभ्यर्थी 72 घंटे यानी नौ जुलाई की सायं तक अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से पांच व छह जुलाई को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 करवाई गई थी। सुरक्षा के कडे़ पहरे और सीसीटीवी की निगरानी में करीब 1,92,226 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी जबकि 17.60 प्रतिशत यानी 41068 अनुपस्थित रहे थे। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्रों की खामियों के कारण काफी सवाल उठे और अभ्यर्थियों ने आरोप लगाए कि मुहावरे का अर्थ पूछा मगर मुहावरा दिया ही नहीं। मैथ के सवालों में अंग्रेजी में अलग अंक दिए इनके अलावा मैथ के सवालों में अंग्रेजी में अलग अंक दिए और हिंदी में अलग। कई जगह प्रश्न पत्र मिस प्रिंटिंग की शिकायत आई तो काफी अभ्यर्थी ऐसे भी रहे जिन्होंने आरोप लगाए कि बुकलेट सील नहीं थी। अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से आंसर-की जारी कर दी है और प्रश्न पत्रों की खामियों के चलते आपत्तियां भी ज्यादा लगने की संभावनाएं है। अभ्यर्थियों को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है। यानी नौ जुलाई तक अभ्यर्थी अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते है। लेवल     कुल अभ्यर्थी     उपस्थित     गैर हाजिर एक     41,062     31,402     9,660 दो     1,19,141     99,904     19,237 तीन     73,091     60,920     12,171 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को लगता है कि प्रश्न पत्र में दिए प्रश्न अधूरे थे या गलत थे या उनके विकल्प सही नहीं थे, वे अपनी आपत्तियां दर्ज करवाए। हम हमारे एक्सपर्ट के समक्ष आपत्तियां रखेंगे। हम अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते है कि किसी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होगा।

आंबेडकरनगर में एसटीएफ एनकाउंटर, 25 मुकदमों वाला इनामी बदमाश आसिफ मारा गया

नॉएडा यूपी में एसटीएफ और बदमाशों के बीच एक बार फिर एनकाउंटर हुआ है। आम्बेडकरनगर के बेवाना थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह नोएडा एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख के इनामी बदमाश आसिफ उर्फ विक्की को मार गिराया गया। आसिफ मूल रूप से कानपुर नगर के धुरैया मरकरपुर का निवासी था और लंबे समय से पुलिस उसके पीछे पड़ी थी। पुलिस के अनुसार, मारे गए अपराधी पर हत्या, लूट, गैंगस्टर समेत 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज थे। वह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तलाश में था। एनकाउंटर में दोनों ओर से हुई फायरिंग में यूपी एसटीएफ के सिपाही ओमनाथ चौहान भी घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक .32 बोर की पिस्तौल, 12 बोर का देसी हथियार, भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बताया जाता है कि एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर बदमाश की घेराबंदी की थी। खुद को घिरा देख विक्की ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किया। विक्की का लंबा आपराधिक इतिहास विक्की उर्फ आसिफ अली पर हत्या, डकैती और लूट की कई सनसनीखेज वारदातों के आरोप थे। वर्ष 2013 में सुल्तानपुर में साथियों के साथ घर में घुसकर डकैती के दौरान एक व्यक्ति की हत्या की। वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज में परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की और धारदार हथियार से हमला किया, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। वर्ष 2015 में कौशांबी में दंपती की हत्या कर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। 2015 में ही मुजफ्फरनगर में कई घरों में सिलसिलेवार डकैतियां डालीं और महिलाओं पर जानलेवा हमला किया। वर्ष 2021 में कानपुर देहात के रसूलाबाद में घर में घुसकर तासीम की हत्या करने का भी आरोप था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 25 हजार के इनामी का हाफ एनकाउंटर उधर, बहराइच में सोमवार की रात गोकशी के आरोपी व थाना कैसरगंज के 25 हजार के इनामी बदमाश अशरफ उर्फ टन्ने के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस घटना में वांछित अपराधी के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को उसके हरनी गांव की रोड से प्यारेपुर जाने वाले रास्ते में पुलिया पर बैठे होने की जानकारी मिली थी। सूचना पर थाना कैसरगंज की पुलिस टीम द्वारा पुलिया के नजदीक पहुंच कर घेरेबंदी की। पुलिस टीम से घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस ने फायर किया तो उसके दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी से उसके पास एक देशी तमंचा, कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है।

‘सतलुज’ फिल्म विवाद पर गरमाई सियासत, AAP नेता बोले- सरकार पंजाब की सच्चाई छिपा रही

चंडीगढ़. ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने पर आम आदमी पार्टी के नेता नील गर्ग ने केंद्र सरकार पर कड़ा निशाना साधा है। बठिंडा में मीडिया से बात करते हुए नील गर्ग ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और फिल्म को तुरंत रिलीज करने की मांग की। नील गर्ग ने कहा, "जब 'द कश्मीर फाइल्स' और 'द केरला स्टोरी' जैसी फिल्मों को प्रमोट किया जाता है, तो सरकारें पंजाब के सच को दबाने की कोशिश क्यों करती हैं?" उन्होंने आगे कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष पर बनी फिल्म 'सतलुज' में 1980 और 1990 के दशक में कांग्रेस सरकार के दौरान पंजाब के युवाओं पर हुए अत्याचारों को दिखाया गया है। ऐसी फिल्मों पर रोक लगाना और उन्हें दबाना इस बात का सबूत है कि सरकार अपने ही इतिहास से डरती है। आप नेता ने केंद्र और कांग्रेस के बीच मिलीभगत की आशंका जताते हुए सवाल किया, "उस समय कांग्रेस सत्ता में थी; तो फिर केंद्र सरकार इससे क्यों डर रही है? क्या दोनों के बीच कोई मिलीभगत है? इस फिल्म पर रोक लगाकर आखिर क्या छिपाया जा रहा है?" नील गर्ग ने मांग ने क्या मांग की? नील गर्ग ने मांग की है कि इस फिल्म को रिलीज किया जाना चाहिए ताकि अतीत पर रोशनी डाली जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके। फिल्म अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज की काफी चर्चा हो रही है। कानूनी और सर्टिफिकेशन से जुड़ी कई मुश्किलों के बाद 3 जुलाई को आखिरकार जी5 ने पहले इस फिल्म को ओटीटी पर रिलीज किया और अब हटा दिया है। यह फिल्म 2022 में बनकर तैयार हो गई थी लेकिन लंबे समय तक सर्टिफिकेशन के पचड़े में फंसी रही। इसी वजह से 2023 में ये टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में तय प्रीमियर में शामिल नहीं हो पाई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है जो इतने फसाद में फंसी हुई है किस पर आधारित है यह फिल्म? दिलजीत की सतलुज मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी और पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आधारित है। जसवंत सिंह खालरा ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में लापता हुए हजारों अज्ञात लोगों और उनके कथित अंतिम संस्कार के मामले की जांच की थी। उनकी इस जांच ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ला खड़ा किया था। इस मुद्दे को उठाने के बाद जसवंत सिंह खुद लापता हो गए।

गौरांशी शर्मा अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन मंच पर करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

मलेशिया एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए मध्यप्रदेश की गौरांशी शर्मा का भारतीय टीम में चयन गौरांशी शर्मा अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन मंच पर करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी की खिलाड़ी गौरांशी शर्मा दिखाएंगी अपनी प्रतिभा का दमखम मलेशिया में प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल का होंगी हिस्सा भोपाल मध्यप्रदेश राज्य बैडमिंटन अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी गौरांशी शर्मा का चयन Malaysia Asia Pacific Deaf Badminton Championship के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गौरांशी शर्मा भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगी। उनका चयन प्रदेश की खेल प्रतिभाओं एवं समावेशी खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति गौरांशी शर्मा का भारतीय टीम में चयन मध्यप्रदेश में खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रतिनिधित्व प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और यह दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी नई प्रेरणा लेकर आया है। निरंतर परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतिफल गौरांशी शर्मा ने अपने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के बल पर भारतीय टीम में स्थान अर्जित किया है। कठिन प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा सिद्ध की, जिसके आधार पर उन्हें इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है। प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि गौरांशी शर्मा की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों, विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, नियमित अभ्यास और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गौरांशी शर्मा को भारतीय टीम में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गौरांशी शर्मा मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगी।  

चलती बस बनी डिलीवरी रूम, सफर के बीच महिला ने दिया बच्चे को जन्म

कोरबा. छत्तीसगढ़ में कोरबा से पटना जा रही यात्री बस में सफर के दौरान महिला के प्रसव का अनोखा मामला सामने आया है. यात्रियों की मदद से गर्भवती महिला ने रास्ते में ही स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया. दोनों को बलरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल दोनों का स्वास्थ्य अच्छा है. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात जोरदार बारिश के बीच राजहसन बस कोरबा से पटना जा रही थी. गर्भवती महिला अपने पति के साथ बस में सफर कर रही थी. रात करीब 11 बजे अंबिकापुर पार करने के बाद गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई. स्थिति को देखते हुए चालक ने बस को सड़क किनारे रोक दिया. इसके बाद बस में सवार महिला यात्री सुनती देवी समेत अन्य महिलाओं ने प्रसूता की मदद की और सुरक्षित प्रसव कराया. प्रसव के बाद बस बलरामपुर पहुंची, जहां करीब आधे घंटे बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में दोनों का उपचार जारी है. चिकित्सकों के अनुसार, मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं. यात्रियों के बीच खुशी का माहौल बताया जा रहा है कि प्रसूता कोरबा की रहने वाली है और यह उसका पहला बच्चा है. बस में उस समय करीब 30 से 35 यात्री सवार थे. घटना के बाद बस में मौजूद यात्रियों के बीच खुशी का माहौल रहा. साथ ही कई यात्रियों ने स्वेच्छा से आर्थिक मदद भी की.

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, उच्च शिक्षा विभाग का तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए उच्च शिक्षा विभाग का तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रारंभ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों में संवेदनशील और सहयोगात्मक वातावरण निर्माण पर जोर भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के संबंध में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 से 8 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना, विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझना तथा आत्महत्या की रोकथाम के लिए सहयोगात्मक एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण विकसित करना है। स्वस्थ मन, सशक्त शिक्षण और सुरक्षित भविष्य”के उद्देश्य के साथ यह पहल उच्च शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक एवं संवेदनशील वातावरण निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या रोकथाम, मनोवैज्ञानिक सहयोग, जीवन कौशल एवं संस्थागत जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रथम तकनीकी सत्र में एम्स भोपाल के सहायक प्राध्यापक एवं मनोचिकित्सक डॉ. तन्मय जोशी ने “सुसाइड प्रिवेंशन : इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क फॉर हायर एजुकेशन”विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं संस्थागत उत्तरदायित्व से जुड़ा विषय है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में तनाव, अवसाद, सामाजिक अलगाव, व्यवहार परिवर्तन एवं अन्य चेतावनी संकेतों की समय रहते पहचान करने तथा सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। द्वितीय तकनीकी सत्र में शासकीय एम.एल.बी. कन्या महाविद्यालय भोपाल की प्राध्यापक डॉ. अनीता पुरी सिंह ने विद्यार्थियों में मानसिक संवेदनशीलता के संकेतों एवं “साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड”विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल अध्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की भावनात्मक स्थिति को समझना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उचित सहयोग एवं परामर्श से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। तृतीय तकनीकी सत्र में डॉ. अमित सोनी ने “मेंटल हेल्थ एंड राइट्स बेस्ड प्रिंसिपल्स एवं स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (एसओपी)”विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संकट, अत्यधिक तनाव, रैगिंग, यौन उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों में संस्थानों द्वारा संवेदनशील, त्वरित एवं गोपनीय प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। चतुर्थ तकनीकी सत्र में बी.एस.एस.एस. महाविद्यालय भोपाल के मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. विनय मिश्रा ने विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक कल्याण, जीवन कौशल एवं सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण पर विचार रखे। उन्होंने आत्म-जागरूकता, तनाव प्रबंधन, संवाद क्षमता, सहानुभूति एवं निर्णय क्षमता जैसे जीवन कौशल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के फैकल्टी सदस्यों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। आगामी दो दिनों में निजी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।  

बिहार सरकार की बड़ी घोषणा: अब हाईवे और बड़े पुलों पर देना होगा टोल, जारी हुई नई नियमावली

पटना बिहार में स्टेट हाईवे, बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों पर टोल टैक्स लगेगा। इसको लेकर राज्य में बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली 2026 की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई। इसके साथ ही राज्य का टोल टैक्स नीति प्रदेश में लागू हो गई। दो लेन से अधिक तथा चार लेन से कम के स्टेट हाईवे पर तय राशि का 60 प्रतिशत टोल टैक्स लगेगा। चार लेन तथा इससे अधिक चौड़ी सड़कों पर तय राशि का सौ प्रतिशत टोल टैक्स लगेगा। इसी प्रकार मध्यवर्ती लेन (5.5 मीटर चौड़ी) सड़क पर 50 प्रतिशत टैक्स लगेगा। अब इसी नीति के आधार पर टोल टैक्स वसूली की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग उन पथों और पुलों का चयन कर रहा है, जिसपर टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। विभाग एक आकलन कर लेगा कि किस पथ से कितने वाहन गुजरते हैं। इसके बाद टोट टैक्स की जिम्मेदारी देने के लिए निजी एजेंसी का चयन किया जाएगा। इन एजेंसियों के चयन के लिए निविदा कुछ दिनों में जारी की जाएगी। इसके बाद टोल वसूली निजी एजेंसी के माध्यम से शुरू हो जाएगी। यदि वाहन मालिक निर्धारित शुक्ल का भुगतान नहीं करता है तो उस पर तिगुना जुर्माना लगेगा। पुल पर निर्धारण अलग पुल पर टोल टैक्स का निर्धारण उसकी लंबाई में दस गुना जोड़कर किया जाएगा। यानी कोई 50 किमी सड़क है, उसमें पांच किमी लंबा पुल और 45 किमी सड़क का हिस्सा है तो उस पर कुल टोल टैक्स 45 प्लस 50 अर्थात 95 किमी पर तय होगा। दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टरों और कंबाइन हार्वेस्टरों और पशु-चलित वाहन पर कर नहीं लगेगा। सर्विस रोड होगा तो यह छूट नहीं मिलेगी। वाहनों से टोल टैक्स की निर्धारित दर गाड़ी में लगे फास्ट टैग या अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से ही कटेगी। विशिष्ट श्रेणियों के लिए छूट एवं पात्र उपयोगकर्ताओं के लिए रियायती पास एवं बहु-यात्रा रियायतों का भी प्रावधान किया गया है। इसमें बिना फास्ट टैग वाले वाहनों के मामलों में अधिक शुल्क और अधिक भारयुक्त वाहनों के मामले में भी अधिक शुल्क लेने के प्रावधान किए गए हैं। इस तरह लगेंगे शुल्क ● वैन, कार, जीप समेत जैसे अन्य हल्के वाहनों पर 1.25 रुपये प्रति किमी। ● छोटे व्यावसायिक वाहनों (मिनी बस-माल वाहन) पर 2 रुपये प्रति किमी। ● बस और ट्रक, जो दो धुरी वाले हैं, उनपपर 4.25 रुपये प्रति किमी। ● तीन धुरी वाले वाणिज्यिक वाहन पर 4.60 रुपये प्रति किमी। ● भारी निर्माण मशीनरी या उर्थ मूविंग उपस्कर, छह धुरी वाले से 6.65 6.65 रुपये प्रति किमी। ● विशाल आकार के वाहन (सात या अधिक धुरी वाले) से 8.10 रुपये प्रति किमी।

शासकीय छात्रावास में प्रवेश का मौका, 20 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

शासकीय छात्रावासों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 जुलाई तक स्‍थान रिक्‍त होने पर अंतिम चरण में 20 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन भोपाल राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र, स्‍कूल शिक्षा विभाग ने संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक/बालिका शासकीय छात्रावासों में रिक्‍त स्‍थानों पर प्रवेश के लिए अंतिम चरण में 20 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। इस वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई है। इसके लिए विभाग ने एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्‍यम से विशेष होस्‍टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र हरजिंदर सिंह ने बताया कि, प्रदेश में संचालित छात्रावासों में विशेष रूप से वंचित वर्गों की बालिका/बालक को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली प्रारंभ की गई है। यह ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली एक समेकित (Integrated) डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण तथा प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शिता के साथ संचालित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) टाइप-I एवं III एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास (एनएससीबी) बालक/बालिका छात्रावासों के पारदर्शी प्रबंधन एवं उनमें प्रवेश की सुविधा के लिए विकसित की गई है। आवेदन की अंतिम तिथि एवं प्रक्रिया राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार छात्रावासों में कक्षा 6वीं एवं अन्‍य कक्षाओं की रिक्‍त सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी अंतिम चरण में 20 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। हॉस्टल में भर्ती के लिए अभिभावक/पालक/विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क केंद्र से स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in के माध्यम से भरा जा सकता है। यदि अभिभावक/पालक/विद्यार्थी को फॉर्म भरने में कोई समस्या आती है तो आवेदन वार्डन के सहयोग से भी भरा जा सकेगा। छात्रावासों में प्रवेश प्रात्रता छात्रावासों में लक्ष्‍य अनुसार 50/100/150/ 175/200/220/275 स्‍थान उपलब्‍ध हैं। कक्षा 6 से 8 की बालिका को (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाईप-I) में तथा नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालिका छात्रावास प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 की बालिका को (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाईप- III) में प्रवेश की पात्रता है। कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए एवं 25 प्रतिशत स्‍थान गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए नियत हैं। इनमें अस्थि बाधित, अनाथ व बेसहारा किसी भी वर्ग की बालिकाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाती है। इसके अतिरिक्‍त प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से कक्षा 8 तक में पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। ये बालक छात्रावास, शाला अप्रवेशी एवं शाला त्‍यागी बालकों के लिए उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दर्ज करवाकर विशेष प्रशिक्षण के माध्‍यम से कक्षा अनुसार दक्षताएं विकसित कर शिक्षा की मुख्‍य धारा से जोड़े जाने के लिए संचालित हैं। इनमें विशेष रूप से ऐसे बच्‍चे जो रेल्‍वे स्‍टेशन एवं बस स्‍टैण्‍ड के प्‍लेट फार्म पर रहने वाले, पन्‍नी बीनने वाले, पलायन करने वाले परिवारों के बच्‍चे अथवा घर से भटके हुए विमुक्‍त (Denotified Tribal) एवं प्रिमिटिव ट्राइबल परिवार के बच्‍चे, वन ग्राम पटटा धारी परिवारों के बच्‍चों को आवासीय सुविधाएं प्रदान कर शिक्षा की मुख्‍य धारा से जोडकर प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कराई जाती है। प्रदेश में संचालित छात्रावासों की संख्‍या प्रदेश में राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र अंतर्गत 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालिका एवं 66 नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालक छात्रावास संचालित है। सभी छात्रावासों में ऐसे बालिका/बालक जो शाला से बाहर हैं अथवा जो प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं एवं पारिवारिक कारणों से परिवार में रहते हुए प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं उन्हें छात्रावास में रखकर प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती हैं।  

रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध CCTV कैमरा मिलने से अलर्ट, अमृतसर में RPF जांच में जुटी

अमृतसर. अमृतसर-मानावाला रेलवे ट्रैक पर पोल पर सीसीटीवी कैमरा लगा मिला है जिसने आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस की नींद उड़ाकर रख दी है। आरपीएफ ने उस कैमरे को कब्जे में लिया है और इस सनसनीखेज मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के दौरान अमृतसर-जालंधर सेक्शन में जीआरपी पुलिस कर्मचारी गत दिन शाम को रूटीन चेकिंग कर रहे थे तभी उनकी नज़र अमृतसर-मानावाला मध्य पड़ते किलोमीटर संख्या 508/23 पर ओएचई के पोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। उसके बाद जीआरपी, आरपीएफ, सिविल पुलिस और एआरपी पुलिस टीमें मौके पर पहुंच गई। आरपीएफ ने उस कैमरे को अपने कब्जे में ले लिया है। यह एरिया जीआरपी के अधीन आता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।