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रोहतक दोहरे हत्याकांड में 10 के खिलाफ केस दर्ज

रोहतक. हरियाणा के रोहतक जिले में गांव पोलंगी में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद मृतकों के बड़े भाई जगमेंद्र उर्फ नान्हा सुरक्षा कारणों से अपने दोनों भाईयों का अंतिम संस्कार गांव में न कर रोहतक के शीला बाईपास स्थित श्मशान घाट में किया। जगमेंद्र ने कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में चार टीमों का गठन किया है और लगातार छापेमारी की जा रही है। जगमेंद्र ने बताया कि दो वर्ष पहले ट्रैक्टर से टक्कर मारने की घटना के बाद रंजिश शुरू हुई थी। तब से लगातार धमकियां मिल रही थीं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जगमेंद्र ने बताया कि घटना के समय वह कोर्ट की तारीख पर गया हुआ था। सुबह करीब 11:15 बजे जब वह घर लौटा तो माहौल बदला हुआ था। बाहर कुछ लोग खड़े थे और अंदर से रोने की आवाजें आ रही थीं। जैसे ही वह आगे बढ़ा, कुछ लोगों ने कहा कि ये भी आ गया। इसके बाद उसे भाईयों की हत्या की जानकारी मिली। सुबह घर से निकलते समय भाईयों से सामान्य बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि खाना खा लेना और प्लॉट में लगी सब्जियों को पानी दे देना। भाईयों ने हंसते हुए जवाब दिया था कि इस बार कोर्ट से लंबी तारीख लेकर आना। किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। मृतक कर्मबीर भगवान में गहरी आस्था रखता था और 40 दिन के व्रत पर था, जिनमें से 12 दिन पूरे हो चुके थे।

राजधानी भोपाल में आग से हड़कंप: फर्नीचर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, कई दमकल गाड़ियां जुटीं

भोपाल राजधानी के कस्तूरबा नगर स्थित चेतक ब्रिज के पास रविवार दोपहर करीब सवा चार बजे एक फर्नीचर की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जो करीब सात से आठ किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। उस धुंए का देखकर हर किसी के मन में यही बात उठ रही थी कि इतनी भीषण आग कहां लग गई। फायर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार आग पर काबू पाने के लिए दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत कर रही है। दमकल कर्मियों के सामने खड़ी हो गई चुनौती चूंकि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी और फर्नीचर का सामान रखा था, इसलिए आग की ऊंची लपटों ने दमकल कर्मियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। फिलहाल हादसे में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और निगम की दमकलें एक के बाद एक मौके पर पहुंच रही हैं।

श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी

₹382 करोड़ की योजना में ₹251.82 करोड़ की पहली किस्त जारी  लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक का किया जा रहा निर्माण प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 की होगी, कुल 4,000 महिलाओं को मिलेगा लाभ लखनऊ  शहरी क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में आने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुल स्वीकृत धनराशि का 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में जारी किया जा चुका है। इससे निर्माण कार्य को गति मिली है। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में यह परियोजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए कुल ₹382 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सीएंडडीएस को दी गई जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में सीएंडडीएस को इस परियोजना का कार्यदायी संस्थान नामित किया है। विभागीय स्तर पर भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक समेत कुल आठ छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 महिलाओं की होगी। इस प्रकार कुल 4,000 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर इन छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, भोजनालय, सामान्य बैठक कक्ष तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य यह है कि रोजगार के लिए शहरों में आने वाली महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके। महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम गाजियाबाद के सूर्यनगर क्षेत्र में प्रस्तावित छात्रावास के लिए आवश्यक अनुमति के लिए प्रक्रिया जारी है। संबंधित प्राधिकरणों से स्वीकृति प्राप्त होते ही वहां भी निर्माण कार्य पूर्ण गति से शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न उद्योगों, सेवा क्षेत्रों, निजी संस्थानों और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। आवास की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उनके सामने बड़ी समस्या बनती हैं। इस परियोजना के माध्यम से सरकार न केवल सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करा रही है, बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम भी उठा रही है। महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। योगी सरकार का फोकस स्पष्ट है कि आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और उन्हें कार्यस्थल के साथ-साथ आवासीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से समयसीमा के अंदर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि गुणवत्ता और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के शहरी श्रमबल को मजबूती मिलेगी और कामकाजी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। सुरक्षित और किफायती छात्रावास व्यवस्था महिलाओं को रोजगार के अवसरों से जुड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

सूरजकुंड मेले में वूलन सिल्क व कॉटन के कारपेट कर रहे दर्शकों को आकर्षित

फरीदाबाद. 39 में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज आखिरी दिन है। हरियाणा के गवर्नर समापन करेंगे। वहीं मेले की समाप्ति को देखते हुए शुक्रवार को 2 लाख मेला पर्यटक मेला देखने आए। भारी संख्या में मेला दर्शक मेला प्रांगण में पहुंच रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कारपेट लेकर आए क्राफ्ट मैन ने बताया कि मेले में उनके हैंडमेड और मशीन मेड कारपेट की भरी मांग बनी हुई है और मेला दर्शक इसे खरीद रहे हैं। खरीददारों ने भी बताया कि उनके डिजाइन यूनिक हैं और ऐसी क्वालिटी मार्केट में देखने को नहीं मिलती, इनके दाम भी वाजिब हैं। स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध  उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कार्पेट लेकर आए क्राफ्ट मैंने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए कारपेट की लाइफ 50 साल से भी ज्यादा है और इनमें नेचुरल कलर का प्रयोग किया गया है, जहां हैंडमेड कारपेट की लाइफ अधिक है। वहीं मशीनी कारपेट की लाइफ थोड़ी कम होती है। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध हैं और मेला दर्शक इन्हें खूब पसंद कर रहे हैं। वहीं कारपेट खरीद रही महिलाओं ने बताया कि इनके द्वारा बनाए गए कारपेट बहुत ही यूनिक है और आम मार्केट में यह नहीं मिलते। इनके दाम भी वाजिब है और डिजाइन भी खूबसूरत है। इसलिए हम अपने घर के लिए कारपेट पसंद कर रहे हैं। एक अन्य महिला ने बताया कि उसने यहां से कारपेट खरीदे हैं और उनकी क्वालिटी जहां बेहतरीन है।

9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% पहुंची

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था के पीछे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिससे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिल रही है। इसी अवधि में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में करीब 13 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रही  जीएसडीपी  2026-27 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये की ओर अग्रसर है। महिला श्रम बल भागीदारी दर में हर 1 प्रतिशत की वृद्धि से सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 0.5 से 1 प्रतिशत तक अतिरिक्त उछाल आता है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में  अर्थशास्त्र का यह सिद्धांत व्यवहार में साबित होता दिख रहा है। यही नहीं, महिला कार्यबल बढ़ने से उत्पादन क्षमता, श्रम उत्पादकता और राज्य के टैक्स बेस तीनों में समानांतर विस्तार हुआ है। महिलाएं बनीं ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग में वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई गतिविधियों और सेवा क्षेत्र को लगातार गति मिल रही है। ग्रामीण स्वयं सहायता समूह,  डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों से लेकर शहरी सेवा क्षेत्र तक महिलाएं अब ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ की भूमिका निभा रही हैं। ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह आसान करेंगी महिलाएं नीतिगत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश में आर्थिक भागीदारी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी।

झज्जर में अब मशीनों से चमकेगी सीवर लाइन

झज्जर. शहर की सीवर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब सीवर लाइनों की सफाई के लिए कर्मचारियों को जोखिम नहीं उठाना होगा, क्योंकि विभाग जल्द ही मैन्युअल सफाई की जगह आधुनिक मशीनों का उपयोग करेगा। इसके लिए विभाग ने मुख्यालय को तीन नई मशीनों की डिमांड भेजी है। वर्तमान में शहर में 96 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछी हुई है, जबकि नई कालोनियों को मिलाकर करीब 105 किलोमीटर अतिरिक्त लाइन बिछाई जानी है। पुरानी सीवर व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण अक्सर ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। इन नई मशीनों के आने से न केवल सफाई बेहतर होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी। इन तीन मशीनों से बदलेगी तस्वीर 1. हाइड्रोलिक जेट्टिंग कम सक्शन मशीन: यह मशीन हाई-प्रेशर पानी और शक्तिशाली वैक्यूम का उपयोग करती है। यह एक साथ सीवर से कीचड़ सोखने और रुकावटों को साफ करने में सक्षम है। 2. जेट्टिंग मशीन: यह 3,500 पीएसआइ के दबाव से पानी छोड़कर पाइपों में फंसी गाद और मलबे को काट देती है। 3. रोडिंग सीवर मशीन: इसमें स्टील केबल और कटर ब्लेड लगे होते हैं, जो पाइप के अंदर जमी जड़ों और कठोर मलबे को जड़ से खत्म कर देते हैं। इसके बाद पारंपरिक 'फट्टी' मारने की जरूरत नहीं होगी। कर्मचारियों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग विभागीय सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में उपलब्ध मशीनें पुरानी हो चुकी हैं। नई मशीनें मिलने के बाद इन्हें चलाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर प्रदेशभर के लिए होने वाली खरीद में झज्जर को ये तीन मशीनें मिलने की पूरी उम्मीद है। कुल मिलाकर, इनके आने से मैन्युअल लेबर पर निर्भरता कम होगी और सफाई कार्य प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

हिसार में 20 फीट ऊंचे शिवलिंग पर हॉट एयर बैलून से पुष्प वर्षा

हिसार. आस्था, अध्यात्म और उल्लास से सराबोर वातावरण में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती के अवसर पर बालसमंद रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज पीस पैलेस में शनिवार को महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत दो दिवसीय महादेव से महामिलन महामेले का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में उत्साह और श्रद्धा का ऐसा संगम दिखा, जिसने श्रद्धालुओं के मन को आनंद से भर दिया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज हिसार की संचालिका बीके रमेश कुमारी दीदी उपस्थित रही। इस आध्यात्मिक महोत्सव में हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें। आकर्षण का केंद्र बना 20 फीट ऊंचा दिव्य महाशिवलिंग, जिसके दर्शन मात्र से वातावरण शिवमय हो उठा। कार्यक्रम में सबसे मनोहारी झलक तब देखने को मिली जब हाट एयर बैलून से महाशिवलिंग पर पुष्प वर्षा की गई। आकाश से बरसते पुष्पों के इस अलौकिक दृश्य को लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में संजोया। इंटरनेट मीडिया फेसबुक व इंस्टाग्राम पर साझा कर अपने प्रियजनों तक शिवभक्ति की अनुभूति पहुंचाई। महोत्सव में आध्यात्मिक ज्ञान और आत्मिक शांति से जुड़े अनेक आकर्षक आयाम भी प्रस्तुत किए गए। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, माइंड स्पा, एबीसीडी का आध्यात्मिक रहस्य, तीन लोक की सैर, निश्शुल्क स्ट्रेस लेवल टेस्टिंग तथा वैल्यू गेम्स जैसी गतिविधियों ने सहभागियों को रोमांचक अनुभव के साथ आत्मचिंतन की ओर प्रेरित किया। खेलों और संवादों के माध्यम से सकारात्मक-नकारात्मक विचारों की पहचान कर, स्वयं को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ने का सशक्त संदेश दिया गया।

पंजाब में 17-18 फरवरी को होगी झमाझम बारिश

लुधियाना. पंजाब में मौसम लगातार साफ चल रहा है। शनिवार को भी अधिकांश जिलों में दिनभर तेज धूप खिली रही। दिन व रात के तापमान लगभग सभी जिलों में सामान्य से अधिक रहे। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार बठिंडा में दिन का तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस व रात का 11.5 डिग्री, रूपनगर में दिन का 26.4 और रात का 9.6, फिरोजपुर में दिन का 26.0 व रात का 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तीनों जिलों में दिन का तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जबकि रात का 1.3 से 1.7 डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं लुधियाना व पटियाला में दिन का तापमान 25.8 डिग्री व रात का लुधियाना में 9.6 डिग्री व पटियाला में 10.5 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर में दिन का तापमान 24.0 डिग्री व रात का तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां दिन का तापमान 2.9 डिग्री व रात का तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था। दूसरे जिलों में भी दिन का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब मतें 17 व 18 फरवरी को बादल छाएं रहने, बूंदाबांदी व हल्की वर्षा की संभावना बन रही है।

लुधियाना में बिके टिकट से 21 लाख का मिला पहला ईनाम

लुधियाना. गोवा सरकार द्वारा संचालित राजश्री-50 वीकली लॉटरी ने लोगों का विश्वास जीतते हुए अपने 1000 से भी ज्यादा दिन पूरे कर लिए हैं व 14 लाख से भी ज्यादा विजेता अभी तक 35 करोड़ से ज्यादा की रकम जीत चुके हैं। किस्मत ऑन सैलिब्रेशन ऑन के अंतर्गत अपने ईनामों का सिलसिला बरकरार रखते हुए 8 फरवरी 2026 के ड्रॉ में 21 लाख का 49वां पहला ईनाम खन्ना के स्टॉकिस्ट रामा लॉटरी के रिटेलर न्यू भाटिया लॉटरी द्वारा बेची गई टिकट नं. 72- 7328 से लगने पर कंपनी के अधिकारी राजकुमार वर्मा व भगत सिंह पंवार ने रामा लॉटरी के मालिक सुशील मग्गू व न्यू भाटिया लॉटरी के मालिक संदीप भाटिया, जतिंद्र भाटिया को फूलमाला पहना, गुलदस्ता, ट्रॉफी व इंसैंटिव का चैक देकर समानित करते हुए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। राजश्री-50 वीकली लॉटरी में अभी तक 21-21 लाख के 49 पहले ईनाम ईनाम लग चुके हैं जिनमें से 34 पहले ईनाम पंजाब मे व 15 महाराष्ट्र में लगे है। 

पंजाब में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में सुबह से उमड़ा आस्था का सैलाब

फाजिल्का. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार सुबह से ही फाजिल्का शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम समेत दर्जनों मंदिरों में श्रद्धालु पहली पूजा के लिए तड़के ही पहुंचने लगे। चारों पहर की विशेष पूजा को लेकर शहर में धार्मिक माहौल चरम पर है, वहीं हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही कांवड़ यात्रा का भी दोपहर बाद शहर में पहुंचने का कार्यक्रम है। महाशिवरात्रि पर फाजिल्का शहर पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। तड़के चार बजे से ही विभिन्न मंदिरों में भक्तों का आना शुरू हो गया और सूर्योदय तक मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम में सुबह की विशेष आरती के दौरान ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्री राम संकीर्तन मंदिर के पंडित चिमनलाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला पहर सुबह 4 बजे से 7 बजे तक, दूसरा पहर सुबह 7 बजे से 10 बजे तक, तीसरा पहर दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक व चौथा पहर शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि शिवलिंग का अभिषेक, पंचामृत स्नान, रुद्राभिषेक और बिल्वपत्र अर्पित करने का क्रम पूरे दिन जारी रहेगा। शहर में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पानी, जूस, फलाहार और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की संख्या भी उल्लेखनीय रही, जो व्रत रखकर पहले पहर की पूजा के लिए सुबह ही मंदिरों में पहुंच गईं। दोपहर बाद हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ संघ के विभिन्न दलों के फाजिल्का पहुंचने की उम्मीद है। कांवड़िए गंगा से लाया गया पवित्र जल शहर के प्रमुख शिवालयों में स्थापित शिवलिंगों पर अभिषेक करेंगे। मंदिर समितियों ने सुरक्षा, सफाई और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती की है, जबकि प्रशासन ने भी शहर में आवश्यक मार्ग व्यवस्थाओं और वाहनों के नियंत्रण के लिए टीमों को सक्रिय रखा है।