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राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल को विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने 16 फ़रवरी से प्रारम्भ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर पारस्परिक चर्चा हुई।

देश-विदेश के मंदिरों से श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंची पावन भेंट

ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ और सिद्धपीठों से प्रसाद अर्पण की परंपरा हुई प्रारंभ 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम वाराणसी,  महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, वाराणसी द्वारा एक अद्वितीय और अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों और प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल तथा श्रद्धा उपहार अर्पित किए जाने की परंपरा प्रारंभ की गई है। इस आध्यात्मिक समन्वय का उद्देश्य संपूर्ण सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोते हुए वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को मूर्त रूप प्रदान करना और वैश्विक आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ करना है। 62 मंदिरों से अब तक पहुंची पावन भेंट इस क्रम में, शनिवार तक श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश के कुल 62 मंदिरों से पावन भेंट और प्रसाद प्राप्त हो चुके हैं। इन मंदिरों में तमिलनाडु से भक्त मंडली, श्री रत्नगिरिस्वरर मंदिर चेन्नई, श्री अनंता पद्मनाभा स्वामी मंदिर चेन्नई, तेन सबनायाकर मंदिर कोविलूर, अरुल्मिगु वामनपुरफेश्वरर तिरुमणिकुझी, अरुल्मिगु द्रौपथी अम्मन मंदिर, अरुल्मिगु रीना विमोशनर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु तिरु सनगरी काली अम्मन वझापेट, अरुल्मिगु भूलोगा नाथर नेल्लिकुप्पम, अरुल्मिगु भूमिनाथ ईश्वरर वैटिपक्कम, श्री मदुरै वीरन मंदिर, अरुल्मिगु कुमारा गुरु परमस्वामी एस कुमारापुरम, अरुल्मिगु वेधा अरुल्पुरीश्वर कंदरकोट्टई, अरुल्मिगु सबनायगर कीरापालयम, अरुल्मिगु काशी विश्वनाथर गेडिलम नदी, सीयूओ, अरुल्मिगु विरुथा गिरिश्वरर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु अमृत लिंगेश्वर पेरिया, अरुल्मिगु मार्गबंधु तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु नादन पाथेश्वरर तिरुकांडीश्वरम्, अरुल्मिगु सिंगारणाथर कोंगरायनूर शामिल हैं। श्री कृष्ण जन्मस्थान, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड समेत कई मंदिरों से आए उपहार इसी प्रकार, मथुरा से श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, जम्मू कश्मीर से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड जम्मू, मलेसिया से श्री महा मरिअम्मन मंदिर, अरुल्मिगु श्री राजाकलियम्मन ग्लास मंदिर, श्री कंदस्वामी कोविल, श्री वीरा मुनिस्वरर मंदिर, श्री नगराथर शिवन मंदिर, अरुल्मिगु बालथंडायुथपानी मंदिर, श्री कुंज बिहार मंदिर भी इस आध्यात्मिक अभियान में सहभागी बने हैं। काशी के प्रमुख मंदिरों से भी सहभागिता वाराणसी से सप्तमात्रिका सिद्धपीठ श्री बड़ी शीतलाधाम शीतलाघाट, काशी त्रिलोचन महादेव मंदिर, सिद्ध पीठ बड़ी काली जी मंदिर कालिका गली, श्री बड़ा गणेश मंदिर लोहटिया, श्री केदारेश्वर मंदिर केदार घाट, श्री ओम कालेश्वर मंदिर कोयला बाजार, श्री कालभैरव मंदिर भैरोनाथ, विन्ध्यवासिनी, दशाश्वमेध, तुलजा देवी, दशाश्धमध्येश्वर, जमेश्वर, प्राचीन रुद्रसरोवर, श्री श्रीयन्त्रराज, श्री दक्षिणी आदि शीतला बुढ़ीय माई, कपिलधारा पंचकोशी, शूलटंकेश्वर, प्रयागघाट, रामेश्वर पंचकोशी, महिषासुर मां मंदिर, लोलार्क कुंड, बैजनाथ मंदिर बैजनत्था, श्री चन्द्रेश्वर मंदिर केदारघाट, श्री लोलार्क कुंड मंदिर भदैनी, श्री अन्नपूर्णा मंदिर विश्वनाथ गली, श्री महालक्ष्मी मंदिर लक्सा, श्री बटुक भैरव मंदिर कमच्छा, श्री कामख्या मंदिर कमच्छा, अन्य प्रमुख मंदिर काशी और विशालाक्षी मंदिर काशी से भी पावन भेंट प्राप्त हुई है। देश-विदेश के अन्य तीर्थस्थलों की सहभागिता उत्तराखंड से श्री केदारनाथ, मुंबई से लाल बाग के राजा और श्री सिद्धिविनायक मंदिर, गुजरात से द्वारकाधीश मंदिर, श्रीलंका से श्री ऐश्वर्या लक्ष्मी मंदिर कोलंबो तथा राजस्थान से नाथद्वारा मंदिर उदयपुर से भी पावन प्रसाद और भेंट काशी विश्वनाथ धाम पहुंच चुकी है। पवित्र सामग्री में जल, रज, वस्त्र और पुष्प शामिल इन भेंटों में विभिन्न तीर्थस्थलों का पवित्र जल, मंदिरों में पूजित पुष्पमालाएं, रज, चंदन, वस्त्र तथा अन्य पूजनीय सामग्री सम्मिलित है। यह संपूर्ण प्रक्रिया सनातन परंपरा की आध्यात्मिक एकता का सजीव प्रतीक बनकर सामने आई है। कूरियर और प्रतिनिधियों के माध्यम से जारी है क्रम इसके अतिरिक्त, अनेक मंदिरों से प्रसाद कूरियर माध्यम से प्रेषित किया जा रहा है, जबकि कुछ प्रतिष्ठित मंदिरों के प्रतिनिधि स्वयं पावन भेंट लेकर धाम में पधारने वाले हैं। इस प्रकार, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर संपूर्ण राष्ट्र और विश्व के विविध तीर्थों के मध्य भावनात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु के रूप में स्थापित हो रहा है। आध्यात्मिक एकात्मता का वैश्विक संदेश मंदिर न्यास की यह अभिनव पहल सनातन संस्कृति में निहित पारिवारिक समरसता, आध्यात्मिक बंधुत्व और सांस्कृतिक अखंडता के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित कर रही है। महाशिवरात्रि के दिव्य अवसर पर प्रारंभ की गई यह परंपरा न केवल काशी की आध्यात्मिक गरिमा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करती है, बल्कि समस्त सनातन आस्थाओं को एकात्म भाव से जोड़ते हुए धार्मिक सद्भाव और आध्यात्मिक समन्वय के नए अध्याय का उद्घाटन कर रही है। निश्चय ही, यह पहल राष्ट्र और विश्व के विविध तीर्थस्थलों को एक आध्यात्मिक सूत्र में संगठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कदम सिद्ध हो रही है।

आगरा में बनेगा हाई-टेक स्पोर्ट्स कॉलेज, अब मंडल में ही निखरेंगी खेल प्रतिभाएं

– योगी सरकार ने मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए मंजूर किए 80 करोड़ रुपये   – पढ़ाई के साथ मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग, 2036 के ओलंपिक के लिए तैयार होंगे खिलाड़ी   आगरा, उत्तर प्रदेश को खेलों की दुनिया में 'नंबर वन' बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को एक बड़ी सौगात दी है। बजट 2026-27 में सरकार ने खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। इसी कड़ी में आगरा समेत प्रदेश के 10 मंडलों में नए स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जाएंगे। इसके निर्माण के लिए सरकार ने 80 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। अब ताजनगरी और आसपास के खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एत्मादपुर में 50 हेक्टेयर जमीन, आठ करोड़ का प्रावधान योगी सरकार की 'एक मंडल- एक स्पोर्ट्स कॉलेज' नीति के तहत आगरा में बनने वाले स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। एत्मादपुर क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद जल्द ही इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बजट में इस कॉलेज के निर्माण के लिए शुरुआती तौर पर करीब आठ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल मैदान, प्रशासनिक भवन, आवासीय सुविधाएं (हॉस्टल) और शिक्षा व्यवस्था एक ही परिसर में विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ पढ़ाई की सुविधा देना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में होगा विकसित यह संस्थान केवल एक कॉलेज नहीं बल्कि 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक में भारत की भागीदारी और पदक संभावनाओं को मजबूत करना है। आगरा का यह कॉलेज भविष्य के ओलंपियन तैयार करने की नर्सरी बनेगा। खेल दिग्गजों ने सराहा योगी सरकार के फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला ऐतिहासिक है। आगरा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। कमी थी तो बस उच्च स्तरीय संसाधनों की। स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से यहाँ की बेटियों और युवाओं को अब अपने घर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सकेगी। यह कदम आगरा से नए स्टार खिलाड़ी निकालने में मदद करेगा।   – हेमलता काला, पूर्व अध्यक्ष, चयन समिति, भारतीय महिला क्रिकेट टीम/ पूर्व क्रिकेटर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने खेलों को जो प्राथमिकता दी है, वह अभूतपूर्व है। मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भविष्य के ओलंपियंस तैयार करने की फैक्ट्री साबित होगी। – संजय गौतम, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हॉकी संघ आगरा में स्पोर्ट्स कॉलेज का सपना अब साकार होने जा रहा है। एक ही परिसर में पढ़ाई और खेल की व्यवस्था होने से अभिभावक भी बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। यह आगरा के खेल जगत के लिए संजीवनी समान है। – कमल चौधरी, अध्यक्ष, आगरा हॉकी संघ

रज्जाक केस पर MP हाईकोर्ट में सियासी घमासान, विधायक का बड़ा आरोप—बदले की भावना से हुई कार्रवाई

 जबलपुर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति आरके वाणी के समक्ष जबलपुर निवासी अब्दुल रज्जाक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने स्पष्ट किया कि याचिका दायर किए जाने की तारीख तक रज्जाक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। राज्य सरकार का पक्ष राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने अदालत को बताया कि रज्जाक की पत्नी सुबीना बेगम पहले अपनी याचिका वापस ले चुकी हैं। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता वर्तमान में जिस आपराधिक मामले में जेल में है, उसमें उसे नियमित जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। साथ ही, वह चाहें तो संबंधित आपराधिक कार्रवाई को निरस्त करने की मांग भी कर सकते हैं। याचिकाकर्ता की दलील रज्जाक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली ने राज्य सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय मांगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित कर दी। विधायक पर लगाए गए आरोप मामले में अब्दुल रज्जाक ने विधायक संजय पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विरुद्ध दर्ज कई मामलों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई है। गिरफ्तारी को बताया प्रक्रिया का दुरुपयोग रज्जाक का आरोप है कि एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरे प्रकरण में गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ छल बताया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना

शिव भक्तों के साथ मनाया महाशिवरात्रि पर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए सभी के साथ महाशिवरात्रि पर्व मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। वे महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तगणों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस बैंड के सदस्यों सहित अनेक युवाओं ने डमरू दल के साथ पारम्परिक प्रस्तुति दी। शिव बारात का रथ खींचा मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिव बारात को रवाना किया और बारात का रथ भी खींचा। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकगण उत्साह, उमंग से बारात में शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और जय महाकाल के सामूहिक स्वर से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। महाशिवरात्रि के कार्यक्रम और शिव बारात में अनेक जनप्रतिनिधि और शिव भक्त भी शामिल हुए। इनमें सांसद श्री आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविंद्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित महाशिवरात्रि पर्व आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं।  

अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

कोसमनारा में सामुदायिक भवन विस्तार हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा रायगढ़ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोसमनारा धाम में आयोजित स्थापना दिवस एवं शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि समाज जब संगठित और जागरूक होता है, तब विकास को वास्तविक मजबूती मिलती है। साहू समाज की एकजुटता, शिक्षा और समर्पण प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 25 लाख से अधिक किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री साय ने कोसमनारा स्थित श्री 108 सत्यनारायण बाबा जी एवं भक्त माता कर्मा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 1998 से पूज्य सत्यनारायण बाबा खुले आकाश के नीचे निरंतर तपस्या में लीन हैं। तीनों ऋतुओं में 28 वर्षों से अधिक समय तक साधना करना अत्यंत अद्वितीय और प्रेरणादायक है। यह धाम सामाजिक समरसता, आस्था और भाईचारे का सशक्त प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से उन्हें चार बार सांसद रहने का अवसर मिला और आज मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ एवं बाबा सत्यनारायण से प्रदेशवासियों पर निरंतर कृपा बनाए रखने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसमनारा स्थित कर्मा साहू सामुदायिक भवन के ऊपर अतिरिक्त निर्माण के लिए ₹50 लाख की घोषणा की। साथ ही उन्होंने रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को अयोध्या सहित देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है। समारोह में समाज कल्याण में उत्कृष्ट योगदान के लिए त्रिभुवन साहू, भरत लाल साहू, कपिल नाथ, अरुणा साहू, मनोज साहू एवं वेदराम साहू को सम्मानित किया गया। कोरबा जिला साहू संघ की पत्रिका तथा बाबा सत्यनारायण चालीसा का विमोचन भी किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहू समाज की एकजुटता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कोसमनारा धाम के विकास हेतु लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित जिला साहू संघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, कसडोल विधायक संदीप साहू, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, डिग्रीलाल साहू सहित बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित पदाधिकारी, बाबा सत्यनारायण की माता हंसमती देवी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

CM नीतीश ने पटना में नाला निर्माण का किया निरीक्षण

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कुर्जी (राजीव नगर नाला) व आनंदपुरी नाला निर्माण योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम पूरा किए जाने का निर्देश दिया। इस नाला निर्माण योजना के अंतर्गत नाले का पक्कीकरण कर इसके ऊपर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को तेजी से पूर्ण करें। इन योजनाओं के पूरा होने पर जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगी एवं नाले के ऊपर दो लेन सड़क निर्माण से लोगों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी। शहर भी साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान हमने 21 फरवरी, 2025 को पटना जिले के विकास कार्यों का जायजा लिया था और उस दौरान जिले की कई विकास योजनाओं की घोषणाएं की थीं। उसी समय आनन्दपुरी नाला तथा कुर्जी नाला (राजीव नगर नाला) का निरीक्षण किया था जिसमें काफी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे। उनकी समस्याओं को देखते हुए मैंने निर्देश दिया था कि इन नालों को ठीक करते हुए इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जाए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा हो। खुशी है कि इस पर काम किया जा रहा है। 4.26 किलोमीटर लंबा है नाला मालूम हो कि राजीव नगर नाला पटना शहर के जल निकासी हेतु एक महत्वपूर्ण नाला है। इसकी लंबाई 4.26 किलोमीटर है, जो दीघा आशियाना रोड से प्रारंभ होकर कुर्जी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर समाप्त होता है। राजीव नगर नाले का पक्कीकरण एवं इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जा रहा है। वहीं आनन्दपुरी नाला पटना शहर के जल निकासी हेतु एक महत्वपूर्ण नाला है। इसकी लंबाई लगभग चार किलोमीटर है, जो बाबा चौक से शुरू होकर अटल पथ एवं एएन कॉलेज के पास से राजापुर पुल ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर समाप्त होता है। आनन्दपुरी नाले का पक्कीकरण एवं इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष परासर, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एस,एम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

2.47 करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पांचवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया सीएम योगी ने

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: सीएम योगी राप्तीनगर विस्तार स्पोर्ट्स सिटी योजना के एलआईजी व ईडब्ल्यूएस आवंटियों को सीएम के हाथों मिला आवंटन पत्र गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास कैसे होता है, आज गोरखपुर उसका मॉडल बन चुका है। विकास कैसे होना चाहिए, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश यह साबित कर रहा है। आज गोरखपुर में सब कुछ है और उत्तर प्रदेश में भी। सीएम योगी शनिवार को वार्ड नंबर-22 जंगल तुलसीराम के बिछिया कॉलोनी में बने शहर के पांचवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। यह कल्याण मंडपम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधायक निधि से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा 2.47 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। कल्याण मंडपम के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को देवाधिदेव महादेव की उपासना के महापर्व महाशिवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज विकास के कार्य हर स्तर पर किए जा रहे हैं। अभी केंद्र और प्रदेश सरकार के बजट में युवाओं, महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक तबके के लिए ढेर सारी स्कीम आई हैं। ये ढेर सारी स्कीम समय-समय पर प्रारंभ होगी तो उसका लाभ प्रदेशवासियों के साथ गोरखपुरवासियों को भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम की आवश्यकता और इसके महत्व को समझाते हुए कहा कि आज से 15-20 साल पहले तक लोग शादी-विवाह के लिए सड़क पर टेंट लगाकर आयोजन करते थे। तब आबादी कम थी, यातायात के साधन कम थे तो कोई समस्या नहीं होती थी। लेकिन, अब घराती हो या बराती, सबको ऐसा स्थान चाहिए, जिससे किसी को असुविधा न हो। हर व्यक्ति महंगे होटल या मैरिज हाउस का खर्च नहीं उठा सकता। अब होटल और मैरिज हाउस जैसी अत्याधुनिक सुविधा कल्याण मंडपम में मिनिमम यूजर चार्ज पर उपलब्ध हो रही है। इतना ही नहीं, कई बार एक ही दिन में हजारों शादियां होने से भी कल्याण मंडपम की उपयोगिता बढ़ रही है। सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर महानगर में पांच कल्याण मंडपम बन गए हैं। इसके अलावा पांच अन्य मंडपम जंगल बेनी माधव,  बशारतपुर, नकहा नम्बर दो, महादेव झारखंडी और सेमरा में बन रहे हैं। अधिकतर में उन्होंने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज लोकार्पित बिछिया के कल्याण मंडपम के लिए उन्होंने दो करोड़ रुपये अपनी विधायक निधि से दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक कार्यों के लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण की निधि के साथ ही पार्षद, महापौर, विधायक और सांसद निधि का भी इस्तेमाल हो रहा है। कल्याण मंडपमों से वास्तविकता में गरीबों का कल्याण होगा और रोजगार का सृजन भी होगा। नया मॉडल बन रहा बिछिया सीएम योगी ने कहा कि पहले बिछिया की क्या स्थिति थी, सभी जानते हैं। सड़कों की समस्या थी तो जलभराव की भी। अब यहां की सड़कें ऐसी हैं कि जाम लगेगा ही नहीं। यहां से गुजरने वाला जो गोड़धोइया नाला पहले आम दिनों में कीचड़ से पटा रहता था और बरसात में जलभराव का कारण बनता था, वह जलनिकासी का मॉडल बनेगा। नाला बन जाने, एसटीपी चालू हो जाने के बाद लोग उसे देखने आएंगे। बिछिया अच्छी सड़कों और जलनिकासी का नया मॉडल बन रहा है। हर तबके को मिल रही आवास की सुविधा अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर तबके को आवास की सुविधा मिल रही है। राप्तीनगर विस्तार में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बन रहा है और हर तबके के लिए आवास की सुविधा भी दी जा रही है। ऐसे ही आवास की सुविधा अन्य जगहों पर भी उपलब्ध करवाई जा रही है। मानीराम के पास भी बहुत बड़ी हाउसिंग स्कीम आ रही है। आज सबकुछ है गोरखपुर में सीएम योगी ने कहा कि आज गोरखपुर में सबकुछ है। यहां एम्स आ गया है, मेडिकल कॉलेज सुदृढ़ हो गया है। फर्टिलाइजर कारखाना चल गया है। यहां हर तरफ अच्छी सड़कें और फोरलेन की कनेक्टिविटी है। गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, नेपाल, देवरिया, कुशीनगर के लिए फोरलेन सड़कें हैं। यहां बाईपास भी बन रहे हैं। अब जाम नहीं लगने पाएगा। जाम से जड़ता आती है, इसलिए गोरखपुर को जाम से मुक्त बनाना है। इसके लिए गोरखपुर के लोग लगातार सहयोग कर अपना योगदान देते हैं। इसके चलते ही विकास के अच्छे परिणाम सामने आते हैं। अब गोरखपुर में उद्योग भी लग रहे हैं। पिछली सरकारें बेईमानी करती थीं, बीमारी लाती थीं अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि पिछली सरकारें बेईमानी करती थीं और बीमारी लाती थीं। हम लोगों ने बेईमानी को रोका है और बीमारी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया। आज इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी नहीं है। लेकिन, यह हम सबका दायित्व है कि शुद्धता और स्वच्छता पर ध्यान दें। गंदगी न होने दें, कूड़ा सड़क या नाली में न फेकें। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें। पर्यावरण बचाएंगे तभी आपको पर्यावरण बचाएगा मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की सीख देते हुए कहा कि आप पर्यावरण को बचाएंगे तभी पर्यावरण आपको बचाएगा। दिल्ली की हालत देखिए, वहां घुटन भरी जिंदगी हो गई है। ऐसा लगता है कि जैसे गैस चैंबर में हों। एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी खराब स्थिति में है। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होती है। डॉक्टर बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों को घर से बाहर जाने से मना करते हैं, जबकि गोरखपुर में कितना शानदार माहौल है। कहीं कोई दिक्कत नहीं, कहीं कोई दमघोंटू माहौल नहीं। जब हम धरती माता के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करेंगे तो धरती माता भी उसी प्रकार का आशीर्वाद देकर कल्याण करेंगी। हम सबको योगदान देना होगा, गंदगी न करनी है और न ही करने देनी है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं होने देना है। जो न माने, उसके बारे में प्रशासन को बताएं सीएम योगी ने कहा कि रामगढ़ताल इतना अच्छा बन गया है, लेकिन कुछ लोग आज भी वहां झूठे पत्तल, डिब्बे आदि डाल देते हैं। इससे गंदगी होगी, मच्छर पनपेंगे, बीमारी होगी। इन सबसे बचना चाहिए और कोई गलत कर रहा तो उसको रोकना भी चाहिए। अगर वह … Read more

दुर्ग जिला पंचायत की बैठक में अनुपस्थित पंचायत सचिवों का वेतन काटने का आदेश

दुर्ग. जिला पंचायत सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद पंचायत धमधा के ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक हुई. इसमें अनुपस्थित धमधा क्षेत्र के 16 ग्राम पंचायत सचिवों के एक दिन का वेतन काटने आदेश जारी किया गया. वहीं दो पंचायत सचिवों को नोटिस जारी की गई है. बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), ग्राम संपदा ऐप, समर्थ पोर्टल, अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्वच्छ भारत मिशन, विभिन्न पेंशन योजनाओं तथा महतारी योजना अंतर्गत भुगतान एवं ट्रांजैक्शन प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की ग ई T योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं तकनीकी समस्याओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए. समीक्षा के दौरान कुछ पंचायत सचिवों के बैठक में अनुपस्थित पाए जाने पर इसे कार्य के प्रति लापरवाही मानते हुए उनके एक दिवस के वेतन कटौती का आदेश जारी किया गया. यह आदेश तत्काल प्रभाव लागू होगा तथा माह फरवरी 2026 के वेतन में से एक दिवस की कटौती किए जाने कहा गया है. इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत पंगबंधी के पंचायत सचिव को समर्थ पोर्टल में कार्य नहीं करने के कारण निलंबन नोटिस जारी किया गया. वहीं ग्राम पंचायत रहटादाह के पंचायत सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लापरवाही के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. फुण्डा पंचायत के रोजगार सहायक को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्य में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसी प्रकार ग्राम पंचायत फुण्डा में अतिक्रमण कर आवास निर्माण किए जाने की शिकायत पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत धमधा को 3 दिवस के भीतर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए गए आवास निर्माण में रुचि नहीं लेने वाले 146 हितग्राहियों के प्रकरण राशि वसूली हेतु तहसील कार्यालय को प्रेषित किए गए हैं. संबंधित प्रकरण 2 दिवस के भीतर जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं. बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत धमधा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण को गति देगी एआई कौशल क्रांति

    प्रदेश सरकार लाखों युवाओं के लिए शुरू करेगी एआई और इमर्सिव तकनीकों का व्यापक प्रशिक्षण अभियान डिजिटल अवसंरचना से डिजिटल दक्षता तक, टैबलेट बने कौशल विकास का माध्यम, निवेश और उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की रणनीति भविष्य के रोजगारों की ठोस रणनीति और तैयारी के साथ आगे बढ़ने को तैयार उत्तर प्रदेश लखनऊ,  योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते कुछ वर्षों में विकास की जिस नई कार्यसंस्कृति को स्थापित किया है, उसका केंद्र बिंदु केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि ह्यूमन कैपिटल (मानव पूंजी) का सशक्तीकरण भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना प्रदेश में 25 लाख युवा शक्ति को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित कर उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने का व्यापक अभियान है। योगी सरकार का स्पष्ट मत है कि 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धा केवल संसाधनों की नहीं, बल्कि कौशल की है। प्रदेश में पहले चरण में डिजिटल अवसंरचना को मजबूत किया गया। बड़ी संख्या में युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराए गए, ताकि डिजिटल पहुंच सुनिश्चित हो सके। अब उसी आधार को मजबूत करते हुए सरकार इन उपकरणों को कौशल विकास के प्रभावी माध्यम में बदल रही है। एप्लिकेशन आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक और उद्योगोन्मुख शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे सीधे रोजगार या कारोबार से जुड़ सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह प्रावधान केवल बजट का आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है। योगी सरकार युवाओं को केवल डिग्रीधारी नहीं, दक्ष और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में एआई और उन्नत तकनीकों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश अपने युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना रहा है। सरकार का यह प्रयास व्यापक आर्थिक रणनीति से जुड़ा हुआ है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ रहा है। डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क और विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के साथ अब आवश्यकता कुशल मानव संसाधन की है। ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना इसी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जब स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे तो उद्योगों को भी गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। इस योजना की विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवा भी डिजिटल माध्यम से उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय असमानता कम करने में मदद मिलेगी और प्रदेश के हर हिस्से में समान अवसर उपलब्ध होंगे। योगी सरकार की सबका साथ सबका विकास की अवधारणा इसी प्रकार की योजनाओं के माध्यम से साकार हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में रोजगार का स्वरूप तकनीक आधारित होगा। ऐसे में यदि राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर कौशल उन्नयन किया जाता है तो यह बेरोजगारी की चुनौती को काफी हद तक कम कर सकता है। योगी सरकार का यह कदम युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करेगा और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। भविष्य में इसके लाभ -युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, जिससे वे उभरते एआई आधारित उद्योगों में सीधे रोजगार पा सकेंगे -प्रदेश में निवेश करने वाली कंपनियों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी -स्वरोजगार और स्टार्टअप की संभावनाएं बढ़ेंगी, क्योंकि तकनीकी रूप से दक्ष युवा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे -ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी एआई और उन्नत डिजिटल तकनीकों में 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना केवल कौशल विकास कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का ये कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अगले दशक के लिए रीडिफाइन करने वाला है।  इससे प्रदेश की युवा शक्ति नौकरी तलाशने वाली भीड़ नहीं, बल्कि इनोवेशन और निवेश को आकर्षित करने वाली दक्ष कार्यशक्ति में बदलेगी। मनिन्द्र अग्रवाल, डायरेक्टर, आईआईटी, कानपुर