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थैलीसीमिया पीड़ितों के लिए बड़ा ऐलान, मुफ्त ट्रांसप्लांट और पेंशन योजना जारी

 जयपुर  राजस्थान में थैलीसीमिया पीड़ितों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साथ 1250 रुपए मासिक पेंशन मिल रही है। विधायक रूपिन्द्र सिंह कुन्नर द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने चिकित्सा सहायता से लेकर आर्थिक सुरक्षा तक के प्रावधानों को लेकर जवाब पेश किया है। निःशुल्क चिकित्सा और डे-केयर की सुविधा सरकार ने अवगत कराया कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में थैलीसीमिया मरीजों के लिए विशेष 'डे-केयर सेंटर' संचालित हैं । इन केंद्रों पर मरीजों को बिना किसी रिप्लेसमेंट के ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन केलेशन थेरेपी और सभी प्रकार की जाँचे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं । इसके अतिरिक्त, गंभीर मरीजों के लिए वार्ड में भर्ती होने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी महंगी चिकित्सा सुविधा भी सरकार द्वारा मुफ्त दी जा रही है । आर्थिक संबल : 1250 रुपए की मासिक पेंशन सामाजिक सुरक्षा के तहत, राज्य सरकार थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को 'मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना' का लाभ दे रही है । इस श्रेणी के बच्चों को वर्तमान में 1250 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन दर से सहायता दी जा रही है । सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि थैलीसीमिया को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 21 दिव्यांगता श्रेणियों में शामिल किया गया है, जिसके आधार पर इन बच्चों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं । आधार और बायोमेट्रिक नियमों पर स्पष्टीकरण सदन में आधार कार्ड की अनिवार्यता और बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग ने स्थिति स्पष्ट की। 5 वर्ष से कम आयु: जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों का उपचार माता-पिता के आधार कार्ड के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाता है । छोटे बच्चों का आधार नामांकन 'हेड ऑफ फैमिली' (HoF) के सत्यापन से किया जाता है । बायोमेट्रिक की बाध्यता नहीं : सरकार ने विशेष आदेश जारी कर यह सुविधा दी है कि जिन बच्चों के बायोमेट्रिक (हाथों के निशान) अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, उनकी पेंशन नहीं रोकी जाएगी । ओटीपी आधारित सत्यापन : ऐसे मामलों में जहाँ फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन संभव नहीं है, वहाँ संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी (OTP) के माध्यम से आवेदन स्वीकार कर स्वतः स्वीकृति जारी कर सकते हैं । यह वैकल्पिक प्रक्रिया उन विशेष मामलों के लिए 'अपवाद स्वरूप' लागू की गई है, ताकि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र बच्चा सहायता से वंचित न रहे ।

किसानों के लिए बड़ा बदलाव: KCC के नए नियम और RBI का मास्टर प्लान 2026

भोपाल  भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को और ज्यादा आसान, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं। इन बदलावों का मकसद है कि खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किसानों को एक ही नियम, एक जैसा लोन ढांचा और ज्यादा लचीलापन मिल सके। इस फैसले से देश के करोड़ों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। अब खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए कर्ज लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। किन बैंकों पर लागू होंगे नए नियम? RBI के नए ढांचे के तहत ये नियम इन सभी बैंकों पर लागू होंगे: कॉमर्शियल बैंक,स्मॉल फाइनेंस बैंक,रीजनल रूरल बैंक (RRBs),ग्रामीण सहकारी बैंक ,मतलब देश के लगभग हर किसान तक KCC सुविधा की पहुंच और बढ़ेगी। KCC के लिए एक जैसा नियम – देशभर में एक ही सिस्टम अब KCC लोन के लिए Single Framework लागू करने का प्रस्ताव है। इससे: सभी बैंकों के नियम एक जैसे होंगे ,किसानों में कन्फ्यूजन कम होगा,लोन प्रक्रिया तेज और सरल बनेगी। फसल चक्र भी होगा एक जैसा: छोटी अवधि की फसलें: 12 महीने ,लंबी अवधि की फसलें: 18 महीने ,इससे लोन चुकाने की तारीखें पूरे देश में एक समान होंगी। KCC लोन की अवधि बढ़ाकर 6 साल करने का प्रस्ताव अब तक KCC लोन की अवधि कम होने से लंबी अवधि वाली फसल उगाने वाले किसानों को दिक्कत होती थी। लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक: KCC लोन अब 6 साल तक के लिए मिल सकता है। इससे बागवानी, गन्ना, फलदार फसलें उगाने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। अब खेती की असली लागत के हिसाब से मिलेगा लोन अब किसानों को मिलने वाली KCC ड्रॉइंग लिमिट सरकार द्वारा तय की गई वास्तविक खेती लागत पर आधारित होगी। इससे: कम लोन मिलने की शिकायत खत्म होगी,किसानों को जरूरत के मुताबिक पैसा मिलेगा,महंगाई के असर को भी ध्यान में रखा जाएगा।आधुनिक खेती के लिए भी मिलेगा KCC से पैसा, अब KCC लोन का इस्तेमाल सिर्फ बीज-खाद तक सीमित नहीं रहेगा। नए नियमों में शामिल: मिट्टी की जांच,मौसम की जानकारी से जुड़ी सेवाएं ,ऑर्गेनिक खेती के सर्टिफिकेट ,आधुनिक खेती के उपकरण ,फसल देखभाल के लिए अतिरिक्त 20% फंड, यानी अब किसान Smart Farming की ओर आसानी से बढ़ सकेंगे। क्यों है यह बदलाव किसानों के लिए गेमचेंजर? आसान नियम, लंबी अवधि तक लोन, सही लागत के अनुसार पैसा, आधुनिक खेती के लिए फंड, सभी बैंकों में एक जैसा सिस्टम RBI का यह कदम KCC योजना को सच में “किसानों का सच्चा साथी” बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

जनगणना 2026: डिजिटल तरीके से खुद भरें डेटा, एक मई के बाद 33 प्रश्नों का जवाब तैयार रखें

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया। अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है। लैपटाप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन, घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और मोबाइल नंबर।

छत्तीसगढ़ में VIP ट्रेड कंपनी पर कार्रवाई, 8 लाख से अधिक की ठगी में चार आरोपी गिरफ्तार

लौदाबाजार  थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्यादा रिटर्न का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। ये आरोपी राजस्थान के किशनगढ़ और आसपास के इलाकों से जुड़े थे और उन्होंने वीआईपी ट्रेड नाम की फर्जी कंपनी बनाकर पूरे देश में ठगी का जाल फैलाया था। इस मामले में एक शिकायतकर्ता से ही 8 लाख 6 हजार 640 रुपये की ठगी हुई है। लेकिन, पुलिस को संदेह है कि इससे कहीं ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। श्याम कॉलोनी बलौदाबाजार के निवासी रामचंद्र वस्त्रकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 के अंत से अक्टूबर 2025 के मध्य तक आरोपियों ने संपर्क किया और वीआईपी ट्रेड कंपनी में निवेश करने पर हर महीने 10 से 12 प्रतिशत की गारंटी के साथ मुनाफा मिलने का वादा किया। कहा गया कि पैसों में रोजाना ग्रोथ होगी और जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सकता है। इस झांसे में आकर रामचंद्र ने कुल 8 लाख 6 हजार 640 रुपये कंपनी में जमा कर दिए। जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया और बाद में अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। इससे उन्हें ठगी का पता चला। इस शिकायत पर 13 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 307/2025 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने थाना प्रभारी और साइबर सेल को सख्त निर्देश दिए। टीम ने तकनीकी जांच और विश्लेषण से पता लगाया कि ठगी का पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा था। एक मुख्य आरोपी अजमेर के केंद्रीय कारागार में पहले से बंद था। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने वीआईपी ट्रेड कंपनी बनाकर ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर लोगों से ठगी करने की बात कबूल की। 13 फरवरी 2026 को इन आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। मामला अभी जांच के दौर में है। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी वीआईपी ट्रेड कंपनी ने ठगी की हो या निवेश के नाम पर पैसे मांगे गए हों, तो वह तुरंत थाना सिटी कोतवाली या स्थानीय साइबर सेल में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराए। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: अब्दुल समद (60 वर्ष), निवासी भिश्ती मोहल्ला, गांधीनगर, किशनगढ़, राजस्थान; लोकेश चौधरी (26 वर्ष), निवासी रामदेव कॉलोनी, किशनगढ़, राजस्थान; कैलाश चौधरी (26 वर्ष), निवासी जाटो का मोहल्ला, थाना नारायणा, जयपुर ग्रामीण, राजस्थान; धीरज गट्टानी (25 वर्ष), निवासी न्यू कॉलोनी, कुचामन सिटी, राजस्थान। पुलिस का कहना है कि ऐसी फर्जी निवेश योजनाओं से बचें और किसी भी अनजान कंपनी में पैसे लगाने से पहले पूरी जांच करें।

होली के त्यौहार पर यात्रा तनाव, ट्रेनों में सीटों की भारी कमी

भोपाल  होली का त्योहार नजदीक आ रहा है। ऐसे में त्योहारी सीजन में अपने घर जाने की इच्छा दूसरे शहरों में रह रहा हर कोई करता है। लेकिन, इस बार आपका ये सफर बड़ा मुश्किल साबित हो सकता है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिल पाना अभी से काफी मुश्किल हो गए हैं। इंदौर-पटना, कर्नाटका और हमसफर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। सीट न मिलने से यात्रियों को वैकल्पिक साधन तलाशने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च और परेशानी ज्यादा बढ़ रही है। हर बार त्योहारी दौर में आने लगी समस्या होली हो या दिवाली… अब तो देश में मनाए जाने वाले किसी भी बड़े त्योहार पर ट्रेनों में कंफर्म सीट न मिल पाना अब आम समस्या बन चुकी है। यात्रा की तारीख से करीब एक महीने पहले ही ज्यादातर ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति दिखाई देने लगती है। वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है और कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल होता जाता है। यात्रियों का कहना है कि, हर साल त्योहारों के समय ऐसे हालात बनते जा रहे हैं। खास बात ये है कि, समस्या के समाधान पर किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं है। अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ता है मजबूरी में लोगों को तत्काल टिकट का सहारा लेते हैं। उससे भीड़ और बढ़ जाती है। कई यात्रियों को घर पहुंचने के लिए अन्य माध्यमों जैसे- बस, फ्लाइट या निजी वाहन जैसे महंगे विकल्पों का चुनाव करना पड़ता है। यात्रियों की मांग है कि त्योहारों से पहले रेलवे को अतिरिक्त या स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके। साथ ही, यात्रियों को कंफर्म सीट मिल सके। होली स्पेशल : भोपाल मंडल से चलेंगी 4 जोड़ी विशेष ट्रेनें होली पर्व पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा देशभर में 1410 विशेष ट्रेनों का संचालन किया है, जिनमें पश्चिम मध्य रेल से 43 ट्रेनें शामिल हैं। भोपाल मंडल से रीवा-रानी कमलापति (02192/02191, 02186/02185), भोपाल–रीवा (01704/01703) तथा रानी कमलापति–दानापुर (01667/01668) स्पेशल ट्रेनें निर्धारित तिथियों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान अतिरिक्त भीड़ कम होगी और यात्रियों को सुगम यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। इन ट्रेनों में 'रिग्रेट व नो रूम' की स्थिति -श्रीनगर-शिरड़ी-कालका सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22455) 28 फरवरी से 5 मार्च तक इस ट्रेन में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को 'नो रूम' की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। -कर्नाटका एक्सप्रेस (12627) 28 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं। -अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस (19483) 25 फरवरी से 2 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी श्रेणियों में 'रिग्रेट' की स्थिति है। -इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321) 25 फरवरी से 1 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी में सीटें फुल हैं और रिग्रेट दिखा रहा है। -अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस (19435) 25 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में टिकट उपलब्ध नहीं है। -मंगला लक्षद्वीप सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12618) 26 फरवरी से 2 मार्च तक रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। -हमसफर एक्सप्रेस (19092) 25 फरवरी से 5 मार्च तक टिकट बुकिंग में 'रिग्रेट' स्थिति दर्शाई जा रही है।

महाशिवरात्रि पर आज शिव बारात में CM हेमंत सोरेन होंगे शामिल

रांची. महाशिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर पहाड़ी मंदिर से रविवार को दोपहर तीन बजे शिव बारात निकाली जाएगी। श्री शिव बारात आयोजन महासमिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दीप प्रज्वलित कर शिव बरात को रवाना करेंगे। उनके साथ सुबोधकांत सहाय, विधायक सीपी सिंह, कुणाल अजमानी, राजेश साहू एवं बादल सिंह मौजूद रहेंगे। प्रवक्ता बादल सिंह ने बताया कि इस वर्ष भगवान शिव कर्पूरगौरं करुणावतारं स्वरूप में अपने भूत-प्रेतों की टोली के साथ नजर आएंगे। 51 माताएं दूल्हे के रूप में सजे भोलेनाथ का परछन एवं दिव्य आरती करेंगी। शिव बरात में राम-लक्ष्मण-सीता, राधा-कृष्ण और मां दुर्गा की झांकी आकर्षण का केंद्र होगी। भूत-प्रेतों की टोली तांडव नृत्य करते हुए बारात की शोभा बढ़ाएगी। इन मार्गों से गुजरेगी बारात बारात पहाड़ी मंदिर मुख्य द्वार से निकलकर शनि मंदिर अपर बाजार, शहीद चौक, फिरायालाल चौक, गांधी चौक, महावीर चौक और रातू रोड होते हुए पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां सनातन विधि-विधान से भगवान शिव का विवाह संपन्न होगा।  इको-फ्रेंडली झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के अनुसार इस बार बारात पूरी तरह इको-फ्रेंडली होगी। देशभर से कलाकार शामिल होंगे। शिव तांडव, 21 बालिकाओं द्वारा काली तांडव, अघोरियों का तांडव नृत्य, भजन संध्या, छऊ नृत्य, डीजे और झारखंड की प्रसिद्ध ताशा पार्टी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। राधा-कृष्ण का मनमोहक प्रेम नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा। 20 से अधिक सजे-धजे वाहन होंगे शामिल बारात में पांच रथ घोड़ा सारथियों के साथ चलेंगे तथा कुल 20 से 21 वाहन फूलों से सजाए जाएंगे। आयोजन महासमिति द्वारा 'हर घर शिव' कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। संरक्षक जितेंद्र सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य के भागी बनें। रांची के पवित्र एवं ऐतिहासिक पहाड़ी स्थित महाकाल मंदिर परिसर में रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति द्वारा भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन  सुरेश्वर महादेव में हल्दी रस्म, गाए गए मंगल गीत सुरेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार को बाबा भोलेनाथ को पारंपरिक रीति-रिवाज से हल्दी चढ़ाई गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंगल गीत गाए और श्रद्धा के साथ बाबा को हल्दी अर्पित किया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। बाबा भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया गया तथा विधिवत आरती संपन्न हुई। मड़वा (मंडप) का कार्यक्रम भी किया गया। शनिवार को मेहंदी की रस्म अदा की जाएगी। 15 को शिव बरात चुटिया स्थित श्री राम मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि में शुभ विवाह का आयोजन होगा। मंदिर के अध्यक्ष सुरेश साहू एवं महासचिव संतोष सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। दूरदर्शन केंद्र से प्रसारित होंगे नए धारावाहिक दूरदर्शन केंद्र रांची की ओर से धारावाहिकों का निर्माण किया गया है। यह केंद्र दर्शकों के लिए तीन नए धारावाहिक प्रस्तुत करने जा रहा है। इन धारावाहिकों में हास्य, रहस्य–रोमांच और पारिवारिक संवेदनाओं का समृद्ध समावेश किया गया है। तीनों धारावाहिक डीडी झारखंड पर निर्धारित समयानुसार प्रसारित किए जाएंगे। पारिवारिक हास्य धारावाहिक ‘तिकड़मबाज’ शीघ्र ही दर्शकों का सबसे पहले मनोरंजन करने आ रहा है। यह धारावाहिक प्रत्येक शनिवार रात्रि आठ बजे प्रसारित होगा। कार्यक्रम: सुरेश्वर महादेव मंदिर केतारी बगान में भगवान भोलेनाथ का मेहंदी कार्यक्रम, अपराह्न 3 बजे l कार्यक्रम: मातृ पितृ पूजन दिवस के अवसर पर सुविचार वाहन यात्रा का आयोजन, संध्या 5 बजे l पूजा अर्चना: श्री श्याम मंडल की ओर से श्री श्याम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, संध्या 5 बजे l पूजा अर्चना: पुंदाग के श्री राधा कृष्ण मंदिर में भंडारा सह पूजा का आयोजन, संध्या 5 बजे।

मुंबई हादसे पर सरकार एक्शन में, CM फडणवीस ने जांच बैठाई, पीड़ित परिवारों को राहत राशि घोषित

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मुलुंड इलाके में हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक राहत की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र सीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मुंबई के मुलुंड इलाके में मेट्रो कंस्ट्रक्शन स्लैब गिरने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख जताया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं।" पोस्ट में आगे कहा गया है, "राज्य सरकार मृतकों के परिवार वालों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देगी और घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है।" डीसीपी मुंबई हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि मुलुंड की घटना को लेकर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, "मेट्रो के निर्माणाधीन ब्रिज का एक कंक्रीट का पार्ट नीचे गिर गया। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन व्यक्ति घायल हैं। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" शनिवार को दोपहर करीब 12:20 बजे मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्य के दौरान मुलुंड (वेस्ट) के एलबीएस रोड पर यह हादसा हुआ। मेट्रो पिलर के सीमेंट का एक बड़ा हिस्सा एक चलते हुए ऑटोरिक्शा पर गिर गया। हादसा इतना भयानक था कि ऑटोरिक्शा चकनाचूर हो गया। ऑटोरिक्शा के अलावा एक कार भी चपेट में आई। उसका आगे का दाहिना हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (एमएफबी), स्थानीय पुलिस, मेट्रो स्टाफ और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को 108 एम्बुलेंस से पास के हॉस्पिटल ले जाया गया। इस भयानक हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है, जबकि घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रूहिया शामिल हैं। राजकुमार इंद्रजीत यादव की स्थिति गंभीर बताई गई है।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं: तिलक से लौट रहे 3 लोगों को ट्रक ने रौंदा, घर में पसरा सन्नाटा

पटना बिहार के पूर्णिया से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि टोटो पर 6 लोग सवार थे। पिता-पुत्र समेत 3 की मौके पर दर्दनाक मौत मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार देर रात सरसी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर नहर के पास की है। मृतकों की पहचान धमदाहा थाना क्षेत्र के कुमारी गांव निवासी 45 वर्षीय जागो ऋषि, उनके 18 वर्षीय पुत्र किशन कुमार और 40 वर्षीय कंचन देवी के रूप में हुई है। हादसे में टोटो चालक समेत तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। रघुनाथपुर नहर के समीप तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। तिलक समारोह से लौट रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, 24 फरवरी को जागो ऋषि की बेटी की शादी होनी थी। टोटो पर सवार छह लोग तिलक की रस्म पूरी कर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में तेज रफ्तार ट्रक ने टोटो को टक्कर मारते हुए तीन लोगों को कुचल दिया और चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस जांच में जुटी इधर सूचना मिलते ही सरसी और धमदाहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त टोटो को जब्त कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान के लिए जांच जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मासूमों की मौतों का रहस्य उजागर, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर विसरा रिपोर्ट में नया खुलासा

छिंदवाड़ा  साल 2025 में जहरीला कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौतें हुईं थी. इस मामले की विसरा रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें इस बात की पुष्टि हो गई है कि बच्चों की मौत जहरीले केमिकल डाई एथिलीन ग्लाइकॉल की वजह से हुई है. इस मामले में पुलिस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था. सितंबर 2025 में कफ सिरफ से हुई बच्चों की मौतों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. 'डाई एथिलीन ग्लाइकॉल से खराब हुईं किडनी' छिंदवाड़ा और बैतूल के बच्चों को मामूली सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद परासिया के सरकारी डॉक्टर के निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया था. जांच के बाद डॉक्टर ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बच्चों को पिलाने के लिए लिखा था. इस दवा के इस्तेमाल से बच्चों की लगातार मौतें हो रहीं थीं. जांच में पाया गया था कि सिरप में जरूरत से ज्यादा मात्रा में डाई एथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया था. जिसके बाद मृतक बच्चों की विसरा रिपोर्ट भी जांच के लिए भेजी गई थी. परासिया के एसडीओपी और SIT प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने  बताया कि "बच्चों के आंतरिक अंगों में भी डाई एथिलीन ग्लाइकॉल दवा पाई गई है. जिसकी वजह से किडनी खराब हुईं थी. कोल्ड्रिफ कफ सिरप में भी यह ज्यादा मात्रा में पाई गई है." 'सप्लीमेंट्री चार्जशीट फिर से की जाएगी पेश' एसआईटी प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया, "बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साबित हो गया है कि बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से हुई है. इसमें पाया जाने वाला केमिकल खतरनाक था. इस आधार पर सप्लीमेंट्री चार्ज शीट फिर से पेश की जाएगी, जिसमें इन तथ्यों को शामिल कर उन लोगों को आरोपी बनाया जाएगा जो इसमें शामिल हैं." 11 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद बच्चों की धीरे-धीरे किडनी खराब हो रही थीं. इसके चलते छिंदवाड़ा और बैतूल के कुल 24 बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार और छिंदवाड़ा पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था. टीम ने कार्रवाई करते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन सहित कफ सिरप बच्चों को प्रिसक्राइब करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी, स्टॉकिस्ट और केमिकल एनालिस्ट सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. फिलहाल, सभी आरोपी जेल में हैं. प्रशासनिक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं परिजन पीड़ित परिजनों की पैरवी कर रहे एडवोकेट संजय पटेरिया का कहना है, "जिस तरीके से इस मामले की जांच की गई और कुछ लोगों को ही आरोपी बनाया गया है. इस कार्रवाई से पीड़ितों के परिजन नाखुश हैं. इससे नाराज परिजनों ने 17 फरवरी से प्रदर्शन करने की प्रशासन से अनुमति मांगी है." परिजनों का कहना है कि डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. अमित ठाकुर ने भी कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों का इलाज किया था. उन दोनों पर मामला दर्ज नहीं किया गया है, जबकि पुलिस का कहना है की जांच अभी जारी है, जो भी दोषी होंगे उनको सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल कर आरोपी बनाया जाएगा.

खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़ेंगे नाम और शादी के बाद नहीं अटकेगा राशन

भरतपुर. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत चयनित परिवारों के राशन कार्ड में जो सदस्य अब तक जुड़ने से शेष रह गए थे, उनके नाम अब जोड़े जा सकेंगे। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू कर दी गई है। सरकार की ओर से यह प्रक्रिया पुन: शुरू किए जाने से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके यहां बच्चों का जन्म हुआ है या विवाह के बाद परिवार में नए सदस्य जुड़े हैं। जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि जारी निर्देशों के अनुसार परिवार का कोई भी सदस्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। शेष सदस्यों के नाम जनआधार एपीआई के माध्यम से राशन कार्ड में जोड़े जाएंगे। यदि जुड़ने वाले सदस्य के नाम पर एलपीजी गैस कनेक्शन है तो उसकी एलपीजी आईडी का विवरण भी आवेदन में दर्ज किया जा सकेगा। आवेदन जिला रसद अधिकारी, विकास अधिकारी अथवा अधिशासी अधिकारी के स्तर से अनुमोदित होने के बाद संबंधित सदस्य का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा जाएगा। ई-केवाईसी कराना अनिवार्य इसके बाद 90 दिनों के भीतर सभी नए जुड़े सदस्यों की ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा, ताकि उन्हें योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसलिए पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से ई-मित्र केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना और पारदर्शिता बढ़ाना है। साथ ही जिला रसद अधिकारियों को अपने अधीनस्थ प्रवर्तन स्टाफ को इस प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि काफी समय से यह सुविधा बंद थी, जिसे सरकार ने अब पुन: चालू कर दिया है। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को समय पर पूरा अनाज और अन्य सामग्री प्राप्त करने में सुविधा होगी। यह बोले डीएसओ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत चयनित परिवारों के राशन कार्ड में शेष रह गए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन परिवारों में बच्चों का जन्म हुआ है या विवाह के बाद नए सदस्य जुड़े हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। पात्रता की जांच के बाद संबंधित सदस्यों को राशन कार्ड में जोड़ा जाएगा।