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IAS अफसर के ठिकाने पर ED की छापेमारी, ₹2.5 करोड़ नकद मिलने का दावा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में दो दिन से ED की रेड चल रही है। टीम बुधवार देर रात दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के चंडीगढ़ स्थित घर भी पहुंची।ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के पंजाब और चंडीगढ़ दफ्तरों में 2 दिन से ED की रेड चल रही है। ED ने मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की। देर रात टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के घर भी पहुंची।  सरकार ने हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने ED की छापेमारी की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है। वारंट ऑफिसर को मौके पर जाकर छापेमारी की स्थिति देखने और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। वारंट ऑफिसर किसी भी समय छापेमारी वाली जगह पर जाकर निरीक्षण कर सकता है। उसे गुरुवार दोपहर 2 बजे तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपनी होगी। इधर, एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि पंजाब के एक IAS अधिकारी के घर से करीब ढाई करोड़ कैश, सवा किलो सोना-चांदी और जमीन के कुछ दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच जारी है। ED की रेड के बीच पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व पंजाब के भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्‌टू ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से खलबली मचा दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि पंजाब का एक मंत्री देश छोड़कर भाग गया है। बताया जा रहा है कि बिट्‌टू का इशारा मंत्री मुंडियां की तरफ है। हालांकि, इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है। आज AAP करेगी टीमों का घेराव वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) आज मोहाली में GMADA दफ्तर पर ED की कार्रवाई के विरोध में केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों का घेराव करेगी। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पंजाब सरकार और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। AAP नेताओं ने कहा कि लंबी छापेमारी के बावजूद ED को अब तक कुछ नहीं मिला। पार्टी ने ED की कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे अधिकारियों को डराने की कोशिश बताया। AAP ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही पंजाब में ED की सक्रियता बढ़ी है। भाजपा की धक्केशाही को पंजाब बर्दाश्त नहीं करेगा। मोहाली दफ्तर के 3 मंजिल सील किए ED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर अब भी मौजूद हैं। ED अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं। मोहाली दफ्तर के 3 मंजिलों को सील किए जाने और रिकॉर्ड जब्त किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी। ED की टीम बुधवार देर रात सेक्टर-39 की कोठी नंबर 926 में भी पहुंच गई, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सतिंदर जैन रहते रहे थे। मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची ED इसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही। 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे ED के अनुसार, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई की गई है। इनमें कंपनी के प्रमोटर, निदेशक और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल हैं। ED के मुताबिक, GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी PMLA के तहत सर्वे किया जा रहा है, ताकि संबंधित कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड और सबूत जुटाए जा सकें। 290 करोड़ के बैंक फ्रॉड और GMADA से जुड़े लेनदेन की जांच ED के मुताबिक, जांच में तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, मामले में नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़े लेनदेन के साथ GMADA से कथित तौर पर वैधानिक बकाया में छूट और रद्द किए गए प्लॉट के दोबारा आवंटन की भी जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, रेमिगेट से जुड़े मामले में करीब 57 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ दिए जाने की भी जांच है। साथ ही जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कथित अनियमितताओं में एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की भूमिका और अधिकारियों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच अभी जारी है। ED की तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

ड्रग तस्करी समेत कई मामलों में वांटेड राजजीत सिंह गिरफ्तार, पटियाला में आत्मसमर्पण

पटियाला करीब छह साल से फरार चल रहे बर्खास्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) राजजीत सिंह ने आज पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह अक्तूबर 2019 से फरार बताए जा रहे थे। राजजीत सिंह नशा तस्करी और जबरन वसूली से जुड़े कई गंभीर मामलों में नामजद थे।राजजीत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी। उनके खिलाफ नशा तस्करी के एक बड़े रैकेट में शामिल होने के आरोप थे। इसके अलावा, उन पर जबरन वसूली के भी आरोप लगे थे।  राजजीत सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश थी। अब पंजाब के DGP गौरव यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। राजजीत सिंह को अप्रैल 2023 में सेवा से बर्खास्त किया गया था। इसके बाद से वह अंडरग्राउंड हो गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से गठित SIT की जांच में उसका नाम बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़े कथित ड्रग तस्करी और वसूली नेटवर्क में सामने आया था। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो और स्पेशल टास्क फोर्स ने उसके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। निर्दोषों को फंसाने और वसूली के भी आरोप जांच रिपोर्टों में राजजीत सिंह पर ड्रग तस्करों को कथित संरक्षण देने, निर्दोष लोगों को ड्रग मामलों में फंसाने और उनसे वसूली करने जैसे आरोप लगाए गए थे। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला भी दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में इन आरोपों को जांच के दौरान सामने आए आरोपों के रूप में दर्ज किया गया है। 50 से ज्यादा NDPS सैंपल फेल होने का भी मामला मामले की जांच में उस अवधि के दौरान 50 से अधिक NDPS सैंपल फेल होने का मुद्दा भी सामने आया था, जब राजजीत सिंह तरनतारन के SSP और इंद्रजीत सिंह CIA प्रभारी के तौर पर तैनात थे। पंजाब सरकार ने SIT रिपोर्टों के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था। जानिए, केस में कब-क्या हुआ     जून 2017 में हुआ रैकेट का भंडाफोड़: विशेष कार्य बल (STF) ने राजजीत सिंह के अधीनस्थ रहे सीआईए (CIA) प्रभारी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके घर से 4 किलोग्राम हेरोइन, अन्य ड्रग्स और अवैध हथियार बरामद हुए। यहीं से पुलिस-ड्रग्स तस्कर नेक्सस का खुलासा हुआ।     नवंबर 2017 में SIT का गठन: इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ड्रग्स तस्करी के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (विशेषकर राजजीत सिंह) की संलिप्तता की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।     2018 में सीलबंद रिपोर्ट सौंपी: SIT ने मामले की गहन जांच करने के बाद अपनी 3 स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंप दीं। ये रिपोर्ट कई सालों तक सीलबंद रहीं।     फरवरी 2018 में मामला दर्ज हुआ: 2018 में STF ने इस पूरे ड्रग्स-तस्करी, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश को लेकर FIR दर्ज की।     मार्च-अप्रैल 2023 में रिपोर्ट्स खुलीं और बर्खास्तगी हुई: हाईकोर्ट के निर्देश पर जब बरसों पुरानी सीलबंद SIT रिपोर्ट खोली गईं, तो राजजीत सिंह और इंस्पेक्टर इंद्रजीत की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हो गई। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 17 अप्रैल 2023 को राजजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया।     19-20 अप्रैल 2023 को FIR में नामजद व नया केस हुआ: राजजीत सिंह को आधिकारिक तौर पर 2018 के NDPS मामले में सह-आरोपी बनाया गया। ठीक अगले दिन 20 अप्रैल को विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक और नया केस दर्ज किया।     3 साल तक फरार रहा: गिरफ्तारी से बचने के लिए राजजीत सिंह लगातार अंडरग्राउंड रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया। आरोपी राजजीत सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन उसकी याचिकाएं खारिज हो गईं।     10 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया: राजजीत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कानूनी सुरक्षा मांगी। सुनवाई के दौरान उसके वकील ने अदालत को बताया कि वह आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने उसे सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया।     24 सितंबर 2026 को सरेंडर किया: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राजजीत सिंह ने पटियाला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 2019 में, उन्हें आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में भी नामजद किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। पंजाब पुलिस ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। उनके आत्मसमर्पण को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब पुलिस उनसे विभिन्न मामलों में पूछताछ करेगी। इस गिरफ्तारी से कई और खुलासे होने की उम्मीद है। 

निवेश और विकास दर में तेजी, नई गति से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री

बढ़ती विकास दर और तेज़ी से बढ़ता निवेश, नयी गति से विकास कर रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  भोपाल के एक निजी होटल में प्रतिष्ठित मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत – बढ़ता मध्यप्रदेश' कॉन्क्लेव को संबोधित किया। कान्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश अब विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास दर दो अंकों में पहुंच गई है और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक स्थिति बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब वास्तविक प्रगति कर रहा है। प्रदेश की विकास दर टू-डिजिट में है और इस समय बेरोजगारी की दर न्यूनतम स्तर पर है। बड़ी संख्या में निवेशक मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और प्रदेश में भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नये अवसर भी तैयार हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुकूल वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जाए। कॉन्क्लेव में प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और उपलब्ध संभावनाएं इसे निवेश का महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। प्रदेश में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां हमारे आर्थिक बदलाव का बड़ा कारण बनकर उभरीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया है, यह मेरा सौभाग्य है। उन्होंने जनकल्याण और सुशासन के बलबूते देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश भी 2002-03 के बाद सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमृतकाल में देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय मात्र 11 हजार रुपए थी। इसके अगले 20 साल में हमारी सरकार आने पर प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपए हो गई। उसके बाद हमारी सरकार बनी तो ढाई साल में 1 लाख 57 हजार रुपए हो गई। हमने अमृतकाल में वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 22 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हम दीर्घकालिक विजन के साथ नीतियों का निर्माण कर रहे हैं। सकारात्मक भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने कई चुनौतियों को समाप्त किया है। बुंदेलखंड में देश की पहली राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना (केन-बेतवा लिंक) और राजस्थान के साथ सालों पुराने जल बंटवारे के विवाद को पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना की सौगात मिली। केन-बेतवा लिंक से बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के जिलों को पानी मिलेगा, वहीं पीकेसी से राजस्थान और मालवा क्षेत्र के जिले लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश में पानी की कोई कमी नहीं है। दूसरी चुनौती थी- नक्सलवाद, जिसे हमने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में समाप्त किया है। मध्यप्रदेश तय समय-सीमा में लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली, उद्योग स्थापित करने के लिए लैंड बैंक, बेहतर कानून व्यवस्था, अपराध मुक्त जीवन पद्धति, श्रमिकों के आंदोलन नहीं होना जैसी विशेषताएं हैं। हमारा प्रदेश कृषि, अनाज उत्पादन और खनन क्षेत्र में अग्रणी है। मध्यप्रदेश हीरा उत्पादक प्रदेश है। यहां टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की समृद्धि के लिए गुजरात मॉडल को हमने मध्यप्रदेश में लागू करने का प्रयास किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदीजी ने नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध का काम तेजी से पूर्ण कराया। जिससे गुजरात के साथ ही मध्यप्रदेश को भी सिंचाई सुविधा और बिजली आपूर्ति का लाभ मिला है। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहां बेरोजगारी दर सबसे कम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमतौर पर औद्योगिक निवेश का 10 प्रतिशत धरातल पर उतरता है। लेकिन मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां पिछले ढाई साल में 30 प्रतिशत निवेश जमीन पर आ चुका है। राज्य में उद्योग अनुकूल 25 नीतियां और पारदर्शी व्यवस्था लागू हैं। मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में अग्रणी है। हमने रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने स्टॉफ की सैलरी में 5000 रुपए प्रति महीना वीजीएफ देना शुरू कर दिया है। राज्यों के बीच व्यापार-व्यवसाय और उद्योग स्थापना के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जीआईएस-2025 में आए 30 लाख करोड़ के निवेश में से अब तक 11 लाख करोड़ से अधिक धरातल पर आ चुका है और आगे भी काम तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में हमें आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन अगर चैट-जीपीटी, ग्रोक या अन्य प्लेटफॉर्म गलत उत्तर दें, तो उसे सही भी कराना चाहिए। जैसे मैंने चैट-जीपीटी से क्षिप्रा का नाम कालिदास के ग्रंथों के आधार पर 'शिप्रा' कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की आबादी 9 करोड़ के आसपास है। सभी नौकरियों की संख्या 10 लाख है। हमारी सरकार बनने के बाद 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की गई। लगभग ढाई लाख लोगों को पदोन्नति दी गई। हर साल लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। हमारे एमएसएमई सेक्टर से 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रदेश में लगभग 2 करोड़ किसान खेती से जुड़े हैं। मध्यप्रदेश स्वावलंबन की ओर बढ़ रहा है, हमारे युवा अब रोजगार देने वाले बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। देश में तीर्थाटन की पुरानी परंपरा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देवस्थानों को भव्य स्वरूप दिया है। पहले बाबा विश्वनाथ का कारिडोर बना, फिर महाकाल कॉरिडोर का विकास किया गया। श्रीमहाकाल लोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन में तीर्थाटन में बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2022 तक उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 लाख होती थी, जो पिछले साल बढ़कर 8 करोड़ लोग आए और इस बार 12 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की … Read more

सिंहस्थ की तैयारी तेज, सेवादूतों के लिए भोपाल में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र

सिंहस्थ सेवादूतों के लिए भोपाल में बनेगा अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्रेनिंग सेंटर बनने तक सांदीपनि विद्यालय भवन-परिसरों में होगा सेवादूतों का प्रशिक्षण सिंहस्थ : 2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयं सेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा सिंहस्थ सेवा कार्य के लिए मुख्यमंत्री निवास में हुई भारत स्काउट एण्ड गाइड की विशेष संगोष्ठी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आस्था का विराट पर्व है। इसके भव्य और दिव्य आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के साथ पूरी क्षमता के साथ तैयार होना होगा। यह हम सबका दायित्व है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों एवं गाइड्स के साथ सिंहस्थ सेवा कार्य 2028 के संदर्भ में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ में भीड़ नियंत्रण सहित कई प्रकार की व्यवस्थाएं संभालने वाले स्काउट एंड गाइड के मास्टर ट्रेनर, सेवादूतों एवं स्वयं सेवकों के विधिवत् प्रशिक्षण के लिए भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर के बनने एवं इसमें प्रशिक्षण शुरू होने तक आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय के भवनों एवं परिसरों का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा, भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य। स्काउट एंड गाइड ने अपने कार्य के आधार पर दुनिया में अलग ही पहचान बनाई है। पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन सिंहस्थ के आयोजन में इस संगठन की कार्यशैली, सामर्थ्य और समर्पण को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किसुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ : 2028 सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी संदर्भ में अपील करते हुए कहा कि आप सबको सेवा के लिए, किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हमेशा की तरह तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजादी के बाद हुए पांच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने सेवा के कई अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। उज्जैन सिंहस्थ में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के जरिए सेवाएं दी थीं। इस बार 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयं सेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा का मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के हर जिले से 500 तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूतों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद तेजी से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है। इस वर्ष यहां 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड को सिंहस्थ में सेवा के लिए तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीक एवं सोशल मीडिया के इस दौर में स्काउट एंड गाइड को इंटरनेट और सोशल मीडिया से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षित होना होगा। मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष और सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रहे रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें से 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं सिहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों में स्काउट एंड गाइड की भूमिका को बेहतर तरीके से समझते हैं। संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अर्गल, संस्था के राज्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के सभी संभागों से आए सेवादूत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सेवादूतों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये। 

नैमिष नगर-वरुण विहार योजना का आज भूमि पूजन, 24 सितंबर से प्लॉट बुकिंग शुरू

लखनऊ लखनऊ विकास प्राधिकरण की नैमिष नगर और वरुण विहार योजनाओं का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। शाम चार बजे मुख्यमंत्री दोनों महत्वाकांक्षी टाउनशिप योजनाओं का भूमि पूजन करेंगे और भूखंडों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कराएंगे। साथ ही एलडीए की पांच अपार्टमेंट परियोजनाओं का भी शिलान्यास होगा। दोनों योजनाओं में कुल 4526 आवासीय भूखंडों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। पंजीकरण की प्रक्रिया 24 सितंबर से 24 अक्तूबर तक एक माह के लिए खुली रहेगी। वरुण विहार के भूखंड 2800 रुपये वर्गफुट आगरा एक्सप्रेसवे क्षेत्र के निकट विकसित की जा रही वरुण विहार योजना में 112.5 वर्ग मीटर से लेकर 450 वर्ग मीटर तक के 2847 भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनकी कीमत 2800 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित की है। नैमिष नगर के भूखंड 3800 रुपये प्रति वर्गफुट सीतापुर रोड र नैमिष नगर योजना में 1679 भूखंड उपलब्ध होंगे। योजना में 72 वर्ग मीटर के 197, 112.5 वर्ग मीटर के 524, 162.5 वर्ग मीटर के 520, 200 वर्ग मीटर के 299, 288 वर्ग मीटर के 103 तथा 450 वर्ग मीटर के 30 भूखंड शामिल हैं। भूखंडों की कीमत 3800 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित की गई है। नैमिष नगर व वरुण विहार को 12,600 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा वरुण विहार एलडीए ने आगरा एक्सप्रेसवे से वरुण विहार को सीधे जोड़ने के लिए यूपीडा और शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के तहत एक्सप्रेसवे से वरुण विहार योजना में उतरने के लिए एक विशेष रैंप बनाया जाएगा। वर्तमान में वरुण विहार योजना तक पहुंचने के लिए आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का सहारा लेना पड़ता है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार रैंप केवल योजना में प्रवेश के लिए होगा। यानी लखनऊ या अन्य दिशा से आने वाले वाहन सीधे वरुण विहार में उतर सकेंगे। हालांकि वापसी के दौरान लोगों को पहले की तरह सर्विस रोड का उपयोग करना होगा। एलडीए के एक अधिकारी के अनुसार इस संबंध में यूपीडा और शासन को पत्र भेज दिया गया है। चूंकि एक्सप्रेसवे यूपीडा के अधिकार क्षेत्र में आता है। आयोजन को लेकर आज रूट डायवर्जन ● आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन घुरघुरी तालाब मोहान रोड या मलिहाबाद होकर गुजर सकेंगे। ● खुशहालगंज किसानपथ अंडरपास से वाहन बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास के बजाय घुरघुरी तालाब मोहान रोड या बुद्धेश्वर से जाएंगे। ● मौंदा चौराहा से वाहन घुरघुरी तालाब मोहान रोड या बुद्धेश्वर होकर जाएंगे। ● बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास से वाहन बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास से यू-टर्न से होकर जाएंगे। ● बड़ागांव आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन मोहान रोड या बबुरियाखेड़ा किसानपथ अंडरपास होकर जाएंगे। ● कठहिंगरा आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन कठहिंगरा गांव से घुरघुरी तालाब मोहान रोड होकर गुजर सकेंगे। ● भलिया आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन मोहान रोड घुरघुरी तालाब होकर गुजर सकेंगे। ● झलियामऊ आगरा एक्सप्रेस वे अंडरपास से वाहन कठहिंगरा अंडरपास होकर गुजर सकेंगे।

चलती बस में धुआं-बदबू के बाद लगी आग, 9 की मौत; ड्राइवर-कंडक्टर फरार

ग्रेटर नोएडा  ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक यात्री बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। यह भीषण हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। हादसे के समय बस में करीब 35 लोग सवार थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर टोल के पास शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लग गई। ड्राइवर ने आग लगने के बाद बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया था। लेकिन भीषण आग के चलते बस में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय कुछ यात्री तो बस से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन कुछ यात्रियों की बस के अंदर जलने से मौत हो गई। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान ग्रेटर नोएडा में हुए सड़क हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया है।  आग लगने के बाद बस में भर गया था धुआं इस हादसे में कई बच्चों और बुजुर्गों की मौत की भी खबर है। हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA8647 है। बस में यात्रा कर रहे एक चश्मदीद ने बताया कि जब मैं सो गया था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे। बस से निकलना आसान नहीं था। बहुत ज़्यादा धुआं था। घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर सीएम योगी ने मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए को आर्थिक मदद का सीएम ने किया ऐलान. बस हादसे में 30 लोगों को पुलिस व बचाव दल ने सुरक्षित बचाया।  पुलिस अधिकारी ने बस हादसे की दी जानकारी साथ ही सीएम योगी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुई, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है. ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना शुरू कर दिया. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया।  अभी भी फंसे हो सकते हैं कुछ और लोग आग की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद फायर टीम ने आग पर काबू पा लिया. चिंता की बात यह है कि कुछ लोगों के अभी भी बस में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. फायर विभाग के मुताबिक जब तक कूलडाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तबतक बस के अंदर तलाशी नहीं ली जा सकेगी।  बस ड्राइवर से की जा रही पूछताछ प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस के सभी प्रपत्र (फिटनेस, परमिट आदि) वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा रहा है।

हिंदू महिला बनेगी मुस्लिम पति की संपत्ति की वारिस? अदालत में सुनवाई

 जबलपुर  मध्य प्रदेश में इंदौर की एक हिंदू युवती और जबलपुर के मुस्लिम युवक हसनैन अंसारी के अंतरधार्मिक विवाह से जुड़ा एक विवाद विशेष विवाह अधिनियम की संवैधानिकता के प्रश्न तक पहुंच गया है। युवती के पिता और विश्व हिंदू परिषद के धर्म प्रसार विभाग के पदाधिकारी दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ में विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा चार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका में मुस्लिम पति की संपत्ति में हिंदू पत्नी के उत्तराधिकार के अधिकार और विवाह के बाद उत्पन्न होने वाले कानूनी प्रश्न उठाए हैं। याचिकाकर्ताओं का मुख्य प्रश्न है कि विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत मुस्लिम युवक और हिंदू युवती का विवाह होने के बाद हिंदू पत्नी को मुस्लिम पति की संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार किस कानून के तहत मिलेगा। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है। क्या है पूरा मामला? प्रकरण के अनुसार, युवती और हसनैन अंसारी ने विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत विवाह के लिए आवेदन किया था। इस पर हाई कोर्ट की एकल पीठ ने विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत विवाह की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन नवंबर 2024 में युवती के पिता की याचिका पर हाई कोर्ट की युगलपीठ ने विवाह प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब युवती के पिता की ओर से दायर नई याचिका में इस प्रकरण का दायरा केवल विवाह प्रक्रिया के विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विशेष विवाह अधिनियम की धारा-चार के अंतर्गत हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के विवाह पश्चात महिला व उसके बच्चों को मिलने वाले अधिकारों को सुनिश्चित किए जाने पर केंद्रित हो गया है। केंद्र सरकार का जवाब मिलने के बाद हाई कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा। याचिका में यह हैं प्रश्न? युवती के पिता की ओर से विशेष विवाह अधिनियम की धारा -चार को चुनौती देते हुए अंतरधार्मिक विवाह की वैधानिकता और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाले उत्तराधिकार के अधिकारों पर सवाल उठाया गया है। याचिका में विशेष विवाह अधिनियम और मुस्लिम पर्सनल ला के बीच उत्पन्न होने वाली कानूनी स्थिति का भी मुद्दा उठाया गया है। ऐसे मामले में पत्नी और संतान के उत्तराधिकार तथा व्यक्तिगत कानून से जुड़े प्रश्नों पर भी न्यायालय से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।  

इंदौर T20 के लिए आउटफील्ड पर बनेगा ‘चेक्स’ पैटर्न, 1200 छात्र करेंगे रजिस्ट्रेशन

इंदौर इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 इंटरनेशनल मैच की तैयारियां तेज हो गई हैं।मैदान को मैच के लिए तैयार करने के साथ इस बार टीवी प्रसारण और दर्शकों के लिए आउटफील्ड को खास लुक दिया जा रहा है। घास पर ‘चेक्स’ यानी चौकड़ी वाला पैटर्न तैयार किया जाएगा। मंगलवार को स्टूडेंट कन्सेशन टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही 1200 छात्रों का रजिस्ट्रेशन कुछ ही मिनटों में पूरा हो गया। दस्तावेजों की जांच के बाद इन्हें टिकट दिए जाएंगे। सामान्य टिकटों की बिक्री 25 सितंबर से सामान्य श्रेणी के दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री 25 सितंबर की सुबह 6 बजे से शुरू होगी। ऐसे में मैच देखने के इच्छुक दर्शकों की नजर अब टिकट विंडो खुलने पर है। होलकर में भारत ने 4 में से 3 टी-20 जीते इंदौर के होलकर स्टेडियम में अब तक 4 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 3 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक में उसे हार मिली। भारत का T20I रिकॉर्ड 75% जीत का है। अब 11 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला मुकाबला इस मैदान का पांचवां टी-20 इंटरनेशनल होगा। शाम 7 बजे शुरू होगा मुकाबला भारत-वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी। इंदौर में सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे खेला जाएगा। इससे पहले 6 अक्टूबर को लखनऊ और 9 अक्टूबर को रांची में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। सीरीज के आखिरी दो मुकाबले हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। 1 हजार से शुरू होगी टिकट की कीमत होलकर स्टेडियम में मैच देखने के लिए दर्शकों को कम से कम 1 हजार रुपए खर्च करने होंगे। यह सबसे सस्ते टिकट की कीमत है। वहीं, पैवेलियन का टिकट 12 हजार 500 रुपए का होगा। बाकी कैटेगरी के टिकटों की कीमत एमपीसीए जल्द जारी करेगा। वेस्टइंडीज की T20I टीम शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, शिमरोन हेटमायर, अकील होसेन, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैमसन, रोमारियो शेफर्ड, शमार स्प्रिंगर। 22 दिसंबर 2017: रोहित का तूफान, भारत 88 रन से जीता होलकर में पहला टी-20 इंटरनेशनल भारत और श्रीलंका के बीच 22 दिसंबर 2017 को हुआ। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 260/5 का विशाल स्कोर बनाया। कप्तान रोहित शर्मा ने सिर्फ 35 गेंदों में शतक पूरा किया और 43 गेंदों पर 118 रन बनाए। केएल राहुल ने भी 89 रन की पारी खेली। जवाब में श्रीलंका की टीम 172 रन पर सिमट गई और भारत ने 88 रन से मुकाबला जीता। 7 जनवरी 2020: भारत ने 7 विकेट से जीता मैच दूसरा टी-20 इंटरनेशनल भारत और श्रीलंका के बीच 7 जनवरी 2020 को हुआ। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 142/9 रन बनाए। भारत ने केएल राहुल के 45 रन की मदद से 17.3 ओवर में 144/3 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत ने यह मैच 7 विकेट से, 15 गेंद बाकी रहते जीता। नवदीप सैनी प्लेयर ऑफ द मैच रहे। 4 अक्टूबर 2022: रुसो के शतक ने भारत को हराया होलकर में तीसरा टी-20 भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 4 अक्टूबर 2022 को हुआ। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 227/3 का बड़ा स्कोर खड़ा किया। राइली रुसो ने सिर्फ 48 गेंदों में शतक जड़ा। भारत की टीम 18.3 ओवर में 178 रन पर ऑलआउट हो गई और दक्षिण अफ्रीका ने 49 रन से जीत दर्ज की 14 जनवरी 2024: भारत ने तीसरी जीत दर्ज की चौथा टी-20 इंटरनेशनल भारत और अफगानिस्तान के बीच 14 जनवरी 2024 को खेला गया। अफगानिस्तान ने 172 रन बनाए। जवाब में भारत ने यशस्वी जायसवाल के 68 रन और शिवम दुबे के नाबाद 63 रन की मदद से 15.4 ओवर में 173/4 बनाकर मैच जीत लिया। भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। सामान्य टिकटों की ऑनलाइन बिक्री 25 सितंबर से सामान्य श्रेणी के क्रिकेट प्रेमियों के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री 25 सितंबर की सुबह 6 बजे से प्रारंभ होगी। इस घोषणा के बाद से ही मुकाबला देखने के इच्छुक दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। होलकर स्टेडियम में प्रवेश के लिए सबसे कम कीमत का टिकट 1 हजार रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि पैवेलियन श्रेणी के टिकट का मूल्य 12 हजार 500 रुपए रखा गया है। अन्य श्रेणियों के टिकटों की दरों का आधिकारिक ऐलान मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा शीघ्र किया जाएगा। होलकर स्टेडियम में भारतीय टीम का शानदार रिकॉर्ड इंदौर का यह मैदान भारतीय टीम के लिए भाग्यशाली माना जाता रहा है। होलकर स्टेडियम में अब तक कुल 4 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से भारत ने 3 मैचों में जीत हासिल की है और केवल 1 मैच में पराजय का सामना करना पड़ा है। इस मैदान पर भारतीय टीम का जीत का प्रतिशत 75 रहा है। 11 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला यह मैच इस स्टेडियम में खेला जाने वाला पांचवां टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा।  शाम 7 बजे से खेला जाएगा मुकाबला भारत और वेस्टइंडीज के मध्य पांच मैचों की टी-20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से होने जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में तथा दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची में आयोजित होगा। इसके पश्चात सीरीज का तीसरा मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे से खेला जाएगा। सीरीज के अंतिम दो मुकाबले क्रमशः हैदराबाद और बेंगलुरु के मैदानों पर आयोजित किए जाएंगे।

CM साय के नेतृत्व में ग्रामीण परिवारों को मिल रहा आवास, सुरक्षा और सम्मान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से गांवों तक पहुंची आवास की सौगात, शांति बाई का बदला जीवन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा सुरक्षा और सम्मान ग्राम पंचायत धनौली की शांति बाई को आवास के साथ विधवा पेंशन से मिला आर्थिक संबल रायपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला की ग्राम पंचायत धनौली निवासी श्रीमती शांति बाई के लिए पक्का घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। कभी मिट्टी के कच्चे घर में बारिश के दिनों की चिंता के बीच जीवन बिताने वाली शांति बाई आज अपने पक्के और सुरक्षित आशियाने में सुकून के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत शांति बाई के परिवार को पक्का आवास उपलब्ध हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में भी केंद्र और राज्य स्तर की योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शांति बाई के लिए बदली जिंदगी की तस्वीर शांति बाई बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश का मौसम शुरू होते ही घर की सुरक्षा और परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। घर के आसपास कीचड़ और पानी जमा होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित होते थे। कच्चे घर में रहने के दौरान हर बारिश एक नई परेशानी लेकर आती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने के बाद उनकी जिंदगी में यह स्थिति बदल गई है। मजबूत दीवारों और सुरक्षित छत वाले नए घर ने परिवार को मौसम की चिंता से काफी राहत दी है। अपने नए आशियाने को देखकर शांति बाई के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई देती है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन से जुड़ा प्रयास शांति बाई के जीवन में आया यह बदलाव केंद्र सरकार की ग्रामीण आवास संबंधी योजनाओं के उस व्यापक उद्देश्य से जुड़ा है, जिसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। उनके मामले में आवास की सुविधा के साथ सामाजिक सुरक्षा के रूप में विधवा पेंशन का लाभ भी मिल रहा है, जिससे उन्हें नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। शांति बाई कहती हैं कि पक्का घर मिलने से परिवार को सुरक्षा और सुविधा मिली है। पेंशन की सहायता से घर के जरूरी खर्चों में भी मदद मिलती है। उनके अनुसार आवास और पेंशन, दोनों का लाभ उनके लिए जीवन को अधिक सुरक्षित बनाने वाला सहयोग साबित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र एवं राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। ग्रामीण परिवारों के जीवन में आवास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार इसी समग्र कल्याणकारी दृष्टिकोण का हिस्सा है। शांति बाई का अनुभव इस बात का उदाहरण है कि किसी परिवार के लिए पक्का घर मिलने से केवल रहने की जगह नहीं बदलती, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और भविष्य को लेकर विश्वास भी मजबूत होता है। अब बारिश में घर की चिंता नहीं रहती शांति बाई अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि पहले बारिश के दिनों में कच्चे घर को लेकर चिंता बनी रहती थी। अब पक्का घर मिलने के बाद परिवार सुरक्षित महसूस करता है। वे आवास योजना का लाभ मिलने और पेंशन से आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। शांति बाई की कहानी ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के माध्यम से जीवन में आने वाले बदलाव की एक व्यक्तिगत मिसाल है। पक्का आवास उनके परिवार को मौसम की कठिनाइयों से राहत देने के साथ सुरक्षित जीवन का आधार उपलब्ध करा रहा है, वहीं विधवा पेंशन उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। पक्का घर, सुरक्षित जीवन और सामाजिक सुरक्षा, शांति बाई के जीवन में इन सुविधाओं का साथ उनके लिए नई उम्मीद और संतोष का आधार बना है।

CM यादव 27 सितंबर को स्टार्टअप संचालकों से करेंगे संवाद

मुख्यमंत्री-स्टार्टअप संवाद 27 सितम्बर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टार्टअप संचालकों से होंगे रूबरू-नए आइडिया पर होगी चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 27 सितम्बर 2026 को आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, भोपाल में मुख्यमंत्री स्टार्टअप संवाद के तहत युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। संवाद में प्रदेश से लगभग 200 स्टार्टअप संचालक सम्मिलित होंगे। एमएसएमई आयुक्त श्री कुमार पुरषोत्तम ने मंगलवार को वी सी के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों से अपने जिले के नव उद्यमियों को संवाद में सहभागिता करवाने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिंदुवार समीक्षा की। स्टार्टअप संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के युवा, नवाचारी एवं उभरते हुए स्टार्टअप उद्यमियों से सीधे संवाद करेंगे। यह संवाद प्रदेश में विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम, युवाओं की उद्यमशील सोच, नवाचार तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं को समझने और उन्हें प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ स्टार्टअप संस्थापकों को अपने अनुभव, उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ एवं सुझाव साझा करने का अवसर मिलेगा। एमएसएमई विभाग ने स्टार्टअप संचालकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भी जारी कर सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।