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‘शिक्षकों के ट्रांसफर में कोई भेदभाव नहीं’: शिक्षा मंत्री सुनील कुमार

पटना. बिहार के उन सरकारी शिक्षकों से जुड़ी अच्छी खबर है, जो अपने घर के पास के ही स्कूल में ट्रांसफर के इंतजार में हैं. बिहार सरकार उन्हें उनके घर के नजदीक ट्रांसफर करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है. दूर दराज जिलों में सालों से सेवा देने के बाद भी ट्रांसफर नहीं मिलने वाले शिक्षकों को बाकी के शिक्षकों की तरह ही समान अवसर मिलेगा. शिक्षकों के ट्रांसफर पर शिक्षा मंत्री ने क्या कहा? शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा, राज्य में ट्रांसफर को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है. आकांक्षी जिलों (Aspirational District) और पिछड़े इलाकों से शिक्षकों के अपेक्षाकृत कम ट्रांसफर को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में ट्रांसफर एक समान नीति के तहत किया जा रहा है. आकांक्षी और गैर-आकांक्षी जिलों के बीच किसी प्रकार का फर्क नहीं रखा गया है और सभी शिक्षकों का ट्रांसफर एक ही पॉलिसी के आधार पर हो रहा है. शिक्षा मंत्री ने आरोपों को बताया झूठा शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे सभी आरोप लगाने वाले पूरी तरह झूठी और निराधार बातें कर रहे हैं. सरकार पारदर्शी तरीके से एक समान नियमों के तहत ट्रांसफर प्रक्रिया चला रही है. आकांक्षी जिलों में टीचरों की कमी के कारण ट्रांसफर में देरी या केंद्र के किसी दिशा निर्देश के कारण भेदभाव जैसी कोई बात नहीं है. BPSC TRE-4 की वैकेंसी पर क्या बोले? बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षक नियुक्ति को लेकर भी क्लियर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि टीआरई-4 का ड्राफ्ट दो दिन पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है. शिक्षा विभाग ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है. दरअसल, बीपीएससी के कैलेंडर में टीआरई- 4 का जिक्र नहीं होने की वजह से शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा था. शिक्षकों ने जमकर हंगामा किया था. लेकिन गुरुवार के जेडीयू के ऑफिशियल एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया गया. जिसमें 44 हजार शिक्षकों की बहाली का एलान किया गया. बीपीएससी की तरफ से अगले महीने विज्ञापन जारी होने का भी जिक्र किया गया.

RPSC अब हर परीक्षा के नंबर करेगा सार्वजनिक

जयपुर. राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अब उम्मीदवारों के प्राप्तांकों को लेकर चली आ रही गोपनीयता की दीवार को गिरा दिया है। आयोग ने निर्णय लिया है कि अब हर भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों के नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। प्रदेश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित आरएएस (RAS) भर्ती-2023 इस नई व्यवस्था की पहली गवाह बनी है। आयोग ने न केवल परिणाम जारी किए, बल्कि चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंक भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। इससे पहले अभ्यर्थियों को अपने व्यक्तिगत अंकों के लिए एक लंबी प्रक्रिया और समय का इंतजार करना पड़ता था। पारदर्शिता कैसे बढ़ाएगा RPSC का फैसला? RPSC सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार, आयोग की कार्यप्रणाली में यह बदलाव केवल RAS तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं और वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्तियों के अंक भी इसी तरह सार्वजनिक किए जाएंगे। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अभ्यर्थियों को क्या होंगे सीधे फायदे? अभ्यर्थियों को अब अपनी मेरिट और स्कोर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। छात्र यह समझ पाएंगे कि वे किस विषय में मजबूत रहे और इंटरव्यू में उनका प्रदर्शन कैसा रहा। नंबर सार्वजनिक होने से चयन प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों और आशंकाओं पर विराम लगेगा। आयोग अब सिर्फ कट-ऑफ नहीं बताएगा, बल्कि हर सफल उम्मीदवार की मेहनत का पूरा हिसाब (मार्क्स) वेबसाइट पर देगा। स्टूडेंट्स को अब क्या ध्यान रखना चाहिए? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्कशीट के बाद अब उम्मीद जगी है कि RPSC उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और आंसर-की विवादों को सुलझाने के लिए भी कुछ ऐसे ही कड़े और पारदर्शी कदम उठाएगा।

6 जिलों से 18 छात्र निष्कासित और 2 फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार

पटना. राज्यभर के सभी केंद्रों पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा तीसरे दिन गुरुवार को शांतिपूर्ण संचालित हुई। तीसरे दिन छह जिलों से 18 नकलची पकड़े गए। नवादा जिले से सबसे अधिक 11 परीक्षार्थी कदाचार के आरोप में निष्कासित किए गए। वहीं, भोजपुर व जहानाबाद से दो-दो, पटना, अरवल व गोपालगंज से एक-एक परीक्षार्थियों को कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया। वहीं, दो फर्जी परीक्षार्थी भी पकड़े गए। इसमें रोहतास व नवादा में एक-एक फर्जी परीक्षार्थी शामिल है। शेष अन्य जिलों से निष्कासन की संख्या शून्य रही।  फिजिक्स में शामिल हुए 6,20,743 परीक्षार्थी  परीक्षा समिति के अनुसार, तीसरे दिन प्रथम पाली में फिजिक्स विषय की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर दोपहर 12.45 बजे तक संचालित हुई। इस विषय परीक्षा में शामिल होने के लिए 6,20,743 परीक्षार्थियों ने परीक्षा फार्म भरा था।  द्वितीय पाली में कला संकाय के परीक्षार्थियों के लिए जियोग्राफी तथा वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों के लिए बिजनेस स्टडीज विषय की परीक्षा दोपहर दो से शाम 5.15 बजे तक आयोजित हुई।  जियोग्राफी विषय में 5,51,337 तथा बिजनेस स्टडीज में 27,532 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। पटना जिले में भी तीसरे दिन दोनों पालियों की परीक्षा स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचार रहित माहौल में संपन्न हुई। आज अंग्रेजी व हिंदी की परीक्षा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के चौथे दिन शुक्रवार को प्रथम पाली में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर 12.45 बजे तक होगी। वहीं, द्वितीय पाली में कला संकाय एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए हिंदी विषय की परीक्षा दोपहर दो से शाम 5.15 बजे तक होगी।

हरियाणा लोक सेवा आयोग ने 1672 पदों पर निकाली भर्ती

चंडीगढ़. हरियाणा में कंप्यूटर विज्ञान के स्नातकोत्तर शिक्षकों (पीजीटी) के 1711 रिक्त पदों को भरने के लिए चल रही भर्ती में सिर्फ 39 युवा साक्षात्कार के लिए चयनित हुए हैं। सात साल से चल रही इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद ने तूल पकड़ा तो हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने आनन-फानन में बाकी बचे 1672 पदों को भरने के लिए फिर से विज्ञापन जारी कर दिया। इनमें 1594 पद शेष हरियाणा काडर और 78 पद मेवात काडर के हैं। 16 फरवरी से नौ मार्च की शाम पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। इससे पहले बुधवार को एचपीएससी ने सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट का रिजल्ट जारी किया तो हर कोई हैरान रह गया। करीब पांच हजार अभ्यर्थियाें में से केवल 39 ही पास हुए हैं। वर्ष 2019 में पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और फिर एचपीएससी ने विज्ञापन संख्या (26/2023 व 36/2023) अंतर्गत पीजीटी कंप्यूटर साइंस के 1711 पद विज्ञापित किए थे। इनमें हरियाणा काडर के 1633 व मेवात काडर के 78 पद थे। हरियाणा काडर के 1633 पदों में 898 पद सामान्य वर्ग, 327 एससी, 163 बीसीए, बीसीबी, 163 ईडब्ल्यूएस और मेवात काडर के 78 पदों में से 43 सामान्य, 15 एससी, 8 बीसीए, 4 बीसी बी व 8 पद ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित किए गए। विगत 15 जून को लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था।

चर्चित फँसाऊबाज डीएसपी कल्पना वर्मा को गृह विभाग ने किया निलंबित

दांतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ पुलिस की वरिष्ठ महिला अधिकारी डीएसपी कल्पना वर्मा को गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. दांतेवाड़ा में तैनात कल्पना वर्मा पर व्यापारी दीपक टंडन के साथ अवैध वित्तीय लेन-देन, पद का दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति के गंभीर आरोप हैं. विभागीय जांच पूरी होने के बाद गृह विभाग ने यह आदेश जारी किया है. मामला तब सुर्खियों में आया जब व्यापारी दीपक टंडन के साथ कल्पना वर्मा की व्हाट्सएप चैट वायरल हो गई थी. चैट में दोनों के बीच पैसे के लेन-देन, संपत्ति और अन्य आर्थिक मामलों की चर्चा सामने आई थी. इन चैट्स के आधार पर शिकायत दर्ज हुई और गृह विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की. जांच में पाया गया कि डीएसपी पद पर रहते हुए कल्पना वर्मा ने अवैध आर्थिक लाभ उठाया, पद का दुरुपयोग किया और उनकी संपत्ति उनके वैध आय से कहीं अधिक है. 1400 पेज की जांच रिपोर्ट चर्चित महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर 1400 से ज्यादा पेज की जांच रिपोर्ट आईजी रायपुर के पास पहुंची थी. कल्पना वर्मा पर अपने आशिक कारोबारी दीपक टंडन से भारी मात्रा में कैश और गहने लेने के पुख्ता सबूत मिले थे. जांच रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा के कारोबारी के अकाउंट से करोड़ों ट्रांजेक्शन के भी सबूत मिले. साथ ही कल्पना वर्मा के व्हाट्सएप चैट से नक्सलियों से जुड़े कार्रवाई को लीक करने के भी सबूत मिले. क्यों चर्चा में आई थी डीएसपी कल्पना? बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच के गहरे प्रेम संबंध चर्चा में रहा था. पहले कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्रेम जाल में फंसाकर 2 करोड़ रुपये और कीमती सामान ठगने का आरोप लगाया था, वहीं बाद में डीएसपी ने पलटवार करते हुए कारोबारी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. डीएसपी कल्पना वर्मा ने कारोबारी दीपक टंडन के वायरल सीसीटीवी फुटेज और कथित चैट भी सामने आए थे. DFO से भी चक्कर! जानकारी के अनुसार, कल्पना वर्मा के चक्कर में एक डीएफओ ने अपनी बीवी से तलाक भी ले लिया था. वह कल्पना वर्मा से शादी करना चाहता था. जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कारोबारी दीपक टंडन से ब्रेकअप के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा एक डीएफओ से दिन रात व्हाट्सएप चैट में लीन रहती थी. इतना ही नहीं, कल्पना वर्मा ने कई नक्सल इनपुट्स ऐसे इनपुट्स जो खुफिया जानकारी किसी को नहीं दे सकते, वह भी शेयर किए हैं.

CM साय ने शुरू किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’, छत्तीसगढ़ को बनाया जाएगा बाल विवाह मुक्त

रायपुर   छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह नगर जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रथ पर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बाबत जागरूकता फैलाने वाले संदेशों के साथ ही इसके खिलाफ शपथ लेने के लिए एक शपथ पट भी लगाया गया है। यह रथ 8 मार्च तक पूरे राज्य के गांवों और कस्बों से गुजरेगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ भारत सरकार के बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की एक पहल है। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन 450 जिलों में 2030 तक बाल विवाह को खत्म करने व बाल संरक्षण तंत्र को मजबूती देने के लिए काम कर रहे हैं।    पोस्टरों व लाउडस्पीकर पर प्रभावशाली संदेशों के साथ ही बाल विवाह के खिलाफ प्रतिज्ञा लेने के लिए एक शपथ पट से लैस ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा के दौरान यह राज्य के सबसे सुदूर स्थानों व हाशिये के समुदायों तक पहुंच सके। चारपहिया वाहन जहां प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों को कवर करेंगे, वहीं कमजोर संपर्क वाले अत्यंत दूरस्थ गांवों तक राज्यभर में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां के माध्यम से पहुंचा जाएगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन जशपुर जिले में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च ने किया। बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “राज्य में पहले ही बाल विवाह का चलन काफी हद तक कम हो चुका है और हम बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित कर चुके हैं। सरकार, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सतत प्रयासों से हम छत्तीसगढ़ से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के प्रति आश्वस्त हैं।” बाल विवाह के खात्मे की देशव्यापी लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रही है। राज्य का बालोद जिला वर्ष 2025 में देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बना, जबकि सूरजपुर जिले के जिला प्रशासन ने 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश राज्य के अंतिम छोर और अंतिम गांव तक पहुंचाएगा। बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार के दृढ़ रवैये की सराहना करते हुए चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक बिधान चंद्र सिंह ने कहा कि मजबूत साझेदारियों, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सतत जमीनी कार्रवाइयों से छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक मानक बनकर उभरा है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की रवानगी के मौके पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “बाल विवाह के खात्मे के हमारे दृढ़ संकल्प को आज पूरी दुनिया देख रही है। सभी को साथ लेकर और यह सुनिश्चित कर कि प्रत्येक परिवार इससे जुड़े, हर बच्चे को सुरक्षा मिले और हर गांव बाल विवाह मुक्त होने की ओर अग्रसर हो, यह लड़ाई सफल हो रही है। छत्तीसगढ़ में आज हुआ यह कार्यक्रम इस अपराध के खात्मे के लिए देश की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।” चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया देश से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सबसे प्रमुख अभियान है। पिछले एक साल में ही इस नेटवर्क ने पूरे देश में 198,628 बाल विवाह रोके हैं। इसमें 3988 बाल विवाह अकेले छत्तीसगढ़ में रोके गए।  अपनी यात्रा के दौरान ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ पंचायतों, जिला प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) और अन्य सरकारी अधिकारियों को साथ जोड़ते हुए जागरूकता और संकल्प के लिए समुदायों तक पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संपन्न होने वाली यह यात्रा स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थलों को कवर करेगी और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पीड़ितों/सर्वाइवरों की कहानियों के माध्यम से अपना संदेश फैलाएगी। इसके अतिरिक्त, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के इसी तरह के ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ इस समय देश के 25 राज्यों के 451 जिलों में यात्रा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के छह सहयोगी संगठन जमीन पर कार्य कर रहे हैं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के अनुसार, जो भी बाल विवाह का आयोजन करता है, उसे बढ़ावा देता है, जानबूझकर उसमें भाग लेता है या बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान करता है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों का बड़ा जखीरा बरामद, हथियार फैक्ट्री और विस्फोटक से जुड़ी बड़ी कार्रवाई

नारायणपुर  जिले के अबूझमाड़ अंचल में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. थाना सोनपुर क्षेत्र के कुरुसकोड़ो जंगल में डीआरजी और नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों की एक गुप्त हथियार फैक्ट्री से जुड़े बड़े डंप का खुलासा किया है. जिस दिन कुरुसकोड़ो में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया, उसी दिन यह बड़ी सफलता हाथ लगी. खुफिया सूचना के आधार पर चला सर्च ऑपरेशन पुलिस को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि कुरुसकोड़ो–पांगुड–कंदुलपार क्षेत्र में नक्सलियों ने वर्षों पहले हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है. इसके बाद थाना सोनपुर से डीआरजी टीम ने एरिया डॉमिनेशन पैट्रोल योजना में बदलाव कर सघन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम में दबाकर रखी गई भारी मात्रा में हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री बरामद की गई. हथियार फैक्ट्री के सबूत मिले बरामद सामग्री से साफ संकेत मिलता है कि नक्सलियों ने जंगल के अंदर अवैध हथियार फैक्ट्री विकसित कर रखी थी. एसएलआर की खाली मैगजीन, बीजीएल और यूबीजीएल सेल तथा एल्यूमिनियम पाइप से हैंड ग्रेनेड बनाने की सामग्री सबसे चौंकाने वाली बरामदगी रही. बरामद सामग्री का संक्षिप्त विवरण तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लोहे और एल्यूमिनियम के पाइप, बीजीएल सेल, खाली मैगजीन, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग उपकरण, मोटर पार्ट्स, कटर व्हील और अन्य मशीनरी सामान बरामद किया गया. विस्तार से जानिए क्या-क्या मिला?     लोहा पाइप हॉफ इंच – 584 नग     लोहा पाइप 1 इंच – 588 नग     लोहा पाइप डेढ़ इंच – 70 नग     लोहा पाइप 02 इंच – 30 नग     लोहा पाइप (छोटा) डेढ़ इंच – 11 नग     लोहा पाइप ढाई इंच – 03 नग     एल्युमिनियम हॉफ इंच – 140 नग     एल्युमिनियम 2 इंच – 32 नग (प्रत्येक वज़न 8 किलोग्राम)     एल्युमिनियम 3 इंच – 30 नग (प्रत्येक वज़न 22.5 किलोग्राम)     बीजीएल सेल – 61 नग     बीजीएल सेल (छोटा) – 21 नग     तीर-धनुष बीजीएल – 46 नग     एसएलआर की खाली मैगजीन – 14 नग     पिस्टल की खाली मैगजीन – 01 नग     टुलू मोटर – 01 नग     केरोसिन ब्रश ब्लू पम्प – 05 नग     कटर व्हील – 310 नग     स्क्रू (छोटा) – 04 पैकेट     स्क्रू (बड़ा) – 01 पैकेट     लाइट 3-पिन – 06 नग     लाइट सिंगल बटन – 10 नग     वेल्डिंग इलेक्ट्रोड होल्डर – 01 नग     वर्गों कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पैक्ट स्केल – 01 नग     मोटर सायकल स्पोक – 44 नग     रेतमल – 05 नग     ग्राइंडर मशीन – 02 नग     ग्राइंडर टूल बॉक्स – 01 नग     स्टॉक पिन – 40 नग     स्टॉक वाइसर – 11 पैकेट     ग्रेडिंग व्हील – 05 नग     मोटर पट्टा (रबर बेल्ट) – 05 नग     अन्य हथियार निर्माण एवं मशीनरी से संबंधित सामग्री बड़ी साजिश नाकाम पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीजीएल और यूबीजीएल सेल की बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे. समय रहते इस डंप का पता लगने से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया. पूरे अभियान में न तो किसी नागरिक को नुकसान पहुंचा और न ही सुरक्षा बलों को कोई क्षति हुई.     नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से क्षेत्र में शांति और विकास का रास्ता खुलेगा और तय समय सीमा में नक्सलमुक्त बस्तर का लक्ष्य पूरा किया जाएगा.- पुलिस अधीक्षक, रॉबिनसन गुड़िया ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा हाल ही में कुरुसकोड़ो क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ के सहयोग से नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है. लगातार कैंप स्थापना, सड़क निर्माण और विकास कार्यों के कारण स्थानीय ग्रामीणों का भरोसा पुलिस पर बढ़ा है. 

अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से PM-Kisan के साथ KCC लोन मिलना भी होगा आसान

दरभंगा. किसानों के लिए खेती-बाड़ी से जुड़ी सुविधाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब किसानों के लिए बनाई जा रही 'फार्मर रजिस्ट्री' पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्त दिलाने में मदद करेगी। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने और उसके नवीनीकरण (Renewal) में भी मील का पत्थर साबित होगी। KCC के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर सरकार की तैयार की जा रही इस डिजिटल रजिस्ट्री का सबसे बड़ा फायदा KCC धारकों को मिलेगा। अब तक किसानों को KCC लोन के लिए विभिन्न जगहों पर चक्कर काटने और जमीन के दस्तावेज (फर्द/जमाबंदी) जमा करने में काफी समय लगता था। लेकिन अब बैंकों के पास किसान का पूरा डिजिटल डेटा उपलब्ध होगा, जिससे पेपरलेस लोन बिना किसी लंबी कागजी कार्यवाही के लोन मंजूर हो सकेगा। तुरंत वेरिफिकेशन, सही लोन की सीमा और एक आईडी बैंक एक क्लिक पर किसान की जमीन और फसल का रिकॉर्ड देख सकेंगे। किसान कौन सी फसल उगा रहा है, उसके आधार पर लोन की राशि तय की जाएगी। इस रजिस्ट्री को एक 'यूनिक फार्मर आईडी' के रूप में देखा जा रहा है। इसका मकसद किसानों को बिचौलियों से बचाना और सीधे लाभ पहुंचाना है। फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद किसानों को निम्नलिखित फायदे भी मिलेंगे। PM-Kisan की किस्तें बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आएंगी। नुकसान होने पर बीमा क्लेम का पैसा जल्द और पारदर्शिता के साथ मिलेगा। मंडी में अनाज बेचते समय अलग से वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी। लाभुक और उनके पिता के नाम में त्रुटि से रही परेशानी बिहार के दरभंगा में किसानों को जमीन की जमाबंदी रसीद पर खाता-खसरा गायब होने, लाभुक और उनके पिता के नाम में त्रुटि होने, पूर्वजों के नाम पर जमीन का रसीद होने और भूमि का दाखिल-खारिज न होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जमीन के रिकॉर्ड में त्रुटियों और आधार में नाम की अशुद्धि होने के कारण कई किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विशेष अभियान चलाकर समस्या को हल करने की कोशिश सरकार ने विशेष अभियान चलाकर इस समस्या को हल करने की कोशिश की है, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला रहा है। सरकार किसानों का डिजिटल पहचान पत्र बनवा रही है। यह किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और कृषि योजनाओं का लाभ देने की योजना है। सरकार का दावा है कि इससे सभी योजनाओं तक किसानों की आसान और पारदर्शी तरीके से लाभ मिलेगा। फार्मर आईडी बनाना जरूरी दरभंगा के जिला कृषि पदाधिकारी डां.सिद्धार्थ ने बताया कि फार्मर आईडी बनाने को लेकर तृतीय चरण का कार्य 2 फरवरी से शुरू है। पीएम किसान सम्मान निधि लाभ के लिए फार्मर आईडी बनाना जरूरी है। जमाबंदी स्वंय का होना अनिवार्य है। कई जगहों से जमीन में नाम में अशुद्धि, खाता-खेसरा शून्य, रकवा शून्य आदि की समस्या देखने को मिल रहा है। हल्का कर्मचारी छोटी-मोटी अशुद्धि शिविर में तत्काल शुद्ध कर देते है।

अमरकंटक क्षेत्र में बाघ की दहशत, रास्ते से गुजरते शिक्षक का वीडियो वायरल

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही  लगभग सालभर के अंतराल के बाद अमरकंटक ज्वालेश्वर मार्ग पर बाघ की चहल कदमी दिखाई दी है। अमरकंटक से वापस लौट रहे स्थानीय शिक्षक ने बाघ के मूवमेंट को अपने मोबाइल फोन में कैद किया है। वीडियो में बाघ सड़क के बीचों बीच चलता दिखाई दे रहा है। एक सियार भी बाघ के आसपास दिखाई दे रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के दोनों ओर नुकीली कांटेदार तार होने के कारण बाघ उसे पार नहीं कर पा रहा है और बार-बार सड़क पर आना-जाना कर रहा है। बता दें कि बीते वर्ष कान्हा नेशनल पार्क से भटकर एक बाघिन ने मरवाही वनमंडल के मरवाही के जंगलों और गौरेला रेंज से जुड़े जंगलो में काफी समय बिताया था, जो काफी कौतूहल का विषय बन गया था। इस बाघिन को बड़ी आसानी के साथ उस दौरान देखा जा सकता था, इसी बाघिन ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के ज्वालेश्वर क्षेत्र में लगभग 15 दिनों तक विचरण करते हुए देखी गई थी, जिसका बाद में रेस्क्यू कर लिया गया था। बीती रात 5 फरवरी को शिक्षक योगेश बिसेन परिवार सहित अमरकंटक से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान रास्ते मे एक बड़े जानवर बाघ को देख कर टिठक गए। उन्होंने तत्काल अपना फ़ोन निकालकर इस बाघ का वीडियो बना लिया। इस बाघ के आसपास एक सियार भी था। माना जा रहा है कि अचानक मार्ग में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण नए इलाके की तलाश में बाघ यहां पहुंच गया होगा।

होली पर पंजाब से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनें एक महीने पहले ही फुल

जालंधर. होली पर्व को लेकर अभी से ट्रेनें फुल हो गई हैं। इस वजह से होली पर उत्तर प्रदेश और बिहार घर लौटने वाले यात्रियों की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि उन्हें ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रही और कईयों में तो वेटिंग भी फुल हो जाने के कारण विंडो बंद हो गई है। इस वजह से अभी से ही रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर भी रोजाना टिकट बुकिंग करवाने वालों का तांता लगा हुआ है। पर कंफर्म सीट न मिल पाने की वजह से उन्हें निराशा ही मिल रही है। वहीं, दूसरी तरफ रेलवे की तरफ से भी हर साल होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं और अभी तक उसे लेकर भी कोई खास घोषणाएं नहीं हैं। तिथि             ट्रेन नंबर     ट्रेन का नाम       वेटिंग स्टेटस 27 फरवरी     15708     कटिहार एक्सप्रेस     68 27 फरवरी     14674     शहीद एक्सप्रेस     76 27 फरवरी     15934     अमृतसर-तिनसुकिया एक्सप्रेस     77 27 फरवरी     14692     मौर ध्वज एक्सप्रेस     78 28 फरवरी     15708     कटिहार एक्सप्रेस     75 01 मार्च     15708     कटिहार एक्सप्रेस     105 01 मार्च     12588     गोरखपुर स्पेशल     नो-मोर बुकिंग 01 मार्च     14674     शहीद एक्सप्रेस     128 01 मार्च     12204     गरीब रथ एक्सप्रेस     65 02 मार्च     15708     कटिहार एक्सप्रेस     92 02 मार्च     14650     सरयू यमुना एक्सप्रेस     120 03 मार्च     15708     कटिहार एक्सप्रेस     55 03 मार्च     14674     शहीद एक्सप्रेस     52