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सीएम साय आज दुर्ग और जगदलपुर तथा कल छत्तीसगढ़ आएँगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

दुर्ग. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग, रायपुर और जगदलपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे दुर्ग के PWD रेस्ट हाउस मीटिंग हॉल पहुंचेंगे. दोपहर 2 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे और शाम 4 बजे रायपुर से जगदलपुर जाएंगे. जगदलपुर जिले के कुम्हडाकोट में शाम 5.25 बजे “जनजातीय गौरव वाटिका” के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद 5.50 बजे पुनर्वासितों के प्रशिक्षण समापन पर संवाद और टूलकिट वितरण करेंगे. शाम 6.25 बजे सर्किट हाउस जगदलपुर में शासन की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर सामग्री वितरण करेंगे. मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम सर्किट हाउस जगदलपुर में रहेगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे. वे 7 फरवरी को शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और निजी होटल जाएंगे. 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल बैठक लेंगे, इसके बाद ‘शिफ्टिंग द लेंस’ थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे. 9 फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह 11 बजे विशेष विमान से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में रहेंगे. शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. 

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम, 10 महीने में बनाए 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में नंबर एक

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।   उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है। आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

ग्वालियर में गैस रिसाव के बाद स्प्रिंग फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट, 5 की हालत गंभीर

 ग्वालियर ग्वालियर में भारतीय रेलवे की स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इस हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बीती रात 10 बजे यह घटना मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुई। झांसी रोड थाना क्षेत्र की सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद कौशल श्रीवास्तव, योगेश कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई, शब्बीर, बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस फैक्ट्री में ट्रेनों के लिए स्प्रिंग और अन्य पुर्जे बनाए जाते हैं। अस्पताल में घायलों का इलाज कर रहे डॉ. सोफी शकील ने बताया कि पांच लोग गंभीर जलन के साथ लाए गए थे। इनमें से तीन की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।झांसी रोड थाना के टीआई शक्ति यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। विवेचक सभी सबूत जुटा रहे हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घायलों का इलाज प्राथमिकता पर जारी है। आग से झुलसे योगेश जनगांम ने बताया कि मशीन के पास वायरिंग कर रहा था तभी अचानक आग की लपटे उठी और खुद को बचाने तक का समय नहीं मिला। वहीं 60 फीसदी झुलसे मोहम्मद साबिर की हालत गंभीर है। वही इस मामले को लेकर उत्तर मध्य रेलवे सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बंद मशीन की मेंटेनेंस के दौरान एलपीजी के रिसाव से ये हादसा हुआ है। पास में चल रहे स्प्रिंग निर्माण की वजह से गैस में आग पकड़ ली। हादसे में एक रेलवे कर्मी और चार कांटेक्ट कर्मचारी झुलसे हैं। घटना की जांच के आदेश दिए हैं। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में पारा गिरने से बढ़ेगी ठंड और घना होगा कोहरा

पटना. राज्य के मौसम में बदलाव जारी है। दिन में धूप निकलने के साथ हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। जबकि, रात में ठंड सता रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी भागों के आठ जिलों के पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में घना कोहरे का प्रभाव बन रहेगा। पटना सहित आसपास इलाकों में हवा की गति 40 किमी प्रतिघंटा रहने के साथ सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा। एक से दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है।  तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार हैं। पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस सिवान (जीरादेई) एवं 14.1 डिग्री सेल्सियस राजधानी का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 10 वर्षों के दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहा। दो सौ मीटर के साथ वाल्मीकि नगर में सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई। राज्य का न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों में मौसम शुष्क बने होने के साथ सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बना रहा। प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम तापमान (°C)     न्यूनतम तापमान (°C) पटना     24.8     14.1 गया जी     25.6     11.6 भागलपुर     25.5     12.8 मुजफ्फरपुर     23.4     13.6

भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन पर पहली बार पहुंची रेल, खिलचीपुर से राजगढ़ तक दंग कर देने वाली यात्रा

 रामगंज मंडी जिला मुख्यालय पर गुरुवार शाम को पहली बार जिला मुख्यालय तक रेल पहुंची है। रामगंज मंडी से चलकर पहली मालगाड़ी शाम को राजगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। बहुप्रतीक्षित भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन पर पहली बार ट्रेन के पहुंचते ही लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। वर्षों से रेल सेवा का इंतजार कर रहे नगरवासी बड़ी संख्या में रेलवे पटरी के किनारे जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस ऐतिहासिक पल को देखा और मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाकर खुशी जाहिर की। मालगाड़ी में लाया गया रेल निर्माण का सामान राजगढ़रेलवे स्टेशन पहुंची इस मालवाहक ट्रेन में रेलवे पटरी सहित रेल निर्माण से जुड़ी आवश्यक सामग्री लाई गई है। हालांकि फिलहाल ट्रैक अधूरा है और कई स्थानों पर काम जारी है, लेकिन पहली बार जिले में ट्रेन आने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि यह राजगढ़ के विकास की दिशा में बड़ा कदम है। खिलचीपुर से राजगढ़ के बीच ट्रैक को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। इसी खंड में पहले चरण में रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण प्रस्तावित है। मार्च तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मार्च माह तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी है। पहले चरण में राजगढ़-खिलचीपुर और आगे ब्यावरा तक यात्री ट्रेन चलाने की योजना है। रेल सेवा शुरू होने से राजगढ़ को भोपाल और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, खेती और आम लोगों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। 2026 के अंत तक पूरा होगा काम बता दें कि करीब 3050 करोड़ के रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम दिसंबर-2026 तक पूरा करना है। कोटा और भोपाल रेल मंडल में आने वाले उक्त प्रोजेक्ट में कोटा मंडल ने करीब 90 फीसदी काम पूरा करा लिया है। भोपाल मंडल में भी अब तेजी से काम जारी है। पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा करने का दांवा किया जा रहा है।

हरियाणा में जेल वॉर्डन और हेड को मिलेगा कॉन्स्टेबल वाला भत्ता: CM सैनी

करनाल. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह को प्रदेश के जेल वार्डरों के लिए ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। उन्होंने जेल वार्डर और पुलिस कॉन्स्टेबल के बीच पदोन्नति, सेवा अवधि और भत्तों में चली आ रही विसंगतियों को दूर करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिससे जेल विभाग के कर्मियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर हेड वार्डर के पद पर पदोन्नति मिलेगी। इसके साथ ही सुधारात्मक सेवा पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को एक वर्ष का सेवा-विस्तार दिया जाएगा। जेल वार्डर और हेड वार्डर को भी पुलिस कॉन्स्टेबल के समान भत्ता देने की घोषणा की गई। राशन भत्ता में बढ़ोतरी सीएम नायब सिंह सैनी ने राशन भत्ता बढ़ाकर 1500 रुपये, परिवहन भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये तथा वर्दी भत्ता बढ़ाकर 7500 रुपये करने की घोषणा की। दीक्षांत परेड समारोह में जेल सेवा में नियुक्त हुए 116 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दीं और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कारागार विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि करनाल में नवनिर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी विभाग के आधुनिकीकरण और व्यावसायिक दक्षता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कैदियों के पुनर्वास पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश की पांच जेलों में आइटीआइ और पालिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स शुरू किए हैं, जिनके माध्यम से कैदियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिये रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमओयू भी किया है। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को इस बयान पर तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदला

अमृतसर. अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदल दिया गया है। अब गहरे पीले और नीले चोले के साथ सफेद पजामा, और चोले के रंग के विपरीत पगड़ी होगी। प्रबंधक भगवंत सिंह धंगेड़ा ने बताया कि यह बदलाव श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी के लिए किया गया है। सेवादार दो दिन पीला और दो दिन नीला चोला पहनेंगे। बता दें, श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में तैनात सेवादारों को हर साल मैनेजर गर्मी और सर्दी के मौसम के लिए यूनिफॉर्म देते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब भी कोई मैनेजर बदलता है, तो वह अपनी सोच के हिसाब से सेवादारों के लिए यूनिफॉर्म का रंग भी बदल देता है। अब तक पीला-नीला चोला, सफेद पजामा, पीली, नीली और काली पगड़ी और हाथ में कमरकस्सा वाली बेल्ट के साथ हाथ में भाले के साथ सेवादार की पहचान रही है। अब इस पीले और नीले चोला का रंग गहरा कर दिया गया है। इसके साथ ही सफेद पायजामा, नीले चोले के साथ पीला व पीले चोले के साथ नीली पगड़ी व हाथ में कमकस्सा और भाले के साथ बेल्ट पहनाकर सेवादार की पहचान बनाई गई है। सेवादार दो दिन पीला चोला और दो दिन नीला चोला पहनकर ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा ने कहा कि सेवादारों की वर्दी का रंग यूनिक रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी हो।

ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी की चपेट में आने से स्कूली बच्चे की मौत

रायपुर. राजधानी रायपुर से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल जा रहे दो मासूम बच्चे एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए. यह दुर्घटना शहर के पॉश इलाके में स्थित छत्तीसगढ़ क्लब के ठीक सामने हुई. इस भीषण टक्कर में स्कूल जा रहे एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ मौजूद एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है. घायल बच्ची को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. हैरान करने वाली बात यह है कि मासूमों को कुचलने वाला वाहन ट्रैफिक पुलिस की ‘टोइंग गाड़ी’ (क्रिन) थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस की इस गाड़ी ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. वहीं ड्राइवर मौके से फरार हो गया. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मृत मासूम के शव को पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है. फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है.

भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत, कई दिन से बीमार बुजुर्ग की मौत से मचा हड़कंप

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में देर रात एक और मौत हो गई। मृतक का नाम अलगूराम यादव (70) है। उन्हें 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। उन्हें सांस संबंधी तकलीफ भी थी। इनके सहित अब तक इस हादसे में 33 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी।  अभी हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। दरअसल, भागीरथपुरा में एक और मौत का मामला सामने आया है। हलकूप्रसाद यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले उनकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है, जिससे शोक का माहौल है।   लोगों में डर का माहौल लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोगों में अब भी डर का माहौल है। उल्टी-दस्त से पीड़ित होने के बाद बीमारी बढ़ती है और फिर धीरे-धीरे शरीर के अंगों पर असर होना शुरू हो जाता है। पिछले दिनों हुई मौतों में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा सामने आ रही है। इसके पहले अलगूराम यादव की पत्नी की भी दूषित पानी से मौत हो चुकी है। उर्मिला यादव को भी उल्टी-दस्त की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उर्मिला यादव ने दम तोड़ा था। उनकी मौत को महीनेभर हो गए हैं। अगलूराम यादव के बेटे संजय यादव का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उल्टी-दस्त के चलते अस्पताल में एडमिट किया था, जहां उनकी जान चली गई। अभी हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी। अनिता कुशवाह (65) एक माह से अधिक समय से अस्पताल में एडमिट थीं। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। बेटे नीलेश ने बताया था कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। चैंबर में ही जोड़ दी निजी ड्रेनेज लाइन वार्ड 80 के रहवासी कुछ दिनों से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। शिकायत की तो जांच शुरू हुई। निगम की टीम जांच करते हुए नर्मदा जल वितरण के वाल्व तक पहुंची। खोदाई की तो चौंक गए। कुछ रहवासियों ने नर्मदा के चैंबर में निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ दी थी। पानी के लिए वाल्व खोलते ही ड्रेनेज पीने के पानी के साथ मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच जाता था। निगम की टीम ने कार्रवाई कर ड्रेनेज की लाइन को अलग किया। लोगों ने की गंदगी की शिकायत निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत रंगवासा सिंदौड़ा स्थित ताप्ती परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने फेस-दो के ब्लाकों में बचे हुए काम और विद्युतीकरण के कार्य को शीघ्रता से पूरा करने का निर्देश एजेंसी को दिए। फेस-एक और तीन आवासीय इकाइयों का काम पूरा हो चुका है। यहां 1500 से ज्यादा परिवार रहते हैं। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने रहवासियों से चर्चा भी की। रहवासियों ने सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हाल) के निर्माण में देरी, साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर असंतोष जताया।  हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का दिया था आदेश 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हो रही मौतों के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शासन और नगर निगम की रिपोर्ट को ‘आई-वॉश’ करार दिया था। कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का आदेश दिया था। हाईकोर्ट में ढाई घंटे सुनवाई भागीरथपुरा मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से अधिक समय तक सुनवाई चली। सरकार की ओर से कोर्ट में 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 16 मौतें दूषित पानी से होनी बताई गई। वहीं 4 मौतों को लेकर असमंजस और 3 मौतें दूषित पानी से नहीं होना बताई गईं। मौतों के आंकड़ों पर भारी विरोधाभास हाईकोर्ट ने मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर असहमति दर्ज की। जहां सरकारी रिपोर्ट में 16 मौतें जलजनित बीमारी से मानी गईं। वहीं याचिकाकर्ताओं ने करीब 30 मौतों का दावा किया। कोर्ट ने कहा था कि रिपोर्ट में मौतों के स्पष्ट कारण दर्ज नहीं हैं। पर्याप्त वैज्ञानिक और दस्तावेजी आधार का अभाव है।

रायसेन में सोम डिस्टलरीज यूनिट्स के लाइसेंस निलंबित, अवैध शराब परिवहन पर कड़ी कार्रवाई

रायसेन   रायसेन जिले के सेहतगंज स्थित सोम डिस्टलरीज को बुधवार रात आबकारी विभाग ने सील कर दिया। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई सोम डिस्टलरी के खिलाफ लगभग 2 साल पहले देपालपुर के मामले को लेकर की गई है। इसमें अदालत ने फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित करते हुए सील करने के आदेश दिए थे। बुधवार शाम आबकारी कमिश्नर के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी सहित भोपाल से आए कुछ अधिकारियों ने सेहतगंज स्थित फैक्ट्री पहुंचकर सील करने की कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि नकली शराब परिवहन परमिटों एवं अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश देपालपुर ने प्रकरण 21/2021, फाइलिंग 975/2021 में 23/12/2023 को फैसला दिया था, जिसमे मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड सेहतगंज जिला रायसेन तथा मेसर्स सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड रोजराचक जिला रायसेन के प्रतिनिधि उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर एवं दीनानाथ सिंह डायरेक्टर, मेसर्स सोम डिस्टलरीज एण्ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन तथा अन्य को उक्त प्रकरण में पारित आदेश में उल्लेखित विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कारावास एवं अर्थदंड से दण्डित किया था। आरोपीगणों ने मिलकर परमिट क्रमांक 10363, ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचएफ 5185 की बिल्टी और अनेकोनेक परमिट बुक की कूट रचना की थी। इसमें मदनसिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, विरेन्द्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे 282, कैलाश बंगाली 29, मोहन सिंह तोमर 676, उमाशंकर 75 और दिनकरसिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट की कूटरचना कर स्वयं को अथवा मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड को लाभ पहुंचाने का काम किया गया था।