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सेवा को मिला सम्मान: सेवानिवृत्ति पर अवर सचिव अरूण कुमार हिंगवे, खुमान सिंह और कन्हैया लाल को दी गई विदाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव कार्यालय के अवर सचिव अरुण कुमार हिंगवे, सामान्य प्रशासन विभाग के दफ़्तरी   खुमान सिंह ध्रुव एवं  कन्हैया लाल सोम के सेवानिवृत्त होने पर मंत्रालय में गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य सचिव विकाशशील ने सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके दीर्घकालीन, निष्ठापूर्ण एवं समर्पित शासकीय सेवा के लिए धन्यवाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि शासन को उनकी सेवाओं से लंबे समय तक लाभ मिला है, जिसे सदैव स्मरण किया जाएगा। समारोह में मुख्य सचिव विकाशशील एवं अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को शाल,  फल, स्मृति चिन्ह एवं अवकाश नकदीकरण की राशि भेंट की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रालय अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण सहित मंत्रालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सेवानिवृत्त साथियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। 

जैव विविधता की बड़ी पुष्टि: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में नजर आया पेरेग्रीन फाल्कन

रायपुर. उदंती-सीतानदी में दिखा दुनिया का सबसे तेज़ उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन पेरेग्रीन फाल्कन दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी है, जो शिकार करते समय गोता लगाते हुए अविश्वसनीय गति प्राप्त कर सकता है। यह बाज़ प्रजाति ऊँचाई से शिकार पर झपट्टा मारने में माहिर है और इसे 'आसमान का चीता' भी कहा जाता है। पेरेग्रीन बाज़ तेज़ और बड़े शिकारी पक्षी होते हैं। इनके मज़बूत, नुकीले पीले पंजे इन्हें उड़ते हुए भी दूसरे पक्षियों को पकड़ने में सक्षम बनाते हैं। छत्तीसगढ़ अब दुनिया भर के पक्षियों के लिए पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है। अनुकूल जलवायु और समृद्ध जैव विविधता के कारण कई दुर्लभ पक्षी लंबी दूरी तय कर यहां पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक अत्यंत उत्साहजनक जानकारी सामने आई है। यहां दुनिया के सबसे तेज़ उड़ने वाले पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन (स्थानीय नाम शाहीन बाज) को एक बार फिर देखा गया है। इस दुर्लभ दृश्य को वन रक्षक   ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पूर्व भी इस पक्षी को आमामोरा ओड़ क्षेत्र के पास शेष पगार जलप्रपात के समीप ड्रोन कैमरों में दर्ज किया गया था, जो इस क्षेत्र में इसकी सक्रिय उपस्थिति की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि पेरेग्रीन फाल्कन अपनी अद्भुत तेज़ उड़ान के लिए विश्व प्रसिद्ध है। शिकार का पीछा करते समय यह लगभग 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गोता लगा सकता है, जबकि सामान्य उड़ान में इसकी गति करीब 300 किमी प्रति घंटा रहती है। यह छोटे पक्षियों, कबूतरों और तोतों का शिकार करता है। ऊंचाई से तेज़ी से गोता लगाकर सटीक प्रहार करना इसकी सबसे प्रभावी शिकार तकनीक है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पक्षी न केवल अपनी गति बल्कि अपनी वफादारी के लिए भी जाना जाता है। ये आमतौर पर अकेले या जोड़े में रहते हैं और अक्सर जीवनभर एक ही साथी चुनते हैं। लगभग 12 से 15 वर्ष के जीवनकाल वाले इस पक्षी का उदंती-सीतानदी के वनों में दिखना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ का पर्यावरण वन्यजीवों के लिए कितना अनुकूल है। हाल ही में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान बारनवापारा अभ्यारण्य में भी दुर्लभ और खूबसूरत पक्षी ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन तथा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर देखे गए हैं। गौरतलब है कि वन मंत्री   केदार कश्यप वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं। वन मंत्री के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)   अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग की पूरी टीम सतत प्रयासों में जुटी है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग की यह उपलब्धि न केवल अभिलेखीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है।

CM का बड़ा फैसला: संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर मिली खुशखबरी

भोपाल  मध्यप्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राजधानी भोपाल में आयोजित संविदा कर्मचारियों के विशाल महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नियमितीकरण को लेकर बड़ा और अहम ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार एक विशेष समिति का गठन करेगी, जो उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। सरकार को संविदा कर्मियों की जरूरत, जैसे श्रीराम को हनुमान की 30 जनवरी को न्यू दशहरा मैदान में आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने संविदा कर्मचारियों की भूमिका को सरकार की रीढ़ बताते हुए कहा सरकार की हर योजना को जमीन पर उतारने में संविदा कर्मचारियों का सबसे बड़ा योगदान है। सरकार को संविदा कर्मियों की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी श्रीराम को हनुमान की थी। मुख्यमंत्री के इस बयान पर सम्मेलन स्थल पर मौजूद हजारों कर्मचारियों ने तालियों के साथ स्वागत किया। संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर हुआ महासम्मेलन इस महासम्मेलन का आयोजन संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के संयुक्त आवाहन पर किया गया। कार्यक्रम के आयोजकों में प्रदेश संयोजक दिनेश तोमर, डी. के. उपाध्याय, महामंत्री सजल भार्गव,अभय वाजपेई, सुरेन्द्र रघुवंशी, संस्थापक प्रांताध्यक्ष के. के. शर्मा एवं अरविंद यादव शामिल रहे। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सम्मेलन संविदा कर्मचारियों के वर्षों पुराने संघर्ष को नई दिशा देने का काम करेगा। सभी विभागों से उमड़ा संविदा कर्मियों का सैलाब संविदा संयुक्त मंच के जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार उपाध्याय ने बताया कि महासम्मेलन में प्रदेशभर से हजारों संविदा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इनमें सर्व शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग, आजीविका मिशन, मनरेगा, महिला एवं बाल विकास, वाटरशेड, कृषि विभाग सहित शासन की लगभग सभी योजनाओं और विभागों के संविदा कर्मी मौजूद रहे। ऐतिहासिक फैसलों की उम्मीद मंच का दावा है कि इतनी बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों की एकजुटता सरकार को नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और स्थायित्व जैसे मुद्दों पर ऐतिहासिक और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए मजबूर करेगी।

पार्टी बचाने की रणनीति! कुशवाहा का मास्टरस्ट्रोक, असंतुष्ट आलोक को सौंपी प्रदेश कमान

पटना पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में चल रही खटपट को दूर करने की कवायद की है। कुशवाहा ने दिनारा से विधायक आलोक सिंह को RLM का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। कुर्मी और कोइरी (लव-कुश) की राजनीति करने वाले कुशवाहा ने राजपूत समाज से आने वाले विधायक को बिहार में पार्टी की कमान सौंपी है। आलोक सिंह पूर्व में पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे। कुशवाहा ने इसके अलावा, दो कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भी बनाए हैं। वहीं, अभी तक प्रदेश अध्यक्ष का प्रभार संभाल रहे मदन चौधरी को RLM के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई है। रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। दरअसल, बीते नवंबर में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद से रालोमो में खटपट चल रही थी। उपेंद्र कुशवाहा द्वारा बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने से नाराज होकर कई पदाधिकारियों ने रालोमो छोड़ दी थी। इस्तीफों के सिलसिले के बीच कुशवाहा ने रालोमो की प्रदेश और जिला इकाइयों को भंग कर दिया था। रालोमो के 4 में से तीन विधायक माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो के कुशवाहा से नाराजगी की चर्चा भी खूब चली। रालोमो विधायकों की भाजपा से नजदीकी, फिर मनाने की कोशिश तीनों विधायकों ने पिछले दिनों पार्टी अध्यक्ष की लिट्टी पार्टी से किनारा किया था। इसके ठीक बाद उनके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इसने रालोमो में टूट की आशंका को और बल दे दिया था। 16 जनवरी को हुई बैठक की तस्वीर हालांकि, बीते 16 जनवरी को कुशवाहा ने माधव आनंद और आलोक सिंह को अपने आवास पर बुलाया। बताया जा रहा है कि इस बैठक में रालोमो चीफ ने दोनों विधायकों की नाराजगी दूर करने के प्रयास किए। लेकिन, इस बैठक में तीसरे विधायक रामेश्वर महतो नहीं नजर आए थे। पार्टी को टूट से बचाने के लिए अब उपेंद्र कुशवाहा ने संगठनात्मक बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्व में नाराज चल रहे तीन में से एक विधायक आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। इससे पहले मधुबनी विधायक माधव आनंद को विधानसभा में रालोमो का सचेतक बनाया गया था। कुशवाहा का जातिगत दांव! बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा की राजनीति पिछड़ा वर्ग में आने वाली कुर्मी और कोइरी जाति पर केंद्रित रही है। इसे लव-कुश समीकरण कहा जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड की राजनीति भी इन्हीं जातियों पर केंद्रित रहती आई है। बिहार के सियासी गलियारे में लव-कुश को सत्ता के लिए मजबूत समीकरण माना जाता है। 2023 की जाति आधारित गणना के अनुसार बिहार में कुशवाहा यानी कोइरी जाति की आबादी लगभग 4.2 प्रतिशत है, जबकि कुर्मी जाति की 2.87 प्रतिशत आबादी है। सवर्ण वर्ग से आने वाले राजपूत नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने को कुशवाहा का पार्टी में जातिगत संतुलन कायम रखने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बिहार में राजूपत की आबादी 3.45 प्रतिशत है।  

मजाक बना मौत की वजह? पति के एक शब्द से टूटी मॉडल, फांसी लगाकर दी जान

लखनऊ राजधानी लखनऊ के सहादतगंज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। यहां मॉडलिंग का प्रशिक्षण ले रही एक 23 वर्षीय युवती ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच चल रहे हंसी-मजाक के दौरान पति ने पत्नी को 'बंदरिया' कह दिया, जिससे वह इस कदर आहत हुई कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।   चार साल पहले हुआ था प्रेम विवाह सहादतगंज के लकड़मंडी इलाके की रहने वाली 23 वर्षीय तनु सिंह ने करीब चार साल पहले इंदिरानगर (तकरोही) निवासी राहुल श्रीवास्तव के साथ प्रेम विवाह किया था। राहुल पेशे से ऑटो चालक है, जबकि तनु अपनी खूबसूरती और प्रतिभा के दम पर ग्लैमर की दुनिया में पहचान बनाने के लिए मॉडलिंग का कोर्स कर रही थी। परिजनों के मुताबिक, दोनों के बीच प्रेम था, लेकिन एक छोटी सी घटना ने सब कुछ खत्म कर दिया। मजाक बना मौत का कारण दोपहर करीब 1:30 बजे घर के माहौल में हंसी-खुशी का आलम था। राहुल और तनु के साथ तनु की बड़ी बहन और उसका बेटा भी कमरे में मौजूद थे। सभी लोग आपस में ठिठोली कर रहे थे। इसी बीच राहुल ने मजाक-मजाक में तनु को 'बंदरिया' कह दिया। मॉडलिंग की छात्रा होने के नाते तनु अपने लुक्स को लेकर काफी संवेदनशील थी। पति के इस कमेंट को उसने दिल पर ले लिया और नाराज होकर दूसरे कमरे में चली गई। रोशनदान से लटका मिला शव तनु ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उस वक्त राहुल को लगा कि वह मामूली नाराजगी है, जो थोड़ी देर में दूर हो जाएगी। वह खाना लेने के लिए घर से बाहर चला गया। करीब आधे घंटे बाद जब राहुल वापस लौटा और तनु का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। अनहोनी की आशंका होने पर उसने खिड़की से झांककर देखा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। तनु रोशनदान के सहारे कपड़े के फंदे पर लटकी हुई थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित परिजनों ने आनन-फानन में दरवाजा तोड़कर तनु को नीचे उतारा और उसे लेकर सीधे डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान दौड़े। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की जांच जारी सहादतगंज पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है जो आपसी तकरार और मानसिक संताप के कारण हुआ है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या दोनों के बीच पहले से भी कोई विवाद चल रहा था या यह घटना केवल उस वक्त के मजाक का ही परिणाम थी। एक होनहार युवती की इस तरह मौत से इलाके के लोग भी स्तब्ध हैं।  

राज्य मंत्री गौर बोली पिछड़ा वर्ग की कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

भोपाल. आज हम सब यहां एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण अवसर पर एकत्रित हुए हैं। आज पिछड़ा वर्ग महापंचायत का स्थापना दिवस है। यह न केवल एक संगठन की स्थापना का दिन है, बल्कि हमारे सामूहिक संकल्प एकता और संघर्ष की विजय का भी प्रतीक है। यह बात पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) कृष्णा गौर ने हिंदी भवन भोपाल में आयोजित पिछड़ा वर्ग महापंचायत के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में कहीं।  राज्यमंत्री गौर ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए उसका संगठित होना अनिवार्य है। महापंचायत ने पिछले वर्षों में पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचने में सेतु का कार्य किया है। हाल ही में कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए 'विदेश रोजगार योजना 2025' को मंजूरी दी है, जिसके तहत हर साल 600 युवाओं को विदेशी बाजारों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।  उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है । इस डेढ़ वर्ष में ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के पिछड़े वर्गों के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी ने लिए हैं। मुख्यमंत्री जी का सबसे बड़ा फोकस पिछड़ा वर्ग के बच्चों को शिक्षित करना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और आर्थिक मदद करना है और इस दृष्टि से लगातार ओबीसी के बच्चों को छात्रवृत्ति देने का  काम सरकार कर रही है। इस कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री चिंतामणि राठौर, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम ट्रेलर, पवन पाटीदार सहित सभी जिलों के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

पैक्स कम्प्यूटराईजेशन में देश में प्रथम स्थान हेतु नाबार्ड द्वारा अपेक्स बैंक पुरस्कृत

भोपाल.  राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) मध्यप्रदेश द्वारा आज मिन्टो हॉल में राज्य ऋण संगोष्ठी – स्टेट फोकस 2026-27 हेतु आयोजित कार्यक्रम में म.प्र.शासन के माननीय सहकारिता तथा खेल व युवा कल्याण मंत्री   विश्वास कैलाश सारंग, कृषि मंत्री   एंदल सिंह कंसाना, नाबार्ड, म.प्र. की मुख्य महाप्रबंधक  मती सी.सरस्वती एवं भारतीय रिजर्व बैंक की क्षेत्रीय संचालक  मती रेखा चंदानवेली द्वारा अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक   मनोज गुप्ता को मध्यप्रदेश की सभी पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) के कम्प्यूटराईजेशन कराने हेतु पुरस्कृत किया गया । उल्लेखनीय है कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रबंध संचालक ने इस उपलब्धि के लिए माननीय मुख्यमंत्री, माननीय सहकारिता मंत्री, प्रमुख सचिव सहकारिता एवं आयुक्त सहकारिता के मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया। साथ की सफल क्रियान्वयन के लिए बैंक के   केटी सज्जन, डीजीएम एवं आई टी हेड अरविंद बौद्ध, ओएसडी को शील्ड सौंपकर बधाई दी। इसी प्रकार जिला सहकारी बैंक शिवपुरी एवं सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को टर्न अराउण्ड प्लान के बेहतर क्रियान्वयन एवं अच्छे प्रदर्शन हेतु तथा जिला सहकारी बैंक मंदसौर व बालाघाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अंकेक्षण में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिये भी पुरूस्कृत किया गया।  

आवास निर्माण में मिसाल: पीएम आवास योजना में बलौदाबाजार नंबर वन

रायपुर पीएम आवास निर्माण में बलौदाबाजार छत्तीसगढ राज्य में अव्वल प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है।इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की उपलब्धियों की फेहरिश्त में एक और कामयाबी शुमार हो गया है। जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बलौदाबाजार -भाटापारा जिला पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है।       बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत के नेतृत्व में  जिले ने न केवल आवासों की स्वीकृति में तेजी दिखाई है, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में भी रिकॉर्ड कायम किया है।        वर्ष 2025-26 में कुल 26843 आवास स्वीकृत किया है जिसमें  24 हजार 313 आवासों को प्रथम किश्त जारी, 20 हजार 480 आवास का निर्माण प्रारम्भ हो गया है और 15 हज़ार 120 आवास प्लिंथ स्तर तक पूर्ण हो गया है। सर्वाधिक प्लिंथ निर्माण – बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में 15 हजार 120 आवासों का प्लिंथ स्तर तक का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो राज्य के किसी भी जिले की तुलना में सर्वाधिक है।26 हजार 439 आवासों का एफटीओ किया जा चुका है जिसमें से 24 हजार 313 हितग्राहियों के खातों में पहली किश्त का सफलतापूर्वक हस्तांतरण किया जा चुका है।          कुल स्वीकृत आवासों में से 20 हजार 480 मकानों पर काम शुरू हो जाना एवं 139 आवास पूर्ण प्रशासन की मुस्तैदी और ग्रामीणों के उत्साह को दिखाता है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत भी जिला में प्राथमिकता से कार्य कराके 25 पात्र हितग्राहियों का आवास स्वीकृत कर सभी का शतप्रतिशत आवास पूर्ण करा लिया गया है। रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण         जिले को जल संचयन में देश मे द्वितीय पुरुस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों का विशेष योगदान रहा है। आवास योजनान्तर्गत पूर्ण आवासो में 15 हजार 260 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण कराया गया है।          इस उपलब्धि से जिले के हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। यह न केवल ग्रामीण विकास को गति दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।

राज्यमंत्री टेटवाल बोले: डिग्री के साथ जरूरी है व्यवहारिक कौशल और कार्य अनुभव

डिग्री के साथ व्यवहारिक कौशल और कार्य स्थल का अनुभव जरूरी:राज्यमंत्री  टेटवाल फिक्की सेंट्रल इंडिया एड स्किल्स समिट में प्रशिक्षण संस्थानों के ट्रेनर्स एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास और रोजगार सृजन देश और प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तेजी से बदलते आर्थिक और तकनीकी परिवेश में युवाओं को केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और कार्यस्थल का अनुभव देना आवश्यक है, जिससे वे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें। राज्यमंत्री  टेटवाल कोर्टयार्ड मैरियट में आयोजित FICCI सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स एजुकेशन समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और राज्य सरकार इन पहलों को प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुसार जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रही है। समिट के दौरान शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग जगत के बीच समन्वय को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। चर्चा के दौरान यह सामने आया कि उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, परिणामोन्मुख और रोजगार से जुड़ा बनाना समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशिक्षण पूर्ण करते ही युवाओं को कार्यस्थल के लिए तैयार किया जा सके। राज्यमंत्री  टेटवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में कौशल विकास को सुदृढ़ करने के लिए संस्थागत स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों से युक्त और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा देकर उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच व्यावहारिक साझेदारी विकसित की जा रही है, जिससे युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि युवा संगम मेलों और रोजगार से जुड़े कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को वेतन आधारित रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रोजगार कार्यालयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से सशक्त कर उद्योगों और युवाओं के बीच सीधा और प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे रोजगार की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ बनी है। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और एमएसएमई क्षेत्रों में हो रहे निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावनाएँ बन रही हैं। ऐसे में शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों के साथ मिलकर कौशल आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी को कम किया जा सके। समिट के दौरान समावेशी कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, जनजातीय समुदायों और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। फिक्की सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स एजुकेशन समिट में हुए संवाद, सहभागिता और विचार-विमर्श को मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।  

फरवरी-मार्च में शुरू होगा SIR, पंजाब सहित 12 राज्यों में 6.59 करोड़ वोटर नामों की जांच

लुधियाना/चंडीगढ़   पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। राज्य में फरवरी और मार्च के महीने में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों से फर्जी नाम हटाना और योग्य मतदाताओं के विवरण को अपडेट करना है। CEO पंजाब के सख्त निर्देश : सुधारें 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) ने राज्य के सभी जिला चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' 50 फीसदी से कम है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। क्या है इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट? इसका अर्थ है कि मतदाता सूची में दर्ज लोगों का विवरण (नाम, पता, उम्र, फोटो) डिजिटल सिस्टम से कितना सही तरह से जुड़ा और सत्यापित है। यह प्रतिशत जितना अधिक होगा, मतदाता सूची उतनी ही सटीक मानी जाएगी। SIR के लिए पंजाब CEO ने 2 बड़ी हिदायतें दीं..     इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट सुधारें: CEO पंजाब ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट 50 फीसदी से कम है उनकी मतदाता सूचियों की गलियों तो ठीक करवाएं और उनका मैपिंग परसेंट सुधारें। SIR से शुरू होने से पहले मतदाता सूचियों को ज्यादा से ज्यादा करेक्ट करवा दें।     BLO को 5 दिन का टाइम: BLO आज यानी 30 जनवरी से 3 फरवरी तक मतदाता सूचियों की गलतियों को ठीक करेंगे। इसके लिए उन्हें पांच दिन के लिए उनके डिपार्टमेंट से रिलीव कर दिया गया है। इन पांच दिनों में बीएलओ उन गलतियों को ठीक करेंगे जो उन्होंने रंगीन मतदाता सूची बनाते समय की थी। BLO ने कुछ मतदाताओं की ब्लैक एंड वाइट फोटो लगाई तो कुछ की फोटो सूचियों में ब्लर हैं। इसके अलावा कुछ फोटो तिरछी लगी हैं। नाम व अन्य जानकारियां भरते समय टाइपिकल गलतियां हैं। बीएलओ को इन पांच दिनों में ये सभी गलतियां दूर करनी हैं। इस बारे में राष्ट्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक दिन पहले सभी राज्यों से वर्चुअल मीटिंग में पंजाब में SIR फरवरी मार्च में शुरू करने की बात कही। केंद्रीय चुनाव आयोग की हिदायत के बाद सीईओ पंजाब ने मतदाता सूचियों की गड़बड़ी को ठीक करने के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले 12 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का पहला फेज कंप्लीट हो चुका है। जिसमें 6.59 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट क्या होता है, जानिए इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट से पता चलता है कि किसी क्षेत्र की मतदाता सूची में से कितने मतदाताओं का विवरण सही तरीके से वैरिफाइड और डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा चुका है। इसमें मतदाता का नाम, पता, उम्र, फोटो और संबंधित मतदान केंद्र की सही मैपिंग शामिल होती है। यह प्रतिशत जितना अधिक होता है, मतदाता सूची उतनी ही ठीक और भरोसेमंद मानी जाती है। कम इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत का अर्थ है कि सूची में गलतियां मौजूद हैं। इसी कारण चुनाव आयोग समय-समय पर SIR करवाकर मतदाता सूचियों को सुधारता है। मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस लुधियाना के अतिरिक्त जिला चुनाव अफसर व ADC राकेश कुमार ने कहा कि SIR का उद्देश्य नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत या ट्रांसफर हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और डुप्लीकेट एंट्री को साफ करना है। अभी मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में जो टाइपिंग की गलतियां हैं या फिर फोटो सही नहीं लगे हैं उनको ठीक किया जा रहा है। 12 राज्यों में SIR हुआ, वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट में 13% वोटर घटे 2 राज्यों में SIR का पहला फेज खत्म हो गया। वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए 28 अक्टूबर, 2025 से शुरू हुई मुहिम 2 महीने 11 दिन चली। SIR से पहले इन राज्यों में 50.97 करोड़ मतदाता थे। वैरिफिकेशन के बाद 44.38 करोड़ रह गए। करीब 6.59 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। यह 12 राज्यों के कुल मतदाताओं का 12.93% है, यानी हर 100 वोटर्स पर करीब 13 नाम कट गए। हालांकि ये फाइनल लिस्ट नहीं है, जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे दावे-आपत्तियां कर सकते हैं। फॉर्म 6 या 7 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। BLO को मिला 5 दिन का विशेष जिम्मा मतदाता सूचियों में सुधार के लिए बीएलओ (BLO) को उनके मूल विभागों से 5 दिनों के लिए रिलीव किया गया है। 3 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में बीएलओ गलतियों को ठीक करेंगे। फोटो सुधार : ब्लैक एंड व्हाइट, धुंधली (Blur) या तिरछी लगी फोटो को बदला जाएगा। टाइपिंग त्रुटियां : नाम, पिता का नाम या पते में हुई स्पेलिंग की गलतियों को दुरुस्त किया जाएगा। रंगीन सूचियां : नई रंगीन मतदाता सूचियों में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करना। फर्जी वोटों पर चलेगी कैंची SIR प्रक्रिया के दौरान मृत व्यक्तियों, शहर छोड़कर जा चुके लोगों और एक ही व्यक्ति के दो जगह बने (डुप्लीकेट) वोटों को हटाया जाएगा। इससे चुनाव के दौरान होने वाली धांधली की गुंजाइश खत्म होगी। मतदाता खुद भी कर सकते हैं जांच निर्वाचन आयोग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक करें। यदि नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें। यदि विवरण में गलती है, तो फॉर्म-8 के जरिए सुधार करवाएं। अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार के अनुसार, वर्तमान में पूरा फोकस टाइपिंग और फोटो संबंधी त्रुटियों को सुधारकर मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने पर है, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया जा सके। 1. राजस्थान: 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। 2. … Read more