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हरियाणा में दस साल पुरानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बन सकेंगी सुपरवाइजर: CM सैनी

पंचकूला. 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और पात्रता पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। सुपरवाइजर के 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा शेष 50% सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। पिछले बजट में विभाग से जुड़ी 66 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 59 घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। इसके अलावा तीन घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के साथ बैठक ले रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल चिन्हित किए गए 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण से निजात दिलवाई जा चुकी है।   आंगनबाड़ी की जा रहीं अपग्रेड राज्य में केवल 26 हजार बच्चे ही शेष रह गए हैं। इन्हें भी जल्द ही कुपोषण से निजात दिलाई जाएगी। ऐसे बच्चों को उबले हुए काले चने, चूरमा के अलावा किन्नू देने का प्रविधान किया जा रहा है। 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलने की घोषणा के अनुसार 2807 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने पर तेजी से कार्य चल रहा है। आंगनबाड़ियों के लिए 20 करोड़ रुपये की वस्तुएं खरीदी जाएंगी। इसी प्रकार 81 करोड़ रुपये की लागत से 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले वे स्कूल में अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं सुलभ हो सके।

सीएम भगवंत मान ने कनाडा व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर ब्रिटिश कोलंबिया प्रीमियर में की चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को कनाडा, विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोहाली में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी के साथ हुई इस अहम बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कनाडा भारत और पंजाब का मजबूत साझेदार रहा है और यह संबंध समय के साथ और गहरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं, और राज्य कनाडाई उद्योगों के साथ बड़े स्तर पर सहयोग करने के लिए तैयार और उत्सुक है। सीएम ने बताई पंजाब की प्रगति  मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उपकरण निर्माण, आईटी सेवाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की मजबूत बुनियादी ढांचा सुविधा, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली और अंग्रेजh में दक्ष कुशल कार्यबल पंजाब को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। मान ने कनाडाई कंपनियों को असवर से अवगत करवाया मान ने स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में फार्मास्यूटिकल उद्योग, मेडिकल उपकरण निर्माण और टेलीमेडिसिन को कनाडाई कंपनियों के लिए बड़े अवसर बताये। उन्होंने कहा कि पंजाब सोलर पार्कों, बायो-एनर्जी परियोजनाओं और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रमों का स्वागत करता है। आईटी और डिजिटल सेक्टर में सहयोग को लेकर मुख्यमंत्री ने कनाडा को ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’ में साझेदार देश बनने का न्योता दिया। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन 13 से 15 मार्च 2026 को प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, मोहाली में होगा, जिसमें व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, विषय-आधारित सत्र और उच्च स्तरीय गोलमेज़ बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक के अंत में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने मुख्यमंत्री मान का आभार जताते हुए कहा कि पंजाब की मेहमाननवाजी ने उनके दौरे को यादगार बना दिया है। दोनों नेताओं ने आगे भी आपसी संबंध मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री फिर चर्चा में, CM मोहन यादव ने लिया स्थल का दौरा

भोपाल  सीएम मोहन यादव शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंच गए। ठीक उसी स्थान पर जहां दुनिया की भीषण त्रासदी लोगों को झेलना पड़ी थी। सीएम ने उस फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस मौके पर गैस राहत विभाग से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे, सीएम ने उनसे काफी देर तक चर्चा की। यह फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर बनी है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन, गैस राहत विभाग के अधिकारी इस फैक्ट्री और जमीन से जुड़ी फाइलों को देख रहे थे। पिछले साल पीथमपुर पहुंचा था 337 टन कचरा यूनियन कार्बाइड में 40 सालों से पड़ा कचरा पिछले साल जनवरी में पीथमपुर भेजा गया था, जहां उस जहरीले कचरे के नष्ट कर दिया गया। 12 कंटेनरों में भरकर इस कचरे को पीथमपुर ले जाया गया था। इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने का जमकर विरोध भी देखने को मिला था, अंततः कचरा नष्ट कर दिया गया और उसकी राख तक को दफन कर दिया गया। गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में से एक थी। 41 साल पहले 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात को यह भीषण घटना हुई थी। जेपी नगर क्षेत्र में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के टैंक नंबर 610 में से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक हुई थी। आज भी उस रात की तस्वीरें रूह कंपा देती है। इस घटना के चश्मदीद और उस दौर के पत्रकार बताते हैं कि हर तरफ लाशें ही लाशें बिछ गई थी। उन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गई थी, लाशों को जलाने के लिए लकड़ियां कम पड़ गई थी। CM डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और गैस राहत विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर फैली हुई है, जिसकी फाइलों की समीक्षा एक दिन पहले ही जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग ने की थी। 40 सालों से फैक्ट्री में पड़ा 337 टन जहरीला कचरा जनवरी 2025 में पीथमपुर भेजकर नष्ट किया गया, जिसे 12 कंटेनरों में भरकर ले जाया गया था। पीथमपुर में जहरीले कचरे के निपटान का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन अंततः कचरा और उसकी राख को सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया गया। भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक है, जिसमें 2-3 दिसंबर 1984 की रात मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक होने से हजारों लोगों की मौत हुई थी।

CM योगी का बयान: काशी में मूर्ति तोड़ने का आरोप झूठा, AI के जरिए फैलाया जा रहा भ्रम

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के दौरे पर हैं. इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए काशी को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम और सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से काशी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, टूटी हुई मूर्तियों की एआई तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर यह झूठ फैलाया जा रहा है कि काशी में मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं.  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी अविनाशी है. काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है. लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था, जो विकास होना चाहिए था और समग्र विकास के कार्यक्रमों को जो महत्व मिलना चाहिए था, वह आज़ादी के तत्काल बाद नहीं मिल सका. पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों के भीतर काशी ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उसका संवर्धन किया है. साथ ही भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से काशी ने नई ऊंचाइयों को भी प्राप्त किया है. आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है. यह हम सभी का सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं. प्रारंभ से ही उनका साफ दृष्टिकोण रहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए. इसी सोच के अनुरूप पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों में काशी के लिए योजनाएं तैयार की गईं. काशी के लिए 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं. शेष परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं. ये सभी परियोजनाएं काशी के समग्र विकास से जुड़ी हैं, जिनमें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है. इन योजनाओं का उद्देश्य यह भी है कि काशी में नए संस्थान खुलें, परंपरागत उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को जीआई टैग के माध्यम से वैश्विक पहचान मिले और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके. इन सभी क्षेत्रों में पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों में युद्ध स्तर पर काम हुआ है. काशी की गलियों की स्थिति दो हजार चौदह से पहले कैसी थी, यह किसी से छुपी नहीं है. काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले औसतन श्रद्धालुओं की संख्या पांच हजार से लेकर अधिकतम पच्चीस हजार तक रहती थी. आज वही संख्या प्रतिदिन सवा लाख से डेढ़ लाख तक पहुंच चुकी है. सावन मास, महाशिवरात्रि और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यह संख्या छह लाख से लेकर दस लाख तक पहुंच जाती है. केवल पिछले साल ही काशी में ग्यारह करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन किए. काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद से अब तक काशी ने देश की जीडीपी में लगभग एक लाख तीस हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया है. इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं – चाहे वह गाइड के रूप में हो, पुरोहित्य कर्म के रूप में, व्यापार, फूल-पत्ती और प्रसाद की बिक्री, होटल, रेस्टोरेंट, नाविक, टैक्सी या अन्य सेवाओं के माध्यम से. आज काशी की सभी प्रमुख सड़कें फोर लेन से जुड़ी हैं. यातायात की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है और घंटों के जाम की जगह अब सुगम यातायात व्यवस्था है. काशी के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से वंदे भारत, अमृत भारत सहित नई रेल सुविधाएं शुरू हुई हैं. एयर कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है और देश में पहली बार वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैंड वॉटरवे की सुविधा विकसित की गई है, जिससे व्यापार और परिवहन के नए आयाम खुले हैं.

विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना में शामिल हुए सीएम नीतीश

पूर्वी चंपारण. पूर्वी चंपारण. पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड के कैथोलिया स्थित जानकी नगर में बने रहे Virat Ramayan Mandir में शनिवार को दुनिया के सबसे बड़े सहस्र लिंगम की स्थापना के लिए की जानेवाली पीठ पूजा का उत्साह उत्कर्ष पर है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ मंदिर परिसर पर पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विराट रामायण मंदिर पहुंचकर सहस्र शिवलिंगम की स्थापना की प्रक्रिया को देखा। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के उपरांत सीएम मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी भी मौजूद हैं। विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की आज मोतिहारी में बन रहे विराट रामाणय मंदिर परिसर में आज स्थापना हो रही है। आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र शायन कुणाल और उनकी पत्नी शांभवी चौधरी मुख्य यजमान हैं। सीएम नीतीश कुमार इस आयोजन में भाग लेंगे। सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक पीठ पूजा का कार्यक्रम संपन्न किया गया।इसके बाद हवन व शिवलिंग स्थापित करने का कार्यक्रम शुरू हुआ है। 33 फीट ऊंचे शिवलिंग को दो क्रेन से सीधा कर स्थापित किया जा रहा है।बनारस व पटना से आए आचार्य शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम को संपन्न करा रहे हैं। वैदिक मंत्रों से वातावरण गूंज रहा है। थोड़ी देर में सीएम नीतीश कुमार भी यहां पहुंचेंगे। वे यहां 15 मिनट तक रहेंगे। इधर, विराट शिवलिंग की स्थापना को लेकर माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया है।सुबह से विराट रामायण मंदिर परिसर में लोग पहुंचने लगे थे। सड़कों पर लोगों की भीड़ है। सभी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने को लालायित दिख रहे हैं।वाहनों पर रोक के कारण पैदल ही लोग कार्यक्रम स्थल की ओर निकल पड़े हैं।लगातार हर हर महादेव के जयघोष से वातावरण गूंज रहा है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के चारो ओर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। लोग शिव मंत्र जप कर रहे हैं और महिलाएं महादेव के मंगलगीत गा रही हैं। अब से कुछ ही घंटों बाद महादेव की नगरी काशी समेत विभिन्न इलाकों से आए विद्वान पीठ पूजा की विधि शुरू करेंगे। समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और उनके पति सायण कुनाल यजमान के रूप में बैठ हुए हैं। सायण कुणाल महावीर मंदिर न्यास पटना के सचिव भी हैं। याद रहे कि 20 जून, 2023 को विराट रामायण मंदिर के निर्माण के लिए शिलापूजन का कार्य धार्मिक न्यास परिषद पटना के तत्कालीन अध्यक्ष आर्चाय किशोर कुणाल के नेतृत्व में की गई थी। तब से लगातार डेढ़ वर्षों तक प्रतिदिन ढाई सौ मजदूरों ने काम किया और जमीन के अंदर सौ फीट से कुल 3102 स्तंभ खड़े किए। नींव का कार्य पूरा करने के बाद परिसर में आधारपीठ तैयार किया गया, उसपर आज तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाये गये 33 फीट ऊंचे व 33 फीट मोटे सहस्रलिंगम की स्थापना होनी है। सम्राट चौधरी ने X पोस्ट के जरिए इस कार्यक्रम को लेकर बधाई दी है। उन्होंने लिखा, "पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के स्थापना समारोह के पावन अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। यह दिव्य आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन गौरव को और अधिक सशक्त करेगा।"

झारखंड निकाय चुनाव में 5 से 25 लाख तक कर सकेंगे खर्च

रांची. झारखंड नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव में खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसमें दस लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगम में मेयर के प्रत्याशी 25 लाख और पार्षद के प्रत्याशी पांच लाख रुपए तक ही चुनावी खर्च कर पाएंगे। निर्वाचन आयोग ने जनसंख्या के आधार पर बांटे गए नगर निकायों के लिए अलग-अलग खर्च की सीमा तय की है। इसमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए अलग-अलग खर्च की सीमा तय की गई है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव समाप्ति के 30 दिनों के अंदर अपने-अपने रिटर्निंग ऑफिसर को खर्च का हिसाब देना अनिवार्य है। प्रत्याशियों द्वारा नियुक्त निर्वाचन अभिकर्ता को प्रत्याशी के चुनाव खर्च का हिसाब देना होगा। अगर कोई जीता हुआ प्रत्याशी 30 दिनों के अंदर चुनाव खर्च का हिसाब नहीं देता है तो उसकी सदस्यता रद्द करते हुए उसे अगले तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से भी रोक दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार कोई भी प्रत्याशी अगर सरकारी भवनों पर झंडा-बैनर या प्रचार सामग्री लगाता है तो उसपर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं निजी भवनों में झंडा-बैनर लगाने पर उस भवन मालिक से लिखित में सहमति पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है।

हरियाणा रोडवेज बस चालकों को सीट बेल्ट लगाना जरूरी

चंडीगढ़. हरियाणा रोडवेज की बसों के चालकों को अब अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगानी पड़ेगी। सड़क पर वाहन चलाते समय अगर सीट बेल्ट नहीं लगाई तो न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा किसी बस में सीट बेल्ट नहीं हुई तो संबंधित वर्कशाप मैनेजर पर कार्रवाई की जाएगी। परिवहन निदेशालय की ओर से सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यात्रियों और चालकों की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है। सीट बेल्ट न लगाने पर ड्राइवर को एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि बस में सीट बेल्ट नहीं है, तो इसके लिए ड्राइवर जिम्मेदार नहीं होगा, बल्कि वर्कशाप मैनेजर से जुर्माना वसूला जाएगा। आदेश जारी होने के बाद सभी डिपो की वर्कशाप में बसों में सीट बेल्ट लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर उतरने वाली हर बस सुरक्षा मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। पुरानी हो या नई, सभी बसों में सीट बेल्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ई-बसों के लिए डिपो किए जा रहे तैयार राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचा लगभग तैयार है। जल्द ही 500 और नई ई-बसें विभिन्न डिपो में पहुंच जाएंगी। सभी इलेक्ट्रिक बस डिपो से मार्च अंत तक इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में रोडवेज के बेड़े में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें जोड़ना है। इलेक्ट्रिक बसों के जरिये न केवल सार्वजनिक परिवहन को आकर्षक बनाया जाएगा, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रदेश में चार्जिंग नेटवर्क को गति देने के लिए ऊर्जा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह विभाग विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कराने में लोगों को परेशानी न हो। इस दिशा में निजी क्षेत्र और वाहन निर्माता कंपनियों के सहयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप में 1100 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

जशपुर. बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन हुआ। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन का लोकार्पण के साथ ही मेगा स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया था। मेगा हेल्थ कैंप में बगीचा सहित आसपास के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई। शिविर के दौरान कुल 1109 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिन्हें आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया गया तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी Also Read – रेरा में पंजीयन के बगैर जमीन की हो रही खरीदी-बिक्री किया गया। स्वास्थ्य शिविर में जनरल मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हड्डी रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग, नाक-कान-गला (ईएनटी), नेत्र रोग, नेफ्रोलॉजी एवं प्लास्टिक सर्जरी जैसे विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं दी गईं। शिविर में गंभीर एवं जटिल बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बेहतर उपचार हेतु सर्वसुविधायुक्त उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किए जाने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी। शिविर में न्यूरोलॉजी के 125, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के 65, नाक-कान-गला के 148, मेडिसिन के 172, प्लास्टिक सर्जरी के 46, नेफ्रोलॉजी के 29, हड्डी रोग के 161, प्रसूति एवं स्त्री रोग के 60, नेत्र रोग के 80 तथा सामान्य ओपीडी में 223 मरीजों का स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया।

राहुल गांधी ने इंदौर के भागीरथपुरा की संकरी गलियों में पैदल चलकर दूषित जल पीड़ितों से की मुलाकात

इंदौर भागीरथपुरा दूषित जल कांड से प्रभावित लोगों और मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को पहुंचे। उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और फिर भागीरथपुरा बस्ती जाकर पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान उन्होंने मृतक गीता बाई और जीवन माली के परिजनों से भी मुलाकात की। सुरक्षा कारणों से कुछ बड़े नेताओं को अस्पताल के बाहर ही रोक दिया गया था। 15 मिनट अस्पताल में रहे राहुल गांधी ने बॉम्बे अस्पताल में करीब 15 मिनट बिताए। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हालचाल जाना। उनके साथ दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कमल नाथ भी मौजूद थे। मृतकों के घर जाकर दी सांत्वना इसके बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा बस्ती के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सबसे पहले मृतक गीता बाई के घर जाकर उनके परिजनों से बात की। फिर वे मृतक जीवन माली के घर पहुंचे, जिनकी मौत भी दूषित पानी के कारण हुई थी। इस दौरान भीड़ की धक्का-मुक्की से वे थोड़े नाराज भी हुए। मासूम के परिजनों से भी मिले राहुल गांधी संस्कार गार्डन में 5 महीने के अव्यान के परिजन और अन्य पीड़ित परिवारों से भी मिलेंगे। कांग्रेस ने प्रशासन को पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए चार घरों की सूची सौंपी है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि दूषित जल कांड में जान गंवाने वाले सभी 24 मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।  

ड्रग फैक्ट्री की मास्टरमाइंड दिलावर की बेटी, पिता की दो पत्नियां, और याकूब का गुजरात पुलिस का मोस्ट वांटेड होना

रतलाम   रतलाम जिले में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, सामने आया है कि दिलावर खान यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर का करीबी है। वह कई बार उनके घर पर मिलने पहुंचा है। वह सांसद की पार्टी का सदस्य है। जावरा से चुनाव लड़ चुका है दिलावर  रतलाम जिले में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, सामने आया है कि दिलावर खान यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर का करीबी है। वह कई बार उनके घर पर मिलने पहुंचा है। वह सांसद की पार्टी का सदस्य है। जावरा से चुनाव लड़ चुका है दिलावर बता दें कि आरोपी दिलावर पठान जावरा से सांसद चंद्रशेखर की पार्टी का सदस्य है। आरोपी दिलावर पठान 2023 में जावरा से भी विधान सभा चुनाव लड़ चुका है। जांच में सामने आया है कि दिलावर खान की बेटी बखमीना पति याकूब खान केमेस्ट्री की छात्रा रही है। पुलिस के अनुसार एमडी ड्रग बनाने के फॉर्मूले की मास्टरमाइंड वही है। ड्रग निर्माण से लेकर पूरे अवैध कारोबार में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है, जिसमें उसके पति और पिता भी शामिल थे। बताया गया है कि बखमीना राजस्थान के देवलजी में भी अपने पति के एमडी ड्रग के नेटवर्क को संभालती थी। उसका पति याकूब खान गुजरात पुलिस का मोस्ट वांटेड फरार आरोपी बताया जा रहा है, जो लंबे समय से अपने ससुराल चिकलाना में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उसे घर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सभी आरोपियों को आज (17 जनवरी) को कोर्ट में पेश करेगी। आरोपियों का पुलिस रिमांड मांगा जाएगा, ताकि इनसे आगे की पूछताछ हो सके। इनके लिंक कहां-कहां तक हैं, पुलिस ये पता करने की कोशिश करेगी। बता दें पुलिस ने गुरुवार (15 जनवरी) देर रात फैक्ट्री में छापा मारकर करीब दस करोड़ कीमती करीब 11 किलो एमडी ड्रग्स बरामद किया था। जानिए दिलावर खान ने कैसे खुद को बचाने की प्लानिंग कर रखी थी…? मकान के बाहर दो अलग-अलग नेम प्लेट दिलावर खान ने अपने मकान के बाहर दो अलग-अलग नेम प्लेट लगा रखी थीं। एक नेम प्लेट में उसने अपने नाम के साथ जय भीम, जय भारत लिखते हुए खुद को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज का संभाग अध्यक्ष बताया रखा था। वहीं दूसरी नेम प्लेट में उसने खुद को पत्रकार लिखा था। मकान में 4 अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मकान को इस तरह तैयार किया गया था कि उसमें चार अलग-अलग प्रवेश और निकासी के रास्ते थे। हर रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगाए, ताकि आने-जाने वालों पर लगातार नजर रखी जा सके। ग्रामीणों को पहले से ही जानकारी थी कि दिलावर खान अनैतिक गतिविधियों में लिप्त है, लेकिन उसका इतना भय था कि कोई खुलकर विरोध या शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पुलिस की कार्रवाई के दौरान जब परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया जा रहा था, तब गांव में लोगों ने जय-जय श्रीराम के नारे लगाए। रात ढाई बजे दबिश, महिलाओं ने किया विरोध पुलिस ने गुरुवार रात करीब ढाई बजे मकान की दीवारों पर सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान घर की महिलाओं ने विरोध किया और पुलिस के साथ झूमाझटकी तक की स्थिति बन गई। पुलिस ने इस मामले में दिलावर खान समेत उसकी पत्नी, बेटे, बहू और नौकर सहित कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया है। सभी के खिलाफ एमडी ड्रग निर्माण और अवैध गतिविधियों से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। पुलिस वर्दी और राइफल और आर्मी की आईडी मिली पुलिस की दबिश के दौरान दिलावर के घर से पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई, जिस पर दो स्टार लगे हुए हैं। इसके अलावा इंडियन आर्मी राइफल से संबंधित एक आईडी कार्ड भी मिला है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये वर्दी और पहचान पत्र किसके हैं और इन्हें किस मकसद से रखा गया था। ड्रग पाउडर को लिक्विड में मिलाकर नष्ट करने की कोशिश पुलिस ने बताया कि जब रात में मकान पर दबिश दी गई, उस वक्त एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा था। पुलिस को देखकर आरोपियों ने ड्रग पाउडर को लिक्विड में मिलाकर नष्ट करने की कोशिश की, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। हालांकि पुलिस ने मौके से उस लिक्विड को भी जब्त कर लिया है। उसकी जांच कराई जा रही है। 1985-86 में दिलावर खान हत्या भी कर चुका है गांव के लोगों व पुलिस की मानें तो दिलावर के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक केस दर्ज है। हालांकि कई मामले में वह बरी हो चुका है। 1985-86 में दिलावर गांव के वरिष्ठ रुघनाथ धाकड़ की हत्या भी कर चुका है। परिवार की भी गांव में दबंगई है। पुलिस ने जिन 16 लोगों को आरोपी बनाया है उनमें सभी घर के सदस्य हैं। गांववाले बोले- दिलावर शुरू से आपराधिक प्रवृत्ति का चिकलाना के सरपंच प्रतिनिधि गड्‌डू सिंह चंद्रावत बताते है कि दिलावर खान शुरू से आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है। वह जुआ-सट्‌टा, समेत कई गतिविधियों में शामिल रहा। 2023 में गांव में भगवान देवनारायण के जुलूस को मस्जिद के बाहर से निकलने के दौरान इसने और इसके भतीजे इमरान ने रोका था। पत्थरबाजी भी की थी। ब्याज पर रकम देकर कई लोगों की जमीनें हड़प रखी हैं गड्‌डू सिंह चंद्रावत कहते हैं, गांव में दिलावर का खौफ था। ब्याज से पैसा चलाता था। दस से 20 गुना वसूलने समेत कई लोगों की जमीनें हड़प रखी हैं। इसमें पूरा परिवार शामिल है। एक बार पंचायत की ओर से इसे नोटिस दिया गया था। तब मेरे ऊपर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस ने कार्रवाई की है तो गांव के लोग खुशी मना रहे हैं। इससे प्रताड़ित होकर 10 से 20 लोग गांव छोड़कर भी जा चुके हैं। बड़ी-बड़ी गाड़ियां इसके यहां आती हैं। पहली पत्नी की उम्र 62 साल, दूसरी 25 साल की मुख्य आरोपी दिलावर खान (65) ने साल 2023 में जावरा विधानसभा सीट से आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा था। दिलावर की दो शादियां सामने आई हैं। उसकी पहली पत्नी की उम्र करीब 62 साल बताई जा रही है, जबकि दूसरी पत्नी महज … Read more